Friday, June 26, 2026
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अमेरिका में ट्रंप के फैसले से घबराईं प्रेग्नेंट महिलाएं, जल्द डिलीवरी के लिए भाग रहीं अस्पताल

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया फैसले ने गर्भवती महिलाओं को चिंता में डाल दिया है। उनके द्वारा 20 फरवरी से लागू किए जाने वाले नए नियम के बाद अमेरिका में जन्मे बच्चों को नागरिकता मिलने का अधिकार नहीं होगा अगर उनके माता-पिता नागरिक या ग्रीन कार्ड धारक नहीं हैं। इस फैसले ने भारतीय, पाकिस्तानी और अन्य देशों की गर्भवती महिलाओं को परेशान कर दिया है, जो अपने बच्चों के लिए अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करने की उम्मीद में थीं। यही वजह है कि ये महिलाएं जल्द से जल्द डिलीवरी कराने के लिए अस्पतालों का रुख कर रही हैं, भले ही उनका प्रसव अभी कुछ महीनों दूर हो।

डिलीवरी की जल्दी के लिए क्यों हो रही है चिंता?

अमेरिका के अस्पतालों में इन दिनों एक दिलचस्प स्थिति देखी जा रही है। गर्भवती महिलाएं जो आमतौर पर अपनी डिलीवरी की तारीख तक का इंतजार करती हैं, अब अपनी डिलीवरी जल्द कराना चाहती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें 20 फरवरी से पहले प्रसव कराने की उम्मीद करने वाली महिलाओं की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है। इनमें से अधिकांश महिलाएं भारतीय हैं, जो अपनी प्रेग्नेंसी के 8वें या 9वें महीने में हैं।

न्यू जर्सी के डॉक्टर डी रामा का कहना है कि उनकी क्लिनिक में अब महिलाएं समय से पहले सी-सेक्शन कराने के लिए आ रही हैं। एक महिला जो मार्च में डिलीवरी की उम्मीद कर रही थी, अपने पति के साथ आई थी और वह जल्द डिलीवरी कराने की मांग कर रही थी। इन महिलाओं का मुख्य उद्देश्य अपने बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाना है, क्योंकि नए नियम के तहत 20 फरवरी के बाद उनका बच्चा बिना नागरिकता के पैदा होगा, अगर उनके माता-पिता ग्रीन कार्ड धारक नहीं हैं।

विशेषज्ञों का बयान, खतरनाक है जल्दबाजी

हालांकि, विशेषज्ञ इस फैसले को लेकर चिंतित हैं। टेक्सास की डॉक्टर एसजी मुक्कल ने बताया कि जल्दी डिलीवरी कराने से मां और बच्चे दोनों के लिए स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं। वे बताती हैं कि प्री-टर्म डिलीवरी के दौरान बच्चों के फेफड़े पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाते, जिससे उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा, इन बच्चों का वजन भी सामान्य से कम हो सकता है, और भविष्य में न्यूरोलॉजिकल समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

उन्होंने कहा, “अगर प्री-टर्म डिलीवरी हो रही है तो इससे मां और बच्चे दोनों की सेहत पर असर पड़ सकता है और यह जोखिम से भरा हो सकता है।”

 ट्रंप के फैसले को चुनौती

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस शासकीय आदेश के खिलाफ कई प्रांतों के अटॉर्नी जनरल ने मंगलवार को मुकदमा दायर किया है। उनका कहना है कि यह कदम पुराने आव्रजन नियमों के खिलाफ है, जिनके तहत अमेरिका में जन्मे बच्चे को नागरिकता मिल जाती थी। इस फैसले का विरोध अमेरिकी वयस्कों में भी देखा जा रहा है, और कई लोगों का मानना है कि यह नीतिगत बदलाव गलत है।

महाकुंभ की भव्यता को देख दिल हो जाएगा बाग-बाग, ISRO ने जारी की सैटेलाइट फोटो!

