Wednesday, April 1, 2026
Home Blog Page 127

SURAT : पुलिस ने 5 दिन में खोद डाली 15 हजार स्क्वायर फीट जमीन, फिर भी नहीं मिली लाश

0

सूरत के पुणा इलाके में तीन साल पुराने हत्या के मामले ने पुलिस को उलझा दिया है. नाबालिगों द्वारा दोस्त की हत्या कर शव दफनाने के खुलासे के बाद पुलिस पिछले पांच दिनों से जेसीबी मशीनों से खुदाई कर रही है. 15 हजार स्क्वायर फीट जमीन खोदी जा चुकी है, लेकिन अब तक शव या ठोस सबूत नहीं मिल सके हैं.
गुजरात के सूरत शहर के पुणा इलाके से एक रहस्यमयी और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां तीन साल पुराने हत्या के राज से पर्दा उठने के बाद भी पुलिस को अब तक शव बरामद नहीं हो सका है. मृतक की तलाश में पिछले पांच दिनों से सूरत पुलिस जेसीबी और हिटाची मशीनों की मदद से लगातार खुदाई कर रही है. अब तक करीब 15 हजार स्क्वायर फीट इलाके में 10 फीट गहराई तक खुदाई की जा चुकी है, लेकिन जमीन में दफन शव का कोई सुराग नहीं मिल पाया है.

यह मामला करीब तीन साल पुराना बताया जा रहा है. जानकारी के अनुसार, पुणा थाना क्षेत्र के कैनाल रोड स्थित एक खुली जगह पर चार नाबालिग दोस्त नशे की हालत में बैठे थे. इसी दौरान किसी छोटी बात को लेकर विवाद हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गया. आरोप है कि तीन नाबालिगों ने मिलकर अपने चौथे साथी पर भारी वस्तु से हमला कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी.

हत्या को छिपाने के इरादे से आरोपियों ने उसी अंधेरी रात में मौके पर गड्ढा खोदकर शव को जमीन में दफना दिया और फिर अलग-अलग हो गए. हालांकि, तीनों आरोपी समय-समय पर एक-दूसरे से मिलते रहे.

करीब तीन साल बाद, हाल ही में जब आरोपियों में से एक नाबालिग की अपने साथियों से दोबारा अनबन हुई, तो उसने मृतक के भाई के सामने जाकर पूरी सच्चाई उगल दी. उसने बताया कि उसका भाई कहीं लापता नहीं हुआ था, बल्कि उसकी हत्या कर पुणा इलाके में जमीन में दफना दिया गया था. यह सुनकर मृतक का भाई स्तब्ध रह गया और तत्काल पुणा पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई.

शिकायत के आधार पर पुलिस ने बताए गए स्थान पर खुदाई शुरू कराई. बीते पांच दिनों से पुलिस की टीमें दिन-रात खुदाई में जुटी हुई हैं. हालांकि, मामला तीन साल पुराना होने की वजह से मिट्टी की स्थिति बदल चुकी है, जिससे शव या अन्य साक्ष्य मिलने में कठिनाई आ रही है.पुलिस अधिकारियों का कहना है कि खुदाई का दायरा बढ़ाया जा सकता है और तकनीकी विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है. सूरत पुलिस का दावा है कि जमीन के नीचे दबे सच को बाहर लाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही इस हत्या की गुत्थी सुलझाई जाएगी.

SPORTS : ‘हम वर्ल्ड कप खेलने जा रहे हैं…’, कप्तान सलमान आगा ने पाकिस्तानी सरकार के फैसले पर तोड़ी चुप्पी

0

पाकिस्तान टी20 विश्व कप 2026 में अपना अभियान 4 फरवरी को आयरलैंड के खिलाफ वॉर्म-अप मैच से शुरू करेगा. ग्रुप चरण में वह नीदरलैंड्स, अमेरिका और नामीबिया से खेलेगा. 15 फरवरी को भारत के खिलाफ निर्धारित मुकाबले में पाकिस्तान मौजूदा फैसले के तहत हिस्सा नहीं लेगा और वॉकओवर देगा.पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने टी20 वर्ल्ड कप विवाद पर आखिरकार चुप्पी तोड़ी है. आगा ने साफ शब्दों में कहा कि यह निर्णय खिलाड़ियों के हाथ में कभी था ही नहीं. रविवार को लाहौर में ऑस्ट्रेलिया पर जीत के बाद जब सलमान अली आगा से 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर सरकार के फैसले पर सवाल किया गया था.

सलमान अली आगा ने कहा, हम विश्व कप खेलने जा रहे हैं. हमारा फैसला नहीं है, हम कुछ नहीं कर सकते. भारत के खिलाफ नहीं खेलने का निर्णय हमारा नहीं है. सरकार और पीसीबी चेयरमैन हमें जो कहेंगे, हम वही करेंगे. बता दें कि पाकिस्तान सरकार ने वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच खेलने से इनकार किया है.

