Wednesday, July 1, 2026
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Bollywood : भगवान राम के किरदार में छाए रणबीर’, ‘रामायण’ की पहली झलक का फर्स्ट रिव्यू आया सामने

रणबीर कपूर की भगवान राम के रूप में पहली झलक कल यानी 2 अप्रैल को देखने मिलेगी. हालांकि फिल्म क्रिटिक तरन आदर्श इसे देख चुके हैं और देखने के बाद उन्होंने इसका रिव्यू भी किया है.

नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही ‘रामायण’ का दर्शखों को बड़ी ही बेसबॅ्री से इंतजार है. तो वहीं कल यानी 2 अप्रैल को हनुमान जयंती के मौके पर मेकर्स ने इस फिल्म से भगवान राम का किरदार निभाने वाले एक्टर रणबीर कपूर की पहली झलक दिखाने का फैसला किया है. इस खबर से और भी ज्यादा एक्साइटमेंट बढ़ गया है. हालांकि ये पहली झलक ऑडियंस से पहले ट्रेड अनालिस्ट तरन आदर्श ने देख ली है और उन्होंने इसकी जमकर तारीफ की है.

फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श ने हाल ही में नितेश तिवारी की ‘रामायण’ की नई झलक देखी. जिसे देखने के बाद वो इसकी तारीफें करने से खुद को रोक नहीं पाए. उन्होंने सोशल मीडिया पर इसका पहला रिव्यू भी शेयर किया है. जिसमें उन्होंने लिखा, ‘जय श्री राम. हाल ही में मोस्ट अवेटेड एपिक रामायण की नई झलक देखी और मैं मंत्रमुग्ध हो गया. ये बेहद खूबसूरत है, इसमें कोई शक नहीं है, लेकिन उससे भी कहीं ज्यादा ये झलक विशाल और व्यापक अपेक्षाओं पर खरी उतरती है.’

इस रिव्यू में तरण आदर्श ने रणबीर कपूर के लुक को दिव्य बताया है. उन्होंने लिखा, ‘भगवान राम का किरदार निभाने वाले रणबीर कपूर असाधारण लग रहे हैं. उनमें ग्रेस, दिव्यता और स्ट्रेंथ झलक रही है. शानदार विजुअल्स, अभूतपूर्व वीएफएक्स और एक इलैक्ट्रिफाइंग बैकग्राउंड स्कोर (हंसजिमर और एआर रहमान). रामायण की ये झलक वाकई लाजवाब है।’ अपने रिव्यू में उन्होंने आगे लिखा है, ‘जैसा कि मंने पहले भी कहा है कि ये फिल्म केवल आज के लिए नहीं है बल्कि पीढ़ियों के लिए है. विजनरी निर्माता नमित मल्होत्रा ने इस भव्य प्रोजेक्ट को समर्थन दिया है, और निर्देशक नितेश तिवारी ये सुनिश्चित कर रहे हैं कि इस कालजयी महाकाव्य को पूरी निष्ठा और भव्यता के साथ बड़े पर्दे पर दिखाया जाए.’

बता दें कि इसकी ये नई झलक ऑडियंस के लिए कल यानी 2 अप्रैल को हनुमान जयंती के मौके पर ऑफिशियली रिलीज की जाएगी. जिसका दर्शखों को बेसब्री से इंतजार है. वहीं ये फिल्म दो पार्ट्स में दीवाली 2026 पर रिलीज होगी. तो वहीं इसका दूसरा पार्ट 2027 की दीवाली पर रिलीज होगा. फिल्म में सांई पल्लवी माता सीता के रोल में नजर आएंगी, सनी देओल हनुमान जी के रूप में तो वहीं रवि दुबे लक्ष्मण के रूप में नजर आएंगे. इसके अलावा भी इस फिल्म की कास्ट काफी लंबी चौड़ी है. फिलहाल तो इसकी नई झलक और रणबीर के लुक को लेकर फैंस बेसब्र हैं.

