Thursday, June 25, 2026
Home Blog Page 1264

बरेली पुलिस ने नशे के खिलाफ कार्रवाई की सख्त, 11,477 नशीली गोलियां व इंजेक्शन किए नष्ट

बरेली पुलिस ने नशे के खिलाफ अपने अभियान को तेज करते हुए 467 मामलों में जब्त 3717 किलो मादक पदार्थ और 11,477 नशीली गोलियां व इंजेक्शन नष्ट कर दिए।एसएसपी अनुराग आर्य की अध्यक्षता में ड्रग डिस्पोजल कमेटी ने यह कार्रवाई की।

PunjabKesari

467 मामलों से संबंधित मादक पदार्थ जब्त
नष्ट किए गए मादक पदार्थों में कुल 467 मामलों से जब्त मादक पदार्थ शामिल थे। इनमें चरस, गांजा, स्मैक, हेरोइन, ब्राउन शुगर, नशीला पाउडर, डोडा, नशीली गोलियां और इंजेक्शन जैसे कई प्रकार के मादक पदार्थ शामिल थे। इन मामलों में तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई थी, और जब्त किए गए पदार्थों को सदर मालखाना और थाना भमोरा में सुरक्षित रखा गया था।

ड्रग डिस्पोजल कमेटी की कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने ड्रग डिस्पोजल कमेटी बनाई। जिसके बाद न्यायालय और संबंधित विभागों से अनुमति लेने के बाद सभी मादक पदार्थों को नष्ट किया गया। इंसिनरेटर का उपयोग करके मादक पदार्थों को नष्ट किया गया।ड्रग डिस्पोजल कमेटी की कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने ड्रग डिस्पोजल कमेटी बनाई। जिसके बाद न्यायालय और संबंधित विभागों से अनुमति लेने के बाद सभी मादक पदार्थों को नष्ट किया गया। इंसिनरेटर का उपयोग करके मादक पदार्थों को नष्ट किया गया।

यह एक अत्याधुनिक उपकरण है जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना सामग्री को जलाने में सक्षम है। कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य, जिला ड्रग डिस्पोजल कमेटी के अध्यक्ष, पुलिस अधीक्षक यातायात, अपराध शाखा के अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।

ये नष्ट किए गए मादक पदार्थ
18.592 किलोग्राम – चरस
1.5 किलोग्राम – गांजा
3.759 किलोग्राम – स्मैक
0.057 किलोग्राम – हेरोइन
0.005 किलोग्राम – ब्राउन शुगर
6.803 किलोग्राम – नशीला पाउडर
3686.5 किलोग्राम – डोडा
11257 अदद नशीली गोलियां
220 नशीले इंजेक्शन

Punjab के नामी Scan Center को कोर्ट ने लगाया जुर्माना

0

पंजाब में एक नामी स्कैन सेंटर पर कोर्ट द्वारा जुर्माना लगने की खबर मिली है। जानकारी के अनुसार गर्भावस्था के दौरान गलत स्कैन रिपोर्ट देने के मामले में कोटकपूरा के नामी  स्कैन सैंटर को कोर्ट ने 16.5 रुपए का जुर्माना लगाया है। उक्त मामला 2018 का फरीदकोट के कोटकपूरा से है।

गौरतलब है कि कोटकपूरा के व्यक्ति गगन अरोड़ा ने जैतो रोड पर स्थित नामी जसबीर स्कैन सेंटर से अपनी गर्भवती पत्नी के कुछ टेस्ट और स्कैन करवाई थी। इस दौरान एक नहीं बल्कि 3 स्कैन करवाई गई थी, जिसमें डाक्टरों ने गर्भ में पल रहे बच्ची की रिपोर्ट नार्मल बताई गई। पीड़ित गगन ने बताया कि लेवल 2 की रिपोर्ट के अनुसार बच्चे हर अंग के बारे में जानकारी दी गई, जिसके मुताबिक बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ्य है और उसके सभी अंग भी सामान्य हैं।

