Wednesday, April 1, 2026
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ENTERTAINMENT : ‘बाहर जाओ, पैसे कमाओ,’ जब माधवन को पत्नी ने घर से निकाला था बाहर, किस बात से थीं परेशान?

आर माधवन ने बताया कि जब उन्होंने एक समय पर एक्टिंग से दूरी बना ली थी, तब उनकी पत्नी सरिता ने उन्हें वापस अपने काम पर लौटने में मदद की थी. कोविड के दौरान पत्नी ने ही एक्टर को घर से बाहर काम करने भेजा.एक्टर आर माधवन आजकल लगभग हर दूसरी-तीसरी फिल्म में दिखाई दे रहे हैं. उनकी पिछले छह महीनों में करीब 3 फिल्में रिलीज हो गई हैं. जिसमें से एक फिल्म आदित्य धर की ‘धुरंधर’ भी है, जो अभी भी बॉक्स ऑफिस और ओटीटी दोनों पर धमाल मचा रही है. इसमें उन्होंने अजय सान्याल का रोल प्ले किया था, जो भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के किरदार से प्रेरित था.

फिल्म ‘धुरंधर’ में माधवन का रोल काफी कम था, लेकिन इसके पार्ट 2 में उनका रोल बड़ा और अहम होने वाला है. आर माधवन इस समय हिंदी और साउथ दोनों फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिवली काम कर रहे हैं. हालांकि एक वक्त ऐसा भी था जब वो चार साल तक एक्टिंग से दूर हो गए थे. कोविड 19 से पहले माधवन काम से दूर थे. लेकिन इसी दौरान वो अपने अगले फेज की तैयारी में भी जुटे हुए थे.

हाल ही में एक्टर ने उस दौर को याद किया, जब वो काम नहीं कर रहे थे. उन्होंने ये भी बताया कि कैसे उनकी पत्नी सरिता माधवन ने उन्हें काम करने के लिए प्रेरित किया. यूट्यूब चैनल अनफिल्टर्ड एंटरटेनमेंट पर माधवन ने एक मजेदार किस्सा सुनाते हुए कहा, ‘मेरी बीवी कहती है कि आप कभी काम से बाहर नहीं निकल सकते. आप तो तमिल कॉमेडी करते हैं, तमिल एक्शन करते हैं, OTT करते हैं, हिंदी एक्शन करते हैं, इंग्लिश OTT करते हैं. मुझे तो हैरानी हो रही है कि आप घर पर बैठे हैं. कोरोना के समय 2020 में उन्होंने मुझे घर से बाहर निकाल दिया और बोलीं कि जाओ बाहर, कुछ काम करो, पैसे कमाओ.’

माधवन ने आगे बताया कि कैसे उनकी पत्नी ने उनमें काम के प्रति आ रहे बदलाव पर ध्यान दिया. एक्टर ने कहा, ‘एक दिन मेरी पत्नी ने मुझसे पूछा कि आपको क्या हो गया है? आप काम पर ऐसे जा रहे हो जैसे जल्दी से वापस आना चाहते हो. ये बात उनकी बहुत सही थी.’ माधवन ‘धुरंधर 2’ के बाद और भी फिल्मों में नजर आने वाले हैं. कोविड के बाद से एक्टर का एक अलग ही रूप देखने मिला है, जो फिल्मी लवर्स के लिए काफी एक्साइटिंग भी है.

BIHAR : इंस्टाग्राम पर प्रेमी के साथ फोटो…, पति ने रोका तो पत्नी ने घर से बुलाकर करवा दिया मर्डर

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मुजफ्फरपुर में इंस्टाग्राम से शुरू हुआ अवैध प्रेम संबंध खून-खराबे में बदल गया. फोटो पोस्ट को लेकर हुए विवाद के बाद पान मसाला दुकानदार की गला रेतकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने मृतक की पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि उसका प्रेमी और साला फरार हैं. इलाके में दहशत का माहौल है.

बिहार के मुजफ्फरपुर में सोशल मीडिया से शुरू हुआ एक अवैध प्रेम संबंध आखिरकार खौफनाक हत्या में बदल गया. नगर थाना क्षेत्र के गोला रोड दुर्गा स्थान मंदिर के पास केपी पथ गली में मंगलवार देर रात पान मसाला दुकानदार मनोज कुमार की गला रेतकर हत्या कर दी गई. इस मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी निशु कुमारी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक की पत्नी का पड़ोस के युवक मिंटू कुमार से प्रेम संबंध था, जिसकी शुरुआत इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी. घटना वाले दिन पत्नी द्वारा इंस्टाग्राम पर प्रेमी के साथ स्टोरी पोस्ट करने को लेकर मनोज का पत्नी के साथ विवाद हुआ. इसके बाद पत्नी घर छोड़कर चली गई. फिर देर रात फोन कर पति को बाहर बुलाया गया, जहां पहले से घात लगाए आरोपियों ने धारदार हथियार से उसकी गला रेतकर हत्या कर दी. घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है.

