Tuesday, September 22, 2026
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NATIONAL : ‘मां, माटी और मानुष की सरकार बना रहे हैं’: रिकॉर्ड वोटिंग के बाद ममता का पहला बयान, कहा- 226 सीटें जीतेंगे

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने के लिए भाजपा के निर्देश पर एग्जिट पोल के पूर्वानुमान प्रसारित किए गए। उन्होंने भरोसा जताया कि सत्तारूढ़ पार्टी राज्य चुनावों में 294 विधानसभा सीटों में से 226 से अधिक सीटें जीतेगी।

पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड मतदान के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि मां, माटी और मानुष की सरकार एक बार फिर बनने जा रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि उनकी पार्टी 226 सीटों का आंकड़ा पार करेगी। साथ ही उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से स्ट्रॉग रूम की दिन-रात रखवाली करने के लिए भी कहा है। बता दें कि सीएम ममता ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो में मुख्यमंत्री ममता ने जनता को संबोधन करते हुए आभार जताया और चुनाव प्रक्रिया के दौरान हुए घटनाक्रम पर गंभीर आरोप लगाए।

सीएम ममता ने कहा, बंगाल के मां, माटी, मानुष को बहुत-बहुत धन्यवाद। आप सभी लोग अच्छे से रहे हैं और स्वस्थ रहें। आप सबके प्रति मैं कृतज्ञ हूं क्योंकि इतनी धूप में और इतने अत्याचार झेलकर आप लोगों ने जिस हिसाब से वोट दिया है, उसके लिए मैं आपका आभार व्यक्त करती हूं। मैं अपने कर्मियों का भी आभार जनाती हूं जिन्होंने तमाम अत्याचार को बर्दास्त करके, ना सिर्फ सेंट्रल फोर्स बल्कि यहां के फोर्स का भी अत्याचार सहन करके अपने काम किया।

सीएम ममता ने आगे कहा, मैं जब तक प्रेस कॉन्फ्रेंस न कर लूं, काउटिंग एरिया को छोड़कर कोई न जाए। यह भी ध्यान रखना है कि ईवीएम की काउंटिंग के बाद उसका डाटा कम्प्यूटर में सही लिखा जा रहा है कि नहीं। ऐसा भी हो सकता है कि टीएमसी के नंबर भाजपा में जोड़ दिए जाएं।

उन्होंने कहा, भारत सरकरार की पूरी मशीनरी, प्रधानमंत्री-गृह मंत्री से लेकर 19 भाजपा शासित राज्यों के नेताओं ने बंगाल के लोगों को कब्जाने की कोशिश की। मैं यह बताती हूं कि मतदाता पेटी में वोट जब्त हो गए हैं। मैं बहुत निश्चित होकर बोल रही हूं कि जो टीवी पर दिखा रहा है वो सब पैसों का खेल है। मैं स्पष्ट रूप से बोल रही हूं कि 2026 में हम 226 सीटों का आंकड़ा पार करेंगे। लोगों ने जिस तरह वोट दिया है उसके ऊपर मुझे पूरा भरोसा है। भाजपा ने प्रेस के जरिये ये (एग्जिट पोल) कराया है। ये लोग ईडी, सीबीआई के जरिये चमकाते हैं। ममता ने कहा कि अमित शाह के सीधे निर्देश पर पश्चिम बंगाल चुनावों के दौरान केंद्रीय बल भाजपा के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, भारत सरकरार की पूरी मशीनरी, प्रधानमंत्री-गृह मंत्री से लेकर 19 बीजेपी शासित राज्यों के नेताओं ने बंगाल के लोगों को कब्जाने की कोशिश की। मैं यह बताती हूं कि मतदाता पेटी में वोट जब्त हो गए हैं। मैं बहुत निश्चित होकर बोल रही हूं कि जो टीवी पर दिखा रहा है वो सब पैसों का खेल है। मैं स्पष्ट रूप से बोल रही हूं कि 2026 में हम 226 सीटों का आंकड़ा पार करेंगे। लोगों ने जिस तरह वोट दिया है उसके ऊपर मुझे पूरा भरोसा है। भाजपा ने प्रेस के जरिये ये (एग्जिट पोल) कराया है। ये लोग ईडी, सीबीआई के जरिये चमकाते हैं।