पीड़ित ने बताया जब 7 अप्रैल 2018 को बच्चे का जन्म हुआ तो उसमें सामने आया कि बच्चे के बायें हाथ की 4 उंगलियां नहीं है, जिससे परिवार का बुरा हाल है। जब इस मामले में स्कैन सेंटर मालिक डॉ. जसबीर से बात की तो उन्होंने गलती नहीं मानी। इसके बाद पीड़ित व्यक्ति ने स्कैन सेंटर के खिलाफ सिविल सर्जन को फरीदकोट में शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन फिर भी कोई न्याय नहीं मिला। जिसके बाद पीड़ित परिवार ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और डाक्टर के खिलाफ केस दायर किया गया। मामले में 7 साल बाद कोर्ट ने स्कैन सेंटर के मालिक डॉ. जसबीर सिंह को पीड़ित परिवार को साढ़े 16 लाख रुपए मुआवजा देने के आदेश जारी किए जो 45 दिनों के भीतर देना होगा। यही नहीं उस दौरान स्कैन के समय ली गई फीस भी वापस करनी होगी।

पंजाबियों के लिए खतरे की घंटी, होश उड़ा देगी यह खबर

0

शातिर ठगों द्वारा लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए दिन-ब-दिन नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। इन ठगों द्वारा साइबर क्राइम खासकर सोशल मीडिया की अलग-अलग साइट्स की मदद से लगातार इन घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश की जा रही है जिसके चलते बीते दिन साइबर क्राइम ठगों ने स्थानीय शहर की प्रमुख समाज सेवी संस्था रोटरी क्लब के करीब 10 सदस्यों की फोटो व्हाट्सएप नंबर पर डी.पी. बनाकर उनके रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों को मैसेज भेज कर किसी बहाने पैसे मांग कर अपनी ठगी का शिकार बनाने की कोशिश करने का मामले सामने आए हैं।

इस संबंध में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के संगरूर के वकील संजीव गोयल ने बताया कि उन्हें आज सुबह एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई, लेकिन व्हाट्सएप पर डी.पी. पर उनके दोस्त की फोटो लगी हुई थी। उन्होंने बताया कि उनका दोस्त कल ही दुबई गया था, इसलिए उन्होंने यह सोचकर कॉल अटैंड की कि शायद उनके दोस्त ने किसी नए नंबर से कॉल किया है, लेकिन जब काल करने वाले व्यक्ति ने कोई बहाना बनाकर उनसे पैसों की मांग की तो वह समझ गए की यह सब ठगी का खेल है और किसी धोखेबाज ने उनके दोस्त की व्हाट्सएप पर डीपी लगाकर ठगी का जाल बिछाया है।

उक्त ठग ने मोबाइल नंबर 91 8099218534 से पैसे मांगने के साथ ही भरोसा जगाने के लिए अस्पताल में इलाज कराते हुए की फोटो भी भेजी गई। उन्होंने कहा कि वह कल से ही टोल फ्री नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जब वह नंबर मिलाते हैं तो नंबर व्यस्त आता है। उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस प्रशासन और सरकार से लोगों को साइबर क्राइम ठगों से बचाने के लिए हैल्पलाइन नंबर पर पीड़ितों की शिकायत दर्ज करने का आसान तरीका बनाने और ऐसे ठगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है‌।

fraud

देश की जनता को साइबर क्राइम ठगों से बचाने के लिए सरकार ने लोगों को जागरूक करने के लिए रेडियो और संचार के अन्य माध्यमों के अलावा उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन पर कॉलर ट्यून के रूप में जागरूकता संदेश लगाए हैं, लेकिन सरकार द्वारा सहायता के लिए दिए गए नंबर 1930 पर पीड़ित उपभोक्ता की कोई शिकायत दर्ज नहीं होने से लोग परेशान हैं।

पंजाब की ‘धी अनमोल दात’ को राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता

0

महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता के प्रति पंजाब के समर्पित प्रयासों की सराहना भारत सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत पंजाब सरकार द्वारा किए गए कार्यों को लेकर की है। यह जानकारी पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी।

कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि लड़कियों के जन्म के समय राष्ट्रीय लिंगानुपात वर्ष 2014-15 में 918 था, जो वर्ष 2023-24 में बढ़कर 930 हो गया है। उन्होंने कहा कि लड़कियों के जन्म का अनुपात 75.51% से बढ़कर 78% हो गया है, जो राज्य सरकार के प्रयासों का परिणाम है। इसके अलावा संस्थागत प्रसव दर 61% से बढ़कर 97.3% हो गई है।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि केंद्रीय मंत्री द्वारा फरीदकोट जिले की अनूठी पहल ‘धी अनमोल दात’ की सराहना की गई है, जिसके अंतर्गत लड़कियों के जन्म पर पारंपरिक ‘सरींह रस्म’ आयोजित की जाती है, जो आमतौर पर केवल लड़कों के जन्म पर होती है। इस पहल के तहत नवजात बच्चियों के परिवार अपने मुख्य द्वारों पर नीम या सरींह के पत्ते बांधते हैं और बच्चियों के पैरों की छाप को संजोकर उनकी जन्म स्मृति के रूप में रखते हैं।

उन्होंने बताया कि नवजात बच्चियों के जन्म दिवस को मिठाई बांटकर, गिद्दा डालकर और गीत गाकर गांवों में उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान नवजात बच्चियों को बेबी कंबल और ग्रूमिंग किट दी जाती हैं, साथ ही उनके माता-पिता को बच्चियों के पैरों के निशान उपहार स्वरूप दिए जाते हैं।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पंजाब के प्रयासों को मान्यता मिलना यह प्रमाणित करता है कि सरकार लड़कियों को सशक्त बनाने और सामाजिक धारणाओं को बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है कि राज्य में प्रत्येक लड़की को सम्मान मिले और उसे आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हों।

मंत्री ने आगे बताया कि पंजाब ने महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। होशियारपुर जिले में 120 लड़कियों के लिए निःशुल्क ड्राइविंग कक्षाएं आयोजित करने जैसी पहलों का उद्देश्य लड़कियों के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ाना है। ये प्रयास लिंग आधारित रूढ़ियों को तोड़ रहे हैं और महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि वे इन पहलों में सक्रिय रूप से भाग लें ताकि लिंग समानता को बढ़ावा दिया जा सके।

सामाजिक सुरक्षा मंत्री ने कहा कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत राज्य सरकार लगातार लड़कियों को लेकर लोगों की मानसिकता और व्यवहार में बदलाव लाने का प्रयास कर रही है ताकि समाज में लड़कियों के साथ हो रहे भेदभाव को समाप्त किया जा सके।

पंजाब के स्कूलों के लिए बड़ी खबर, शुरू हो गई कार्रवाई

0

दिनों दिन बढ़ रहे सड़की हादसों को रोकना आज के समय की मुख्य जरूरत है, इसलिए समूह नागरिकों का यह फर्ज बनता है कि वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों की पालना यकीनी बनाई जाए, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में बेकार जातीं मानवीय जानों को बचाया जा सके। ये शब्द सहायक जिला ट्रांसपोर्ट अफसर प्रदीप सिंह ने बाल सुरक्षा और शिक्षा विभाग के सहयोग से डी.सी. दफ्तर नजदीक वाहनों की चैकिंग करने मौके किया।

उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार के निर्देशों अनुसार जनवरी को सड़क सुरक्षा माह के तौर पर मनाया जा रहा है, जिस अधीन विभिन्न जागरूकता गतिविधियां भी करवाई जा रही हैं। ए.डी.टी.ओ. प्रदीप सिंह ने बताया कि डिप्टी कमिश्नर डॉ. सोना थिंद के आदेशों अनुसार आज सड़क सुरक्षा और सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी अधीन स्कूल बसों और अन्य वाहनों की चैकिंग की गई है। इस मौके 14 स्कूल बसों में से सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी का उल्लंघन करने पर 6 बसों के चालान किए गए जबकि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले 16 दूसरे वाहनों के चालान भी किए गए। इस तरह की चैकिंग इसी तरह निरंतर जारी रहेगी।

