NATIONAL : ‘उफनते समुद्र में तैरना पसंद’: राहुल गांधी की रहस्यमयी पोस्ट; क्या एसआईआर विवाद की ओर इशारा?

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राहुल गांधी ने रविवार को समुद्र की उफनती लहरों का उदाहरण देते हुए कहा कि उथल-पुथल भी एक तरह की शांति है। उनकी यह पोस्ट एसआईआर को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच आई है। दरअसल, मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार एसआईआर से जुड़े फैसलों पर आपत्ति जताई थी। हालांकि राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में इस विवाद का सीधे तौर पर कोई जिक्र नहीं किया है।

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक रहस्यमयी पोस्ट की। उन्होंने लिखा, ‘मुझे समुद्र में तब तैरना पसंद है, जब वह उफान पर हो। यह आपको सिखाता है कि उथल-पुथल भी एक तरह की शांति है।’ राहुल गांधी ने इस पोस्ट में इसके पीछे की वजह या संदर्भ के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। इसलिए उनके इस संदेश को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

एसआईआर विवाद से क्यों जोड़ा जा रहा है पोस्ट?
राहुल गांधी की यह पोस्ट ऐसे समय आई है, जब विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर राजनीतिक बहस चल रही है। इसकी वजह 23 सितंबर को प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट है, जिसमें चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से एसआईआर से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए जाने की बात कही गई थी। हालांकि, राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में न तो एसआईआर का नाम लिया और न ही चुनाव आयोग का कोई सीधा जिक्र किया।

दो चुनाव आयुक्तों ने कितनी बार आपत्ति जताई?
रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार रिकॉर्ड पर औपचारिक आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट में कहा गया कि ये आपत्तियां उन फैसलों और आदेशों को लेकर थीं, जिन्हें दोनों चुनाव आयुक्तों ने अपनी जानकारी के बिना लिए जाने की बात कही थी। इसी रिपोर्ट ने चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की चर्चा को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया।

राहुल गांधी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में चुनाव आयोग, एसआईआर या किसी चुनावी विवाद का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया। उन्होंने केवल समुद्र की उफनती लहरों और उससे मिलने वाली सीख की बात कही। उनकी पोस्ट में कोई अतिरिक्त संदर्भ या स्पष्टीकरण नहीं था। इसलिए यह कहना कि उन्होंने निश्चित रूप से एसआईआर विवाद को लेकर ही यह पोस्ट की, मूल बयान से साबित नहीं होता। राजनीतिक पंडित राहुल गांधी की पोस्ट को डिकोड करने में जुटे हुए हैं।

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