Monday, September 21, 2026
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NATIONAL : कर्नाटक में NEET छात्रा ने आत्महत्या की:12 दिनों में 5 स्टूडेंट्स ने जान दी; राहुल बोले- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक चैन से नहीं बैठेंगे

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कर्नाटक के कलबुर्गी में 18 साल की NEET छात्रा ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा की पहचान भाग्यश्री के रूप में हुई है। उसने NEET-UG की परीक्षा दी थी। पुलिस के मुताबिक, मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

छात्रा के पिता राजशेखर ने बताया कि परिवार में किसी तरह की परेशानी नहीं थी और बेटी पढ़ाई में काफी अच्छी थी। भाग्यश्री ने हाल ही में 12वीं परीक्षा में 92 प्रतिशत अंक हासिल किए थे और NEET परीक्षा भी अच्छी गई थी।

NEET-UG परीक्षा देश भर में 3 मई को आयोजित की गई थी। हालांकि, पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने दोबारा परीक्षा 21 जून को कराने की घोषणा की है। परीक्षा रद्द होने के बाद पिछले 12 दिनों में 5 स्टूडेंट्स जान दे चुके हैं।

इधर, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा। उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा- जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता और NEET जैसे पेपर लीक रोकने के लिए फूलप्रूफ सिस्टम नहीं बनता, हम चैन से नहीं बैठेंगे।

12 दिनों के दौरान और 4 स्टूडेंट्स ने सुसाइड किया

13 मई: गोवा के मडगांव में एक लड़के ने सुसाइड कर लिया था। उसने NEET परीक्षा दी थी। सुसाइड नोट में उसने लिखा था कि वह अब कॉम्पिटिशन एग्जाम में हिस्सा नहीं लेना चाहता।
14 मई: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के रितिक मिश्रा ने आत्महत्या कर ली थी। परिवार ने बताया कि NEET पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से वह काफी परेशान था।
15 मई: दिल्ली के आजादपुर में NEET परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा ने अपने घर में सुसाइड कर लिया था। जांच के दौरान कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
15 मई: राजस्थान में NEET छात्र प्रदीप मेघवाल ने आत्महत्या कर ली थी। परिवार ने बताया कि उसके परीक्षा में करीब 650 नंबर आने की उम्मीद थी। लेकिन परीक्षा रद्द होने से वह परेशान था।

महाराष्ट्र के लातूर जिले में 16 मई को 18 साल की NEET छात्रा मैथिली सोनवाने ने सुसाइड कर लिया था। उसके पिता ने रविवार को दावा किया कि पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से वह मानसिक तनाव में थी। परिवार के मुताबिक मैथिली डॉक्टर बनना चाहती थी और परीक्षा रद्द होने से वह भविष्य को लेकर परेशान थी। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले के आरोपी शुभम खैरनार को 6 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। CBI ने रविवार को आरोपी को अदालत में पेश किया था। इससे पहले 14 मई को अदालत ने खैरनार समेत पांच आरोपियों को 7 दिन की CBI हिरासत में भेजा था।

20 मई को खैरनार की CBI हिरासत 5 दिन और बढ़ाई गई थी। एजेंसी ने कहा था कि NEET-UG 2026 पेपर खरीदने वाले अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए उससे आगे पूछताछ जरूरी है। इस केस में अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से 11 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

इस बीच 21 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने संसद की स्थायी समिति के सामने पेश होकर NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर जानकारी दी।

सूत्रों के मुताबिक, समिति के सदस्यों ने पेपर लीक, परीक्षा सुरक्षा, कंप्यूटर आधारित परीक्षा व्यवस्था और सिस्टम की खामियों को लेकर सवाल पूछे। अधिकारियों ने समिति को बताया कि मामले की CBI जांच जारी है और इससे सिस्टम की खामियों की पहचान करने में मदद मिलेगी।

केंद्र सरकार और NTA परीक्षा प्रक्रिया को फूलप्रूफ बनाने पर काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने संकेत दिए कि अगले साल से NEET-UG परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराई जा सकती है, ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके।

NATIONAL : विधि विश्वविद्यालयों की पहली राष्ट्रीय बैठक: पेपर लीक-कोचिंग कल्चर पर CJI चिंतित, CLAT में बड़े सुधार की जरूरत