भारत में हर 12 साल में आयोजित होने वाला महाकुंभ इस बार 144 साल के बाद भव्य रूप से मनाया जा रहा है। 13 जनवरी से शुरू हुआ महाकुंभ अब 26 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान करोड़ों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। इस बीच भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने महाकुंभ की सैटेलाइट तस्वीरें जारी की हैं जो महाकुंभ के दौरान संगम की भव्यता को और भी खूबसूरती से दर्शाती हैं।

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सैटेलाइट इमेज में महाकुंभ की छटा

ISRO ने बुधवार को महाकुंभ नगर में टेंट सिटी की पहले और बाद की सैटेलाइट तस्वीरें साझा की हैं। इन तस्वीरों में महाकुंभ के दौरान संगम में पवित्र डुबकी लगाने के लिए तैयार की गई व्यवस्था, सड़कें, पीपा पुल और अन्य बुनियादी ढांचा नजर आ रहा है। इसके अलावा इन तस्वीरों में प्रयागराज में स्थित शिवालय पार्क का निर्माण भी दिखाया गया है जो 12 एकड़ में फैला है और महाकुंभ के प्रमुख आकर्षणों में से एक होगा।

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महाकुंभ 2025 में आयोजित होने वाले इस धार्मिक आयोजन के लिए पूरे शहर में टेंट सिटी और अन्य संरचनाओं का निर्माण किया गया है। ISRO ने महाकुंभ मेला के लिए स्थापित की गई इस टेंट सिटी की टाइम सीरीज तस्वीरें भी जारी की हैं जो महाकुंभ के आयोजन को लेकर तैयारियों का पूरा विवरण देती हैं।

8 करोड़ श्रद्धालुओं ने की संगम में डुबकी

अब तक करीब 8 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं। महाकुंभ के दौरान हर दिन बड़ी संख्या में लोग संगम में पवित्र स्नान करने आते हैं। 13 जनवरी से शुरू हुआ महाकुंभ 26 फरवरी तक चलेगा और इस दौरान लाखों श्रद्धालु इस अवसर का लाभ उठाएंगे

मौनी अमावस्या पर रेलवे ने की ऐतिहासिक तैयारी

महाकुंभ 2025 के दौरान मौनी अमावस्या के सबसे बड़े अमृत स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे ने ऐतिहासिक तैयारियां की हैं। प्रयागराज रेल मंडल ने दावा किया है कि 22 जनवरी को 150 से ज्यादा मेला स्पेशल ट्रेनें चलेंगी जो रेलवे का नया रिकॉर्ड होगा। इन ट्रेनों की विशेषता यह है कि हर 4 मिनट में एक ट्रेन उपलब्ध होगी जिससे श्रद्धालुओं को आसानी से यात्रा करने का मौका मिलेगा।

यह व्यवस्था मकर संक्रांति के दौरान चलने वाली 101 ट्रेनों से भी बड़ी होगी। इसके अलावा सभी 9 मुख्य रेलवे स्टेशनों से दिशावार ट्रेनें चलाई जाएंगी ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।

ISRO ने अंतरिक्ष डॉकिंग का किया सफल परीक्षण, भारत ने बढ़ाया एक और अहम कदम

16 जनवरी 2025 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने मानवरहित अंतरिक्ष यान डॉकिंग में एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की। इसरो ने अंतरिक्ष यान डॉकिंग की जटिल तकनीक को सफलतापूर्वक प्रदर्शित करते हुए अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में एक अहम कदम बढ़ाया। भारत अब उन देशों की सूची में शामिल हो गया है जिन्होंने इस तकनीक में सफलता पाई है जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और चीन पहले ही इस उपलब्धि को हासिल कर चुके हैं।

PunjabKesariस्पाडेक्स मिशन की सफलता
इस सफलता का श्रेय स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट (स्पाडेक्स) मिशन को जाता है जिसमें दो छोटे अंतरिक्ष यान—टारगेट और चेज़र—को डॉक किया गया। दोनों यान का वजन लगभग 220 किलोग्राम था। इन यानों को 30 दिसंबर 2024 को भारतीय निर्मित पीएसएलवी रॉकेट से लॉन्च किया गया था और इन्हें पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किया गया था। 11 जनवरी को इन यानों के बीच सफलतापूर्वक डॉकिंग का पैंतरेबाज़ी किया गया।

महत्वपूर्ण भविष्य की दिशा

यह सफलता न केवल इसरो के लिए एक तकनीकी उपलब्धि है बल्कि यह भविष्य के मिशनों के लिए भी एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। इसके जरिए भारत अब उपग्रह सर्विसिंग, अंतरिक्ष निर्माण और यहां तक कि चंद्रमा पर मानव मिशन जैसे महत्वपूर्ण और जटिल मिशनों के लिए रास्ता बना सकता है।

