Thursday, June 25, 2026
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महाकुम्भ में आस्था की डुबकी लगाने दक्षिण अफ्रीका से आएंगे हजारों श्रद्धालु

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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जारी महाकुम्भ में दक्षिण अफ्रीका से हजारों श्रद्धालुओं के जाने की उम्मीद है। जोहानिस्बर्ग में भारत के महावाणिज्यदूत महेश कुमार ने बुधवार शाम कहा, ‘‘13 जनवरी को महाकुम्भ की शुरुआत के बाद से कुछ ही दिनों में उन लोगों के लिए सौ से ज्यादा वीजा जारी किए जा चुके हैं जो इसमें शामिल होने के इच्छुक हैं और कई लोगों ने इसमें शामिल होने के लिए अपने प्रवासी भारतीय नागरिकता (OCI) कार्ड का इस्तेमाल किया है।”

कुमार ‘महाकुंभ 2025- वेयर स्पिरिचुएलिटी मीट्स टेक्निकल इनोवेशन’ नामक संगोष्ठी की मेजबानी कर रहे थे, जिसमें विभिन्न वक्ताओं ने इस आयोजन के इतिहास और आध्यात्मिक लाभों पर प्रकाश डाला। कुमार ने कहा, ‘‘ट्रैवल एजेंट विशेष पैकेज भी तैयार कर रहे हैं, जिससे महाकुम्भ में लोगों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है।” उन्होंने कहा, ‘‘महाकुम्भ में शामिल होने के इच्छुक लोगों के मन में बहुत सारे प्रश्न हैं और इसी को देखते हुए यह संगोष्ठी आयोजित की गई है।”

दक्षिण अफ्रीका में पर्यावरण कार्यकार्ता एवं ‘सेव सॉइल मूवमेंट’ के नेता त्सेके नकादिमेंग महाकुम्भ में जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह का अगला महाकुम्भ साल 2169 में होगा। यह जानने के लिए कि यह वास्तव में है क्या, आपको वहां जाना ही चाहिए..।” दक्षिण अफ्रीका के रामकृष्ण केंद्र के स्वामी विप्रानंद महाराज ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में किसी भी ऐसे व्यक्ति के लिए कुम्भ की कल्पना करना मुश्किल है जिसने इस तरह के आयोजन का अनुभव नहीं किया है।

जापान में भूकंप के झटकों से कांपी धरती, घरों से बाहर आए लोग

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जापान में फुकुशिमा प्रांत के आइज़ू क्षेत्र में गुरुवार तड़के भूकंप के मध्यम झटके महसूस किये गये। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.2 मापी गई। इसके बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने आने वाले हफ़्तों में इसी तरह के झटकों की चेतावनी दी थी। साथ ही लोगों से भूस्खलन और हिमस्खलन से सावधान रहने की सलाह दी गई है।

भूकंप के कारण किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है और सुनामी की चेतावनी भी जारी नहीं की गई है। इसके अलावा फुकुशिमा, तोचिगी, गुन्मा और निगाटा प्रान्तों के कुछ हिस्सों में रिक्टर पैमाने पर तीन तीव्रता के झटके महसूस किए गए, जबकि कांटो और तोहोकू क्षेत्रों सहित व्यापक क्षेत्र में इससे कम तीव्रता के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय प्रसारक एनएचके की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार से इस क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियां बढ़ गई हैं तथा गुरुवार को स्थानीय समयानुसार सुबह पांच बजे तक एक या उससे अधिक तीव्रता के 15 झटके महसूस किये गये।

रिपोर्ट में क्षेत्रीय अधिकारी, पुलिस और दमकल विभाग के अनुसार किसी भी जानमाल की रिपोर्ट सामने नहीं आई है। अधिकारी भूकंप के संभावित झटकों और अन्य तरह की आपदाओं के लिए हाई अलर्ट पर हैं। जापान भूकंप के सक्रिय क्षेत्र में स्थित है जिसे‘रिंग ऑफ फायर’के रूप में जाना जाता है। देश नियमित अंतराल के दौरान भूकंप के शक्तिशाली झटकों से प्रभावित होता रहता है।