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मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि परीक्षा प्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिसमें पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना खत्म हो और पूरी प्रक्रिया तकनीकी व प्रशासनिक रूप से मजबूत बनाई जाए। उन्होंने इस दिशा में पूर्व न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों पर गंभीरता से विचार करने की बात कही।

भोपाल में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में पहली बार देशभर के नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयू) के कुलपति और कुलाधिपति एक मंच पर जुटे। बैठक की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने की। इस दौरान उन्होंने क्लैट परीक्षा को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और छात्रों के लिए समान अवसर वाला बनाने पर जोर दिया। सीजेआई ने कहा कि प्रवेश परीक्षाओं का स्वरूप ऐसा होना चाहिए कि 12वीं पास छात्र बिना किसी महंगी कोचिंग के भी परीक्षा दे सकें और सफल हो सकें। उन्होंने कहा कि प्रश्न पत्र इस तरह तैयार किए जाएं, जिनके लिए पहले से कानून की विशेष पढ़ाई या कोचिंग जरूरी न हो। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि वर्तमान समय में कई कोचिंग संस्थान क्लैट की तैयारी के नाम पर छात्रों से लाखों रुपये वसूल रहे हैं। कुछ संस्थान छह महीने के कोर्स के लिए दो से ढाई लाख रुपये तक फीस लेते हैं।

केंद्र को भेजा जाएगा विस्तृत प्रस्ताव
सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जा सकता है। बैठक में यूजीसी चेयरमैन विनीत जोशी भी मौजूद रहे। मुख्य न्यायाधीश ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से विधि विश्वविद्यालयों के बुनियादी ढांचे, फैकल्टी और प्रशासनिक सुधारों के लिए ठोस व्यवस्था बनाने को कहा।
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पूरी प्रक्रिया प्रशासनिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि परीक्षा प्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिसमें पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना खत्म हो और पूरी प्रक्रिया तकनीकी व प्रशासनिक रूप से मजबूत बनाई जाए। उन्होंने इस दिशा में पूर्व न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों पर गंभीरता से विचार करने की बात कही। एक राष्ट्रीय विधि के कुलपति ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि अगर क्लैट परीक्षा में प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं, तो इससे परीक्षा प्रणाली अधिक निष्पक्ष हो सकती है और छात्रों की कोचिंग पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

विधि विश्वविद्यालयों के वित्तीय संकट पर भी चर्चा
इस बैठक में देशभर के कई विधि विश्वविद्यालयों की वित्तीय स्थिति को लेकर भी चिंता जताई गई। कुलपतियों ने बताया कि कई संस्थान गंभीर आर्थिक दबाव से गुजर रहे हैं। कई विश्वविद्यालयों में पर्याप्त शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की कमी है, जबकि कुछ जगहों पर वेतन भुगतान तक में दिक्कत आ रही है। अभी देश के अधिकांश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज राज्य सरकारों के अधीन संचालित होते हैं। बैठक में इन्हें आईआईटी और आईआईएम की तर्ज पर केंद्रीय ढांचे के तहत लाने का प्रस्ताव भी सामने आया।

NATIONAL : ब्रह्मोस का बढ़ता जलवा, फिलीपींस से लेकर वियतनाम तक, कई देश भारत की सुपरसोनिक मिसाइल के दीवाने

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ब्रह्मोस मिसाइल की वैश्विक मांग तेजी से बढ़ रही है, फिलीपींस के बाद वियतनाम समेत कई देश इसे खरीदने की दौड़ में हैं। भारत की यह सुपरसोनिक मिसाइल अब रक्षा निर्यात में बड़ा गेमचेंजर बनकर उभर रही है।

नई दिल्ली: भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ अब वैश्विक हथियार बाजार में तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रही है। फिलीपींस के साथ ऐतिहासिक डील के बाद कई देश इस घातक मिसाइल को खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं, जिससे भारत की रक्षा कूटनीति को भी नई मजबूती मिल रही है। पिछले महीने ही इंडोनेशिया ने भी भारत के साथ ब्रह्मोस खरीदने की डील की है। अब वियतनाम भी इस मिसाइल को खरीदना चाहता है।

वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम अगले सप्ताह भारत दौरे पर आ रहे हैं। उनकी यात्रा का मुख्य फोकस दोनों देशों के बीच सामरिक और सैन्य साझेदारी को और मजबूत करना होगा। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे का सबसे अहम एजेंडा करीब ₹5,800 करोड़ की ब्रह्मोस मिसाइल डील को अंतिम रूप देना हो सकता है, जिसे भारत-वियतनाम रक्षा सहयोग में बड़ा कदम माना जा रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस प्रस्तावित समझौते में ब्रह्मोस के एंटी-शिप वर्जन शामिल हो सकते हैं, जो वियतनाम की समुद्री सुरक्षा को नई मजबूती देंगे। इसके अलावा, वियतनाम भारत से अन्य रक्षा उपकरणों और हथियारों की खरीद पर भी चर्चा आगे बढ़ा सकता है, जिससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उसकी सैन्य क्षमता और संतुलन दोनों मजबूत होने की संभावना है।

ब्रह्मोस का पहला खरीदार है फिलीपींस
फिलीपींस ब्रह्मोस मिसाइल का पहला आधिकारिक विदेशी खरीदार बन चुका है। साल 2022 में करीब 375 मिलियन डॉलर की इस डील के तहत फिलीपींस अपनी तटीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ब्रह्मोस को तैनात कर रहा है। दक्षिण चीन सागर में बढ़ते तनाव के बीच यह कदम रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।

यूएई-सऊदी अरब भी ब्रह्मोस के जबरा फैन
ब्रह्मोस की मारक क्षमता और तेज रफ्तार ने अन्य देशों का भी ध्यान खींचा है। वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देश इस मिसाइल को अपनी समुद्री सुरक्षा के लिए अहम विकल्प मान रहे हैं। मध्य-पूर्व में भी ब्रह्मोस की मांग बढ़ती नजर आ रही है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब जैसे देश अपनी रक्षा क्षमता को आधुनिक बनाने के लिए इस सुपरसोनिक मिसाइल में रुचि दिखा रहे हैं।

कतार में खड़े ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका
सिर्फ एशिया ही नहीं, बल्कि ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे देश भी ब्रह्मोस को लेकर संभावनाएं तलाश रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह मिसाइल भारत के रक्षा निर्यात का सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकती है। ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जो आवाज की गति से लगभग 3 गुना तेज चलती है। यह मिसाइल सतह से 10 मीटर की कम ऊंचाई पर उड़ सकती है, जिससे यह रडार की पकड़ में नहीं आती और अचूक निशाना लगाती है।

NATIONAL : अमेरिका से चीन भेजे गए थे GoPro कैमरे, लश्कर आतंकियों तक कैसे पहुंचे? पहलगाम हमले पर NIA की चार्जशीट में खुलासा

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एनआईए पहलगाम आतंकी हमले में इस्तेमाल हुए अमेरिकी GoPro कैमरे के आतंकियों तक पहुंचने की जांच कर रही है, जो मूल रूप से चीन भेजा गया था।डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को एक ऐसा सुराग मिला है, जिसने आतंकियों तक पहुंचने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच एजेंसी अब इस बात की तह तक जाने में जुटी है कि अमेरिका में बना GoPro कैमरा, जिसे आधिकारिक तौर पर चीन भेजा गया था, आखिर लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकियों के हाथों तक कैसे पहुंचा।

सूत्रों के मुताबिक, यह हाई-टेक कैमरा उन आतंकियों के पास से बरामद हुआ था, जिन्हें पिछले साल जुलाई में डाचीगाम के जंगलों में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में मार गिराया था। यही आतंकी 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन मैदान में हुए नरसंहार में शामिल थे, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। इनमें ज्यादातर पर्यटक थे।

जांच में सामने आया कि आतंकी हमले को रिकॉर्ड करने और बाद में प्रचार सामग्री तैयार करने के लिए GoPro कैमरे का इस्तेमाल कर रहे थे।पिछले कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठन हमलों की वीडियो रिकॉर्डिंग कर उन्हें सोशल मीडिया और प्रोपेगेंडा के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे दहशत फैलाने और भर्ती बढ़ाने की कोशिश की जाती है।

NIA ने जब कैमरे की तकनीकी जांच कराई तो पता चला कि यह डिवाइस अमेरिका की कंपनी GoPro Inc ने चीन स्थित एक अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर को भेजा था। इसके बाद एजेंसी ने इस पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच शुरू कर दी।

