Monday, September 21, 2026
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NATIONAL : CBSE का बड़ा फैसला… अब 9वीं में 3 भाषाएं पढ़ना होगा जरूरी, 1 जुलाई से नए नियम लागू

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CBSE ने सत्र 2026-27 के कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य किया, जिसमें 2 भारतीय भाषाएं जरूरी हैं. तीसरी भाषा के लिए कोई बोर्ड परीक्षा नहीं होगी, आंतरिक मूल्यांकन होगा.

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE ने कक्षा 9 और 10 के लिए भाषा नीति में बड़ा बदलाव किया है. अब 2026-27 सत्र से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य होगा. यह नया नियम 1 जुलाई 2026 से देशभर के सभी CBSE स्कूलों में लागू किया जाएगा. हालांकि राहत की बात यह है कि तीसरी भाषा का कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा में पेपर नहीं होगा.

CBSE ने 15 मई 2026 को जारी सर्कुलर में कहा कि नई शिक्षा नीति यानी NEP के तहत बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है. बोर्ड का कहना है कि छात्रों को भारतीय भाषाओं से जोड़ना और भाषाई समझ विकसित करना इसका मुख्य उद्देश्य है.

नई व्यवस्था के तहत छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिन्हें R1, R2 और R3 नाम दिया गया है. इनमें से कम से कम दो भाषाएं भारतीय भाषाएं होना अनिवार्य रहेंगी.

अगर कोई छात्र विदेशी भाषा पढ़ना चाहता है, तो वह तभी तीसरी भाषा के रूप में विदेशी भाषा चुन सकेगा, जब बाकी दो भाषाएं भारतीय हों. विदेशी भाषा को अतिरिक्त चौथे विषय के रूप में भी लिया जा सकेगा.

यानी अब छात्रों के लिए हिंदी, संस्कृत, पंजाबी, मराठी, तमिल, तेलुगु, बंगाली जैसी भारतीय भाषाओं का अध्ययन अधिक जरूरी हो जाएगा.

तीसरी भाषा का बोर्ड एग्जाम नहीं होगा

CBSE ने साफ कर दिया है कि कक्षा 10 में तीसरी भाषा यानी R3 का बोर्ड एग्जाम नहीं कराया जाएगा.

इस विषय का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर ही होगा. स्कूल इंटरनल परीक्षा लेकर अंक देंगे और वही अंक CBSE प्रमाणपत्र में दिखाई देंगे.

बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी छात्र को सिर्फ तीसरी भाषा की वजह से कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जाएगा.

CBSE का कहना है कि इसका उद्देश्य बच्चों पर अतिरिक्त बोर्ड परीक्षा का दबाव डालना नहीं, बल्कि भाषा सीखने को बढ़ावा देना है.

जुलाई से लागू होगा नया नियम

हालांकि 2026-27 का शैक्षणिक सत्र अप्रैल से शुरू हो चुका है, लेकिन CBSE ने इसे ‘ट्रांजिशन ईयर’ माना है.

बोर्ड ने कहा है कि स्कूलों को नई व्यवस्था लागू करने के लिए समय और लचीलापन दिया जाएगा ताकि छात्रों को अचानक बदलाव का सामना न करना पड़े.

CBSE के अनुसार इस दौरान किसी भी छात्र को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा.

स्कूलों के सामने शिक्षक की चुनौती

नई भाषा नीति लागू होने के बाद कई स्कूलों में भाषा शिक्षकों की कमी की समस्या सामने आ सकती है. इसे देखते हुए CBSE ने स्कूलों को कई विकल्प दिए हैं.

अभी कौन-सी किताबें पढ़ाई जाएंगी?

नई किताबें तैयार होने तक छात्रों को तीसरी भाषा के लिए कक्षा 6 की किताबों से पढ़ाया जाएगा.

CBSE के मुताबिक, कक्षा 6 और 9वीं के भाषा कौशल में लगभग 75 से 80 प्रतिशत समानता है, इसलिए शुरुआती चरण में यही व्यवस्था अपनाई जा रही है.

इसके साथ स्कूल स्थानीय साहित्य, कविताएं, कहानियां और अन्य सामग्री भी पढ़ा सकेंगे ताकि बच्चों की भाषा समझ बेहतर हो सके.

CBSE 15 जून तक विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा.

