Friday, June 26, 2026
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केजरीवाल ने मिडिल क्लास को बताया देश का असली सुपर पावर, 7 मांगें उठाई

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आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कहा कि देश का असली सुपर पावर हमारा मिडिल क्लास है। श्री केजरीवाल ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि आज कोई भी पार्टी माध्यम वर्ग के हित की बात करने के लिए तैयार नहीं है। आजाद भारत के 75 वर्ष में एक सरकार के बाद दूसरी सरकार आई और इन सब लोगों ने माध्यम वर्ग को दबाकर, डराकर और निचोड़कर रखा हुआ है। देश चलाने के लिए लाखों-करोड़ों की संख्या में मिडिल क्लास टैक्स भर-भरकर देता है लेकिन बदले में मिडिल क्लास को कुछ नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि भारत का मिडिल क्लास सरकार का सिर्फ और सिर्फ एक एटीएम बनकर रह गया है। सच बात तो यह है कि भारत का मिडिल क्लास टैक्स आतंकवाद का पीड़ित है।

आखिर यह मिडिल क्लास कौन हैं? टीचर, डॉक्टर, आईटी प्रोफेशनल, इंजीनियर, अकाउंटेंट, बैंकर, दुकानदार और वकील जैसे हजारों सामान्य लोग जो मिलकर हमारा देश चलाते हैं, ये मिडिल क्लास हैं। मिडिल क्लास के कोई बहुत बड़े सपने नहीं हैं। सच यह है कि आज ज्यादातर सरकारें मिडिल क्लास के लिए ना अच्छे स्कूल, ना ही अच्छे अस्पताल बना रही हैं। सच्चाई यह है कि इस वर्ग को सबसे ज्यादा हमारे देश में परेशान किया जाता है। आप नेता ने कहा कि अगर एक मिडिल क्लास परिवार साल में 10-12 लाख रुपए कमाता है तो 50 फीसदी से ज्यादा आमदनी सिर्फ सरकार को टैक्स देने में चली जाती है। अब तो दूध, दही, पॉपकोर्न पर भी टैक्स लगता है। यहां तक कि पूजा के सामान पर भी टैक्स भरना पड़ता है। घर लेना हो तो टैक्स, घर बेचना हो तो टैक्स, गाड़ी खरीदो तो टैक्स, गाड़ी बेचो तो टैक्स।

बच्चों को अच्छी शिक्षा देनी हो तो पहले प्राइवेट स्कूल की महंगी फीस की मार और उसके उपर अच्छे कॉलेज भेजने के लिए एजुकेशन लोन लो और उसकी ईएमआई पर डबल मार पड़ती है। जीते जी टैक्स तो देना पड़ता है लेकिन अब तो सरकार ने ऐसी हालत कर दी है कि मरने के बाद भी टैक्स देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हम केंद्र सरकार से भी अपील करते हैं कि हमारे देश के असली सुपर पावर मिडिल क्लास को पहचानें। आम आदमी पाटर्ी सड़क से लेकर संसद तक मिडिल क्लास की आवाज बनेंगे। उनकी आवाज उठाएंगे और उनके मुद्दों को उठाएंगे। आप नेता ने केंद्र सरकार से सात माँग करते हुए कहा कि शिक्षा का बजट दो फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी किया जाए और पूरे देश में प्राइवेट स्कूलों की फीस पर लगाम लगाई जाए। उच्च शिक्षा के लिए सब्सिडी और स्कॉलरशिप दी जाए।

स्वास्थ्य का बजट भी बढ़ाकर 10 फीसदी किया जाए और हेल्थ इंश्योरेंस से टैक्स हटाया जाए। आयकर छूट की सीमा को सात लाख से बढ़ाकर कम से कम 10 लाख किया जाए। आवश्यक वस्तुओं के ऊपर से जीएसटी खत्म किया जाए। वरिष्ठ नागरिकों के लिए मजबूत रिटायरमेंट प्लान और पेंशन की योजना बनाई जाए और देशभर में सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में सीनियर सिटीजन को मुफ्त और अच्छा इलाज दिया जाए। बुजुर्गों को पहले रेलवे में 50 फीसदी छूट मिलती थी जो बंद कर दिया गया, उसे दोबारा चालू किया जाए।