चीन से पाकिस्तान और फिर आतंकियों तक पहुंचा कैमरा
जांच से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि कैमरा संभवतः चीन से पाकिस्तान पहुंचा और वहां से लश्कर आतंकियों को उपलब्ध कराया गया।

एजेंसियां इस संभावना की भी जांच कर रही हैं कि ऐसे उपकरण पाकिस्तान की सेना या उससे जुड़े नेटवर्क ने खरीदे हों और बाद में आतंकी संगठनों तक पहुंचाए हों।

एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, ‘चार्जशीट में बैसरन हमले की तत्काल ऑपरेशनल डिटेल्स शामिल हैं, लेकिन असली नेटवर्क अभी भी जांच के दायरे में है। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि चीन तक ट्रेस होने वाला यह कमर्शियल डिवाइस प्रतिबंधित आतंकी संगठन तक कैसे पहुंचा।’

NATIONAL : आज 131 हस्तियों को मिलेगा देश का बड़ा सम्मान, 19 महिलाओं समेत कई दिग्गज शामिल

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज देश की 131 विशिष्ट हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित करेंगी। राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले पहले नागरिक अलंकरण समारोह में पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। गृह मंत्रालय ने पिछले सप्ताह इसकी आधिकारिक जानकारी साझा की थी।

इस वर्ष भारत सरकार ने कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की है। इनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। सम्मानित होने वाली हस्तियों में 19 महिलाएं भी शामिल हैं, जबकि 16 लोगों को मरणोपरांत यह सम्मान दिया जाएगा।

धर्मेंद्र और शिबू सोरेन को मरणोपरांत सम्मान

इस बार दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र को पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाएगा। वहीं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत शिबू सोरेन और मशहूर गायिका अलका याग्निक को पद्म भूषण पुरस्कार दिया जाएगा।

इसके अलावा खेल और मनोरंजन जगत की कई बड़ी हस्तियां भी सम्मानित होंगी। क्रिकेटर रोहित शर्मा, अभिनेता आर माधवन, महिला क्रिकेटर हरमनप्रीत कौर, पैरा एथलीट प्रवीण कुमार और भारतीय हॉकी टीम की खिलाड़ी सविता पूनिया को पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा जाएगा।

1954 में हुई थी पद्म पुरस्कारों की शुरुआत

पद्म पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 1954 में की गई थी। हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर इन सम्मानों की घोषणा की जाती है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करना है।

कला, साहित्य, शिक्षा, चिकित्सा, विज्ञान, खेल, सामाजिक कार्य, लोक प्रशासन, व्यापार और उद्योग समेत कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली हस्तियों को यह सम्मान प्रदान किया जाता है।

देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल हैं पद्म पुरस्कार

पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में गिने जाते हैं। इसमें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री शामिल हैं। ये सम्मान उन लोगों को दिए जाते हैं जिन्होंने अपने क्षेत्र में असाधारण योगदान देकर देश का नाम रोशन किया है।

NATIONAL : अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने डोभाल से की मुलाकात, सुरक्षा और सहयोग के मुद्दे पर चर्चा

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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एनएसए अजीत डोभाल से मुलाकात की। दोनों पक्षों की बैठक में रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक तकनीक सहयोग सहित ट्रस्ट पहल पर चर्चा हुई। उन्होंने भारत-अमेरिका की व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया। पढ़िए रिपोर्ट-

प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, अमेरिकी विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मार्को रुबियो ने आज एनएसए अजीत डोभाल से मुलाकात की। चर्चा रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक तकनीक से जुड़े सहयोग के मुद्दे पर केंद्रित रही, जिसमें ट्रस्ट पहल भी शामिल है। दोनों एनएसए ने द्विपक्षीय व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को दी गई उच्च प्राथमिकता को दोहराया। उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

दिल्ली में 26 मई को जुटेंगे दिग्गज
भारत की मेजबानी में 26 मई को होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक में चारों क्वाड देशों यानी भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्री हिस्सा लेंगे। विदेश मंत्री जयशंकर की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में हिंद-प्रशांत के बदलते सुरक्षा समीकरणों के साथ-साथ पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संघर्ष के बिंदुओं पर भी गंभीर मंथन होने की उम्मीद है।