स्पेशल चाइल्ड और विदेशी छात्रों को राहत

CBSE ने दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष छूट का प्रावधान भी रखा है.

इसके अलावा, विदेश से लौटने वाले छात्रों और भारत के बाहर स्थित CBSE स्कूलों के लिए भी विशेष लचीले नियम लागू किए जा सकते हैं.

क्यों अहम माना जा रहा है यह फैसला?

शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह हाल के वर्षों में स्कूल शिक्षा से जुड़ा सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है. नई नीति से भारतीय भाषाओं को बढ़ावा मिलेगा और छात्र अपनी मातृभाषा तथा क्षेत्रीय भाषाओं से अधिक जुड़ सकेंगे.

हालांकि, कई पैरेंट्स और स्कूलों के सामने अतिरिक्त भाषा, शिक्षक उपलब्धता और समय प्रबंधन जैसी चुनौतियां भी रहेंगी.

फिलहाल CBSE ने बोर्ड परीक्षा का दबाव हटाकर और स्कूलों को लचीलापन देकर इस बदलाव को आसान बनाने की कोशिश की है.

NATIONAL : राहुल का केंद्र पर बड़ा हमला, कहा- पेपर लीक गठजोड़ का नतीजा, शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग

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NEET पेपर लीक अब महज एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। सड़कों पर छात्रों का आक्रोश, कोर्ट की सख्त दखलअंदाजी और विपक्ष का तीखा राजनीतिक हमला इस बात का गवाह है कि सिस्टम में सेंधमारी ने देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा की साख को पूरी तरह हिला कर रख दिया है। राहुल गांधी ने कई बड़े आरोप लगाए हैं।

मेडिकल प्रवेश परीक्षा में हुए कथित घोटाले को लेकर देश भर में मचा बवाल थमता नजर नहीं आ रहा है। इस संवेदनशील मुद्दे पर अब राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। लाखों छात्रों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी बात रखी है। राहुल गांधी ने साफ तौर पर कहा कि यह पेपर लीक कोई साधारण चूक या प्रशासनिक गलती नहीं है। यह भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से व्यवस्था में बिठाए गए अयोग्य प्रोफेसर के गठजोड़ का नतीजा है।

राहुल गांधी ने यह गंभीर आरोप ऐसे समय में लगाया है जब देश के कोने-कोने से छात्र और उनके अभिभावक चिलचिलाती धूप में सड़कों पर उतर कर न्याय की गुहार लगा रहे हैं। कांग्रेस नेता का कहना है कि वर्तमान सरकार ने देश के सभी प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और परीक्षा कराने वाली एजेंसियों पर अपनी विचारधारा वाले लोगों को काबिज कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरिट और योग्यता को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है। जब सिर्फ निष्ठा के आधार पर नियुक्तियां की जाती हैं, तो पूरा सिस्टम खोखला हो जाता है। एनटीए जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं का फेल होना इसी मिलीभगत का परिणाम है। इसी वजह से आज 24 लाख से अधिक होनहार युवाओं के सपनों को चकनाचूर होना पड़ा है।

यह विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब यह पूरा मामला देश की सर्वोच्च अदालत की दहलीज पर पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट में दायर कई याचिकाओं पर लगातार सुनवाई हो रही है। अदालत के आदेश पर ग्रेस मार्क्स वाले छात्रों की परीक्षा रद्द कर दोबारा एग्जाम कराने का फैसला आ चुका है। इसके बावजूद असली बवाल मूल पेपर लीक को लेकर बना हुआ है। इस बीच देश के कई राज्यों में पुलिस ने पेपर लीक गैंग के गुर्गों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारियां इस बात की पुष्टि करती हैं कि परीक्षा सिस्टम में बहुत बड़ी सेंधमारी हुई थी।

WORLD : तकनीक, शिक्षा, सेहत और खनिज: नीदरलैंड दौरे पर PM मोदी की मौजूदगी में 17 बड़े फैसले; सेमीकंडक्टर पर भी साझेदारी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीदरलैंड दौरे पर 17 ऐतिहासिक और बड़े समझौते हुए हैं। इनमें 2026-2030 के लिए नई रणनीतिक साझेदारी, टाटा और एएसएमएल के बीच सेमीकंडक्टर निर्माण, आसान वीजा नियम और चोल काल के शाही तांबे के पत्रों की वापसी प्रमुख हैं। इन फैसलों से तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा, पानी और शिक्षा के क्षेत्र में भारी निवेश आएगा, जिससे भारतीय युवाओं के लिए रोजगार और तरक्की के नए अवसर पैदा होंगे। आइए, सभी समझौतों को विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं…