पाकिस्तान सरकार ने भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेज़बानी में होने वाले 20 टीमों के टी20 विश्व कप में टीम की भागीदारी को मंज़ूरी दे दी है, लेकिन साथ ही औपचारिक तौर पर यह निर्देश भी दिया है कि पाकिस्तान की टीम भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगी.इस फैसले के चलते पाकिस्तान भारत के खिलाफ मुकाबले में वॉकओवर देगा और उसे दो अंक गंवाने पड़ेंगे.

बीसीसीआई और पीसीबी के बीच यह सहमति है कि भारत और पाकिस्तान केवल न्यूट्रल वेन्यू पर ही एक-दूसरे के खिलाफ खेलेंगे. इसके बावजूद भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार का पाकिस्तान का फैसला चौंकाने वाला माना जा रहा है.हालांकि आईसीसी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा है, लेकिन अब तक पीसीबी को किसी तरह की आधिकारिक सज़ा या कड़ी प्रतिक्रिया नहीं मिली है.

यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया, जब सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत यात्रा से इनकार करने के बाद बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नक़वी ने सार्वजनिक रूप से बांग्लादेश का समर्थन किया और आईसीसी पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया.

मोहसिन नक़वी ने प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के साथ कई बैठकें कीं, जिसके बाद रविवार शाम को सरकार का रुख सार्वजनिक किया गया. फैसले के मुताबिक, पाकिस्तान श्रीलंका में अपने सभी मुकाबले खेलेगा, लेकिन भारत के खिलाफ मैच फिलहाल आधिकारिक रूप से रद्द माना जाएगा.

पाकिस्तान अपना टी20 विश्व कप 2026 अभियान 4 फरवरी को आयरलैंड के खिलाफ वॉर्म-अप मैच से शुरू करेगा. यह मुकाबला कोलंबो के सिंहलीज़ स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा.ग्रुप चरण में पाकिस्तान का पहला आधिकारिक मैच 7 फरवरी को नीदरलैंड्स के खिलाफ होगा, जबकि 10 फरवरी को टीम का सामना संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) से होगा. ये दोनों मुकाबले भी कोलंबो में ही खेले जाएंगे.

15 फरवरी को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान के बीच हाई-प्रोफाइल मुकाबला निर्धारित है, लेकिन मौजूदा हालात में पाकिस्तान इस मैच में हिस्सा नहीं लेगा और वॉकओवर देगा.पाकिस्तान अपना ग्रुप चरण अभियान 18 फरवरी को नामीबिया के खिलाफ मुकाबले के साथ समाप्त करेगा. यह मैच भी कोलंबो के सिंहलीज़ स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा.

NATIONAL : बांके बिहारी मंदिर में रेलिंग का ठेका मुस्लिम को देने पर भड़के साधु-संत, CM योगी को लिखा पत्र; ADM ने दी सफाई

0

वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में स्टील रेलिंग का ठेका सलीम अहमद की फर्म को मिलने पर विवाद शुरू हो गया है. साधु-संतों ने इसका कड़ा विरोध करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है, जबकि प्रशासन ने इसे बैंक का प्रोजेक्ट बताया है.ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में स्टील रेलिंग लगाने का ठेका एक मुस्लिम फर्म को दिए जाने पर ब्रजभूमि में आक्रोश की लहर है. साधु-संतों ने इसे सनातन परंपराओं के खिलाफ बताते हुए ठेका निरस्त करने की मांग की है.

श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कहा है कि जहां भगवान राधा कृष्ण ने महारास और माखन चोरी लीला की हो ,जहां बांके बिहारी विराजमान हों, उस स्थान पर गौ मांस खाने वाले, सनातन धर्म के विरोधी आएंगे तो ब्रज वासियों को सहन नहीं होगा, हमारे कृष्ण कन्हैया भी नाराज हो जाएंगे.

फलाहारी महाराज ने लिखा है, ”यह लोग सनातन धर्म के विरोधी हैं. हिंदुओं को काफिर कहते हैं. ऐसे लोगों को मंदिर प्रांगण से 1 किलोमीटर तक घुसने नहीं दिया जाएगा. हमारे सनातनियों में स्टील रेलिंग लगाने के लिए हजारों ठेकेदार हैं, तो फिर हिंदुओं पर अत्याचार करने वाले और मथुरा, काशी, अयोध्या को तोड़कर वहां नमाज अदा करने वाले मुगलों के वंशजों को यह ठेका क्यों दिया गया है?”

उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की जांच करवा कर, पहचान छिपाकर कनिका कंस्ट्रक्शन के मालिक सलीम अहमद का ठेका निरस्त किया जाए. किसी सनातनी भाई को यह ठेका मिलना चाहिए. बांके बिहारी मंदिर में मुस्लिम ठेकेदार का ब्रजभूमि के सभी साधु संतों और ब्रज वासियों ने विरोध किया है. देखें
वहीं, जिला प्रशासन से जब इस मामले में पूछा गया तो ADM पंकज वर्मा ने aajtak को बताया, ”यह रेलिंग मंदिर के बजट से नहीं, बल्कि उन बैंकों द्वारा लगाई जा रही है जहां मंदिर का पैसा जमा होता है. बैंकों ने अपने CSR (Corporate Social Responsibility) फंड के माध्यम से इसका प्रस्ताव दिया था. बैंक ने कोटेशन के आधार पर ‘कनिका कंस्ट्रक्शन’ को चुना. प्रशासन के अनुसार, इस संस्था का संचालन रंजन नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है और मंदिर में काम की देखरेख फील्ड मैनेजर रुपेश शर्मा कर रहे हैं. प्रशासन का कहना है कि रेलिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है.”

ENTERTAINMENT : सिर्फ एक मैसेज पर जैकी श्रॉफ के बर्थडे में पहुंचे सलमान खान, पोस्ट शेयर कर सुभाष घई ने की तारीफ

फिल्ममेकर सुभाष घई ने एक पोस्ट शेयर कर सलमान खान की जमकर तारीफ की हैं. उन्होनें बताया सलमान सिर्फ एक मैसेज मिलने पर जैकी के बर्थडे में सरप्राइज देने पहुंच गए.बॉलीवुड एक्टर जैकी श्रॉफ ने 1 फरवरी को अपना 69वां जन्मदिन मनाया. इस मौके पर उन्होंने एक काफी सिंपल और निजी बर्थडे पार्टी रखी, जिसमें सिर्फ करीबी दोस्त शामिल हुए. ये पार्टी फिल्ममेकर सुभाष घई के घर पर हुई. बाद में सुभाष घई ने बताया कि सलमान खान सिर्फ एक मैसेज मिलने पर ही जैकी के बर्थडे में सरप्राइज देने पहुंच गए.

सोमवार को सुभाष घई ने इंस्टाग्राम पर सलमान खान और जैकी श्रॉफ के साथ बर्थडे सेलिब्रेशन की एक तस्वीर शेयर की. फोटो के साथ उन्होंने एक लंबा नोट भी लिखा. सुभाष घई ने लिखा कि सलमान खान उन गिने-चुने सितारों में से हैं, जो अपने सीनियर्स का दिल से सम्मान करते हैं.

उन्होंने बताया कि उन्होंने सलमान को सिर्फ एक मैसेज भेजा था, जिसमें जैकी श्रॉफ के जन्मदिन पर करीबी दोस्तों की छोटी-सी शाम में आने की बात कही थी. इसके बावजूद सलमान ने सबको सरप्राइज देते हुए उनके घर आकर शाम को और खास बना दिया. सुभाष घई ने सलमान का शुक्रिया अदा करते हुए उन्हें हमेशा खुश और सुरक्षित रहने की दुआ भी दी.

जैकी श्रॉफ और सुभाष घई ने साथ में कई फिल्मों की हैं. जैकी की डेब्यू फिल्म ‘हीरो’ का निर्देशन भी सुभाष घई ने ही किया था. दोनों काफी अच्छे दोस्त हैं. यही वजह है कि उन्होंने जैकी के लिए एक खास पार्टी रखी. इस स्पेशल बर्थडे पार्टी में सलमान खान के अलावा रोनित रॉय, रूमी जाफरी, मीनाक्षी शेषाद्रि और पूनम ढिल्लों जैसे सितारे भी शामिल हुए.

बता दें, जैकी श्रॉफ और सलमान खान के बीच काफी अच्छी बॉन्डिंग है. जैकी ने पहले बताया था कि जब सलमान इंडस्ट्री में नए थे, तब वह उनके साथ काम करने वाले हर डायरेक्टर को सलमान की फोटो दिखाया करते थे, ताकि उन्हें काम मिल सके. जैकी ने ये भी कहा था कि सलमान उनके काम के बड़े फैन रहे हैं. सालों में दोनों ने साथ मिलकर कई फिल्मों में काम किया है, जिनमें वीर, क्योंकि…, राधे और भारत जैसी फिल्में शामिल हैं.

