कोलकाता: आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बलात्कार और हत्या मामले की जांच में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई. लंबे समय से जांच का नेतृत्व कर रही सीबीआई अधिकारी सीमा पाहुजा की जगह संदीपनी गर्ग को नया जांच अधिकारी बनाया गया है. पीड़िता की मां ने गर्ग से मुलाकात की है और उन पर परिवार का भरोसा जताया है.
सूत्रों के मुताबिक मृतका के माता-पिता लंबे समय से जांच की प्रोग्रेस से खुश नहीं थे. उन्होंने जांच अधिकारी को बदलने की रिक्वेस्ट की थी, जिसमें मांग की गई थी कि जांच में तेजी लाई जाए और केस के अलग-अलग पहलुओं की फिर से जांच की जाए. आखिरकार, इस मांग को मानते हुए सीबीआई ने जांच अधिकारी को बदलने का फैसला किया.
खबर है कि संदीपनी ने नया रोल संभालने के बाद से ही केस के डॉक्यूमेंट्स को रिव्यू करना शुरू कर दिया है. उन्होंने इन्वेस्टिगेशन के अलग-अलग स्टेज से लेकर सबूत और फोरेंसिक रिपोर्ट तक सब कुछ चेक किया है. इसके अलावा, वह अब तक हुई प्रोग्रेस का डिटेल में रिव्यू करेंगी. इन्वेस्टिगेशन टीम के सूत्रों का कहना है कि अगर जरूरी हुआ, तो कुछ गवाहों से फिर से पूछताछ की जा सकती है, और आगे कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं.

इस बीच जांच अधिकारी और पीड़ित परिवार के बीच मीटिंग के दौरान एक इमोशनल पल भी आया. सूत्रों की रिपोर्ट है कि ‘अभया’ की माँ ने नए इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर का हाथ पकड़ा और कहा, ‘मुझे आप पर भरोसा है.’ उनकी बस यही उम्मीद है कि लंबा इंतजार खत्म होगा, सच सामने आएगा, और गुनाहगारों को कानून के तहत ज़्यादा से ज़्यादा सजा मिलेगी.
कई लोग जांच अधिकारी के बदलने को केस में एक अहम मोड़ मान रहे हैं. हालांकि सीबीआई ने इस मामले पर कोई डिटेल्ड बयान जारी नहीं किया है, लेकिन जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि यह फैसला ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने और जांच में तेजी लाने के लिए किया गया. खास तौर पर आरजी कार की घटना ने पूरे देश में भारी हंगामा मचा दिया था. घटना के बाद से मेडिकल कम्युनिटी, आम जनता और पीड़ित का परिवार तेजी से और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.
ऐसे हालात में जांच अधिकारी बदलने के फैसले से चल रही जांच में एक नया पहलू जुड़ने की उम्मीद है. कई लोगों का यह भी मानना है कि आरजी कार की घटना ने राज्य में हाल के राजनीतिक बदलावों में भूमिका निभाई. उनका मानना है कि उस समय की तृणमूल सरकार रेप और हत्या के बाद स्थिति को ठीक से संभालने में नाकाम रही.
तारीख थी 9 अगस्त, 2024. ट्रेनी डॉक्टर की बॉडी आरजी कर हॉस्पिटल के चौथे फ्लोर के सेमिनार हॉल से मिली. बाद की जांच में पता चला कि उसके साथ रेप और मर्डर हुआ था. इस केस के सिलसिले में कोलकाता पुलिस ने अपने एक सिविक वॉलंटियर, संजय रॉय को गिरफ्तार किया. इसके बाद राज्य में पॉलिटिकल टेंशन बढ़ गया. प्रोटेस्ट मूवमेंट के दबाव में आकर, उस समय के कोलकाता पुलिस कमिश्नर, विनीत गोयल को उनके पद से हटा दिया गया.
बाद में घटना की जांच सीबीआई को सौंप दी गई. इसके बाद सियालदह कोर्ट ने संजय को उम्रकैद की सज़ा सुनाई. हालांकि, पीड़ित के परिवार और आरजी कार कर प्रोटेस्ट मूवमेंट में शामिल कई लोगों का कहना है कि संजय अकेले इतना बड़ा जुर्म नहीं कर सकता था.
इस बीच राज्य के पॉलिटिकल माहौल में बदलाव के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने तीन आईपीएस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया. इनमें उस समय के कोलकाता पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल भी शामिल थे. जो इस घटना से अलग-अलग तरह से जुड़े थे. सुवेंदु ने यह भी संकेत दिया कि नई सरकार आरजी कार मुद्दे पर प्रोएक्टिव कदम उठाएगी, और यह प्रोसेस पहले ही शुरू हो चुका है.