गौरतलब है कि वर्ष 2011 में देश में रिक्टर पैमाने पर 9.0 तीव्रता वाले भूकंप और इसके बाद आई सुनामी की चपेट में 15 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गयी थी। देश के फुकुशिमा परमाणु संयंत्र हादसा भी हुआ था।

ट्रंप के सबसे ‘बड़े आदेश’ को कोर्ट से लगा झटका, जन्मजात कानून को बदलने वाले आदेश पर रोक

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अमेरिका की फेडरल कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जन्मजात नागरिकता (Birthright Citizenship) को खत्म करने के लिए जारी किए गए आदेश पर 14 दिनों की अस्थायी रोक लगा दी है। यह फैसला फेडरल कोर्ट के जज जॉन कफनौर ने वॉशिंगटन, एरिजोना, इलिनोइस और ओरेगन राज्यों द्वारा दायर याचिका पर सुनाया।

जज का आदेश: स्पष्ट रूप से असंवैधानिक
सीएनएन के मुताबिक, सुनवाई के दौरान जस्टिस डिपार्टमेंट के वकील से सवाल करते हुए जज कफनौर ने कहा कि ट्रंप का यह आदेश “स्पष्ट रूप से असंवैधानिक” है। उन्होंने कहा, “मैंने अपने 40 साल के न्यायिक करियर में ऐसा कोई मामला नहीं देखा, जो इतना साफ तौर पर संविधान के खिलाफ हो।” मामले की अगली सुनवाई 5 फरवरी को होगी।

क्या है ट्रंप का आदेश?
ट्रंप ने 20 जनवरी को अपने शपथ ग्रहण के दिन “प्रोटेक्टिंग द मीनिंग एंड वैल्यू ऑफ अमेरिकन सिटिजनशिप” नामक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किया था। इस आदेश के जरिए तीन परिस्थितियों में जन्मजात नागरिकता (जूस सोली) पर रोक लगाई गई:

  • अगर बच्चे की मां अवैध रूप से अमेरिका में रह रही हो।
  • अगर मां अमेरिका की वैध, लेकिन अस्थायी निवासी हो।
  • अगर पिता अमेरिकी नागरिक या स्थायी निवासी न हो।

22 राज्यों ने जताया विरोध
ट्रंप के आदेश के खिलाफ 22 राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने फेडरल कोर्ट में याचिका दायर की। उनका कहना है कि 14वें संशोधन के तहत हर व्यक्ति को अमेरिका में जन्म लेने के बाद नागरिकता का अधिकार है और इसे रोकने का अधिकार राष्ट्रपति या कांग्रेस के पास नहीं है। न्यू जर्सी के अटॉर्नी जनरल मैथ्यू प्लैटकिन ने कहा, “राष्ट्रपति शक्तिशाली हो सकते हैं, लेकिन वे राजा नहीं हैं। वे संविधान को कलम के एक झटके से बदल नहीं सकते।”

14वें संशोधन का इतिहास और विवाद
14वां संशोधन 1868 में अमेरिका के गृहयुद्ध के बाद लागू हुआ था। इसका उद्देश्य गुलामी के शिकार अश्वेत अमेरिकियों को नागरिकता देना था। इसके तहत कहा गया कि अमेरिका में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति नागरिक होगा चाहे उसके माता-पिता का इमिग्रेशन स्टेटस कुछ भी हो। हालांकि आलोचकों का कहना है कि इस कानून का फायदा उठाकर गरीब और युद्धग्रस्त देशों के लोग अमेरिका में बच्चों को जन्म देते हैं। इसे बर्थ टूरिज्म कहा जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हर साल लाखों बच्चों को इस कानून के जरिए अमेरिकी नागरिकता मिलती है और उनके माता-पिता को अमेरिका में रहने का कानूनी आधार मिलता है।

