भुवनेश्वर, 16 जून (भाषा) ओडिशा के सरकारी स्कूलों के कुछ शिक्षकों ने पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए नयी पाठ्यपुस्तकों में कई ‘‘त्रुटियों’’ की ओर इशारा किया है, जिनमें ‘‘वर्तनी की अशुद्धियां’’ और प्रख्यात हस्तियों के ‘‘गलत नाम’’ शामिल हैं।
‘प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन’ के अध्यक्ष ब्रह्मानंद महाराणा ने कहा कि स्कूल की इन पाठ्यपुस्तकों में 1,600 से अधिक ‘‘त्रुटियां’’ पाई गई हैं।
ये पाठ्यपुस्तकें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार तैयार की गई हैं और इन्हें 2026-27 शैक्षणिक सत्र से लागू किया जाना है।
इन ‘‘त्रुटियों’’ में ‘‘वर्तनी की अशुद्धियां’’, प्रख्यात हस्तियों के गलत नाम और तथ्यों में गलतियों से लेकर गलत तस्वीरें तक शामिल हैं।
उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा, ‘‘पहली से आठवीं कक्षा तक की पाठ्यपुस्तकों में कुल 1,678 त्रुटियां पाई गईं। ओडिशा विधानसभा की जगह कर्नाटक विधानसभा की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है।’’
महाराणा ने बताया कि इसी तरह, ओडिशा की नियमगिरि पहाड़ियों को झारखंड में स्थित बताया गया था।

उन्होंने मामले की जांच किये जाने, और त्रुटि के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को तुरंत त्रुटियों को ठीक करना चाहिए और छात्रों को संशोधित पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराया जाना चाहिए।’’
स्कूल और जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने कहा, ‘‘विभाग त्रुटियों को लेकर चिंतित है और उन्हें ठीक करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि पाठ्यपुस्तकें नयी तैयार की गई हैं, इसलिए उनमें छपाई की कुछ गलतियां हो सकती हैं।’’
इस बीच, विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ओडिया शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर रही है।
पार्टी के प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने कहा कि ये पाठ्यपुस्तकें ‘‘राष्ट्रीय शर्म’’ का विषय हैं और ‘‘इस तरह की त्रुटियां न केवल उड़िया भाषा, साहित्य और संस्कृति को कमजोर करती हैं, बल्कि छात्रों के भविष्य को भी खतरे में डालती हैं।’’
बीजद नेता ने सभी ‘‘त्रुटिपूर्ण पाठ्यपुस्तकों’’ को तुरंत वापस लेने और उच्च-स्तरीय जांच की मांग की।

