Tuesday, June 30, 2026
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Utter Pradesh News : ‘जितनी दहशत उतना पैसा.’, पाकिस्तानी हैंडलर के इशारों पर काम करने वाले संदिग्ध आतंकियों ने बताया प्लान

पकड़े गए चार संदिग्ध आतंकियों से एटीएस ने पूछताछ की है. एटीएस की पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर से लगातार संदेश मिल रहे थे. उत्तर प्रदेश एटीएस ने शनिवार (4 अप्रैल) को 4 पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारों पर भारत में दहशत फैलाने के 4 संदिग्धों आतंकियों को गिरफ्तार किया था. एटीएस ने उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड अर्जी दाखिल की थी. स्पेशल कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड दी है.

मामले में सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर सामने आ रही है. पकड़े गए चार संदिग्ध आतंकियों से एटीएस ने पूछताछ की है. एटीएस की पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर से लगातार संदेश मिल रहे थे. पूछताछ में खुलासा हुआ है कि हैंडलर द्वारा संदेश दिया जा रहा था कि जितनी दहशत उतना पैसा दिया जाएगा.

आरोपियो ने पिकअप और बाइक में आग लगाकर बड़े धमाके का रिहर्सल किया था. यह चारों संदिग्ध पाकिस्तानी हैंडलर अबु बकर के लगातार संपर्क में थे. सोशल मीडिया हैंडल करने में चारों पूरी तरह ट्रेन्ड हैं. हैंडलर से बातचीत में अफ़ग़ानिस्तान का नंबर इस्तेमाल करने की बात भी सामने आई है.

यह संदिग्ध हैंडलर को संदेश भेजने के लिए वीपीएन और इंस्टाग्राम का प्रयोग करते थे. इस बीच पकड़े गए संदिग्धों का दुबई कनेक्शन भी सामने आया है. मेरठ का आकिब दुबई में बैठकर मॉड्यूल को ऑपरेट कर रहा था.

पूछताछ में पता चला है कि आकिब ने ही साकिब का संपर्क सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स से कराया था. जानकारी है कि आकिब का पाकिस्तानी हैंडलर्स से पहले से ही संपर्क था. यूपी एटीएस ने आकिब को लेकर अब छानबीन शुरू कर दी है.

बता दें कि आकिब ने ही शाकिब के नाम का devil कोड वर्ड दिया था. आकिब पाकिस्तानी हैंडलर्स से पैसों का पूरा लेन देन करता था और काम हो जाने के बाद शाकिब और उसके साथियों को भेजता था. संदिग्धों के मोबाइल से एटीएस को अहम जानकारी मिली है. मोबाइल में कई रक्षा प्रतिष्ठान और कैंट इलाके के वीडियो मिले हैं.

यह संदिग्ध पाकिस्तानी हैंडलर को रेकी के वीडियो भेजते थे. इसके अलावा रेलवे के सिग्नल बॉक्स और सिलिंडर भरे वाहनों पर संदिग्ध आंतकियों की नजर थी. हिंदूवादी नेताओं को निशाना बनाने की साजिश की भी जानकारी सामने आई है.

Recipe : क्या चीज बेक करनी है और क्या रोस्ट? खाना बनाने के ये तरीके सीखें, वरना नहीं बनेंगी घर की फेवरेट

खाना स्वादिष्ट बनाने का असली राज सिर्फ मसालों में नहीं, बल्कि सही कुकिंग मेथड में छिपा होता है, आइए जानते है बेकिंग और रोस्टिंग का सही फर्क जिससे बनेगा हर डिश परफेक्ट

खाने को स्वादिष्ट बनाने के लिए सिर्फ मसलों को सही मात्रा में डालना जरूरी नहीं होता है, बल्कि ये भी आवश्यक है कि आप इसे किस तरीके से बना रहे है. वही खाना बनाने के कई तरीके होते हैं, लेकिन अगर आपको बेक (Bake) और रोस्ट (Roast) का फर्क नहीं पता, तो कई बार आपकी डिश का स्वाद वैसा नहीं बन पाता जैसा आप चाहती हैं. कई लोग इन दोनों को एक जैसा मान लेते हैं, लेकिन आपको बता दे की एक्सपर्ट्स के मुताबिक इनकी रिजल्ट में बड़ा अंतर होता है. मशहूर शेफ Sanjeev Kapoor भी कई इंटरव्यू और कुकिंग शो में बता चुके हैं कि सही कुकिंग मेथड चुनना ही स्वाद का सबसे बड़ा राज होता है.