इस मौके जिला बाल सुरक्षा अफसर हरभजन सिंह महिमी ने कहा कि स्कूली बच्चों को सुरक्षित यातायात की सुविधा उपलब्ध करवाने के मंतव्य से सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी लागू की गई है, जिसके अंतर्गत जो कोई स्कूल बसों में लड़कियां सफर करती हैं, उनमें महिला अटैंडंट होना अनिवार्य है। इसके अलावा स्कूल बसें में सी.सी.टी.वी. कैमरे, फस्ट एड बॉक्स और स्पीड गवर्नस लगाने अति आवश्यक हैं। बाल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह बहुत जरूरी हो जाता है कि बच्चों के माता-पिता उनको छोटी उम्र में वाहन चलाने की आज्ञा न दें और जो कोई स्कूली बसों में बच्चे सफर कर रहे हैं, वह सेफ स्कूल वाहन पॅालिसी मुताबिक नियमों को पूरा करती हों।

सिक्योरिटी में तैनात जवानों को हटाने पर भड़के केजरीवाल

0

आम आदमी पार्टी (आप) संयोजक अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा में तैनात पंजाब पुलिस के जवानों को वापस बुलाए जाने के एक दिन बाद दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने शुक्रवार को इसे ‘शुद्ध राजनीति’ करार दिया। केजरीवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मुझे खेद है कि व्यक्तिगत सुरक्षा का राजनीतिकरण किया गया है।”

इससे पहले आप प्रमुख द्वारा यह आरोप लगाया गया था कि पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आदेश पर विपक्षी उम्मीदवार के समर्थकों को बृहस्पतिवार को उनकी कार पर हमला करने दिया था। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इस दावे को खारिज कर दिया।

बीजेपी और अमित शाह पर कटाक्ष 
केजरीवाल ने शुक्रवार को पत्रकारवार्ता में ‘गैंगस्टरों’ की गतिविधियों के कारण दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शाह पर कटाक्ष किया। केजरीवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गैंगस्टरों को खत्म करने का दावा करने वाले वहां के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिल्ली के गैंगस्टरों पर लगाम लगाने के लिए शाह को ‘टिप्स’ देनी चाहिए। आप प्रमुख ने कहा कि ‘उनकी सुरक्षा वापस लेने’ के पीछे ‘शुद्ध राजनीति’ है। उन्होंने कहा कि कम से कम व्यक्तिगत सुरक्षा और संरक्षा को लेकर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।

डीजीपी गौरव यादव का बयान 
पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बृहस्पतिवार को कहा कि दिल्ली पुलिस और निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद केजरीवाल की सुरक्षा में तैनात पंजाब पुलिस की टुकड़ियों को हटा दिया गया है।

इन लोगों को नहीं मिलेगा प्रधानमंत्री आवास योजना का फायदा, 31 मार्च तक चलेगा सर्वे

0

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 2.0 का सर्वे अब शुरू हो चुका है। यह योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को पक्का घर देने के लिए बनाई गई थी। इस योजना के तहत 2024-25 से लेकर 2028-29 तक कई परिवारों को पक्के मकान मिलेंगे। मध्य प्रदेश में 31 मार्च 2025 तक लोग नए आवेदन कर सकते हैं, और इसके लिए अब मोबाइल ऐप का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

क्या है पीएम आवास योजना (ग्रामीण) 2.0?
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का दूसरा चरण ग्रामीण इलाकों के पात्र परिवारों को पक्के मकान देने के लिए शुरू किया गया है। इस योजना के तहत, मध्य प्रदेश में पात्र परिवारों को पक्के घर मिलेंगे। इस सर्वे में उन परिवारों को वरीयता दी जाएगी जो बेघर हैं, विशेषकर अनुसूचित जाति और जनजाति के परिवारों को।

कैसे करें आवेदन
अब आवेदक खुद अपने मोबाइल से इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें “Awas Plus” ऐप डाउनलोड करना होगा। इस ऐप के जरिए सर्वे प्रक्रिया में हिस्सा लिया जा सकता है। राष्ट्रीय सूचना केंद्र ने यह ऐप तैयार किया है, जिससे लोग आसानी से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।