मृतक की मां और मामी ने पहले ही पत्नी पर हत्या की आशंका जताई थी, जिसके आधार पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस ने एफएसएल टीम की मदद से भी जांच कराई है. फिलहाल पुलिस प्रेमी मिंटू कुमार और मृतक के साले की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए टाउन डीएसपी सुरेश कुमार ने बताया कि 3 फरवरी को नगर थाना क्षेत्र में एक युवक की हत्या कर दी गई थी . मृतक की मां के बयान पर इस संदर्भ में नगर थाना में मुकदमा दर्ज किया गया था. घटना की जांच के लिये एफएसएल टीम को भी बुलाया गया था. अभी तक जांच में यह बात सामने आई है कि मृतक की पत्नी का एक युवक से प्रेम संबंध है.

NATIONAL : ‘लो छुड़वाओगे हमसे कोरियन…’ तीन बहनों को मौत के मुंह तक कैसे ले गया मोबाइल गेम? गाजियाबाद की हॉरर स्टोरी

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गाजियाबाद की सोसायटी में 9वीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली तीन नाबालिग बहनों के मामले ने देश को झकझोर दिया है. मौके से मिली डायरी, मोबाइल एडिक्शन, कोरियन कंटेंट का प्रभाव और कथित ऑनलाइन गेम टास्क… इन सभी एंगल्स की पुलिस जांच कर रही है. सवाल है- क्या डिजिटल दुनिया का खतरनाक असर इस दर्दनाक अंत की वजह बना?

गाजियाबाद की हाईराइज सोसायटी… रात का सन्नाटा… घड़ी में करीब दो बज रहे थे. ज्यादातर फ्लैटस् की लाइटें बंद थीं. मगर एक फ्लैट में रोशनी थी. किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में यहां से ऐसी खबर निकलेगी, जो झकझोर कर रख देगी. इसी फ्लैट में रहने वाली तीन नाबालिग बहनों ने बालकनी से कूदकर जान दे दी. उम्र- 15, 14 और 12 साल… पीछे छूट गई एक 18 पन्नों की डायरी, कुछ तस्वीरें, और ऐसे सवाल- जिनका जवाब ढूंढने में पुलिस भी जुटी है और परिवार भी. इस केस ने मोबाइल एडिक्शन, ऑनलाइन गेम और डिजिटल इन्फ्लुएंस के खतरनाक असर पर बहस छेड़ दी है.

घटना वाली रात करीब दो बजे बालकनी से तीनों बहनों ने छलांग लगाई. सोसायटी के कुछ लोगों ने देर रात बालकनी में हलचल देखी, लेकिन जब तक कोई समझ पाता, तीनों नीचे गिर चुकी थीं. सूचना मिलने पर पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.यह परिवार पिछले करीब तीन महीने से उस सोसायटी में किराए पर रह रहा था. पिता शेयर मार्केट ट्रेडिंग से जुड़े हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति कोरोना काल के बाद कमजोर हुई. पिता की दो शादियां हैं. घरेलू माहौल, आर्थिक दबाव और बच्चों की मानसिक स्थिति- तीनों पहलुओं की जांच की जा रही है.

पुलिस के मुताबिक मौके से एक डायरी मिली है. 18 पन्नों की इस डायरी के पहले पन्ने पर ऊपर लिखा है- ‘ट्रू लाइफ स्टोरी, नीचे रोमन इंग्लिश में- इस डायरी में जो कुछ भी लिखा है वो सब पढ़ लो, क्योंकि ये सब सच है… रीड नाउ’ दर्ज है. पन्ने के आखिर में लिखा- आई एम रियली सॉरी… सॉरी पापा और साथ में रोती हुई लड़की का इमोजी बना हुआ.

डायरी और कथित सुसाइड नोट में बार-बार एक शब्द आता है- ‘कोरियन’ लिखा है- लो छुड़वाओगे हमसे कोरियन… कोरियन हमारी जान थी. हम कोरियन पॉप और एक्टर्स को बहुत चाहते थे… शादी इंडिया के आदमी से कभी नहीं… जांच एजेंसियां अब यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि ये भावनात्मक लगाव था, डिजिटल फैंटेसी थी या किसी ऑनलाइन गेम कम्युनिटी का असर.