दिल्लीवाले ध्यान दें! अभी ना फेंके कंबल-स्वेटर, हाड़ कंपाएगी ठंड, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट

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दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदल रहा है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के कारण ठंड बढ़ गई है, जबकि दिल्ली-एनसीआर और अन्य उत्तर भारतीय क्षेत्रों में शीतलहर और गलन का एहसास हो रहा है। खासकर, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के घाटी क्षेत्रों में बर्फबारी से न्यूनतम तापमान माइनस डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जिससे पूरे क्षेत्र में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है।

इस बर्फबारी का असर दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और पंजाब में शीतलहर और घने कोहरे के रूप में देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर कोल्ड डे जैसी स्थिति बन रही है और सुबह के समय पाला भी लोगों को परेशान कर रहा है। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से धूप खिली रही है, जिससे दिन और रात के तापमान में राहत मिल रही है, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम में और बदलाव हो सकता है।

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश की संभावना
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 जनवरी के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश हो सकती है। कहीं-कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का भी अनुमान है। इसके साथ ही, ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।

दिल्ली-एनसीआर के शहरों जैसे गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा में पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई देगा, जिससे मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। आईएमडी ने आंधी और बिजली गिरने के कारण येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही, सुबह और शाम के समय कोहरे और शीतलहर के कारण स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

दक्षिण भारत में भी भारी बारिश और आंधी का अलर्ट
दक्षिण भारत के राज्यों में भी मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। केरल और तमिलनाडु में तेज आंधी और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। आने वाले दो से चार दिनों तक इस क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने और तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है।

दिल्ली में तापमान और कोहरे का असर
दिल्ली में मौसम में हल्की ठंडक के बावजूद, दिन के समय लोग धूप का आनंद ले रहे हैं। हालांकि, तेज हवाओं और घने कोहरे के कारण शीतलहरी का असर बना हुआ है। IMD के मुताबिक, इस सप्ताह दिल्ली का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है और कोहरे की चादर पूरे शहर में फैली रहेगी। इसके कारण, दिल्ली में यातायात सेवाओं पर असर देखने को मिल सकता है। घने कोहरे के कारण, दिल्ली आने वाली कई ट्रेनें विलंब से आईं, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। साथ ही, इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी कोहरे के कारण उड़ानों की ऑपरेशन में देरी देखी गई है।

दिल्ली में अधिकतम तापमान 21 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि सुबह और शाम के समय कोहरे के कारण विजिबिलिटी में कमी रहेगी। इससे सड़क यातायात और रेल सेवा पर भी असर पड़ सकता है।

अमेरिका में बर्फीले तूफान और भीषण आग का एक साथ तांडव, 10 लोगों की मौत व 2100 उड़ानें रद्द

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अमेरिका इन दिनों दो विपरीत लेकिन बेहद खतरनाक आपदाओं से जूझ रहा है। एक तरफ कैलिफोर्निया के जंगलों में लगी भीषण आग ने 10 हजार एकड़ से अधिक इलाका जला दिया है, तो दूसरी तरफ दक्षिणी राज्यों में बर्फीले तूफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। दोनों घटनाओं ने हजारों लोगों को बेघर और असुरक्षित बना दिया है, जबकि आपातकालीन सेवाएं पूरी क्षमता से काम कर रही हैंअमेरिका के दक्षिणी राज्यों में बर्फीले तूफान ने तबाही मचा रखी है। मिसिसिपी, अलबामा, फ्लोरिडा, जॉर्जिया और लुइसियाना समेत कई राज्यों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है।

बर्फबारी का असर 
तूफान की वजह से अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है और 2100 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। टेक्सास, अलबामा और जॉर्जिया में हादसों और हाइपोथर्मिया से लोगों की जान गई है। इस भीषण ठंड की वजह पोलर वोर्टेक्स (ध्रुवीय भंवर) को माना जा रहा है। आर्कटिक क्षेत्र से शुरू हुआ यह तूफान दक्षिणी राज्यों में भारी बर्फबारी और ओले लेकर आया है। वर्जीनिया के 3 करोड़ लोगों को बर्फीले तूफान की चेतावनी दी गई है।

