नौकरीपेशा लोग हों या फिर अपना बिजनेस करने वाले लोग, बैंक से जुड़े कामों के लिए जरूरी नहीं कि हर दिन आपको फुरसत रहे. जरूरी ये भी नहीं कि जिस दिन आपको फुरसत मिले, उस दिन बैंक भी खुला ही हो. हो सकता है कि जिस दिन आपकी छुट्टी हो, उस दिन बैंक भी बंद हो. ऐसा अक्सर पर्व-त्यौहारों में होता है. जैसे कि 26-27 मार्च को रामनवमी पर हुआ हो, या फिर 27-28 अप्रैल को बकरीद पर. खैर जून में ऐसा न हो, इसके लिए ये जान लेना जरूरी है कि इस महीने बैंक कब-कब खुले रहेंगे और कब-कब बंद रहेंगे. इस खबर में हम यही बताने वाले हैं कि बैंक इस महीने कहां और कब-कब बंद रहेंगे. ताकि आप बैंकिंग से जुड़े काम अपनी सुविधानुसार करा सकें.
इस महीने बैंक 11 दिन बंद रहने वाले हैं. इनमें 4 रविवार और 2 शनिवार भी शामिल हैं. यानी 6 दिन तो देशभर में सभी बैंक बंद रहने वाले हैं. इनके अलावा बाकी 5 दिन देश के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तारीखों को बैंक बंद रहेंगे. हालांकि जरूरी नहीं कि इन 5 दिनों में हर जगह बैंक बंद रहे. केवल प्रभावित राज्यों और शहरों में बैंक बंद रहेंगे. पूरी डिटेल आप नीचे देख सकते हैं.
तृणमूल कांग्रेस की विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को नहीं हो सकी, क्योंकि अपेक्षित संख्या में विधायक उपस्थित नहीं हुए। पार्टी नेतृत्व ने अनुपस्थिति की वजह हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों और नेताओं पर हुए कथित हमलों के बाद क्षेत्रीय स्तर पर चल रही गतिविधियों को बताया।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नवनिर्वाचित विधायकों की रविवार को प्रस्तावित बैठक स्थगित कर दी गई। पार्टी सूत्रों के अनुसार, करीब 80 विधायकों में से लगभग तीन-चौथाई के बैठक में नहीं पहुंचने के कारण यह फैसला लिया गया। बैठक की अध्यक्षता टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को करनी थी। यह बैठक उनके कालीघाट स्थित आवास पर आयोजित होने वाली थी।
टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने विधायकों की अनुपस्थिति के लिए शनिवार को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले और रविवार को पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी के साथ कथित मारपीट की घटनाओं के बाद बने हालात को जिम्मेदार बताया।
कुणाल घोष ने कहा, “बैठक पहले से तय थी। लेकिन हमारे नेताओं पर हुए हमलों के बाद विधायक जमीनी स्तर पर विरोध कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। इसके बाद हमारे कार्यकर्ताओं के खिलाफ कड़ी पुलिस कार्रवाई की गई है।” उन्होंने कहा कि कई विधायक जमीनी हालात संभालने और गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की मदद में व्यस्त हैं। उन्होंने पार्टी विधायक दल को स्थिति की जानकारी देते हुए बैठक स्थगित करने का अनुरोध किया था।
घोष ने कहा, “विधायकों के इस वैध अनुरोध को देखते हुए पार्टी ने फिलहाल बैठक स्थगित करने का फैसला किया, जबकि करीब 20 विधायक बैठक स्थल पर पहुंच चुके थे।” उन्होंने बताया कि यह बैठक बाद में आयोजित की जाएगी और इसकी नई तारीख की जानकारी सभी विधायकों को दी जाएगी।
ममता ने विधायकों से की अनौपचारिक बातचीत पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कम उपस्थिति के बावजूद ममता बनर्जी ने बैठक में पहुंचे नेताओं के साथ अनौपचारिक बातचीत की। इस बीच, घोष ने अगले 48 घंटों के दौरान भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज करने के लिए पार्टी के दो फैसलों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा, “हमने अपने नेताओं को निर्देश दिया है कि एक जून को ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक स्तर और शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्तर पर विरोध रैलियां निकाली जाएं। इन रैलियों में अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी और भाजपा के चुनाव बाद के कथित आतंक का शिकार हुए हमारे कार्यकर्ताओं पर हमलों के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी।”
टीएमसी ने दो जून को कोलकाता में एक दिवसीय धरने का भी एलान किया है, जिसकी अगुवाई ममता बनर्जी करेंगी। घोष ने कहा, “यह सांकेतिक धरना एस्प्लेनेड स्थित रानी रश्मोनी रोड धरना स्थल पर होगा। इसमें चुनाव बाद की हिंसा और राज्यभर में बुलडोजर के जरिए किए जा रहे फेरीवालों के निष्कासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जाएगा।” उन्होंने बताया कि दो जून को धरना स्थल से ही पार्टी के आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की घोषणा की जाएगी।
कर्नाटक में कांग्रेस नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हैं. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दिल्ली में खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात कर रहे हैं. हालांकि सूत्र बता रहे हैं कि यह बैठक कई अहम मुद्दों को लेकर है.
कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी क्या नेतृत्व परिवर्तन करने जा रही है? यह सवाल लंबे समय से उठता रहा है. लेकिन, मंगलवार को इस को लेकर एक बड़ी हलचल देखी जा रही है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार मंगलवार को दिल्ली में हैं. वे कांग्रेस हेडक्वाटर इंदिरा भवन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर रहे हैं. इस अहम बैठक में AICC के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला और AICC महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल भी मौजूद हैं. सूत्रों के मुताबिक इस बैठक का मुख्य एजेंडा कर्नाटक में जाति जनगणना का मुद्दा है. इसके अलावा, हाल ही में बेंगलुरु में हुई भगदड़ की घटना पर भी चर्चा हो सकती है. इस मुलाकात ने कर्नाटक की सियासत में हलचल मचा दी है, क्योंकि डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की अटकलें भी तेज हो गई हैं.