परिवार और पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि तीनों बच्चियां पिछले 2-3 साल से स्कूल नहीं जा रही थीं. कोरोना काल के बाद पढ़ाई छूट गई थी. वे ज्यादातर समय घर पर रहती थीं और मोबाइल पर ओटीटी कंटेंट, कोरियन ड्रामा, म्यूजिक और गेम्स देखती-खेलती थीं.पिता के बयान के अनुसार, बच्चियों को मोबाइल की लत लग गई थी. हाल के दिनों में परिवार ने मोबाइल इस्तेमाल पर रोक लगाने की कोशिश की थी. यही कदम शायद उन्हें नागवार गुजरा. पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है कि क्या मोबाइल छिनने के बाद बच्चियों ने आवेश में यह कदम उठाया.

मामले में एक और एंगल सामने आया है- कथित टास्क बेस्ड ऑनलाइन गेम का. पिता का दावा है कि फॉरेंसिक टीम ने शुरुआती तौर पर किसी गेम टास्क की बात कही. पिता का कहना है कि तीनों बहनें एक ही मोबाइल पर कोई गेम खेलती थीं और उनमें से एक लीडर की भूमिका में थी. वे ज्यादातर काम साथ करती थीं- खाना, बैठना, यहां तक कि बाथरूम भी साथ जाना. फिलहाल मोबाइल फोन पुलिस ने कब्जे में ले लिया है और उसकी डिजिटल फॉरेंसिक जांच जारी है. कॉल लॉग, चैट, ऐप हिस्ट्री और ब्राउजिंग डेटा खंगाला जा रहा है,

बच्चों और किशोरों पर अनियंत्रित मोबाइल उपयोग, ऑनलाइन कंटेंट और गेमिंग का कितना गहरा असर हो सकता है. एक्सपर्ट्स पहले भी चेतावनी दे चुके हैं कि हद से ज्यादा स्क्रीन टाइम भावनात्मक अस्थिरता बढ़ाता है. वर्चुअल दुनिया से जुड़ाव वास्तविक रिश्तों से दूरी पैदा कर सकता है. टास्क-बेस्ड या चैलेंज गेम्स बिहेवियर चेंज कर सकते हैं. पैरेंटल मॉनिटरिंग और संवाद बेहद जरूरी है.

इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. क्या यह मोबाइल एडिक्शन का चरम था? क्या कोई ऑनलाइन गेम टास्क सचमुच वजह बना? क्या मानसिक दबाव और सामाजिक अलगाव में यह कदम उठा? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही साफ होंगे.

NATIONAL : चलते-फिरते ‘बम’ हैं हाइड्रोजन गुब्बारे… मुंबई में लिफ्ट के अंदर ऐसे हुआ खतरनाक हादसा

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मुंबई के गोरेगांव स्थित अनमोल टॉवर की लिफ्ट में हाइड्रोजन गैस भरे गुब्बारों से जोरदार धमाका हुआ. पार्टी सजावट के दौरान हुए हादसे में तीन लोग झुलस गए. CCTV में पूरी घटना कैद हुई है.महाराष्ट्र में मुंबई के गोरेगांव इलाके से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां की ‘अनमोल टॉवर’ नाम की इमारत की लिफ्ट में हाइड्रोजन गैस से भरे गुब्बारों के की वजह से भीषण विस्फोट हो गया. यह हादसा उस वक्त हुआ, जब कुछ लोग पार्टी की सजावट के लिए गुब्बारे लेकर लिफ्ट के जरिए ऊपर जा रहे थे.

हादसे के दौरान लिफ्ट में मौजूद तीनो लोग मामूली रूप से घायल हो गए. घटना 2 फरवरी की रात की है.जानकारी के मुताबिक, इमारत में एक जन्मदिन की पार्टी के लिए सजावट का काम चल रहा था. एक डेकोरेटर हाइड्रोजन गैस से भरे गुब्बारों का गुच्छा लेकर लिफ्ट में सवार हुआ. लिफ्ट में पहले एक महिला अंदर जाती है, फिर गुब्बारा लेकर एक शख्स लिफ्ट में आता है. उसके बाद एक और शख्स जैसे ही अंदर आता है. इससे पहले कि लिफ्ट चलती, तेज़ धमाके के साथ गुब्बारा फट जाता है और लिफ्ट के अंदर आग का गोला बन गया और धुंआ छा गया.

