Sunday, September 20, 2026
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NATIONAL : कॉकरोच जनता पार्टी की CBI जांच से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कहा- भावुक न हों

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CJI सूर्यकांत की टिप्पणी के बाद बने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) पेज की CBI जांच कराने की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने टाल दिया है। इंस्टाग्राम पर इस पेज के 2.29 करोड़ फॉलोअर्स हो चुके हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) से जुड़े लोगों की गतिविधियों की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है। यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की एक हालिया टिप्पणी के बाद अस्तित्व में आया है, जिसने इंटरनेट पर भारी सुर्खियां बटोरी हैं।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ कोई राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक बेहद तेजी से उभरता हुआ सोशल मीडिया पेज और प्लेटफॉर्म है। इसे 16 मई को सोशल मीडिया एक्टिविस्ट अभिजीत दीपके द्वारा बनाया गया था। यह पेज चीफ जस्टिस सूर्यकांत द्वारा हाल ही में कोर्ट रूम की कार्यवाही के दौरान की गई ‘कॉकरोच टिप्पणी’ के विरोध और व्यंग्य के रूप में शुरू हुआ। इस पेज की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार दोपहर 12 बजे तक इसके इंस्टाग्राम हैंडल पर 2.29 करोड़ (22.9 Million) से अधिक फॉलोअर्स हो चुके हैं।

सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका एडवोकेट राजा चौधरी द्वारा दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील एन.के. गोस्वामी ने दलील दी कि यह तथाकथित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ भारतीय न्यायपालिका (ज्यूडीशियरी) की छवि को जानबूझकर खराब कर रही है और इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। इस दलील को सुनने के बाद चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की तीन सदस्यीय पीठ ने वकील को शांत करते हुए कहा – “इसे इतनी भावुकता (Emotionally) से मत लीजिए।” जब वकील ने मामले की गंभीरता का हवाला दिया, तो सीजेआई ने स्पष्ट रूप से कहा कि फिलहाल ऐसी कोई गंभीर आपातकालीन स्थिति नहीं दिखती है। हम आगे देखते हैं कि इसमें क्या होता है।

एडवोकेट राजा चौधरी द्वारा दायर इस याचिका में केवल सीबीआई जांच की मांग ही नहीं की गई थी, बल्कि कुछ अन्य गंभीर आरोप भी लगाए गए थे। इस पूरे सोशल मीडिया आंदोलन से जुड़े कथित ‘फर्जी अधिवक्ताओं’ और ‘फर्जी कानून की डिग्रियों’ की भी गहनता से जांच की जाए। सुप्रीम कोर्ट की हालिया कार्यवाहियों के दौरान जजों द्वारा दिए गए मौखिक बयानों (Oral Observations) के हो रहे ‘कमर्शियलाइजेशन’ (व्यावसायिक उपयोग/रील्स बनाना) पर तुरंत रोक लगाई जाए और ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो।

एक तरफ जहां सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर याचिका खारिज हुई, वहीं दूसरी तरफ CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने संगठन का एक्स (पहले ट्विटर) हैंडल ब्लॉक किए जाने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दीपके ने अपनी याचिका में हैंडल को तुरंत अनब्लॉक करने की मांग की है। उधर, महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) में रहने वाले अभिजीत दीपके के घर के बाहर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 24 घंटे पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। डीसीपी पंकज अतुलकर ने मीडिया को बताया “सोशल मीडिया पर यह मुद्दा लगातार ट्रेंड कर रहा है। एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है ताकि दीपके के घर के बाहर कोई अवांछित भीड़ जमा न हो। हालांकि, उन्हें या उनके परिवार को किसी भी तरह की आधिकारिक धमकी मिलने की कोई रिपोर्ट नहीं है।”

NATIONAL : हार के बाद बिखरने लगी ममता बनर्जी की TMC? 91 पार्षदों ने दे दिया सामूहिक इस्तीफा

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TMC Crisis: विधानसभा चुनाव नतीजों में तृणमूल कांग्रेस को करारी हार मिली थी। इसके बाद से ममता बनर्जी की पार्टी आंतरिक टकरावों और बगावत का सामना कर रही है।

TMC Internal Crisis: पश्चिम बंगाल में मुख्य विपक्षी पार्टी के लिए सोमवार का दिन पूर्व सीएम ममता बनर्जी के लिए झटके लेकर आया। पहले लोकसभा सांसद काकोली घोष ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया, तो दूसरी ओर पार्टी के 91 पार्षदों ने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसे पार्टी के लिए संगठनात्मक तौर पर एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

