Tuesday, June 30, 2026
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भारतीय आईपीओ बाजार में बनने की उम्मीद, 1.80 लाख करोड़ के IPO को SEBI की मंजूरी

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इस साल 2025 में भारतीय आईपीओ मार्केट में भारी हलचल देखने को मिल सकती है और एक नया रिकॉर्ड बन सकता है। प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के अनुसार, 1.80 लाख करोड़ रुपए के आईपीओ को SEBI की मंजूरी मिल चुकी है या फिर मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से 28 कंपनियों के 46 हजार करोड़ रुपए के इश्यू को मंजूरी मिल चुकी है और ये कंपनियां आईपीओ लाने की तैयारियों में जुटी हैं। वहीं, दूसरी ओर 1.32 लाख करोड़ रुपए के आईपीओ के ड्राफ्ट SEBI के पास मंजूरी के इंतजार में हैं।

पिछले साल 2024 में कैसा रहा IPO मार्केट का हाल

पिछले साल वर्ष 2024 में एसएमई ने रिकॉर्ड 8761 करोड़ रुपए जुटाए जोकि वर्ष 2023 के मुकाबले 87 फीसदी अधिक रहा। प्राइम डेटाबेस के मुताबिक एसएमआई आईपीओ का औसतन साइज भी चार साल में 6 गुना बढ़कर 36 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। खुदरा निवेशकों ने इसमें खूब पैसे लगाए और औसतन रिटेल एप्लीकेशन वर्ष 2020 में महज 297 से बढ़कर वर्ष 2024 में 1.88 लाख पर पहुंच गया।

वहीं मेनबार्ड यानी बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होने वाली कंपनियों की बात करें तो 91 कंपनियों ने 1.60 लाख करोड़ रुपए जुटाए जबकि वर्ष 2023 में 57 कंपनियों ने 49,436 करोड़ रुपए जुटाए थे। मेनबोर्ड आईपीओ के औसतन साइज इस दौरान दोगुना उछलकर 1,756 करोड़ रुपए पर पहुंच गए। ऑफिस (Awfis), फर्स्टक्राई (Firstcry), मोबीक्विक (Mobikwik), स्विगी (Swiggy) और यूनीकॉमर्स (Unicommerce) समेत आठ नए दौर की कंज्यूमर टेक कंपनियों ने 21,438 करोड़ रुपए के आईपीओ लाए। फ्रेश कैपिटल भी 40 फीसदी उछलकर 64,499 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। खुदरा निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी और 91 में से 66 इश्यू में खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा 10 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ। आईपीओ को ओवरऑल औसतन 45.39 गुना और रिटेल हिस्से को औसतन 34.15 गुना बोली मिली जो वर्ष 2023 के मुकाबले अधिक रही।

QIP के जरिए भी 2024 में जुटाए थे कंपनियों ने पैसे

पिछले साल कंपनियों ने आईपीओ ही नहीं बल्कि क्यूआईपी (क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) के जरिए भी 2023 के मुकाबले तीन गुना अधिक पैसे जुटाए। पिछले साल 99 कंपनियों ने क्यूआईपी के जरिए 1.38 लाख करोड़ रुपए जुटाए थे। सबसे बड़ा क्यूआईपीओ वेदांता और जोमैटो का रहा जिसने ₹8500-₹8500 करोड़ का इश्यू लाया था।

पंजाबियों हो जाएं सावधान! आसमान में उड़ने लगे Drone… जारी हो गई Warning

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पंजाब के लोग अगर लोहड़ी और माघी पर चाइना डोर का इस्तेमाल करते नजर आए तो उन्हें जेल की हवा खानी पड़ सकती है क्योंकि पंजाब पुलिस ने चाइना डोर के इस्तेमाल पर नजर रखने के लिए आसमान में ड्रोन उड़ाना शुरू कर दिया है। अगर कोई भी इन ड्रोनों में चाइना डोर का इस्तेमाल करता हुआ नजर आया तो उसकी खैर नहीं होगी। पंजाब पुलिस ने बड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि प्लास्टिक की डोर का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आपको बता दें कि पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राज्य में पतंगबाजी के लिए चाइना डोर की बिक्री, भंडारण, स्टॉक, सप्लाई और ऑर्डर देने या उपयोग के बारे में जानकारी देने वाले को 25,000 रुपये का नकद ईनाम देने की घोषणा की है। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्य अभियंता आर. क. रत्तरा ने कहा है कि खतरनाक प्लास्टिक डोर, जिसे आमतौर पर चाइना डोर के रूप में जाना जाता है, की बिक्री, खरीद और उपयोग पर पंजाब में प्रतिबंध है।