Sports : क्रिकेटर की शिकायत पर पुलिस ने किया इस एक्ट्रेस को गिरफ्तार, ‘गोल्ड चेन’ से जुड़ा है मामला

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श्रीलंका के क्रिकेटर भानुका राजपक्षे की शिकायत पर पुलिस ने एक्ट्रेस हर्षी रसंगा को गिरफ्तार किया, जिसके बाद उन्हें मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया. श्रीलंका के क्रिकेटर भानुका राजपक्षे ने एक्ट्रेस हर्षी रसंगा को कानूनी नोटिस भेजा है, जिसके बाद एक्ट्रेस को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया. ये मामला गोल्ड चेन से जुड़ा हुआ है. नोटिस में कहा गया है कि राजपक्षे ने उन्हें अस्थाई तौर पर एक गोल्ड चेन दी थी. 9 लाख रुपये की कीमत वाली इस चेन को एक्ट्रेस ने बिना बताए गिरवी रख दी. हालांकि एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ और ही बताया.

श्रीलंका की थलंगगामा पुलिस ने एक्ट्रेस हर्षी को गिरफ्तार भी कर लिया. कडुवेला मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई के दौरान हर्षी रसंगा ने माना कि उन्होंने चेन क्रिकेटर भानुका राजपक्षे को बिना बताए गिरवी रख दी. वकीलों के माध्यम से हर्षी ने वादा किया कि वह चेन लौटा देंगी. हालांकि बेल मिलने के बाद एक्ट्रेस ने यू-टर्न ले लिया, उन्होंने कुछ और ही बताया.

कोर्ट ने 5-5 लाख के दो मुचलके पर एक्ट्रेस हर्षी रसंगा को बेल दे दी. हालांकि बेन मिलने के बाद एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर कहा कि जब वह भानुका राजपक्षे के साथ रिलेशनशिप में थी, उन्होंने वो चेन उन्हें गिफ्ट दी थी. खबर लिखे जाने तक इस दावे पर क्रिकेटर की तरफ से अभी तक कोई बयान नहीं आया है. कुडुवेला मजिस्ट्रेट कोर्ट ने थलंगगामा पुलिस को आदेश दिया है कि मामले में अगली सुनवाई के दौरान सोने की चेन को पेश किया जाए. रिपोर्ट के अनुसार 22 अप्रैल को मामले की अगली सुनवाई होनी है.

भानुका राजपक्षे ने श्रीलंका क्रिकेट टीम के लिए 5 वनडे, 45 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, जिसमें उनके नाम क्रमश 89 और 744 रन हैं. उन्होंने 2021 में अपना आखिरी वनडे मैच खेला था. पिछले साल नवंबर में उन्होंने आखिरी टी20 मैच खेला था. वह इंडियन प्रीमियर लीग में पंजाब किंग्स के लिए 2 सीजन खेले थे. 2022 संस्करण में उन्होंने 9 मैच खेले थे, जिसमें 206 रन बनाए. 2023 में उन्होंने सिर्फ 4 मैच खेले, जिसमें कुल 71 ही रन बनाए.

Education : दिल्ली से शुरू हुआ बड़ा बदलाव, CBSE ने सिलेबस में शामिल किया AI और Computational Thinking

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नए पाठ्यक्रम में कक्षा 3 से 8 तक के छात्रों को Computational Thinking और AI की शिक्षा दी जाएगी. कक्षा 3 से 5 के छात्रों के लिए CT को गणित और The World Around Us (TWAU) जैसे विषयों के साथ जोड़ा जाएगा.

देश की स्कूली शिक्षा में बड़ा और आधुनिक बदलाव शुरू हो चुका है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नई दिल्ली में CBSE के Computational Thinking (CT) और Artificial Intelligence (AI) आधारित नए पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया. यह सिलेबस शैक्षणिक सत्र 2026–27 से लागू किया जा रहा है, जिसका मकसद छात्रों को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करना है. CBSE द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह नया पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा (NCF 2023) के अनुरूप तैयार किया गया है. इसका फोकस पारंपरिक रटने की पढ़ाई से हटकर समझ, कौशल और वास्तविक जीवन में उपयोग होने वाली शिक्षा पर है.

नए पाठ्यक्रम के तहत कक्षा 3 से 8 तक के छात्रों को चरणबद्ध तरीके से Computational Thinking और AI की शिक्षा दी जाएगी. कक्षा 3 से 5 के छात्रों के लिए CT को गणित और “The World Around Us (TWAU)” जैसे विषयों के साथ जोड़ा जाएगा. इस स्तर पर बच्चों को वर्कबुक, गतिविधियों, खेल और पहेलियों के माध्यम से सिखाया जाएगा, ताकि वे तार्किक सोच और समस्या समाधान की क्षमता विकसित कर सकें. वहीं, कक्षा 6 से 8 के छात्रों के लिए CT को सभी विषयों में शामिल किया जाएगा और AI की बुनियादी समझ (AI literacy) भी दी जाएगी. इस स्तर पर पढ़ाई को और अधिक प्रैक्टिकल बनाने के लिए प्रोजेक्ट आधारित और वर्कशीट आधारित लर्निंग पर जोर दिया जाएगा.