कर्नाटक में जाति जनगणना लंबे समय से एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है. सिद्धारमैया सरकार ने इस दिशा में कदम उठाए हैं, लेकिन इसे लागू करने में कई चुनौतियां सामने आई हैं. सूत्रों का कहना है कि खरगे और राहुल गांधी के साथ यह बैठक जाति जनगणना की प्रगति और इसके राजनीतिक प्रभावों पर केंद्रित हो सकती है. कांग्रेस इस मुद्दे को 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद और मजबूती से उठाना चाहती है, ताकि सामाजिक न्याय के अपने वादे को पूरा कर सके. सिद्धारमैया और शिवकुमार इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाने की कोशिश में हैं, लेकिन पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हैं.
डीके शिवकुमार का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए पहले भी उछलता रहा है. 2023 में कांग्रेस की शानदार जीत के बाद सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री और शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था. उस समय पार्टी ने दोनों नेताओं के बीच सत्ता साझेदारी का फॉर्मूला तय किया था, जिसमें शिवकुमार को बाद में कथित तौर पर मुख्यमंत्री बनाने की बात कही गई थी. अब, लोकसभा चुनावों में कर्नाटक में कांग्रेस के अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन के बाद शिवकुमार के समर्थकों ने फिर से उनके लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी की मांग शुरू कर दी है. उनकी वोकालिगा समुदाय में मजबूत पकड़ और संगठनात्मक कौशल को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
हाल ही में बेंगलुरु में एक कार्यक्रम के दौरान हुई भगदड़ ने भी सरकार की फजीहत करवाई है. इस घटना में 11 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए थे, जिसके बाद विपक्ष ने सिद्धारमैया सरकार की लापरवाही पर सवाल उठाए. सूत्रों के अनुसार इस बैठक में इस मुद्दे पर भी चर्चा कर सकती है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
दिल्ली में यह मुलाकात कर्नाटक कांग्रेस के भविष्य की दिशा तय करने में अहम हो सकती है. अगर शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाता है, तो यह कर्नाटक में सत्ता समीकरणों को बदल सकता है. हालांकि, सिद्धारमैया के समर्थक भी उनकी उपलब्धियों, खासकर पांच गारंटी योजनाओं को लागू करने को रेखांकित कर रहे हैं.
भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही बड़ी ट्रेड डील शुरू होने वाली है। इससे पहले दोनों देशों के बीच भारत में 1 से 4 जून के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस डील के बारे में हाल में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिए थे।
नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते को जल्द ही अंतिम रूप दिया जा सकता है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार दोनों देशों के बीच अगले दौर की द्विपक्षीय वार्ता 1 से 4 जून 2026 तक भारत में होने जा रही है। इस चार दिवसीय बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच प्रस्तावित अंतरिम समझौते की बारीकियों को फाइनल करना और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के तहत बातचीत को तेजी से आगे बढ़ाना है।
यह घटनाक्रम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के उस बयान के कुछ ही दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि दोनों देश व्यापार समझौते के बिल्कुल अंतिम विवरणों पर काम कर रहे हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि यह डील आने वाले कुछ हफ्तों में फाइनल हो जाएगी।
बैठक में इन 5 मुद्दों पर होगी चर्चा भारत आ रही अमेरिकी मुख्य वार्ताकार (Chief Negotiator) की अगुवाई वाली टीम और भारतीय अधिकारियों के बीच होने वाली इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। इन मुद्दों में ये प्रमुख हैं:
बाजार तक पहुंच: दोनों देशों के उत्पादों को एक-दूसरे के बाजारों में आसान एंट्री दिलाना।
गैर-टैरिफ उपाय: व्यापार में आने वाली उन तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करना जो टैक्स (टैरिफ) के दायरे में नहीं आतीं।
कस्टम और व्यापार सुगमीकरण: सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को आसान और डिजिटल बनाना ताकि माल की आवाजाही तेजी से हो सके।
निवेश प्रोत्साहन: दोनों देशों के बीच नए निवेश और कॉर्पोरेट पार्टनरशिप के अवसरों को बढ़ाना।
आर्थिक सुरक्षा समन्वय: बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच दोनों महाशक्तियों की आर्थिक सुरक्षा को एक सुर में लाना।
कब तक हो सकती है डील? अपने भारत दौरे के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार को इस डील को लेकर काफी सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि यह समझौता अगले हफ्ते या उसके बाद वाले हफ्ते में हो जाएगा। हम बिल्कुल अंतिम बारीकियों पर चर्चा कर रहे हैं। मेरे पास आशान्वित होने की पूरी वजह है कि हम एक बड़े व्यापार समझौते के बेहद करीब हैं।’ यह समझौता सिर्फ टैरिफ के बारे में नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच निवेश को मजबूत करने और भविष्य में मिलकर काम करने के लिए स्थितियां तैयार करने के बारे में है।
भारत और अमेरिका के बीच इस बड़ी डील की नींव 7 फरवरी 2026 को पड़ी थी। उस समय दोनों देशों ने आपसी और समान लाभ वाले व्यापार के लिए एक अंतरिम समझौते के फ्रेमवर्क पर संयुक्त बयान जारी किया था।
पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद सोमवार को पहली बार मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है। सुबह 11 बजे लोकभवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें 35 नए मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना जताई जा रही है। यह विस्तार सरकार गठन के बाद अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।
पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के गठन का दूसरा चरण सोमवार को पूरा होने जा रहा है। सोमवार को मंत्रिमंडल का विस्तार होगा और 35 नए मंत्रियों को पद की शपथ दिलाई जाएगी। बता दें कि शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में स्पष्ट बहुमत हासिल कर तृणमूल कांग्रेस के 15 वर्षों के शासन का अंत किया
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि राज्य मंत्रिपरिषद का विस्तार किया जाएगा और 35 नए मंत्री शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह सोमवार सुबह 11 बजे नबन्ना (राज्य सचिवालय) में आयोजित होगा, जहां राज्यपाल आरएन रवि मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
अब मंत्रिमंडल विस्तार के साथ भाजपा सरकार प्रशासनिक स्तर पर अपनी टीम को और मजबूत करने जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नए मंत्रियों को शामिल कर सरकार विभिन्न क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश करेगी। नबन्ना में होने वाला यह शपथ ग्रहण समारोह पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक कदम माना जा रहा है
मंत्री पद के लिए इन नामों की चर्चा सूत्रों के अनुसार, उत्तर बंगाल के माथाभांगा से विधायक निशीथ प्रमाणिक को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने और कूचबिहार-दक्षिण के विधायक रथींद्र बोस को विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद इस क्षेत्र के दो अन्य विधायकों दीपक बर्मन और शंकर घोष को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने संकेत दिया है कि मंत्रिपरिषद के विस्तार के साथ ही विभागों के बंटवारे पर भी आगे फैसला हो सकता है। चर्चा है कि कई नव-निर्वाचित विधायकों को पहली बार मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। इनमें शिलिगुड़ी के विधायक शंकर घोष, कूचबिहार के मनोज ओंराओ, सिउरी के जगन्नाथ चटोपाध्याय, विधाननगर के शारद्वत मुखोपाध्याय, रसबीहारी के स्वपन दासगुप्ता, मयूरेश्वर के दुधकुमार मंडल और मानिकतला के तापस राय जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार में दो या उससे अधिक महिला चेहरों को भी जगह मिल सकती है। इसके अलावा एक महिला अभिनेत्री को भी मंत्री पद दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। वहीं अभिनेता से नेता बने रुद्रनील घोष भी मंत्रिमंडल में स्थान पाने की दौड़ में शामिल बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पत्रकारिता से राजनीति में आए दो नेताओं स्वपन दासगुप्ता और जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को भी सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। पूर्व राज्यसभा सांसद स्वपन दासगुप्ता को उच्च शिक्षा मंत्री बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। बता दें कि 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आर. एन. रवि ने शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई थी। उनके साथ पांच अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक शामिल थे।
भारत और ओमान के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता (सीईपीए) आज 1 जून से लागू हो गया है, जिससे द्विपक्षीय कारोबार दोगुना होकर 20 अरब डॉलर पार पहुंचने की उम्मीद है। पश्चिम एशिया और होर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बीच यह डील भारत की ऊर्जा सुरक्षा और गैस आपूर्ति को मजबूत करेगी, साथ ही 98% से अधिक भारतीय उत्पादों को ओमान में शुल्क-मुक्त एंट्री मिलेगी। इस समझौते से भारतीय इंजीनियरिंग, फार्मा, कृषि उत्पादों को बड़ा बाजार मिलने के साथ-साथ आईटी, मेडिकल और अकाउंटिंग जैसे क्षेत्रों के भारतीय पेशेवरों के लिए ओमान में नौकरी के नए दरवाजे खुलेंगे।
भारत और ओमान के बीच वृहद आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) एक जून यानी सोमवार से लागू होने जा रहा है। ईरान संकट के बीच इस समझौते से भारत के लिए एक और शुल्क-मुक्त बाजार खुल जाएगा। इससे न सिर्फ भारतीय वस्तुओं और सेवाओं को ओमान के बाजार में अधिक अवसर मिलेंगे, बल्कि दोनों देशों के व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे एवं द्विपक्षीय कारोबार 10.61 अरब डॉलर से बढ़कर दोगुना होने की उम्मीद है।
यह नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में लागू होने वाला पांचवां मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) है। भारत इससे पहले मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के साथ ऐसे समझौते लागू कर चुका है। ब्रिटेन और न्यूजीलैंड के साथ भी व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। मौजूदा चुनौतियों के बीच ऊर्जा प्रवाह के लिहाज से ओमान के साथ यह समझौता कई मायने में महत्वपूर्ण है, क्योंकि ईरान-अमेरिका जंग के चलते होर्मुज के रास्ते ऊर्जा आपूर्ति बाधित है। दोनों देशों के बीच शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता बढ़ती जा रही है। निकट भविष्य में इस मार्ग से आपूर्ति को लेकर संशय बना रहेगा। ऐसे में ओमान के साथ साझेदारी भारत के लिए वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं और खाड़ी देशों से ऊर्जा आपूर्ति प्रवाह को काफी हद तक सुनिश्चित कर सकती है। भारत और ओमान ने वृहद आर्थिक साझेदारी समझौते पर पिछले साल 18 दिसंबर कहस्ताक्षर किए थे।