दरअसल, राज्य में सरकार परिवर्तन के बाद नगरपालिकाओं में इस्तीफों की लहर चल रही है। तृणमूल कांग्रेस के 91 पार्षदों ने एक के बाद एक सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया।

बता दें कि पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में और सत्ता परिवर्तन के बाद से 7 नगरपालिकाओं के कुल 115 पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया है। इनमें सबसे नया नाम डायमंड हार्बर नगरपालिका का है। 16 पार्षदों में से 8 ने उपमंडल प्रशासक को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

इसके परिणामस्वरूप तृणमूल कांग्रेस की चुनाव में मिली करारी हार के ठीक एक दिन बाद डायमंड हार्बर नगरपालिका की कमजोरियां एक बार फिर सामने आ गई हैं। इसके बाद उत्तर 24 परगना में भी नगरपालिका के कई पार्षदों ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है।

टीएमसी के पार्षदों का बड़े स्तर पर इस्तीफा देना संकेत दे रहा है कि पार्टी का नगरपालिका नेटवर्क और बूथ स्तर पर संगठन तेजी से सिकुड़ रहा है। गौरतलब है कि साल 2018 से 2023 के बीच पार्टी ने ज्यादातर नगर निकायों पर कब्जा बनाए रखा था, लेकिन हालिया विधानसभा चुनाव में हार के बाद संगठन में असंतोष खुलकर सामने आने लगा है, जिसके चलते पूर्व सीएम ममता बनर्जी की चिंता भी बढ़ गई हैं।

वर्तमान राजनीतिक दौर में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के लिए सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को संगठित रखना है, क्योंकि राजनीतिक विश्लेषकों का अनुमान है, कि जैसे लेफ्ट ने बड़ी जीत हासिल करने के बाद एक समय कांग्रेस के संगठन को हाशिए पर धकेल दिया था, जैसे टीएमसी ने 35 साल के लेफ्ट के शासन को खत्म करने के बाद लेफ्ट के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया था।

कुछ वैसा ही बंगाल में टीएमसी की हार के बाद बीजेपी ममता की पार्टी के साथ भी कर सकती है। इसीलिए ममता के लिए टीएमसी के संगठन को मजबूत रखना सबसे बड़ी चुनौती है।

पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ने सॉल्ट लेक स्टेडियम के वीवीआईपी गेट के बाहर लगी फुटबॉल-थीम वाली मूर्ति को शनिवार को हटा दिया। बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी द्वारा डिजाइन की गई इस मूर्ति को हटाने की घोषणा राज्य के खेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने स्टेडियम के बुनियादी ढांचे में सुधार के तहत की थी। वहीं, अब कोलकाता में लियोनेल मेसी की प्रतिष्ठित 70 फुट ऊंची प्रतिमा जिसका अनावरण पिछले साल खुद फुटबॉल सुपरस्टार ने किया था अब हटाई जा सकती है।

ENTERTAINMENT : कॉमेडियन कपिल शर्मा के घर के बाहर फायरिंग की सूचना, इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई; इलाका सील

देश के प्रख्यात कॉमेडियन कपिल शर्मा के अमृतसर स्थित होली सिटी आवास के बाहर गोलियां चलने की सूचना सामने आई है। बताया जा रहा है कि अज्ञात हमलावर फायरिंग करने के बाद मौके से फरार हो गए। हालांकि पुलिस अधिकारियों की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर घटना की पुष्टि नहीं की गई है। कपिल के इस घर में उसकी बहन ओर बहनोई रहते हैं। उनके मुताबिक गोलियां चले की आवाज आई थी, मगर कहां चलीं हैं पता नहीं है।

वहीं मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। होली सिटी में मौजूद वीआईपी घरों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं पूरे इलाके को सील कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और इलाके में आने-जाने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है।

घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। एसीपी वेस्ट कमल जीत सिंह का कहना है कि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और फायरिंग हुई है या नहीं इस बात का पता लगाया जा रहा है। किसी भी तरह की अफवाह में लोग न आएं। अगर किसी ने गोली चलाई है तो पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। गौर हो कि इससे पहले भी दो बार कनाडा में कपिल शर्मा के कैफे के बाहर गोलियां चलने की घटना सामने आ चुकी हैं।

BUSINESS : सेंसेक्स 1073 अंक बढ़कर बंद हुआ, निफ्टी 50 कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के चलते 24,031 पर बंद हुआ; बजाज फाइनेंस और एल एंड टी बीएसई में शीर्ष लाभ कमाने वाले शेयर रहे।