इसके बावजूद कुछ दुकानदार अपना मुनाफा कमाने के लिए लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं और चोरी-छिपे इन जानलेवा डोर को बेच रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अभियान चलाया है कि अगर कोई व्यक्ति चाइना तार बेचता/स्टॉक करता/सप्लाई करता/मंगवाता/इस्तेमाल करता पाया जाता है तो इसकी सूचना टोल फ्री नंबर 1800-180-2810 पर अवश्य दी जाए। सूचना देने वाले को 25,000 रुपये तक का इनाम दिया जाएगा तथा उनका नाम गोपनीय रखा जाएगा।

Alert पर पंजाब! 5 से 60 साल की उम्र वाले जरा संभल कर….Advisory जारी

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देश में चर्चित नए ह्यूमन मेटा न्यूमो वायरस (एच.एम.पी.वी.) को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। इस संबंध में सिविल सर्जन डा. पवन शगोत्रा ने कहा कि लोगों को एच.एम.पी.वी. वायरस से घबराना नहीं चाहिए। यह फ्लू की तरह ही सामान्य सर्दी के समान है।

पंजाब में अभी तक इसका कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन इसके इलाज के लिए विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। हल्का बुखार, नाक बहना, खांसी, गले में खराश या सांस लेने में दिक्कत इसके प्राथमिक लक्षण हैं। ये सभी एक सप्ताह के अंदर अपने आप ठीक हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि 05 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, उनका विशेष ध्यान रखा जाए और बचाव के लिए खानपान का विशेष ध्यान रखा जाए। बाहर का तला भुना मसालेदार भोजन खाने से बचना चाहिए।

भोजन में मौसमी फल और सब्जियां शामिल करनी चाहिए। पेय पदार्थों का सेवन अधिक करना चाहिए। अगर आपको फ्लू जैसा संक्रमण है तो आपको भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए। मुंह पर मास्क रखें। परिवार के सदस्यों से दूरी बनाकर रखें। हाथों को बार-बार साबुन के पानी से धोएं। बार-बार मुंह आंख नाक को न छुएं। संक्रमण होने पर नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर से संपर्क करें।

पंजाब के नेशनल हाईवे पर PRTC बस के साथ बड़ा हादसा, एक की मौ’त

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संगरूर जिले के बहादुरपुर गांव के पास, पी.आर.टी.सी. बस और ट्रैक्टर-ट्रॉली के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में कंडक्टर की मौत हो गई और 11 यात्री घायल हो गए, जिन्हें सड़क सुरक्षा बल की मदद से संगरूर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे दौरान प्रशासन में भगदड़ मच गई। मौके पर पहुंची गुरुद्वारा मस्तुआना साहिब की एंबुलेंस भी दुर्घटनाग्रस्त हो गई।  हादसा आज सुबह संगरूर जिले के गांव महलकलां के नजदीक हुआ है।

prtc bus accident

पत्रकारों से बात करते हुए सड़क सुरक्षा बल के एक जवान ने बताया कि बस संगरूर से बरनाला जा रही थी, तभी घने कोहरे के कारण ईंटों से भरी ट्रॉली से उसकी टक्कर हो गई, जिसमें बस कंडक्टर की मौत हो गई। बस में बैठे यात्रियों ने बताया कि बस बहुत सुचारू रूप से चल रही थी। ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों ने अचानक अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क पर चढ़ा दी। गहरे कोहरे के कारण यह हादसा हो गया।

सावधान रहें लोग

पंजाब के कई जिलों में घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी बहुत कम रहने की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट में कहा गया है कि अमृतसर, फतेहगढ़ साहिब, गुरदासपुर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला, संगरूर, साहिबजादा अजीत सिंह नगर, अंबाला और कुरुक्षेत्र में विजिबिलिटी बेहद कम हो सकती है। इस बीच, मौसम विभाग ने लोगों से अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की है और कहा है कि कम विजिबिलिटी के कारण यात्रा प्रभावित हो सकती है। लोगों को सड़कों पर सावधानी से चलने और सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