इन क्षेत्रों के लिए खुलेंगे नए अवसर इस समझौते से इंजीनियरिंग वस्तुओं, दवाएं, कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, समुद्री उत्पाद, वस्त्र, खनिज, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक्स मशीनरी, प्लास्टिक रबर, परिवहन ,घड़ियां, रत्न-आभूषण और कागज जैसे क्षेत्रों में निर्यात के नए अवसर पैदा होंगे।
भारत से जाने वाली प्राकृतिक शहद, काजू, आलू, बिना हड्डी वाले मांस और बेकरी उत्पादों को ओमान में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा। ओमान कई खाद्य उत्पादों पर भी आयात शुल्क खत्म करेगा, जो अभी 5-100 फीसदी तक है। इनमें चीज, दही, दूध एवं क्रीम, फ्रोजन मछली, मक्खन, मांस, ब्रेड, पेस्ट्री, केक, चॉकलेट, शुगर आदि शामिल हैं।
व्यापार समझौते से भारत को होने वाले पांच प्रमुख फायदे बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा: भारत को ओमान के 98 फीसदी से ज्यादा उत्पाद श्रेणियों में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी। यह ओमान के साथ भारत के कुल व्यापार मूल्य का 99 फीसदी हिस्सा कवर करता है। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
बढ़ेगा इंजीनियरिंग निर्यात, जांच से राहत: मशीनरी और मोटर वाहनों पर शुल्क समाप्त होने से भारत से होने वाला इंजीनियरिंग निर्यात 2030 तक 1.6 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। ओमान पहुंचने वाले भारतीय उत्पादों को अनावश्यक जांच से राहत।
गैस आपू्र्ति के लिए मिलेगा दूसरा रास्ता: ओमान से गुजरात तक 2,000 किमी लंबे समुद्र के नीचे पाइपलाइन बिछाने पर काम चल रहा है। इससे ऊर्जा आपूर्ति के लिए होर्मुज से इतर दूसरा रास्ता मिल जाएगा।
भारतीय दवाओं और वाहनों को मिलेगा बड़ा बाजार: ओमान भारतीय दवाइयों शुल्क मुक्त पहुंच देने जा रहा है। इससे भारतीय फार्मा कंपनियों के लिए नया अवसर खुलेगा। वाहनों पर 5 फीसदी शुल्क खत्म होने से भारत में बने वाहन ओमान में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेंगे।
सेवा क्षेत्र और पेशेवरों के लिए खुलेंगे नए दरवाजे: ओमान ने पहली बार भारतीय पेशेवरों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। इसके तहत, अकाउंटिंग, इंजीनियरिंग, मेडिकल, आईटी, शिक्षा, निर्माण और कंसल्टिंग जैसे क्षेत्रों के भारतीय पेशेवरों को ओमान में काम करने के ज्यादा अवसर मिलेंगे। भारतीय कंपनियां अधिक कर्मचारियों को ओमान भेज सकेंगी।
ओमान सल्तनत की मूल वस्तुओं पर ही मिलेगी छूट वित्त मंत्रालय ने व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते के तहत ओमान से आयातित वस्तुओं पर सीमा शुल्क रियायत संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना में कहा गया है कि शुल्क छूट तभी मिलेगी, जब आयातक सीमा शुल्क उपायुक्त या सीमा शुल्क सहायक आयुक्त को संतुष्ट कर दे कि जिन वस्तुओं के संबंध में रियायत मांगी जा रही है, वे ओमान सल्तनत की मूल वस्तुएं हैं।
एक जून से लागू होने वाले इस समझौते के तहत, भारत अपनी कुल टैरिफ लाइनों (12,556) में से 77.79 फीसदी पर शुल्क में छूट दे रहा है, जो मूल्य के हिसाब से ओमान से भारत के कुल आयात का 94.81% है।
भारतीयों को मिलेंगे सस्ते खजूर : भारतीय ग्राहकों को ओमान से खजूर सस्ते मिलेंगे, क्योंकि भारत हर साल 2,000 टन खजूर को शुल्क-मुक्त प्रवेश देगा। भारत ओमान के दो पारंपरिक उत्पादों गम अरेबिका और फ्रैंकइंसेंस पर भी रियायतें दे रहा है।
संकट में मदद : होर्मुज बंद होने के बाद कतर और यूएई से एलएनजी की आपूर्ति गड़बड़ाने लगी है। ऐेसे में ओमान ने भारत को एलएनजी आपूर्ति बढ़ा दी। इससे भारत के कुल एलएनजी आयात में ओमान की हिस्सेदारी इस साल मई तक बढ़कर 32 फीसदी के स्तर तक पहुंच गई। अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करेंभारत और ओमान के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता (सीईपीए) आज 1 जून से लागू हो गया है, जिससे द्विपक्षीय कारोबार दोगुना होकर 20 अरब डॉलर पार पहुंचने की उम्मीद है। पश्चिम एशिया और होर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बीच यह डील भारत की ऊर्जा सुरक्षा और गैस आपूर्ति को मजबूत करेगी, साथ ही 98% से अधिक भारतीय उत्पादों को ओमान में शुल्क-मुक्त एंट्री मिलेगी। इस समझौते से भारतीय इंजीनियरिंग, फार्मा, कृषि उत्पादों को बड़ा बाजार मिलने के साथ-साथ आईटी, मेडिकल और अकाउंटिंग जैसे क्षेत्रों के भारतीय पेशेवरों के लिए ओमान में नौकरी के नए दरवाजे खुलेंगे।
भारत और ओमान के बीच वृहद आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) एक जून यानी सोमवार से लागू होने जा रहा है। ईरान संकट के बीच इस समझौते से भारत के लिए एक और शुल्क-मुक्त बाजार खुल जाएगा। इससे न सिर्फ भारतीय वस्तुओं और सेवाओं को ओमान के बाजार में अधिक अवसर मिलेंगे, बल्कि दोनों देशों के व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे एवं द्विपक्षीय कारोबार 10.61 अरब डॉलर से बढ़कर दोगुना होने की उम्मीद है।
यह नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में लागू होने वाला पांचवां मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) है। भारत इससे पहले मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के साथ ऐसे समझौते लागू कर चुका है। ब्रिटेन और न्यूजीलैंड के साथ भी व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। मौजूदा चुनौतियों के बीच ऊर्जा प्रवाह के लिहाज से ओमान के साथ यह समझौता कई मायने में महत्वपूर्ण है, क्योंकि ईरान-अमेरिका जंग के चलते होर्मुज के रास्ते ऊर्जा आपूर्ति बाधित है। दोनों देशों के बीच शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता बढ़ती जा रही है। निकट भविष्य में इस मार्ग से आपूर्ति को लेकर संशय बना रहेगा। ऐसे में ओमान के साथ साझेदारी भारत के लिए वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं और खाड़ी देशों से ऊर्जा आपूर्ति प्रवाह को काफी हद तक सुनिश्चित कर सकती है। भारत और ओमान ने वृहद आर्थिक साझेदारी समझौते पर पिछले साल 18 दिसंबर को हस्ताक्षर किए थे। ब्यूरो
