उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जारी महाकुम्भ में दक्षिण अफ्रीका से हजारों श्रद्धालुओं के जाने की उम्मीद है। जोहानिस्बर्ग में भारत के महावाणिज्यदूत महेश कुमार ने बुधवार शाम कहा, ‘‘13 जनवरी को महाकुम्भ की शुरुआत के बाद से कुछ ही दिनों में उन लोगों के लिए सौ से ज्यादा वीजा जारी किए जा चुके हैं जो इसमें शामिल होने के इच्छुक हैं और कई लोगों ने इसमें शामिल होने के लिए अपने प्रवासी भारतीय नागरिकता (OCI) कार्ड का इस्तेमाल किया है।”

कुमार ‘महाकुंभ 2025- वेयर स्पिरिचुएलिटी मीट्स टेक्निकल इनोवेशन’ नामक संगोष्ठी की मेजबानी कर रहे थे, जिसमें विभिन्न वक्ताओं ने इस आयोजन के इतिहास और आध्यात्मिक लाभों पर प्रकाश डाला। कुमार ने कहा, ‘‘ट्रैवल एजेंट विशेष पैकेज भी तैयार कर रहे हैं, जिससे महाकुम्भ में लोगों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है।” उन्होंने कहा, ‘‘महाकुम्भ में शामिल होने के इच्छुक लोगों के मन में बहुत सारे प्रश्न हैं और इसी को देखते हुए यह संगोष्ठी आयोजित की गई है।”
दक्षिण अफ्रीका में पर्यावरण कार्यकार्ता एवं ‘सेव सॉइल मूवमेंट’ के नेता त्सेके नकादिमेंग महाकुम्भ में जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह का अगला महाकुम्भ साल 2169 में होगा। यह जानने के लिए कि यह वास्तव में है क्या, आपको वहां जाना ही चाहिए..।” दक्षिण अफ्रीका के रामकृष्ण केंद्र के स्वामी विप्रानंद महाराज ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में किसी भी ऐसे व्यक्ति के लिए कुम्भ की कल्पना करना मुश्किल है जिसने इस तरह के आयोजन का अनुभव नहीं किया है।


भूकंप के कारण किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है और सुनामी की चेतावनी भी जारी नहीं की गई है। इसके अलावा फुकुशिमा, तोचिगी, गुन्मा और निगाटा प्रान्तों के कुछ हिस्सों में रिक्टर पैमाने पर तीन तीव्रता के झटके महसूस किए गए, जबकि कांटो और तोहोकू क्षेत्रों सहित व्यापक क्षेत्र में इससे कम तीव्रता के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय प्रसारक एनएचके की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार से इस क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियां बढ़ गई हैं तथा गुरुवार को स्थानीय समयानुसार सुबह पांच बजे तक एक या उससे अधिक तीव्रता के 15 झटके महसूस किये गये।
जज का आदेश: स्पष्ट रूप से असंवैधानिक
उन्होंने कहा, “426 करोड़ रुपये की इस राशि का उपयोग पूरे राज्य में पुलिस भवनों, खासतौर पर पुलिस थानों, पुलिस लाइनों और अन्य पुलिस बुनियादी ढांचे को आधुनिक और उन्नत बनाने के लिए किया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा कि इससे पुलिस बल की कार्यक्षमता और प्रभावशीलता में वृद्धि होगी।





दरअसल, उन्होंने अपनी दाढ़ी के साथ मूंछें भी हटवा दिया है। अभय सिंह जिस दौरान खुद को क्लीन शेव कर रहे थे, कुछ यूट्यूबर उनका वीडियो बनाए जा रहे थे। बाबा ने क्लीव शेव अवतार क्यों अपनाया, इस सवाल के जवाब में उनका कहना है कि मैंने दाढ़ी और मूंछ रही थी तो आप लोग मुझे आईआईटी वाले बाबा बोल रहे थे। उनका कहना है कि भगवान शंकर और श्रीकृष्ण ने भी दाढ़ी नहीं रखी थी। इसलिए कोई उनको श्रीकृष्ण बाबा या योगी नहीं बोलता था। इसीलिए मैंने भी खुद को क्लीन शेव कर लिया है।