धमाका इतना तेज था कि लिफ्ट के अंदर मौजूद तीनो लोग झुलस गए. गनीमत रही कि धमाके के तुरंत बाद लिफ्ट का दरवाजा खुल गया और लोग बाहर भागने में सफल रहे, वरना एक बड़ी त्रासदी हो सकती थी. घायलों को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.एक्सपर्ट्स की मानें तो हाइड्रोजन गैस बेहद ज्वलनशील होती है. लिफ्ट जैसी बंद जगह में हवा की कमी और मामूली घर्षण (Friction) या स्टेटिक बिजली की एक चिंगारी भी इसे बम बना देती है.

BHAKTI : कार में इन मूर्तियों को रखना पड़ सकता है भारी, वास्तु का ये नियम देता है चेतावनी

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आजकल ज़्यादातर लोग अपनी कार में भगवान की मूर्ति या तस्वीर जरूर रखते हैं. ऐसा माना जाता है कि इससे सफर सुरक्षित रहता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. खासतौर पर गणेश जी, शिव जी या किसी अन्य देवी-देवता की मूर्ति लोग डैशबोर्ड पर लगाना पसंद करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कार में हर तरह की मूर्ति या तस्वीर रखना सही नहीं होता? वास्तु शास्त्र और विशेषज्ञों के अनुसार, गलत मुद्रा की मूर्ति न सिर्फ ध्यान भटकाती है बल्कि ड्राइविंग के दौरान जोखिम भी बढ़ा सकती है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, ध्यान में बैठी हुई मूर्ति चाहे वो गणेश जी हों, शिव जी हों या कोई और देवी-देवता कार में नहीं रखनी चाहिए. ध्यान मुद्रा शांति, स्थिरता और आत्मचिंतन का प्रतीक होती है, जबकि कार एक गतिशील स्थान है. ऐसी मूर्तियों का प्रभाव ड्राइवर के मन पर पड़ सकता है, जिससे एकाग्रता कम होने और मन भटकने की संभावना रहती है. यही वजह है कि विशेषज्ञ कार में ध्यान मुद्रा वाली मूर्तियां या तस्वीरें लगाने से मना करते हैं.

खासतौर पर गणेश जी की ध्यान मुद्रा वाली तस्वीर या मूर्ति से बचना चाहिए. भले ही गणेश जी को विघ्नहर्ता माना जाता है, लेकिन उनकी जागृत या आशीर्वाद मुद्रा ही वाहन के लिए शुभ मानी जाती है. कार में ऐसी मूर्ति या तस्वीर लगानी चाहिए जिसमें भगवान की आंखें खुली हों और मुद्रा जागृत अवस्था की हो. जागृत मुद्रा सकारात्मक ऊर्जा, सतर्कता और सुरक्षा का प्रतीक मानी जाती है. गणेश जी की आशीर्वाद देती हुई मुद्रा या शिव जी की शांत लेकिन जागृत तस्वीर वाहन के लिए बेहतर मानी जाती है.

अगर आप कार में भगवान की मूर्ति या तस्वीर रखना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है. मूर्ति या तस्वीर को डैशबोर्ड के बीच ऐसी जगह रखें, जहां ड्राइविंग के दौरान आपकी नजर बार-बार उस पर न जाए और ध्यान न भटके. मूर्ति लगाने से पहले उसकी विधिवत पूजा करें और गंगाजल से शुद्ध करें.

कभी भी खंडित या टूटी हुई मूर्ति कार में न रखें. इसे अशुभ माना जाता है. मूर्ति पर फूल, माला या कोई सजावटी सामान न चढ़ाएं, क्योंकि इससे ड्राइविंग में बाधा आ सकती है. रोजाना या समय-समय पर मूर्ति की साफ-सफाई जरूर करें, ताकि धूल या गंदगी जमा न हो.

वास्तु मान्यताओं के अनुसार, कार में सही प्रकार की मूर्ति या तस्वीर रखने से दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है. ड्राइविंग के दौरान मन शांत और केंद्रित रहता है. गणेश जी या शिव जी की जागृत मुद्रा वाली मूर्ति विघ्नों को दूर करती है .

ENTERTAINMENT : ‘मां आपसे जल्द मिलूंगा’, अर्जुन कपूर की पोस्ट का सुशांत राजपूत की आख‍िरी पोस्ट से कनेक्शन, फैन्स परेशान

बॉलीवुड के हैंडसम हंक अर्जुन कपूर अपनी मां के कितने करीब थे, ये बात किसी से छिपी नहीं है. कई मौकों पर एक्टर मां के लिए अपना प्यार जता चुके हैं. अर्जुन ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट्स के जरिए ये भी बताया है कि मां के बिना उनके जीवन में जो खालीपन है वो कभी नहीं भरा जा सकता. एक्टर ने इंस्टा पर मां की बर्थ एनिवर्सरी पर खास पोस्ट लिखकर उन्हें याद किया. लेकिन अर्जुन की ये पोस्ट दूसरी वजह से चर्चा में आ गई है.