 कैलिफोर्निया  आग में 50 हजार लोग घर छोड़ने को मजबूर 
कैलिफोर्निया के लॉस एंजिलिस के उत्तरी इलाके ह्यूजेस में बुधवार को जंगलों में लगी आग ने तेजी से 10 हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। आग के कारण 50 हजार लोगों को अपना घर खाली करने का आदेश दिया गया है। कास्टिक झील के पास लगी इस आग को बुझाने के लिए 4 हजार फायरफाइटर्स जुटे हुए हैं। 48 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आग हर 3 सेकंड में एक फुटबॉल मैदान के बराबर क्षेत्र को जला रही है। कैलिफोर्निया की सूखी जलवायु और बढ़ते तापमान के कारण यहां जंगलों में आग लगना आम बात हो गई है। पिछले 50 वर्षों में यहां 78 से अधिक बार बड़ी आग लग चुकी है।

आपातकालीन सेवाएं सतर्क 
इन प्राकृतिक आपदाओं के बीच, अमेरिका में राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है। कैलिफोर्निया में फायर डिपार्टमेंट आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है, जबकि दक्षिणी राज्यों में प्रशासन बर्फबारी के कारण बंद सड़कों और बाधित सेवाओं को बहाल करने की कोशिश में जुटा है।  अमेरिका में जंगलों की आग और बर्फीले तूफान ने एक बार फिर जलवायु परिवर्तन के खतरों की ओर ध्यान खींचा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पर्यावरण सुरक्षा के कदम जल्द नहीं उठाए गए, तो ऐसी आपदाएं और बढ़ सकती हैं।

अफगानिस्तान में चीनी नागरिक की गोली मारकर हत्या, ISIS-K ने ली जिम्मेदारी

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अफगानिस्तान के उत्तरपूर्वी इलाके में तालिबान अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि एक चीनी नागरिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि उसका स्थानीय दुभाषिया सुरक्षित बच गया।  इस्लामिक स्टेट खुरासान (ISIS-K) नाम के आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। आतंकी समूह ने अपने अमाक मीडिया चैनल पर कहा कि उनके “सैनिकों” ने मशीन गन का इस्तेमाल कर चीनी व्यक्ति को निशाना बनाया। घटना तखार प्रांत की है, जो ताजिकिस्तान की सीमा से लगा हुआ है।

चीनी नागरिक एक खनन कंपनी में काम कर रहा था और मंगलवार रात अपने दुभाषिए के साथ दश्त-ए-काला जिले की ओर जा रहा था।  रास्ते में उनके वाहन पर घात लगाकर हमला किया गया।  तखार प्रांत के पुलिस प्रमुख मोहम्मद अकबर ने कहा कि विदेशी यात्रियों को सड़क यात्रा से पहले स्थानीय पुलिस को सूचित करना जरूरी है, लेकिन मृत चीनी नागरिक ने ऐसा नहीं किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।  बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, “हम अफगानिस्तान में हुई घटना पर नजर रख रहे हैं और चीनी नागरिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।”

इससे पहले दिसंबर 2022 में IS-K के आतंकियों ने काबुल के एक होटल पर हमला किया था, जहां चीनी निवेशक अक्सर ठहरते थे। उस हमले में 3 अफगानी नागरिक मारे गए थे और 18 लोग घायल हुए थे, जिनमें 5 चीनी नागरिक भी शामिल थे। तालिबान ने 2021 में सत्ता संभालने के बाद अफगानिस्तान में शांति स्थापित करने का दावा किया था।  हालांकि, IS-K ने तालिबान नेताओं, धार्मिक हस्तियों और अल्पसंख्यक शिया समुदाय को बार-बार निशाना बनाया है।