MAHARASHTRA : 3 बच्चों वाले पिता ने बेटी को नहर में फेंका, ताकि कागज पर रह जाएं सिर्फ 2 संतान… फिर लड़ सके सरपंच का चुनाव

0

महाराष्ट्र के एक व्यक्ति ने सरपंच चुनाव लड़ने के योग्य बनने के लिए अपनी बेटी की हत्या कर दी. दो बच्चों के नियम के कारण अयोग्य हो रहे आरोपी ने बेटी को निज़ामसागर नहर में धक्का दे दिया. पुलिस ने पिता और साजिश में शामिल सरपंच को गिरफ्तार किया है.महाराष्ट्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. निजामाबाद में सरपंच चुनाव लड़ने के योग्य बनने के लिए एक शख्स ने अपनी ही बेटी की हत्या कर दी.

पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र के केरूर गांव का रहने वाला पांडुरंग सरपंच चुनाव लड़ना चाहता था, लेकिन दो बच्चों के नियम के कारण वह अयोग्य था, क्योंकि उसके तीन बच्चे थे. इस अयोग्यता को दूर करने के लिए, उसने अपनी बड़ी बेटी प्राची की हत्या कर दी.पुलिस ने बताया कि पांडुरंग ने निजामाबाद जिले के एडापल्ली के पास निजामसागर नहर में प्राची को धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. जांच के बाद यह घटना सामने आई, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया.

एक संबंधित घटनाक्रम में, पुलिस ने इस मामले में मौजूदा सरपंच गणेश शिंदे को भी गिरफ्तार किया है, क्योंकि अपराध करने से पहले दोनों ने इस बारे में बात की थी.निजामाबाद पुलिस कमिश्नर साई चैतन्य ने गिरफ्तारी की पुष्टि की और कहा कि विस्तृत जांच के बाद अपराध का खुलासा हुआ. आगे की जांच जारी है.

TECH : सोशल मीडिया पर इंसानों की छुट्टी? AI बॉट्स ने बना ली अपनी अलग दुनिया, कैसे काम करता है ये नेटवर्क

0

एक दिन आप सो कर उठें और पता चले कि सोशल मीडिया पर आपकी एंट्री बैन हो गई है और बॉट्स ने खुद से टेकओवर कर लिया. ये मजाक नहीं है बल्कि सच्चाई है.

हाल के हफ्तों में Moltbook जैसे प्लेटफॉर्म्स तेज़ी से सुर्खियों में आए हैं. ये प्लेटफॉर्म यूज़र के तौर पर इंसान नहीं, AI एजेंट्स को रखते हैं. आम तौर पर ये Reddit या X जैसा दिखता है, लेकिन टेक-लेयर और ऑपरेशनल मॉडल पूरी तरह अलग है. यह सिर्फ़ एक्सपेरिमेंट नहीं, बल्कि इंटरनेट की अगली स्टेज का प्रोटोटाइप है.

Maltbook नाम के AI सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 14 लाख से ज्यादा बॉट्स हैं. ये एक दूसरे से बातचीत करते हैं और फेसबुक की तरह ही पैरेलेल सोशल मीडिया तैयार हो चुका है जहां सिर्फ रोबोट्स का ही बोलबाला है. लेकिन लोगों के मन में ये सवाल है कि अगर AI को इंसानों ने ही बनाया तो ये खुद से कैसे एक दूसरे से बात कर रहे हैं? आइए जानते हैं कैसे ये पूरा खेल चल रहा है जो इंसानों के लिए बैकफायर भी कर सकता है.

कैसे काम करता है रोबोट्स का अपना सोशल मीडिया?

सबसे पहले समझना ज़रूरी है कि यहां जो ‘एजेंट’ लिखा जाता है वह कोई साधारण चैटबॉट नहीं है. हर एजेंट के पीछे एक बड़ा टेक स्टैक होता है. बेसिक फ्लो कुछ यूं है. सबसे पहले एक लैंग्वेज मॉडल चलता है, जो टेक्स्ट जेनेरेशन के लिए जिम्मेदार होता है. फिर उस मॉडल के ऊपर एजेंट फ्रेमवर्क चलता है जो तीन काम करता है: प्रॉम्प्ट ऑर्केस्ट्रेशन, टूल इनवोकेशन और स्टेट मैनेजमेंट.

को कॉन्टेक्स्ट दिया जाता है, जैसे उसकी पहचान, लक्ष्य और पिछले संवाद का रिकॉर्ड.

टूल इनवोकेशन का मतलब है कि एजेंट बाहरी सर्विसेज को कॉल कर सकता है. उदाहरण के लिए वेब सर्च API, फैक्ट चेकर, या कोई सिमुलवेशन इंजन.

स्टेट मैनेजमेंट में कॉन्वर्सेशन हिस्ट्री, वेक्टर एंबेडिंग और सीजन टोकेन्स संभाले जाते हैं ताकि एजेंट ‘किस तरह का एजेंट’ है यह याद रहे.