एक्टर की ये पोस्ट मां के लिए उनके प्यार और तड़प को ही नहीं दिखाती, बल्कि एक्टर के जख्मों को भी कुरेदती है. अपनी पोस्ट में अर्जुन ने जिंदगी के बेरहम होने की बात लिखी है. वो लिखते हैं- हैप्पी बर्थडे मां, आज मैं आपको बहुत मिस कर रहा हूं. जिंदगी मुझ पर हमेशा ही बेरहम रही है लेकिन कोई बात नहीं…मैं इन चुनौतियों का डटकर सामना कर फिर से उठा हूं. क्योंकि आपने मुझे सिखाया है कैसे मुश्किलों का डटकर सामना करना है. कैसे इस पूरे प्रोसेस के दौरान आपको ग्रेसफुल और डिग्निटी को मैंटेन करना है. हम इस सफर में साथ रहेंगे, आप और मैं. मैं आपसे जल्द ही दोबारा मिलूंगा. एक दिन हम आपका बर्थडे साथ में सेलिब्रेट करेंगे. आपका प्यारा बेटा.

एक्टर की ये पोस्ट पढ़ने के बाद यूजर्स थोड़ा हैरान हैं. पोस्ट की लाइन- ”आपसे जल्द ही दोबारा मिलूंगा”, लोगों को खटक रही है. फैंस का दावा है एक्टर किसी बात से परेशान हैं. वहीं कईयों ने अर्जुन की पोस्ट को सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी इंस्टा पोस्ट से कनेक्ट किया है. सुशांत की 3 जून 2020 की आखिरी इंस्टा पोस्ट उनकी मां के नाम थी. सुशांत ने अर्जुन की तरह मां के साथ अपनी कोलाज फोटो पोस्ट की थी.

मां को कैप्शन डेडिकेट करते हुए सुशांत ने लिखा था- धुंधला अतीत आंसू बनकर बह रहा है. अधूरे सपने मुस्कान की एक चाप तराशते हुए, एक अस्थायी जीवन, इन दोनों के बीच समझौता करा रहा है… मां. सुशांत भी अपनी स्वर्गीय मां के करीब थे. अक्सर उनकी याद में पोस्ट लिखते थे. एक्टर ने 14 जून 2020 को सुसाइड किया था.

इंटरनेट पर यूजर्स सुशांत की पोस्ट का जिक्र करते हुए अर्जुन की चिंता कर रहे हैं. स्टारकिड होने के बावजूद अर्जुन की लाइफ आसान नहीं रही है. बचपन में बढ़े वजन, पेरेंट्स के बीच टेंशन-उनके तलाक से वो परेशान रहे. फिर मां को खोना. पर्सनल फ्रंट पर परेशानियों से डील कर रहे अर्जुन ने इंडस्ट्री में कदम रखा. लेकिन उनके खाते में हिट कम और फ्लॉप ज्यादा आईं. सोशल मीडिया पर ट्रोल्स और मीम्स के वो फेवरेट हैं. उनका हालिया फिल्में पिटी हैं. वर्कफ्रंट पर वो पिछली बार फिल्म ‘मेरे हसबैंड की बीवी’ में दिखे थे. उनके अगले प्रोजेक्ट की कोई जानकारी नहीं है. बीते दिनों उनका गर्लफ्रेंड मलाइका अरोड़ा संग भी ब्रेकअप हुआ है. दोनों लाइफ में मूव ऑन कर चुके हैं.

वहीं अर्जुन की मां मोना का 48 साल की उम्र में निधन हो गया था. वो कैंसर और हाईपरटेंशन से जूझ रही थीं. बोनी कपूर संग उनकी शादी हुई थी. लेकिन ये रिश्ता लंबा नहीं चला. 1983 में शादी और 1996 में उनका तलाक हो गया था. बोनी और मोना के दो बच्चे हैं, अर्जुन और अंशुला. भाई अर्जुन की तरह अंशुला भी अक्सर मां को याद करती हैं.

ENTERTAINMENT : ‘तुझे मैंने बनाया है’ वड़ा पाव गर्ल के आरोपों पर भड़का पति, कहा- अपने पर आ गया तो…

चंद्रिका दीक्षित ने पति युगम गेरा पर धोखा देने का आरोप लगाया है. युगम ने एक वीडियो के जरिए चंद्रिका के आरोपों पर जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की, लेकिन ये भी कहा कि इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है.

