NATIONAL : अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने डोभाल से की मुलाकात, सुरक्षा और सहयोग के मुद्दे पर चर्चा

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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एनएसए अजीत डोभाल से मुलाकात की। दोनों पक्षों की बैठक में रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक तकनीक सहयोग सहित ट्रस्ट पहल पर चर्चा हुई। उन्होंने भारत-अमेरिका की व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया। पढ़िए रिपोर्ट-

प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, अमेरिकी विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मार्को रुबियो ने आज एनएसए अजीत डोभाल से मुलाकात की। चर्चा रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक तकनीक से जुड़े सहयोग के मुद्दे पर केंद्रित रही, जिसमें ट्रस्ट पहल भी शामिल है। दोनों एनएसए ने द्विपक्षीय व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को दी गई उच्च प्राथमिकता को दोहराया। उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

दिल्ली में 26 मई को जुटेंगे दिग्गज
भारत की मेजबानी में 26 मई को होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक में चारों क्वाड देशों यानी भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्री हिस्सा लेंगे। विदेश मंत्री जयशंकर की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में हिंद-प्रशांत के बदलते सुरक्षा समीकरणों के साथ-साथ पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संघर्ष के बिंदुओं पर भी गंभीर मंथन होने की उम्मीद है।

बैठक से पहले जयशंकर ने क्या कहा?
वहीं, राष्ट्रीय राजधानी में 26 मई को होने जा रहे क्वाड विदेश मंत्रियों की अहम बैठक से पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आज एक बड़ा बयान दिया। रविवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हिंद-प्रशांत क्षेत्र पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा ऊर्जा गलियारा बनने जा रहा है। उन्होंने यह भरोसा भी जताया कि क्वाड की बैठक के बाद इसके सदस्य देशों के पास दुनिया को सुनाने के लिए एक दमदार कहानी होगी।

जयशंकर ने याद दिलाया कि क्वाड ने अपने मौजूदा स्वरूप की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले शासन के दौरान की थी। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री रूबियो के साथ उनकी बातचीत में क्वाड का मुद्दा शुरुआत से ही प्रमुखता से शामिल रहा है। जयशंकर ने कहा कि आगे चलकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र का महत्व समय के साथ और भी बढ़ता जाएगा। यह ऊर्जा का एक बड़ा स्रोत भी बन जाएगा।

विदेश मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा, मुझे खुशी है कि आपने समुद्री लोकतंत्र शब्द का प्रयोग किया क्योंकि मुझे लगता है कि दोनों ही शब्द बहुत प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा, हम एक-दूसरे के साथ बहुत कुछ कर रहे हैं क्योंकि हम समुद्री शक्तियां हैं और मैं इसे बढ़ते हुए देख रहा हूं। और हम एक-दूसरे के साथ बहुत कुछ कर रहे हैं क्योंकि हम लोकतांत्रिक शक्तियां हैं जिनकी कार्यशैली, विश्वास प्रणाली और प्रथाएं निश्चित हैं।

अंतरराष्ट्रीय कानून और खुले समाज पर जोर
क्वाड के मिशन को साफ करते हुए जयशंकर ने कहा कि यह समूह नियम-आधारित व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हम सभी बाजार अर्थव्यवस्थाएं और खुले समाज हैं। हम चाहते हैं कि व्यापार और जीवन अंतरराष्ट्रीय कानून और बाजार प्रथाओं के आधार पर चले। इसलिए, विशेष रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में, क्वाड देशों का सहयोग बेहद जरूरी है और दो दिन बाद मंच पर आपको यही एकजुटता देखने को मिलेगी।
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