श्रीनगर ( मीर आफताब ) : 2019 से पहले श्रीनगर के लाल चौक घंटाघर पर आतंकवादियों और अलगाववादियों द्वारा इस खूबसूरत जगह पर पाकिस्तानी झंडे फहराए जाते थे। वहीं यहां आतंकवादी गोलियां चलाते थे। वहीं, पत्थरबाज यहां पत्थरबाजी करते थे। जिससे कश्मीर घाटी का यह बीच का इलाका ज्यादातर सुनसान रहता था।
हालांकि, 2019 के बाद केंद्र सरकार को हालात बदलने में ज्यादा समय नहीं लगा। सुरक्षा बलों ने पुलिस के साथ मिलकर आतंकवाद पर काबू पाया। पत्थरबाजी में शामिल युवाओं को या तो जेलों में बंद कर दिया गया या उन्हें समझा-बुझाकर सुधरने का मौका दिया गया। जबकि हुर्रियत के कई लोगों को जेल भेजा गया है। जिसकी वजह से आम लोगों ने केंद्र सरकार का खुलकर साथ दिया है और यही वजह है कि ला चौक का घंटाघर इलाका एक जरूरी टूरिस्ट सेंटर बन गया है, जिसकी वजह से अब बहुत सारे लोग, खासकर अलग-अलग राज्यों से टूरिस्ट, मशहूर घंटाघर में आते हैं।

मशहूर घंटाघर में टूरिज्म के फ्लो में भारी बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे लोकल और इंटरनेशनल टूरिस्ट और इंटरनेशनल टूरिस्ट डेस्टिनेशन दोनों के लिए टूरिज्म का फ्लो बढ़ रहा है। अब हर दिन बाहर के राज्यों से हज़ारों टूरिस्ट शहर की खूबसूरती का मजा लेने के लिए इस घंटाघर में आते हैं। अमरनाथ यात्रा से आने वाले तीर्थयात्री भी शहर की खूबसूरती का मजा लेने के लिए यहां आते हैं, और आतंकवादियों के आतंक या पत्थरबाजों की पत्थरबाजी को याद करते हैं और आज के शांतिपूर्ण माहौल के लिए केंद्र सरकार, जम्मू-कश्मीर पुलिस और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों की तारीफ करते हैं।