Punjab: लग गई इस दवाई पर पाबंदी, लेते हैं आप तो जरा पढ़ ले नई Guidelines

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प्रीगैबलिन के फार्मूले के तहत तैयार की गई दवा, जिसे नार्कोटिक या मनोविज्ञानिक पदार्थों के तौर पर सूचित नहीं किया गया लेकिन इसकी हो रहे दुरुपयोग को ध्यान में रखते हुए इसकी खुली बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और इसको बेचने के लिए डाक्टर की सिफारिश के साथ-साथ सारा रिकार्ड रखने की हिदायत की है।

जारी आदेशों में उन्होंने कहा कि कैप्सूल/टैबलेट के रूप में 150 एवं 300 मि.ली. ग्राम वाले प्रीगैबलिन के फार्मूले के सार्वजनिक तौर पर बहुत ज्यादा दुरुपयोग किया जा रहा है। बहुत से लोग इस फार्मूले के आदी हो रहे हैं लेकिन ड्रग प्रीगैबलिन 150 और 300 मिलीग्राम डाक्टरों द्वारा अक्सर तजवीज नहीं की जाती। यहां तक कि न्यूरोलॉजिस्ट/ऑर्थोपेडिक्स भी सिर्फ 75 मिलीग्राम ड्रग प्रीगैबलिन का नुस्खा दे रहे हैं।

जिला मैजिस्ट्रेट साक्षी साहनी ने आदेश दिए हैं कि इस फार्मूले के 75 मिलीग्राम से अधिक कैप्सूल/टैबलेट का भंडारण और बिक्री पर पूर्ण पाबंदी होगी। थोक विक्रेता, परचून विक्रेता, कैमिस्ट/मैडीकल स्टोर के मालिक, अस्पतालों में फार्मेसी या कोई अन्य व्यक्ति प्रीगैबलिन 75 मिलीग्राम की असल पर्ची से बिना नहीं बेचेंगा। इसके अलावा 75 मिलीग्राम तक की खरीद-बिक्री की सही रिकॉर्ड रखेंगे। सभी विक्रेता पर्ची का ठीक से जांच

पंजाब में रिकार्ड तोड़ ठंड! Lohri के बाद ऐसे रहेगा मौसम का हाल…

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पंजाब में रिकार्ड तोड़ ठंड  पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार 12 जनवरी तक राज्य के 1-2 जिलों को छोड़कर राज्यभर में यैलो अलर्ट घोषित किया गया है, जिसमें जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, पटियाला, गुरदासपुर जैसे जिले है। वहीं धुंध पड़ने की चेतावनी जारी हुई है।

इसके मुताबिक हाईवे  पर वाहनों को चलाते समय सावधानी अपनाने की जरूरत है। लोहड़ी के बाद धुंध से राहत मिलने की उम्मीद है।  मौसम विभाग के अनुसार बारिश की भी संभावना बनी हुई है। इससे पहले  राज्य में कई स्थानों पर 12 जनवरी तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। कहा जा रहा है कि आज से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो गया है, जिससे झमाझम बारिश पड़ने के आसार है। यानि आज से 12 तारीख तक बारिश की संभावना बन रही है।

मौसम वैज्ञानियों की मानें तो अलावा सुबह के समय धुंध छाने से विजिबिलिटी कम होगी जिसके चलते परिवहन सेवाएं प्रभावित होगी। इसके चलते सड़क परिवहन का इस्तेमाल करने वालों को सावधानी अपनाने की जरूरत है।

महाकुंभ 2025 में साध्वी बनकर रहेंगी Apple फाउंडर स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन

प्रयागराज में आयोजित होने वाला महाकुंभ 2025 इस बार विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कर रहा है, क्योंकि इसमें न केवल लाखों भारतीय श्रद्धालु और साधक भाग लेंगे, बल्कि देश-विदेश की कई बड़ी हस्तियां भी इस धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनेंगी। महाकुंभ का आयोजन 13 जनवरी 2025 से 26 फरवरी 2025 तक किया जाएगा, और 12 साल बाद यह विशाल समागम प्रयागराज में हो रहा है।