भारत और नीदरलैंड के रिश्तों में नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री मोदी के नीदरलैंड दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच 17 बड़े समझौते और साझेदारियां हुईं। इन समझौतों का असर सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तकनीक, शिक्षा, ऊर्जा, खेती, सेहत, डेयरी, जल प्रबंधन और सांस्कृतिक विरासत जैसे क्षेत्रों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। दोनों देशों ने साफ कहा कि ये फैसले आने वाले समय में विकास, रोजगार, निवेश और वैश्विक सहयोग को नई दिशा देंगे।

भारत और नीदरलैंड ने 2026-2030 रणनीतिक साझेदारी रोडमैप तैयार किया है। इसका मकसद दोनों देशों के बीच निवेश, व्यापार, तकनीक और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है। इससे भारत को नई तकनीक, रोजगार और वैश्विक बाजार तक पहुंच मिलेगी। रक्षा, साइबर सुरक्षा और सप्लाई चेन पर भी दोनों देश मिलकर काम करेंगे।

WORLD : ‘भारत में डिजाइन और इनोवेशन करिए’…नीदरलैंड की नामी कंपनियों के CEOs को PM मोदी का खास न्योता; लिस्ट में फिलिप्स भी शामिल

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नीदरलैंड (डच) कंपनियों को भारत में डिजाइन, इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग करने के लिए आमंत्रित किया, और कहा कि देश में इसके लिए अपार अवसर मौजूद हैं। प्रधानमंत्री मोदी और डच पीएम रॉब जेटेन की मौजूदगी में गुजरात के धोलेरा में सेमीकंडक्टर फैब को सहयोग देने के लिए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ASML के बीच हुए एक समझौते पर हस्ताक्षर भी हुए।
दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-EU FTA को जल्द से जल्द लागू करने की भी अपील की। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह FTA भारत और यूरोपीय संघ को भरोसेमंद और विश्वसनीय साझेदारों के तौर पर और मजबूत करता है, जो खुले बाजारों, समावेशी विकास और मजबूत सप्लाई चेन के लिए प्रतिबद्ध हैं।

डच कंपनियों के CEO के साथ हुई राउंडटेबल मीटिंग
CEO राउंडटेबल में अपने संबोधन में PM मोदी ने कहा कि आज का भारत पैमाने और स्थिरता का प्रतीक है, और इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन एनर्जी तथा कनेक्टिविटी के क्षेत्र में दुनिया का कोई भी देश इसकी गति की बराबरी नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि यही कारण है कि भारत ग्लोबल ग्रोथ में 17% का योगदान दे रहा है।

इन कंपनियों के सीईओ रहे मौजूद
बैठक में हिस्सा लेने वाले बिजनेस लीडर्स में कीथ स्वेनडसन (सीईओ, एपीएम टर्मिनल्स), क्रिस्टोफ फौक्वेट (चेयरमैन और सीईओ, एएसएमएल), अर्नौट डेमन (सीईओ, डेमन शिपयार्ड ग्रुप), डॉल्फ वैन डेन ब्रिंक (एग्जीक्यूटिव बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ, हेनेकेन), मार्जन रिंटेल (अध्यक्ष और सीईओ, केएलएम रॉयल डच एयरलाइंस), मौरिस गेरेट्स (सीईओ, एनएक्सपी सेमीकंडक्टर्स नीदरलैंड्स), रॉय जैकब्स (सीईओ, फिलिप्स), बौडविजन सीमन्स (सीईओ, पोर्ट ऑफ रॉटरडैम) और ओको रूलोफसेन (सीईओ, पावर2एक्स) शामिल रहे।

साथ ही फैब्रिसियो ब्लॉइसी (सीईओ, प्रोसस), सैंडर वान’ट नोर्डेन्डे (सीईओ, रैंडस्टैड), मार्टिजन एगिंक (एमडी, रिजक ज्वान जैडटील्ट एन जाहैंडेल), हंस हुइस्ट्रा (सीईओ, रॉयल एचजेडपीसी ग्रुप), डर्क ते बोकेल (सीईओ, रॉयल आईएचसी), डिक रिचेल (एग्जीक्यूटिव बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ, रॉयल वोपाक) और गोवर्ट वान ओर्ड (सीईओ, वैन ओर्ड) ने भी मीटिंग में हिस्सा लिया।