प्यू रिसर्च की रिपोर्ट: भारतीय बच्चे भी शामिल
प्यू रिसर्च सेंटर की 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक 16 लाख भारतीय बच्चों को अमेरिका में जन्म लेने की वजह से नागरिकता मिली है। ट्रंप के आदेश से इस तरह के मामलों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।

अवैध प्रवासियों पर भी सख्ती
एक अन्य आदेश में अमेरिकी कांग्रेस ने लेकेन रिले एक्ट पारित किया। इस कानून के तहत अवैध प्रवासियों और अपराधों में शामिल अप्रवासियों को हिरासत में लेकर डिपोर्ट करना अनिवार्य होगा। यह कानून जॉर्जिया राज्य के 22 वर्षीय छात्र लेकेन रिले की हत्या के बाद लाया गया। उनकी हत्या एक वेनेजुएला के अवैध प्रवासी ने की थी।

ट्रम्प के फैसले से क्या बदलेगा?
ट्रंप के आदेश के लागू होने पर हर साल करीब 1.5 लाख नवजातों को नागरिकता नहीं मिलेगी। यह आदेश 30 दिन बाद यानी 19 फरवरी से लागू होना था लेकिन फेडरल कोर्ट की रोक के चलते इस पर असमंजस की स्थिति बन गई है।

सुनवाई का असर और भविष्य
मामले की अगली सुनवाई 5 फरवरी को होगी जिसमें कोर्ट यह तय करेगी कि ट्रंप के आदेश को लागू किया जाए या इसे पूरी तरह रद्द कर दिया जाए। यह मामला न सिर्फ अमेरिकी संविधान के लिए बल्कि लाखों अप्रवासियों और उनके बच्चों के भविष्य के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।

पुलिस के बुनियादी ढांचे बनाने को खर्च किए जाएंगे 426 करोड़

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पंजाब सरकार द्वारा अगले तीन वर्षों में पुलिस भवनों, विशेष रूप से पुलिस थानों और पुलिस लाइनों के उन्नयन और आधुनिकीकरण के लिए 426 करोड़ रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत कर दी गई है। इससे पंजाब पुलिस को अपने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन मिला है। यह जानकारी गुरुवार को डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने दी।

उन्होंने कहा, “426 करोड़ रुपये की इस राशि का उपयोग पूरे राज्य में पुलिस भवनों, खासतौर पर पुलिस थानों, पुलिस लाइनों और अन्य पुलिस बुनियादी ढांचे को आधुनिक और उन्नत बनाने के लिए किया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा कि इससे पुलिस बल की कार्यक्षमता और प्रभावशीलता में वृद्धि होगी।

गौरतलब है कि डीजीपी पंजाब ने गणतंत्र दिवस को ध्यान में रखते हुए फिरोजपुर, बठिंडा और पटियाला पुलिस रेंज में कानून व्यवस्था की समीक्षा करने और सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लेने के लिए त्वरित दौरा किया। अपने इस दौरे के दौरान, डीजीपी गौरव यादव ने बठिंडा में पुनर्निर्मित कॉन्फ्रेंस हॉल का उद्घाटन किया और पटियाला में पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर) के लिए 20 मोटरसाइकिलों को समर्पित किया। साथ ही, पुलिस बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए चल रही कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया। ये मोटरसाइकिलें कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंडिंग के तहत पटियाला पीसीआर में शामिल की गई हैं।

डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस आगामी गणतंत्र दिवस-2025 के सुरक्षित और शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है और पूरे राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि सभी सीपीज/एसएसपीज को सुरक्षा को कड़ा करने, गश्त तेज करने और रात्रि समय में नाइट डोमिनेशन ऑपरेशन्स को और अधिक मुस्तैदी से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

विभिन्न रेंजों के अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता करते हुए, डीजीपी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों के अनुरूप राज्य में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा अलर्ट और आवश्यक जानकारियां साझा कीं।