इन क्षेत्रों के लिए खुलेंगे नए अवसर इस समझौते से इंजीनियरिंग वस्तुओं, दवाएं, कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, समुद्री उत्पाद, वस्त्र, खनिज, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक्स मशीनरी, प्लास्टिक रबर, परिवहन ,घड़ियां, रत्न-आभूषण और कागज जैसे क्षेत्रों में निर्यात के नए अवसर पैदा होंगे।
भारत से जाने वाली प्राकृतिक शहद, काजू, आलू, बिना हड्डी वाले मांस और बेकरी उत्पादों को ओमान में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा। ओमान कई खाद्य उत्पादों पर भी आयात शुल्क खत्म करेगा, जो अभी 5-100 फीसदी तक है। इनमें चीज, दही, दूध एवं क्रीम, फ्रोजन मछली, मक्खन, मांस, ब्रेड, पेस्ट्री, केक, चॉकलेट, शुगर आदि शामिल हैं।
व्यापार समझौते से भारत को होने वाले पांच प्रमुख फायदे बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा: भारत को ओमान के 98 फीसदी से ज्यादा उत्पाद श्रेणियों में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी। यह ओमान के साथ भारत के कुल व्यापार मूल्य का 99 फीसदी हिस्सा कवर करता है। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
बढ़ेगा इंजीनियरिंग निर्यात, जांच से राहत: मशीनरी और मोटर वाहनों पर शुल्क समाप्त होने से भारत से होने वाला इंजीनियरिंग निर्यात 2030 तक 1.6 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। ओमान पहुंचने वाले भारतीय उत्पादों को अनावश्यक जांच से राहत।
गैस आपू्र्ति के लिए मिलेगा दूसरा रास्ता: ओमान से गुजरात तक 2,000 किमी लंबे समुद्र के नीचे पाइपलाइन बिछाने पर काम चल रहा है। इससे ऊर्जा आपूर्ति के लिए होर्मुज से इतर दूसरा रास्ता मिल जाएगा।
भारतीय दवाओं और वाहनों को मिलेगा बड़ा बाजार: ओमान भारतीय दवाइयों शुल्क मुक्त पहुंच देने जा रहा है। इससे भारतीय फार्मा कंपनियों के लिए नया अवसर खुलेगा। वाहनों पर 5 फीसदी शुल्क खत्म होने से भारत में बने वाहन ओमान में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेंगे।
सेवा क्षेत्र और पेशेवरों के लिए खुलेंगे नए दरवाजे: ओमान ने पहली बार भारतीय पेशेवरों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। इसके तहत, अकाउंटिंग, इंजीनियरिंग, मेडिकल, आईटी, शिक्षा, निर्माण और कंसल्टिंग जैसे क्षेत्रों के भारतीय पेशेवरों को ओमान में काम करने के ज्यादा अवसर मिलेंगे। भारतीय कंपनियां अधिक कर्मचारियों को ओमान भेज सकेंगी।
ओमान सल्तनत की मूल वस्तुओं पर ही मिलेगी छूट वित्त मंत्रालय ने व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते के तहत ओमान से आयातित वस्तुओं पर सीमा शुल्क रियायत संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना में कहा गया है कि शुल्क छूट तभी मिलेगी, जब आयातक सीमा शुल्क उपायुक्त या सीमा शुल्क सहायक आयुक्त को संतुष्ट कर दे कि जिन वस्तुओं के संबंध में रियायत मांगी जा रही है, वे ओमान सल्तनत की मूल वस्तुएं हैं।
एक जून से लागू होने वाले इस समझौते के तहत, भारत अपनी कुल टैरिफ लाइनों (12,556) में से 77.79 फीसदी पर शुल्क में छूट दे रहा है, जो मूल्य के हिसाब से ओमान से भारत के कुल आयात का 94.81% है।
भारतीयों को मिलेंगे सस्ते खजूर : भारतीय ग्राहकों को ओमान से खजूर सस्ते मिलेंगे, क्योंकि भारत हर साल 2,000 टन खजूर को शुल्क-मुक्त प्रवेश देगा। भारत ओमान के दो पारंपरिक उत्पादों गम अरेबिका और फ्रैंकइंसेंस पर भी रियायतें दे रहा है।
संकट में मदद : होर्मुज बंद होने के बाद कतर और यूएई से एलएनजी की आपूर्ति गड़बड़ाने लगी है। ऐेसे में ओमान ने भारत को एलएनजी आपूर्ति बढ़ा दी। इससे भारत के कुल एलएनजी आयात में ओमान की हिस्सेदारी इस साल मई तक बढ़कर 32 फीसदी के स्तर तक पहुंच गई। अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करें
सीबीएसई कॉपियों के मूल्यांकन को लेकर देश में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने टेंडर की शर्तों में ढील देकर मोबाइल फोन से कॉपियां स्कैन करने का आरोप लगाया है, जिससे 18.5 लाख छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। राहुल गांधी ने क्या-क्या कहा है? खबर में जानिए…
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को केंद्र सरकार और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी का कहना है कि बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में बड़ा घोटाला हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर की शर्तों में जानबूझकर बदलाव किए गए, जिसके बाद कॉपियों को मोबाइल फोन से स्कैन किया गया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘सीबीएसई के मई 2025 के टेंडर में उत्तर पुस्तिकाओं को ऑटोमैटिक रोबोटिक स्कैनर से स्कैन करने की शर्त थी। कॉपियों की स्पाइन सुरक्षित रखने और न्यूनतम 300 डीपीआई पर स्कैनिंग का नियम था। अगस्त में दोबारा जारी हुए टेंडर से इन शर्तों को चुपचाप हटा दिया गया। स्कैनर की परिभाषा सामान्य कर दी गई और रेजोल्यूशन घटाकर 200 डीपीआई कर दिया गया।’