‘भारत के इकोनॉमिक DNA को बदला’
पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने लगातार सुधारों के जरिए भारत के आर्थिक DNA को बदल दिया है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट सेक्टर को नीतियों के मामले में निश्चितता देने और उनके लिए अवसर बढ़ाने के लिए, देश ने स्पेस, माइनिंग और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को खोल दिया है।

उन्होंने कहा, “हम लगातार नियमों के पालन से जुड़े बोझ को कम कर रहे हैं और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (व्यापार करने में आसानी) को बढ़ा रहे हैं। हाल ही में, हमने टैक्सेशन, लेबर कोड और गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में नेक्स्ट-जनरेशन के सुधार लागू किए हैं।”

भारत में डिजाइन-इनोवेशन के लिए किया आमंत्रित
PM मोदी ने कहा कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग अब बहुत अधिक किफायती होती जा रही है और सर्विस सेक्टर में देश अपनी प्रतिभा की बदौलत कुशलता और इनोवेशन का इंजन बन गया है। उन्होंने मीटिंग में बताया कि सभी ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियों ने भारत में अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर खोल लिए हैं।

PM मोदी ने कहा, “हम आप सभी को भारत में डिजाइन और इनोवेशन करने के लिए आमंत्रित करते हैं। इसके लिए आज से बेहतर समय कोई नहीं हो सकता।”

नीदरलैंड्स है सबसे बड़ा निवेशक
पीएम मोदी ने कहा कि 300 से अधिक डच कंपनियां ‘इंडिया स्टोरी’ का हिस्सा हैं। नीदरलैंड्स, यूरोप से भारत का सबसे बड़ा निवेशक और दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी में ASML और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच एक समझौता भी हुआ। पीएम मोदी ने गुजरात के धोलेरा में भारत के पहले फ्रंट-एंड सेमीकंडक्टर FAB के लिए आपस में साझेदारी करने के टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ASML के फैसले का स्वागत किया।

RAJASTHAN : राजस्थान में अगले सप्ताह बढ़ेगा पारा, आठ जिलों में हीटवेव का अलर्ट

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जयपुर, 17 मई (हि.स.)। राजस्थान में फिलहाल गर्मी का असर सामान्य बना हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी के संकेत हैं। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा नीचे मापा गया, जिससे लोगों को आंशिक राहत मिली। हालांकि पश्चिमी राजस्थान के जिलों में गर्मी और लू का प्रभाव जारी रहा। मौसम विभाग ने रविवार को आठ जिलों में हीटवेव का यलो अलर्ट जारी करते हुए अगले सप्ताह से गर्मी और तेज होने की संभावना जताई है।

शनिवार को सबसे अधिक तापमान फलोदी में 43.2 डिग्री सेल्सियस मापा गया, जबकि बाड़मेर में पारा 42.8 डिग्री तक पहुंचा। बीकानेर, चूरू, जैसलमेर और बाड़मेर जैसे जिलों में तापमान 40 से 43 डिग्री के बीच रहा। वहीं सीकर, हनुमानगढ़, जालोर और सिरोही में तापमान 40 डिग्री से नीचे रहने से कुछ राहत महसूस की गई। श्रीगंगानगर में तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट हुई।

राजधानी जयपुर में शनिवार को तेज गर्मी रही और अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। रात का तापमान भी बढ़कर 28.8 डिग्री मापा गया। गर्मी के चलते पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय कारोबार पर असर देखा गया।

अजमेर में अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री रहा, जहां उमस और गर्म हवाओं से जनजीवन प्रभावित रहा। अस्पतालों में भीषण गर्मी के चलते मरीजों और परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

जोधपुर में हल्के बादलों के बावजूद उमस ने लोगों को राहत नहीं दी, जबकि कोटा में गर्म हवाओं और बढ़ती उमस से लोग बेहाल रहे। उदयपुर में तापमान में हल्की गिरावट के साथ शाम को बादल और ठंडी हवाओं से राहत मिली। अलवर में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण तापमान 43 डिग्री तक पहुंच गया।

मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में बढ़ोतरी के साथ हीटवेव का प्रभाव बढ़ सकता है।

SPORTS : सीएसके को लखनऊ ने 7 विकेट से हराया, मिचेल मार्श ने खेली तूफानी 90 रन की पारी

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आईपीएल 2026 के 59वें मैच में लखनऊ का सामना चेन्नई सुपर किंग्स के साथ हुआ। लखनऊ ने मार्श की 90 रन पारी के दम पर मैच को 7 विकेट से जीत लिया। निकोलस पूरन ने आखिरी पलों में 4 गेंदों पर 4 शानदार छक्के लगाते हुए मैच को जीत लिया।

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में शुक्रवार 15 मई की रात लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स बनाम चेन्नई सुपर किंग्स मैच खत्म होने के बाद एक दूसरे का अभिवादन करते दोनों टीमों के खिलाड़ी। (ANI फोटो)

चेन्नई सुपर किंग्स को लखनऊ सुपर जायंट्स ने मिचेल मार्श की तूफानी 90 रन की पारी और आकाश सिंह की बेहतरीन गेंदबाजी के दम पर 7 विकेट से हरा दिया। ये लखनऊ की इस सीजन में 12 मैचों में चौथी जीत रही जबकि सीएसके को लगातार 3 जीत के बाद हार का सामना करना पड़ा। यही नहीं इस हार के बाद सीएसके के प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना को भी जोरदार झटका लगा है। इस मैच में मिचेल मार्श को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

आईपीएल 2026 के 59वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स का सामना चेन्नई सुपर किंग्स के साथ भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेई इकाना क्रिकेट स्टेडियम, लखनऊ में हुआ। लखनऊ ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। सीएसके ने पहली पारी में कार्तिक शर्मा की अर्धशतकीय पारी के दम पर 20 ओवर में 5 विकेट पर 187 रन बाए और लखनऊ को जीत के लिए 188 रन का टारगेट दिया। लखनऊ ने दूसरी पारी में 16.4 ओवर में 3 विकेट पर 188 रन बनाकर मैच जीत लिया। लखनऊ को जीत के लिए 24 गेंदों पर 24 रन की जरूरत थी और फिर पूरन ने 17वें ओवर की पहली 4 गेंदों पर लगातार 4 छक्के लगाते हुए टीम को जीत दिला दी।

लखनऊ के ओपनर मिचेल मार्श ने 21 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया और 90 रन बनाकर आउट हुए। जोश इंग्लिश ने सीएसके के खिलाफ 36 रन की पारी खेली जबकि अब्दुल समद 7 रन के स्कोर पर आउट हुए। निकोलस पूरन 32 रन बनाकर नाबाद रहे जबकि मुकुल चौधरी ने 13 रन की नाबाद पारी खेली। इस मैच में सीएसके की गेंदबाजी काफी खराब रही और अंशुल कंबोज काफी महंगे साबित हुए जिन्होंने 2.4 ओवर में 63 रन लुटाए। हालांकि मुकेश चौधरी और स्पेंसर जॉनसन को एक-एक सफलता मिली।

सीएसके के ओपनर संजू सैमसन ने 20 रन बनाए जबकि कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने13 रन की पारी खेली। पिछले मैच में 13 गेंदों पर अर्धशतक लगाने वाले उर्विल पटेल ने सिर्फ 6 रन बनाए। कार्तिक शर्मा ने 35 गेंदों पर छक्का लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया और 71 रन की शानदार पारी खेली। डेवाल्ड ब्रेविस 25 रन बनाकर आउट हुए। शिवम दुबे ने बेहतरीन बैटिंग की और 32 रन बनाकर नाबाद रहे जबकि प्रशांतवीर 13 रन पर नाबाद रहे। लखनऊ के लिए आकाश सिंह ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए जबकि शमी और शाहबाज अहमद को एक-एक सफलता मिली।

इस मैच के लिए सीएसके ने दो बदलाव किए जबकि लखनऊ ने अंतिम ग्यारह में तीन बदलाव किए। सीएसके के लिए स्पेंसर जॉनसन ने डेब्यू किया जबकि अकील होसेन की जगह गुरजपनीत सिंह को मौका दिया गया।