इन एजेंट्स के लिये दो चीज़ें ज़रूरी रहती हैं. पहला है रीट्रिवल ऑग्मेंटेड जेनेरेशन यानी RAG. इसका मतलब कि एजेंट सिर्फ जो कुछ इंटरनल मॉडल ने सीखा उस पर निर्भर नहीं करता, वह एक्सटर्नल नॉलेज स्टोर्स या वेक्टर DB से रेफरेंस लेकर जवाब बनाता है.

दूसरा है टूल चेनिंग… जहां एजेंट एक API से डेटा लेकर दूसरे API को देता है और अंत में यूदर फेसिंग रेस्पॉन्स बनता है.

इन्हें चलाने के लिये भारी कंप्यूट पावर चाहिए. आमतौर पर बड़े LLMs. इन्हें GPUs या TPUs पर चलाया जाता है और मल्टी टेनेंट आर्किटेक्चर में आइसोलेशन जरूरी होता है. इसलिए Moltbook जैसे प्लेटफॉर्म आमतौर पर क्लाउड इंफ्रा, माइक्रोसर्विसेज, और वेक्टर डेटाबेस का इस्तेमाल करते हैं.

हर एजेंट के लिए मेमोरी फुटप्रिंट, टोकेन यूसेज और API कॉल्स का हिसाब रखा जाता है. यह सब काम सस्ता नहीं है, इसलिए बहुत से प्रयोग पहले रिसर्च या फंडेड प्रोजेक्ट्स में होते हैं.

एजेंट्स की श्रेणियां अलग-अलग हैं. कुछ एजेंट शोध केंद्रित हैं, कुछ न्यूज-एजेंट्स हैं जो रिपोर्ट रेफ्रेश करते हैं, कुछ टेस्टिंग के लिए बनाए गए ट्रेडिंग या गेमिंग एजेंट हैं. कुछ एजेंट डेलिब्रेट टॉक्सिसिटी डिटेक्शन और मॉडरेशन के लिए भी बनाए जा रहे हैं ताकि दूसरे एजेंट्स की बातचीत से हानिकारक पैटर्न पकड़े जा सकें.

AI ऑनली प्लेटफॉर्म से यह सीखने को मिलता है कि बड़े पैमाने पर एजेंट्स किस तरह भाषा बनाते और कम्यूनिकेट करते हैं. यह रिसर्च के लिए मददगार है, खासकर मल्टी एजेंट कॉर्डिनेशन, इमर्जेंट बिहेवियर और टूल यूज की स्टडी में.

दूसरा फायदा यह है कि रिस्की एक्स्पेरिमेंट्स को इंसानों से आइसोलेट कर के किया जा सकता है. यानी हार्मफुल कंटेंट जेनेरेट होने का जोखिम कम होकर कंट्रोल्ड एनवायरमेंट में रहता है.

तीसरा, इन्हें इंटर्नल ऑटोमेशन और एजेंट टु एजेंट वर्कफ्लो के टेस्ट बेड के रूम में इस्तेमाल किया जा सकता है.

खतरे क्या हैं?

सबसे पहला खतरा यह है कि अगर इन एजेंट्स ने अपने बीच गलत या बायस फुल नैरेटिव डेवेलप किया, तो मशीन जेनेरेटेड कंक्लूजन धीरे-धीरे आउट-ऑफ-सैंडबॉक्स दुनिया में लीक कर सकती हैं.

दूसरा, डिटेक्शन का चक्र टूट सकता है. आज हम बॉट-बिहेवियर डिटेक्ट करने के तौर-तरीके जानते हैं, लेकिन जब बॉट्स खुद ही अपने तरीके से संवाद करेंगे, तब ह्यूमन डिटेक्शन कनफ्यूज हो सकते हैं.

तीसरा, गवर्नेंस और अकाउंटेब्लिटी यानी जवाबदेही का बड़ा सवाल है. अगर किसी AI ऑनली प्लेटफॉर्म पर मिसइनफॉर्मेशन का अंबार बनती है तो जिम्मेदारी किसकी होगी? प्लेटफॉर्म की, मॉडल-प्रोवाइडर की या एजेंट के डेवलपर की?

सुरक्षा और नियम कौन देगा?

इस टेक की रिस्क को समझने के लिए ऑपरेशन पैरामीटर्स जरूरी हैं. अच्छे प्लेटफॉर्म पर इन चीज़ों का ख्याल रखा जाना चाहिए… मॉडल वॉटरमार्किंग ताकि जेनेरेटेड कंटेंट पहचाना जा सके, इम्यूटेबल लॉग्स ताकि बिहेवियर ट्रेसिंग हो, रेट लिमिट और टूल ऐक्सेस कंट्रोल ताकि एजेंट खुद से ही वेब ऐक्शन ना कर सकें.

हमें ह्यूमन इन लूप मैकेनिज्म की जरूरत है ताकि क्रिटिकल और जरूर फैसलों पर इंसानी हस्तक्षेप रहे. साथ में तीसरी पार्टी ऑडिट्स और रेड टीम टेस्टिंग मैंडेटरी होने चाहिए.

