भारतीय नौसेना के नए मुखिया ने साफ कर दिया है कि सीमा पार की धमकियों का युग अब बीत चुका है। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने और समुद्री सीमाओं को अभेद्य बनाने के लिए भारत अब रक्षा के बजाय प्रहार की नीति पर अडिग है।
भारतीय नौसेना के मनोनीत प्रमुख वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने सोमवार को संदेश दिया कि भारत सीमा पार से होने वाले किसी भी दुस्साहस को कुचलने के लिए पूरी तरह तैयार है। पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ स्वामीनाथन ने कहा कि भारत दशकों से आतंकवाद का शिकार रहा है। अब देश अपनी धरती पर किसी भी आतंकी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा, खासकर तब जब वह विदेशी जमीन से संचालित हो।
वाइस एडमिरल स्वामीनाथन ने यह बयान पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की टिप्पणी के बाद दिया है। मुनीर ने भारत को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। स्वामीनाथन ने कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि भारत कभी पहल नहीं करता। भारत हमेशा प्रतिक्रिया देने वाली स्थिति में रहा है। अगर कोई भी सीमा पार से हिमाकत करता है, तो भारतीय सेनाएं उसका दमन करने के लिए सक्षम हैं।

पहलगाम में 2025 में हुए कायराना हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की अहमियत बताई। सात मई 2025 को भारत ने 26 निर्दोष लोगों की हत्या का बदला लेने के लिए पाकिस्तान और पाकिस्तान में एयरस्ट्राइक की थी। स्वामीनाथन ने कहा कि यह ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है। भारतीय नौसेना आज भी मजबूती के साथ आतंकवाद का मुकाबला कर रही है। भारत अब अपनी शर्तों पर और ताकत के साथ बातचीत करता है।
उन्होंने बताया कि भारत का 95 प्रतिशत व्यापार समुद्र के रास्ते होता है। देश की ऊर्जा सुरक्षा और अर्थव्यवस्था समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर टिकी है। हिंद महासागर को उन्होंने भारत का मुख्य कार्यक्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना केवल शांति काल की बल नहीं है, बल्कि एक सक्रिय परिचालन बल है।