वड़ा पाव गर्ल उर्फ चंद्रिका दीक्षित एक बार फिर सुर्खियों में हैं. उनकी निजी जिंदगी में काफी उथल-पुथल चल रही है. चंद्रिका ने पति युगम गेरा पर धोखा देने का आरोप लगाया है. उन्होंने मिस्ट्री गर्ल संग पति की तस्वीरें और चैट भी रिवील की हैं. अब युगम ने इंस्टाग्राम एक वीडियो शेयर कर पत्नी के आरोपों पर चुप्पी तोड़ी है. जानते हैं कि पूरे विवाद पर युगम का क्या कहना है.

वड़ा पाव गर्ल के पति युगम गेरा उर्फ यश दीक्षित ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसका कैप्शन था, तुझे मैंने बनाया है याद रख. उन्होंने माना कि उनसे गलती हो गई, लेकिन ये बात उतनी बड़ी नहीं है, जितनी चंद्रिका ने बना दी. उन्होंने कहा कि उनके पास भी सबूत हैं. युगम ने कहा कि अगर मैं अपनी पर आ गया, तो बहुत कुछ कर सकता हूं, लेकिन नहीं करूंगा.

ये कपल पहले वड़ा पाव स्टॉल से फेमस हुआ था. कपल को लेकर तमाम कॉन्ट्रोवर्सी भी हुईं, जैसे स्टॉल हटवाना और पुलिस से झगड़ा. चंद्रिका तो पब्लिक में एक्टिव रहती हैं, लेकिन युगम कम ही बोलते देखे जाते हैं. वो व्लॉग बनाते हैं और अपनी फैट टू फिट जर्नी शेयर करते हैं.

चंद्रिका ने पति पर चीटिंग का आरोप लगाया है. उन्होंने इंस्टाग्राम पर रोते हुए अपना दर्द बयां किया. चंद्रिका ने बताया कि वो 2 महीने से चुप थीं. सब अकेले बर्दाशत कर रही थीं. पर अब अति होने पर उन्होंने दुनिया के सामने सच लाने का फैसला किया. युगम का कहना है कि चंद्रिका से झगड़ा इसलिए हुआ, क्योंकि वो जिम में टाइम स्पेंड कर रहे थे. इसके बाद वो बाइक राइड पर चले गए, जिससे चंद्रिका को नेगलेक्ट फील हुआ. चंद्रिका सच्ची हैं या युगम, ये सिर्फ वही बता सकतें हैं. लोग वही सच समझेंगे, जो उन्हें दिखाया जाएगा. चंद्रिका को फैंस ने बिग बॉस ओटीटी 2 में देखा था. वो शो नहीं जीत पाईं. लेकिन इससे उन्हें खूब लाइमलाइट मिली थी. एक बार फिर वो सुर्खियों में हैं.

ENTERTAINMENT : મોનાલિસાનો મહાકુંભ અવતાર! ગ્લેમર છોડીને ધારણ કર્યું સાદગીનું રૂપ, ફર્સ્ટ લુક જોઈ ફેન્સ થયા આફરીન!

મહાકુંભ 2025માં કરોડો ભક્તોની ભીડ વચ્ચે, મોનાલિસા નામની એક સામાન્ય છોકરી અચાનક ચર્ચાનું કેન્દ્ર બની ગઈ. માળા વેચતી વખતે તેની સાદગી અને સુંદરતાએ લોકોનું ધ્યાન ખેંચ્યું અને થોડી જ વારમાં તેના ફોટા અને વીડિયો સોશિયલ મીડિયા પર વાયરલ થઈ ગયા. કેમેરા અને રીલ્સ વચ્ચે ઉભા રહીને, મોનાલિસાના જીવનમાં અહીંથી એક નવો વળાંક આવ્યો. મહાકુંભ દરમિયાન, ફિલ્મ નિર્માતા સનોજ મિશ્રાએ મોનાલિસાને જોઈ. તેની સાદગી અને માસૂમિયતથી દિગ્દર્શક એટલા પ્રભાવિત થયા કે તેમણે મોનાલિસાને પોતાની ફિલ્મમાં લેવાનું નક્કી કર્યું. અહીંથી, મોનાલિસાની મેળાથી ફિલ્મોની દુનિયા સુધીની સફર શરૂ થઈ.