मोबाइल से स्कैनिंग में हुआ बड़ा फ्रॉड- राहुल गांधी कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कोएम्प्ट नाम की कंपनी ने उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया। इसके कारण कॉपियां धुंधली हो गईं, कई पन्ने गायब हो गए और कुछ किताबें तो स्कैन ही नहीं हुईं। राहुल गांधी ने इसे मानवीय भूल मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह सब एक चुनिंदा वेंडर को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया। उन्होंने इसे सीधा ‘फ्रॉड’ करार देते हुए कहा कि गलत मूल्यांकन का शिकार हर वो बच्चा हुआ है जिसने परीक्षा दी थी।
राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पास सुबह आम पर बात करने का समय था, लेकिन उन 18.5 लाख बच्चों के लिए समय नहीं है जिनकी कॉपियां मोबाइल से स्कैन की गईं। दूसरी तरफ, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सीबीएसई और नीट के छात्र सरकार की नाकामियों का शिकार हो रहे हैं। खड़गे ने आरोप लगाया कि आवाज उठाने वाले छात्रों की बात सुनने के बजाय उन्हें डीप स्टेट एजेंट और पाकिस्तानी बताया जा रहा है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय सोमवार को मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार तिरुचिरापल्ली का दौरा करेंगे। वह यहां एक जनसभा को संबोधित कर विधानसभा चुनाव में समर्थन देने वाले मतदाताओं का आभार व्यक्त करेंगे।
टीवीके सूत्रों के अनुसार, विजय चार्टर्ड विमान से चेन्नई से रवाना होकर शाम करीब 4 बजे तिरुचिरापल्ली पहुंचेंगे और सेंट जोसेफ कॉलेज में आयोजित धन्यवाद सभा में हिस्सा लेंगे। चुनाव में उन्होंने तिरुचिरापल्ली ईस्ट और पेरम्बूर दोनों सीटों से जीत हासिल की थी, लेकिन बाद में तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीट छोड़कर पेरम्बूर सीट बरकरार रखी।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और शहर में चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा भी कर सकते हैं। पुलिस ने कार्यक्रम को देखते हुए यातायात में बदलाव किया है। पार्टी ने बताया कि केवल क्यूआर कोड पास प्राप्त 5,000 लोगों को ही सभा में प्रवेश मिलेगा।
केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (एमडीओएनईआर) ने सिक्किम को सतत विकास, जैविक खेती और पर्यावरण-अनुकूल विकास का राष्ट्रीय मॉडल बताते हुए बड़े वित्तीय समर्थन की घोषणा की है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के तहत सिक्किम पारिस्थितिक संरक्षण, जिम्मेदार पर्यटन और ऑर्गेनिक कृषि का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।
सिक्किम के 51वें राज्यत्व दिवस समारोह के दौरान गंगटोक में सिंधिया ने 360 करोड़ रुपये की लागत वाली ‘मिशन सिक्किम ऑर्गेनिक्स’ योजना की शुरुआत की। इस योजना से राज्य के 66 हजार से अधिक किसान परिवारों को लाभ मिलेगा। मंत्रालय इस मिशन में 85 करोड़ रुपये का योगदान देगा, जबकि शेष राशि विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों, नाबार्ड, एपीडा और निजी निवेश के माध्यम से जुटाई जाएगी। राज्यत्व दिवस पर 223 करोड़ रुपये की 21 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया।
एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का खौफनाक अंत: पत्नी की हत्या कर नदी किनारे दफनाई लाश! कटक जिले में पुलिस ने एक शख्स को अपनी 28 वर्षीय पत्नी की बेरहमी से हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम मलय कुमार सामल है, जो पेशे से राजमिस्त्री है। मलय ने करीब दो साल पहले वनिता सेठी नाम की महिला से प्रेम विवाह किया था। दोनों टांगी थाना क्षेत्र के एक किराए के मकान में रह रहे थे, जहां वनिता एक प्राइवेट एजेंसी में काम कर घर का खर्च चलाती थी।
पुलिस के अनुसार, कुछ समय पहले वनिता की एक सहेली उनके घर रहने आई थी। इस दौरान मलय का उस सहेली के साथ अफेयर शुरू हो गया, जिसे लेकर पति-पत्नी में रोज झगड़े होने लगे। इसी विवाद में मलय ने वनिता का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव को बोरे में भरकर मेंढाखाई नदी के किनारे दफना दिया। वनिता के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मलय को पकड़ा, जिसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस अब फरार सहेली की तलाश कर रही है। गुजरात और दमन दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी, देंगे 18,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 जून को गुजरात और केंद्र शासित प्रदेश दमन के दौरे पर जाएंगे। इस दौरान वह सूरत में लगभग 18,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा दमन में नए नागरिक हवाई अड्डे और एक सरकारी अस्पताल का उद्घाटन भी करेंगे।
सूरत के जिला कलेक्टर तेजस परमार ने बताया कि प्रधानमंत्री दोपहर करीब 2:45 बजे सूरत पहुंचेंगे। यहां वह पहले हजीरा क्षेत्र स्थित एक औद्योगिक इकाई का दौरा करेंगे। इसके बाद सूरत के इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, जहां 18,000 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, सूरत कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री दमन जाएंगे। वहां वह भारतीय तटरक्षक बल की हवाई पट्टी के पास बनाए गए नए नागरिक हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही हवाई अड्डे के निकट स्थित मारवड़ सरकारी अस्पताल भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। एजेंसी