खाने को स्वादिष्ट बनाने के लिए सिर्फ मसलों को सही मात्रा में डालना जरूरी नहीं होता है, बल्कि ये भी आवश्यक है कि आप इसे किस तरीके से बना रहे है. वही खाना बनाने के कई तरीके होते हैं, लेकिन अगर आपको बेक (Bake) और रोस्ट (Roast) का फर्क नहीं पता, तो कई बार आपकी डिश का स्वाद वैसा नहीं बन पाता जैसा आप चाहती हैं. कई लोग इन दोनों को एक जैसा मान लेते हैं, लेकिन आपको बता दे की एक्सपर्ट्स के मुताबिक इनकी रिजल्ट में बड़ा अंतर होता है. मशहूर शेफ Sanjeev Kapoor भी कई इंटरव्यू और कुकिंग शो में बता चुके हैं कि सही कुकिंग मेथड चुनना ही स्वाद का सबसे बड़ा राज होता है.

बेकिंग में ड्राई हीट से खाने को पकाते हैं, जिसमें सीधे आंच का यूज नहीं किया जा सकता है, इसलिए इसे आमतौर पर ओवन में या फिर ट्रेडिशनली बने हुए हॉट सरफेस का यूज किया जाता है जो तकरीबन ओवन जैसे ही होते हैं. बेकिंग में तापमान कंट्रोल बहुत अहम होता है, जिससे केक, कुकीज़ और ब्रेड जैसी चीजें अंदर तक समान रूप से पकती हैं और उनका टेक्सचर सॉफ्ट बनता है.

वही अगर रोस्टिंग यानी भूनना की बात करे तो ये एक ऐसा कुकिंग मेथड है, जिसमें ड्राई हीट के साथ ही हॉट एयर यानी गर्म हवा का यूज किया जाता है जिससे बाहर की परत क्रिस्पी हो जाती है. इसमें खाना चारों तरफ से अच्छी तरह भूना जाता है. रोस्टिंग का इस्तेमाल आमतौर पर सब्जियों, मीट और नट्स के लिए किया जाता है, क्योंकि इसमें हाई हीट से फ्लेवर ज्यादा उभरकर आता है और खाना हल्का ब्राउन हो जाता है.

अगर आसान भाषा में समझें तो बेकिंग में खाना धीरे-धीरे पकता है और अंदर तक नरम रहता है, जबकि रोस्टिंग में बाहर से कुरकुरा और अंदर से जूसी टेक्सचर मिलता है. यही वजह है कि केक या ब्रेड को बेक किया जाता है, जबकि आलू और चिकन को रोस्ट करना ज्यादा बेहतर माना जाता है.अगर हम टैम्परेचर की बात करे तो बेकिंग में अमूमन तापमान 305°F या 175 °F से नीचे रखा जाता है और खाना धीरे-धीरे फूलता है , हालांकि कई बार ये कम या ज्यादा हो सकता है. वही रोस्टिंग हाई टेम्परेचर पर की जाती है खाना जल्दी पकता है और ऊपर से सुनहरा रंग आता है. जिसमें 400 °F या 200 °C के ऊपर टेम्परेचर रखते हैं. यही कारण है कि दोनों तरीकों का इस्तेमाल अलग-अलग तरह की डिश के लिए किया जाता है.

कुकिंग एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर आप सही डिश के लिए सही तकनीक नहीं अपनाती हैं, तो खाने का स्वाद और टेक्सचर दोनों खराब हो सकते हैं. जैसे अगर आप केक को रोस्ट करने की कोशिश करेंगी तो वह सख्त हो सकता है, वहीं रोस्ट करने वाली चीज को बेक करने से उसका क्रिस्पीपन कम हो सकता है.
आपको बता दे कि यह जानकारी फूड एक्सपर्ट्स और कुकिंग प्लेटफॉर्म्स जैसे BBC Good Food पर दी गई गाइडलाइंस के आधार पर तैयार की गई है, जहां बेकिंग और रोस्टिंग के बीच के अंतर को विस्तार से समझाया गया है. अगर आप इन बेसिक तकनीकों को समझ लेंगी, तो घर पर भी रेस्टोरेंट जैसा स्वाद पा सकती हैं.

World : अमेरिका में उथल-पुथल! ईरान में सत्ता बदलने के चक्कर में बुरे फंसे ट्रंप, क्या खतरे में है कुर्सी?