शेयर बाजार की मुख्य बातें: अमेरिका-ईरान वार्ता में सकारात्मक घटनाक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की सुचारू आपूर्ति की उम्मीदों के बाद शेयर बाजार में गिरावट आई। कच्चे तेल की कम कीमतें निवेशकों को राहत दे रही हैं क्योंकि इससे भारत में मुद्रास्फीति की चिंताएं कम हो रही हैं।

शेयर बाजार की मुख्य बातें: वैश्विक बाजार में सकारात्मक रुझानों से संकेत लेते हुए, भारतीय शेयर बाजार सोमवार को मजबूती के साथ खुले। GIFT निफ्टी के शुरुआती रुझानों ने घरेलू शेयरों के लिए मजबूत शुरुआत का संकेत दिया था। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 952 अंक बढ़कर 76,135.82 पर पहुंच गया, जबकि NSE निफ्टी 50 220 अंक बढ़कर 23,940 पर खुला। बैंकिंग, आईटी और धातु शेयरों में खरीदारी देखी गई, जबकि व्यापक बाजार भी शुरुआती सत्रों में हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। अनुकूल वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेश प्रवाह को लेकर आशावाद के कारण निवेशकों का मनोबल ऊंचा बना रहा। हालांकि, विश्लेषकों का मानना ​​है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और घरेलू अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति के दबाव को लेकर चिंताओं के बीच बाजार में अस्थिरता जारी रह सकती है। महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रमों से पहले व्यापारियों के सतर्क रहने की भी उम्मीद है।

आज भारतीय बाज़ारों में GIFT निफ्टी मज़बूत शुरुआत का संकेत दे रहा है। यह लगभग 280 अंक या 1.18% ऊपर है और 23,970 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। यह निफ्टी 50 के लिए एक तेज़ गैप-अप ओपनिंग का संकेत है। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में 5% से अधिक की गिरावट के बाद बाज़ार का माहौल बेहतर हुआ है। यह गिरावट अमेरिका-ईरान वार्ता में सकारात्मक घटनाक्रम और होर्मुज़ जलडमरूमध्य से तेल की सुचारू आपूर्ति की उम्मीदों के बाद आई है। कच्चे तेल की कम कीमतें निवेशकों को राहत दे रही हैं क्योंकि इससे भारत में मुद्रास्फीति की चिंताएं कम हो रही हैं। शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर के करीब भी पहुंचा। आज के सत्र में मज़बूत खरीदारी की उम्मीद है।

आज सुबह एशियाई बाजारों में तेजी देखी गई। कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 5% की गिरावट के बाद निवेशकों का मनोबल बढ़ा। ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई। इससे एशिया के तेल आयात करने वाले देशों को राहत मिली। अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक समझौते की उम्मीदों पर भी बाजारों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। निवेशकों का मानना ​​है कि इससे वैश्विक तेल आपूर्ति संबंधी चिंताओं में कमी आ सकती है। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 2.5% से अधिक उछला। तकनीकी शेयरों में जोरदार खरीदारी ने इस तेजी को समर्थन दिया। मुद्रास्फीति की चिंताओं में कमी ने भी बाजार के मनोबल को बढ़ाया। कुछ क्षेत्रों में कारोबार की मात्रा कम रही। हांगकांग और दक्षिण कोरिया के बाजार छुट्टियों के कारण बंद रहे। ऑस्ट्रेलिया का एएसएक्स 200 सूचकांक भी हरे निशान में कारोबार कर रहा था। वित्तीय और तकनीकी शेयरों में बढ़त ने सूचकांक को सहारा दिया।

आज सुबह वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड लगभग 5% गिरकर 98.50 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया। अमेरिकी बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई क्रूड में भी 4.7% से अधिक की गिरावट आई और यह 92 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। यह तेज गिरावट अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में प्रगति की खबरों के बाद आई है। बाजारों को उम्मीद है कि क्षेत्र में तनाव जल्द ही कम हो सकता है। निवेशकों को होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल शिपमेंट की सुचारू आवाजाही की भी उम्मीद है। तेल की कीमतों में गिरावट से आपूर्ति में व्यवधान और बढ़ती वैश्विक मुद्रास्फीति को लेकर चिंताएं कम हुई हैं। व्यापारियों का मानना ​​है कि भू-राजनीतिक तनाव में कमी से निकट भविष्य में ऊर्जा बाजारों में अधिक स्थिरता आ सकती है।

WORLD : ईरान के साथ डील में लग सकता है समय, व्हाइट हाउस के अधिकारी का दावा

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका-ईरान युद्ध रोकने का समझौता लगभग तय हो चुका है, लेकिन इसी बीच उन्होंने ईरान के नक्शे पर अमेरिकी झंडा चढ़ाकर एक पोस्ट किया, जिसन…और पढ़ें

अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से चल रही तनातनी के बीच एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप ने शांति समझौते का दावा किया, तो दूसरी तरफ ऐसा पोस्ट कर दिया जिसने पूरी कूटनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म कराने के लिए एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग काफी हद तक तय हो चुका है. ट्रंप ने दावा किया कि इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल सकता है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी अंतिम मुहर बाकी है. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिका, ईरान और ‘कुछ अन्य देशों’ के बीच समझौते के आखिरी पहलुओं पर चर्चा चल रही है और जल्द घोषणा हो सकती है.

इस दावे से पहले ट्रंप ने कतर, सऊदी अरब, यूएई, पाकिस्तान, जॉर्डन, मिस्र, तुर्किए और बहरीन के नेताओं से फोन पर बातचीत की. इसके बाद उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी अलग से बात की. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बातचीत में यह फार्मूला सामने आया है कि युद्ध जैसी स्थिति खत्म करने की कोशिश होगी, होर्मुज जलडमरूमध्य धीरे-धीरे खोला जा सकता है, ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी कम हो सकती है और विदेशी बैंकों में फंसी कुछ ईरानी संपत्तियां रिलीज हो सकती हैं. हालांकि सबसे मुश्किल मुद्दे ईरान का परमाणु कार्यक्रम, एनरिच्ड यूरेनियम और होर्मुज पर नियंत्रण अभी भी पूरी तरह सुलझे नहीं हैं.

शांति समझौते की बात करते-करते ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान के नक्शे पर अमेरिकी झंडा चढ़ी तस्वीर पोस्ट कर दी, जिसके साथ सवाल लिखा- यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ मिडिल ईस्ट? यानी क्या अमेरिका अब मध्य पूर्व का नया मालिक बनने जा रहा है? इस पोस्ट ने तुरंत नया विवाद खड़ा कर दिया क्योंकि बातचीत के बीच इसे ईरान के लिए सीधी राजनीतिक चेतावनी माना गया. लेकिन ईरान ने भी पलटवार कर दिया.

ट्रंप के इस पोस्ट पर ईरान ने भी तीखा पलटवार किया. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने रोमन साम्राज्य का जिक्र करते हुए कहा, ‘रोम खुद को दुनिया का केंद्र मानता था, लेकिन ईरानियों ने उसका भ्रम तोड़ दिया था.’ उन्होंने कहा कि जब रोमन सम्राट फारस के खिलाफ बढ़े थे, तब उन्हें फारस की शर्तों पर समझौता करना पड़ा था. यानी तेहरान ने साफ संकेत दिया कि ईरान किसी दबाव में झुकने वाला नहीं है.

NATIONAL : वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि सरकार दीर्घकालिक पूंजीगत व्यय (एलटीसीजी) और एसटीसीजी कराधान पर निवेशकों की चिंताओं को सुनने के लिए तैयार है।

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नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार शेयर बाजार के निवेशकों द्वारा कर प्रणाली के संबंध में उठाई गई चिंताओं को सुनने के लिए तैयार है, जिसमें दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (एलटीसीजी) और अल्पकालिक पूंजीगत लाभ (एसटीसीजी) कराधान से संबंधित मुद्दे शामिल हैं।

सोमवार को टेक्सप्रोसिल एक्सपोर्ट अवार्ड्स कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले पर निवेशकों से सुझाव और प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए तत्पर है।

“इस विशेष मुद्दे पर, और किसी भी मुद्दे पर, हम हमेशा जनता की बात सुनने के लिए तैयार और इच्छुक हैं। हम निश्चित रूप से उनके सुझावों को ध्यान में रखेंगे,” सीतारमण ने शेयर बाजार के प्रतिभागियों द्वारा दीर्घकालिक संचयी और गैर-संभावित संचयी करों की समीक्षा की मांग से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा।

उनकी ये टिप्पणियां बाजार प्रतिभागियों के बीच इक्विटी बाजार में भागीदारी और निवेशक भावना पर पूंजीगत लाभ कर के प्रभाव को लेकर बढ़ती चर्चाओं के बीच आई हैं।एलटीसीजी और एसटीसीजी शेयरों और अन्य वित्तीय परिसंपत्तियों की बिक्री से अर्जित मुनाफे पर लगाए जाने वाले कर हैं।