बैठक से पहले जयशंकर ने क्या कहा?
वहीं, राष्ट्रीय राजधानी में 26 मई को होने जा रहे क्वाड विदेश मंत्रियों की अहम बैठक से पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आज एक बड़ा बयान दिया। रविवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हिंद-प्रशांत क्षेत्र पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा ऊर्जा गलियारा बनने जा रहा है। उन्होंने यह भरोसा भी जताया कि क्वाड की बैठक के बाद इसके सदस्य देशों के पास दुनिया को सुनाने के लिए एक दमदार कहानी होगी।

जयशंकर ने याद दिलाया कि क्वाड ने अपने मौजूदा स्वरूप की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले शासन के दौरान की थी। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री रूबियो के साथ उनकी बातचीत में क्वाड का मुद्दा शुरुआत से ही प्रमुखता से शामिल रहा है। जयशंकर ने कहा कि आगे चलकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र का महत्व समय के साथ और भी बढ़ता जाएगा। यह ऊर्जा का एक बड़ा स्रोत भी बन जाएगा।

विदेश मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा, मुझे खुशी है कि आपने समुद्री लोकतंत्र शब्द का प्रयोग किया क्योंकि मुझे लगता है कि दोनों ही शब्द बहुत प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा, हम एक-दूसरे के साथ बहुत कुछ कर रहे हैं क्योंकि हम समुद्री शक्तियां हैं और मैं इसे बढ़ते हुए देख रहा हूं। और हम एक-दूसरे के साथ बहुत कुछ कर रहे हैं क्योंकि हम लोकतांत्रिक शक्तियां हैं जिनकी कार्यशैली, विश्वास प्रणाली और प्रथाएं निश्चित हैं।

अंतरराष्ट्रीय कानून और खुले समाज पर जोर
क्वाड के मिशन को साफ करते हुए जयशंकर ने कहा कि यह समूह नियम-आधारित व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हम सभी बाजार अर्थव्यवस्थाएं और खुले समाज हैं। हम चाहते हैं कि व्यापार और जीवन अंतरराष्ट्रीय कानून और बाजार प्रथाओं के आधार पर चले। इसलिए, विशेष रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में, क्वाड देशों का सहयोग बेहद जरूरी है और दो दिन बाद मंच पर आपको यही एकजुटता देखने को मिलेगी।
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NATIONAL : आगरा और जयपुर आएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो, गृह मंत्री अमित शाह का दो दिन का बीकानेर दौरा

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आज 25 मई 2026 को जेष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी है। अमेरिकी विदेश मंत्री कोलकाता और दिल्ली के बाद आज आगरा और जयपुर आएंगे। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह दो दिन के दौरे पर बीकानेर पहुंचेंगे।

अमेरिकी विदेश मंत्री का आगरा-जयपुर दौरा
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भारत के दौरे पर हैं। इस दौरान वह सोमवार को आगरा जा सकते हैं। उनके दौरे से पहले अमेरिकी सुरक्षा टीम ने ताजमहल और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था का गहन जायजा लिया है। वहीं, टीम ने ताजमहल को आम पर्यटकों के लिए बंद करने के लिए भी कहा है, लेकिन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों ने उन्हें नियमों के तहत केवल राष्ट्राध्यक्ष के लिए ही ताज बंद करने की जानकारी दी। इसके साथ ही वह दोपहर में जयपुर के दौरे पर जाएंगे।

अमित शाह का बीकानेर दौरा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार से दो दिन के बीकानेर पर रहेंगे। वे सीमा चौकी सांचू में बीएसएफ जवानों से संवाद करेंगे और महिला बैरकों का ई-उद्घाटन करेंगे। दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह 25 मई की रात 10:20 बजे विशेष विमान से बीकानेर पहुंचेंगे। इसके बाद वे बीएसएफ सेक्टर मुख्यालय जाएंगे, जहां उनका रात्रि विश्राम रहेगा।

राम परिवार की प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ
श्रीराम की नगरी अयोध्या में 25 मई को राम परिवार की प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाएगी। समारोह को भव्य स्वरूप देने की तैयारियां तेज हो गई हैं। आयोजन की रूपरेखा तय करने को लेकर हुई बैठक में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों, पूजन कार्यक्रमों और श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं पर विस्तार से मंथन किया गया। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस विशेष अवसर पर शामिल हो सकते हैं।