प्रैक्टिकल असर क्या होगा?

इस तरह के प्लेटफॉर्म को दुनिया में यह दो तरह से देखा जाएगा. आगे बड़े टेक लैब्स AI एजेंट्स के लिए इंटर्नल सैंडबॉक्स बनाए जाएंगे ताकि सर्विसेज को स्केल किया जा सके. दूसरी तरफ़, जो प्लेयर इस टेक्नोलॉजी को गलत तरीके से मोनाटाइज करेंगे, वो इनफॉर्मेशन सिस्टम को मैनिपुलेट करने की कोशिश कर सकते हैं.

रेग्यूलेटर्स के लिए यह नया सिरदर्द है क्योंकि ट्रेडिशनल मॉडरेशन फ्रेमवर्क इंसानों द्वारा बनाए गए कंटेंट के लिए बनाए गए हैं. मशीन टू मशीन कॉन्टेंट को मॉडरेट करना मुश्किल होगा. क्योंकि अभी तक ऐसे सिस्टम तैयार ही नहीं हुए हैं. इसलिए ये बैकफायर भी कर सकता है. अगर समय पर लगाम ना लगाई गई.

BUSINESS : सोने की कीमतों में जारी गिरावट पर लगा ब्रेक, जानें 3 फरवरी को आपके शहर में किस रेट पर बिक रहा है सोना

0

घरेलू फ्यूचर मार्केट में सोने की कीमतों में मंगलवार, 3 फरवरी को तेजी देखने को मिल रही है. MCX पर गोल्ड फ्यूचर वायदा मंगलवार को 1,44,700 रुपये (प्रति 10 ग्राम) पर ओपन हुआ….

घरेलू फ्यूचर मार्केट में सोने की कीमतों में मंगलवार, 3 फरवरी को तेजी देखने को मिल रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 मार्च, 2026 का एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर वायदा मंगलवार को 1,44,700 रुपये (प्रति 10 ग्राम) पर ओपन हुआ. इसके आखिरी कारोबारी दिन एमसीएक्स पर सोना 1,41,669 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ था.

3 फरवरी की सुबह 10:00 बजे, एमसीएक्स पर 5 मार्च का एक्सपायरी वाला गोल्ड 1,46,514 रुपए पर ट्रेड कर रहा था. जो कि पिछले दिन की बंद कीमत से लगभग 5,000 रुपये की तेजी दिखाता है. एमसीएक्स गोल्ड शुरुआती कारोबार में 1,49,518 रुपए के हाई लेवल पर पहुंचा था.

एमसीएक्स पर 5 मार्च 2026 का एक्सपायरी वाला सिल्वर 2,53,409 रुपये (प्रति किलो) पर ट्रेड कर रहा था. जो कि पिछले दिन की बंद कीमत से लगभग 17,000 रुपये की तेजी दिखाता है. एमसीएक्स सिल्वर शुरुआती कारोबार में 2,57,480 रुपये के हाई लेवल पर पहुंचा था. आइए जानते हैं कि आज आपके शहर में सोना और चांदी का ताजा भाव क्या है….

आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)

दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,51,900 रुपए
22 कैरेट – 1,39,250 रुपए
18 कैरेट – 1,13,960 रुपए

मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,51,750 रुपए
22 कैरेट – 1,39,100 रुपए
18 कैरेट – 1,13,810 रुपए

चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,53,060 रुपए
22 कैरेट – 1,40,300 रुपए
18 कैरेट – 1,20,000 रुपए

कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,51,750 रुपए
22 कैरेट – 1,39,100 रुपए
18 कैरेट – 1,13,810 रुपए

अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,51,800 रुपए
22 कैरेट – 1,39,150 रुपए
18 कैरेट – 1,13,860 रुपए

लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,51,900 रुपए
22 कैरेट – 1,39,250 रुपए
18 कैरेट – 1,13,960 रुपए

पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,51,800 रुपए
22 कैरेट – 1,39,150 रुपए
18 कैरेट – 1,13,860 रुपए

हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,51,750 रुपए
22 कैरेट – 1,39,100 रुपए
18 कैरेट – 1,13,810 रुपए

सोने-चांदी जैसी बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिलता रहता है. पिछले कुछ दिनों से तो इनमें जबरदस्त तेजी-गिरावट देखने को मिल रही है. अगर, आज आप खरीदारी का प्लान बना रहे हैं तो, आपको अपने शहर का ताजा रेट जरूर पता करना चाहिए.