शेयरों को कम समय के भीतर बेचने पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स (एसटीसीजी) टैक्स लगता है, जबकि लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (एलटीसीजी) टैक्स तब लागू होता है जब निवेश को बेचने से पहले लंबी अवधि के लिए रखा जाता है।हालांकि, केंद्रीय वित्त मंत्री ने कराधान संरचना में किसी औपचारिक समीक्षा या परिवर्तन की घोषणा नहीं की।वित्त मंत्री ने ऋणदाताओं से मानक ऋणों से आगे बढ़कर व्यावसायिक चक्रों के अनुरूप ऋण चुकौती योजनाएं तैयार करने को कहा

उनकी टिप्पणियों से केवल यही संकेत मिलता है कि सरकार मौजूदा कर ढांचे के संबंध में हितधारकों से प्रतिक्रिया और सुझाव सुनने के लिए तैयार है।ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, विदेशी निवेशकों के प्रवाह और मुद्रास्फीति तथा ब्याज दरों से संबंधित चिंताओं के कारण घरेलू शेयर बाजारों में अस्थिरता बढ़ रही है।

सीतारामन के बयान को निवेशक इस संकेत के रूप में देख रहे हैं कि सरकार हितधारकों के साथ बातचीत करने और बाजार से संबंधित कराधान मुद्दों के बारे में उनकी चिंताओं पर विचार करने के लिए तैयार है।उन्होंने महत्वपूर्ण घरेलू राजकोषीय मुद्दों पर भी बात की, हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के पीछे की कार्यप्रणाली को स्पष्ट करते हुए सोने के अनुकूलन, आरबीआई के लाभांश और पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की विकास गति पर भी अपने विचार व्यक्त किए।

वित्त मंत्री सीतारमण ने स्पष्ट किया कि कीमतों में बढ़ोतरी पूरी तरह से परिचालन संबंधी है और यह अचानक सरकारी नीतिगत परिवर्तनों के बजाय वैश्विक खरीद की वास्तविकताओं से प्रेरित है।उन्होंने यह भी खुलासा किया कि केंद्र सरकार ने पहले भी भारी झटके झेले हैं – जिसके परिणामस्वरूप केंद्रीय करों में कमी करने से 1 लाख करोड़ रुपये का राजकोषीय नुकसान हुआ – ताकि उपभोक्ताओं को ढाई महीने से अधिक समय तक राहत मिल सके।

WORLD : भारत-कनाडा रिश्तों में बड़ा बदलावः ‘दुश्मनी’ से ‘दोस्ती’ तक पहुंची बात, पीयूष गोयल के दौरे से खुलेंगे नए रास्ते

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भारत और कनाडा के संबंधों में बड़ा सुधार देखने को मिल रहा है। भारत के उच्चायुक्त Dinesh K. Patnaik ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते “विरोधी” दौर से निकलकर अब “बेहद दोस्ताना” हो चुके हैं। केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal का कनाडा दौरा नए चरण की शुरुआत माना…

भारत और कनाडा के बीच लंबे तनाव के बाद अब रिश्तों में तेजी से सुधार देखने को मिल रहा है। कनाडा में भारत के उच्चायुक्त दिनेश के. पटनायक ने कहा है कि दोनों देशों के संबंध “विरोधी” दौर से निकलकर अब “बेहद दोस्ताना” स्थिति में पहुंच चुके हैं। उन्होंने यह बयान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के कनाडा दौरे से पहले दिया। विशेष इंटरव्यू में दिनेश के. पटनायक ने कहा कि पियूष गोयल का दौरा भारत-कनाडा संबंधों में “एक नए चरण की शुरुआत” है। उन्होंने बताया कि यह अब तक का सबसे बड़ा भारतीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल होगा, जिसमें 100 से अधिक भारतीय उद्योगपति कनाडा पहुंचेंगे। यह प्रतिनिधिमंडल कनाडाई उद्योग समूहों, पेंशन फंड्स, बैंकों, लॉजिस्टिक्स कंपनियों और भारतीय प्रवासी समुदाय के नेताओं से मुलाकात करेगा।

