भारतीय वायुसेना ने स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वायुसेना ने देश में डिजाइन और विकसित किए गए लॉन्ग रेंज ग्लाइड बम ‘खगंतक-243’ का सफल ड्रॉप ट्रायल किया है। परीक्षण के दौरान इस घातक हथियार ने सटिकता के साथ अपने लक्ष्य को हासिल किया।
खगंतक-243 का निर्माण भारतीय रक्षा कंपनी जेएसआर डायनेमिक्स ने किया है। इस हथियार को लड़ाकू विमानों द्वारा छोड़ा जाता है। भारतीय वायुसेना ने खगंतक-243 के सफल परीक्षण की जानकारी दी।वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘वायुसेना और भारतीय इंडस्ट्री के यह एक एक अहम उपलब्धि है। भारतीय वायु सेना ने देश में ही डिजाइन और विकसित किए गए ‘लॉन्ग रेंज ग्लाइड बॉम्ब’ (खगंतक-243) को गिराने का सफल परीक्षण किया। इन परीक्षणों ने सभी लक्ष्यों को हासिल किया और आत्मनिर्भर भारत के जरिए मारक क्षमता के नए आयाम स्थापित किए।’ वायुसेना ने इस उपलब्धि को आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी रक्षा उत्पादन की दिशा में एक और बड़ी सफलता बताया है।
क्या है खगंतक-243
खगंतक-243 एक स्वदेशी लॉन्ग-रेंज स्टैंड-ऑफ प्रिसिजन स्ट्राइक हथियार है। ग्लाइड बम को विमान से छोड़े जाने के बाद वह पारंपरिक बम की तरह सीधे नीचे गिरने के बजाय ग्लाइड करते हुए लक्ष्य की ओर बढ़ता है। इससे लड़ाकू विमान को लक्ष्य के बेहद करीब गए बिना हमला करने की क्षमता मिलती है।

खगंतक-243 की खासियतें क्या हैं?
स्वदेशी डिजाइन: खंगतक-243 को पूरी तरह से भारत में ही डिजाइन और विकसित किया गया है। इसे जेएसआर डायनेमिक्स ने विकसित किया है। यह भारत की स्वदेशी सटीक हमला क्षमता में बड़ा इजाफा है।
लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता: खगंतक-243 एक लॉन्ग रेंज ग्लाइड बम है। इसे लड़ाकू विमान से काफी दूरी से दागा जा सकता है, जिससे विमान को लक्ष्य के बेहद करीब जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
ग्लाइड करते हुए लक्ष्य तक पहुंचता है: यह सामान्य बम की तरह सीधे नीचे नहीं गिरता। विमान से छोड़े जाने के बाद इसके पंख खुलते हैं और यह हवा में ग्लाइड करते हुए लक्ष्य की ओर बढ़ता है।
सटीक निशाना लगाने में सक्षम: खगंतक-243 को सटीक हमले के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें मार्गदर्शन प्रणाली लगी है, जो इसे निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने में मदद करती है।
करीब 140 किलोमीटर से अधिक की मारक क्षमता: उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यह 140 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक लक्ष्य को निशाना बनाने की क्षमता रखता है। वास्तविक रेंज लॉन्च की ऊंचाई और परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
Su-30MKI से परीक्षण: इस स्वदेशी हथियार का परीक्षण भारतीय वायुसेना के Su-30MKI लड़ाकू विमान से किया गया है। यानी हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के रडार में आए बिना ही उस पर हमला कर सकते हैं।
खगंतक-243 की सबसे बड़ी ताकत यह है कि लड़ाकू विमान को लक्ष्य के बेहद करीब गए बिना दूर से ही बम गिराकर सटीक हमला करने की क्षमता मिलती है। इससे विमान की सुरक्षा बढ़ाने और दुश्मन के इलाके में स्टैंड-ऑफ दूरी से हमला करने में मदद मिल सकती है।