ईरान में चल रही जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर व्हाइट हाउस के अंदर और बाहर दोनों तरफ राजनीतिक दबाव बढ़ गया है. ईरान में जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया को यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि हालात उनके नियंत्रण में हैं, लेकिन असलियत यह है कि अब उनकी अपनी सरकार के अंदर ही हलचल तेज हो गई है. जिस ‘रिजीम चेंज’ की बात ट्रंप ईरान को लेकर कर रहे थे, वही तरह का राजनीतिक दबाव अब उनके ऊपर अमेरिका के अंदर बनता दिख रहा है.

हाल ही में अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को हटाए जाने के बाद व्हाइट हाउस में बड़े स्तर पर फेरबदल की चर्चा शुरू हो गई है. रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप अपनी कैबिनेट में बदलाव करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं. वजह यह है कि ईरान के साथ चल रही जंग अब उनके लिए राजनीतिक और लोकप्रियता के लिहाज से भारी पड़ रही है. यह जंग करीब पांच हफ्ते से चल रही है और इसका असर सीधे अमेरिकी जनता पर दिख रहा है. पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ गए हैं, महंगाई को लेकर लोगों की चिंता बढ़ी है और ट्रंप की लोकप्रियता लगातार गिर रही है. हालिया सर्वे के मुताबिक उनकी अप्रूवल रेटिंग सिर्फ 36% तक रह गई है, जो उनके कार्यकाल में सबसे कम है.

व्हाइट हाउस के अंदर माना जा रहा है कि हालात उतने आसान नहीं हैं जितना बाहर दिखाया जा रहा है. ट्रंप ने हाल ही में राष्ट्र के नाम संबोधन दिया, जिससे उम्मीद थी कि जनता का भरोसा बढ़ेगा, लेकिन उल्टा इसका असर फीका रहा. रॉयटर्स ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि “यह भाषण वह काम नहीं कर पाया, जिसके लिए दिया गया था.”

अब ट्रंप के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि क्या वह अपनी टीम में बदलाव करके हालात को संभाल सकते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ बड़े नामों पर खतरा मंडरा रहा है. इनमें नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गबार्ड और कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक शामिल हैं. बताया जा रहा है कि ट्रंप पिछले समय से गबार्ड के काम से खुश नहीं हैं और उनके विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं. वहीं लुटनिक भी विवादों में हैं, खासकर उनके पुराने संबंधों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. हालांकि, व्हाइट हाउस की तरफ से कहा गया है कि राष्ट्रपति को अपनी टीम पर भरोसा है.

दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप खुद बड़े कैबिनेट बदलाव से बचना चाहते हैं. उनके पहले कार्यकाल में लगातार स्टाफ बदलने की वजह से आलोचना हुई थी. इसलिए इस बार वह “छोटे लेकिन असरदार बदलाव” करने की रणनीति पर काम कर सकते हैं, ताकि बड़ा झटका न लगे और यह संदेश जाए कि सरकार सक्रिय है.

समस्या सिर्फ सरकार के अंदर की नहीं है. अमेरिका में लोग भी ईरान जंग को लेकर चिंतित हैं. करीब 60% लोग इस जंग के खिलाफ हैं. उन्हें डर है कि यह लड़ाई लंबी खिंच सकती है और इसका आर्थिक बोझ आम जनता को उठाना पड़ेगा. ट्रंप के समर्थकों में भी बेचैनी है. महंगाई और बढ़ती कीमतें उनके समर्थन को प्रभावित कर रही हैं. एक अधिकारी ने कहा, “लोग विचारधारा सहन कर सकते हैं, लेकिन पेट्रोल के दाम तुरंत असर दिखाते हैं.”

ट्रंप अपनी छवि मजबूत दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जमीन पर हालात उनके खिलाफ जा रहे हैं. अब उनके पास दो विकल्प हैं: या तो टीम में बदलाव करके नई शुरुआत करें, या उसी टीम के साथ हालात संभालने की कोशिश करें. संकेत मिल रहे हैं कि बड़े पैमाने पर नहीं, लेकिन “टारगेटेड बदलाव” जरूर हो सकते हैं. कुछ खास चेहरों को हटाकर संदेश दिया जाएगा कि सरकार एक्शन में है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “बॉन्डी आखिरी नहीं हैं.” यह बयान साफ करता है कि आने वाले दिनों में व्हाइट हाउस में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

Bollywood : दिल्ली में शादी अटेंड करने पहुंचे शाहरुख खान और कपिल शर्मा, इनसाइड पिक्स