आवेदन की प्रक्रिया और नियम

  • लाभार्थी को अपने मोबाइल में Awas Plus-2024 सर्वे और आधार फेस आईडी ऐप डाउनलोड करना होगा।
  • आवेदन के लिए आधार कार्ड जरूरी है।
  • एक मोबाइल फोन से एक ही आवेदन किया जा सकता है।

पीएम आवास योजना के लिए प्राथमिकताएं
इस योजना में सबसे पहले उन परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके पास घर नहीं है, खासकर अनुसूचित जाति-जनजाति के परिवारों को। इसके बाद बाकी पात्र परिवारों को घर दिए जाएंगे।

कौन लोग इस योजना का लाभ नहीं उठा सकेंगे?

  • जिन किसान की केसीसी लिमिट 50 हजार से अधिक है।
  • जिनके पास पक्का घर, तीन पहिया या चार पहिया वाहन हैं।
  • जिनके पास ढाई एकड़ या उससे अधिक सिंचित भूमि है।
  • जिनके पास 11.5 एकड़ या उससे अधिक असिंचित भूमि है।
  • जिनके परिवार में कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है या जिनका कोई व्यवसाय है।
  • जो लोग इनकम टैक्स या बिजनेस टैक्स देते हैं, वे भी इस योजना से बाहर रहेंगे।

समाप्ति की तारीख
31 मार्च 2025 तक इस सर्वे को पूरा करने का लक्ष्य है, और उसके बाद पात्र परिवारों को पक्के मकान दिए जाएंगे।

अमित शाह रहेंगे नासिक के दौरे पर, त्र्यंबकेश्वर मंदिर में करेंगे पूजा-अर्चना

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को नासिक जिले में होंगे, जहां वह प्रसिद्ध त्र्यंबकेश्वर मंदिर जाएंगे। शाह विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए मालेगांव शहर और अजंग गांव जाने से पहले 12 ज्योतिर्लिंग में से एक त्र्यंबकेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे।

कर्नाटक में मंकीपॉक्स की दस्तक, सामने आया पहला केस, दुबई से लौटा शख्स पाया गया पॉजिटिव

कर्नाटक के मंगलुरु में में मंकीपॉक्स का पहला पुष्ट मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि उडुपी जिले के करकला तालुक का निवासी 40 वर्षीय मरीज की हालत स्थिर है और उसे कोई गंभीर जटिलता नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि 17 जनवरी को दुबई से आए मरीज को जल्द ही छुट्टी मिलने की उम्मीद है और अधिकारियों ने लोगों से नहीं घबराने की अपील की है।

मरीज की पत्नी, जिसने उसे हवाई अड्डे पर प्राप्त किया था, को प्राथमिक संपकर् के रूप में पहचाना गया है। उन्हें अलग-थलग रहने और अगले कुछ दिनों तक किसी भी लक्षण पर नजर रखने की सलाह दी गई है। एक बयान में, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रधान सचिव हर्ष गुप्ता और एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के निदेशक अंसार अहमद ने लोगों को आश्वस्त किया कि यह बीमारी ज्यादातर मामलों में हल्की और स्व-सीमित होती है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि लोगों को घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि यह बीमारी मुख्य रूप से निकट या घनिष्ठ संपर्क से फैलती है और यह कोविड-19 जितनी संक्रामक नहीं है।

इसके लक्षणों में आमतौर पर त्वचा पर चकत्ते, बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और ठंड लगना शामिल हैं। अधिकारियों ने उच्च जोखिम वाले देशों की यात्रा करने वाले लोगों या पुष्टि मामलों के निकट संपर्क में रहने वाले लोगों को इनमें से किसी भी लक्षण का अनुभव होने पर चिकित्सा सलाह लेने की सलाह दी। मंकीपॉक्स का उपचार बुखार और शरीर के दर्द जैसे लक्षणों को कम करने पर केंद्रित है, साथ ही संक्रमित घावों से होने वाले द्वितीयक संक्रमणों के लिए एंटीबायोटिक्स का उपयोग किया जाता है। पर्याप्त हाइड्रेशन, पोषण और विश्राम सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है।