महाकुंभ का महत्व धार्मिक रूप से अत्यधिक है, और इसमें हर उम्र, जाति और पंथ के लोग अपनी आस्था व्यक्त करने के लिए आते हैं। इस वर्ष, विशेष रूप से दुनिया भर के वीवीआईपी और प्रमुख व्यक्तित्व महाकुंभ में शामिल होंगे, जिनमें से एक हैं एप्पल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स।

लॉरेन पॉवेल का महाकुंभ में कल्पवास

स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स का हिंदू और बौद्ध धर्म से गहरा जुड़ाव है। महाकुंभ में उनकी भागीदारी विशेष महत्व रखती है, क्योंकि वह इस पवित्र आयोजन के दौरान कल्पवास करेंगी। लॉरेन पॉवेल 29 जनवरी 2025 तक महाकुंभ में रहेंगी और पौण पूर्णिमा के दिन संगम में स्नान कर आस्था की डुबकी लगाएंगी। इसके बाद वह संगम की रेती पर कल्पवास करेंगी।

कल्पवास एक हिंदू धार्मिक परंपरा है, जो आत्म-शुद्धि और आध्यात्मिक अनुशासन पर आधारित होती है। यह परंपरा महाभारत और रामचरितमानस में भी वर्णित है। ‘कल्प’ का अर्थ ब्रह्मांडीय युग से है और ‘वास’ का अर्थ है—प्रवास या निवास। इस दौरान भक्त सभी भौतिक सुख-सुविधाओं का त्याग करके अपनी आत्मा की शुद्धि के लिए कठिन साधना करते हैं।

महाकुंभ में अन्य वीवीआईपी महिलाएं

महाकुंभ में इस बार कई अन्य प्रमुख महिलाएं भी शामिल होंगी, जिनका योगदान और आस्था भारतीय समाज में महत्वपूर्ण मानी जाती है। इनमें से कुछ प्रमुख महिलाएं हैं:

सुधा मूर्ति: विप्रो के संस्थापक नारायण मूर्ति की पत्नी और सामाजिक कार्यकर्ता सुधा मूर्ति भी महाकुंभ में संगम स्नान करेंगी। उनकी यात्रा के लिए उल्टा किला के पास विशेष कॉटेज तैयार किया गया है।

सावित्री देवी जिंदल: ओमप्रकाश जिंदल फाउंडेशन की अध्यक्ष और जिंदल समूह की प्रमुख सदस्य, सावित्री देवी जिंदल महाकुंभ में स्नान करने के लिए आ रही हैं और उनके ठहरने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

हेमा मालिनी: बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा नेता हेमा मालिनी भी महाकुंभ में स्नान करने के लिए संगम पहुंचेंगी। वह जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज के शिविर में ठहरने की योजना बना रही हैं।

महाकुंभ का धार्मिक महत्व

महाकुंभ भारतीय संस्कृति और धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन है, जो हर 12 साल में होता है। यह आयोजन प्रयागराज के संगम—गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदी के संगम स्थल पर होता है। महाकुंभ के दौरान, लाखों लोग पवित्र स्नान करने के लिए यहाँ आते हैं, जो उनकी आस्था और श्रद्धा को दर्शाता है।

महाकुंभ में हर दिन विशेष धार्मिक अनुष्ठान होते हैं, जिसमें संत महात्मा, साधु-संत और भक्तगण भाग लेते हैं। इसके अलावा, इस अवसर पर विश्वभर के लोग आने का प्रयास करते हैं, क्योंकि यहां पवित्र डुबकी लगाने से जीवन के सारे पाप समाप्त हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

महाकुंभ 2025: एक विशेष अवसर
महाकुंभ 2025 सिर्फ भारत के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक विशेष धार्मिक समागम बनकर उभरेगा। इस बार के महाकुंभ में न केवल भारतीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय हस्तियां भी शामिल होंगी, जो इस आयोजन को और भी महान बना देंगी।