CBSE के अनुसार, इस पाठ्यक्रम को एक phased approach के तहत तैयार किया गया है, जिसमें धीरे-धीरे छात्रों की समझ को विकसित किया जाएगा. कक्षा 3–5 के लिए लगभग 50 घंटे और कक्षा 6–8 के लिए करीब 100 घंटे का समय निर्धारित किया गया है. इसका उद्देश्य छात्रों में मजबूत आधार तैयार करना है, ताकि वे आगे चलकर AI और तकनीकी क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर सकें. इस पाठ्यक्रम में शिक्षण के तरीके भी पूरी तरह बदले गए हैं. अब पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें पजल्स, प्रोजेक्ट्स, ग्रुप वर्क, चर्चा, डिबेट और रियल लाइफ समस्याओं के समाधान जैसे तरीके शामिल होंगे. छात्रों को अपने आसपास की समस्याओं को समझकर उनके समाधान ढूंढने के लिए प्रेरित किया जाएगा. शिक्षकों की भूमिका भी अब केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि वे छात्रों को मार्गदर्शन और मेंटरशिप भी देंगे.

मूल्यांकन प्रणाली में भी बदलाव किया गया है. कक्षा 3 से 5 तक मूल्यांकन को मुख्य विषयों जैसे गणित और TWAU से जोड़ा जाएगा, जबकि कक्षा 6 से आगे छात्रों का मूल्यांकन प्रोजेक्ट, प्रेजेंटेशन, असाइनमेंट और जर्नल्स के आधार पर किया जाएगा. इसके लिए शिक्षकों को स्पष्ट और एक समान मूल्यांकन मानदंड (rubrics) बनाने के निर्देश दिए गए हैं.

CBSE के नए सर्कुलर के अनुसार, कक्षा 11 और 12 का पाठ्यक्रम 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुका है, जबकि कक्षा 9 और 10 का संशोधित पाठ्यक्रम 2 अप्रैल को जारी किया गया. सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे नया पाठ्यक्रम आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर छात्रों और शिक्षकों के साथ साझा करें और इसके अनुसार तैयारी शुरू करें. हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि कई स्कूलों को अभी केवल पाठ्यक्रम का फ्रेमवर्क ही मिला है और नई किताबें पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं. खासकर कक्षा 9 में किताबों की कमी देखी जा रही है, जिससे स्कूल अस्थायी रूप से इसी फ्रेमवर्क के आधार पर पढ़ाई शुरू कर रहे हैं.

Technology : रोज सुबह WhatsApp क्यों करता है चैट बैकअप, जानिए यूजर्स को इससे क्या होता है फायदा?

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चैट बैकअप एक ऐसा प्रोसेस है जिसमें आपके सभी मैसेज, फोटो, वीडियो और डॉक्यूमेंट सुरक्षित रूप से क्लाउड स्टोरेज में सेव हो जाते हैं. आज के समय में WhatsApp हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. पर्सनल चैट से लेकर ऑफिस के जरूरी मैसेज तक, बहुत सारी अहम जानकारी इसी ऐप में सेव रहती है. ऐसे में आपने अक्सर देखा होगा कि WhatsApp रोज सुबह अपने आप चैट बैकअप लेता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है?

चैट बैकअप एक ऐसा प्रोसेस है जिसमें आपके सभी मैसेज, फोटो, वीडियो और डॉक्यूमेंट सुरक्षित रूप से क्लाउड स्टोरेज (जैसे Google Drive या iCloud) में सेव हो जाते हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि अगर आपका फोन खो जाए, खराब हो जाए या आप नया फोन लें तो आपकी सारी चैट आसानी से वापस मिल सकती है. WhatsApp आमतौर पर बैकअप का समय सुबह के लिए सेट करता है क्योंकि इस समय ज्यादातर यूजर्स फोन का कम इस्तेमाल कर रहे होते हैं. कम एक्टिविटी के कारण बैकअप प्रोसेस तेजी से और बिना रुकावट के पूरी हो जाती है. साथ ही, इससे आपके इंटरनेट स्पीड पर भी ज्यादा असर नहीं पड़ता.

