कुछ सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों पर सरकारी धन हड़पने के लिए कथित तौर पर फिरोजपुर सीमा के निकट न्यू गट्टी राजोके नाम पर कागजों में एक फर्जी गांव बनाने की साजिश रचने के आरोप लगे हैं और बताया जाता है कि उन्होंने कागजों में इस फर्जी नाम के गांव का निर्माण कर दिया और उन्होंने गांव की सूरत बदलने के लिए कागजों में ही विकास कार्य शुरू करवा दिया और केंद्र सरकार से आई करीब 45 लाख रुपए की ग्रांट हड़प ली।

बताया जाता है कि यह मामला करीब पांच साल पहले का है और एक व्यक्ति को इस कथित घोटाले की जब भनक लगी तो उसने वर्ष 2019 में ही आरटीआई दाखिल कर संबंधित विभाग से जानकारी मांगी। लेकिन जानकारी मिलने की बजाय उसे धमकियां मिलने लगीं । इस व्यक्ति ने इस कथित घोटाले का पर्दाफाश करने में हार नहीं मानी और वह आरटीआई दाखिल करता रहा। अब इतने सालों बाद जब उसे आरटीआई के जरिए जानकारी हासिल हुई तो सामने आया कि कार्यालय में कार्यरत तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी कागजों में ही नया गांव बनाने और कागजों में ही गांव का विकास करने का काम करते रहे और इस दौरान उन्होंने फर्जीवाड़ा भी कियातथा केंद्र सरकार से मिले करीब 45 लाख रुपये के अनुदान का गबन किया।
इस कथित गबन के बारे में जानकारी देते हुए ब्लॉक समिति सदस्य गुरदेव सिंह ने बताया कि कुछ अधिकारियों ने लाखों रुपए ठगने के लिए फर्जी गांव बनाकर विकास के नाम पर लाखों रुपए लेकर कागजों को दफ्तर की फाइलों के नीचे दबा दिया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने डिप्टी कमिश्नर फिरोजपुर को लिखती शिकायत देकर उनसे इस मामले की उच्च स्तरीय निरपक्ष जांच करवाने की नहीं की है। इस मामले के उजागर होने के बाद एडीसी विकास फिरोजपुर सरदार लखविंदर सिंह रंधावा ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है और इस धोखाधड़ी में शामिल जो भी अधिकारी या कर्मचारी होगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि डिप्टी कमिश्नर फिरोजपुर द्वारा उन्हें इस मामले की जांच करने के आदेश दिए गए हैं तथा जांच पूरी होने के बाद इसकी रिपोर्ट डिप्टी कमिश्नर फिरोजपुर के समक्ष पेश की जाएगी। व्हाइट के गांव के लोगों ने बताया कि फिरोजपुर में न्यू गट्टी राजो नाम का गांव है, लेकिन न्यू गट्टी नाम का कोई गांव नहीं है और न ही इस गांव में उस समय किसी प्रकार का विकास कार्य हुआ है।


जानकारी के अनुसार उपमंडल के गांव खांटवा में आज खेत में काम कर रहे कुछ मजदूरों ने बाग में शेर देखने की बात की है जिसके बाद पूरे गांव के लोग घर से निकलने पर डर रहे है। मौके पर पहुंचें जंगलात विभाग के अधिकारियों ने जाकर पड़ताल की तो उन्हें वहां किसी शेर के पांव के निशान नहीं मिले जो निशान मिले वे किसी अन्य जानवर के बताए जा रहे हैं फिलहाल पूरे गांव में मुनादी करवाकर लोगो को सतर्क रहने को कहा गया है।

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ओयो ने एक बयान में कहा कि वह इस साल अयोध्या में 150 से अधिक होटल, वाराणसी में 100 और प्रयागराज, हरिद्वार और पुरी में 50-50 होटल जोड़ेगा। अयोध्या नए साल की छुट्टियों के लिए सबसे अधिक ऑनलाइन सर्च किए जाने वाले धार्मिक स्थलों की सूची में शीर्ष पर रहा और एक प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन स्थल के रूप में उभरा है। कंपनी ने कहा, ‘‘अयोध्या में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद गुणवत्तापूर्ण आवास की बढ़ती मांग को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।”
अमित ढुल द्वारा गाया गया 2.23 मिनट का वीडियो गीत भाजपा के विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किया गया। पिछले वर्ष 22 जनवरी को अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में विधिवत तरीके से प्राण-प्रतिष्ठा की गयी थी। गीत की शुरुआती पंक्तियां ‘आप-दा हटाना है, भाजपा ही लानी है’ के बाद ‘जो राम को लेकर आए उनका राज होगा दिल्ली में है।

धमकी भरा ईमेल भेजा गया
आयोजकों ने कहा कि इस दौरान वाहन, कलपुर्जा एवं प्रौद्योगिकी खंडों में प्रदर्शित नए एवं मौजूदा उत्पादों को देखने के लिए आठ लाख से अधिक लोग पहुंचे। इस आयोजन को मिले जोरदार समर्थन से उत्साहित सरकार अब इसे सालाना आयोजित करने की संभावनाओं पर भी विचार कर रही है। अभी तक इस प्रदर्शनी का आयोजन दो साल में एक बार होता है। वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव राजेश अग्रवाल ने यहां मीडिया से कहा, “हमने एक्सपो के दौरान 200 से अधिक उत्पादों का अनावरण देखा, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।”