बॉलीवुड के स्टार्स सलमान खान और शाहरुख खान को हाल ही में एक शादी में देखा गया, जहां दोनों सितारे अपने अपने अंदाज में दिखे. शादी से उनकी कई फोटोज और वीडियोज समाने आई है. आइए देखते हैं. बॉलीवुड के सितारे सलमान खान और शाहरुख खान हाल ही में दिल्ली में आयोजित एक शादी अटेंड करने पहुंचे. जहां, शाहरुख खान और सलमान खान ने अपनी स्टाइलिश एंट्री और शाही अंदाज के साथ शादी की रौनक बढ़ाते नजर आए. शादी से उनके कई फोटोज और वीडियोज सामने आए हैं.

बॉलीवुड के भाईजान सलमान खान को शादी में उनकी बहन अर्पिता खान और उनके पति, एक्टर आयुष शर्मा के साथ देखा गया. सलमान खान ने ब्लैक फॉर्मल सूट पहना था, वो हमेशा की तरह फुल स्वैग में दिखें उन्होंने कैमरे में पोज भी दिया. वहीं, शाहरुख खान भी शादी में शामिल हुए, अपने मैनेजर पूजा डडलानी के साथ. ऑल ब्लैक लुक में वो काफी हैंडसम लग रहे थे. में अपनी क्लासी स्टाइल दिखाते हुए शादी में शाही अंदाज बनाए रखा.

पॉपुलर कॉमेडियन कपिल शर्मा ने अपनी अपनी पत्नी गिन्नी के साथ शादी में शिरकत की. वो ऑल ब्लैक आउटफिट में नजर आए. वहीं उनकी वाइफ भी ब्लैक करके के सूट में दिखी. दोनों ने साथ में कई पोज दिए है.वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक शादी में प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी, होम मिनिस्टर अमित शाह और फिल्ममेकर भूषण कुमार जैसे हाई-प्रोफाइल गेस्ट भी शामिल थे.

वर्क फ्रंट की बात करें तो, शाहरुख खान अपनी अगली फिल्म ‘किंग’ में नजर आने वाले हैं. सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बन रही इस एक्शन फिल्म में शाहरुख के अलावा सुहाना खान, दीपिका पादुकोण और अभिषेक बच्चन, राघव जूयाल, अनिल कपूर, सौरभ शुक्ला, जैदीप अहलावत और अन्य कलाकार भी हैं. वहीं, सलमान खान फिल्म ‘मातृभूमि’ में दिखाई देंगे. फिल्म में उनके साथ चित्रंगदा सिंह भी नजर आने वाली हैं.

Business : ईरान में जंग से बीकानेरी भुजिया और पापड़ पर टूटी आफत, काराेबारियों के सामने आई नई चुनौती

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच वैश्विक स्तर पर कंटेनरों की भी कमी हो गई है. इससे एक्सपोर्टरों के लिए समय पर माल भेजना अब किसी चुनौती से कम नहीं है. ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले और इससे मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब मशहूर नमकीन एवं स्नैक्स ब्रांड बीकानेर (Bikaner) पर भी पड़ने लगा है. जंग के जारी रहने रहने से नमकीन एक्सपोर्ट की रफ्तार धीमी पड़ती जा रही है. राजस्थान के बीकानेर इलाके के एक्सपोटर्स को खाड़ी देशों और यूरोपीय बाजारों में भुजिया, पापड़ और मसालों की खेप भेजने में काफी रुकावटें आ रही हैं.

बीकानेर अपने नमकीन इंडस्ट्री के लिए बहुत मशहूर है. यहां से नमकीन और पापड़ ईरान, इराक, कतर, बहरीन, ओमान, यूएई जैसे खाड़ी देशों और ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन जैसे यूरोपीय देशों में भेजे जाते हैं. अब ईरान में जंग के बीच एक्सपोर्टर्स का कहना है कि इस टकराव की वजह से कंटेनरों की भारी कमी हो गई है.

पहले 15-20 कंटेनरों में भरकर सामान भेजे जाते थे, लेकिन अब इनकी कमी होने से करोड़ों रुपयों का माल बंदरगाहों पर या ट्रांजिट में फंसा हुआ है. ऊपर से एक्सपोर्ट का अभी पीक सीजन है, ऐसे में सामान भेजने में हो रही देरी और बढ़ती लागत से बीकानेर के एक्सपोर्ट-बेस्ड इंडस्ट्री पर संकट गहराता जा रहा है.