रोजाना बैकअप होने से आपकी कोई भी जरूरी चैट खोने का खतरा काफी कम हो जाता है. अगर गलती से कोई मैसेज डिलीट हो जाए या ऐप में कोई समस्या आ जाए तो आप आसानी से पुराना डेटा रिस्टोर कर सकते हैं. इसके अलावा, फोन बदलते समय भी यह फीचर बेहद काम आता है क्योंकि आपको पुराने डेटा को ट्रांसफर करने में परेशानी नहीं होती.

WhatsApp आपको बैकअप सेटिंग्स बदलने का ऑप्शन देता है. आप चाहें तो बैकअप को डेली, वीकली या मंथली कर सकते हैं. साथ ही, आप यह भी तय कर सकते हैं कि बैकअप सिर्फ Wi-Fi पर हो या मोबाइल डेटा से भी. चैट बैकअप के दौरान आपके क्लाउड स्टोरेज की स्पेस का इस्तेमाल होता है इसलिए समय-समय पर अनावश्यक फाइल्स को हटाना जरूरी है.

साथ ही, यह भी ध्यान रखें कि आपका Google या iCloud अकाउंट सुरक्षित रहे ताकि आपका डेटा सुरक्षित बना रहे. WhatsApp का रोज सुबह चैट बैकअप लेना एक स्मार्ट फीचर है जो यूजर्स के डेटा को सुरक्षित रखने में मदद करता है. यह फीचर न सिर्फ आपकी यादों को सुरक्षित रखता है बल्कि जरूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से वापस पाने का भी मौका देता है.

Business : जंग की आग में झुलसा कश्मीर का कालीन उद्योग! खाड़ी देशों से 60% निर्यात ठप, लाखों की आजीविका दांव पर

पश्चिम एशिया में ईरान, इज़राइल और अमेरिका के युद्ध के कारण कश्मीर का हस्तशिल्प और कालीन उद्योग संकट में है, पुराने ऑर्डर रद्द और नए ऑर्डर लगभग पूरी तरह बंद हो गए हैं. पश्चिम एशिया में ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के चलते जहां कश्मीर का हस्तशिल्प क्षेत्र एक बड़े संकट का सामना कर रहा है वहीं कश्मीर का कालीन उद्योग इससे विशेष रूप से प्रभावित हुआ है! जहां युद्ध ने इस उद्योग के सबसे अहम बाज़ारों को बुरी तरह प्रभावित किया है वहीं निर्यातकों का कहना है कि जहां पुराने ऑर्डर कैंसिल हो रहे है और नए ऑर्डर लगभग पूरी तरह से बंद हो गए हैं!

सरकारी की तरफ़ से दुबई के बाद अभ चीन और डेनमार्क में हस्तकला के लिए लगने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदीर्शैनियों के सीतागीत होने से नए ऑर्डर्स के मिलने की उम्मीद भी ख़त्म हो गई है और व्यापार से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लाखों लोगों की आजीविका दांव पर लग गई है. कश्मीर के कालीन, जो अपनी बारीक कारीगरी और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाने जाते हैं, लगभग 25 देशों को निर्यात किए जाते हैं, जिसमें पश्चिम एशिया एक प्रमुख बाजार के रूप में उभरा है. हाथ से बुने हुए कालीनों के साथ-साथ, पारंपरिक हस्तशिल्प-जैसे कि पैपियर-मैशे, पश्मीना शॉल, कानी बुनाई, सोज़नी कढ़ाई, खाताबंद लकड़ी का काम, और अखरोट की लकड़ी पर नक्काशी-घाटी की निर्यात अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं.

लेकिन अभ खाड़ी संघर्ष ने कश्मीर की निर्यात अर्थव्यवस्था की रीढ़ पर ही चोट की है, जो खाड़ी देशों पर बहुत ज़्यादा निर्भर है; इन देशों की हिस्सेदारी कुल हस्तशिल्प निर्यात में लगभग 60 प्रतिशत है. युद्ध के चलते जहां नए शिपमेंट की लागत में भारी बढ़ोतरी और पुराने ऑर्डर के अटके हुए भुगतानों ने इस उद्योग को गंभीर आर्थिक संकट में भी डाल दिया है. कश्मीर चैम्बर ऑफ़ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष तारिक़ गाणी के अनुसार, इसका सबसे बड़ा और तत्काल प्रभाव यह हुआ है कि पूरे क्षेत्र के खरीदारों से आने वाले नए ऑर्डरों में अचानक भारी गिरावट आ गई है. अनिश्चितता, व्यापार के बाधित रास्ते और आर्थिक चिंताओं के चलते आयातकों ने भी खरीदारी रोक दी है.

ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध ने कश्मीर के हस्तशिल्प क्षेत्र को एक गहरा झटका दिया है. खाड़ी देशों की कुल मिलाकर कश्मीर से होने वाले निर्यात में लगभग 60 प्रतिशत की हिस्सेदारी है. इस लिहाज़ से ये देश कश्मीरी हस्तशिल्प, पश्मीना, कालीनों और इनसे जुड़े अन्य उत्पादों के लिए सबसे अहम बाज़ार हैं. जम्मू-कश्मीर से होने वाले हस्तशिल्प के एक्सपोर्ट में पहले ही भारी गिरावट आ चुकी है. वर्ष 2013 में यह आंकड़ा लगभग 1700 करोड़ रुपये था, जो घटकर वर्ष 2024-25 में 733 करोड़ रुपये रह गया है – यानी इसमें लगभग 57 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है. उद्योग से जुड़े लोगों ने चेतावनी दी है कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव इस क्षेत्र को और भी गहरे संकट में धकेल सकता है.

पश्चिम एशिया में अनिश्चितता बनी रहने और निकट भविष्य में इसका कोई समाधान नज़र न आने के कारण, निर्यातकों को डर है कि लंबे समय तक जारी रहने वाली यह बाधा बाज़ारों को स्थायी रूप से खोने का कारण बन सकती है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय खरीदार सामान खरीदने के लिए दूसरे विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं.इन चुनौतियों को और भी बढ़ाने वाली बात यह है कि दुबई में स्थित ‘ग्लोबल विलेज’ लगभग 15 दिनों के लिए बंद हो गया है. यह एक प्रमुख इंटरनेशनल रिटेल प्लेटफ़ॉर्म है, जहां कश्मीर के कई व्यापारी अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाते हैं और उन्हें बेचते हैं. इस बंदी के कारण बिक्री का एक अहम ज़रिया, ठीक ऐसे समय में बंद हो गया है जब उसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी. इसका सीधा असर व्यापारियों की आमदनी पर पड़ा है. इस संकट का असर पूरी उत्पादन से लेकर बिक्री तक की पूरी प्रक्रिया पर पड़ रहा है.

एक्सपोर्टर्स को अपना काम-काज जारी रखने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, व्यापारियों की बिक्री में लगातार गिरावट आ रही है, और कारीगरों व बुनकरों के पास काम कम हो गया है, साथ ही उन्हें अपनी मज़दूरी मिलने में भी देरी हो रही है.

Bhakti News : हनुमान जयंती पर भंडारा कर रहे है तो भूलकर भी न करें ये 5 गलती, नहीं मिलेगा पुण्य

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आज हनुमान जयंती पुण्य कमाने के लिए अगर आप भी भंडारा कर रहे हैं तो शास्त्रों के अनुसार कुछ खास बातों का ध्यान रखें, नहीं तो पुण्य की जगह पाप के भागी बन सकते हैं.

2 अप्रैल 2026 को हनुमान जयंती मनाई जा रही है. ये सेवा का दिन है इसलिए इस दिन कई जगह भंडारे और लंगर का आयोजन होता है. भंडारे के भोजन में कभी भी पुरानी, सड़ी हुई सब्जी या सामग्री का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इसका भोग हनुमान जी को भी लगता है. ऐसा करने पर दोष के भागी बन सकते हैं.

हनुमान जयंती पर करने वाले भंडारे का उद्देश्य भूखे और उन असमर्थ लोगों को भोजन कराना है जो दो वक्त की रोटी भी नहीं खा पाते. ऐसे में यदि इसमें सक्षम व्यक्ति भोजन करता है, तो इसे जरूरतमंद का हक छीनने के समान माना जाता है. ऐसे में मुफ्त के खान के लालच में न पड़े, आप पाप के भागी बन सकते हैं. कुछ लोग सेवा भाव से नहीं बल्कि अपने लोगों के बीच दिखावे के लिए भंडारा करते हैं. गरुड़ पुराण के अनुसार अगर भंडारा सिर्फ प्रसिद्धि, नाम या राजनीतिक उद्देश्य से किया गया हो, तो शास्त्रों के अनुसार वह “सात्विक दान” नहीं, बल्कि राजसिक या तामसिक दान होता है, जिसका फल कभी प्राप्त नहीं होता.