उन्होंने सीपीज/एसएसपीज को सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की उपस्थिति बढ़ाने और अपने-अपने क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों पर निगरानी और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, पुलिस नाकों की संख्या बढ़ाने के भी आदेश जारी किए गए हैं।

खेलों में योगदान को मान्यता देते हुए, डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने ‘यूथ कनेक्ट’ कार्यक्रम के तहत, जिला संगरूर में युवा एथलीटों को प्रशिक्षण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले 6 कोचों को पदोन्नति दी। इस पहल का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना है ताकि उन्हें नशे से दूर रखकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। इस कार्यक्रम के माध्यम से साधारण परिवारों के कम से कम 78 बच्चों को खेल में उपलब्धियों के आधार पर नौकरियां पाने में सहायता मिली है।

26 जनवरी से दिल्ली में चुनाव प्रचार शुरु करेंगी प्रियंका गांधी वाड्रा

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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा दिल्ली में 26 जनवरी से चुनाव प्रचार शुरु कर सकती है। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार प्रियंका उत्तर-पूर्वी दिल्ली में अपनी पहली रैली को संबोधित करेंगी। प्रियंका द्वारा पार्टी के उम्मीदवारों को अपने- अपने चुनावी क्षेत्रों में प्रचार करने का अनुरोध किया है, जबकि प्रियंका खुद केवल चुनिंदा और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ही रैलियां करेंगी।

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पार्टी ने जनता से किए ये बड़े वादे –

कांग्रेस ने दिल्ली के विधानसभा चुनावों के लिए लोगों से 5 बड़े वादे किए हैं। इन वादों में “प्यारी दीदी योजना” के तहत महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये देने का वादा किया गया है, जो सबसे अहम है। इसके अलावा, दिल्ली के हर निवासी को 25 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा, शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार के लिए 8,500 रुपये प्रति माह वजीफा मिलेगा, 500 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर मिलेगा और 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी। कांग्रेस का मानना है कि इन वादों के जरिए वह जनता का विश्वास वापस पा सकती है। 2015 और 2020 के चुनावों में पार्टी कोई सीट नहीं जीत पाई थी, लेकिन इस बार उनकी तैयारी पूरी तरह से मजबूत है।

महिला और युवा वोटरों पर प्रियंका का खास फोकस

इस बार होने वाले विधानसभा चुनावों से कांग्रेस पार्टी को काफी उम्मीदें हैं। पार्टी को ऐसी उम्मीद है कि प्रियंका का प्रभाव और पार्टी के वादे जनता को लुभाने में कामयाब होंगे। इस बार प्रियंका गांधी का खास फोकस महिला और युवा वोटरों पर होगा।

GST Tax:16 हज़ार रुपये कमाने वाले मिस्त्री को GST विभाग ने भेजा 1.96 करोड़ का टैक्स नोटिस !

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गुजरात के पाटन जिले से जीएसटी से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अहमदाबाद में मिस्त्री का काम करने वाले सुनील सथवारा को बेंगलुरु जीएसटी विभाग से 1.96 करोड़ रुपये का टैक्स नोटिस मिला, जिससे वह हैरान रह गए। महज 16-17 हजार रुपये की मासिक आय से परिवार चलाने वाले सुनील के लिए यह नोटिस किसी बड़े सदमे से कम नहीं था।

फर्जी आधार और पैन कार्ड का हुआ इस्तेमाल
जांच में यह खुलासा हुआ कि सुनील सथवारा के नाम पर 11 कंपनियां संचालित हो रही हैं, जो देश के अलग-अलग राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और अंडमान निकोबार में पंजीकृत हैं। यह भी पाया गया कि इन कंपनियों के पंजीकरण के लिए सुनील के नकली आधार और पैन कार्ड का उपयोग किया गया था।

कानूनी मदद और शिकायत दर्ज
टैक्स नोटिस मिलने के बाद सुनील ने वकील से संपर्क किया और दस्तावेजों की जांच कराई। फर्जी दस्तावेजों के उपयोग का पता चलने पर उन्होंने गृह विभाग और क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। सुनील का कहना है कि उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर यह रैकेट संचालित किया गया है।