संजू सैमसन (विकेटकीपर), ऋतुराज गायकवाड़ (कप्तान), उर्विल पटेल, कार्तिक शर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, प्रशांत वीर, अंशुल कम्बोज, नूर अहमद, स्पेंसर जॉनसन, मुकेश चौधरी। इम्पैक्ट प्लेयर– गुरजपनीत सिंह, अकील होसेन, सरफराज खान, मैथ्यू शॉर्ट, मैट हेनरी।

लखनऊ सुपर जायंट्स की प्लेइंग 11
मिचेल मार्श, निकोलस पूरन, एडेन मार्करम, ऋषभ पंत (विकेटकीपर/कप्तान), मुकुल चौधरी, अब्दुल समद, शाहबाज अहमद, मोहम्मद शमी, मयंक यादव, आकाश महाराज सिंह, प्रिंस यादव। इम्पैक्ट प्लेयर– जोश इंग्लिस, मणिमारन सिद्धार्थ, दिग्वेश सिंह राठी, हिम्मत सिंह, आयुष बदोनी।

WORLD : इजरायल-लेबनान के बीच 45 दिन बढ़ा युद्धविराम; गाजा में हमास का सैन्य प्रमुख मारा गया

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रॉयटर, वाशिंगटन। इजरायल और लेबनान युद्धविराम को 45 दिनों के लिए और बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं। यह जानकारी दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर रहे अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने दी है।

हालांकि अमेरिका की मध्यस्थता में पूर्व में हुए युद्धविराम के दौरान भी लेबनान में इजरायली हमले होते रहे और हिजबुल्ला के प्रभाव वाले दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैनिकों की इस्लामी लड़ाकों से लड़ाई चलती रही।गाजा के मोर्चे पर इजरायल ने शुक्रवार को हवाई हमले में हमास की सैन्य शाखा के प्रमुख इज्ज अल-दीन अल-हद्दाद को मार डाला।मई 2025 में मुहम्मद सिनवार के मारे जाने के बाद से हद्दाद हमास की सैन्य शाखा की कमान संभाले हुए था।

हद्दाद हमास के वरिष्ठतम लोगों में था और वह सात अक्टूबर, 2023 को इजरायल पर हुए हमले में सक्रिय भूमिका में था। पता चला है कि इजरायली हमले में तीन लोग मारे गए और 20 घायल हुए हैं।हद्दाद को निशाना बनाने के लिए इजरायल ने गाजा सिटी के एक अपार्टमेंट और एक कार को निशाना बनाया। इन्हीं में से एक में हद्दाद था।कार्रवाई के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हद्दाद इजरायली नागरिकों की हत्या में शामिल था, इसलिए उसका भी खात्मा कर दिया गया है।

NATIONAL : छह दिन पहले केरलम पहुंचेगा मानसून, महाराष्ट्र में पारा 45°C पार; आज दिल्ली-यूपी में हीटवेव करेगी परेशान

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इस साल केरलम में मानसून छह दिन पहले आ जाएगा और इसके साथ ही देश में वर्षा ऋतु की शुरुआत हो जाएगी। मौसम विभाग ने शुक्रवार को अपने पूर्वानुमान में कहा कि इस साल केरलम में दक्षिण-पश्चिम मानसून का आगमन 26 मई को होने की संभावना है।

आमतौर पर मानसून केरलम में एक जून को दस्तक देता है और उत्तर की ओर बढ़ते हुए देश के अन्य हिस्सों को प्रभावित करता है। जैसे-जैसे मानसून उत्तर की ओर बढ़ता है, लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने लगती है।

पिछले वर्ष केरलम में मानसून का आगमन 24 मई को हुआ था। मौसम विभाग ने कहा कि इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून केरलम में 26 मई को आने की संभावना है, जिसमें चार दिन की त्रुटि हो सकती है (यह चार दिन पहले या बाद में आ सकता है)।

महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में तापमान 40°C से ऊपर दर्ज किया गया है।महाराष्ट्र का अकोला 45.9°C के साथ देश का सबसे गर्म शहर रहा, जबकि जलगांव, वर्धा और अमरावती में भी तापमान 45°C से अधिक दर्ज किया गया।

मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक राजधानी में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा, जिससे दिनभर तेज धूप लोगों को परेशान करेगी। अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं दिल्ली यूपी में हाल हीटवेव परेशान करेगी।

अगले 24 घंटों के दौरान मानसून के दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।