कंटेनरों की कमी के साथ-साथ सुरक्षित समुद्री रास्ते की तलाश में जहाजों को लंबे रूट लेने पड़ रहे हैं. इसके चलते पहले जो शिपमेंट 30 दिनों में पहुंच जाता था, उसे पहुंचने में अब 60 दिन का समय लग रहा है. यानी कि डिलीवरी में अब दोगुना समय लग रहा है. इस बीच, समुद्री रास्ते में जोखिम बढ़ने के कारण फ्रेंट चार्जेस में भी कई गुना इजाफा हुआ है, बीमा कंपनियां भी अब जहाजों के लिए ज्यादा ‘रिस्क प्रीमियम’ वसूल रही हैं.

जंग के कारण कच्चे माल की भी कीमतें बढ़ी हैं. पिछले एक महीने में खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले तेल (Edible oil) की कीमतें 20 परसेंट तक बढ़ी हैं. पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बीच पैकेजिंग पर आ रहा खर्च भी 30-40 परसेंट तक बढ़ा है. इन सबके बीच मैन्युफैक्चररर्स को डर है कि जंग के कारण पैदा हुई इस अस्थिरता के बीच प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिसका असर आम आदमी की जेबों पर पड़ेगा. यानी कि आने वाले समय में बीकानेरी नमकीन और भुजिया के चटकारे लेना महंगा साबित हो सकता है.

Bhakti News : विकट संकष्टी पर करें ये उपाय, दूर होंगे संकट, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि!

हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक महीने के कृष्ण और शुक्ल और दोनों पक्षों की चतुर्थी को भगवान गणेश की पूजा विधान है. इस महीने 5 अप्रैल को विकट संकष्टी चतुर्थी का व्रत है.

Sankashti Chaturthi 2026: हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना गया है. प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है. वैशाख माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली चतुर्थी को विकट संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है.

ऐसी मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से पूजन करने से जीवन के कठिन से कठिन संकट दूर हो जाते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि 5 अप्रैल को विकट संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा. इस दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है. साथ ही संकष्टी चतुर्थी के दिन व्रत करने का भी विधान है. ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि और संपन्नता बनी रहती है.

प्रत्येक महीने के कृष्ण और शुक्ल और दोनों पक्षों की चतुर्थी को भगवान गणेश की पूजा विधान है. कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायकी श्री गणेश चतुर्थी का व्रत रखा जाता है. हर महीने में आने वाली संकष्टी और विनायक गणेश चतुर्थी को अलग-अलग नामों से जाना जाता है. वैशाख कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को आने वाली संकष्टी चतुर्थी को विकट संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है.

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश को समर्पित संकष्टी चतुर्थी का व्रत हर महीने रखा जाता है, लेकिन वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी का विशेष महत्व होता है, जिसे विकट संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है. हिंदू धर्म में भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य देवता माना जाता है.

उनकी कृपा शुभ-मांगलिक कार्यों में आ रही बाधाएं दूर करती हैं. साथ ही व्यक्ति को सफलता भी मिलती हैं. लेकिन गणेश जी का विशेष आशीर्वाद पाने के लिए विकट संकष्टी चतुर्थी का व्रत बेहद प्रभावशाली माना जाता है. पंचांग के अनुसार, हर साल वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर विकट संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है. इस दिन भगवान गणेश का विशेष रूप से पूजन किया जाता है, जिससे जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं. यही नहीं साधक को कठिन परिस्थितियों से मुक्ति भी प्राप्त होती हैं.

शुभ मुहूर्त

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि पंचांग के अनुसार, वैशाख कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि का आरंभ 5 अप्रैल 2026 को सुबह 11:59 मिनट पर होगा. चतुर्थी तिथि का समापन 6 अप्रैल को दोपहर 2:10 मिनट पर होगा. उदयातिथि और चंद्रोदय के मुताबिक, 5 अप्रैल 2026 को विकट संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा.

चंद्रोदय का समय

भविष्यवक्ता और कुंडली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि विकट संकष्टी चतुर्थी के दिन चंद्रोदय का समय रात 9:54 मिनट पर रहेगा. आपको बता दें कि संकष्टी चतुर्थी व्रत का पारण चंद्रोदय के समय ही किया जाता है.