મોનાલિસાએ તેની પહેલી મોટી ફિલ્મ ધ ડાયરી ઓફ મણિપુરનું શૂટિંગ પૂર્ણ કરી લીધું છે. આ ફિલ્મમાં, તે રાજકુમાર રાવના ભાઈ અભિનેતા અમિત રાવ સાથે જોવા મળશે. ફિલ્મ પૂર્ણ થતાં, મોનાલિસાનો આત્મવિશ્વાસ સ્પષ્ટ થઈ ગયો છે. મહાકુંભના લગભગ એક વર્ષ પછી, મોનાલિસા ફરી એકવાર પ્રયાગરાજ પરત ફરી રહી છે. આ વખતે, તે માઘ મેળામાં માળા વેચવા નહીં, પરંતુ એક ઉભરતી બોલીવુડ અભિનેત્રી તરીકે પહોંચશે. આ વાપસી તેના માટે ભાવનાત્મક અને ઐતિહાસિક બંને છે.

ગાંધીગિરી અને શશાંક જેવી ફિલ્મો માટે જાણીતા સનોજ મિશ્રા હવે તેમની આખી ટીમ સાથે માઘ મેળામાં હાજરી આપવા જઈ રહ્યા છે. ફિલ્મનું શૂટિંગ પૂર્ણ કર્યા પછી, ટીમ માતા ગંગાના આશીર્વાદ લેવા માટે પ્રયાગરાજ પહોંચશે, જે યાત્રાને આધ્યાત્મિક પૂર્ણતા આપશે. દિગ્દર્શકના જણાવ્યા મુજબ, ધ ડાયરી ઓફ મણિપુરનું શૂટિંગ ઘણા તબક્કામાં પૂર્ણ થયું હતું. પ્રથમ શેડ્યૂલ ઉત્તર પ્રદેશના ઇટાવામાં શૂટ કરવામાં આવ્યું હતું, ત્યારબાદ ટીમ મણિપુર પહોંચી હતી, જ્યાં મહત્વપૂર્ણ દ્રશ્યો વિવિધ સ્થળોએ શૂટ કરવામાં આવ્યા હતા. આ પછી, નેપાળમાં એક શેડ્યૂલ પૂર્ણ થયું હતું અને ફિલ્મનો મોટો ભાગ દેહરાદૂનમાં શૂટ કરવામાં આવ્યો હતો. ફિલ્મનું શૂટિંગ ગયા અઠવાડિયે પૂર્ણ થયું હતું.

સનોજ મિશ્રાએ કહ્યું કે જ્યારે તેણે મેળામાં મોનાલિસાને જોઈ, ત્યારે તેને એ વાત પસંદ ન આવી કે લોકો તેમને ફક્ત રીલ્સ અને સેલ્ફી માટે હેરાન કરી રહ્યા છે. મોનાલિસા મધ્યપ્રદેશના મહેશ્વર ક્ષેત્રના બંજારા સમુદાયમાંથી આવે છે અને તેનો સ્વભાવ ખૂબ જ સરળ છે. આ સરળતા તેમને ફિલ્મમાં મુખ્ય ભૂમિકા માટે યોગ્ય બનાવે છે. ફિલ્મમાં કામ કરતા પહેલા, મોનાલિસાએ ખાસ તાલીમ લીધી હતી. તેને પહેલા ઇન્દોર અને પછી મુંબઈ મોકલવામાં આવી હતી, જ્યાં તેણે અભિનય, બોડી લેંગ્વેજ અને કેમેરા સામે કામ કરવાનું શીખ્યા. શરૂઆતમાં, મોનાલિસા અભણ હતી અને તેમને પોતાનું નામ પણ લખતા આવડતું ન હતું, પરંતુ સખત મહેનતથી તેમણે ઘણી નવી વસ્તુઓ શીખી.

દિગ્દર્શકે કહ્યું કે મોનાલિસા હજુ પણ ભાષા અને ઉચ્ચારણમાં સંઘર્ષ કરે છે. આ જ કારણ છે કે ફિલ્મમાં તેના રોલ માટે ડબિંગનો ઉપયોગ કરવામાં આવ્યો હતો. આમ છતાં, દિગ્દર્શક તેના અભિનયથી અત્યંત સંતુષ્ટ છે અને માને છે કે તેણે આ ભૂમિકાને સંપૂર્ણપણે સ્વીકારી લીધી છે. ધ ડાયરી ઓફ મણિપુર ફિલ્મ મણિપુરમાં સેટ છે અને હિંસા અને સંઘર્ષ વચ્ચે ખીલતી પ્રેમકથા દર્શાવે છે. ફિલ્મમાં, મોનાલિસા એક ઉત્તર ભારતીય છોકરીની ભૂમિકા ભજવે છે. એક સાદા મેળામાં શરૂ થયેલી આ સફર હવે મોટા પડદા પર પહોંચી ગઈ છે, અને મોનાલિસાની વાર્તા ફક્ત શરૂઆત છે.