सीआईडी क्राइम कर रही है जांच
मामले की जांच गांधीनगर सीआईडी क्राइम के हवाले की गई है। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि यह रैकेट किसने चलाया, असली आरोपी कौन है और उसका मकसद क्या था।

जागरूकता की जरूरत
यह घटना आधार और पैन कार्ड से जुड़ी सुरक्षा खामियों और फर्जीवाड़े को उजागर करती है। संबंधित विभागों से अपील की जा रही है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं।

Kangana Ranaut: फिल्म ‘इमरजेंसी’ को लेकर कंगना रनौत की बढ़ी मुश्किलें

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कंगना रनौत की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। दरअसल, कंगना की फिल्म इमरजेंसी को लेकर उनके खिलाफ राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की बहू कल्पना सिंह ने कोर्ट में याचिका दायर की है। कल्पना सिंह ने याचिका में आरोप लगाया है कि, दिनकर की प्रसिद्ध कविता ‘सिंहासन खाली करो कि, जनता आती है’ का कॉपीराइट उल्लंघन किया गया है। रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की प्रसिद्ध पंक्ति ‘सिंहासन खाली करो कि जनता आती है’ को फिल्म इमरजेंसी में बिना किसी से अनुमति लिए प्रयोग किया गया है, जिसके बाद फिल्म के निर्माता और बॉलीवुड एक्ट्रेस समेत कई लोगों को पटना हाई कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

फिल्म की रिलीज पर रोक की मांग

याचिका पर हाई कोर्ट के जस्टिस ए अभिषेक रेड्डी की एकल पीठ ने सुनवाई की। इसके बाद ही न्यायालय ने एक्ट्रेस कंगना रनौत समेत अन्य लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किया है। याचिका में मांग की गई थी कि फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई जाए, लेकिन कोर्ट ने इससे इनकार कर दिया। बता दें कि, इस फिल्म का डायरेक्शन कंगना रनौत ने किया है। वहीं, गीतकार मनोज मुंतशिर हैं। इस कविता की पंक्ति को इमरजेंसी फिल्म के प्रचार और गीत में उपयोग किया गया है।

पिछले साल 31 अगस्त को भी जारी हुआ था नोटिस

गौरतलब है कि, इस मामले में पिछले साल 31 अगस्त को भी कानूनी तौर पर नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इसका जवाब नहीं दिया गया। बता दें कि फिल्म इमरजेंसी 17 जनवरी 2025 को सिनेमा घरों में रिलीज की गई। कंगना रनौत ने इस फिल्म में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का किरदार निभाया है।

पंजाब की तहसीलों को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, मची खलबली

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पंजाब सरकार ने सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार रोकने और लोगों को होने वाली असुविधा को खत्म करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मिली जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने तहसीलों में लगे CCTV कैमरों को चालू रखने के आदेश जारी किए हैं। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव सह वित्त आयुक्त (राजस्व) ने राज्य के सभी डिप्टी कमिश्नरों को बाकायदा पत्र जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि सरकार ने राज्य के प्रत्येक सब रजिस्ट्रार/ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में 4 CCTV कैमरे लगाए हैं। इनमें से 2 CCTV कैमरे सब रजिस्ट्रार/ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के अंदर (जहां प्रमाण-पत्रों का सत्यापन किया जाता है) तथा 2 कैमरे कार्यालय के बाहर (जहां आम जनता प्रतीक्षा करती है) लगाए गए हैं।

इन कैमरों को लगाने का उद्देश्य यह है कि डिप्टी कमिश्नर यह जांच कर कार्यालय में ठीक से काम चल रहा हैं या नहीं तथा जनता को अपनी सम्पत्तियों के पंजीकरण में कोई परेशानी तो नहीं आ रही है। इन कैमरों का महत्वपूर्ण उद्देश्य पारदर्शिता लाना है, लेकिन पिछले सप्ताह नीचे हस्ताक्षरकर्ता द्वारा जांच करने पर पता चला कि 180 सब रजिस्ट्रार/ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में से जहां CCTV कैमरे लगाए गए हैं, केवल 3 कैमरे चालू हैं। यह स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं है।