भविष्यवक्ता और कुंडली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि भगवान गणेश के अष्टविनायक रूपों में से एक विकट रूप भी है. समस्त प्रकार के ज्ञात-अज्ञात भय, रोग, शोक एवं दुर्घटनाओं से मुक्ति हेतु भगवान विकट की पूजा की जाती है. भगवान विकट अपने भक्तों को अपराजेयता एवं निर्भयता प्रदान करते हैं और घोर से घोर महासंकटों में भक्तों की रक्षा करते हैं.

पूजन मंत्र

. ॐ नमो सिद्धिविनायकाय सर्वकार्यकर्त्रे सर्वविघ्न प्रशमनाय..

. वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ, निर्विघ्नं कुरु मे देवा, सर्व कार्येषु सर्वदा..

. ॐ गणानां त्वा गणपतिं हवामहे, प्रियाणां त्वा प्रियपतिं हवामहे, निधीनां त्वा निधिपतिं हवामहे..

. ॐ वक्रतुण्डाय हुम्॥

. ॐ गं गणपतये नमः॥

Madhya Pradesh News : मध्य प्रदेश के अनूपपुर में चार मंजिला बिल्डिंग ढहने से दो लोगों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

अनूपपुर के जिलाधिकारी हर्षल पंचोली ने बताया कि कोतमा में इमारत ढहने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में रात में पांच लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है, जिनमें दो की मौत हो गई है. मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा कस्बे में शनिवार शाम चार मंजिला लॉज की इमारत ढह जाने की घटना में मरने वालों की संख्या दो हो गई. पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पांच अन्य लोग इस हादसे में घायल हो गए हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए शहडोल भेजा गया है. अधिकारी ने बताया कि मलबे में अब भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है, इसलिए राहत व बचाव कार्य जारी है.

अनूपपुर के जिलाधिकारी हर्षल पंचोली ने बताया कि कोतमा में इमारत ढहने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में रात में पांच लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है, जिनमें दो की मौत हो गई है. अधिकारियों ने बताया कि कोतमा बस स्टैंड के पास स्थित ‘अग्रवाल लॉज’ नामक यह इमारत शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे ढह गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इमारत गिरते समय तेज धमाके जैसी आवाज हुई और चारों ओर धूल का गुबार फैल गया.

उन्होंने बताया कि घटना के समय बस स्टैंड क्षेत्र में यात्रियों की आवाजाही के कारण भीड़ थी तथा पास के भूखंड पर निर्माण कार्य भी हो रहा था. अनूपपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मोती उर रहमान ने रविवार सुबह बताया कि मृतकों की पहचान हनुमान दीन यादव (55) और रामकृपाल यादव (50) के रूप में हुई है.

उन्होंने कहा कि मलबे से पांच और लोग निकाले गए, जो घायल हैं. इनमें से दो की हालत गंभीर है और उन्हें शहडोल रेफर किया गया है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) सहित अन्य बचाव टीम ने रात भर अभियान चलाया और यह अब भी जारी है ताकि अगर कोई और मलबे में फंसा हो तो उसे निकाला जा सके.

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि करीब 10 वर्ष पुरानी इस इमारत के पास जारी निर्माण कार्य के कारण हादसा होने की आशंका है. मध्य प्रदेश के वन मंत्री एवं अनूपपुर जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार और कुटीर एवं ग्राम उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल शनिवार देर रात घटनास्थल पर पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की.

मंत्री दिलीप अहिरवार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस हादसे से जुड़े हर पहलू की जांच की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और उनका समुचित इलाज कराना है. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम भी मौके के लिए रवाना हो गई है तथा प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार सहित अधिकारियों को घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं. तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है.

WORLD : डोनाल्ड ट्रंप का कैंसिल हुआ वीकली ऑफ, ईरान युद्ध के बीच नहीं मिलेगी छुट्टी, क्या है पूरा मामला?

ईरान के साथ बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी साप्ताहिक छुट्टी रद्द कर दी है. व्हाइट हाउस से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रंप इस दौरान व्हाइट हाउस में ही रहकर बंद कमरे में उच्चस्तरीय बैठकों की अध्यक्षता करेंगे.

सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने हर हफ्ते मिलने वाली अपनी छुट्टी को रद्द कर दिया है और अब वह वीकेंड के दौरान भी लगातार बैठकों में शामिल रहेंगे. यह फैसला ईरान के साथ जारी तनाव और युद्ध की स्थिति को देखते हुए लिया गया है.