 चीन और अफगानिस्तान के संबंध 

  • – चीन ने तालिबान शासन को मान्यता देने वाला पहला देश बनने की पहल की और एक राजदूत भी नियुक्त किया।
  • – चीन ने अफगानिस्तान के खनन और तेल क्षेत्रों में निवेश कर तालिबान सरकार के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत किए हैं।
  • – विश्लेषकों का मानना है कि चीन अफगानिस्तान में सुरक्षा के मद्देनजर तालिबान सरकार के साथ जुड़ाव बढ़ा रहा है, ताकि वहां से आतंकवादी गतिविधियों को रोका जा सके।
  •  – अफगानिस्तान में चीनी निवेशक तेल और खनन क्षेत्रों में सक्रिय हैं।
  • – ISIS-K के लगातार हमलों के कारण विदेशी निवेशकों और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

ट्रंप का एक और विवादित फैसला, DEI विभाग पर गिराई गाज

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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप( Donald Trump) ने अपने कार्यकाल की शुरुआत में ही कई बड़े और विवादित फैसले लिए। अब उन्होंने एक और बड़ा कदम उठाते हुए संघीय सरकार के विविधता, समानता और समावेशन (DEI) विभाग के सभी कर्मचारियों को पेड लीव पर भेजने का आदेश दिया है। इसके साथ ही इन कर्मचारियों को नौकरी से हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के संकेत भी दिए हैं।  ट्रंप ने राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के तुरंत बाद कई कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए। इनमें एक महत्वपूर्ण आदेश DEI विभाग के कर्मचारियों को प्रभावित करता है। कार्मिक प्रबंधन कार्यालय (Office of Personnel Management) द्वारा मंगलवार को जारी ज्ञापन में संघीय एजेंसियों को निर्देश दिया गया कि DEI कार्यालयों के कर्मचारियों को शाम 5 बजे तक पेड लीव पर भेजा जाए।

ज्ञापन में कहा गया है कि DEI कर्मचारियों को हटाने की योजना तैयार की जाए। साथ ही, किसी भी DEI कार्यक्रम को जारी रखने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। स फैसले से भेदभाव रोधी ट्रेनिंग और अल्पसंख्यक किसानों को मिलने वाली वित्तीय मदद पर सीधा असर पड़ेगा। ट्रंप के आदेश के बाद DEI से संबंधित सभी वेबपेज बंद कर दिए गए हैं। संघीय एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे DEI कर्मचारियों की सूची तैयार करें और उनके खिलाफ बल में कटौती की प्रक्रिया तेज करें। संघीय एजेंसियों को गुरुवार तक DEI विभाग के कर्मचारियों की सूची तैयार करने और अगले शुक्रवार तक कटौती की कार्रवाई शुरू करने की उम्मीद है।

ज्ञापन में कहा गया है कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपने कार्यकाल के दौरान DEI कार्यक्रमों के जरिए भेदभावपूर्ण नीतियों को बढ़ावा दिया। ट्रंप ने इन कार्यक्रमों को संघीय सरकार पर “अत्यधिक बोझ” बताते हुए बंद करने का फैसला किया।   इस ज्ञापन की जानकारी सबसे पहले सीबीएस न्यूज ने दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप सरकार का यह कदम बाइडन प्रशासन की नीतियों के खिलाफ एक स्पष्ट प्रतिक्रिया है।  ट्रंप के इस फैसले से संघीय सरकार में DEI विभाग की भूमिका लगभग समाप्त हो जाएगी। हालांकि, यह कदम भेदभाव के खिलाफ काम करने वाले संगठनों और नागरिक अधिकार समूहों के बीच विवाद का कारण बन सकता है।

भारतीय अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल के पिता का भारत में निधन

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भारतीय अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल के पिता एमपी जयपाल का भारत में निधन हो गया है और वह इस मुश्किल वक्त में अपने परिवार का साथ देने के लिए भारत जा रहीं हैं। प्रमिला जयपाल की ओर से जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई। जयपाल ने बयान में कहा,‘‘ मेरे प्यारे पिता एमपी जयपाल का कल रात निधन हो गया।