NATIONAL : कोटद्वार में तनाव: ‘बाबा’ नाम पर बवाल के बीच समुदाय विशेष के युवक ने की युवती से छेड़छाड़, गिरफ्तार

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उत्तराखंड के कोटद्वार में सांप्रदायिक तनाव के बीच एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है. ‘बाबा’ नाम की दुकान को लेकर चल रहे विवाद के दौरान ही एक समुदाय विशेष के युवक उस्मान ने युवती से छेड़छाड़ की. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और शहर में भारी पुलिस बल तैनात है.कोटद्वार निवासी उस्मान ने एक युवती को कॉल और एसएमएस के जरिए परेशान किया और बाजार में उसका हाथ पकड़कर छेड़छाड़ की. युवती की शिकायत पर मंगलवार को कोतवाली पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया.

यह घटना तब हुई जब शहर में पहले से ही एक दुकान के नाम को लेकर विवाद चल रहा है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 352 और 78 के तहत मुकदमा दर्ज किया है. माहौल बिगड़ने की आशंका को देखते हुए शहर के सभी चेक पोस्ट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है.

युवती ने अपनी तहरीर में बताया कि कुछ समय पहले उसकी पहचान उस्मान से हुई थी. इसके बाद आरोपी उसे लगातार फोन और मैसेज कर परेशान करने लगा. हद तो तब हो गई जब उसने बाजार में सरेआम युवती का हाथ पकड़ लिया. बार-बार समझाने और विरोध करने के बावजूद आरोपी नहीं माना और गाली-गलौज पर उतर आया।. परेशान होकर युवती ने पुलिस की शरण ली, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा.

कोटद्वार में पहले से ही 26 जनवरी को पटेल मार्ग पर एक दुकान का नाम “बाबा” रखने को लेकर बवाल मचा हुआ है. वह मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि इस छेड़छाड़ की घटना ने क्षेत्र में फिर से गरमा-गर्मी बढ़ा दी है. शहर का माहौल खराब न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है. सभी मुख्य रास्तों और चौराहों पर पुलिस की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके.

NATIONAL : पॉलिथीन में बंद एक दिन की बच्ची की लाश…,पैदा होते ही कूड़े के ढेर में फेंक गया कोई

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फरीदाबाद के सेक्टर 12 में एक दिन की नवजात बच्ची का शव पॉलिथीन में बंद और कूड़े के ढेर में मिला. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा. अज्ञात माता-पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. पोस्टमार्टम से मौत के कारणों का पता चलेगा. पुलिस माता-पिता की पहचान और मामले की गहन जांच कर रही है.

हरियाणा के फरीदाबाद में सेक्टर 12 में मंगलवार दोपहर मानवता को शर्मशार करने वाला मामला सामने आया. यहां एक दिन की नवजात बच्ची का शव झाड़ियों और कूड़े के ढेर में पॉलिथीन में बंद मिला. जो लोग मौके पर पहुंचे, उनके लिए यह दृश्य न केवल हैरान करने वाला था बल्कि दिल दहला देने वाला भी था. मासूम बच्ची का जीवन इतने कम समय में ही इस निर्दयी दुनिया से समाप्त हो गया.सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने बच्ची के शव मिलने की जानकारी दी, जिसके बाद सेंट्रल थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए बादशाह खान सिविल अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया. डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में पुष्टि की कि बच्ची पहले ही मृत थी.

शव मिलने की परिस्थितियों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मासूम की मौत कब हुई और क्या उसे पॉलिथीन में बंद करके कूड़े में फेंकने से पहले ही जान गंवानी पड़ी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि बच्ची की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी या हत्या का मामला है.

पुलिस ने बताया कि मामले में अज्ञात माता-पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. अब यह पता लगाया जा रहा है कि कौन से निर्दयी माता-पिता ने अपनी नवजात बच्ची की जान लेने के बाद उसे इस तरह से फेंक दिया. पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर माता-पिता की पहचान करने की कोशिश कर रही है.

इस घटना ने पूरे इलाके में गहरी शोक और सदमे का माहौल पैदा कर दिया है. लोगों के लिए यह एक चेतावनी भी है कि कभी-कभी सबसे नाजुक प्राणी भी मनुष्यता की निर्दयता का शिकार बन जाते हैं.

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