पटनायक ने कहा,“सिर्फ यह बैठक होना ही एक बड़ी सफलता है। एक साल पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि भारत का कोई मंत्री 100 से ज्यादा प्रतिनिधियों के साथ कनाडा आएगा।” Piyush Goyal के दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को नई गति देना बताया जा रहा है। भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) पर बातचीत को भी इस दौरे से राजनीतिक बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।पटनायक ने कहा कि वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 32 अरब कनाडाई डॉलर यानी करीब 25 अरब अमेरिकी डॉलर का है। दोनों देश इसे अगले पांच वर्षों में दोगुना करना चाहते हैं।उन्होंने कहा, “हम 2030 या 2031 तक इसे 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने की उम्मीद कर रहे हैं।” भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि दोनों देशों ने “अतीत की समस्याओं को पीछे छोड़ दिया है” और अब सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग फिर से शुरू हो गया है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठकें हो चुकी हैं और पुलिस व जांच एजेंसियां आपस में संपर्क में हैं। पटनायक ने कहा,“अब दोनों देश इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि कनाडा भारत के लिए सुरक्षित हो और भारत कनाडा के लिए सुरक्षित हो।” प्रो-खालिस्तान नेटवर्क और संगठित अपराध का जिक्र करते हुए Dinesh K. Patnaik ने कहा कि कनाडा अब इस समस्या को अपनी घरेलू चुनौती के रूप में देखने लगा है।उन्होंने दावा किया कि पिछले छह-सात महीनों में कनाडा की नई सरकार, खासकर प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के सहयोग से ऐसे तत्वों को फिर से “हाशिये पर” धकेला गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ चरमपंथी समूह अब विचारधारा से ज्यादा “आर्थिक गतिविधियों” में बदल गए हैं, जिनमें हथियार तस्करी, ड्रग्स, मानव तस्करी और उगाही जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

कनाडा की नई इमिग्रेशन नीतियों पर बोलते हुए पटनायक ने कहा कि हालिया बदलावों का असर भारतीयों पर पड़ा है, लेकिन कनाडा में भारत को लेकर कोई नकारात्मक भावना नहीं है। उन्होंने कहा कि कनाडा अपनी इमिग्रेशन प्रणाली के दुरुपयोग को रोकना चाहता है और अच्छी इमिग्रेशन को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है। बता दें कि भारत-कनाडा संबंध 2023 में उस समय गंभीर संकट में आ गए थे जब तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जरकी हत्या में भारत की संभावित भूमिका का आरोप लगाया था।भारत ने इन आरोपों को “बेतुका” बताते हुए खारिज कर दिया था और कनाडा पर चरमपंथी तथा भारत विरोधी तत्वों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था।

NATIONAL : क्या कर्नाटक में बदलेगा नेतृत्व? कांग्रेस हाईकमान से मिलेंगे सिद्धारमैया, DK शिवकुमार बोले- लिख के ले लो…

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कर्नाटक में 20 मई को कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अटकलें जारी हैं. 26 मई को सीएम और डिप्टी सीएम पार्टी हाईकमान से मिलेंगे.

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री के 26 मई को कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात करने वाले हैं. सिद्धरमैया ने सोमवार (25 मई 2026) को कहा कि उन्हें कांग्रेस आलाकमान ने 26 मई को दिल्ली में एक बैठक के लिए बुलाया है. हालांकि, सिद्धरमैया ने कहा कि उन्हें बैठक के एजेंडे के बारे में कोई जानकारी नहीं है.

डिप्टी सीएम शिवकुमार ने पहले कहा था कि अगर कांग्रेस आलाकमान उन्हें बुलाएगा तो वह दिल्ली जाएंगे, लेकिन बाद में उन्होंने पुष्टि की है कि वह जा रहे हैं. दिल्ली दौरे के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा, ‘मुझसे दिल्ली आने के लिए कहा गया है. कल 11 बजे एक बैठक है. मुझे एजेंडे के बारे में पता नहीं है, लेकिन मुझे आमंत्रित किया गया है. कल रात केसी वेणुगोपाल (कांग्रेस महासचिव-संगठन) ने मुझे फोन करके बैठक की तारीख के बारे में बताया.’

आलाकमान के साथ उनकी मुलाकात को लेकर लगाई जा रही अटकलों के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘ये अटकलें तो हमेशा रहती हैं.’ मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले कुछ मंत्री, जैसे सतीश जारकीहोली, जी परमेश्वर, एच. सी. महादेवप्पा और कुछ अन्य भी दिल्ली जा रहे हैं. इस बीच दिल्ली दौरे को लेकर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शिवकुमार ने कहा, ‘कुछ खास परिस्थितियों में मुझे जाना ही पड़ेगा, मैं जा रहा हूं.’

इससे पहले दिन में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा था, ‘अगर मुझे (आलाकमान द्वारा) बुलाया जाता है, तो मैं जाऊंगा. उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता सुरजेवाला (कर्नाटक के प्रभारी कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, जो बेंगलुरु में हैं) क्या कहेंगे. मैं उनसे पूछूंगा. अगर वे मुझे (दिल्ली) आने के लिए कहेंगे तो मैं जाऊंगा. अन्यथा मैं यहीं रहूंगा.’ मुख्यमंत्री बदलने के मुद्दे पर पूछे गए प्रश्न का उत्तर देने से बचते हुए शिवकुमार ने कहा, ‘मुझे इसके बारे में जानकारी नहीं है, मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता, यह मेरा काम नहीं है.’