आध्यात्मिक साधना और आस्था के प्रतीक इस आयोजन में दुनिया भर से लोग जुड़ते हैं, और यह एक ऐसा अवसर होता है जब धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का अद्वितीय प्रदर्शन होता है।

कुंभ से भी बड़ा गंगासागर मेला, राष्ट्रीय मेले का दर्जा दिया जाना चाहिए: ममता बनर्जी

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि गंगासागर मेला ‘कुंभ मेले से भी बड़ा है’ और इसलिए केंद्र सरकार को इसे राष्ट्रीय मेले का दर्जा देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कुंभ मेले के आयोजन के लिए हजारों करोड़ रुपये मुहैया कराती है लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार को मकर संक्रांति के अवसर पर गंगा नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम पर कपिल मुनि मंदिर में आयोजित होने वाले वार्षिक गंगासागर मेले के लिए सभी प्रावधान करने होते हैं। बनर्जी ने यहां गंगा नदी (हुगली) के तट पर मेले का उद्घाटन करने के बाद कहा, “हम पिछले 10 वर्षों से गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेले का दर्जा दिलाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “यह कुंभ मेले से कम नहीं बल्कि उससे भी बड़ा है।” बनर्जी ने कहा कि देश के सभी कोनों से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए मेला स्थल पर विभिन्न भाषाओं में घोषणाएं की जाएंगी। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले तक सड़क, हवाई और रेल मार्ग से पहुंचना आसान है, लेकिन कोलकाता से लगभग 130 किलोमीटर दूर स्थित सागर द्वीप तक जाना बहुत कठिन है, क्योंकि तीर्थयात्रियों को रास्ते में नदी को नौका द्वारा पार करना पड़ता है।

Jitendra Mahajan Interview: दिल्ली को विश्वस्तरीय राजधानी बनाएंगी डबल इंजन सरकार

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वर्ष 2020 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 70 में से 8 सीटें ही जीत पाई थी। इनमें से एक सीट रोहतास नगर से आप जीते थे। पांच साल का कार्यकाल कैसा रहा? किस तरह के अनुभव रहे?

जबाव- 2020 चुनाव के बाद कोरोना से सामना हुआ।  यमुना पार में सांप्रदायिक दंगे हुए। विधायक बनते ही ऐसी विकट स्थितियों से सामना हुआ। हमने लोगों के लिए इलाज व खाने की व्यवस्था की। पूरा रोहतास नगर पहले दंगों से निपटा और  कोरोना का भी अच्छे से सामना किया। इसके लिए मैं अपने विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का धन्यवाद करता हूं। ढाई-तीन साल का समय जो क्षेत्र में विकास का काम करने के लिए मिला। इस दौरान जो भी काम हो सकते थे, वह हमने किए। एक नए यूजीआर का प्रस्ताव हमने पास किया। अभी कई समस्याएं हैं, जिसके लिए हमने संघर्ष किया, लेकिन उसे दूर नहीं कर पाए।

सवाल- आम आदमी पार्टी  की सरकार का दावा है कि उसने बहुत सारे विकास के कार्य किए। आपके क्षेत्र की बड़ी समस्याएं कौन सी हैं, जिनसे रूबरू हो रहे हैं?

जबाव- पूरी दिल्ली में गंदे पानी की समस्या है। पानी आ नहीं रहा, आता है तो गंदा आता है। 22-22 गज के मकान में रहने वाले लोगों के पास पानी व बिजली के भारी-भारी बिल आ रहे हैं। लोगों में आक्रोश है और वे सवाल कर रहे हैं कि आखिर दिल्ली में पीने के पानी की व्यवस्था कब दुरुस्त होगी। पिछले 11 साल में दिल्ली की आबादी बढ़ी, मगर पीने के पानी की व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया। रोहतास नगर में नत्थू कॉलोनी,, अशोक नगर कॉलोनी में दिक्कतें हैं। अंडरपास का मुद्दा है। सड़कों पर अतिक्रमण का मुद्दा है।

सवाल- जब विधानसभा का सत्र चलता था तो विभिन्न मुद्दों पर भाजपा विधायक विरोध प्रदर्शन करते थे। कई बार मार्शल द्वारा आप सबको बाहर कर दिया जाता था। कैसा संघर्ष रहा पांच साल के दौरान?