वर्तमान में, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए भारत सरकार की ओर से कोई अनिवार्य परीक्षण आवश्यकताएं या सलाह नहीं दी गई है। स्वास्थ्य अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और लोगों को आश्वस्त कर रहे हैं कि मामले को प्रबंधित करने के लिए आवश्यक उपाय किए गए हैं।

US citizenship: अमेरिका में 20 फरवरी से पहले सीजेरियन डिलीवरी की होड़

0

डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने अमेरिका में जन्म लेने पर स्वाभाविक नागरिकता (बर्थराइट सिटिजनशिप) को खत्म कर दिया है। इसके तहत, 20 फरवरी के बाद जन्म लेने वाले बच्चों को अब अमेरिका की नागरिकता नहीं मिलेगी।

हालांकि इस घोषणा के बाद अमेरिका की एक अदालत ने ट्रंप प्रशासन द्वारा जन्म के आधार पर नागरिकता (बर्थराइट सिटिजनशिप) को निरस्त करने के फैसले पर रोक लगा दी है। अदालत ने इस निर्णय को असंवैधानिक करार दिया है और कहा कि यह अमेरिकी संविधान के तहत दी गई नागरिकता के अधिकारों का उल्लंघन करता है।

◆क्या है बर्थराइट सिटिजनशिप?
बर्थराइट सिटिजनशिप अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन का हिस्सा है, जिसके तहत अमेरिका में जन्म लेने वाले हर व्यक्ति को वहां की नागरिकता मिलती है। ट्रंप प्रशासन ने इस कानून को समाप्त कर गैरकानूनी प्रवासियों के बच्चों को नागरिकता देने पर रोक लगाने की कोशिश की थी।

◆जज का फैसला
अदालत के जज ने अपने फैसले में कहा कि ट्रंप प्रशासन का यह कदम स्पष्ट रूप से असंवैधानिक है। इस कानून को समाप्त करने के लिए संविधान में संशोधन की आवश्यकता होगी, जो प्रशासन की कार्यकारी शक्तियों के दायरे से बाहर है।

◆ बर्थराइट सिटिजनशिप खत्म करने का आदेश
राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस आदेश को लागू करने के लिए 30 दिन का समय दिया है। इस फैसले के बाद अमेरिका में गर्भवती महिलाएं जल्द-से-जल्द अपनी डिलीवरी कराने की कोशिश कर रही हैं, जिससे उनके बच्चों को अमेरिकी नागरिकता का अधिकार मिल सके।

◆ सीजेरियन डिलीवरी का ट्रेंड बढ़ा
इस फैसले के बाद अमेरिका के कई अस्पतालों में सीजेरियन डिलीवरी के मामलों में तेजी देखी जा रही है। गर्भवती महिलाएं 20 फरवरी से पहले अपने बच्चों का जन्म सुनिश्चित करने के लिए ऑपरेशन का सहारा ले रही हैं।

ट्रम्प प्रशासन के इस फैसले से हजारों परिवार प्रभावित होंगे, खासकर उन प्रवासियों के जो अमेरिका में अपने बच्चों को नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से रह रहे हैं।

◆ प्रवासी समुदाय को राहत
हालांकि अदालत के इस फैसले से प्रवासी समुदाय को बड़ी राहत मिली है। यह निर्णय उन लाखों बच्चों और परिवारों के लिए उम्मीद लेकर आया है, जो इस कानून के निरस्त होने से प्रभावित हो सकते थे।

◆ ट्रंप प्रशासन की दलील
ट्रंप प्रशासन ने तर्क दिया था कि बर्थराइट सिटिजनशिप के कारण अवैध प्रवासियों की संख्या बढ़ रही है और यह अमेरिका की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। हालांकि अदालत ने इसे खारिज कर दिया।

यह मामला अब उच्च न्यायालय तक पहुंच सकता है, लेकिन फिलहाल इस फैसले ने बर्थराइट सिटिजनशिप के अधिकार को बहाल कर दिया है।

- Advertisement -

News of the Day