शत्रु संपत्तियों की ई-नीलामी
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन कस्टोडियन ऑफ एनिमी प्रॉपर्टी फॉर इंडिया (CEPI) की ओर से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में स्थित शत्रु संपत्तियों की ई-नीलामी 25 मई को आयोजित की जाएगी। यह नीलामी ऑनलाइन माध्यम से MSTC ई-ऑक्शन पोर्टल के जरिए संपन्न होगी।

त्विषा की सास गिरिबाला सिंह से जुड़े मामले में सुनवाई
त्विषा की सास गिरिबाला सिंह की जमानत से जुड़े मामले में जबलपुर हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई होगी। जबलपुर हाईकोर्ट में त्विषा की सास गिरिबाला सिंह की जमानत को रद्द करने के लिए याचिका लगाई गई थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी किया है। यह बहुचर्चित मामला भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में रहने वाली 31 वर्षीय त्विषा शर्मा की 12 मई की रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से संबंद्ध है। त्विषा का शव उनके ससुराल में फंदे से लटका मिला था।

शराब नीति मामले में सुनवाई
दिल्ली हाई कोर्ट दिल्ली शराब नीति मामले में सोमवार को सुनवाई करेगा। यह सुनवाई ट्रायल कोर्ट की ओर से आरोपियों को बरी करने के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर होगी। कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य को मामले की जानकारी देने और नोटिस भेजने का आदेश दिया है।

पंचकूला में कष्ट निवारण समिति की बैठक
हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार रविवार को सेक्टर-1 स्थित लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक दोपहर 12 बजे शुरू होगी। बैठक में समिति के गैर-सरकारी सदस्यों के अलावा जिला एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित शिकायतों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी। साथ ही शिकायतों के समयबद्ध समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।

NATIONAL : पीएम मोदी ने केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू के बेटे को गोद में उठाया, देखें प्रधानमंत्री का बाल प्रेम

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बच्चों के प्रति स्नेह एक बार फिर सुर्खियों में है।केंद्रीय सिविल एविशन मंत्री राम मोहन नायडू शनिवार को दिल्ली के सेवा तीर्थ भवन में अपने परिवार के साथ पीएम मोदी से मुलाकात करने पहुंचे थे। इस दौरान पीएम मोदी ने केंदीय मंत्री के छोटे बेटे को गोद में लेकर खूब प्यार किया।

पीएम मोदी ने केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू के छोटे बेटे को न सिर्फ गोद में उठाया, बल्कि टेबल पर खड़ा करके खूब दुलारा। इसके बाद उन्होंने नायडू की बेटी से एक कॉपी ली और उसमें कुछ खास संदेश लिखकर उसे वापस थमा दिया।

केंद्रीय सिविल एविशन मंत्री राम मोहन नायडू की फैमिली से मुलाकात के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत राम मोहन नायडू की मां ने पीएम मोदी को एक पौधा भी गिफ्ट में दिया।

बता दें कि राम मोहन नायडू आंध्र प्रदेश की श्रीकाकुलम लोकसभा सीट से TDP सांसद हैं। वह TDP के राष्ट्रीय महासचिव पद पर भी हैं। वह तीन बार से लोकसभा चुनाव जीत रहे हैं। जून 2024 में उन्हें केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री बनाया गया। मंत्री बनने के वक्त उनकी उम्र 36 वर्ष थी। वह मोदी कैबिनेट के सबसे युवा मंत्रियों में से एक हैं।

NATIONAL : फालता सीट पर धमाकेदार जीत के बाद देबांग्शु पांडा की पहली प्रतिक्रिया, कहा- बहुत डर का माहौल था

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फालता विधानसभा सीट से देबांग्शु पांडा की जीत के बाद BJP कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया और उन्हें बधाई दी. जीत के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा- यह फालता की जनता की जीत है. यह भारतीय जनता पार्टी की जीत है. पांडा ने कहा- यहां बहुत डर का माहौल था. कुछ दिक्कतें भी आईं, लेकिन फिर सब कुछ ठीक रहा.

बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने रविवार को फालता विधानसभा सीट पर 1.09 लाख मतों के अंतर से जीत दर्ज की. तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान चौथे स्थान पर रहे. पांडा को 1,49,666 वोट मिले, जबकि CPI(M) के शंभू नाथ कुर्मी 40,645 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे. कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक मोल्ला 10,084 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. कुल 2.36 लाख मतदाताओं वाले इस निर्वाचन क्षेत्र में खान को महज 7,783 वोट मिले.

पुनर्मतदान से कुछ ही दिन पहले खान ने चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की थी, जिसे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने उनका निजी फैसला बताया था. टीएमसी का 2011 से लगातार इस सीट पर कब्जा था और 2021 में इसने लगभग 57 प्रतिशत मतों के साथ जीत हासिल की थी.

फालता सीट पर 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोपों के बाद निर्वाचन आयोग द्वारा नए सिरे से मतदान कराने का आदेश दिया गया था. इसके बाद केंद्रीय बलों की भारी तैनाती के बीच 21 मई को सभी 285 बूथों पर पुनर्मतदान कराया गया.

NATIONAL : फलता में BJP की रिकॉर्ड जीत: PM मोदी बोले- धमकियों की हार हुई; सीएम समेत कई नेताओं ने दी बधाई; किसने क्या कहा?

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पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर हुए दोबारा मतदान की गिनती पूरी होने के बाद भाजपा प्रत्याशी देबांग्शु पांडा को विजयी घोषित किया गया। भाजपा प्रत्याशी को 1,49,666 वोट मिले हैं। जीत का अंतर 1.09 लाख वोट से अधिक रहा है।

पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा में हुए दोबारा मतदान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बड़ी जीत दर्ज की है। पार्टी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा की जीत के बाद इलाके में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया और एक-दूसरे को बधाई दी। जीत की खबर सामने आते ही दक्षिण 24 परगना में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उत्सव जैसा माहौल बना दिया। ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच कार्यकर्ताओं ने उम्मीदवार को बधाई दी और इसे संगठन की बड़ी सफलता बताया।

‘यह जनता की जीत है’
जीत के बाद बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने कहा कि यह सिर्फ उनकी नहीं बल्कि फलता की जनता की जीत है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान कुछ जगहों पर डर और चुनौतियां थीं, लेकिन अंततः जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से अपना फैसला सुनाया।

लोकतंत्र की जीत हुई, जनता ने BJP पर जताया भरोसा- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा में हुए दोबारा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा की जीत पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि फलता की जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है कि लोकतंत्र की जीत हुई है और डर-धमकी की राजनीति को नकार दिया गया है।

प्रधानमंत्री ने रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज करने पर देबांग्शु पांडा को बधाई देते हुए कहा कि यह पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास कार्यों को देखकर जनता ने पार्टी को और आशीर्वाद दिया है। पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के सभी भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत की भी सराहना की और कहा कि पार्टी आने वाले समय में भी राज्य के विकास के लिए लगातार काम करती रहेगी।

अमित शाह ने बंगाल भाजपा को दी बधाई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर भाजपा की बड़ी जीत राज्य में विकास के समर्थन और डर की राजनीति के खिलाफ जनता का फैसला है। फलता विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को दोबारा मतदान कराया गया था। इससे पहले 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई थीं। चुनाव में जीत के बाद भाजपा के अब 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में 208 विधायक हो गए हैं। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘फलता विधानसभा सीट पर भाजपा की शानदार जीत बंगाल में विकास और डर की राजनीति के खिलाफ जनता का अंतिम फैसला है। फलता की जनता का दिल से आभार।’ उन्होंने नवनिर्वाचित विधायक देबांग्शु पांडा को जीत की बधाई दी। साथ ही पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और पार्टी कार्यकर्ताओं की भी सराहना की। अमित शाह ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र को मजबूत करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बंगाल में भाजपा सरकार बनाने के लिए मेहनत की है।

भाजपा की जीत पर क्या बोले सीएम शुभेंदु?
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फलता विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडेय की एक लाख से अधिक वोटों के अंतर से हुई जीत का श्रेय जनता को देते हुए तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि डायमंड हार्बर मॉडल अब ‘तृणमूल की हार-बार’ मॉडल बन गया है। शुभेंदु अधिकारी ने फलता की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को भारी मतों से विजयी बनाया है। उन्होंने कहा कि इस जीत के ऋण को विकास के माध्यम से चुकाया जाएगा और फलता को ‘स्वर्णिम फलता’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि यह जीत उन लोगों के लिए एक स्पष्ट संदेश है जो सिद्धांतों और विचारधारा से रहित होकर, एक माफिया कंपनी की तरह काम कर रहे थे।

