NATIONAL : पीएम मोदी की खेल कूटनीति से ओलंपिक दावेदारी को मिलेगी धार, वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने का प्रयास

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान खेल सहयोग को द्विपक्षीय संबंधों का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया। दोनों देशों के साथ हुए समझौतों का उद्देश्य कोचिंग, खेल विज्ञान, उच्च प्रदर्शन केंद्र, शोध और प्रतिभा विकास के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाना है। भारत इसे अपनी खेल क्षमता मजबूत करने और वैश्विक खेल आयोजनों की मेजबानी की तैयारियों से जोड़कर देख रहा है।

अंतरराष्ट्रीय संबंधों में आमतौर पर रक्षा, व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक साझेदारी जैसे मुद्दे सुर्खियों में रहते हैं। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया यात्रा में इस स्थापित परंपरा में खेल कूटनीति का नया अध्याय जुड़ गया। भारत अब खेल को केवल प्रतिस्पर्धा या मनोरंजन के रूप में नहीं, बल्कि वैश्विक प्रभाव बढ़ाने के जरिए के तौर पर देख रहा है।

इन दोनों देशों के साथ खेल नीति का जो रोडमैप तैयार किया है, वह आने वाले दशक में भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने का एक सोचा-समझा प्रयास है। सॉफ्ट पावर के इस नए इस्तेमाल का सीधा संबंध भारत की वैश्विक साख से है। भारत 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स और उसके बाद ओलंपिक की मेजबानी की पुख्ता दावेदारी पेश कर रहा है। खेलों में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों को साझेदार बनाकर भारत ने यह साफ कर दिया है कि वह केवल ढांचागत व्यवस्था ही नहीं, बल्कि समूचे खेल पारितंत्र और पदक जीतने की संस्कृति के मामले में भी वैश्विक मानक छूना चाहता है।

प्रधानमंत्री मोदी की न्यूजीलैंड के पीएम लक्सन के साथ गाला लंच, महज रस्मी मुलाकात नहीं थी
न्यूजीलैंड में गाला लंच के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन ने अत्याधुनिक खेल उपकरणों का मुआयना किया और दिग्गज एथलीटों से बात की। यह एक रस्मी मुलाकात नहीं थी। यह साल भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों की सौवीं वर्षगांठ का साल है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सौ साल पहले 1926 में मेजर ध्यानचंद के नेतृत्व में भारतीय हॉकी टीम ने न्यूजीलैंड की धरती पर जो इतिहास रचा था, वह आज भी हमारी खेल साझेदारी की प्रेरणा है। क्रिकेट से आगे बढ़कर दोनों देशों ने स्पोर्ट्स जॉइंट एक्शन प्लान पर मुहर लगाई है। इसका असर जमीन पर दिखने भी लगा है। हाल ही में भुवनेश्वर में न्यूजीलैंड रग्बी और रग्बी इंडिया के संयुक्त कोचिंग प्रोग्राम के जरिए भारतीय कोचों को तराशने की शुरुआत हो चुकी है। इसका बड़ा मकसद भारत की कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी की तैयारियों को धार देना है।

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