जबाव- हम जिन विषयों पर चर्चा करना चाहते थे, उसके लिए अनुमति नहीं मिलती थी। जिन विषयों का दिल्ली के लोगों का कोई सरोकार नहीं होता था, सरकार सदन में उन पर चर्चा कराती थी। सरकार पीने के पानी पर, प्रदूषण पर, शिक्षा पर, अस्पताल की स्थिति को लेकर सदन में चर्चा कराना ही नहीं चाहती थी। दो-दो दिन का सत्र बुलाया जाता था। क्या इन दो दिनों में दिल्ली के मुद्दों पर चर्चा नहीं होनी चाहिए थी।

सवाल- सीएजी की रिपोर्ट को लेकर भाजपा काफी अक्रामक है। जबकि आम आदमी पार्टी का कहना है कि जब तक सीएजी रिपोर्ट टेबल नहीं होती, तब तक इसको लेकर कोई भी बात कैसे की जा सकती है?

जबाव- मैं कहता हूं कि आखिर सरकार सीएजी रिपोर्ट से बच क्यों रही है। सीएजी रिपोर्ट सदन में पेश हो इसको लेकर विपक्ष को माननीय हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। ऐसा ऐसा देश के इतिहास में कभी हुआ है क्या? करदाता के पैसे का क्या उपयोग हो रहा है, सरकार की योजना पर जो पैसा खर्च हो रहा है क्या उसका आडिट नहीं होनी चाहिए। क्या इसकी जानकारी दिल्ली के लोगों को नहीं होनी चाहिए कि आखिर टैक्स के पैसे को दिल्ली के विकास में कितना लगाया गया। उपराज्यपाल ने सरकार को लिखित में दिया कि इस रिपोर्ट को पेश करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए, उसके बावजूद भी सरकार के कानों पर जूं नहीं रेंगी। इसका मतलब है कि दाला में कुछ काला तो है। एक मुख्यमंत्री के रूप में शीशमहल के नाम पर जनता के पैसे का दुरूपयोग किया। साधारण सा कहने वाला व्यक्ति शीशमहल में रहा।  लेकिन, दिल्ली की जनता को पीने का पानी नहीं दिया। दिल्ली में सरकारी ठेके खोले गए और आबकारी नीति में गोलमाल किया गया, पूरा देश उसे देख रहा है। दिल्ली की जनता ने देखा, दिल्ली के मुख्यमंत्री रहते हुए अरविंद केजरीवाल जेल गए।

सवाल- आम आदमी पार्टी का कहना है कि कहीं कोई घोटाला नहीं हुआ है। सिर्फ भाजपा का षड्यंत्र था, जिसके तहत उनके नेताओं को ईडी, सीबीआई द्वारा फंसाया गया। भाजपा चाहती ही नहीं कि आम आदमी पार्टी दिल्ली की जनता के लिए कुछ करे?

जबाव- दिल्ली की आबकारी नीति में घोटाले के आरोप का मामला माननीय हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक गया। कोर्ट ने माना है कि ऐसे सबूत उपलब्ध हैं कि जिनकी जांच करने की जरूरत है। और अगर कोई घोटाला नहीं तो आप के नेता परेशान क्यों होते हैं। कोर्ट में सुनवाई चल रही है, सच सामने आएगा ही। दिल्ली को बर्बाद करने की नीति थी। दिल्ली वालों को नशे में धकेलना चाहते थे। आबकारी की नई नीति बनाई, लेकिन प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना नहीं लागू की। अब संजीवनी योजना लाने का वादा करके नाटक कर रहे हैं। अरे सरकार में 11 साल से हैं, अब तक क्यों नहीं किया। बीते मार्च में ही महिलाओं को 1000 देने का वादा किया था, पर दिया नहीं। अब 2100 का नया वादा कर दिया। वह भी चुनाव के बाद देने का वादा।

सवाल- दिल्ली में अब चुनावी बयार तेज हो गई है, क्या लग रहा है आपको। कैसी स्थिति होने जा रही है?