1.5 ट्रिलियन डॉलर रक्षा बजट की मांग

इसी बीच ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी कांग्रेस को एक बड़ा खर्च प्रस्ताव भेजा है, जिसमें अगले साल के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 125 लाख करोड़ रुपये) के रक्षा बजट की मांग की गई है. यह बजट पिछले साल की तुलना में करीब 42 प्रतिशत ज्यादा है. माना जा रहा है कि ईरान के साथ युद्ध के चलते अमेरिका का सैन्य खर्च तेजी से बढ़ा है, जिसके कारण यह बड़ी मांग की गई है.

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ी बढ़ोतरी

रिपोर्ट के अनुसार, यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो पेंटागन के खर्च में यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ी बढ़ोतरी होगी. यह प्रस्ताव 2026 के लिए रक्षा बजट में 42 प्रतिशत वृद्धि का संकेत देता है, जो अमेरिका की सैन्य तैयारियों को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.

सैन्य खर्च और कानून व्यवस्था पर फोकस

व्हाइट हाउस द्वारा शुक्रवार को जारी यह बजट प्रस्ताव अभी कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है और इसे लागू करने के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होगी. हालांकि, यह प्रस्ताव स्पष्ट करता है कि ट्रंप प्रशासन की प्राथमिकताओं में सैन्य खर्च बढ़ाना और कानून व्यवस्था को मजबूत करना शामिल है.

प्रस्ताव में कांग्रेस से गैर-रक्षा खर्च में करीब 73 अरब डॉलर (लगभग 10 प्रतिशत) की कटौती करने की भी मांग की गई है. इस कटौती का उद्देश्य विवादास्पद और गैर-जरूरी कार्यक्रमों को खत्म करना और कुछ जिम्मेदारियों को राज्यों व स्थानीय सरकारों को सौंपना बताया गया है. इस बजट प्रस्ताव पर आने वाले हफ्तों में अमेरिकी कांग्रेस में विस्तृत चर्चा होने की संभावना है.

BUSINESS : सरकार का बड़ा ऐलान! सोने की खरीदारी को लेकर बदलेंगे नियम, ग्राहकों पर क्या होगा असर?

सरकार सोने की खरीदारी से जुड़े नियमों को और सख्त करने वाली है. इसके तहत, देश में सोने की टैगिंग से जुड़े और भी सख्त नियम लागू करने की तैयारी चल रही है ताकि हॉलमार्किंग के गलत इस्तेमाल को लेकर बढ़ती चिंताओं को दूर किया जा सके. साथ ही सोने की शुद्धता और प्रामाणिकता भी सुनिश्चित हो.

इन्हीं नियमों के तहत, सरकार ने सोने के हर आइटम के लिए HUID कोड के इस्तेमाल को अनिवार्य कर दिया है. ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे केवल वही ज्वेलरी खरीदे, जिन पर 6- अंकों का Hallmark Unique Identification (HUID) कोड हो. इसे ‘BIS CARE’ ऐप के जरिए वेरिफाई भी किया जा सकता है. इससे नकली सामानों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.

हॉलमार्किंग क्यों है जरूरी?
हॉलमार्किंग एक सर्टिफिकेशन प्रॉसेस है, जो सोने के गहनों की शुद्धता की पुष्टि करती है. भारत में, इसे भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा रेगुलेट किया जाता है, जो यह सुनिश्चित करता है कि सोना निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा करता हो. सही हॉलमार्किंग खरीदारों को सोच-समझकर फैसले लेने में मदद करती है और बुलियन तथा आभूषण क्षेत्र में होने वाली धोखाधड़ी से बचाती है.

सोने का हॉलमार्क होना अनिवार्य है. हालांकि, बावजूद इस नियम के दुरुपयोग और अनियमितताओं के कई मामले सामने आए हैं. कुछ ज्वेलर्स कम कैरेट वाला सोना बेचते हुए या BIS चिह्नों का दुरुपयोग करते हुए पाए गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को नुकसान हो रहा है. इसके चलते अब सिस्टम को और मजबूत बनाने की जरूरत आन पड़ी है, जिससे सप्लाई चेन के हर एक चरण पर जवाबदेही सुनिश्चित करना होगा.