जून से सितंबर तक चार महीने के मानसूनी सीजन में वार्षिक औसत की 70 प्रतिशत बारिश होती है। यह कृषि और फसलों, समग्र अर्थव्यवस्था और जलाशयों एवं जलभंडारों को रिचार्ज करने के लिए महत्वपूर्ण है। मौसम विभाग ने कहा है कि इस वर्ष मानसूनी सीजन में भारत में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। देश में मानसून के महीनों में 80 सेमी वर्षा होने की संभावना है, जबकि मौसमी वर्षा का दीर्घकालिक औसत (1971-2020) 87 सेमी है।

एक मई को जारी पूर्वानुमान में मौसम विभाग ने कहा था कि इस साल देश में कम वर्षा का कारण अल नीनो का उभरना हो सकता है। -अल नीनो एक जलवायु पैटर्न है। यह पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में सतही जल के असामान्य रूप से गर्म स्थिति को दर्शाता है।-यह मानसूनी हवाओं के कमजोर होने और भारत में कम वर्षा से जुड़ा हुआ है। अल नीनो की वजह से तापमान अधिक हो जाता है।

उत्तर प्रदेश में बुधवार को आई तेज आंधी-बारिश से मची तबाही ने गहरे निशान छोड़े हैं। मौतों की संख्या 75 से बढ़कर 113 पहुंच गई है। राहत आयुक्त की रिपोर्ट के अनुसार, बीते 24 घंटे में आंधी-बारिश व बिजली गिरने की घटनाओं में 26 जिलों में 111 लोगों की मौत हुई है। 72 लोग घायल हुए हैं। 170 पशुओं की भी मौत हुई।

227 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। गुरुवार सुबह आंधी की वजह से टूटे बिजली के तारों की चपेट में आकर रामपुर और मुरादाबाद में एक-एक मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी अपने यहां हुए नुकसान की हर तीन घंटे में रिपोर्ट दें।

NATIONAL : श्रीश्री रवि शंकर का 70वां जन्मोत्सव: CM फडणवीस ने बताया आध्यात्मिक दूत, जुटीं देश-दुनिया की कई बड़ी हस्तियां

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गलूरू के आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में गुरुदेव श्रीश्री रवि शंकर का 70वां जन्मोत्सव और संस्था का 45वां स्थापना दिवस भव्य रूप से मनाया गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें भारत का सबसे बड़ा आध्यात्मिक दूत बताया और जल संरक्षण व प्राकृतिक खेती में संस्था के योगदान की जमकर सराहना की।

कर्नाटक के बंगलूरू स्थित द आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में एक बहुत ही भव्य और ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह खास मौका आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रवि शंकर के 70वें जन्मोत्सव और उनके द्वारा स्थापित ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ संस्था के 45वें स्थापना वर्ष का था। इस बड़े और महत्वपूर्ण समारोह में देश और दुनिया की कई जानी-मानी हस्तियां एक साथ नजर आईं। यह एक ऐसा मंच था जहां राजनीति, आध्यात्म, उद्योग, कला, खेल और
इस कार्यक्रम में सबसे खास उपस्थिति महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष की रही। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस मौके पर एक प्रभावशाली भाषण दिया। उन्होंने श्रीश्री रवि शंकर जी को दुनिया में भारत का सबसे बड़ा आध्यात्मिक दूत बताया। उन्होंने कहा कि गुरुदेव ने भारत की असली ताकत, जो कि उसकी आध्यात्मिक परंपरा और सनातन ज्ञान है, उसे पूरे विश्व में फैलाने का ऐतिहासिक काम किया है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यों को लेकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने संबोधन में बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग के जरिए दुनिया भर के लोगों को जीवन जीने की सही दिशा और मकसद मिल रहा है। उन्होंने विशेष रूप से महाराष्ट्र का जिक्र करते हुए कहा कि वहां जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में इस संस्था ने किसानों और आम लोगों के जीवन में बहुत बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने आर्ट ऑफ लिविंग के उन हजारों स्वयंसेवकों की भी जमकर तारीफ की, जो पूरे अनुशासन के साथ हर आपदा और संकट के समय बिना किसी स्वार्थ के मानवता की सेवा करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