जबाव- मुझे लगता है कि दिल्ली की जनता अरविंद केजरीवाल का असली चेहरा पहचान चुकी है।  दिल्ली की जनता  मन बनाकर बैठी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो देश का विकास हो रहा है, उसी धारा से हमें भी जुड़ना है।

सवाल- आप का तो यह दावा है कि महिला सम्मान राशि योजना में लाखों महिलाओं ने पंजीकरण कराया। जनता उनके साथ है?

जबाव- महिलाओं का समर्थन उन्हें पहले भी मिला था। लेकिन उन्होंने पिछले 11 सालों में महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया। आज चुनाव आ गया है तो महिला सम्मान राशि की बात हो रही है। महिला सम्मान राशि की घोषणा उन्होंने पिछले बजट में की थी। पंजाब में भी की थी, लेकिन ना वहां दिया और ना ही यहां। बस वादा ही है, देना नहीं है। पंजाब की महिलाएं तो दिल्ली तक आ गईं सम्मान राशि लेने के लिए। लेकिन, उनकी बात तक नहीं सुनी गई।

सवाल- आप का दावा है कि अरविंद केजरीवाल जो कहते हैं वह करते हैं। महिला सम्मान राशि भी देंगे और पुजारियों व ग्रंथियों को मानदेय देने भी दिया जाएगा?

जबाव- अरविंद केजरीवाल जो कहते हैं वे करते हैं यह सरासर झूठ है। केजरीवाल ने जनता से वादा किया था कि यमुना इतनी साफ कर देंगे कि लोग यमुना में डुबकी लगाएंगे। आचमन करेंगे, लेकिन किया नहीं। ट्रांसपोर्ट सिस्टम को वर्ल्ड क्लास बनाने की बात की थी, लेकिन पिछले 8 साल में वे एक भी बस खरीद नहीं पाए। नया स्कूल या कॉलेज भी नहीं बनाया। बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था देने की बात की थी, लेकिन कुछ नहीं किया है। संविदा कर्मचारियों को पक्का करने की बात की थी, वह भी नहीं किया।

सवाल- आप लोगों की क्या योजना है, विशेष कर आपके विधानसभा क्षेत्र रोहतास नगर की बात करें तो क्या कुछ करने की योजना है?

जबाव- रोहतास नगर विधानसभा में महिला सशिक्तकरण का काम किया मैंने किया। आज ढाई सौ महिलाएं अपने दमपर अपने पैरों पर खड़ी  हैं। अपने परिवर का पालन पोषण कर रही हैं। उन ढाई सौ परिवारों को हमें एक हजार परिवार करना है। नत्थू फ्लाईओवर जिसका काम 8 साल से बंद है, उसे चालू कराकर पूरा कराना है। अशोक नगर अंडर पास का निर्माण करवाना है। पेयजल दिक्कत व अतिक्रमण आदि को दूर कराना है।

सवाल- भाजपा की सरकार आती है तो दिल्ली में आम आदमी पार्टी के द्वारा शुरू की गईं योजनाओं को आप बंद कर देंगे, या कोई अन्य प्लान है? 

जबाव- दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा दिल्लीवासियों को अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा गया, जिनमें कुछ योजनाएं लोगों तक पहुंच रहीं है और कई योजनाओं को केजरीवाल की तानाशाही में प्रतिबंधित कर दिया गया है। ऐसी तानाशाही सरकार में जनता त्रस्त है। और हां जो दिल्ली के हित में होगा वो भाजपा सत्ता में आने के बाद पूरजोर तरीके से काम करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कर दिया है कि दिल्ली में जो भी कल्याणकारी योजनाएं चल रही हैं उनको चालू रखा जाएगा। साथ ही उन्हें और बेहतर किया जाएगा। दिल्ली के विकास की गति तेज की जाएगी। दिल्ली देश की राजधानी है उसे विश्व स्तरीय राजधानी बनाने का काम किया जाएगा। यह वादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है तो वह इसे करके भी दिखाएंगे। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी जो वादा किया उसे 100 फीसदी पूरा किया। इसीके तहत दिल्ली में झुग्गी झोपड़ी वालों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए फ्लैट की चाभी सौंपी।