उन्होंने कहा कि  मैं भारत जा रही हूं ताकि दुख की इस घड़ी में मैं अपनी मां और बहन के साथ रह सकूं। हम एक ऐसे शानदार व्यक्ति के जाने से गम में हैं जिनकी वजह से हम इस मुकाम पर हैं।” प्रतिनिधि सभा के लिए निर्वाचित होने वाली पहली भारतीय अमेरिकी महिला जयपाल (59) जनवरी 2015 से वाशिंगटन के सातवें कांग्रेशनल डिस्ट्रिक का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। बयान में कहा गया, ‘‘ मेरा कार्यालय हमेशा की तरह खुला रहेगा। आपने जो स्नेह दिखाया उसके लिए धन्यवाद।”

वैष्णो देवी से पहली बार इस दिन चलेगी Vande Bharat, Railway ने जारी किया Notice

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उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना के जल्द पूरा होने की संभावना बढ़ गई है क्योंकि 24 और 25 को कटड़ा रेलवे स्टेशन व बड़गाम रेलवे स्टेश्न के बीच वंदे भारत ट्रेन के ट्रायल के निर्देश दिए गए हैं। इसके चलते अब उत्तर रेलवे ने परियोजना के उद्घाटन फरवरी के पहले सप्ताह में करने का निर्णय लिया है। इसके लिए रेलवे के अधिकारियों ने एक नोटिस जारी कर तैयारियों को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा है।

रेलवे के उच्च सूत्रों के अनुसार सकूर बस्ती में उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना के लिए खास तौर पर बनाई गई वंदे भारत एक्सप्रैस को यार्ड में खड़ा किया गया है। वंदे भारत के दोनों रैक को श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा रेलवे स्टेशन पर भेजने के लिए तैयार रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देश के अनुसार 24 व 25 जनवरी की सुबह दोनों वंदे भारत ट्रेनों को पहुंचाने के निर्देश दिए गए है ताकि इन ट्रेनों से श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा रेलवे स्टेशन व बड़गाम रेलवे स्टेश्न के बीच ट्रायल किया जा सकें।

प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कारमाली पहुंचे श्रीनगर

प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर गति शक्ति रेलवे बोर्ड एन.सी. कारमाली बुधवार को श्रीनगर पहुंच चुके है। वह श्रीनगर से श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा रेलवे ट्रैक का निरीक्षण करेंगे और बीच में वह चिनाब ब्रिज साइट और अंजी ब्रिज साइट का निरीक्षण करते हुए वापस देर शाम को कटड़ा और फिर वहां से रात को जम्मू पहुंचेंगे।

लिस्ट होते ही इस शेयर में मची लूट, लगा अपर सर्किट, पहले दिन ही दिन निवेशकों को बंपर मुनाफा

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स्टैलियन इंडिया का आईपीओ (Stallion India IPO) आज गुरुवार को शेयर बाजार में लिस्ट हो गया। बीएसई और एनएसई पर कंपनी के शेयर 90 रुपए के आईपीओ प्राइस से करीब 34% प्रीमियम के साथ 120 रुपए पर लिस्ट हुए। लिस्टिंग के साथ ही इसमें 5% का अपर सर्किट लग गया और यह 125.99 रुपए के इंट्रा डे हाई तक पहुंच गया। इस प्रदर्शन के साथ निवेशकों को पहले ही दिन 40% से अधिक का मुनाफा हुआ।

बता दें कि रेफ्रिजरेंट्स सप्लायर्स स्टैलियन इंडिया फ्लोरोकेमिकल्स का आईपीओ निवेश के लिए 16 जनवरी को खुलकर 20 जनवरी को बंद हुआ था। आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 85 रुपए से 90 रुपए प्रति शेयर तय किया गया था।

189 गुना हुआ था सब्सक्राइब

तीन दिन में कंपनी के आईपीओ को 189 गुना सब्सक्राइब किया गया था। आईपीओ में 1.78 करोड़ इक्विटी शेयरों का नया इश्यू और इसके प्रमोटर्स, शहजाद शेरियार रुस्तमजी द्वारा 43.02 लाख शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) है। प्राइस बैंड के ऊपरी छोर पर आईपीओ 199.45 करोड़ रुपए का आंका गया था।