दमन में मोदी एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे दमन में प्रधानमंत्री स्वामी विवेकानंद मैदान में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान वह केंद्र शासित प्रदेश की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास वर्चुअल माध्यम से करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं और संपर्क व्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सीएम आवास के पास हड़कंप: जमीन विवाद में दो महिलाओं ने खाया जहर! ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के आवास के पास रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रदर्शन कर रही दो महिलाओं ने कथित तौर पर जहर खा लिया। ये महिलाएं खुर्दा जिले के बानपुर में चल रहे एक पुराने जमीन विवाद के समाधान में देरी से नाराज थीं। भुवनेश्वर के लोअर पीएमजी स्थित धरना स्थल पर कुल तीन महिलाएं विरोध प्रदर्शन कर रही थीं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बानपुर पुलिस टीम महिलाओं को समझा-बुझाकर उनके इलाके में ले जाने आई थी ताकि विवाद सुलझाया जा सके। लेकिन जाने से पहले दो महिलाएं सुलभ शौचालय गईं और वहां उन्होंने जहर खा लिया। दोनों को तुरंत कैपिटल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज किया। डीसीपी जगमोहन मीना ने बताया कि इलाज के बाद दोनों महिलाओं की हालत अब खतरे से बाहर है।
सभी राज्यों में जनसेवा कार्यक्रम शुरू करेगा क्षमता निर्माण आयोग क्षमता निर्माण आयोग जल्द ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अपने महत्वाकांक्षी जन सेवा कार्यक्रम का विस्तार करेगा। इससे सरकारी अधिकारियों के बीच सेवा भाव को बढ़ाने में मदद मिलेगी। आयोग की प्रमुख एस राधा चौहान ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोक सेवकों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है। विशेष रूप से जनता से सीधे तौर पर जुड़े अधिकारियों के भीतर सेवा भाव को जागृत करना है।
भारत-बांग्लादेश सीमा वार्ता अगले सप्ताह, घुसपैठ और सीमा सुरक्षा पर फोकस भारत और बांग्लादेश के बीच द्विवार्षिक डीजी-स्तरीय सीमा वार्ता अगले सप्ताह नई दिल्ली में होने की संभावना है। इस साल फरवरी में बांग्लादेश में बीएनपी सरकार के सत्ता में आने के बाद दोनों देशों के सीमा बलों के बीच यह पहली शीर्ष स्तरीय बैठक होगी। 8 से 11 जून के बीच होने वाली इस बैठक में सीमा पर बाड़बंदी, बीएसएफ के जवानों पर हमले, घुसपैठ रोकने, सीमा पार अपराधों पर अंकुश लगाने और अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को वापस भेजने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। भारत और बांग्लादेश के बीच 4,096 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है।
कटक में भीषण आग, मछली गोदाम से उठीं लपटों ने बैंक और दुकानों को भी चपेट में लिया ओडिशा के कटक में सोमवार को एक मछली गोदाम में भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पास स्थित एक बैंक और कई दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास घना धुआं फैल गया।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के लिए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। दमकलकर्मी लगातार आग बुझाने में जुटे हुए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग से बैंक और दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अपने आवास पर बुलाई बैठक में 80 विधायकों में से मात्र 20 ही पहुंचे। इसके चलते बैठक को स्थगित कर दिया गया। बैठक पार्टी में एकता और संगठन को मजबूत करने के मकसद से बुलाई गई थी। सूत्रों के अनुसार, बैठक शाम चार बजे तय थी और इसे संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा था। समय बढ़ने के साथ ममता के आवास पर कुछ वरिष्ठ नेता और कुछ पूर्व मंत्री ही पहुंचे। इनमें कुणाल घोष, शोभनदेव चट्टोपाध्याय, फिरहाद हाकिम, मदन मित्रा, नयन बनर्जी, अशोक देव और विमान बनर्जी जैसे नाम शामिल है। बैठक में कम मौजूदगी को लेकर पार्टी के अंदर समन्वय और विधायकों की सक्रियता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
बंगाल में महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा योजना शुरू पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार से राज्य परिवहन निगम की सभी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा सुविधा लागू कर दी। सरकार के इस फैसले से बड़ी संख्या में महिलाओं ने खुशी जताई और इसे राहत देने वाला कदम बताया।
सुबह दफ्तर जाने वाली कई महिला यात्रियों ने सरकार से मांग की कि व्यस्त समय में सरकारी बसों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके। भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे के अनुरूप मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने महिलाओं के लिए राज्य संचालित बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा शुरू की है। यह योजना महिलाओं की दैनिक यात्रा का खर्च कम करने और उनकी सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से लागू की गई है।
म्यांमार: राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर 30 मई से 3 जून तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। वह शनिवार को बोधगया से भारत के अपने दौरे की शुरुआत करेंगे। विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग अपने दौरे के दौरान 1 जून को पीएम मोदी के साथ दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने पर बातचीत करेंगे। बता दें, राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग का जिम्मेदारी संभालने के बाद यह पहला भारत दौरा होगा।राष्ट्रपति ह्लाइंग भारत में एक बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगे। अपने दौरे पर, उनके साथ एक उच्च स्तरीय डेलिगेशन भी होगा, जिसमें कई कैबिनेट मंत्री, सीनियर अधिकारी और बिजनेस लीडर शामिल होंगे। वह व्यवसाय और उद्योगों के लोगों से बातचीत और साइट विजिट के लिए 2 जून को मुंबई भी जाएंगे।