इसरो के लिए यह उपलब्धि अंतरिक्ष अन्वेषण में आगे बढ़ने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और भविष्य में भारत को वैश्विक अंतरिक्ष समुदाय में एक उभरते हुए नेता के रूप में स्थापित कर सकती है।

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भारत का बढ़ता अंतरिक्ष महत्व

स्पाडेक्स मिशन ने यह भी साबित किया है कि भारत अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में अपनी तकनीकी क्षमता को निरंतर बढ़ा रहा है और अब वह वैश्विक अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा में अपनी अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है। इस मिशन की सफलता ने भारत को न केवल अपने अंतरिक्ष मिशनों में आत्मनिर्भर बनने के करीब ला दिया है बल्कि यह देश के लिए भविष्य में और भी जटिल अंतरिक्ष अभियानों के लिए रास्ता खोलता है।

भारत में लॉन्च हुई Royal Enfield Scram 440, जानें पूरी डिटेल

Royal Enfield ने भारत में अपनी नई बाइक Scram 440 लॉन्च कर दी है। यह बाइक न केवल पहले से ज्यादा पावरफुल है, बल्कि इसमें कई नए फीचर्स और अपडेट्स भी शामिल किए गए हैं। कंपनी ने इसे दो वेरिएंट – Trail और Force में पेश किया है। Trail वेरिएंट की कीमत 2.08 लाख रुपए और Force वेरिएंट की कीमत 2.15 लाख रुपए एक्स-शोरूम रखी गई है। बाइक 5 कलर ऑप्शन में लाई गई है।

PunjabKesariइंजन

Royal Enfield Scram 440 में एक नया 443cc एयर/ऑयल कूल्ड इंजन दिया है, जो 25.4 bhp की पावर और 34Nm का पीक टॉर्क जेनरेट करता है। इसे 6-स्पीड गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है।

फीचर्स

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इस बाइक में LED हेडलाइट, एक नया इंस्ट्रूमेंट कंसोल, नई सिंगल-पीस सीट, एक USB चार्जिंग पोर्ट, ट्रिपर नेविगेशन पॉड और गोल रियर-व्यू मिरर जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

सस्पेंशन और ब्रेकिंग

नई Scram 440 में सस्पेंशन सेटअप वही है, जिसमें आगे की तरफ टेलिस्कोपिक फोर्क्स और पीछे की तरफ मोनोशॉक सस्पेंशन दिया गया है, जिसका ट्रैवल क्रमशः 190 मिमी और 180 मिमी है। ब्रेकिंग परफॉरमेंस को 300 मिमी फ्रंट डिस्क और 240 मिमी रियर डिस्क के साथ अपग्रेड किया गया है।

शहीद हुआ पंजाब का एक और अग्निवीर, फूट-फूट कर रो रहा परिवार

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मानसा के गांव अकलीया निवासी अग्निवीर लवप्रीत सिंह जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में शहीद हो गए। जानकारी के अनुसार, ड्यूटी के दौरान आतंकवादियों की गोली लगने से लवप्रीत सिंह शहीद हो गया। शहीद अग्निवीर का पार्थिव शरीर आज दोपहर जिले के  गांव अकलियां पहुंचेगा, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार  24 वर्षीय लवप्रीत नरिंदर मीडियम रेजिमेंट यूनिट में तैनात था और 2 साल पहले अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना में भर्ती हुआ था। परिजनों के अनुसार 2 दिन पहले लवप्रीत ने अपने माता-पिता से बात की थी और उन्हें अपनी ड्यूटी के बारे में बताया था। परिजनों ने बताया कि कल दोपहर तीन बजे कुपवाड़ा में आतंकियों से मुठभेड़ हुई थी।

इस दौरान लवप्रीत सिंह घायल हो गया, जिसके बाद सेना के जवान उसे अस्पताल ले गए, जहां उसने दम तोड़ दिया। गांव अकालिया के सरपंच जसवीर सिंह ने कहा कि लवप्रीत सिंह बहुत प्रतिभाशाली युवक था, जिसने अग्निवीर के तौर पर भारतीय सेना में भर्ती होकर देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर गांव अकलीया का नाम रोशन किया।