यूनिक ID का दोबारा नहीं हो सकेगा इस्तेमाल
सरकार के नए नियमों के अनुसार, अब सोने के गहनों पर मौजूद Hallmark Unique Identification (HUID) नंबर का दोबारा इस्तेमाल नहीं हो सकेगा. यानी कि अगूंठी, सोने की चेन या हार के लिए इस्तेमाल कर लिया गया यूनिक 6- अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड (A2B1C4) का इस्तेमाल अब दोबारा किसी और गहने के लिए नहीं किया जा सकेगा. अगर किसी कोड का इस्तेमाल किसी एक गहने के लिए कर लिया गया है, तो वह हमेशा के लिए उसी का रहेगा.

खरीदारी को लेकर नियम
2 लाख रुपये से अधिक की खरीदारी पर PAN कार्ड अनिवार्य.
10 लाख रुपये से अधिक की खरीदारी पर PAN के साथ-साथ अब आधार कार्ड और आय प्रमाण (Income Proof) देना जरूरी.
2 लाख से अधिक का भुगतान कैश में नहीं किया जा सकता.

TECHNOLOGY : फोन का काम आसान करने की बजाय मुश्किल कर देती हैं ये ऐप्स, आज ही कर दें रिमूव

अगर आप प्ले स्टोर पर सर्च करेंगे तो रैम क्लीनर (RAM cleaner) के नाम पर आपको कई ऐप्स मिल जाएंगी. ये एंड्रॉयड फोन पर सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाली ऐप्स में शामिल होती हैं. ये ऐप्स बेहतर परफॉर्मेंस, फ्री मेमोरी और लंबी बैटरी लाइफ का प्रॉमिस करती हैं, लेकिन असल में ऐसा कुछ नहीं होता है. एक समय फोन में इन ऐप्स की जरूरत होती थी, लेकिन अब इनकी कोई जरूरत नहीं है. अगर आपके फोन में रैम क्लीनर ऐप्स हैं तो इन्हें तुरंत रिमूव कर दें. ये फोन की स्पीड स्लो करने के साथ बैटरी लाइफ पर भी असर डालती हैं.

फोन को कैसे स्लो करती हैं रैम क्लीनर ऐप्स?रैम क्लीनर ऐप्स फोन में चल रही बैकग्राउंड ऐप्स को फोर्स क्लोज कर देती हैं. हर बार ऐसा करना ठीक नहीं होता है. दरअसल, जब आप एंड्रॉयड पर किसी ऐप को मिनिमाइज करते हैं तो इसका रैम यूसेज कम हो जाता है. अगली बार जब आप इसे ओपन करते हैं तो यह जल्दी लोड होती है और तुरंत ओपन हो जाती है. रैम क्लीनर ऐप इन ऐप्स को फोर्स क्लोज कर देती है. इसलिए जब आप दोबारा उस ऐप को ओपन करते हैं तो इसे पूरी तरह रीलोड होना पड़ता है. इससे रिसोर्सेस पर लोड बढ़ता है और फोन का सिस्टम स्लो हो जाता है.

बैटरी लाइफ पर भी पड़ता है असर

जब आप फोर्स क्लोज के बाद ऐप को दोबारा ओपन करते हैं तो यह सिर्फ फोन के सिस्टम पर असर नहीं डालती. इसे ओपन करने के लिए एक्स्ट्रा बैटरी पावर की भी जरूरत पड़ती है. ऐसे में अगर रैम क्लीनर बार-बार ओपन होने वाली ऐप्स जैसे फेसबुक, व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम को फोर्स क्लोज करती रहेगी तो इन्हें दोबारा ओपन करने के लिए बैटरी को ज्यादा काम करना पड़ेगा. इससे बैटरी लाइफ कम होती है और आपके लिए चार्जिंग का झंझट बढ़ जाता है.

अब नहीं है रैम क्लीनर ऐप्स की जरूरत

ऐसा नहीं है कि एंड्रॉयड फोन्स को कभी भी रैम क्लीनर ऐप्स की जरूरत नहीं रही है. एंड्रॉयड के शुरुआती दिनों में स्मार्टफोन्स में लिमिटेड रैम मिलती थी. ऐप्स भी आज की तरह ऑप्टिमाइज्ड नहीं होती थी और बैकग्राउंड मैनेजमेंट भी आज की तुलना में कम इंटेलीजेंट था. इस कारण कुछ ऐप्स ओपन होते ही फोन स्लो हो जाता था. ऐसी स्थिति में रैम क्लीनर ऐप्स काम आती थीं, लेकिन आज ये सारी चीजें बदल चुकी हैं. अब फोन का सिस्टम अपने आप सब कुछ मैनेज कर लेता है, जिससे रैम क्लीनर ऐप्स की जरूरत खत्म हो गई है.

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