NATIONAL : गयाजी मेले में AI का कमाल, QR बैंड से मिलेंगे बिछड़े लोग, 75 हजार लोगों का मुफ्त इंतजाम

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गयाजी पितृपक्ष मेला 2026 में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए QR रिस्ट बैंड और AI निगरानी की व्यवस्था की गई है. 70 स्वास्थ्य शिविर, 150 ई-रिक्शा और मुफ्त आवासन जैसी सुविधाएं भी हैं.

गया में पितृपक्ष मेला 2026 में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए नई व्यवस्था की गई है. श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर गयाजी में QR कोड युक्त रिस्ट बैंड, AI आधारित निगरानी और ट्रांसलेशन सिस्टम समेत कई व्यवस्थाएं की गई हैं. इसका उद्देश्य खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को परिजनों से बिछड़ने की स्थिति में जल्द मिलाना और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देना है.

मेले में बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए QR कोड वाले रिस्ट बैंड की व्यवस्था की गई है. इसमें परिजनों का मोबाइल नंबर और जरूरी विवरण दर्ज रहेगा. किसी श्रद्धालु के बिछड़ने पर QR कोड स्कैन कर उसके परिजनों तक जानकारी पहुंचाने की व्यवस्था होगी. जरूरत पड़ने पर परिजनों के मोबाइल पर अलर्ट मैसेज भी भेजा जाएगा

AI से भीड़ और गुमशुदा लोगों की निगरानी
पितृपक्ष मेले में कानून-व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन के लिए AI तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. किसी स्थान पर भीड़ बढ़ने पर अधिकारियों को लोकेशन के साथ अलर्ट मिलने की व्यवस्था है. वहीं, गुमशुदा व्यक्ति की पहचान में AI और कैमरों की मदद ली जाएगी. कैमरे के जरिए चेहरे की पहचान कर संबंधित व्यक्ति की लोकेशन का पता लगाने की व्यवस्था की गई है. देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हेल्प डेस्क पर गूगल ट्रांसलेटर सिस्टम भी लगाया गया है. इससे भाषा की बाधा कम होगी और श्रद्धालु अपनी भाषा में हिंदी में दिए गए जवाब सुन सकेंगे.

75 हजार लोगों के लिए रोजाना आवासन
मेला क्षेत्र में प्रतिदिन 75,348 लोगों के निशुल्क आवासन की व्यवस्था की गई है. श्रद्धालुओं के लिए 943 शौचालय, 134 स्नानागार, 74 चेंजिंग रूम, 280 चापाकल और 890 नल लगाए गए हैं. पेयजल की गुणवत्ता की रोजाना PHED लैब में जांच की जा रही है. इसके अलावा 70 स्वास्थ्य शिविरों में 125 डॉक्टर और 178 पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की गई है. IMA की ओर से निशुल्क प्राथमिक इलाज की व्यवस्था भी रहेगी.

150 ई-रिक्शा और 30 रुपये में सात्विक भोजन
श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए 150 निशुल्क ई-रिक्शा चलाए जा रहे हैं. जीविका दीदियों की रसोई के जरिए श्रद्धालुओं को 30 रुपये में सात्विक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा. वहीं, गया शहर में ‘कायाकल्प’ अभियान के तहत दीवारों पर भगवान विष्णु से जुड़ी कलाकृतियां बनाई जा रही हैं, जिसमें स्थानीय बच्चों की भी भागीदारी है.

बता दें कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार, 25 सितंबर को विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना की और देव घाट का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने पितृपक्ष मेले के लिए टेंट सिटी का उद्घाटन भी किया और अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

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