भाजपा प्रत्याशी जितेंद्र महाजन के ‘वक्तव्य’…

कभी हुआ करते थे 30-30 दिन के सत्र, अब 2-2 दिन में निपटा दिए जाते हैं

पुराने लोग बताते हैं कि मदनलाल खुराना के समय में तीस-तीस दिन का सत्र होता था। दिल्ली के मुद्दे पर चर्चा होती थी। दिल्ली कैसे आगे बढ़े, पक्ष व विपक्ष मिलकर इस पर चर्चा करते थे। मगर यहां तो सत्र ही दो दिन का होता था। निर्वाचित विधायकों को प्रश्नकाल की अनुमति नहीं थी। प्रश्नकाल रखा ही नहीं जाता था।

सरकार को लगता था कि प्रश्नकाल रखा गया तो हमें जवाब देना पड़ेगा। सरकार दिल्ली के किसी भी विषय पर जैसे यमुना सफाई, अस्पताल, राशन कार्ड,  बुजुर्गों की पेंशन या फिर आयुष्मान योजना लागू होने का मुद्दा हो, सरकार किसी भी मुद्दे पर सदन में चर्चा कराना ही नहीं चाहती थी। इस कारण जब हम विरोध करते थे तो स्पीकर मार्शल द्वारा हमें बाहर निकलवा देते थे। दिल्ली में न्यूनतम वेज लागू कर रखा है, लेकिन कितने लोगों को न्यूनतम वेज मिल रहा है। लोगों का शोषण हो रहा है। वेतन 16 हजार है, लेकिन लोग दस-दस हजार रुपए वेतन पर ठेकेदारी प्रथा के तहत काम कर रहे हैं। हम उस पर चर्चा करना चाहते थे, पर दिल्ली सरकार ये नहीं करना चाहती। सरकार ऐसे सभी मुद्दों से बचने का काम करती रही।

Canada में नए प्रधानमंत्री की तलाश शुरु, जानें कौन बन सकता है नया पीएम

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कनाडा की सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी ने घोषणा की है कि वह 9 मार्च, 2025 को अपने नए नेता का चयन करेगी, जो देश के अगले प्रधानमंत्री का पद संभालेगा। वर्तमान प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, जिन्होंने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दे दिया, नए नेता का चयन होने तक प्रधानमंत्री बने रहेंगे।

जस्टिन ट्रूडो का इस्तीफा और पार्टी की तैयारी
इस सप्ताह जस्टिन ट्रूडो ने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा देने का फैसला लिया, जिसके बाद से लिबरल पार्टी नए नेता के चयन में जुट गई है। पार्टी के अध्यक्ष सचित मेहरा ने इस संबंध में एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा, “कनाडा की लिबरल पार्टी 9 मार्च को नया नेता चुनेगी और आगामी 2025 के चुनाव में जीत हासिल करने के लिए तैयार रहेगी।”

मुख्य उम्मीदवार कौन हैं?
लिबरल पार्टी के नए नेता बनने की दौड़ में कुछ प्रमुख नाम सामने आए हैं। इनमें बैंक ऑफ कनाडा के पूर्व गवर्नर मार्क कार्नी और कनाडा की पूर्व वित्त मंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड प्रमुख हैं। फ्रीलैंड ने पिछले महीने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और पार्टी में नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं। मार्क कार्नी, जिनकी अर्थशास्त्र और वित्तीय नीति में गहरी समझ है, भी लिबरल पार्टी के नेतृत्व के लिए एक मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे हैं।

कनाडा का भविष्य, नया नेता, नई दिशा
कनाडा की राजनीति में यह बदलाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि नए नेता के चयन के साथ ही देश को एक नई दिशा मिलेगी। नए नेता के चुनाव के बाद पार्टी को 2025 में होने वाले आम चुनाव की तैयारियों में जुटना होगा, जिससे देश की आर्थिक और सामाजिक नीतियों को एक नया दिशा मिल सकती है।

लिबरल पार्टी की अगली प्राथमिकता अब यही होगी कि वह पार्टी के भीतर समन्वय बनाए रखते हुए चुनावों के लिए अपना दृष्टिकोण तैयार करे। इस समय ट्रूडो के इस्तीफे के बाद पार्टी को एक मजबूत और सक्षम नेतृत्व की आवश्यकता है, जो जनता के विश्वास को फिर से जीत सके।

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