प्रेमानंद महाराज के अनुसार हनुमान जयंती का किसी भी अवसर पर भंडारा उधार लेकर नहीं करना चाहिए. इससे व्यक्ति पुण्य से वंछित रह जाता है. अपनी कमाई से भले ही दो लोगों को भोजन कराएं लेकिन उधारी पर ये कार्य न करें. भंडारे में बनाया भोजन कभी कूड़े में न फेंके, इससे पाप के भागी बनते हैं. सुख-समृद्धि और धन पर बुरा असर पड़ता है. संपन्नता चली जाती है.

National : ट्रंप ने किया जीत का ऐलान तो ईरान ने मिसाइल दागकर दिया जवाब, अब क्या करेगा अमेरिका?

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अगले दो-तीन हफ्तों में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी और कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ तो सभी विद्युत संयंत्रों पर हमला किया जाएगा. ईरान ने गुरुवार को इजरायल की तरफ मिसाइलें दागीं. यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऑपरेशन एपिक फ्यूरी पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए दिए गए चेतावनी भरे संदेश के तुरंत बाद हुआ. ट्रंप ने ईरान को आग लगाना बंद करने और समझौता करने के लिए अल्टीमेटम दिया था.

इजरायल की सेना ने बताया कि ईरानी मिसाइल हमले का जवाब देने के लिए उनकी वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय है. सेना ने कहा कि हमने ईरान से इजरायल की सीमा की तरफ दागी गई मिसाइलों की पहचान की है और यह तीसरी बार था जब तीन घंटे से भी कम समय में मिसाइल दागी गई. रक्षा प्रणाली हमले को रोकने के लिए काम कर रही है. फ्रांस प्रेस एजेंसी ने बताया कि उत्तर इजरायल में एयर रेड सायरन बज गए, लेकिन अभी तक किसी के घायल होने या किसी नुकसान की खबर नहीं है.

अपने भाषण में ट्रंप ने कहा कि ईरान अगले दो से तीन हफ्तों में बहुत कड़ी कार्रवाई झेलेगा और उसे स्टोन एज” यानी पत्थर युग में ले जाया जाएगा. ट्रंप ने कहा, “अब तक हमने जो भी तैयारी की है, वह पूरी होने के रास्ते पर है. बहुत जल्द हम ईरान पर बेहद कड़ी कार्रवाई करेंगे. अगले दो-तीन हफ्तों में हम उन्हें उनके असली स्थान यानी स्टोन एज में वापस भेज देंगे. हमारे लक्ष्य में बदलाव नहीं है, लेकिन उनके प्रमुख नेता की मृत्यु के बाद राजनैतिक बदलाव हुआ है. हमने कभी कहा नहीं कि हमें शासन बदलना है, लेकिन बदलाव हो गया.”

ट्रंप ने आगे चेतावनी दी कि “यदि इस अवधि में कोई समझौता नहीं होता है तो हम उनके सभी विद्युत उत्पादन केंद्रों पर एक साथ बहुत कड़ी कार्रवाई करेंगे.” अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध 28 फरवरी से शुरू हुआ था. इस दिन अमेरिका और इजरायल की अचानक की गई हवाई हमलों में ईरानी सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत गई थी. अमेरिका ने इस कार्रवाई का नाम ऑपरेशन एपिक फ्यूरी रखा, जबकि इजरायल ने इसे ऑपरेशन रोअरिंग लायन कहा.

World : इंडोनेशिया में तगड़े भूकंप के बाद आई सुनामी, कई घर और इमारतें जमींदोज हुए,1 महिला की मौत

इंडोनेशिया में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद खतरनाक सुनामी की संभावना जताते हुए चेतावनी जारी की गई है. प्रशासन ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है. भूकंप के झटकों से इंडोनेशिया की धरती फिर कांप उठी. देश के पूर्वी हिस्से में टेर्नेंट शहर के पास गुरुवार (2 अप्रैल) तड़के तेज झटके महसूस किए गए. भूकंप के झटके महसूस करते हुए दहशत में आए स्थानीय लोग अपने घरों और दफ्तरों से निकल आए. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण(USGS) ने सुबह आए इस भूकंप की तीव्रता 7.4 तीव्रता मापी. भूकंप के बाद प्रशासन ने सुनामी का अलर्ट जारी किया है.

