Sunday, September 20, 2026
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ENTERTAINMENT : Padma Awards में पिता Dharmendra को मिला सर्वोच्च सम्मान तो फूट-फूटकर रोईं बेटी अहाना, हेमा मालिनी भी नहीं रोक पाईं आंसू

हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता रहे धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण पुरस्कार से नवाजा गया। राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में जारी इस खास कार्यक्रम में धर्मेंद्र की पत्नी हेमा मालिनी अपने पति की जगह इस खास सम्मान को लेने के लिए पहुंची।

इस मौके पर हेमा के साथ उनकी बेटी अहाना देओल भी मौजूद रहें। जैसे ही धर्मेंद्र के मरणोपरांत पद्म विभूषण पुरस्कार का एलान हुआ तो उस मौके पर हेमा और अहाना भावुक होती हुईं नजर आईं।

बॉलीवुड में 6 दशक तक बतौर एक्टर अपनी छाप छोड़ने वाले धर्मेंद्र ने अपने करियर में शोले, चरस, मेरा गांव मेरा देश और अपने जैसी कई शानदार मूवीज के जरिए दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया था। सिनेमा जगत में अहम योगदान को मद्देनजर रखते हुए भारत सरकार ने धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण देने का एलान किया।

सोमवार को पद्म पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान जब हेमा मालिनी अपने पति का मरणोपरांत पद्म विभूषण पुरस्कार लेने स्टेज पर पहुंचीं तो काफी भावुक नजर आई हैं। वहीं सभागार में मौजूद बैठीं धर्मेंद्र और हेमा की बेटी अहाना देओल अपने आंसुओं को रोक नहीं पाई और इमोशनल हो गईं।

इस मौके के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार सामने आ रहे हैं, जिन्हें देखकर आपका भी दिल भर आएगा। पीआईबी की तरफ से इस मौके वीडियो एक्स हैंडल पर शेयर किया गया है।

मालूम हो कि बीते साल 24 नंवबर 2025 को 89 साल की उम्र में धर्मेंद्र का निधन हो गया था और उनके इस दुनिया से जाने के साथ ही हिंदी सिनेमा में एक युग का अंत भी हो गया।

वितरित हुए पद्म पुरस्कार
देश के सबसे प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कार 2026 का आयोजन 25 मई को राजधानी नई दिल्ली में आयोजित किया गया। इस समारोह में सिनेमा, संगीत, खेल आदि क्षेत्रों की कई जानी-मानी हस्तियों को सम्मानित किया गया। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति भवन में आयोजित पहले नागरिक अलंकरण कार्यक्रम के दौरान इस साल के पद्म विजेताओं को ये पुरस्कार प्रदान किया।

मालूम हो कि इस साल बीते 25 जनवरी को भारत सरकार द्वारा 131 पद्म पुरस्कार की घोषणा की गई थी, जिनमें पांच पद्म विभूषण पुरस्कार, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल रहे।

RAJASTHAN : राजस्थान का यह गांव बना ‘मिनी ब्राजील, रेतीले धोरों की बेटियां इंटरनेशनल लेवल पर फुटबॉल में कर रहीं कमाल

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बीकानेर का ढींगसरी गांव आज “मिनी ब्राजील” के नाम से देशभर में पहचान बना रहा है. रेगिस्तान के इस गांव की बेटियां फुटबॉल में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का नाम रोशन कर रही हैं. कोच विक्रम सिंह राजवी ने 2021 में गांव में बालिकाओं को प्रशिक्षण देना शुरू किया था. आज यहां 130 लड़कियां नियमित अभ्यास कर रही हैं. गांव की खिलाड़ी चीन, नेपाल, रूस और उज़्बेकिस्तान जैसे देशों में खेल चुकी हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद ढींगसरी की बेटियों ने साबित कर दिया कि मेहनत और जुनून से हर सपना पूरा किया जा सकता है.

बीकानेर. राजस्थान के बीकानेर जिले का छोटा सा ढींगसरी गांव आज अपनी फुटबॉल प्रतिभा के कारण “मिनी ब्राजील” के नाम से देशभर में पहचान बना रहा है. कभी जहां दूर-दूर तक रेत के टिब्बे और बंजर जमीन नजर आती थी, वहीं अब हरे-भरे फुटबॉल मैदान गांव की नई पहचान बन चुके हैं. इन मैदानों पर सुबह-शाम बालक और बालिकाएं फुटबॉल की प्रैक्टिस करते दिखाई देते हैं. ढींगसरी गांव की सबसे बड़ी खासियत यहां की बेटियां हैं, जिन्होंने खेल के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है.

सीमित संसाधनों और ग्रामीण माहौल के बावजूद यहां की खिलाड़ी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं. गांव में फुटबॉल को लेकर बच्चों और युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिलता है. स्थानीय लोग भी खिलाड़ियों को पूरा समर्थन देते हैं. रेगिस्तान की मिट्टी से निकली इन बेटियों ने साबित कर दिया है कि मेहनत और जुनून के आगे कोई बाधा बड़ी नहीं होती. आज ढींगसरी गांव सिर्फ बीकानेर ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान के लिए गर्व का प्रतीक बन चुका है.
बदलाव के पीछे छिपा है कोच विक्रम सिंह राजवी का संघर्ष

बीकानेर से करीब 75 किलोमीटर दूर ढींगसरी गांव की इस बदलाव भरी कहानी के पीछे कोच विक्रम सिंह राजवी का संघर्ष और सपना छिपा है. वर्ष 2021 में उन्होंने गांव में बालिकाओं के लिए फुटबॉल प्रशिक्षण शुरू किया. शुरुआत आसान नहीं थी. ग्रामीण परिवेश और रूढ़िवादी सोच के कारण परिवार अपनी बेटियों को मैदान तक भेजने से हिचकिचाते थे, लेकिन विक्रम सिंह ने हार नहीं मानी. वे घर-घर जाकर अभिभावकों को समझाया और बेटियों को खेल में आगे बढ़ने का मौका देने की अपील की. धीरे-धीरे बालिकाएं मैदान तक पहुंचने लगीं और फिर यह कारवां लगातार बढ़ता चला गया.

आज ढींगसरी गांव की बेटियां अंडर-15, अंडर-17 और अंडर-19 राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी बन चुकी हैं. गांव की कई बालिकाएं भारतीय टीम के कैंप तक पहुंच चुकी हैं. खिलाड़ी मुन्नी भांभू चीन में आयोजित एशियन क्वालिफायर टूर्नामेंट तक खेल चुकी हैं. यहां की बेटियां रूस, नेपाल, बांग्लादेश, चीन और उज़्बेकिस्तान जैसे देशों में भी खेलने जा चुकी हैं. अब तक 10 बालिकाओं के पासपोर्ट बनवाए जा चुके हैं.

विक्रम सिंह राजवी खुद फुटबॉल खिलाड़ी रहे हैं. उनका सपना था कि गांव की बेटियों को भी वही मंच मिले, जो बड़े शहरों के खिलाड़ियों को मिलता है. इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी जमीन बेचकर गांव के अंदर करीब आठ बीघा जमीन खरीदी और फुटबॉल मैदान तैयार किया. बाद में दो बीघा जमीन एक भामाशाह ने दान में दी. आज यहां तीन घास के मैदान, दो फुटबॉल मैदान, हॉस्टल, डाइट और खेल की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं.

अकादमी में बालिकाओं को सभी सुविधाएं नि:शुल्क दी जा रही हैं. यहां बने हॉस्टल में करीब 40 बालिकाएं रह सकती हैं. दिन में ये बच्चियां सरकारी स्कूल में पढ़ाई करती हैं और शाम को मैदान में घंटों अभ्यास करती हैं. वर्तमान में यहां करीब 130 बालिकाएं नियमित प्रशिक्षण ले रही हैं. इन खिलाड़ियों की सबसे खास बात यह है कि अधिकांश बच्चियां गरीब किसान और पशुपालक परिवारों से आती हैं. कई खिलाड़ियों के पिता बकरी पालन कर परिवार चलाते हैं. ऐसे परिवारों में बेटियों को खेल के लिए आगे भेजना आसान नहीं था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. आज गांव के लोग खुद अपनी बेटियों को फुटबॉल खेलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.

2024 में ढींगसरी गांव की बेटियों ने रचा था इतिहास
ढींगसरी गांव ने वर्ष 2024 में इतिहास भी रचा. कर्नाटक में आयोजित प्रतियोगिता में राजस्थान की बालिका टीम ने मेजबान कर्नाटक को उसके ही होम ग्राउंड पर 3-1 से हराकर पहली बार कप अपने नाम किया. करीब 60 साल बाद राजस्थान की बेटियां यह ट्रॉफी जीतकर लाई थीं और उस टीम की अधिकांश खिलाड़ी ढींगसरी गांव की थीं. अब मगन सिंह राजवी स्पोर्ट्स अकादमी में रूफ टॉप सोलर प्लांट भी शुरू हो गया है. इससे खिलाड़ियों को बिजली की समस्या से राहत मिलेगी और वे रात के समय भी बेहतर सुविधाओं के साथ अभ्यास कर सकेंगी. राइजिंग सन एनर्जी ने अपनी सीएसआर गतिविधियों के तहत अकादमी को सोलर प्लांट, खेल उपकरण और 100 जोड़ी स्पोर्ट्स शूज उपलब्ध करवाए हैं.

NATIONAL : एक से ज्यादा शादी पर 7 साल जेल, लिव इन के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी, असम में UCC बिल पेश

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चुनाव जीतने के बाद असम की बीजेपी सरकार अपने वादे के मुताबिक समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर आगे बढ़ गई है. राज्य सरकार ने सोमवार को बिल विधानसभा में पेश कर दिया गया है. इस बिल में विवाह और लिव इन रिलेशन को लेकर कई प्रावधान किए गए हैं.

असम की हिमंता बिस्वा सरमा सरकार ने सोमवार को यूनिफॉर्म सिविल कोड पर बिल विधानसभा में पेश कर दिया है. इस बिल का उद्देश्य बहुविवाह पर रोक लगाना और लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करना है. हालांकि बिल में यह भी कहा गया है कि यह असम में रहने वाली किसी भी अनुसूचित जनजाति पर लागू नहीं होग. इसमें कई दंडात्मक उपायों का प्रस्ताव किया गया है, जिसमें दो विवाह या बहुविवाह के लिए सात साल की कैद और लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन न कराने पर तीन महीने की जेल शामिल है.

असम के संसदीय कार्य मंत्री अतुल बोरा ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की ओर से तीसरी बार बनी BJP की सरकार के पहले विधानसभा सत्र में ‘एक समान नागरिक संहिता, असम, 2026 विधेयक’ पेश किया.

सरकार ने कहा कि शादी के लिए बिल में पुरुषों और महिलाओं के लिए न्यूनतम उम्र 21 साल और 18 साल तय की गई है, और बहुविवाह पर रोक लगाई गई है. सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, “खास बात यह है कि यह बिल मौजूदा धार्मिक और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार शादियां करने की अनुमति देकर असम की सांस्कृतिक विविधता की रक्षा करता है.”

कानूनी अधिकारों की सुरक्षा के लिए बिल में शादी और तलाक का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने का प्रस्ताव है, जो पति-पत्नी के लिए भरण-पोषण, विरासत और अन्य कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहुत जरूरी होगा. मुख्यमंत्री ने कहा, “पहली बार यह बिल लिव-इन रिलेशनशिप के लिए एक कानूनी ढांचा प्रदान करता है. रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करके, यह कानून सुनिश्चित करता है कि पार्टनर्स और ऐसे संबंधों से पैदा होने वाले किसी भी बच्चे के अधिकारों को औपचारिक रूप से मान्यता मिले और उनकी सुरक्षा हो.”

उन्होंने कहा कि UCC का मकसद उत्तराधिकार कानूनों को आधुनिक बनाना है, ताकि संपत्ति का बंटवारा निष्पक्ष और समान रूप से हो सके. सरमा ने कहा, “यह विरासत के लिए एक जैसे नियम लागू करता है, जिससे यह पक्का होता है कि राज्य के सभी निवासियों के लिए संपत्ति का हस्तांतरण न्यायसंगत तरीके से हो.”

उत्तराधिकार के मामले में बिल में क्लास-1 वारिसों के बीच बिना वसीयत के होने वाले उत्तराधिकार के लिए एक समान, लैंगिक रूप से बराबर वरीयता क्रम बनाने का प्रस्ताव है. इसमें मृतक के जीवनसाथी, बच्चों और माता-पिता को समान रूप से शामिल किया गया है.

वसीयत के आधार पर होने वाले उत्तराधिकार के लिए कोई भी वयस्क और मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति लिखित और गवाहों के सामने वसीयत बनाने का कानूनी अधिकार रखेगा. सीएम ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत, राज्य को अपने नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता (UCC) बनाने की दिशा में प्रयास करने का निर्देश दिया गया है.

मुख्यमंत्री ने कहा, “यह बिल असम में इस सिद्धांत को लागू करने का प्रयास करता है, ताकि सभी निवासियों के लिए, चाहे उनका धर्म कोई भी हो, एक समान कानूनी ढांचा सुनिश्चित किया जा सके.”

प्रस्तावित कानून राज्य की कानूनी व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए ‘असम मुस्लिम विवाह और तलाक का अनिवार्य पंजीकरण अधिनियम, 2024’ को रद्द कर देगा.इसमें कहा गया है, “हालांकि, एक ज़रूरी सुरक्षा प्रावधान शामिल किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस UCC के लागू होने से पहले हुए किसी भी बहुविवाह को नियमित किया जाएगा और उसे कानूनी सुरक्षा मिलेगी.”

बिल में निजी रिश्तों में शोषण, धोखाधड़ी और गैर-कानूनी तरीकों से जुड़े प्रावधानों के उल्लंघन के लिए कई दंडात्मक प्रावधानों का प्रस्ताव किया गया है.प्रस्तावित कानून के तहत, द्विविवाह और बहुविवाह पर ‘भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023’ की धारा 82 के तहत सात साल तक की कैद हो सकती है. बाल विवाह और बिना वैध सहमति के विवाह पर ‘बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006’ के अनुसार दो साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.

बल, जबरदस्ती या तथ्यों को छिपाकर किए गए धोखाधड़ी वाले या कपटपूर्ण विवाह पर सात साल तक की कैद और जुर्माने की सज़ा होगी. तलाक की कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन और विवाह को गैर-कानूनी तरीके से खत्म करने पर तीन साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है, जबकि तलाकशुदा व्यक्ति को दोबारा शादी से पहले गैर-कानूनी शर्तें पूरी करने के लिए मजबूर करने पर तीन साल की कैद और 1 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा.

इसके अलावा 60 दिनों के भीतर जानबूझकर विवाह या तलाक का पंजीकरण न कराने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगेगा. पंजीकरण के दौरान जाली या मनगढ़ंत दस्तावेज़ जमा करने पर तीन महीने तक की कैद या 25,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.इसी तरह एक महीने के भीतर लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण न कराने पर तीन महीने तक की कैद या 10,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है, जबकि ऐसे घोषणापत्रों में ज़रूरी तथ्यों को छिपाने या गलत जानकारी देने पर तीन महीने तक की कैद और 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा.

SPORTS : राजस्थान सातवीं बार प्लेऑफ में, मुंबई को 30 रनों से हराया; पंजाब और कोलकाता दोनों बाहर

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राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को 30 रनों से हरा दिया है. इसी के साथ राजस्थान आईपीएल 2026 के प्लेऑफ में जाने वाली चौथी टीम बन गई है. उससे पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू, गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद अंतिम-4 में जगह पक्की कर चुकी हैं.

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मैच में राजस्थान रॉयल्स की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 205 रन बनाए थे. इसके जवाब में मुंबई की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 175 रन ही बना सकी. राजस्थान की इस जीत की वजह से पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स आईपीएल 2026 से बाहर हो गई हैं.

यह आईपीएल के इतिहास में सातवीं बार है जब राजस्थान रॉयल्स की टीम ने प्लेऑफ में जगह बनाई है. इतिहास में सबसे ज्यादा बार प्लेऑफ में जगह बनाने का रिकॉर्ड चेन्नई सुपर किंग्स के नाम है, जो 12 बार अंतिम-4 में पहुंची है. यह रियान पराग के लिए भी बहुत बड़ी उपलब्धि है, जिन्होंने बतौर कप्तान पहले ही सीजन में राजस्थान को प्लेऑफ में पहुंचाया.

मुंबई इंडियंस पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी थी. वानखेड़े के मैदान पर 206 रनों के लक्ष्य का पीछा करने आई मुंबई इंडियंस की शुरुआत बहुत खराब रही. MI की हार की नींव वहीं से रखी जा चुकी थी जब रोहित शर्मा बिना खाता खोले आउट हो गए. 38 रन पर 4 विकेट गिर चुके थे, लेकिन सूर्यकुमार यादव ने पहले विल जैक्स के साथ मिलकर 63 रनों की पार्टनरशिप की, फिर हार्दिक पांड्या संग मिलकर 48 रनों की साझेदारी की.

सूर्या 42 गेंद में 60 रन बनाकर आउट हो गए. वहीं हार्दिक पांड्या ने भी 15 गेंद में 34 रनों की तूफानी पारी खेली, लेकिन अपनी टीम को जीत तक नहीं ले जा सके.

पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स का प्लेऑफ में जाना राजस्थान रॉयल्स की हार पर निर्भर था. राजस्थान हार जाती तो कोलकाता और पंजाब के लिए प्लेऑफ के दरवाजे खुले रहते. राजस्थान के अब 16 पॉइंट्स हो गए हैं, जबकि पंजाब के 15 अंक हैं. वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स भी अपना आखिरी मैच जीतकर अधिकतम 15 अंकों तक ही पहुंच सकती है.

NATIONAL : देशभर में नौतपा की शुरुआत, अगले 9 दिन झुलसाएगी गर्मी; कई राज्यों में हीटवेव अलर्ट

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देश में नौतपा शुरू होते ही भीषण गर्मी का असर बढ़ा। महाराष्ट्र का ब्रह्मपुरी 47.2°C के साथ सबसे गर्म शहर रहा। MP-UP समेत कई राज्यों में हीटवेव अलर्ट जारी।

देशभर में आज से नौतपा की शुरुआत हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 9 दिनों तक भीषण गर्मी और हीटवेव का असर और ज्यादा बढ़ सकता है। कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहने की संभावना जताई गई है। रविवार को महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र का ब्रह्मपुरी लगातार तीसरे दिन देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 47.2°C दर्ज किया गया। यह सामान्य से 4.6 डिग्री ज्यादा रहा।

उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में भी गर्मी का प्रकोप जारी है। यूपी के बांदा में तापमान 46.8°C रिकॉर्ड किया गया। प्रयागराज, उरई और झांसी में 45.6°C, आगरा में 45.4°C और हमीरपुर में 45.2°C तापमान दर्ज हुआ। मध्यप्रदेश के नौगांव और खजुराहो सबसे गर्म रहे, जहां पारा 45.8°C तक पहुंच गया। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर और मध्य भारत में 29 मई के बाद मौसम बदल सकता है और कुछ इलाकों में बारिश की संभावना बन सकती है।

हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है। वहीं पश्चिम बंगाल और ओडिशा में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

27 मई को भी राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में हीटवेव चलने की आशंका है। दूसरी ओर बिहार, असम, मेघालय और केरल में भारी बारिश और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।डॉक्टरों के मुताबिक 45°C से ज्यादा तापमान में शरीर में डिहाइड्रेशन बढ़ने से अपच और एसिडिटी की समस्या हो सकती है। ज्यादा मसालेदार और तला-भुना खाना खाने से परेशानी बढ़ सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों को ज्यादा पानी पीने, हल्का भोजन करने और दोपहर में धूप से बचने की सलाह दी है।

BUSINESS : SBI के ग्राहकों के लिए राहत, 25-26 मई की हड़ताल टली, सामान्य रूप से खुलेंगे बैंक

SBI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने बयान में कहा, “हम अपने सम्मानित ग्राहकों को सूचित करते हैं कि ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) द्वारा 25 और 26 मई 2026 को प्रस्तावित हड़ताल टाल दी गई है। हमारी सभी शाखाएं सामान्य रूप से काम करेंगी और सभी नियमित बैंकिंग सेवाएं प्रदान करेंगी।”

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहकों के लिए जरूरी खबर है। बैंक ने बताया कि 25 और 26 मई 2026 को होने वाली बैंक कर्मचारियों की हड़ताल फिलहाल टाल दी गई है। इसका मतलब है कि इन दोनों दिनों में देशभर में SBI की सभी शाखाएं सामान्य रूप से खुली रहेंगी और ग्राहकों को सभी बैंकिंग सेवाएं बिना किसी रुकावट के मिलती रहेंगी।

SBI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने बयान में कहा, “हम अपने सम्मानित ग्राहकों को सूचित करते हैं कि ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) द्वारा 25 और 26 मई 2026 को प्रस्तावित हड़ताल टाल दी गई है। हमारी सभी शाखाएं सामान्य रूप से काम करेंगी और सभी नियमित बैंकिंग सेवाएं प्रदान करेंगी।”

SBI स्टाफ एसोसिएशन, बंगाल सर्किल के सचिव सुदीप दत्ता ने कहा, ‘प्रबंधन के साथ मुंबई में हुई बैठक पॉजिटिव रही और कर्मचारी महासंघ की कई मांगों पर प्रगति हुई है। इन परिस्थितियों में प्रस्तावित हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है।’

SBI कर्मचारी महासंघ के महासचिव एल चंद्रशेखर ने अपने सदस्यों को भेजे संदेश में कहा, “मुंबई स्थित कॉरपोरेट सेंटर में बैंक प्रबंधन और महासंघ के बीच हुई बैठक सकारात्मक रही। हमें यह बताते हुए खुशी है कि हमारी मांगों पर सकारात्मक प्रगति हुई है। चर्चा के दौरान हुई प्रगति को देखते हुए प्रस्तावित हड़ताल स्थगित कर दी गई है।”

यह हड़ताल All India State Bank of India Staff Federation (AISBISF) ने बुलाई थी। यूनियन का कहना था कि बैंक में कर्मचारियों की कमी, आउटसोर्सिंग, पेंशन से जुड़े मुद्दे और वेतन असमानता जैसे कई मामलों पर लंबे समय से उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। यूनियन ने 16 मांगों की एक सूची रखी थी। इसमें नए कर्मचारियों की भर्ती, खाली पदों को भरना, स्थायी नौकरियों में आउटसोर्सिंग बंद करना, NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) में ज्यादा लचीलापन देना और कर्मचारियों के ट्रांसफर नियमों में बदलाव जैसी मांगें शामिल थीं।

कर्मचारी संगठन का कहना था कि स्टाफ कम होने से मौजूदा कर्मचारियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। साथ ही, कई शाखाओं में सुरक्षा गार्डों की कमी से सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई थी। हालांकि, बैंक प्रबंधन और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बाद फिलहाल यह आंदोलन वापस ले लिया गया है। इससे बैंकिंग सेवाओं में संभावित रुकावट टल गई है और ग्राहकों को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

KARNATAKA : कर्नाटक में कांग्रेस का फिर सियासी नाटक शुरू, सिद्धारमैया दिल्ली तलब; नेतृत्व बदलाव की चर्चा तेज

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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को कांग्रेस हाईकमान ने 26 मई को दिल्ली बुलाया है। इस बुलावे के बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें फिर तेज हो गई हैं। लंबे समय से डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा चल रही है। माना जा रहा है कि दिल्ली में राहुल गांधी के साथ बैठक में राज्यसभा चुनाव, विधान परिषद चुनाव और कर्नाटक कांग्रेस के अंदरूनी हालात पर चर्चा हो सकती है।

कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पार्टी हाईकमान ने दिल्ली बुलाया है। कांग्रेस केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें 26 मई को दिल्ली पहुंचने के लिए कहा है। इस बुलावे के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर अटकलें तेज हो गई हैं। लंबे समय से मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच अंदरूनी खींचतान की चर्चा होती रही है। अब दिल्ली में होने वाली इस बैठक को कांग्रेस के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सिद्धारमैया इस दौरान राहुल गांधी से मुलाकात कर सकते हैं।

कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने के बीच यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पिछले करीब डेढ़ साल से डीके शिवकुमार के समर्थक लगातार दावा करते रहे हैं कि जल्द ही नेतृत्व परिवर्तन होगा और उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। हालांकि अब तक ऐसा नहीं हुआ है। पार्टी के अंदर इस मुद्दे को लेकर लगातार चर्चा और असमंजस बना हुआ है। सूत्रों के मुताबिक कई नेता चाहते हैं कि हाईकमान जल्द कोई साफ फैसला ले, क्योंकि लंबे समय से चल रही अटकलों से पार्टी की छवि प्रभावित हो रही है। ऐसे में सिद्धारमैया को दिल्ली बुलाया जाना राजनीतिक तौर पर बड़ा संकेत माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार दिल्ली में होने वाली बैठक में राज्यसभा चुनाव और आगामी विधान परिषद चुनाव की तैयारियों पर चर्चा हो सकती है। कांग्रेस नेतृत्व कर्नाटक में राजनीतिक रणनीति को मजबूत करने पर भी बात कर सकता है। हालांकि पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि बैठक का असली मकसद सिर्फ चुनावी तैयारी नहीं बल्कि नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान पर बातचीत हो सकती है। कांग्रेस हाईकमान अब तक इस मुद्दे पर कोई अंतिम फैसला लेने से बचता रहा है। यही वजह है कि दिल्ली बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बढ़ गई है।

कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर अंदरूनी समीकरण चर्चा में रहे हैं। सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दोनों को पार्टी का बड़ा चेहरा माना जाता है। ऐसे में नेतृत्व को लेकर बनी अनिश्चितता पार्टी के लिए चुनौती बनती जा रही है। कई नेताओं का मानना है कि अगर जल्द स्थिति साफ नहीं हुई तो इसका असर संगठन और सरकार दोनों पर पड़ सकता है। अब सभी की नजर दिल्ली में होने वाली बैठक पर टिकी है, क्योंकि इसी से यह संकेत मिल सकता है कि कांग्रेस हाईकमान आगे किस दिशा में फैसला लेने वाला है।

सूत्रों के मुताबिक सिद्धारमैया की राहुल गांधी से मुलाकात संभव है। ऐसे में माना जा रहा है कि कर्नाटक की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा हो सकती है। पार्टी नेतृत्व राज्य सरकार की कार्यशैली, संगठन की स्थिति और भविष्य की रणनीति पर भी बातचीत कर सकता है। इस बैठक के बाद कर्नाटक कांग्रेस की राजनीति में नया मोड़ आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
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GUJARAT : अहमदाबाद में RBI खजाने से ₹8.7 करोड़ चोरी, बैंककर्मी गिरफ्तार:बक्सों में कैश ले गया; बंगला, गाड़ी और दुकान खरीदी, महिला स्टाफ को ₹28 लाख दिए

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गुजरात के अहमदाबाद में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के करेंसी चेस्ट (खजाने) से ₹8.70 करोड़ चोरी का करीब 4 महीने बाद खुलासा हुआ है। पुलिस ने चोरी करने और उस पैसे को प्रॉपर्टी-क्रिप्टोकरेंसी में लगाने के आरोप में बैंक ऑफ बड़ौदा के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी हर्षिद्द कडियार बैंक ऑफ बड़ौदा की गांधी रोड शाखा में जूनियर जॉइंट कस्टोडियन था। इसी शाखा में RBI का करेंसी चेस्ट भी मौजूद है। 13 जनवरी को आरोपी ने दो कॉन्ट्रैक्ट मजदूरों के साथ मिलकर लोहे के बक्सों में कैश भरकर बैंक से बाहर निकाला था।पुलिस ने आरोपी की कार की डिक्की से 2.2 करोड़ रुपए नकद बरामद किए। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने चोरी के पैसों से चांदखेड़ा में बंगला, एक कॉमर्शियल गाड़ी और अहमदाबाद में दुकान खरीदी।

उसने एक महिला सहकर्मी को मकान खरीदने के लिए 23 लाख रुपए और 5 लाख रुपए नकद भी दिए थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने चोरी के पैसे का एक हिस्सा क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में निवेश किया था।पुलिस के अनुसार, चोरी का खुलासा RBI निरीक्षण से पहले की गई नियमित जांच के दौरान सामने आई, जब करेंसी चेस्ट के नए प्रभारी ने नोटों की कमी पकड़ी। इसके बाद 15 मई को कालूपुर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई।

इसके बाद CCTV जांच में मामला सामने आया। CCTV फुटेज में 13 जनवरी की रात 9:12 बजे आरोपी कर्मचारी और दो कॉन्ट्रैक्ट मजदूर बक्सों में भरकर कैश ले जाते नजर आए। उन्होंने बक्सों को एक ट्रॉली पर लाद रखा था।उस समय उसने अन्य कर्मचारियों से कहा था कि बक्सों में कचरा भरा है और वह इन्हें फिंकवाने जा रहा है। शक से बचने के लिए आरोपी 20 अप्रैल तक लगातार 3 महीने नियमित रूप से काम पर आता रहा।

उसे लगा था कि चोरी से जुड़ी CCTV फुटेज 90 दिन बाद अपने आप डिलीट हो जाएगी। बाद में वह लंबी मेडिकल छुट्टी पर चला गया। लेकिन इस बीच ही चोरी का खुलासा हो गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की।पुलिस ने जांच की तो पता चला कि आरोपी परिवार के साथ मनाली घूमने गया था। उसके लौटने से पहले ही पुलिस ने उसके घर के नीचे खड़ी कार से 2.20 करोड़ रुपए नकद जब्त कर लिए थे। 22 मई को सोला इलाके से आरोपी पकड़ा गया। उसे 27 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।

आरोपी ने बताया कि उसने चोरी के करीब चार करोड़ खर्च भी कर दिए हैं। पुलिस ने कैश ट्रांसफर से जुड़े दो अन्य लोगों सुल्तान और जुल्फिकार को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

15 सालों से बैंक में काम कर रहा था

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह 15 सालों से बैंक में काम कर रहा था। अब वह आरामदेह जीवन जीना चाहता था। इसीलिए उसने चोरी की। आरोपी की पत्नी रेलवे पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात है। चोरी में उसकी पत्नी की मिलीभगत की भी जांच जारी है।

RAJASTHAN : PM मोदी की अपील का असर, भजनलाल सरकार ने मंत्रियों-अधिकारियों के विदेश यात्रा पर लगाई रोक

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जयपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल और डीजल बचाने की अपील का असर अब राजस्थान सरकार में दिखने लगा है। राजस्थान की भजनलाल सरकार ने मंत्रियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की सरकारी खर्च पर विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगाते हुए एक परिपत्र जारी किया है, साथ ही ऊर्जा बचत के कई उपाय भी बताए हैं।

वित्त विभाग की ओर से जारी इस परिपत्र में सरकारी खर्च कम करने और ईंधन बचाने के उपाय बताए गए हैं। सभी विभागों को इन दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।

नई नीति के तहत, सरकारी विभागों और सार्वजनिक संस्थानों की ओर से भविष्य में खरीदे जाने वाले सभी वाहन इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) होंगे।

मौजूदा पेट्रोल और डीजल वाहनों को चरणबद्ध तरीके से ईवी से बदला जाएगा।

पहले चरण में, केवल शहर की सीमा के भीतर काम करने वाले अधिकारियों के लिए ईवी खरीदे जाएंगे।

ईवी का उपयोग धीरे-धीरे सरकार की ओर से अनुबंध पर किराए पर लिए गए वाहनों तक भी बढ़ाया जाएगा।

अधिकारियों- कर्मचारियों के लिए कार-पूलिंग

वित्त विभाग के परिपत्र की प्रमुख विशेषताओं में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कार-पूलिंग, सरकारी काफिलों की संख्या में कमी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल शासन को बढ़ावा देना आदि शामिल हैं।

एक ही रूट पर यात्रा करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को आवागमन के लिए कारपूलिंग का उपयोग करेंगे।

साझा यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सरकारी और निजी वाहनों का उपयोग किया जा सकता है।

सरकारी विभागों, स्वायत्त निकायों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) को अब होटलों में बैठकें या कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं है।

सभी आधिकारिक कार्यक्रम सरकारी भवनों में आयोजित किए जाने चाहिए।

सरकार इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और लंबित चार्जिंग स्टेशन प्रस्तावों की मंजूरी में तेजी लाने के लिए एक कार्य योजना भी तैयार करेगी। विभागों को निर्देश दिया गया है कि जहां भी संभव हो, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकें आयोजित करें और आमने-सामने की बैठकों को कम से कम करें।

कागजी पत्राचार को कम करने के लिए ई-ऑफिस, ई-फाइल्स और ‘राज-काज’ पोर्टल का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम अब कर्मचारियों को एक स्थान पर एकत्रित करने के बजाय ऑनलाइन आयोजित किए जाएंगे। सरकार पीएम सूर्य घर योजना के तहत छतों पर सौर पैनल लगाने को बढ़ावा देगी।

NATIONAL : जब आप दिल्ली में सत्ता से गिरेंगे, तो कर्मों का फल भुगतना पड़ेगा, फाल्टा रिजल्ट के बाद ममता बनर्जी का हमला

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पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी की प्रमुख ममता बनर्जी ने बीजेपी पर करारा हमला बोला है। फाल्टा सीट पर टीएमसी की करारी शिकस्त के बाद ममता बनर्जी ने एक वीडियो संदेश में कहा है 4 मई के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं का निशाना बनाया जा रहा है। बनर्जी ने कहा मैं देखूंगी कि किसके ज्यादा ताकत-संविधान या बंदूक की नली में।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर बीजेपी की रिकॉर्ड मार्जिन से जीत के बाद ममता बनर्जी ने बीजेपी पर हमला बोला है। ममता बनर्जी ने एक बार फिर चुनावों में धांधली के आरोपों को दोहराते हुए कहा है कि गिनती के दौरान EVM में हेराफेरी की गई, वोट लूटे गए और मुझे गिनती केंद्र से बाहर धकेल दिया गया। ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी शासन में पुलिस शिकारी बन गई है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के दफ्तरों में लूटपाट की गई, महिलाओं पर हमला किया गया। ममता बनर्जी ने एक वीडियो संदेश में केंद्र की बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

ममता बनर्जी ने टीएमसी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब कल्याणी एक्सप्रेस सेतु बनाया गया था, तो सड़क पर 43 घर प्रभावित हुए थे, और हमने उनके पुनर्वास के लिए बिल्कुल वैसे ही 43 घर बनाए थे। अब, यहां लूटपाट, तोड़फोड़ और सभी निशानों को मिटाने की कोशिशें हो रही हैं। जब आप दिल्ली में सत्ता से गिरेंगे, तो आपको अपने कर्मों का फल भुगतना पड़ेगा। ममता बनर्जी ने कहा कि हम उस दिन का इंतजार कर रहे हैं। मैं न्यायपालिका को याद दिलाना चाहती हूं कि वे ही कानून के असली रक्षक हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि मैं राज्य प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ती रहूंगी। ममता बनर्जी ने कहा कि मैं देखूंगी कि किसमें ज्यादा ताकत है। संविधान में या बंदूक की नली में।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि 4 मई के नतीजों के बाद बंगाल के लोग और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता आतंक का शिकार हुए हैं। ममता बनर्जी ने केंद्र और बंगाल की बीजेपी की अगुवाई वाली सरकारों पर यह हमला फाल्टा में टीएमसी की बड़ी हार के बाद बोला है। फाल्टा सीट पर टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान की जमानत जब्त हो गई। इस सीट पर बीजेपी ने 1,09021 वोटों से जीत दर्ज की है। यह बंगाल में बीजेपी की किसी भी सीट पर सबसे बड़ी जीत है। फाल्टा की जीत के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा हमला बोला था। अधिकारी ने कहा था कि ये तो बस शुरुआत है। आगे टीएमसी नेतृत्व को NOTA से लड़ना पड़ेगा। गौरतलब हो कि फाल्टा में री-पोल के बाद जब चुनाव प्रचार का आखिरी दिन था तब टीएमसी कैंडिडेट जहांगीर खान ने मैदान छोड़ने का ऐलान कर दिया था।

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