हरियाणा के राज्यपाल ने श्रीश्री रवि शंकर के योगदान को कैसे याद किया?
इस पावन अवसर पर मौजूद हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष ने भी रविशंकर के महान कार्यों की सराहना की। उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि आज से ठीक 45 वर्ष पहले कर्नाटक की धरती से जिस जागरूकता और करुणा के दीप को प्रज्वलित किया गया था, वह आज पूरी दुनिया में रोशनी फैला रहा है। आज यह संस्था 182 देशों तक पहुंच चुकी है।

वैश्विक शांति और पर्यावरण संरक्षण में संस्था की भूमिका कैसी है?
मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह भी बताया कि श्रीश्री रवि शंकर के मार्गदर्शन में वैश्विक शांति, मानव कल्याण और पर्यावरण को बचाने के लिए जो काम हो रहे हैं, वे सच में तारीफ के काबिल हैं। उन्होंने गुरुदेव के चरणों में नमन करते हुए प्रार्थना की कि आर्ट ऑफ लिविंग के ये सेवा कार्य इसी गति से आगे बढ़ते रहें। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि इस आध्यात्मिक और पवित्र माहौल के बीच उन्हें बहुत गहरी शांति, ऊर्जा और खुशी का अनुभव हुआ।

West Bengal: आसनसोल में लाउडस्पीकर को लेकर बवाल, चौकी पर उपद्रवियों ने किया पथराव और तोड़फोड़, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

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उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल को बुलाना पड़ा, तब हालात काबू में आए। इलाके में तनाव को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

पश्चिम बंगाल के आसनसोल में लाउडस्पीकर को लेकर भारी बवाल हो गया। धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर पर आवाज को कम करने को लेकर हुए विवाद में एक समुदाय विशेष के लोगों ने पुलिस चौकी के सामने काफी हंगामा किया। उपद्रवियों ने पुलिस चौकी और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और पुलिस चौकी में जमकर तोड़फोड़ किया। इस दौरान पत्थरबाजी भी हुई। उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी दागे।

आसनसोल में लाउडस्पीकर की आवाज को कम करने का निर्देश देने पर बवाल मच गया। जानकारी के अनुसार मस्जिद कमेटी के सदस्य पुलिस से बात कर रहे थे। इसी दौरान भीड़ ने वहां पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। उपद्रवियों ने चौकी के बाहर खड़ी गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा आसपास की गलियों में खड़ी कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई।

उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल को बुलाना पड़ा, तब हालात काबू में आए। इलाके में तनाव को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उपद्रवियों ने पुलिस स्टेशन के अंदर भी काफी तोड़फोड़ मचाई।

आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के DCP ध्रुव दास ने कहा, “कल रात करीब 9 बजे, किसी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए एक बड़ी भीड़ जमा हुई थी। पुलिसकर्मी भी वहां मौजूद थे। भीड़ के बीच दो गुट बन गए और उनके बीच आपस में बहस शुरू हो गई। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। लेकिन भीड़ ने पुलिस चौकी पर पत्थर फेंके, जिससे थोड़ा-बहुत नुकसान हुआ। इसलिए, हम इसमें शामिल लोगों की पहचान करने के लिए CCTV फुटेज देख रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभी स्थिति नियंत्रण में है। हमने कुछ जगहों पर पुलिस पिकेटिंग लगाई है। अभी स्थिति सामान्य है। हम जांच कर रहे हैं कि पूरा मामला किस बारे में था।”

घटना को लेकर आसनसोल उत्तर के BJP विधायक कृष्णेंदू मुखर्जी ने कहा कि इस तरह की घटना कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शहर को शांत करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने उपद्रवियों को चिन्हित किया है और उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के पीछे जो भी लोग हैं, इस घटना के पीछे जो भी लोग हैं, जिन्होंने इस साजिश को अंजाम दिया है उन्हें भी तलाशा जा रहा है। एसी के घरों में बैठकर जिन लोगों ने यह सब करवाया है वह भी नहीं बचेंगे नहीं।

इससे पहले कोलकाता के राजाबाजार इलाके में जबरदस्त हंगामा हुआ था। शुक्रवार (15 मई) की नमाज के दौरान लोग सड़क पर बैठने की कोशिश कर रहे थे। वहां पुलिस प्रशासन ने नमाजियों को सड़क पर नमाज पढ़ने से रोका। इसके बाद नमाजियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और बहस हुई। हालांकि, पुलिस ने हालातों पर काबू पाया और स्थिति को ज्यादा बिगड़ने नहीं दिया।

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