APTN की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार सुबह इंडोनेशियाई जलक्षेत्र में आए भूकंप से सुनामी लहरें उठीं, जिनमें कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई. कई घर और इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबक 7.4 तीव्रता के इस भूकंप का केंद्र मोलुक्का सागर में 35 किलोमीटर (22 मील) की गहराई पर था. अमेरिकी मॉनिटरिंग सेंटर ने भूकंप केंद्र से 1 हजार किलोमीटर के दायरे में खतरनाक सुनामी की संभावना जताते हुए चेतावनी जारी की है.

इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया, उत्तरी सुलावेसी के मिनाहासा जिले में एक 70 वर्षीय महिला की मौत हो गई और एक अन्य निवासी घायल हो गया. आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता ने लोगों से अपील की है कि जब तक अधिकारी आधिकारिक तौर पर स्थिति सामान्य घोषित न कर दें, तब तक वे समुद्र तटों या तटीय क्षेत्रों में वापस न लौटें. मुख्य भूकंप के बाद कम से कम दो झटके महसूस किए गए, दोनों समुद्र तट से दूर थे.

इंडोनेशिया 28 करोड़ से अधिक लोगों का एक विशाल द्वीपसमूह है. यह प्रमुख भूकंपीय फॉल्ट पर स्थित है. यह अक्सर भूकंपों और ज्वालामुखी विस्फोटों से प्रभावित होता रहता है. 2022 में पश्चिम जावा के सियानजुर शहर में आए 5.6 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 602 लोग मारे गए थे, जो 2018 में सुलावेसी में आए भूकंप और सुनामी के बाद इंडोनेशिया में सबसे घातक घटना थी, जिसमें 4,300 से अधिक लोग मारे गए थे. 2004 में, हिंद महासागर में आए एक शक्तिशाली भूकंप के चलते सुनामी आई, जिसमें एक दर्जन देशों में 230,000 से अधिक लोग मारे गए, जिनमें से अधिकांश इंडोनेशिया के आचे प्रांत के थे.

ENTERTAINMENT : गैंगस्टर की धमकी से परेशान सलमान, बुरी नजर से खुद को बचाया? इवेंट में चुपके से पहनी रिंग

सलमान खान का एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें दबंग खान चुपके से अपनी पॉकेट से रिंग निकालकर पहनते हैं. उन्होंने आखिर ऐसा क्यों किया, जानें फैंस ने क्या दावे किए हैं.

करोड़ों दिलों की धड़कन और सबके भाईजान सलमान खान फैंस के चहेते हैं. उनका फैंडम तगड़ा है. फैंस के लिए भाईजान का हुकुम सिर आंखों पर है. लेकिन बीते सालों से मिल रही बैक टू बैक धमकियों की वजह से सलमान पब्लिकली आने से बचते हैं. अगर आते भी हैं तो फुल सिक्योरिटी और प्रोटेक्शन के साथ दिखते हैं. भीड़ के बीच सलमान बुरी नजर से खुद को बचाने का पूरा इंतजाम भी करते हैं.

इंटरनेट पर दबंग खान का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें वो लोगों की बुरी नजर से खुद को प्रोटेक्ट करते दिखे. सलमान ने आखिर ऐसा क्या किया, चलिए जानते हैं. 31 मार्च को वो एक इवेंट में शामिल हुए थे. प्रेसिडेंट कप 2026 की ग्रैंड ओपनिंग सेरेमनी उन्होंने अटेंड की थी. इवेंट में उनके साथ महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे भी मौजूद थे. अपने फेवरेट स्टार को देखने को लिए लोगों की भारी भीड़ इवेंट में पहुंची थी. सलमान और शिंदे ने स्पोर्ट्स टूर्नामेंट का आगाज किया. 1 करोड़ की प्राइज मनी का ऐलान किया. सलमान को इवेंट में देख फैंस बेकाबू हो गए थे. सभी के बीच दबंग खान की झलक पाने की होड़ मच गई.