इस विषय पर तत्काल कार्रवाई करते हुए अपने जिले के प्रत्येक सब रजिस्ट्रार/ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में स्थापित सीसीटीवी कैमरों को 31.01.2025 तक चालू किया जाए। ये सीसीटीवी कैमरे आईपी एड्रेस पर आधारित हैं, इसलिए, कार्यालय के सीसीटीवी कैमरों का लिंक अपने कंप्यूटर/मोबाइल पर डाउनलोड कर लेना चाहिए, ताकि आप किसी भी समय अपने जिले के किसी भी सब रजिस्ट्रार/ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में जाकर कैमरों की जांच कर सकें। इस संबंध में तकनीकी जानकारी आपके जिले के डीएसएम को अलग से उपलब्ध करा दी गई है।

दुनिया का सबसे भयानक रेल हादसा, जिसमें 1700 लोगों की हुई थी दर्दनाक मौत

हाल ही में भारत में कई दुखद रेल दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें कई निर्दोष लोगों की जान चली गई और बहुत से लोग घायल हो गए। यह हादसे देश के लिए गहरी पीड़ा का कारण बने हैं। हालांकि, आज हम दुनिया के सबसे खौफनाक रेल हादसे के बारे में विस्तार से जानेंगे, जिसे सुनकर आपकी रूह कांप उठेगी। यह हादसा इतना भयावह था कि इसमें करीब 1700 लोगों की जान चली गई थी। यह हादसा 2004 में श्रीलंका में हुआ था और इसे “सूनामी ट्रेन डिजास्टर” के नाम से जाना जाता है। आइए जानते है इस घटना को विस्तार से…

2004 श्रीलंका ट्रेन डिजास्टर
26 दिसंबर 2004 को, हिंद महासागर में एक भयानक भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 9.1-9.3 मापी गई थी। यह भूकंप अब तक के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक था। इस भूकंप के कारण उत्पन्न सूनामी ने श्रीलंका सहित कई देशों में भयंकर तबाही मचाई। द क्वीन ऑफ द सी नामक एक पैसेंजर ट्रेन, जो ओशन क्वीन एक्सप्रेस के नाम से भी जानी जाती थी, वह सुनामी की चपेट में आ गई।

कोलंबो से गाले की ओर जा रही थी
यह ट्रेन राजधानी कोलंबो से गाले की ओर जा रही थी और इसमें करीब 1700 यात्री सवार थे। जब ट्रेन पेरालिया गाँव के पास पहुँची, तब अचानक विशाल सूनामी की लहरें तट से टकराई। ट्रेन को पहली लहर ने प्रभावित किया, जिससे उसके आस-पास की बस्ती में पानी भर गया। कुछ ही मिनटों बाद दूसरी और तीसरी लहरें आईं, जो पहले से भी अधिक शक्तिशाली थीं। इन लहरों ने ट्रेन को पटरी से उतार दिया और उसे ध्वस्त कर दिया। इस भयानक दुर्घटना ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया।मृतकों की याद में कई श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की गईं।

इस हादसे के बाद श्रीलंका रेलवे ने अपनी सुरक्षा व्यवस्थाओं में सुधार किया और प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सचेत रहने के उपाय अपनाए। 2004 श्रीलंका ट्रेन डिजास्टर न केवल एक रेल हादसा था, बल्कि यह एक प्राकृतिक आपदा का भी परिणाम था। इस घटना ने दुनियाभर को प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सचेत किया और यह सिखाया कि ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए पहले से ही तैयार रहना कितना महत्वपूर्ण है। इस भयानक प्राकृतिक आपदा ने श्रीलंका में एक ऐसा दृश्य उत्पन्न किया जो सदियों तक लोगों के जेहन में रहेगा।