MP : ‘इत्र’ छिड़ककर स्कूली छात्राओं को वश में करना चाहता था मनचला, पीछा करते समय पढ़ता था किताब के ‘मंत्र’

0

मध्य प्रदेश के अशोकनगर में तंत्र-मंत्र के जरिए स्कूली छात्राओं को वश में करने की कोशिश करने वाले युवक को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी इत्र और मंत्रों के जरिए छात्राओं को आकर्षित करने का दावा करता था. पुलिस ने उसके पास से तंत्र की किताब और इत्र मध्य प्रदेश के अशोकनगर में स्कूली छात्राओं को प्रेमजाल में फंसाने के लिए तंत्र-मंत्र का सहारा लेने वाले एक सिरफिरे युवक को पुलिस ने दबोचा है. आरोपी युवक छात्राओं का पीछा करता था और उन पर विशेष इत्र छिड़ककर उन्हें ‘आकर्षित’ करने का दावा करता था.

आरोपी छात्राओं का पीछा करता था और उन्हें सम्मोहित करने के लिए इत्र छिड़कता था और मंत्रों का जाप करता था.पुलिस ने युवक को शहर के सलूजा टावर के पास से पकड़ा और उसकी तलाशी में इत्र की शीशी समेत तंत्र क्रियाओं से संबंधित एक किताब बरामद की.पुलिस के अनुसार, आरोपी स्कूल से निकलने वाली छात्राओं का लगातार पीछा करता था. वह उनके साथ अश्लील हरकतें भी करता था और उन पर इत्र छिड़ककर उन्हें अपने प्रेमजाल में फंसाने का प्रयास करता था. जब स्कूल की बैन निकलती तो काफी दूर तक पीछा करता था.

छात्राओं के परिजनों ने इस संबंध में कोतवाली पुलिस को गुप्त सूचना दी थी. शिकायत में बताया गया था कि एक युवक पिछले तीन-चार दिनों से छात्राओं का पीछा कर रहा है पुलिस ने सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गुरुवार को आरोपी को हिरासत में लिया.पुलिस ने जब युवक की तलाशी ली, तो उसके पास से ‘काली सहस्त्रनामावली’ और इत्र की शीशियां बरामद हुईं, जिससे उसके इरादों का खुलासा हुआ.

NATIONAL : साध्वी प्रेम बाईसा की मौत पर उठ रहे सवालों के घेरे में पिता, इंजेक्शन और दाल… क्या हुआ था उस रात?

0

साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत की गुत्थी अभी सुलझी नहीं है. पिता, कंपाउंडर और सेवादार से पूछताछ के बीच पुलिस खाने की दाल और इंजेक्शन दोनों एंगल से जांच कर रही है.राजस्थान के जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. इस मामले में तीन अहम किरदार जांच के घेरे में हैं, वो किरदार हैं – पिता वीरमनाथ, कंपाउंडर देवी सिंह और सेवादार सुरेश. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि मौत वाली रात आखिर क्या हुआ था.

साध्वी प्रेम बाईसा की डेथ मिस्ट्री में पुलिस को 3 ऐसे किरदार मिले हैं, जिनसे बार-बार पूछताछ हो रही है. पहला किरदार पिता वीरमनाथ हैं, जो आखिरी समय तक साध्वी के साथ मौजूद थे. दूसरा किरदार कंपाउंडर देवी सिंह हैं, जिन्होंने इंजेक्शन लगाया था. तीसरा किरदार सेवादार सुरेश है, जो आमतौर पर साध्वी को खाना देता था.

जांच के दौरान साध्वी के पास से दो आईफोन और एक सैमसंग मोबाइल जब्त किए गए हैं. पुलिस का मानना है कि इन मोबाइल फोन में मौत से जुड़ी अहम जानकारी हो सकती है. जब पिता से इन फोन के पासवर्ड मांगे गए, तो उन्होंने जानकारी से इनकार कर दिया. इसी वजह से जांच एजेंसियों का शक और गहराता जा रहा है.

मौत वाली रात साध्वी को जुकाम था और उनके लिए दाल बनाई गई थी. आमतौर पर सेवादार सुरेश खाना लेकर जाता था, लेकिन उस रात पिता वीरमनाथ खुद दाल लेकर कमरे में गए. दाल खाने के कुछ देर बाद ही साध्वी की तबीयत बिगड़ने लगी और सांस लेने में तकलीफ हुई. इसके बाद कंपाउंडर को बुलाया गया और इंजेक्शन लगाया गया.

इंजेक्शन के कुछ ही समय बाद साध्वी की मौत हो गई. साध्वी के भाई के अनुसार, इंजेक्शन के बाद शरीर का रंग नीला पड़ गया था. एनडीटीवी के अनुसार, कंपाउंडर देवी सिंह का कहना है कि उसने डॉक्टर की पर्ची के अनुसार ही इंजेक्शन लगाया. हालांकि, पुलिस यह जांच कर रही है कि इंजेक्शन सही था या नहीं और क्या वही मौत की वजह बना.