इंटरनेट पर एक वीडियो सामने आया है जो हॉट टॉपिक बना हुआ है. सलमान बीच इवेंट में अपनी रिंग को पॉकेट से निकालकर पहनते हैं. शिंदे तब लोगों को संबोधित कर रहे थे. इसी दौरान सलमान ने चुपके से अपनी जींस की पॉकेट में हाथ डाला. रिंग को निकाला और चुपचाप अपनी मिडिल फिंगर में पहना. इस दौरान सलमान खान के चेहरे पर स्माइल बनी हुई थी. उनके हाथ पर पहले से उनका पॉपुलर ब्लू सफायर ब्रेसलेट था.

सलमान की रिंग पर लोगों के अलग-अलग रिएक्शन आ रहे हैं. किसी ने कहा कि सलमान ने नीलम का पत्थर पहना है. जो कि शनि से जुड़ा है. ये करियर ग्रोथ, फाइनेंसियल स्टेबिलिटी के लिए पहना जाता है. ये पत्थर बुरी नजर, एक्सीडेंट और घटनाओं से बचाता है. व्यक्ति के अंदर इमोशनल बैलेंस भी बनाए रखता है. सभी जानते हैं सलमान के बीते कुछ साल अच्छे नहीं गुजरे हैं. वो पर्सनली और प्रोफेशनली डाउन चल रहे हैं. गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई उनके पीछे पड़ा है. वहीं एक्टर की बैक टू बैक फिल्में पिट रही हैं. बीते दिनों उनके पिता सलीम खान अस्पताल में एडमिट रहे थे. वो हेल्थ इश्यूज से जूझ रहे हैं.

MAHARASHTRA : ‘तुम इतनी सुंदर हो…’ 80 लाख के फ्रॉड केस में लॉकअप में बंद थी महिला, ASI ने कर दी डर्टी डिमांड

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महाराष्ट्र के अकोला से एक गंभीर मामला सामने आया है. यहां सिविल लाइन पुलिस स्टेशन के लॉकअप में बंद एक महिला आरोपी से ड्यूटी पर तैनात एएसआई ने डर्टी डिमांड कर दी. महिला ने जब इस मामले की शिकायत की तो पूरे महकमे में हड़कंप मच गया. पीड़ित महिला 80 लाख रुपये के फ्रॉड मामले में लॉकअप में बंद थी.

महाराष्ट्र के अकोला से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला आरोपी सिविल लाइन पुलिस स्टेशन के लॉकअप में बंद थी. महिला आरोपी से ड्यूटी पर तैनात एएसआई ने डर्टी डिमांड कर दी. महिला की शिकायत के बाद विभाग में हड़कंप मच गया. आरोपी एएसआई को निलंबित कर दिया गया है, फिलहाल वह फरार है.

दरअसल, महिला 80 लाख रुपये के फ्रॉड केस में सिविल लाइन पुलिस स्टेशन के लॉकअप में बंद थी. इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद एएसआई राजेश जाधव ने उससे आपत्तिजनक बातचीत करते हुए कहा कि तुम इतनी सुंदर हो, तुम्हारी बेटी भी सुंदर होगी. इसी के साथ आरोपी ने कई घिनौनी बातें कहीं.

इसके बाद महिला ने हिम्मत दिखाते हुए वहां मौजूद लेडी कॉन्स्टेबल से शिकायत की. मामला सामने आते ही पुलिस अधिकारियों ने तत्काल एक्शन लेते हुए आरोपी एएसआई को ड्यूटी से हटा दिया.मामले की गंभीरता को देखते हुए अकोला के एसएसपी अर्चित चांडक ने आरोपी एएसआई राजेश यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए तीन अलग-अलग पुलिस टीमों को रवाना किया गया है.

मामले की जांच कर रहे सीनियर पीआई अनिल जुमले ने बताया कि शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई की गई और आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे निलंबित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है, आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं.

पूर्व महिला आयोग सदस्य डॉ. आशा मिरगे ने बताया कि एएसआई राजेश जाधव के खिलाफ पहले भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं. करीब 10 साल पहले उनके पारिवारिक विवाद और अन्य महिलाओं के साथ संबंधों को लेकर शिकायत मिली थी. साथ ही एक महिला पुलिसकर्मी को प्रपोज करने का मामला भी सामने आया था.

डॉ. मिरगे ने कहा कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो यह बेहद चिंताजनक है. अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो ऐसे लोगों का मनोबल बढ़ता है. हालांकि इस मामले में अकोला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की, जो सराहनीय है.

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