NATIONAL : दिल्ली प्रोटेस्ट के 25वें दिन जंतर-मंतर पर क्या है हाल? भारी संख्या में छात्रों का प्रदर्शन जारी, और बच्चे पहुंचे

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प्रदर्शन स्थल पर और समर्थक जुटे तथा स्वयंसेवकों को समर्थकों की ओर से भेजा गया भोजन एवं अन्य सामान मिला. सुबह से जंतर-मंतर पर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद हैं.

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों ने बुधवार (22 जुलाई) को जंतर-मंतर पर अपना धरना जारी रखा. इस दौरान रातभर में प्रदर्शन स्थल पर और समर्थक जुटे तथा स्वयंसेवकों को समर्थकों की ओर से भेजा गया भोजन एवं अन्य सामान मिला. नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब दूसरे महीने में प्रवेश कर गया है.

सीजेपी ने बुधवार सुबह सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया, “आज सुबह जंतर-मंतर पर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद हैं.” सीजेपी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग को भी दोहराया. पोस्ट में कहा गया, “प्रधानमंत्री भारत के युवाओं से ज्यादा मंत्री प्रधान से प्यार क्यों करते हैं?”

मंगलवार (21 जुलाई) की रात जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के लिए कई लोगों ने भोजन भेजा, जबकि वहां और समर्थक भी जुटे. सोमवार को सीजेपी के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना जारी रखा.

सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते. उन्होंने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने तक हम यह जगह नहीं छोड़ेंगे. 20 जुलाई भारत के राजनीतिक इतिहास में, खासकर आजादी के बाद के भारत में, एक महत्वपूर्ण पड़ाव था. युवा अब चुप नहीं बैठेंगे.”

अभिजीत दीपके ने जारी किया स्पष्टीकरण
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंगलवार देर रात स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि आंदोलन ने जंतर-मंतर के अलावा कहीं भी किसी तरह के जमावड़े का आह्वान नहीं किया था. दीपके ने एक बयान में कहा, “कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर के अलावा कहीं भी जुटने का आह्वान नहीं किया है, जहां हमारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी है.”

उन्होंने आरोप लगाया कि समूह को सूचना मिली है कि दिल्ली के कुछ अन्य हिस्सों में अशांति फैलाने के लिए “कुछ गुंडों” को भेजा गया हो सकता है. वे सीजेपी के साथ नहीं हैं. यह आंदोलन 20 जून को शुरू हुआ था, जिसमें परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही तय करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है.

अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं सोनम वांगचुक
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून को सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे और तब से वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. वांगचुक को दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थांनातरित किए जाने के बाद भी वह अपना अनशन जारी रखे हुए हैं.

बंगाल से बुलाई जा रही सीआरपीएफ की 20 कंपनियां
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध-प्रदर्शनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रदर्शनों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए केंद्र ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 20 अतिरिक्त कंपनियां दिल्ली में तैनात करने का आदेश दिया है.

गृह मंत्रालय ने मंगलवार रात इन कंपनियों को राष्ट्रीय राजधानी में तत्काल तैनात करने का आदेश दिया था. इसके बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की इन सभी कंपनियों को पश्चिम बंगाल से विमानों के जरिये दिल्ली लाया जा रहा है.

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