तृणमूल पर भ्रष्टाचार और धमकी का आरोप
सीएम ने आरोप लगाया कि सत्ता खोने के बाद तृणमूल कांग्रेस का असली चेहरा सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि इस पार्टी ने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर, जनता के पैसे लूटे, लोगों से जबरन वसूली की और धमकी भरे माहौल में अपना वर्चस्व कायम किया। नेताओं ने राज्य को अपनी जागीर समझ लिया था। उन्होंने एक ऐसे “धोखेबाज” का भी जिक्र किया जिसने कमांडर का पद हथिया लिया और अपने अपराध सिंडिकेट को स्थापित करने के लिए लोकतंत्र का गला घोंटने से भी बाज नहीं आया। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में तृणमूल ने डेढ़ लाख वोटों की बढ़त हासिल की थी, लेकिन 15 साल बाद जब लोगों को स्वतंत्र रूप से वोट डालने की आजादी मिली, तो सच्चाई सामने आ गई।

तृणमूल पर भ्रष्टाचार और धमकी का आरोप
सीएम ने आरोप लगाया कि सत्ता खोने के बाद तृणमूल कांग्रेस का असली चेहरा सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि इस पार्टी ने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर, जनता के पैसे लूटे, लोगों से जबरन वसूली की और धमकी भरे माहौल में अपना वर्चस्व कायम किया। नेताओं ने राज्य को अपनी जागीर समझ लिया था। उन्होंने एक ऐसे “धोखेबाज” का भी जिक्र किया जिसने कमांडर का पद हथिया लिया और अपने अपराध सिंडिकेट को स्थापित करने के लिए लोकतंत्र का गला घोंटने से भी बाज नहीं आया। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में तृणमूल ने डेढ़ लाख वोटों की बढ़त हासिल की थी, लेकिन 15 साल बाद जब लोगों को स्वतंत्र रूप से वोट डालने की आजादी मिली, तो सच्चाई सामने आ गई।

भाजपा के देबांग्शु ने सीपीएम प्रत्याशी को एक लाख+ वोट से हराया
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर हुए दोबारा मतदान के बाद आज मतों की गिनती हुई। 22वें और अंतिम राउंड की गिनती पूरी होने के बाद भाजपा प्रत्याशी देबांग्शु पांडा को विजयी घोषित किया गया। दूसरे नंबर पर सीपीआईएम प्रत्याशी शंभू नाथ कुर्मी रहे। कांग्रेस प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहे, जबकि भाजपा सरकार बनने से पहले सत्तारूढ़ रही तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी को 7783 वोट मिले। निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक भाजपा प्रत्याशी को 1,49,666 वोट मिले हैं। जीत का अंतर 1.09 लाख वोट से अधिक रहा है। दूसरे नंबर पर रहे सीपीएम प्रत्याशी शंभू नाथ कुर्मी को 40,645 वोट मिले। तीसरे नंबर पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुर रज्जाक मोल्ला को 10,084 वोट मिले। चौथे नंबर पर खिसकी पार्टी- तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी जहांगीर खान को केवल 7783 वोट से संतोष करना पड़ा। बता दें कि 29 अप्रैल को मतदान के दौरान फलता सीट पर भारी तनाव व्याप्त हो गया था। कई बूथों से ऐसी शिकायतें आई थीं कि ईवीएम मशीनों पर इत्र जैसी कोई चीज और चिपचिपे टेप लगाए गए थे। इसके बाद जब चुनाव अधिकारियों ने मामले की गहन जांच की, तो पता चला कि कई पोलिंग बूथों पर वेब कैमरों के फुटेज के साथ भी छेड़छाड़ की कोशिश की गई थी। इस मामले में बूथ स्तर के अधिकारियों, पीठासीन अधिकारियों, मतदान कर्मियों और चुनाव पर्यवेक्षकों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए थे। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग ने सभी बूथों पर दोबारा वोटिंग का फैसला किया था।

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