पिता वीरमनाथ पर शक इसलिए गहराया है क्योंकि साध्वी के आखिरी पल उन्हीं के साथ बीते थे और उन्होंने पहले पोस्टमार्टम से भी इनकार किया था. आश्रम का संचालन भी पिता की देखरेख में था और पहले भी उनके आचरण पर सवाल उठ चुके हैं.

कंपाउंडर देवी सिंह से इसलिए पूछताछ हो रही है क्योंकि इंजेक्शन के बाद ही मौत हुई. उनकी नर्सिंग डिग्री और इलाज के तरीके पर भी सवाल उठ रहे हैं. वहीं, सेवादार सुरेश पूरे घटनाक्रम का प्रत्यक्ष गवाह है और उसी ने साध्वी के लिए खाना और काढ़ा तैयार किया था.फिलहाल पुलिस दो बिंदुओं पर जांच कर रही है- क्या मौत गलत दवा या इंजेक्शन के रिएक्शन से हुई या फिर क्या खाने में किसी जहरीले पदार्थ की मिलावट थी. विसरा की एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी.

NATIONAL : कलावा पहनकर शादी का झांसा और फिर देहव्यापार, 100 से ज्यादा लड़कियों को बनाया निशाना

0

बस्ती जिले में कथित लव जिहाद से जुड़े बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है. मुख्य आरोपी अजफरुल हक उर्फ प्रिंस पर 100 से अधिक लड़कियों को हिंदू बनकर प्रेम जाल में फंसाने, दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और देह व्यापार में धकेलने का आरोप है. पुलिस ने 8 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर मुख्य आरोपी को जेल भेज दिया है.

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में लव जिहाद से जुड़े एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है. आरोप है कि मुख्य आरोपी अजफरुल हक उर्फ प्रिंस और उसके गिरोह ने 100 से अधिक लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाया है. आरोपी खुद को हिंदू बताकर, कलावा पहनकर और शादी व नौकरी का झांसा देकर भरोसा जीतता था. बाद में आपत्तिजनक वीडियो बनाकर पीड़िताओं को ब्लैकमेल कर उन्हें देह व्यापार में धकेल देता था. पीड़िताओं को नेपाल सहित देश के अलग-अलग राज्यों में भेजे जाने का भी आरोप है. विरोध करने पर उनके परिवार को प्रताड़ित किया गया और अपहरण की धमकी दी गई. पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है.

कलवारी थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता बस्ती शहर में एक निजी हॉस्पिटल में काम करती थी,जहां जनवरी 2022 में उसकी मुलाकात प्रिंस से हुई जिसने खुद को हिंदू बताया और उसे अच्छे हॉस्पिटल में नौकरी दिलवाने के नाम पर बात ही बात में उसका मोबाइल नंबर ले लिया. धीरे धीरे उसने पीड़िता को प्रेम जाल में फंसाया. युवती को शक न हो इसके लिए युवक बाकायदा अपने हाथ में कलावा पहनता था.

भरोसा जीतकर आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर शादी का झांसा दे लगातार दुष्कर्म किया. जब बात हद से ज्यादा गुजर गई और युवती शिकायत लेकर उसके घर पहुंची तो घर में भी युवक ने अपने भाई व सहयोगी के साथ मिलकर उसके साथ गैंगरेप किया. इतना ही नहीं पीड़िता यदि आरोपी के पास नहीं जाती थीं तो उसके परिवार को टार्चर किया जाता और भाई को भी किडनैप कर लिया जाता था. थक हारकर युवती को मजबूर होकर जाना ही पड़ता था.

पीड़िता के अनुसार आरोपी अजफरुल हक उर्फ प्रिंस थाने का हिस्ट्रीशीटर अपराधी है और इसके काले कारनामों में उसके घर वाले भी साथ देता है. आरोपी के घरवाले उसे भी बर्बाद करके देहव्यापार के दलदल में ढकेलने की पूरी कोशिश कर रहे थे. पीड़िता ने दावा किया कि आरोपी और उसका भाई हिन्दू बनकर लगभग 300 लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर उन सभी का आपत्तिजनक वीडियो बना चुके थे और उसके बाद देहव्यापार के लिए देश विदेश में बेच देते थे.

पीड़िता के आरोप की गम्भीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर अजफरुल हक उर्फ प्रिंस सहित 8 लोगों पर FIR दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया है. वहीं इस पूरे मामले पर डिप्टी एसपी सत्येंद्र भूषण तिवारी ने बताया कि महिला के साथ हुए कृत्य पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपी को जेल भेज दिया गया है और जो भी तथ्य विवेचना में सामने आएगा,आगे की विधिक कार्यवाही की जाएगी.

- Advertisement -

News of the Day