भारती सिंह की वायरल हो रही नेपाली तिल चटनी, अनोखे स्वाद में बसी खास रेसिपी

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 इन दिनों सोशल मीडिया पर कॉमेडियन भारती सिंह की स्पेशल तिल चटनी की रेसिपी काफी वायरल हो रही है। इस चटनी का स्वाद इतना लाजवाब है कि एक बार इसे चखने के बाद आप बार-बार बनवाने का मन करेंगे। खास बात यह है कि इस चटनी को बनाना बहुत आसान है, और यह न सिर्फ स्वाद में शानदार है, बल्कि हेल्दी भी है। तो अगर आप भी कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं, तो यहां हम आपको बताते हैं कि कैसे बनाएं नेपाली तिल चटनी।

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नेपाली तिल चटनी क्या है?

नेपाली तिल चटनी, जैसा कि नाम से ही पता चलता है, तिल से बनाई जाती है और इसका स्वाद तीखा, चटपटा और थोड़ा खट्टा होता है। यह चटनी खासतौर पर सर्दियों में खाने के साथ परोसी जाती है, और इसकी खासियत यह है कि यह जोड़ो के दर्द को कम करने में भी मदद करती है। यदि आप सर्दी के मौसम में गरमागरम पराठे, इडली, या कचौड़ी खा रहे हैं, तो यह चटनी आपके स्वाद को और भी बेहतरीन बना देगी।

इस चटनी का स्वाद इतना अच्छा है कि यह कॉमेडियन भारती सिंह की पसंदीदा चटनी में से एक है। उन्होंने हाल ही में इस चटनी की रेसिपी अपने फैंस के साथ शेयर की है, जिसे अब सोशल मीडिया पर खूब लाइक और शेयर किया जा रहा है।

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नेपाली तिल चटनी के लिए आवश्यक सामग्री

1 कप सफेद तिल

2-3 खड़ी लाल मिर्च

2-3 लहसुन की कलियां

1 इंच अदरक

1 चम्मच मेथी दाना

1-2 हरी मिर्च

1/4 कप पुदीना और हरा धनिया

1 चम्मच चीनी

2 पके हुए टमाटर

2-3 चम्मच इमली का पानी (स्वाद अनुसार)

नेपाली तिल चटनी बनाने की विधि
तिल और मिर्च को भूनना

सबसे पहले एक पैन लें और उसमें सफेद तिल और खड़ी लाल मिर्च डालकर हल्का ब्राउन होने तक भूनें। ध्यान रखें कि तिल जलें नहीं, बस हल्का सा रोस्ट होना चाहिए।

टमाटर को भाप में पकाएं

अब 2 टमाटरों को भाप पर पका लें और फिर उनका गूदा निकालकर अलग रखें। इससे चटनी का स्वाद और भी निखर कर आता है।

सभी सामग्री को पीसना

अब एक ग्राइंडर या मिक्सी में भुने हुए तिल, मिर्च, लहसुन, अदरक, पुदीना, हरा धनिया, टमाटर का गूदा, चीनी, स्वाद अनुसार नमक और इमली का पानी डालें। इन सभी चीजों को अच्छे से पीस लें ताकि यह एक पेस्ट के रूप में तैयार हो जाए।

तड़का लगाना

चटनी तैयार करने के बाद, एक पैन में थोड़ा तेल गर्म करें। अब उसमें कटी हुई खड़ी मिर्च और मेथी दाने डालें। जब मिर्च का रंग बदलने लगे, तो इस तड़के को तैयार चटनी में मिला दें। तड़का लगाने से चटनी का स्वाद और भी बढ़ जाता है।

चटनी तैयार है, अब सर्व करें

तड़का लगाने के बाद आपकी नेपाली तिल चटनी तैयार है। इसे आप गरमागरम रोटी, पराठा, समोसा, कचौड़ी या किसी भी स्नैक के साथ सर्व कर सकते हैं। साथ ही, आप इस चटनी को ठेंचा (महाराष्ट्र की प्रसिद्ध चटनी) के साथ भी ट्राई कर सकते हैं। इसका स्वाद इतना बेहतरीन होता है कि इसे एक बार खाने के बाद आप बार-बार बनाना चाहेंगे।