कर्नाटक में 20 मई को कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद से नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर अटकलें जारी हैं. पार्टी और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, हालांकि कांग्रेस आलाकमान द्वारा सिद्धरमैया और उप मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के बीच नेतृत्व को लेकर खींचतान को सुलझाने पर चर्चा किये जाने की व्यापक संभावना है, लेकिन कर्नाटक की चार राज्यसभा सीट के आगामी चुनाव पर भी चर्चा हो सकती है, जिनमें से कांग्रेस तीन सीट जीत सकती है.

राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू किये जाने का मुद्दा भी बैठक में शामिल हो सकता है. रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है, विधान परिषद चुनाव उसके बाद होंगे. पार्टी का परामर्श जारी है इसलिए अटकलें न लगाएं. मैं अन्य सभी अटकलों को खारिज करता हूं.’ इस बीच, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन द्वारा कर्नाटक के पार्टी नेताओं से 2028 में पार्टी की जीत के लिए काम करने को कहे जाने के सवाल पर शिवकुमार ने कहा, ‘इसे लिख लीजिए: 2028 में यही डी.के. शिवकुमार, कांग्रेस सरकार सत्ता में होगी.’

उन्होंने कहा, ‘उन्हें (नितिन नबीन को) जो कहना है कहने दीजिए. अमित शाह ने 2023 में क्या कहा था कि बीजेपी को 122 सीट मिलेंगी और उन्होंने अपने पार्टी नेताओं को शपथ ग्रहण की तैयारी करने को कहा था. मैंने कहा था कि कांग्रेस 136 सीट जीतेगी.’ शिवकुमार के समर्थक 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के बाद मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के साथ ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनने को लेकर हुए कथित समझौते के तहत उनकी (शिवकुमार) पदोन्नति पर जोर दे रहे हैं.

सिद्धरमैया ने कहा है कि वह अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे. उन्होंने कहा है कि वह आलाकमान के फैसले का पालन करेंगे और पार्टी द्वारा बुलाए जाने पर चर्चा के लिए दिल्ली जाएंगे. शिवकुमार ने लगातार यही कहा है कि वह कांग्रेस नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगे और मुख्यमंत्री पद पर परिवर्तन के संबंध में परिणाम समय के साथ पता चल जाएगा. पार्टी के कई नेता चिंतित हैं कि नेतृत्व का मुद्दा शासन और कांग्रेस सरकार की छवि पर असर डाल रहा है. उन्होंने खुले तौर पर मांग की है कि 2028 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव में पार्टी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आलाकमान इस मुद्दे को सुलझाए.

पार्टी में कई एएचआईएनडीए (अल्पसंख्यकों, पिछड़े वर्गों और दलितों के लिए कन्नड़ संक्षिप्त नाम) नेता, जिन्हें सिद्धरमैया के खेमे का हिस्सा माना जाता है, चाहते हैं कि नेतृत्व परिवर्तन होने पर उनके ही किसी व्यक्ति को इस पद पर बिठाया जाए. इसके अलावा, एक ‘दलित मुख्यमंत्री’ की भी मांग है, जिसके चलते पार्टी के एक वर्ग द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और गृहमंत्री जी परमेश्वर का नाम भी सामने रखा जा रहा है. मंत्री पद के इच्छुक कांग्रेस विधायकों के एक बड़े वर्ग की ओर से मंत्रिमंडल में फेरबदल की मांग जोर पकड़ रही है, ताकि मौजूदा कुछ मंत्रियों को हटाकर उनमें से कुछ को मंत्री बनाया जा सके.

कुछ इच्छुक विधायक इस संबंध में पार्टी आलाकमान से मिलने दिल्ली भी जा चुके हैं. उनमें से कुछ इस महीने के अंत तक फेरबदल के लिए दबाव बनाने के लिए दिल्ली के एक और दौरे की योजना बना रहे हैं. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सिद्धरमैया मंत्रिमंडल में फेरबदल के पक्षधर हैं, जबकि शिवकुमार चाहते हैं कि पार्टी पहले नेतृत्व परिवर्तन पर निर्णय ले. पार्टी सूत्रों के अनुसार, अगर कांग्रेस आलाकमान मंत्रिमंडल में फेरबदल को मंजूरी दे देता है, तो यह संकेत होगा कि मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा करेंगे, जिससे शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद पर आसीन होने की संभावना समाप्त हो जाएगी.

