धमेंद्र प्रधान से पहले कई ऐसे शिक्षा मंत्री रहे हैं, जिनको अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था. आज भले ही धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के पीछे बड़ी वजह नीट पेपल लीक के बाद खड़ा हुआ बवाल रहा है. लेकिन, इनसे पहले शिक्षा मंत्रियों को किन हालात में इस्तीफे देने पड़े, आइए जानते हैं विस्तार से.
नई दिल्ली. नीट-यूजी मामले में आज केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है. अतीत के पन्ने पलटे तो यह पहला मौका नहीं है, जब किसी केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दिया हो. इससे पहले भी अलग अलग सरकारों में कई ऐसे मौके आ चुके हैं, जिब अलग अलग वजहों से केंद्रीय शिक्षा मंत्रियों को अपना इस्तीफा देना पड़ा था. हां कई बार इस इस्तीफे की वजह तात्कालिक राजनैतिक सरगर्मियां रहीं, तो कभी व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफे देने पड़े.
पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह उन प्रमुख नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने राजनीतिक कारणों से मंत्री पद से इस्तीफा दिया था. दिसंबर 1994 में उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की सरकार से अपना इस्तीफा दे दिया था. बताया जाता है कि बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर कई मुद्दों पर गंभीर मतभेद पैदा हो गए थे. अर्जुन सिंह ने इन्हीं राजनीतिक विवादों और मतभेदों के चलते मानव संसाधन विकास मंत्री का पद छोड़ दिया था.

अर्जुन सिंह के इस्तीफे के बाद यह मंत्रालय करीब दो महीने तक खाली रहा. इन दो महीनों में इस मंत्रालय का प्रभार तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के पास रहा. इसके बाद, 10 फरवरी 1995 को इस मंत्रालय की जिम्मेदारी माधवराव सिंधिया को सौंपी गई. लेकिन, वह भी इस मंत्रालय में सिर्फ 11 महीने तक रह सके. जनवरी 1996 में उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा. दरसअल, उस समय उनका नाम चर्चित जैन हवाला मामले में सामने आया था. माधवराव सिंधिया ने मामले की जांच के दौरान नैतिक आधार पर मंत्री पद छोड़ने का फैसला किया. हालांकि बाद में अदालत ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया था.
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री के तौर पर इस्तीफा देने वालों में तीसरा नाम रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ का है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में रमेश पोखरियाल निशंक ने 30 मई 2019 को शिक्षा मंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी. उन्हें तत्कालीन शिक्षा मंत्री स्मृति इरानी की जगह शिक्षा मंत्री बनाया गया था. मंत्रिमंडल फेरबदल में स्मृति इरानी को कपड़ा मंत्रालय दे दिया गया था. रमेश पोखरियाल शिक्षा मंत्री के पद पर करीब करीब दो साल तक रहे. उन्होंने अपने पद से 7 जुलाई 2021 को इस्तीफा दे दिया था. बताया जाता है कि उनके इस्तीफे की मुख्य वजह स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थीं.