नेपाली तिल चटनी सर्दियों के मौसम के लिए एक बेहतरीन और हेल्दी विकल्प है। यह न सिर्फ आपके खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि शरीर के लिए भी फायदेमंद है। भारती सिंह की स्पेशल रेसिपी को ट्राई कर इस चटनी का आनंद लें और अपने परिवार और दोस्तों को भी इसका स्वाद चखने का मौका दें।

ब्लड शुगर से लेकर Skin तक, Corns है स्वास्थ्य का खजाना

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बारिश के दिनों में भुट्टे की महक दूर तक महकती है और भारत में ज्यादातर लोगों की भुट्टा पहली पसंद हैं। लेकिन, क्या आप लोग जानते हैं मकई के खाने के चमत्कारी फायदों के बारे में? मक्का यानी कॉर्न एक स्वस्थ अनाज है, जो फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत है। यह आंखों और पाचन स्वास्थ्य के लिए भी काफी फायदेमंद है। मक्का दुनिया के सबसे लोकप्रिय अनाजों में से एक है। इसे दुनिया भर में कई सारी किस्मों में उगाया जाता है। पॉपकॉर्न और स्वीट कॉर्न इसकी लोकप्रिय किस्में हैं। लोग इसे कई अलग-अलग तरीकों से खाना पसंद करते हैं। स्वाद में बेहतरीन यह अनाज गुणों अगर आपको ये जानकर हैरानी होगी कि मकई खाने से कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।

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पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है

मक्का में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो डाइजेस्टिव सिस्टम को स्वस्थ रखने में मदद करता है। यह कब्ज को दूर करता है और आंतों की सफाई में मदद करता है। अगर आप पाचन संबंधी समस्याओं से परेशान हैं, तो मक्का को अपने आहार में शामिल करें।

दिल के लिए अच्छा

मक्का में एंटीऑक्सीडेंट और अच्छे फैट्स होते हैं जो हृदय की सेहत को बनाए रखने में मदद करते हैं। यह खून की धमनियों को साफ रखने में मदद करता है, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है।

हड्डियों को मजबूत बनाता है

मक्का में मैग्नीशियम, फास्फोरस और जिंक जैसे मिनरल्स होते हैं, जो हड्डियों की सेहत को बनाए रखने में मदद करते हैं। नियमित रूप से मक्का खाने से हड्डियां मजबूत और स्वस्थ रहती हैं। मक्का में कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं, जो शरीर को एनर्जी देता हैं। यदि आपको जल्दी थकान महसूस होती है, तो मक्का आपके शरीर को ताजगी और एनर्जी देने में मदद करेगा। यह शरीर के लिए एक ताजगी का स्रोत है।

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ब्लड शुगर कंट्रोल करें

अगर आप को हाई ब्लड शुगर से जूझ रहे हैं तो मकई के दाने आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं।फाइबर का एक अच्छा स्रोत होने की वजह कॉर्न ब्लड स्ट्रीम में शुगर के अब्जॉर्प्शन को कम करता है। इसकी वजह से डायबिटीज या प्रीडायबिटीज वाले लोगों में ब्लड शुगर के लेवल को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इसी के साथ फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और विटामिन से समृद्ध स्रोत के तौर पर डायबिटीज में मकई को शामिल करने की सलाह दी जाती हैं। मकई का उपयोग कर डायबिटीज की समस्या में कुछ हद तक राहत पाई जा सकती है।

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आंखों के लिए फायदेमंद

कॉर्न में ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन की अच्छी मात्रा पाई जाती है। यह दोनों कैरोटीनॉयड आंखों के लिए महत्वपूर्ण हैं। मकई में एंटीऑक्सीडेंट, ल्यूटिन और जैक्सैन्थिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह सभी गुण आंखों की रोशनी को बचाने में मदद करता है।

त्वचा को चमकदार बनाए

मक्का में विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट्स और अन्य पोषक तत्व होते हैं जो त्वचा की सेहत के लिए फायदेमंद हैं। यह झुर्रियों को कम करने में मदद करता है और त्वचा को निखारता है। मक्का खाने से आपकी त्वचा में निखार आएगा और वह अधिक ग्लोइंग दिखेगी।

कैंसर का खतरा कम करे

कॉर्न में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट आपके सेल्स को डैमेज होने से बचाते हैं, जो कैंसर का खतरा बन सकते हैं। मक्के में कैरोटीनॉयड भी होता है, जिसमें कैंसर रोधी गुण पाए जाते हैं।