NATIONAL : CBI का पुणे में मनीषा हवलदार के घर पर छापा! GOD नाम से मिला सेव नंबर, जानें क्या है कनेक्शन?

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नीट पेपर लीक मामले में CBI ने पुणे में मनीषा हवलदार के घर छापा मारा. इस दौरान उनके पति के मोबाइल में GOD नाम से सेव नंबर और संदिग्ध चैट मिले हैं.NEET पेपर लीक मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है. इसी कड़ी में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पुणे से गिरफ्तार फिजिक्स टीचर मनीषा हवलदार के घर पर छापेमारी की. जांच के दौरान कई अहम जानकारी सामने आई हैं, जिनसे मामले में बड़े नेटवर्क के होने की आशंका बढ़ गई है.

सूत्रों के मुताबिक, मनीषा हवलदार ने कुछ हैंड रिटेन यानी हाथ से लिखे गए प्रश्नपत्र तैयार किए थे. जांच एजेंसियों को शक है कि इन प्रश्नपत्रों को बाद में सबूत मिटाने के लिए जला दिया गया. CBI अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये प्रश्नपत्र किन लोगों तक पहुंचाए गए थे और इसमें और कौन-कौन शामिल था.

जांच में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है. मनीषा हवलदार के पति के मोबाइल फोन में GOD नाम से सेव एक नंबर मिला है. जांच एजेंसियों को इस नंबर से हुई कई संदिग्ध बातचीत के संकेत मिले हैं. CBI अब यह जानने में जुटी है कि आखिर GOD नाम से सेव यह व्यक्ति कौन है और उसका इस पूरे पेपर लीक मामले में क्या रोल है. सूत्रों के अनुसार, GOD नाम वाले कॉन्टैक्ट से हुई बातचीत को काफी अहम माना जा रहा है. एजेंसियों को शक है कि यह कोई बड़ा व्यक्ति या पूरे नेटवर्क का संचालक हो सकता है. इसी वजह से अब जांच का फोकस इस नंबर और उससे जुड़े लोगों पर बढ़ गया है.

CBI को यह भी जानकारी मिली है कि कुछ चैट और डेटा मोबाइल से डिलीट किए गए थे. हालांकि जांच एजेंसियां डिलीट किए गए चैट लॉग और डिजिटल रिकॉर्ड को रिकवर करने की कोशिश कर रही हैं. अधिकारियों का मानना है कि इन डिलीट संदेशों से मामले के कई बड़े राज खुल सकते हैं. जांच एजेंसियों ने संकेत दिया है कि पेपर लीक के पीछे काम कर रहे असली गॉडफादर तक पहुंचने के लिए जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.

NATIONAL : प्रेमानंदजी की अपील- मैं रहूं न रहूं, हमेशा साथ रहूंगा:मेरी चिंता छोड़िए, श्रीजी का ध्यान लगाइए; तबीयत बिगड़ने के बाद 9 दिन से पदयात्रा बंद

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प्रेमानंदजी की अपील- मैं रहूं न रहूं, हमेशा साथ रहूंगा:मेरी चिंता छोड़िए, श्रीजी का ध्यान लगाइए; तबीयत बिगड़ने के बाद 9 दिन से पदयात्रा बंद
‘बिल्कुल चिंता मत करो। हम मिलें न मिलें, बोलें न बोलें, हम आप सबको बहुत प्यार करते हैं। अंतिम बात यही कि चिंता नहीं करनी। न ये चिंता करनी है कि कैसे हमारा उत्थान होगा। बिना बोले तुम्हारे दिमाग में हम होंगे।’

ये भावुक अपील वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज ने वीडियो जारी कर अपने शिष्यों और भक्तों से की। 1 मिनट 19 सेकेंड का वीडियो रविवार को केली कुंज आश्रम ट्रस्ट के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया।

17 मई यानी 9 दिन से प्रेमानंद महाराज की रात्रि पदयात्रा बंद है। शिष्यों ने तब बताया था कि प्रेमानंद महाराज की तबीयत ठीक नहीं है। वह भक्तों से एकांतिक मुलाकात भी नहीं कर रहे हैं। प्रेमानंद महाराज की दोनों किडनी खराब हैं। उनकी हफ्ते में 2-3 बार डायलिसिस होती है।प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा- देख लेना तुम वही करोगे, जो गुरुदेव कहेंगे। आप बिल्कुल निश्चिंत रहिएगा। जो जहां जिस सेवा में आए, उस सेवा में रहिएगा।

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