बरेली पुलिस ने नशे के खिलाफ अपने अभियान को तेज करते हुए 467 मामलों में जब्त 3717 किलो मादक पदार्थ और 11,477 नशीली गोलियां व इंजेक्शन नष्ट कर दिए।एसएसपी अनुराग आर्य की अध्यक्षता में ड्रग डिस्पोजल कमेटी ने यह कार्रवाई की।

467 मामलों से संबंधित मादक पदार्थ जब्त
नष्ट किए गए मादक पदार्थों में कुल 467 मामलों से जब्त मादक पदार्थ शामिल थे। इनमें चरस, गांजा, स्मैक, हेरोइन, ब्राउन शुगर, नशीला पाउडर, डोडा, नशीली गोलियां और इंजेक्शन जैसे कई प्रकार के मादक पदार्थ शामिल थे। इन मामलों में तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई थी, और जब्त किए गए पदार्थों को सदर मालखाना और थाना भमोरा में सुरक्षित रखा गया था।
ड्रग डिस्पोजल कमेटी की कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने ड्रग डिस्पोजल कमेटी बनाई। जिसके बाद न्यायालय और संबंधित विभागों से अनुमति लेने के बाद सभी मादक पदार्थों को नष्ट किया गया। इंसिनरेटर का उपयोग करके मादक पदार्थों को नष्ट किया गया।ड्रग डिस्पोजल कमेटी की कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने ड्रग डिस्पोजल कमेटी बनाई। जिसके बाद न्यायालय और संबंधित विभागों से अनुमति लेने के बाद सभी मादक पदार्थों को नष्ट किया गया। इंसिनरेटर का उपयोग करके मादक पदार्थों को नष्ट किया गया।
यह एक अत्याधुनिक उपकरण है जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना सामग्री को जलाने में सक्षम है। कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य, जिला ड्रग डिस्पोजल कमेटी के अध्यक्ष, पुलिस अधीक्षक यातायात, अपराध शाखा के अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।
ये नष्ट किए गए मादक पदार्थ
18.592 किलोग्राम – चरस
1.5 किलोग्राम – गांजा
3.759 किलोग्राम – स्मैक
0.057 किलोग्राम – हेरोइन
0.005 किलोग्राम – ब्राउन शुगर
6.803 किलोग्राम – नशीला पाउडर
3686.5 किलोग्राम – डोडा
11257 अदद नशीली गोलियां
220 नशीले इंजेक्शन





कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि लड़कियों के जन्म के समय राष्ट्रीय लिंगानुपात वर्ष 2014-15 में 918 था, जो वर्ष 2023-24 में बढ़कर 930 हो गया है। उन्होंने कहा कि लड़कियों के जन्म का अनुपात 75.51% से बढ़कर 78% हो गया है, जो राज्य सरकार के प्रयासों का परिणाम है। इसके अलावा संस्थागत प्रसव दर 61% से बढ़कर 97.3% हो गई है।

इससे पहले आप प्रमुख द्वारा यह आरोप लगाया गया था कि पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आदेश पर विपक्षी उम्मीदवार के समर्थकों को बृहस्पतिवार को उनकी कार पर हमला करने दिया था। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इस दावे को खारिज कर दिया।
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