वजन घटाने में मदद करता है

मक्का में उच्च फाइबर की मात्रा होती है, जो लंबे समय तक पेट को भरा रखता है। यह भूख को नियंत्रित करता है, जिससे आप ज्यादा कैलोरी लेने से बच सकते हैं। यह वजन घटाने के प्रयासों में सहायक हो सकता है। इसे अपने डाइट में शामिल कर आप अपनी सेहत को बेहतर बना सकते हैं।

सेंसेक्स में 115 अंक की तेजी, 76,520 पर हुआ बंद, निफ्टी भी 50 अंक मजबूत

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शेयर बाजार में आज यानी 23 जनवरी को बढ़त देखने को मिली। सेंसेक्स 115 अंक की तेजी के साथ 76,520 के स्तर पर जबकि वहीं निफ्टी में भी 50 अंक की बढ़त रही, ये 23,205 के स्तर पर बंद हुआ।

एशियाई बाजारों में रहा मिला-जुला कारोबार
  • एशियाई बाजार में जापान के निक्‍केई में 0.79% और चीन के शंघाई कम्पोजिट इंडेक्स में 0.51% की तेजी रही। कोरिया के कोस्पी में 1.24% की गिरावट देखने को मिली।
  • NSE के डेटा के अनुसार, 22 जनवरी को विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 4,026 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। इस दौरान घरेलू निवेशकों (DIIs) ने 3,640 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।
  • 22 जनवरी को अमेरिका का डाओ जोंस 0.30% की तेजी के साथ 44,156 पर बंद हुआ। S&P 500 इंडेक्स 0.61% चढ़कर 6,086 पर बंद हुआ। नैस्डैक इंडेक्स में 1.28% की तेजी रही।
कल शेयर बाजार में रही थी तेजी

इससे पहले कल यानी 22 जनवरी को शेयर बाजार में बढ़त देखने को मिली थी। सेंसेक्स 566 अंक की तेजी के साथ 76,404 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में भी 130 अंक की तेजी रही, ये 23,155 के स्तर पर बंद हुआ था।

बिहार सरकार सब्जी उत्पादक किसानों की बढ़ाएगी आमदनी, सहकारिता विभाग ने की पहल

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बिहार सरकार के सहकारिता विभाग ने राज्य में सब्जी की खेती को बढ़ावा देने और बड़े पैमाने पर उसके विपणन की व्यवस्था कर सब्जी उत्पादक किसानों की आमदनी में भारी वृद्धि करने के लिए व्यापक योजना बनाई है।

“सब्जी उत्पादन को बढ़ाने के लिए सहकारिता विभाग ने कई योजनाओं पर शुरू किया काम”
बिहार के सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने गुरुवार को यहां बताया कि राज्य में सब्जी की खेती को बढ़ावा देने और सब्जी उत्पादन को बढ़ाने के लिए सहकारिता विभाग ने कई योजनाओं पर काम शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि राज्य के 300 से अधिक प्रखंडों में प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहयोग समिति का गठन किया गया है, जबकि सभी 534 प्रखंडों में आगामी मार्च माह तक समिति का गठन कर दिया जाएगा। इन समितियों को तत्काल तीन-तीन लाख रुपये फर्नीचर, लैपटॉप और कार्यालय प्रबंधन के लिए दिए जा रहे हैं। इससे सब्जी के भंडारण और विपणन के आंकड़ों को कंप्यूटराइज्ड किया जाएगा।

“देश के प्रत्येक व्यक्ति की थाली में एक बिहारी सब्जी जरूर रहना”
डॉ कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोच के अनुरूप देश के प्रत्येक व्यक्ति की थाली में एक बिहारी सब्जी जरूर रहना सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए राज्य के 25 स्थानों पर आधारभूत संरचना के साथ एक केंद्र का निर्माण किया जा रहा है, जिसपर प्रत्येक की लागत एक करोड़ 14 लाख रुपए निर्धारित है। उन्होंने बताया कि इस केंद्र में 10 टन की क्षमता वाला एक कोल्ड स्टोर,20 टन की क्षमता का गोदाम,कार्यालय आदि का प्रबंध होगा, जहां से सब्जी का विपणन करना भी आसान होगा।