कंपनी का कारोबार

कंपनी एयर-कंडीशनिंग और रेफ्रिजरेशन, अग्निशमन, सेमीकंडक्टर विनिर्माण, वाहन विनिर्माण, फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल, ग्लास बोतल निर्माण, एरोसोल और स्प्रे फोम अनुप्रयोगों सहित विभिन्न उद्योगों की सेवा करती है। आईपीओ से प्राप्त राशि का इस्तेमाल कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में प्रस्तावित सुविधाओं के लिए पूंजीगत व्यय और सामान्य कंपनी कामकाज के लिए किया जाएगा।

सैफ अली खान को लगा बड़ा झटका, पटौदी परिवार की 15,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त

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बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान के लिए हाल ही में आई एक बुरी खबर ने उन्हें और उनके परिवार को परेशान कर दिया है। मध्य प्रदेश के भोपाल में स्थित पटौदी परिवार की पुश्तैनी संपत्तियों को अब केंद्र सरकार अपने कब्जे में ले सकती है। इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत 15,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इन पर लगे स्थगन आदेश को हटा लिया है, जिससे अब इन संपत्तियों का अधिग्रहण शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 के तहत किया जा सकता है।

क्या हैं शत्रु संपत्तियां?

शत्रु संपत्ति अधिनियम के तहत, भारतीय सरकार उन संपत्तियों पर दावा कर सकती है, जिनके मालिक पाकिस्तान के साथ बंटवारे के बाद पाकिस्तान चले गए थे। सैफ अली खान के परिवार की भोपाल स्थित संपत्तियां भी इसी श्रेणी में आती हैं, क्योंकि परिवार की एक सदस्य, आबिदा सुल्तान, 1950 में पाकिस्तान चली गई थीं।

हाईकोर्ट का आदेश और आगे की स्थिति

साल 2015 में जब मुंबई स्थित Enemy Property Custodian Office ने इन संपत्तियों को सरकारी संपत्ति घोषित किया, तो सैफ अली खान ने हाईकोर्ट में इसे चुनौती दी थी। हालांकि, पिछले साल 13 दिसंबर को हाईकोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया और अब तक परिवार ने अपील दायर नहीं की है।

अब इन संपत्तियों में शामिल फ्लैग स्टाफ हाउस, नूर-उस-सबा पैलेस, दार-उस-सलाम और अन्य प्रमुख स्थानों पर सरकार का दावा हो सकता है, जिनमें सैफ ने अपना बचपन बिताया था।

जलगांव रेल हादसे के मृतकों और घायलों के लिए सरकार ने किया मुआवज़े का ऐलान, पीएम ने भी जताया दुख

बीते दिन महाराष्ट्र के जलगांव में हुए रेल हादसे पर पीएम मोदी ने दुख जताया है। इस हादसे में दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। पीएम ने इस घटना के मृतकों के लिए मुआवज़े का ऐलान किया है। बता दें कि जलगांव जिले में लखनऊ-मुंबई पुष्पक एक्सप्रेस ट्रेन में आग लगने की अफवाह के कारण कई यात्री ट्रेन से कूद गए थे। उसी दौरान दूसरी ट्रेन जो सामने से आ रही थी, उसने इन यात्रियों को कुचल दिया।

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पीएम ने एक्स पर शेयर किया पोस्ट- 

जलगांव रेल हादसे को लेकर पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि “महाराष्ट्र के जलगांव में रेल पटरियों पर हुए दर्दनाक हादसे से दुखी हूं। मैं शोकसंतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं और सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। अधिकारी प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।”

रेलवे ने किया मुआवज़े का ऐलान-

रेल हादसे पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी मृतकों के परिवारवालों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। रेल मंत्रालय द्वारा सामने आई जानकारी के अनुसार ट्रेन हादसे के मृतकों के परिजनों को 1.5-1.5 लाख रुपये के मुआवज़े का ऐलान किया है। वहीं गंभीर रूप से घायल लोगों को 50,000 रुपये और मामूली चोट वाले लोगों को 5,000 रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है।

 

महाराष्ट्र के सीएम ने भी जताया शोक-

रेलवे मंत्रालय द्वारा महाराष्ट्र के सीएम ने शोक जताया है और मृतकों के परिवारवालों को मुआवज़े का ऐलान किया है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है,जबकि घायल यात्रियों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी

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