NATIONAL : UPI चार्ज पर सियासत, सरकार बोली- नहीं था कोई विरोध, कांग्रेस का दावा- कमेटी में नहीं हुई चर्चा

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कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि वित्त मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने उस यूपीआई टैक्स प्रस्ताव पर चर्चा नहीं की है जिसकी घोषणा मोदी सरकार ने हाल ही में की है.

यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद अब वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति तक पहुंच गया. इस कमेटी में UPI पेमेंट को लेकर हुई चर्चा पर सरकार और विपक्ष अलग-अलग बयान दे रहे हैं. कांग्रेस ने दावा किया कि इस प्रस्ताव पर वित्त मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने चर्चा नहीं की थी. कांग्रेस के अनुसार, ज्‍यादातर व्यापारियों को प्रति ट्रांजेक्शन 2,000 रुपए से ज्‍यादा के यूपीआई पेमेंट पर बैंकों और पेमेंट प्रोसेसर को यह चार्ज देना होगा.

UPI चार्ज पर नहीं हुई कोई चर्चा: कांग्रेस

सरकार का कहना है कि MDR स्ट्रक्चर को लेकर कमेटी से जो सिफारिश की गई तब कांग्रेस ने असहमति नहीं जताई थी और अब विरोध कर रही है. इसमें कहा गया कि रिपोर्ट पारित होने के समय पांच कांग्रेस सांसद पी चिदंबरम, मनीष तिवारी, गौरव गोगोई, किशोरी लाल और के गोपीनाथ मौजूद थे, लेकिन उन्होंने कोई असहमति दर्ज नहीं की थी. वित्त समिति के सदस्य रहे गौरव गोगोई ने एक्‍स पर एक पोस्‍ट में कहा कि प्रस्तावित यूपीआई चार्ज पर वित्त मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने चर्चा नहीं की थी. उन्होंने दावा किया कि जब वित्त विभाग के प्रतिनिधि समिति के सदस्यों से मिले थे, तो उन्होंने यूपीआई टैक्स से जुड़ा कोई खास प्रस्ताव समिति के सामने नहीं रखा था.

समिति के सदस्यों ने उठाए थे सवाल: गोगोई

गोगोई ने कहा, ‘वित्त मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने उस यूपीआई टैक्स प्रस्ताव पर चर्चा नहीं की है जिसकी घोषणा मोदी सरकार ने हाल ही में की है. जब वित्त विभाग के अधिकारी वित्त समिति के सदस्यों से मिले तो उनके पास यूपीआई टैक्स पर कोई खास प्रस्ताव नहीं था.’ उन्होंने दावा किया कि समिति के सदस्यों ने एमडीआर की जरूरत पर सवाल उठाए थे, लेकिन चर्चा के दौरान सरकारी प्रतिनिधियों ने कोई खास या संतोषजनक जवाब नहीं दिया. मैं फिर से कहता हूं कि हालिया यूपीआई टैक्स नीतियां छोटे भारतीय व्यापारियों, वेंडर्स और उद्यमियों को नुकसान पहुंचाएंगी और बड़ी अमेरिकी कंपनियों को फायदा पहुंचाएंगी.’

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का बयान

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने गौरव गोगोई की बात का समर्थन करते हुए कहा कि संसदीय स्थायी समितियों की कार्यवाही गोपनीय होती है और उनके अनुसार, इसका इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने गोगोई के इस दावे का भी समर्थन किया कि समिति के सामने यूपीआई ट्रांजेक्शन पर हालिया एमडीआर से जुड़ा कोई खास प्रस्ताव पेश नहीं किया गया था, जिसमें प्रस्तावित दर और छूट का विवरण शामिल हो.

उन्होंने कहा कि कमेटी के सदस्यों ने एमडीआर को लाने के पीछे के बड़े सिद्धांत और तर्क को लेकर भी चिंताएं जताई थी. मनीष तिवारी ने इस दावे पर भी आपत्ति जताई कि प्रस्तावित उपाय को कमेटी के कुछ सदस्यों का समर्थन मिला था. उन्होंने कहा, ‘यह दावा करना कि किसी खास उपाय को कमेटी के कुछ सदस्यों का समर्थन मिला था, संसदीय कमेटी की गोपनीय कार्यवाही का गलत और भ्रामक वर्णन है.’

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