NATIONAL : रिलायंस के नतीजे जारी, मुनाफे में गिरावट, ₹6 डिविडेंड देने का ऐलान, हालांकि, मुनाफे में कमी के बावजूद कंपनी के रेवेन्यू में शानदार उछाल आया

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रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी का प्रदर्शन मिश्रित रहा. एक तरफ जहां मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर रेवेन्यू में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली. वैश्विक चुनौतियों के बीच कंपनी ने अपने विविध कारोबार के दम पर संतुलन बनाए रखा.

मुनाफा 13% घटा, 16,971 करोड़ रुपये पर आया

मार्च तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13% घटकर 16,971 करोड़ रुपये रह गया. पिछले साल इसी तिमाही में यह 19,407 करोड़ रुपये था. वहीं, पिछली तिमाही के मुकाबले भी मुनाफे में करीब 8% की गिरावट दर्ज की गई.

रेवेन्यू में 13% की बढ़त, 2.98 लाख करोड़ तक पहुंचा

हालांकि, कंपनी की कुल आय में मजबूती बनी रही. ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 13% बढ़कर 2.98 लाख करोड़ रुपये हो गया. यह इशारा करता है कि कंपनी के मुख्य बिजनेस सेगमेंट अब भी मजबूत प्रदर्शन कर रहे हैं.

EBITDA और मार्जिन पर दबाव

ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस की बात करें तो EBITDA में मामूली गिरावट आई और यह 0.3% घटकर 48,588 करोड़ रुपये रह गया. वहीं, EBITDA मार्जिन 200 बेसिस पॉइंट्स गिरकर 14.9% पर आ गया, जो लागत दबाव और बाजार की चुनौतियों को दर्शाता है.

डिविडेंड का ऐलान

कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति शेयर 6 रुपये के डिविडेंड की सिफारिश की है, जिससे निवेशकों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. 

कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा कि पूरे वित्त वर्ष के दौरान भू-राजनीतिक अस्थिरता, ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और बदलते वैश्विक व्यापार माहौल का असर कारोबार पर पड़ा. उन्होंने कहा कि कंपनी की विविध बिजनेस मौजूदगी और घरेलू बाजार में मजबूत पकड़ ने इन चुनौतियों से निपटने में मदद की.

मुख्य कारोबार से मिली मजबूती

कंपनी के O2C (ऑयल-टू-केमिकल्स), डिजिटल सेवाएं और रिटेल सेगमेंट ने डबल डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की. डिजिटल और रिटेल कारोबार की मजबूती ने ऊर्जा क्षेत्र में आई कमजोरी की भरपाई की.

जियो का प्रदर्शन दमदार, मुनाफा 13% बढ़ा

रिलायंस जियो ने इस तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया. कंपनी का टैक्स के बाद मुनाफा 13% बढ़कर 7,935 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 7,022 करोड़ रुपये था.

ARPU और यूजर बेस में भी इजाफा

जियो का औसत प्रति यूजर रेवेन्यू (ARPU) 3.8% बढ़कर 214 रुपये हो गया. साथ ही, कंपनी का ग्राहक आधार लगातार मजबूत हो रहा है, जिससे भविष्य में डिजिटल सेवाओं से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है.

आगे की रणनीति: डिजिटल और AI पर फोकस

जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने संकेत दिया कि कंपनी अब एडवांस कनेक्टिविटी और कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेवाओं को देशभर में विस्तार देने की दिशा में काम कर रही है.

रिलायंस इंडस्ट्रीज का चौथी तिमाही का प्रदर्शन यह दिखाता है कि वैश्विक दबावों के बावजूद कंपनी की बुनियादी ताकत बरकरार है. मुनाफे में गिरावट जरूर चिंता का विषय है, लेकिन रेवेन्यू ग्रोथ और डिजिटल बिजनेस की मजबूती भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत दे रही है.

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