एनसीपी-एसपी प्रमुख शरद पवार और सांसद सुप्रिया सुले ने विधायक धर्मराव अत्राम के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि पार्टी के पांच सांसद विरोधी गुट में जा रहे हैं। शरद पवार ने कहा कि उनका कोई भी नेता नहीं टूटेगा, वहीं सुप्रिया सुले ने अत्राम को उन पांचों सांसदों के नाम सार्वजनिक करने की खुली चुनौती दी है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार और पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने अपनी पार्टी में किसी भी तरह की फूट की खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। दोनों वरिष्ठ नेताओं ने गुरुवार को पुणे में दृढ़ता के साथ कहा कि उनकी पार्टी का कोई भी सांसद विरोधी गुट में शामिल नहीं होने जा रहा है।
यह बयान एनसीपी विधायक धर्मराव अत्राम के उस दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि शरद पवार गुट के आठ में से पांच सांसद दिसंबर तक पाला बदल सकते हैं। अत्राम का दावा था कि ये सांसद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री की पत्नी सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में शामिल होने के लिए तैयार बैठे हैं।

शरद पवार का सख्त रुख
विपक्षी खेमे के दावों पर विराम लगाते हुए शरद पवार ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि पार्टी का एक भी सांसद या विधायक पाला नहीं बदलेगा। पवार के इस बयान ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है और विरोधी खेमे की बयानबाजी को सीधे तौर पर चुनौती दी है।
सुप्रिया सुले ने भी बोला हमला
बारामती से लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने इस मामले पर तंज कसते हुए अत्राम के दावों की हवा निकाल दी। सुले ने कहा, ‘शायद अत्राम को हमसे ज्यादा जानकारी होगी, मुझे इस बारे में कोई अंदाजा नहीं है। हमारे सभी आठ सांसद कल भी एकजुट थे, आज भी एकजुट हैं और आने वाले कल में भी एकजुट रहेंगे।’
सुप्रिया सुले यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर बाबा अत्राम के पास पांच सांसदों की सूची है, तो उन्हें उन नामों का खुलासा जनता के सामने करना चाहिए। उन्होंने चुटकी लेते हुए आगे कहा, ‘अगर उनके पास पांच सांसदों की लिस्ट है, तो वह मुझे क्यों नहीं तोड़ रहे? मुझे क्यों बख्श रहे हैं?’
महाराष्ट्र की सियासत में हलचल
धर्मराव अत्राम का यह दावा ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में पहले से ही दलबदल को लेकर सरगर्मी तेज है। हाल ही में शरद पवार गुट की सहयोगी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के पाला बदलने की खबरें आई थीं। ये सांसद उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली मूल शिवसेना में शामिल हो गए हैं। इसी पृष्ठभूमि के कारण एनसीपी (एसपी) के सांसदों को लेकर भी कयासबाजी शुरू हो गई थी, जिसे पवार और सुले ने पूरी तरह निराधार बताया है।

