TMC Crisis: विधानसभा चुनाव नतीजों में तृणमूल कांग्रेस को करारी हार मिली थी। इसके बाद से ममता बनर्जी की पार्टी आंतरिक टकरावों और बगावत का सामना कर रही है।
TMC Internal Crisis: पश्चिम बंगाल में मुख्य विपक्षी पार्टी के लिए सोमवार का दिन पूर्व सीएम ममता बनर्जी के लिए झटके लेकर आया। पहले लोकसभा सांसद काकोली घोष ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया, तो दूसरी ओर पार्टी के 91 पार्षदों ने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसे पार्टी के लिए संगठनात्मक तौर पर एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
दरअसल, राज्य में सरकार परिवर्तन के बाद नगरपालिकाओं में इस्तीफों की लहर चल रही है। तृणमूल कांग्रेस के 91 पार्षदों ने एक के बाद एक सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया।
बता दें कि पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में और सत्ता परिवर्तन के बाद से 7 नगरपालिकाओं के कुल 115 पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया है। इनमें सबसे नया नाम डायमंड हार्बर नगरपालिका का है। 16 पार्षदों में से 8 ने उपमंडल प्रशासक को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
इसके परिणामस्वरूप तृणमूल कांग्रेस की चुनाव में मिली करारी हार के ठीक एक दिन बाद डायमंड हार्बर नगरपालिका की कमजोरियां एक बार फिर सामने आ गई हैं। इसके बाद उत्तर 24 परगना में भी नगरपालिका के कई पार्षदों ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है।

टीएमसी के पार्षदों का बड़े स्तर पर इस्तीफा देना संकेत दे रहा है कि पार्टी का नगरपालिका नेटवर्क और बूथ स्तर पर संगठन तेजी से सिकुड़ रहा है। गौरतलब है कि साल 2018 से 2023 के बीच पार्टी ने ज्यादातर नगर निकायों पर कब्जा बनाए रखा था, लेकिन हालिया विधानसभा चुनाव में हार के बाद संगठन में असंतोष खुलकर सामने आने लगा है, जिसके चलते पूर्व सीएम ममता बनर्जी की चिंता भी बढ़ गई हैं।
वर्तमान राजनीतिक दौर में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के लिए सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को संगठित रखना है, क्योंकि राजनीतिक विश्लेषकों का अनुमान है, कि जैसे लेफ्ट ने बड़ी जीत हासिल करने के बाद एक समय कांग्रेस के संगठन को हाशिए पर धकेल दिया था, जैसे टीएमसी ने 35 साल के लेफ्ट के शासन को खत्म करने के बाद लेफ्ट के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया था।
कुछ वैसा ही बंगाल में टीएमसी की हार के बाद बीजेपी ममता की पार्टी के साथ भी कर सकती है। इसीलिए ममता के लिए टीएमसी के संगठन को मजबूत रखना सबसे बड़ी चुनौती है।
पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ने सॉल्ट लेक स्टेडियम के वीवीआईपी गेट के बाहर लगी फुटबॉल-थीम वाली मूर्ति को शनिवार को हटा दिया। बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी द्वारा डिजाइन की गई इस मूर्ति को हटाने की घोषणा राज्य के खेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने स्टेडियम के बुनियादी ढांचे में सुधार के तहत की थी। वहीं, अब कोलकाता में लियोनेल मेसी की प्रतिष्ठित 70 फुट ऊंची प्रतिमा जिसका अनावरण पिछले साल खुद फुटबॉल सुपरस्टार ने किया था अब हटाई जा सकती है।