पूरी की पूरी ट्रेन ही समुद्र में समा गई
सुनामी की विशाल लहरों ने श्रीलंका के तटीय इलाकों को तबाह कर दिया।सुनामी की विशाल लहरें इतनी शक्तिशाली थीं कि पूरी की पूरी ट्रेन को ही समुद्र में समा गई। यह हादसा तेलवट्टा के पास पेरालिया में स्थित दक्षिण-पश्चिमी तटीय रेलवे लाइन पर यह हादसा हुआ था। ट्रेन के आठ डिब्बे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस हादसे में हजारों लोग बेघर हो गए और कई बच्चे अनाथ हो गए थे। सुनामी की विनाशकारी शक्ति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि तेलवट्टा समुदाय के लाखों लोग भी पानी में डूब गए थे। सुनामी ने उनके घरों को पूरी तरह से तबाह कर दिया था। आपदा स्थल पर मृतकों की संख्या इतनी अधिक थी कि लोगों को अपने खोए हुए रिश्तेदारों को ढूंढने में काफी मुश्किल हो रही थी।

हताहत और क्षति

  • मृतक संख्या: इस हादसे में लगभग 1700 से अधिक लोग मारे गए, जिससे यह इतिहास का सबसे घातक रेल हादसा बन गया।
  • क्षति: ट्रेन पूरी तरह से नष्ट हो गई और चारों ओर मलबे का ढेर लग गया। आसपास के गांव भी पूरी तरह से तबाह हो गए।
राहत और बचाव कार्य
  • बचाव कार्य: भयानक परिस्थितियों के बावजूद, श्रीलंकाई सेना, पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। लेकिन व्यापक क्षति और बाढ़ के कारण बचाव कार्य बहुत मुश्किल हो गया।
  • अंतर्राष्ट्रीय सहायता: कई देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने भी श्रीलंका को मदद पहुंचाई। राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए काफी सहयोग मिला।

महाकुंभ में IIT वाले बाबा ने बदल लिया हुलिया, दाढ़ी के साथ मूंछें भी सफाचट करवा ली

महाकुंभ में फेमस हुए IIT वाले बाबा का रील तो आपने देखा ही होगा। सोशल मीडिया पर यह बाबा छाएं हुए हैं। तमाम न्यूज़ चैनल औऱ यूट्यूबर उनका इंटरव्‍यू ले रहे हैं। इसी बीच बाबा ने अचानक से अपना रूप बदल दिया है।

दरअसल, उन्‍होंने अपनी दाढ़ी के साथ मूंछें भी हटवा दिया है। अभय सिंह जिस दौरान खुद को क्‍लीन शेव कर रहे थे, कुछ यूट्यूबर उनका वीडियो बनाए जा रहे थे। बाबा ने क्‍लीव शेव अवतार क्‍यों अपनाया, इस सवाल के जवाब में उनका कहना है कि मैंने दाढ़ी और मूंछ रही थी तो आप लोग मुझे आईआईटी वाले बाबा बोल रहे थे।  उनका कहना है कि  भगवान शंकर और श्रीकृष्‍ण ने भी दाढ़ी नहीं रखी थी। इसलिए कोई उनको श्रीकृष्‍ण बाबा या योगी नहीं बोलता था। इसीलिए मैंने भी खुद को क्‍लीन शेव कर लिया है।

शिव और श्रीकृष्‍ण के जैसे दिखने पर सवाल किया गया तो उनका कहना है कि भगवान तो सभी के अंदर हैं तो सभी को पता क्‍यों नहीं हैं। अगर सभी भगवान हैं तो हमें क्‍यों नहीं पता हम भगवान हैं। मैं उस सच्‍चाई को बोल रहा हूं। अहम ब्रह्मास्मि तो बोल ही रहा हूं। यही बात तो शंकराचार्य ने भी बोला था। तब किसी ने उनसे क्‍यों नहीं पूछा कि वह खुद को भगवान बता रहे हैं। कोई जब शिवोहम बोलता है तो उसका मतलब यही है न कि मैं शिव हूं।

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