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “म्यांमार भारत की नेबरहुड फर्स्ट, एक्ट ईस्ट और महासागर नीति के संगम पर है। राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के भारत के आधिकारिक दौरे से दोनों देशों के बीच कई तरह के संबंध और मजबूत होने की उम्मीद है। इस महीने की शुरुआत में, वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम ने भी अपना भारत दौरा बोधगया से शुरू किया और महाबोधि मंदिर में प्रार्थना की। बोधगया में ही भगवान बुद्ध को ज्ञान मिला था। यू मिन आंग ह्लाइंग ने इस साल अप्रैल में राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। इस मौके पर विदेश राज्य मंत्री (एमओएस) कीर्ति वर्धन सिंह म्यांमार प्रेसिडेंट के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए म्यांमार गए थे। इसके साथ ही सिंह ने 10 अप्रैल को यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की और उन्हें म्यांमार के राष्ट्रपति के तौर पर पद Also Read – Bengal : कैबिनेट विस्तार, 35 नए मंत्रियों ने ली शपथ संभालने पर पीएम मोदी की तरफ से बधाई पत्र दिया। उन्होंने अपनी ‘नेबरहुड फर्स्ट’, ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘महासागर’ नीतियों के तहत आपसी सहयोग को और मजबूत करने और म्यांमार के लोगों के फायदे के लिए विकास में मदद देने का भारत का वादा जताया। कीर्ति वर्धन सिंह ने मुलाकात के बाद एक्स पर पोस्ट किया, “आज म्यांमार के राष्ट्रपति के तौर पर पद संभालने पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से बधाई पत्र यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की और उन्हें दिया।
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने गुरुवार को मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के तीसरे चरण का कार्यक्रम जारी किया। यह 1 अक्तूबर से 23 दिसंबर के बीच आयोजित किया जाएगा। इसमें 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।
कौन से राज्य हैं शामिल? एक अधिकारी ने एक बयान में कहा कि एसआईआर के तहत मतदाता सूची में शामिल होने के लिए मतदाता की पात्रता की अंतिम तिथि 1 जुलाई से 1अक्तूबर तक है। जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर-चरण तीन आयोजित किया जाएगा। उनमें तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली, नागालैंड, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तराखंड, दादरा और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। नगर हवेली और दमन और दीव, ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर शामिल हैं।
घर-घर जाकर होगा सत्यापन तीसरे चरण के प्रारंभ होने के साथ ही एसआईआर अभ्यास हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर पूरे देश को प्रभावी ढंग से कवर करेगा। व्यापक पुनरीक्षण अभियान के तहत, जनगणना चरण के दौरान 394 लाख से अधिक बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) लगभग 3673 करोड़ मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। वहीं, विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से नामित लगभग 342 लाख बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) बीएलओ की सहायता करेंगे।
अंतिम मतदाता सूची 6 सितंबर को प्रकाशित होगी चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा कि ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में एसआईआर के काम पूरा करने की आखिरी तारीख 1 जुलाई होगी। इन राज्यों में दस्तावेजों की तैयारी, प्रशिक्षण और छपाई 20 मई से शुरू होगी। वहीं, 29 मई तक जारी रहने की उम्मीद है। बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर 30 मई से 28 जून के बीच मतदान किया जाएगा। मतदाता सूची का मसौदा 5 जुलाई को प्रकाशित किया जाएगा। वहीं, आपत्तियों और दावों के बाद अंतिम मतदाता सूची 6 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी।
दादरा एवं नगर हवेली और दमन-दीव में एसआईआर की आखिरी तारीख 1 जुलाई होगी। इन राज्यों में दस्तावेजों की तैयारी, प्रशिक्षण और छपाई का काम 25 मई से शुरू होगा। 3 जून तक जारी रहने की उम्मीद है। चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा कि मतदाता सूची का मसौदा 10 जुलाई को प्रकाशित किया जाएगा और अंतिम मतदाता सूची 11 सितंबर को जारी की जाएगी।
आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ में एसआईआर की आखिरी तारीख 1 जुलाई होगी। मतदाता सूची का मसौदा 21 जुलाई को प्रकाशित किया जाएगा और अंतिम मतदाता सूची 22 सितंबर को जारी की जाएगी। कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली में एसआईआर (निर्वाचन सीमा) की तिथि 1 अक्टूबर होगी। बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर मतदान 30 जून से 29 जुलाई के बीच किया जाएगा। मतदाता सूची का मसौदा 5 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा और आपत्तियों और दावों के बाद अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी। तेलंगाना और पंजाब में, बीएलओ द्वारा 25 जून से 24 जुलाई के बीच घर-घर जाकर निरीक्षण किया जाएगा। मतदाता सूची का मसौदा 31 जुलाई को प्रकाशित किया जाएगा, और आपत्तियों और दावों के बाद, अंतिम मतदाता सूची 1 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी। नागालैंड में मतदाता सूची का मसौदा 20 सितंबर को प्रकाशित किया जाएगा और दावों और आपत्तियों के बाद, अंतिम मतदाता सूची 11 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। उत्तराखंड में मतदाता सूची का मसौदा 14 जुलाई को प्रकाशित किया जाएगा और दावों और आपत्तियों के बाद, अंतिम मतदाता सूची 9 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी।