Tuesday, June 30, 2026
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Bihar News : बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी बोले- ‘तेजस्वी यादव की हालत खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे जैसी’

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सीएम ममता बनर्जी के वोट न देने वाले बयान पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा ममता बनर्जी की चिंता साफ झलक रही है. अब तो वे मतदान का बहिष्कार करने की बात भी कर रही हैं. बिहार के बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने चंडीगढ़ में हुए धमाके को लेकर पंजाब सरकार और ममता बनर्जी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. इसके साथ ही तेजस्वी यादव को लेकर कहा कि ‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’.

बिहार के नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा विकास के मुद्दे पर खुली चुनौती देने के सवाल पर संजय सरावगी ने कहा, “आरजेडी के शासन में जंगल राज था, ये बातें कोर्ट ने कही थी. उस समय सत्ता के संरक्षण में अपराध होता था. अस्पतालों के बेड पर कुत्ते बैठते थे. वहीं, नीतीश कुमार के शासन में बिहार की स्वास्थ्य सुविधा में सुधार हुआ है, निशुल्क दवा वितरण मामले में राज्य सबसे आगे है. आज हर पंचायत में 12वीं तक के स्कूल हैं. प्रखंड स्तर पर महाविद्यालय खोलने की योजना है. ऐसे में तेजस्वी यादव क्या चुनौती देंगे? तेजस्वी की हालत ‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’ जैसी हो गई है.”

चंडीगढ़ में बीजेपी कार्यालय के बाहर हुए विस्फोट पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सारावगी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “यह पंजाब सरकार के प्रशासन की विफलता है. चंडीगढ़ के सेक्टर 37 में बीजेपी कार्यालय के बाहर हुए हमले में पंजाब सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. ऐसा करने वाले व्यक्तियों को गिरफ्तार करना चाहिए. यदि इसमें राष्ट्रविरोधी तत्व शामिल हैं, तो यह पंजाब सरकार की स्पष्ट विफलता है.”

ममता बनर्जी के वोट न देने वाले बयान पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, “ममता बनर्जी की चिंता साफ झलक रही है. अब तो वे मतदान का बहिष्कार करने की बात भी कर रही हैं. लोकतंत्र में यह एक निंदनीय रवैया है. ऐसा लगता है कि उन्हें यह एहसास हो गया है कि वे जल्द ही सत्ता से बाहर हो सकती हैं. जिस तरह मालदा में एसआईआर कार्य कर रहे 7 अधिकारियों को बंधक बनाया गया, इससे पता चलता है कि टीएमसी को सत्ता से बाहर जाने का डर सता रहा है.”

दरभंगा में ज्वेलरी शॉप में लूटपाट पर संजय सरावगी ने कहा, “बिहार में अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा. घटनाएं हो रही हैं, लेकिन अपराधियों पर कार्रवाई भी हो रही है. दरभंगा लूटकांड में पुलिस-प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बेगुसराय से 6 अपराधियों को गिरफ्तार किया है. मुठभेड़ में एक अपराधी गोली लगने से घायल भी हुआ है. जल्द ही लूटा गया माल भी बरामद हो जाएगा. हमारी सरकार का कहना है कि या तो अपराधी अपराध छोड़ दे या बिहार छोड़ दे.”

Bollywood : 50 किलो का लंहगा पहन दुल्हन बनकर रैंप पर छाई बिपाशा बसु, कमबैक को लेकर कहा ये

एक्ट्रेस बिपाशा बसु ने हाल ही में फैशन वीक में रैंप वॉक की. इस दौरान वो दुल्हन के लुक में काफी खूबसूरत दिख रहीं थी. सोशल मीडिया पर उनके लुक की तारीफ हो रही है. बॉलीवुड एक्ट्रेस बिपाशा बसु ने एक टाइम में अपनी अदाओं से सबको दीवाना बना रखा था. वहीं एक्ट्रेस शादी और मां बनने के बाद एक्टिंग से दूर हो गई. हालांकि, वो सोशल मीडिया पर अपने फैंस के साथ जुड़ी रहती हैं, लेकिन अब एक बार फिर उन्होंने अपने लुक्स से सबका ध्यान खींच लिया.

फैशन वीक में बिपाशा ने दुल्हन के गेटअप में रैंप पर एंट्री ली और जैसे ही उनका लुक सामने आया, सभी की नजरें बस उन्हीं पर टिक गईं. एक्ट्रेस ने रेड कलर का 50KG का लहंगा पहना था, जिसमें वो काफी खूबसूरत लग रही थीं. उन्होंने गोल्डन एक्सेसरीज पहनी थी और उनका मेकअप भी कमाल का था. इवेंट से उनके कई वीडियोज समाने आए हैं. सोशल मीडिया यूजर्स उनके लुक की जमकर तारीफ कर रहे हैं. कोई उनके गॉर्जियस कह रहा है, तो कोई ब्यूटीफुल बता रहा हैं.

बिपाशा बसु ने काम को लेकर बात की. मीडिया संग बातचीत में उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि अब फिर से काम शुरू करने का समय है और मैं बहुत खुश हूं. आप जानते हैं, यह मेरा पुराना प्यार है. मैंने सबसे पहले मॉडलिंग की थी, फिर एक्टिंग की. लोगों का प्यार मुझे हमेशा मिलता रहा है और आज भी मुझे वही प्यार मिला, जिससे मैं बहुत खुश हूं.’

बिपाशा बसु ने मॉडलिंग से अपने करियर की शुरूआत की थी. साल 2001 में उन्होंने फिल्म अजनबी से बॉलीवुड में कदम रखा. उन्होंने राज (2002), जिस्म (2003), नो एंट्री (2005) और धूम 2 (2006) जैसी हिट फिल्मों के जरिए बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई. वहीं बिपाशा ने 2016 में एक्टर करण सिंह ग्रोवर से शादी की, और 2022 में वे एक बेटी की मां बनीं. वे अब बड़े पर्दे से दूर हैं.

Sports : रोहित शर्मा ने तोड़ा धोनी का छक्कों का ‘महारिकॉर्ड’, IPL में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने का बनाया कीर्तिमान

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रोहित शर्मा ने किसी एक आईपीएल टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में एमएस धोनी का भारतीय रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इंडियन प्रीमियर लीग में रोहित शर्मा ने एक खास कीर्तिमान स्थापित कर दिया है. छक्के लगाने के मामले में उन्होंने एमएस धोनी को पीछे छोड़ दिया है. रोहित अब IPL में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. साथ ही वो किसी एक IPL टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज भी बन गए हैं. उन्होंने यह कारनामा दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच में किया.

रोहित शर्मा ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मुकाबले में 26 गेंद खेलकर 35 रन बनाए. इस पारी में उनके बल्ले से 5 चौके और एक छक्का भी निकला. बस एक सिक्स लगाते ही उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में एमएस धोनी को पीछे छोड़ दिया. मुंबई बनाम दिल्ली मैच से पहले रोहित शर्मा और एमएस धोनी ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 50-50 सिक्स लगाए थे. DC के खिलाफ मैच में एक छक्का लगाते ही रोहित किसी एक आईपीएल टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए. अब रोहित ने दिल्ली टीम के खिलाफ 51 छक्के लगा दिए हैं, जबकि धोनी ने 50 सिक्स लगाए हैं.

रोहित को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेलना पसंद रहा है. दिल्ली उन 2 टीमों में से एक है, जिसके खिलाफ ‘हिटमैन’ ने 1000 से अधिक आईपीएल रन बनाए हैं. DC के खिलाफ 38 मैचों में रोहित ने अब तक 1092 रन बना लिए हैं.

किसी एक IPL टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा छक्के लगाने के रिकॉर्ड की बात करें तो यह क्रिस गेल के नाम है. उन्होंने पंजाब किंग्स के खिलाफ 61 और कोलकाता नाइट राइडर्स के विरुद्ध 54 छक्के लगाए. इस फेहरिस्त में रोहित शर्मा अब तीसरे नंबर पर आ गए हैं.

61 सिक्स – क्रिस गेल (बनाम पंजाब किंग्स)

54 सिक्स – क्रिस गेल (बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स)

51 सिक्स – रोहित शर्मा (बनाम दिल्ली कैपिटल्स)

50 सिक्स – एमएस धोनी (बनाम दिल्ली कैपिटल्स)

रोहित शर्मा एक और खास कीर्तिमान रचने से केवल 11 रन दूर हैं. वो मुंबई इंडियंस के लिए 5,989 रन बना चुके हैं. वो पहले ही मुंबई के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज होने का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं.

World : 23 साल बाद दुश्मन ने गिराया अमेरिकी फाइटर जेट, ईरान के हमले ने किया बड़ा नुकसान, जानें सब कुछ

मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान ने अमेरिका के फाइटर जेट को मार गिराया है. ये ऐसा 23 साल में बाद पहली बार हुआ है. इस घटना के बाद से US के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है.

ईरान की तरफ से जंग के दौरान 2 अमेरिकी फाइटर जेट गिराए जाने के बाद एक बार फिर 2003 के इराक युद्ध की याद आने लगी है. उस समय भी अमेरिका ने इराक में सैन्य कार्रवाई की थी, जिसे बाद में एक बड़ी गलती माना गया था. इस बार भी हालात कुछ उसी तरह के दिख रहे हैं, इसलिए दोनों की तुलना की जा रही है. ईरान ने शुक्रवार (3 अप्रैल 2026) को अमेरिका के दो लड़ाकू विमान गिराए. यह पिछले 23 साल में पहली बार है जब किसी युद्ध के दौरान अमेरिकी फाइटर जेट को गिराया गया है. इससे पहले 2003 में इराक युद्ध के दौरान A-10 थंडरबोल्ट II विमान गिराया गया था. यह जानकारी अमेरिका के रिटायर्ड ब्रिगेडियर जनरल ह्यूस्टन कैंटवेल ने दी.

इतने साल बाद हुआ यह हमला दिखाता है कि ईरान अब भी मजबूत है और जवाब देने की क्षमता रखता है. यह उस दावे के उलट है जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कह रहे थे कि ईरान की ताकत पूरी तरह खत्म कर दी गई है. ट्रंप ने कई बार कहा था कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है, लेकिन ताजा घटनाओं से अलग तस्वीर सामने आ रही है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान ने एक F-15E स्ट्राइक ईगल विमान को गिराया. उसमें मौजूद एक क्रू मेंबर को बचा लिया गया, लेकिन दूसरे की तलाश अभी भी जारी है.

ईरानी मीडिया ने यह भी कहा कि एक अमेरिकी A-10 हमला करने वाला विमान भी गिरा, लेकिन उसका पायलट पैराशूट से कूदकर कुवैत में सुरक्षित उतर गया. पिछले 23 सालों में अमेरिका ज्यादातर ऐसे दुश्मनों से लड़ता रहा है जिनके पास मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम नहीं थी, इसलिए उसके विमान गिरने की घटनाएं बहुत कम हुईं. हालांकि, ईरान के पास एक संगठित और मजबूत सेना है, जो ऐसे हमले कर सकती है. हालांकि, रिटायर्ड जनरल कैंटवेल ने यह भी कहा कि अमेरिका की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इतने बड़े युद्ध के बावजूद ज्यादा विमान नहीं गिरे. उन्होंने इसे हैरान करने वाला बताया और कहा कि अमेरिकी विमान रोज खतरे में उड़ान भरते हैं.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इस जंग में अब तक 13,000 से ज्यादा मिशन उड़ाए जा चुके हैं और 12,300 से ज्यादा टारगेट पर हमला किया गया है. फिर भी ईरान लगातार जवाब दे रहा है और इजरायल व खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों के आसपास हमले कर रहा है. इससे पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ा है. विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका के पास ज्यादा ताकत है, लेकिन सिर्फ हवाई बढ़त होना और पूरी तरह नियंत्रण होना अलग बात है. उनका कहना है कि अगर किसी देश की एयर डिफेंस सिस्टम कमजोर भी हो जाए तो इसका मतलब यह नहीं कि वह पूरी तरह खत्म हो गया है. यही कारण है कि ईरान अब भी लड़ रहा है और जवाब दे रहा है, जिससे यह जंग और लंबी और खतरनाक हो सकती है.

Business : खत्म हुआ 5 साल का इंतजार, अब एक साल की नौकरी पर भी मिलेगी ग्रैच्युटी; जानें नया नियम?

‘फिक्स्ड-टर्म’ के तहत एक तय समय के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त कर्मचारी सीधे कंपनी के पेरोल पर रखे जाएंगे. यानी उनकी सैलरी, छुट्टियां और अलाउंस स्थायी कर्मचारियों के जैसे ही मिलेंगे. नए लेबर कोड के तहत ग्रेच्युटी के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है. इसके तहत, फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों (FTE) को ग्रैच्युटी पाने के लिए अब पांच साल तक का इंतजार नहीं करना होगा. नियमों में बदलाव के चलते केवल एक साल की निरंतर सर्विस के बाद ही ये ग्रैच्युटी पाने के हकदार होंगे.

पहले कंपनी जब कॉन्ट्रैक्ट पर किसी कर्मचारी को काम पर रखती थी, तो उसे स्थायी या परमानेंट कर्मचारियों जैसे लाभ नहीं मिलते थे. अब ‘फिक्स्ड-टर्म’ के तहत एक तय समय (1 साल या 2 साल) के लिए लिखित कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त कर्मचारी सीधे कंपनी के पेरोल पर रखे जाएंगे. यानी उनकी सैलरी, छुट्टियां और अलाउंस स्थायी कर्मचारियों के जैसे ही मिलेंगे.

मौजूदा कानून (Payment of Gratuity Act, 1972) के मुताबिक, किसी भी कर्मचारी को ग्रैच्युटी तभी मिलती है, जब वह 5 साल तक की सर्विस पूरी कर लेता है. FTE के तहत, अब अगर आपका कॉन्ट्रैक्ट कंपनी के साथ 1 साल 3 महीने का है, तो आपको पूरे 15 महीनों की ग्रैच्युटी मिलेगी. यह उन लोगों के लिए खुशी की बात है, जो खासतौर पर प्रोजेक्ट-बेस्ड काम करते हैं.

कुल मिलाकर, फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों (FTE) के लिए कम से कम 1 साल की सेवा अनिवार्य है. 1 साल से कम काम करने पर उन्हें ग्रैच्युटी नहीं मिलेगी. 1 साल पूरा होने के बाद आप जितने भी महीने या दिन काम करते हैं, कंपनी उतने समय की ग्रैच्युटी आपको जोड़कर देगी जैसे 1 साल 5 महीना काम किया है, तो आपको 17 महीने की ग्रैच्युटी मिलेगी.

नियमों में यह बदलाव छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाले या फिक्स्ड कॉन्ट्रैक्ट (1 या 2 साल) पर काम करने वाले लोगों को ध्यान में रखते हुए किया गया है ताकि उन्हें भी उनके काम के बदले रिवॉर्ड के तौर पर ग्रैच्युटी मिल सके और 5 साल तक का लंबा इंतजार न करना पड़े. नए लेबर कोड के मुताबिक, ग्रेच्युटी का कैलकुलेशन सैलरी बेस्ड होगा होगी, जो कर्मचारी के कुल सीटीसी (कॉस्ट-टू-कंपनी) का कम से कम 50 परसेंट होना चाहिए. नियम के मुताबिक, आपकी सीटी में HRA या Travel जैसे Allowances 50 परसेंट से अधिक नहीं हो सकते. अगर भत्ते 50 परसेंट से ज्यादा है, तो अतिरिक्त राशि आपकी बेसिक सैलरी में जोड़ दी जाएगी. इससे बेसिक सैलरी बढ़ेगी, जिससे ग्रैच्युटी और PF के तौर पर मिलने वाला अमाउंट भी बढ़ जाएगा.

अभी कंपनियां फुल एंड फाइनल सेटलमेंट (F&F) में 30 से 60 दिन तक का समय लगा देती है. नए नियमों के मुताबिक, कर्मचारी के इस्तीफे के बाद या उसे कंपनी से निकाले जाने के बाद या उसका कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो जाने के बाद कंपनी को 2 कार्य दिवसों (48 घंटों) के भीतर उसकी ग्रैच्युटी और बकाए वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा.

Health : हार्ट की यह मशहूर दवा आपको बना सकती है ‘किडनी’ का मरीज, 9 लाख लोगों पर हुई रिसर्च में खुलासा

कुछ दवाएं ऐसी होती हैं, जिनका यूज हम किसी बीमारी को ठीक करने के लिए करते हैं, लेकिन हमें उनसे कोई दूसरी बीमारी होने लगती है. चलिए आपको बताते हैं इसके बारे में. दुनियाभर में कोलेस्ट्रॉल कम करने और हार्ट को सुरक्षित रखने के लिए स्टैटिन दवाओं का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है. इन्हीं में से एक है रोसुवास्टेटिन, जिसे काफी प्रभावी माना जाता है. लेकिन अब एक नई रिसर्च ने इस दवा को लेकर एक अहम चिंता सामने रखी है, जो किडनी से जुड़ी है. चलिए आपको बताते हैं कि यह चिंता क्या है और इससे आपकी किडनी पर कितना असर देखने को मिलेगा.

अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के रिसर्चर द्वारा की गई इस स्टडी में रोसुवास्टेटिन के किडनी पर असर को विस्तार से समझने की कोशिश की गई. दरअसल, जब इस दवा को पहली बार यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने मंजूरी दी थी, तब शुरुआती टेस्ट में कुछ मरीजों में किडनी से जुड़े संकेत दिखे थे, जैसे यूरिन में खून और यूरिन में प्रोटीन. इन संकेतों का मतलब यह होता है कि किडनी सही तरीके से काम नहीं कर रही है. हालांकि, दवा के इस्तेमाल के बाद लंबे समय तक बड़े स्तर पर इस पर ज्यादा रिसर्च नहीं हुई थी. ऐसे में इस नई स्टडी ने इस कमी को पूरा करने की कोशिश की.

इस शोध में करीब 9 लाख से ज्यादा लोगों के हेल्थ रिकॉर्ड का एनालिसिस किया गया. इनमें से लगभग 1.5 लाख लोग रोसुवास्टेटिन ले रहे थे, जबकि करीब 8 लाख लोग दूसरी स्टैटिन दवा एटोरवास्टेटिन का इस्तेमाल कर रहे थे. तीन साल तक इन सभी मरीजों की किडनी हेल्थ पर नजर रखी गई. स्टडी के नतीजे चौंकाने वाले रहे। रोसुवास्टेटिन लेने वाले करीब 2.9 प्रतिशत लोगों के पेशाब में खून पाया गया, जबकि 1 प्रतिशत लोगों में पेशाब के जरिए प्रोटीन निकलने की समस्या सामने आई. जब इसकी तुलना एटोरवास्टेटिन लेने वालों से की गई, तो रोसुवास्टेटिन लेने वालों में यह खतरा ज्यादा पाया गया.

रिसर्च के मुताबिक, रोसुवास्टेटिन लेने वालों में हेमेट्यूरिया का खतरा 8 प्रतिशत और प्रोटीन्यूरिया का खतरा 17 प्रतिशत ज्यादा था. इतना ही नहीं, गंभीर किडनी फेल्योर का जोखिम भी करीब 15 प्रतिशत ज्यादा देखा गया, जिसमें डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है. सबसे ज्यादा चिंता की बात यह रही कि जैसे-जैसे दवा की डोज बढ़ाई गई, जोखिम भी बढ़ता गया. यानी ज्यादा मात्रा में रोसुवास्टेटिन लेने वाले मरीजों में किडनी से जुड़ी समस्याएं ज्यादा देखी गईं.

इतना ही नहीं, स्टडी में यह भी सामने आया कि जिन मरीजों की किडनी पहले से कमजोर थी, उन्हें भी कई बार इस दवा की ज्यादा डोज दी जा रही थी, जो कि यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की सिफारिशों के खिलाफ है. दिलचस्प बात यह है कि दिल की सुरक्षा के मामले में रोसुवास्टेटिन और एटोरवास्टेटिन दोनों ही समान रूप से प्रभावी पाए गए. यानी दोनों दवाएं हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को कम करने में बराबर काम करती हैं.

Delhi News : यमुना पर नया लोहा पुल तैयार, अब बाढ़ में भी नहीं रुकेगी ट्रेनों की रफ्तार

करीब 150 साल पुराने लोहे के पुल की संरचना समय के साथ कमजोर हो चुकी थी. जलस्तर बढ़ते ही सुरक्षा के लिहाज से इस पर ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ता था. दिल्ली में यमुना नदी पर बने ऐतिहासिक लोहे के पुल की जगह अब एक आधुनिक और ऊंचा पुल तैयार हो चुका है, जिससे रेल संचालन में बड़ी राहत मिलने वाली है. नए पुल के चालू होने के साथ ही यात्रियों को न सिर्फ सुरक्षित सफर मिलेगा बल्कि ट्रेनों की गति भी पहले से तेज होगी.

उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडे के अनुसार नया पुल पुराने पुल की तुलना में 4.5 मीटर ऊंचा बनाया गया है. यही वजह है कि यमुना का जलस्तर बढ़ने पर भी अब इस पुल से ट्रेनों का संचालन प्रभावित नहीं होगा. पहले हर साल बाढ़ के दौरान रेल सेवा बाधित होने का खतरा बना रहता था, जो अब पूरी तरह खत्म हो गया है.

करीब 150 साल पुराने लोहे के पुल की संरचना समय के साथ कमजोर हो चुकी थी. जलस्तर बढ़ते ही सुरक्षा के लिहाज से इस पर ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ता था. इतना ही नहीं, पुल की हालत को देखते हुए ट्रेनों को बेहद धीमी गति से गुजरना पड़ता था, जिससे यात्रियों को असुविधा होती थी और समय भी अधिक लगता था.

दिल्ली और शाहदरा के बीच यमुना पर बना यह ऐतिहासिक ‘लोहा पुल’ अब सेवा से बाहर हो चुका है. कभी यह पुल उत्तर और पूर्व भारत को जोड़ने वाली सबसे महत्वपूर्ण रेल कड़ी हुआ करता था. लाखों यात्रियों और भारी माल ढुलाई का भार उठाते-उठाते इसकी क्षमता कमजोर पड़ गई, जिसके बाद इसे बंद करने का फैसला लिया गया.

1866-67 में करीब 3,500 टन रॉट आयरन से तैयार यह पुल उस दौर की इंजीनियरिंग का शानदार नमूना था. लगभग 1000 फीट लंबे इस पुल पर 1867 में पहली बार भाप इंजन ट्रेन चली थी, जिससे दिल्ली सीधे कोलकाता से जुड़ गया था. इसके बाद व्यापार, डाक व्यवस्था और सैन्य आवाजाही में क्रांतिकारी बदलाव आया था.

इस पुल की डिजाइन भी बेहद खास थी. इसके ऊपरी हिस्से में रेलवे ट्रैक बिछे थे, जबकि निचले हिस्से का इस्तेमाल सड़क और पैदल मार्ग के रूप में किया जाता था. 1857 के बाद दिल्ली के पुनर्निर्माण और विस्तार में इस पुल की अहम भूमिका रही और यह आम लोगों के लिए यमुना पार करने का सबसे भरोसेमंद साधन बना रहा.

नया पुल न केवल तकनीकी रूप से मजबूत है बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इससे रेल यातायात अधिक सुरक्षित, तेज और निर्बाध होगा, जो आने वाले समय में यात्रियों और माल परिवहन दोनों के लिए बड़ी राहत साबित होगा.

Business : हाई-रिस्क AT1 बॉन्ड्स की मिस-सेलिंग के मामले में HDFC Bank ने15 अधिकारियों के खिलाफ की कार्रवाई

HDFC बैंक ने AT-1 (Additional Tier-1) बॉन्ड्स की कथित तौर पर गलत तरीके से बिक्री (Mis-selling) से जुड़े मामले में 15 अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. AT-1 (Additional Tier-1) बॉन्ड्स की कथित तौर पर गलत तरीके से बिक्री (Mis-selling) से जुड़े मामले में HDFC बैंक ने अपने 15 अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. निवेशकों ने आरोप लगाया है कि बैंक के कुछ अधिकारियों ने Credit Suisse के AT-1 बॉन्ड बेचते समय उन्हें इसके जोखिमों के बारे में जानकारी नहीं दी.

2020 के आखिर में जब बैंक को यह एहसास हुआ कि Credit Suisse की हालत ठीक नहीं है, तो उसने ये बॉन्ड्स निवेशकों को बेच दिए. जब ​​2023 में Credit Suisse को उसकी स्विस साथी कंपनी UBS ने खरीद लिया, तो नियामक आदेश के तहत इन बॉन्ड्स को बट्टे खाते में डाल दिया गया, जिससे निवेशकों में भारी हंगामा मच गया.

बैंक ने पहले 20 मार्च को तीन अधिकारियों—ब्रांच बैंकिंग के ग्रुप हेड संपत कुमार, Middle East, Africa और NRI ऑनशोर बिजनेस के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट हर्ष गुप्ता और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पायल मंध्यान—के खिलाफ बॉन्ड्स की गलत बिक्री में उनकी कथित संलिप्तता के लिए कार्रवाई की थी. सूत्रों ने बताया कि अब यह बात सामने आई है कि 12 और अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है. यानी कि कुल 15 अधिकारियों के खिलाफ कदम उठाए गए हैं.

सबसे पहले तो इसमें पूंजी डूबने का डर होता है. अगर बैंक की वित्तीय स्थिति खराब हो जाती है, तो RBI के पास इस बॉन्ड्स की वैल्यू जीरो करने या उन्हें इक्विटी में बदलने का अधिकार होता है. मार्च 2020 में जब Yes Bank डॅबने के कगार पर था, तब RBI ने 8415 करोड़ रुपये के बॉन्ड्स को पूरी तरह से राइट-ऑफ कर दिया था. इससे इन बॉन्ड्स में पैसा लगाने वाले निवेशकों को झटका लगा क्याेंकि इसकी वैल्यू रातोंरात जीरो हो गई.

AT-1 बॉन्ड्स में बैंक बिना किसी पेनल्टी के इन पर मिलने वाले ब्याज को रोकने का अधिकार रखते हैं. इन जोखिमों के चलते SEBI ने AT-1 बॉन्ड्स की बिक्री के लिए नियम और कड़े कर दिए हैं. अब केवल संस्थागत निवेशक (Institutional buyers) या हाई नेटवर्थ वाले व्यक्ति को ही इसमें निवेश की अनुमति है. इसमें न्यूनतम निवेश की राशि भी बढ़ाकर 10 लाख रुपये से 1 करोड़ कर दी गई है ताकि आम निवेशक इसमें न फंसे.

पिछले हफ्ते HDFC बैंक के शेयर NSE पर 1.17 परसेंटकी बढ़त के साथ 750.90 रुपये पर बंद हुए थे. मार्च 2026 में शेयर की कीमत 887 रुपये से गिरकर 781 रुपये पर आ गई है. यह मार्च 2020 के बाद इसका अब तक का सबसे खराब परफॉर्मेंस है. अब सोमवार को HDFC बैंक के शेयर फोकस में रहेंगे.

Bollywood : अंबानी के इवेंट में छाई श्रेया घोषाल, साड़ी में लगीं बला की खूबसूरत, देखें फोटोज

अंबानी फैमिली ने हाल ही में नीता अंबानी कल्चरल सेंटर की तीसरी एनिवर्सरी सेलिब्रेट की. इस दौरान श्रेया घोषाल ने इवेंट में अपने लुक से सबका ध्यान खींच लिया. बॉलीवुड सिंगर श्रेया घोषाल ने हाल ही में अंबानी के NMACC इवेंट में शिरकत की. इस दौरान वो साड़ी में बाल की खूबसूरत दिख रही थी. सिंगर ने खुद अपनी खूबसूरत तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं.

मशहूर सिंगर श्रेया घोषाल ने अंबानी के इवेंट की कई फोटोज शेयर की है. पहली फोटो में वो नीता अंबानी और शंकर महादेवन के पोज देती नजर आ रही है.
वहीं दूसरी फोटो में सिंगर स्टेज पर परफॉर्म करती दिख रही हैं. उनकी ये तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर छा गई है. लोग उनके लुक की जमकर तारीफ कर रहे हैं.

श्रेया घोषाल ने ऑरेंज कलर की हैवी वर्क वाली साड़ी पहनी थी, जिसमें वो काफी ब्यूटीफुल लग रही थी. उन्होंने अपने लुक को और भी रॉयल बनाने के लिए ग्रीन कलर का दुपट्टा भी कैरी किया, जो उनके लुक और भी ग्रेसफुल बना रहा था. ज्वैलरी की बात करें तो सिंगर ने हैवी नेकलेस, इयरिंग्स और साथ में कंगन भी पेयर किए.

हर एक फोटोज में वो बला की खूबसूरत दिख रही थी. फैंस उनके इस लुक पर फिदा हो गए है. उन्होंने अपने स्मोकी आई मेकअप से लाइट शेड लिपस्टिक लगाई. वहीं सिंगर ने बालों में बन बनाकर अपने इस लुक को पूरा किया.

Maharashtra News : ‘निर्विरोध का आग्रह हमारे ऊपर थोपा नहीं जा सकता’, बारामती उपचुनाव को लेकर बोले संजय राउत

शनिवार को खबर सामने आई थी कि निर्विरोध जीत दर्ज करने के लिए उन्होंने उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की है. इस बीच उद्धव गुट के नेता संजय राउत की प्रतिक्रिया सामने आई है. महाराष्ट्र की बारामती विधानसभा सीट पर उपचुनाव की सरगर्मियां तेज हैं. ऐसे में पूर्व उपमुख्यमंत्री की अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार सोमवार (6 अप्रैल) को नामांकन दाखिल करेंगी. ऐसे में उनको निर्विरोध जीत दिलाने के लिए काफी मेहनत की जा रही है. इसके लिए सभी दलों से उनके द्वारा समर्थन मांगा जा रहा है.

शनिवार को खबर सामने आई थी कि निर्विरोध जीत दर्ज करने के लिए उन्होंने उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की है. इस बीच उद्धव गुट के नेता संजय राउत की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि बारामती उपचुनाव पर महाविकास अघाड़ी में हम तीन पार्टियां उस पर चर्चा करेंगी. उन्होंने आगे कहा कि वहां क्या निर्णय लेना वह आप को पता चल जाएगा.

संजय राउत ने कहा कि बीजेपी द्वारा निर्विरोध का आग्रह हमारे ऊपर थोपा नहीं जा सकता है. यह जनता के साथ अन्याय होगा. उन्होंने आगे कहा कि हम निर्णय करेंगे, महाविकास अघाड़ी निर्णय करेगा क्या करना है क्या नहीं करना है. उन्होंने कहा कि हमारे अंदर इतनी सूझबूझ है कि पूरा ज्ञान आपके पास है, हमारे पास कुछ नहीं ऐसा बिल्कुल भी नहीं है.

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि अजीत पवार महाराष्ट्र के एक सम्मानित नेता थे, और जिस तरह से उनका भयानक निधन हुआ है, उससे महाराष्ट्र आज भी सदमे में है. बता दें कि अजित पवार के निधन के बाद बारामती उपचुनाव को लेकर तैयारियां तेज हैं. सूत्रों के मुताबिक सुनेत्रा पवार ने शुक्रवार को उद्धव ठाकरे को फोन करके इस मुद्दे पर चर्चा की. इस घटनाक्रम की पुष्टि शिवसेना (उबाठा) के सचिव और विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) मिलिंद नार्वेकर और पार्टी नेता संजय राउत ने की. राउत ने कहा कि उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने शुक्रवार को उद्धव ठाकरे को फोन किया था. बारामती उपचुनाव पर चर्चा हुई.

उन्होंने यह भी कहा कि ठाकरे एक संवाददाता सम्मेलन करेंगे और इस संबंध में अपने फैसले की घोषणा करेंगे. सूत्रों ने कहा कि ठाकरे, दिवंगत अजित पवार और पवार परिवार के साथ अपने घनिष्ठ संबंधों को देखते हुए सुनेत्रा पवार को अपना समर्थन देने के लिए अनिच्छुक नहीं थे. बता दें कि बारामती सीट के लिए उपचुनाव 23 अप्रैल को होना है.

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