“राज्य के सभी 38 जिलों में एक-एक सब्जी मंडी का निर्माण करने की योजना”
सहकारिता मंत्री ने बताया कि राज्य के सभी 38 जिलों में एक-एक सब्जी मंडी का निर्माण करने की योजना है। इसके लिए दो-दो एकड़ जमीन चिन्हित करने के लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि सब्जी मंडी परिसर में कोल्ड स्टोरेज,भंडारण, विपणन और एप के माध्यम से सब्जी आपूर्ति का आदेश लेने के साथ ही गंतव्य स्थल तक उसे पहुंचाने की व्यवस्था भी होगी। इससे किसान भाइयों की न तो सब्जियां बर्बाद होंगी और न ही उन्हें कम मूल्य पर सब्जी बेचने की मजबूरी होगी। विभाग सब्जी उत्पादक किसानों को सब्जी का उचित मूल्य दिलाने के लिए उन्हें हर संभव सहयोग करेगा और सुविधा प्रदान करेगा।

“ग्राम पंचायतों में सहकारिता चौपाल का आयोजन किया जाएगा”
डॉ कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से राज्य के सभी ग्राम पंचायतों में सहकारिता चौपाल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सहकारी सदस्यों के अलावा किसान-मजदूर भाइयों, महिलाओं और नौजवानों को शामिल किया जाएगा । इस चौपाल के जरिए महिलाओं,नौजवानों को सहकारिता के माध्यम से रोजगार के साधन उपलब्ध कराने के प्रबंध किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार से किसानों से धान और गेहूं खरीदने की व्यवस्था है, उसी प्रकार से सब्जी उत्पादक किसानों से सब्जी की खरीद की व्यवस्था की जाएगी और उन्हें सब्जी के मूल्य का 48 घंटे के अंदर उनके खाते में भुगतान कर दिया जाएगा। इससे राज्य में किसान भाइयों के बीच सब्जी उत्पादन के प्रति रुचि तो आयेगी ही, सब्जी का उत्पादन भी बढ़ेगा और उत्पादकों की आमदनी में भी भारी वृद्धि होगी।

टमाटर उत्पादक किसानों की राज्य सरकार ने की सहायता
मंत्री ने बताया कि वैशाली जिले में इस बार सब्जी उत्पादकों द्वारा बड़े पैमाने पर उत्पादित करीब 12000 मीट्रिक टन टमाटर अत्यंत कम मूल्य पर बिकने अथवा उसके बर्बाद हो जाने की स्थिति थी। सहकारिता विभाग ने इसे देखते हुए उनके टमाटर को सॉस बनाने वाली कंपनी से बिक्री करने की व्यवस्था कराई, जिससे किसानों को अच्छा लाभ मिल सका।

J&K में ‘हैली’ सेवा पर बड़ी खबर, Jet Serve Aviation ने उठाया अहम कदम

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जम्मू-कश्मीर में लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है। जानकारी के लिए बता दें कि जम्मू-कश्मीर सरकार बर्फीले इलाकों में कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए गुरेज, करनाह और तंगधार सहित दूरदराज के इलाकों में हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने जा रही है।

एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि एक निजी जेट सर्व एविएशन कंपनी ने आज गुरेज घाटी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा का ट्रायल रन किया। उन्होंने कहा कि गुरेज के बागटोर इलाके में ट्रायल रन किया गया और बागटोर, बडुआब, दावर और बडुगाम गांवों के लिए हेलीकॉप्टर सेवा जल्द ही शुरू होगी। उन्होंने कहा कि करनाह और तंगधार सहित अन्य बर्फीले इलाकों में भी इसी तरह के ट्रायल किए जाएंगे।

अधिकारी ने कहा कि आपात स्थिति के दौरान हवाई संपर्क प्रदान करने की व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए यह सेवा शुरू की गई है। अधिकारी ने कहा कि हेलीकॉप्टर सेवा मुख्य रूप से मरीजों, सरकारी कर्मचारियों और छात्रों सहित अन्य लोगों को आपातकालीन निकासी के लिए इस्तेमाल की जाएगी।

भारी बर्फबारी के कारण इन इलाकों में आवाजाही बंद हो गई है, क्योंकि बांदीपुरा-गुरेज, कुपवाड़ा-तंगधार और करनाह-चौकीबाल सड़कें बंद हैं।

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