तीन नाबालिग हिंदू लड़कियों को झांसे में लेने के बाद उनसे निकाह-मतांतरण कराने की मुस्लिम युवाओं के गिरोह की करतूतों से मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लंबे समय से जड़ें जमाए लव जिहाद की सुनियोजित साजिशों की परतें खुलती जा रही हैं। अपने नापाक मंसूबों को पूरा करने के लिए ये लोग नशे के सौदागर भी बने हुए हैं। उनके निशाने पर खासतौर पर घर-परिवार से दूर रहकर पढ़ने या फिर नौकरी करने वाली लड़कियां रहती हैं।
क्लब पार्टियों में ले जाकर बनाते नशे का लती
भोपाल में कुछ महीने पहले एक क्लब में राजफाश हुआ था कि वहां ऐसी पार्टी की जाती थीं, जिनमें अधिकांश हिंदू युवतियों को ही बुलाया जाता था। लव जिहाद के जाल में फंसी इन युवतियों को होटल और क्लब में शराब ही नहीं, एमडी ड्रग जैसे घातक नशे की डोज भी दी जाती थी। हालांकि कुछेक आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई।
पुलिस की ऐसी ही शिथिल और औपचारिक कार्रवाई इस नेटवर्क को तोड़ नहीं पाती। पुलिस जांच में सामने आ चुका है कि लव जिहाद गिरोह से जुड़े लोग शहर के बाहरी इलाकों में स्थित कुछ कैफे और रेस्टोरेंट्स को भी अड्डा बना चुके हैं। 2025 में पिपलानी के आनंद नगर स्थित क्लब 90 रेस्टोरेंट में इसके सबूत मिले थे। इसको सील करने के बाद प्रशासन ने बुल्डोजर चला दिया था।

डराने-धमकाने से भी गुरेज नहीं
वहीं, अशोकनगर जिले की पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि गिरोह ने नाबालिग लड़कियों को फंसाने के बाद उनको अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि का परिचय देकर डराया भी। एसडीओपी विवेक शर्मा ने बताया कि आरोपित अल्तमस खान का बड़ा भाई हत्या के मामले में जेल में बंद है। अल्तमस पर भी चेन स्नेचिंग, मोबाइल छिनैती का केस है। अहान अली पर इसी तरह के अपराध हैं।
एक किन्नर भी इनका साथी है, जो लड़कियों को ट्रेप करने में मददगार रहा है। फिलहाल पुलिस ने आरोपितों को न्यायालय में पेश कर एक दिन की रिमांड ली है। पुलिस संदिग्ध मददगारों और धर्मगुरुओं की शिनाख्त में जुटी है, जो इसमें मदद कर रहे थे।
मुस्लिम युवाओं का यह गिरोह कितना बेखौफ है, इसका अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि एक तो वे नाबालिग से निकाह करते हें, दूसरा लड़की को बुर्का पहनाकर घर भेजकर यह संदेश देने की कोशिश करते हैं कि उन्हें कोई नहीं रोक सकता।
दरअसल, अशोक नगर जिले की नाबालिग लड़कियों के भोपाल में मतांतरण की जांच कर रही पुलिस टीम के एक अधिकारी बताते हैं कि एक नाबालिग लड़की घर लौटी तो उससे निकाह करने वाला आरोपित अल्तमस खान हर आधे घंटे बाद वीडियो कॉल कर यह सुनिश्चित करता रहा कि उसने सही ढंग से बुर्का पहन रखा है या नहीं?
यह लड़की बुर्का पहनकर मां के पास नहीं पहुंची होती तो शायद बहुत देर में इस षड़यंत्र का राजफाश हो पाता, क्योंकि पिछले साल मतांतरित हुईं इसकी दो सहेलियों के स्वजन को इनके मतांतरण और निकाह तक हो जाने की कोई जानकारी नहीं थी।