सीएम ममता ने कहा, मैं दो दिन से सो नहीं पाई हूं। भाजपा तमात हथकंडे अपनाने के बाद भी लोगों से उनका अधिकार नहीं छीन पाई। यही कारण है कि उन्होंने इसके जरिये (एग्जिट पोल) अंतिम खेल खेला है जिससे हमारे कर्मियों का मनोबल टूट जाए। अगर सच्चाई सामने आई तो शेयर मार्केट धड़ाम हो जाएगा। शेयर मार्केट को सांत्वना देने के लिए ये किया है। यह मेरे को विश्वस्त सूत्रों से पता चला है। पिछले एग्जिट पोल का हवाला देते हुए सीएम ममता ने कहा कि पहले भी 2016 और 2021 में एग्जिट पोल गलत साबित हुए हैं। उन्होंने एग्जिट पोल में बीजेपी के पक्ष में दिखाया है। यह एकतरफा दिखाया है। मैं अपने कर्मियों को बोलूंगी कि आज से ही काउंटिंग के लिए पहरा देना शुरू करें। जरूरत पड़ेगी तो मैं भी अपने इलाके में पहरा दूंगी।

ममता ने कहा, एक बात और कहूंगी, सभी लोग शांत रहें और संगठित होकर रहें। दीदी के प्रति और बंगाल के लोगों के प्रति भरोसा रखें। हम अपनी मां, माटी, मानुष की सरकार बनाने जा रहे हैं। हमने आगे भी सरकार बनाई थी और आगे भी हम ही सरकार बनाएंगे।

उन्होंने कहा, मैं प्रशासन से कहना चाहूंगी कि आप लोगों ने भाजपा के इशारे पर बहुत काम कर लिया। अब काउंटिंग के दिन किसी पर भी हाथ मत डालना। आप लोगों ने बहुत पीटा है, अब नहीं। बंगाल आप लोगों का नहीं है। बंगाल यहां के मां-माटी, मानुष के लोगों का है। बंगाल के लोग बाहरी लोगों का समर्थन नहीं करते। बूथ में बीजेपी के तो लोग थे नहीं तो उन्होंने सेंट्रल फोर्स के लोगों को इस काम में लगाया। उन्होंने बीजेपी के एजेंट की तरह काम किया। अमित शाह का सीधा हस्तक्षेप इसमें रहा। जब वोटिंग चल रही थी तो प्रधानमंत्री ने क्यों संबोधन किया। क्या वो बंगाल और यहां की मिट्टी को जानते हैं? कवि नजरुल, नेताजी, राजा राम मोहन, विद्यासागर को जानते हैं? वो किसी को नहीं जानते। सिर्फ विरोध में प्रचार करो। जिन लोगों ने बीजेपी से पैसे लिए, उन्होंने बहुत गलत किया, लेकिन याद रखें कि हम आपके साथ कुछ गलत नहीं करेंगे।

HEALTH : निमोनिया एक गंभीर बीमारी है, मौत का खतरा, क्या एक फेफड़े के साथ ज़िंदगी मुमकिन है? जानें एक्सपर्ट्स की राय

भारत में अस्थमा और फेफड़ों के इन्फेक्शन के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। जानें कि बदलते मौसम का फेफड़ों पर क्या असर पड़ता है और क्या गंभीर हालत में एक फेफड़े के साथ जीना मुमकिन है।

भारत में अस्थमा के मरीज़ों में बढ़ोतरी हुई है। बदलता मौसम हर किसी पर असर डाल रहा है। अस्थमा की समस्या बढ़ने पर फेफड़ों पर असर डालती है। अगर फेफड़ों में इन्फेक्शन का शुरू में ही इलाज न किया जाए, तो समस्या बढ़ जाती है। कुछ मामलों में तो यह जानलेवा भी हो जाता है। कई मामलों में यह बीमारी इतनी गंभीर हो जाती है कि फेफड़े निकालने पड़ सकते हैं। लेकिन क्या कोई इंसान सिर्फ़ एक फेफड़े के साथ जी सकता है। ऐसे में अगर गंभीर निमोनिया हो जाए तो कैसे बचा जा सकता है।

हमारे देश में निमोनिया के बारे में जागरूकता की कमी चिंता का विषय है। अगर इस फेफड़ों के इन्फेक्शन को समय पर पहचाना न जाए, तो यह बहुत खतरनाक हो सकता है। गंभीर मामलों में, मरीज़ का फेफड़ा सर्जरी से निकालने की भी ज़रूरत पड़ सकती है, जिसके बाद यह सवाल स्वाभाविक रूप से उठता है कि ‘क्या कोई इंसान एक फेफड़े के साथ जी सकता है?’ हेल्थ एक्सपर्ट से जानें कि निमोनिया का इलाज कैसे करें ताकि यह फेफड़ों पर असर न करे।

निमोनिया फेफड़ों का एक गंभीर इन्फेक्शन है जो बैक्टीरिया, वायरस या फंगस से फैलता है। इस बीमारी में फेफड़ों की एयर सैक में बलगम भर जाता है, जिससे सांस लेने में बहुत दिक्कत होती है। इसके मुख्य लक्षण तेज बुखार, सीने में तेज दर्द, कमजोरी और सांस लेने में तकलीफ हैं। बच्चों, बुजुर्गों, स्मोकिंग करने वालों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को इसमें खास तौर पर सावधान रहना चाहिए।

निमोनिया की पुष्टि आमतौर पर एक्स-रे और ब्लड टेस्ट से होती है। डॉक्टर इन्फेक्शन के टाइप के आधार पर एंटीबायोटिक्स या एंटीवायरल दवाएं देते हैं। हालांकि, जब निमोनिया, कैंसर या ट्यूबरकुलोसिस जैसी बीमारियां फेफड़ों को उनकी लिमिट से ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं, तो न्यूमोनेक्टॉमी सर्जरी के जरिए पूरा फेफड़ा निकालना पड़ता है।

मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, एक फेफड़े के साथ रहा जा सकता है। शरीर को एडजस्ट करने की जरूरत होती है। जब एक फेफड़ा निकाल दिया जाता है, तो दूसरा फेफड़ा अपनी एफिशिएंसी बढ़ा लेता है और शरीर की जरूरतों को पूरा करने लगता है। ऐसे मरीज अपने रूटीन काम तो कर सकते हैं, लेकिन उन्हें बहुत ज्यादा फिजिकल लेबर या हैवी एक्सरसाइज करने में थोड़ी दिक्कत हो सकती है। सही मेडिकल देखरेख और सावधानी से एक फेफड़े वाला व्यक्ति भी अच्छी ज़िंदगी जी सकता है। इसके लिए उन्हें रेगुलर डॉक्टर के पास जाना चाहिए और सही लाइफस्टाइल अपनानी चाहिए।

(डिस्क्लेमर: यह जानकारी पढ़ने वालों को ज़्यादा जानकारी देने के लिए है और इस बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए आप एक्सपर्ट्स से संपर्क कर सकते हैं।)

ENTERTAINMENT : ट्रोलिंग के बाद बॉलीवुड राहुल रॉय के समर्थन में आया: फराह खान, सोनू सूद, अनुपम खेर जैसे सितारों ने हिम्मत बढ़ाई……..

बॉलीवुड अब ‘आशिकी’ फिल्म से मशहूर हुए राहुल रॉय का उनके मुश्किल समय में साथ देता नज़र आ रहा है। सोशल मीडिया पर उनकी कुछ रील्स का मज़ाक उड़ाए जाने के बाद, जब राहुल ने अपनी आर्थिक तंगी और काम न मिलने के दुख को साझा किया, तो अब इंडस्ट्री के कई बड़े कलाकारों ने खुलकर उनका समर्थन किया है। फराह खान से लेकर सोनू सूद तक, कई मशहूर हस्तियों ने राहुल के प्रति अपना सम्मान और समर्थन व्यक्त किया है।


राहुल रॉय ने सोशल मीडिया पर अपना दुख व्यक्त किया।
फराह खान और सोनू सूद ने हिम्मत बढ़ाई: राहुल रॉय की भावुक पोस्ट के बाद, फिल्म निर्माता फराह खान ने सबसे पहले टिप्पणी की और कहा, ‘शुभकामनाएं।’ वहीं, सोनू सूद ने राहुल को भाई कहकर संबोधित किया और लिखा – ‘छाए रहो भाई।’ अभिनेता अनुपम खेर ने भी राहुल का हौसला बढ़ाया और उन्हें ‘सर्वश्रेष्ठ’ कहा।


फराह खान और सोनू सूद ने उनका हौसला बढ़ाया।
‘उनका मज़ाक उड़ाने के बजाय, उन्हें काम दिलाने में मदद करें’: यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल रॉय को कंटेंट क्रिएटर डॉ. वनिता घाडगे के साथ कुछ इंस्टाग्राम वीडियो में देखा गया। कुछ लोगों ने इस वीडियो को ‘अजीब’ बताकर राहुल को ट्रोल करना शुरू कर दिया। इस पर राहुल ने जवाब दिया, ‘मैं इस समय आर्थिक तंगी और कुछ कानूनी मामलों से जूझ रहा हूं। मेरी सादगी का मज़ाक उड़ाने के बजाय, बेहतर होगा कि लोग मुझे काम दिलाने में मदद करें।’


राहुल रॉय का वीडियो वायरल हुआ और उन्हें ट्रोल किया गया।
इन सितारों ने भी राहुल का समर्थन किया: उनका समर्थन करने वालों की सूची में बॉलीवुड के कई अभिनेता शामिल हैं। मनीष पॉल ने उन्हें ‘सम्मान और शक्ति’ भेजी। वहीं, शिल्पा शिरोडकर ने कहा, ‘हमें वही करना चाहिए जो हमारे लिए ज़रूरी है, लोगों को जो कहना है कहने दो।’ इसके अलावा, निकितिन धीर, टीना दत्ता, करणवीर बोहरा और महिका शर्मा जैसे कलाकारों ने भी राहुल के लिए प्रार्थना की और उनके प्रति अपना प्यार व्यक्त किया।

अनुपम खेर, मनीष पॉल ने टिप्पणी की।
अनुपम खेर, मनीष पॉल ने टिप्पणी की। 2020 में ब्रेन स्ट्रोक के बाद भी राहुल रॉय का फिल्मी सफर उतार-चढ़ावों से भरा रहा है। 1990 में ‘आशिकी’ की ज़बरदस्त सफलता के बाद, उनका करियर धीरे-धीरे धीमा पड़ गया। 2007 में, उन्होंने ‘बिग बॉस’ का पहला सीज़न जीता, जिसने उन्हें फिर से सुर्खियों में ला दिया।

हालांकि, 2020 में, कारगिल में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आ गया। लंबे समय तक रिकवरी के बाद अब राहुल ठीक हैं, लेकिन वह अभी भी बॉलीवुड में अपनी जगह दोबारा बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

RECIPE : नींबू पानी बनाने में इस आम गलती से बचें, जानें सही तरीका

क्या आप नींबू पानी बनाते समय गर्म पानी का इस्तेमाल करते हैं? जानें नींबू पानी बनाने का सही तरीका और वह आम गलती जो आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है।

नींबू पानी
गर्मी के मौसम में नींबू पानी पीना बहुत फायदेमंद होता है। नींबू पानी हीटस्ट्रोक और लू से बहुत राहत देता है। गर्मी में मेहमानों के आने पर नींबू पानी को सबसे अच्छा वेलकम ड्रिंक कहा जा सकता है। नींबू पानी न सिर्फ शरीर को डिटॉक्स करने बल्कि उसे हाइड्रेट करने के लिए भी काम आता है। यह पानी सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है। लेकिन यह ज़रूरी है कि आपका नींबू पानी सही हो। इस आम से लगने वाले ड्रिंक को बनाने में की गई गलतियों की वजह से हम इसके फायदों से वंचित रह जाते हैं। एक्सपर्ट्स से जानें सही नींबू पानी बनाने का सही तरीका।

नींबू पानी बनाने का सही तरीका

नींबू ड्रिंक बनाने के लिए सबसे पहले एक जग में नॉर्मल टेम्परेचर या बर्तन से ठंडा पानी लें। इस पानी में चीनी/शहद और नमक घोलें। नींबू निचोड़ने से पहले पानी में चीनी, काला नमक और भुना जीरा पाउडर घोलकर अच्छी तरह मिला लें। अगर आप हेल्थ कॉन्शियस हैं, तो चीनी की जगह शहद या गुड़ पाउडर इस्तेमाल कर सकते हैं। जब सब कुछ घुल जाए, तो आखिर में ताज़ा नींबू काटकर निचोड़ लें। नींबू का छिलका हटाना न भूलें। अगर छिलका चाशनी में रह गया, तो इस ड्रिंक का स्वाद कड़वा होगा। इसलिए इसे तुरंत छान लें। फ्रेशनेस बढ़ाने के लिए, आप हाथ से मसली हुई पुदीने की पत्तियां भी मिला सकते हैं।

नींबू पानी के ज़बरदस्त फायदे जानें

नींबू पानी गर्मियों के लिए कुदरत का तोहफ़ा है, जो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस बनाए रखकर तुरंत फ्रेशनेस और एनर्जी देता है। विटामिन C से भरपूर होने के कारण, यह इम्यूनिटी बढ़ाता है और स्किन को अंदर से साफ़ करके उसे नेचुरल ग्लो देता है। इसके अलावा, सुबह गुनगुने पानी के साथ नींबू पीने से डाइजेशन बेहतर होता है, शरीर से टॉक्सिन बाहर निकलते हैं (डिटॉक्स) और वज़न घटाने में भी यह बहुत मददगार साबित होता है।

(डिस्क्लेमर: यह जानकारी पढ़ने वालों को ज़्यादा जानकारी देने के लिए है और इस बारे में ज़्यादा जानकारी पाने के लिए आप एक्सपर्ट्स से संपर्क कर सकते हैं।)

RASHIFAL : आज का राशिफल

मेष :  आज का दिन आनंददायक सफलता प्रदान करने वाला रहेगा। प्रभावशाली लोगों से बातचीत बहुत ही सकारात्मक रहेगी। किसी लक्ष्य को हासिल करने में भाइयों का भी बखूबी सहयोग मिलेगा। 

वृषभ :वृषभ राशि वालों के लिए समय के अनुसार अपने व्यवहार में बदलाव लाना जरूरी है। बच्चों के साथ व्यवहार करते समय उन्हीं के नजरिए से देखना उचित रहेगा। पति पत्नी के बीच संबंधों में मधुरता रहेगी। प्रेम संबंधों में भी नजदीकियां बनी रहेंगी।

मिथुन: मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। जीवन से जुड़े कुछ बदलाव होंगे।सहकर्मियों के साथ तालमेल मजबूत रहेगा और किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में आपकी भूमिका रहेगी। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं जो भविष्य की सफलता का आधार बनेंगी।

कर्क : कर्क राशि के जातकों को आज के दिन व्यवसाय में फायदा मिलने के अवसर प्राप्त होंगे। पैसों से संबंधित मामलों में भी प्रगति होगी।लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों को मुद्रा सुधारने की आवश्यकता है।

सिंह : सिंह राशि के लोगों के लिए आज का दिन मिश्रित रहेगा। जीवनसाथी के साथ किसी भी प्रकार का मतभेद हो सकता है।पिछली कुछ गलतियों से सीख कर आप अपनी कार्यप्रणाली में कुछ परिवर्तन लाएंगे, जो कि बेहतरीन रहेंगे। युवाओं को करियर संबंधी किसी परीक्षा मे बेहतरीन परिणाम मिलेंगे। घर के सदस्यों में आपसी तालमेल प्रेम पूर्ण बना रहेगा।

कन्या : कन्या राशि के लोगों के लिए आज का दिन बहुत अच्छा काम लेकर आएगा। जीवनसाथी की ओर से सहयोग मिलेगा। घर के सदस्यों में आपसी तालमेल प्रेम पूर्ण बना रहेगा। किसी मित्र के मिलने से खुशनुमा यादें भी ताजा होगी।

तुला : तुला राशि के लोगों के लिए आज का दिन खुशियों से भरा रहेगा। आपको आपके फंसे हुए पैसे वापस मिल सकते हैं।नौकरी में आपके बेहतरीन कार्य की सराहना होगी और पदोन्नति संबंधी खुशखबरी मिल सकती है।

वृश्चिक: वृश्चिक राशि के लोगों के लिए आज का दिन परेशानियों से भरा रहेगा। सहकर्मियों के साथ विवाद हो सकता है।काम में नेतृत्व, योजना और तेज निर्णय की अपेक्षा रहेगी। सरकारी विभाग या कॉर्पोरेट सेक्टर में इंटरव्यू संबंधी संदेश मिल सकता है।

धनु : धनु राशि के लोगों के लिए दिन परेशानियों से भरा रहेगा। आप अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए अधिक मेहनत करेंगे।जीवनसाथी आपकी किसी सख्त बात को गलत समझ सकते हैं, इसलिए संवाद को शांत रखें। सिंगल लोगों को किसी जिम्मेदार एवं प्रभावी व्यक्तित्व से सहज आकर्षण महसूस हो सकता है।

मकर: आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। जीवनसाथी के साथ घूमने जा सकते हैं और आज आपका अपने जीवनसाथी के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा।

कुंभ : आज के दिन आप किसी भी प्रकार की यात्रा या प्रवास पर जा सकते हैं। दांपत्य जीवन अच्छा रहेगा।काम में सफलता मिलेगी।

मीन : मीन राशि के लोगों के लिए आज का दिन आनंद लेकर आएगा। किसी सामाजिक कार्यक्रम में पार्टनर के साथ सामंजस्य बढ़ सकता है।

NATIONAL : भारत से दक्षिण-पूर्व एशिया तक मौसम पैटर्न बदलने की आशंका; गर्मी, सूखा व अतिवृष्टि का खतरा

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प्रशांत महासागर में तापमान बढ़ने से मेगा अल नीनो की आशंका बढ़ी है। इसका असर भारत के मानसून, एशिया की बारिश, ऑस्ट्रेलिया के सूखे और वैश्विक तापमान पर पड़ सकता है। इससे कमजोर मानसून, लंबी लू और कृषि संकट जैसी चुनौतियां बढ़ने की संभावना जताई गई है।

प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में समुद्र की सतह के तापमान में असामान्य वृद्धि के संकेतों ने दुनिया भर के मौसम वैज्ञानिकों का ध्यान फिर से मेगा अल नीनो की ओर खींचा है। विश्व मौसम संगठन (डब्ल्यूएमओ), अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन (एनओएए) और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार यदि अल नीनो की स्थिति और अधिक मजबूत होती है तो इसका असर भारत के मानसून, दक्षिण-पूर्व एशिया की वर्षा, ऑस्ट्रेलिया के सूखे, अफ्रीका की खाद्य सुरक्षा और अमेरिका-यूरोप के तापमान पैटर्न तक महसूस किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य अल नीनो और ‘मेगा अल नीनो’ यानी अत्यंत शक्तिशाली अल नीनो में अंतर उसकी तीव्रता और वैश्विक प्रभाव के स्तर का होता है, और इतिहास बताता है कि ऐसे वर्षों में मौसमीय असंतुलन व्यापक आर्थिक और मानवीय संकट में बदल सकता है।

भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल दक्षिण-पश्चिम मानसून का है, क्योंकि देश की कृषि, जल भंडारण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था काफी हद तक मानसूनी वर्षा पर निर्भर है। आईएमडी और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के वैज्ञानिकों के अनुसार मजबूत अल नीनो अक्सर मानसून को कमजोर कर सकता है, हालांकि हर बार इसका सीधा और समान असर नहीं होता।

कमजोर मानसून की स्थिति में धान, दाल, गन्ना और तिलहन जैसी फसलों पर दबाव बढ़ सकता है। जलाशयों का स्तर गिर सकता है और बिजली उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है। साथ ही, उत्तर और मध्य भारत में लू की अवधि लंबी हो सकती है और शहरी क्षेत्रों में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक जा सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार भारत में इस समय अप्रैल के अंत से ही कई राज्यों में तापमान 44 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है और लू की अवधि सामान्य से लंबी देखी जा रही है। हर हीटवेव का सीधा कारण केवल अल नीनो नहीं होता, लेकिन मजबूत अल नीनो की पृष्ठभूमि में सतही तापमान और अधिक बढ़ सकता है। आईएमडी के अनुसार उत्तर-पश्चिम, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत में लंबे और अधिक तीव्र गर्मी के दौर की संभावना ऐसे वर्षों में बढ़ जाती है।

दक्षिण-पूर्व एशिया में वर्षा संकट की आशंका: इंडोनेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड, वियतनाम और मलेशिया जैसे देशों में अल नीनो आमतौर पर वर्षा में कमी और लंबे शुष्क दौर का कारण बनता है।

SPORTS : हैदराबाद का ऐतिहासिक चेज, 200+ रनचेज का नया कीर्तिमान, नमन की गलतियां पड़ी भारी

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दिलचस्प ट्रेंड यह है कि 2025 के बाद 200+ रन के 19 सफल चेज में से सिर्फ 5 मुकाबले ही आखिरी ओवर तक पहुंचे हैं। इनमें से भी कोई मैच 19.3 ओवर से आगे नहीं गया। इससे साफ है कि टीमें अब बड़े स्कोर को भी तेजी से और आत्मविश्वास के साथ हासिल कर रही हैं।

स्पोर्ट्स डेस्क। आईपीएल 2026 में अब 200+ रन चेज करना भी टीमों के लिए आम बात हो गई है। सनराइजर्स हैदराबाद ने बुधवार को मुंबई इंडियंस के खिलाफ एक यादगार मुकाबले में 6 विकेट से जीत दर्ज की। टीम ने 244 रनों का विशाल लक्ष्य सिर्फ 18.4 ओवर में हासिल कर लिया, जो IPL के इतिहास का चौथा सबसे बड़ा रन चेज बन गया। इस जीत ने न सिर्फ फैंस को रोमांचित किया, बल्कि टी20 क्रिकेट में बदलती बल्लेबाजी शैली को भी उजागर किया।

IPL 2026 का सीजन रिकॉर्ड्स से भरा रहा है। इस मुकाबले के साथ ही इस सीजन में 10वीं बार 200 या उससे ज्यादा रन का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया गया। यह किसी एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा 200+ रनचेज का नया रिकॉर्ड है। इससे पहले 2025 में 9 बार ऐसा हुआ था। यह आंकड़े साफ बताते हैं कि अब टीमें बड़े स्कोर से डर नहीं रही हैं, बल्कि आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर आसानी से लक्ष्य हासिल कर रही हैं।

मुंबई के लिए रियान रिकेल्टन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंदों में शतक जड़ा। यह मुंबई इंडियंस के लिए सबसे तेज शतक है। इस मामले में उन्होंने सनथ जयसर्या और तिलक वर्मा के 45-45 गेंदों में बनाए गए शतक के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। जयसूर्या ने 2008 में यह कारनामा किया था, जबकि तिलक ने इसी सीजन में यह उपलब्धि हासिल की थी। हालांकि, रिकेल्टन की यह पारी टीम को जीत नहीं दिला सकी।

इस सीजन में मुंबई इंडियंस सही संयोजन की तलाश में लगातार बदलाव कर रही है। टीम अब तक 22 खिलाड़ियों को मौका दे चुकी है, जो इस सीजन में किसी भी टीम द्वारा सबसे ज्यादा है। इस सूची में CSK और दिल्ली कैपिटल्स 19-19 खिलाड़ियों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। हालांकि मुंबई कई मुकाबलों में बेहतर रन बनाने के बाद भी खराब फील्डिंग से मैच गंवाती नजर आई।

दिलचस्प ट्रेंड यह है कि 2025 के बाद 200+ रन के 19 सफल चेज में से सिर्फ 5 मुकाबले ही आखिरी ओवर तक पहुंचे हैं। इनमें से भी कोई मैच 19.3 ओवर से आगे नहीं गया। इससे साफ है कि टीमें अब बड़े स्कोर को भी तेजी से और आत्मविश्वास के साथ हासिल कर रही हैं।

वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में कुल 32 छक्के लगे, जो यहां किसी भी पुरुष टी20 मैच में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे ज्यादा छक्के (34) ICC T20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल जिनमें भारत बनाम इंग्लैंड के बीच में लगे थे। यह दर्शाता है कि बल्लेबाज किस तरह गेंदबाजों पर हावी हो चुके हैं।

BUSINESS : बजाज फाइनेंस के शेयर ने देखी तेजी, मुनाफा 22% बढ़ने से खरीद बढ़ी; Citi ने बढ़ाई रेटिंग

कंपनी ने एक दिन पहले अपने तिमाही और सालाना नतीजे जारी किए थे, जो कि अच्छे रहे। मार्च 2026 तिमाही के दौरान ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 18 प्रतिशत बढ़कर 21605.79 करोड़ रुपये हो गया। AUM 22 प्रतिशत बढ़कर 5.09 लाख करोड़ रुपये के रहे

नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) बजाज फाइनेंस के शेयर 30 अप्रैल को शुरुआती कारोबार में लगभग 5 प्रतिशत तक चढ़ गए। BSE पर कीमत 975.50 रुपये के हाई तक गई। बाद में शेयर लगभग 1 प्रतिशत बढ़त के साथ 936.60 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 5.83 लाख करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी ने एक दिन पहले अपने तिमाही और सालाना नतीजे जारी किए थे, जो कि अच्छे रहे। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के दौरान कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 22 प्रतिशत बढ़कर 5464.57 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 4479.57 करोड़ रुपये था।

ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 18 प्रतिशत बढ़कर 21605.79 करोड़ रुपये हो गया, जो मार्च 2025 तिमाही में 18294.45 करोड़ रुपये था। शुद्ध ब्याज आय 20 प्रतिशत बढ़कर 11,781 करोड़ रुपये हो गई, जो मार्च 2025 तिमाही में 9,808 करोड़ रुपये थी। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 19,017.39 करोड़ रुपये और ऑपरेशंस से रेवेन्यू 81,982.38 करोड़ रुपये रहा।

बजाज फाइनेंस के शेयर को कवर करने वाले 38 एनालिस्ट्स में से 27 ने ‘बाय’ रेटिंग दी है, 5 ने ‘होल्ड’ और 6 ने ‘सेल’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म सिटी ने अपनी रेटिंग “न्यूट्रल” से बढ़ाकर “बाय” कर दी है। प्राइस टारगेट भी पहले के ₹1,090 से बढ़ाकर ₹1,120 प्रति शेयर कर दिया है। CLSA ने शेयर के लिए “आउटपरफॉर्म” रेटिंग दी है और प्राइस टारगेट ₹1,200 रखा है। फर्म का कहना है कि अर्निंग्स कॉल के दौरान मैनेजमेंट का रवैया सकारात्मक लगा। उन्होंने नए वित्त वर्ष के लिए अपने क्रेडिट कॉस्ट के अनुमान (1.45% से 1.6%) को फिर से दोहराया।

जेफरीज ने बजाज फाइनेंस के शेयर के लिए “बाय” रेटिंग दी है और प्राइस टारगेट ₹1,210 प्रति शेयर रखा है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि अगले 3 वर्षों में कंपनी का मुनाफा 20% की ‘कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट’ (CAGR) से बढ़ेगा। जेपी मॉर्गन ने “ओवरवेट” रेटिंग बरकरार रखी है और प्राइस टारगेट ₹1,080 रखा है। फर्म का कहना है कि Bajaj Finance द्वारा बढ़त दर्ज करना और एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर बताए गए सकारात्मक रुझान उन्हें काफी प्रभावशाली लगे। लेकिन किसी भी तरह के संघर्ष या विवाद के देर से पड़ने वाले असर को पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकता।

बजाज फाइनेंस के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए शेयरहोल्डर्स को 6 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने का फैसला किया है। इस पर 30 जुलाई 2026 को होने वाली सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर डिविडेंड का पेमेंट 3 अगस्त को या उसके आसपास कर दिया जाएगा। पात्र शेयरहोल्डर्स तय करने के लिए रिकॉर्ड डेट 30 जून है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) मार्च 2026 तिमाही में 22 प्रतिशत बढ़कर 5.09 लाख करोड़ रुपये के रहे। एक साल पहले ये 4.16 लाख करोड़ रुपये के थे। ग्रॉस NPA बढ़कर 1.01 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले 0.96 प्रतिशत था। नेट NPA घटकर 0.41 प्रतिशत रह गया, जो मार्च 2025 तिमाही में 0.44 प्रतिशत था।

WORLD : नेपाल में नए कस्टम नियम से सैकड़ों कंटेनर सीमा पर अटके

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काठमांडू, 30 अप्रैल (हि.स.)। नेपाल सरकार के 30 अप्रैल से विदेश से आयात होने वाले सामान पर भी अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) लेबल अनिवार्य किए जाने के बाद अधिकांश आयातित वस्तुओं का कस्टम क्लियरेंस ठप हो गया है। इससे सैकड़ों कंटेनर सीमा पार अटक गए हैं।

पहली अप्रैल को नेपाल के वाणिज्य विभाग ने सूचना जारी कर देश में उत्पादित और आयातित तैयार वस्तुओं पर 30 अप्रैल से एमआरपी लेबल अनिवार्य करने की जानकारी दी थी। इस समय सीमा के अनुसार, मध्य रात 12 बजे सेी एमआरपी उल्लेख न होने वाले किसी भी सामान का कस्टम क्लियरेंस नहीं हो रहा है। कई कस्टम कार्यालयों ने इसकी पुष्टि की है।

उपभोक्ता संरक्षण की धारा 6(3) के अनुसार, नेपाल में उत्पादित वस्तुओं के लिए निर्माता और विदेश से आयातित वस्तुओं के लिए आयातकर्ता को नेपाली या अंग्रेजी भाषा में एमआरपी अनिवार्य रूप से अंकित करना होता है। कानून के मुताबिक, ऐसे उत्पाद जिन पर उपभोक्ता आसानी से समझ सकने वाला मूल्य अंकित न हो, उन्हें बाजार में बेचा नहीं जा सकता। मूल्य निर्धारण करते समय सभी करों को शामिल कर एमआरपी तय करना आवश्यक है।

लेबल पर मूल्य के अलावा अन्य महत्वपूर्ण विवरण भी देना अनिवार्य है, जैसे—वस्तु का वजन या मात्रा, उत्पादन तिथि, बैच नंबर, उपभोग की अंतिम तिथि और संभावित साइड इफेक्ट की जानकारी विशेष रूप से हार्डवेयर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या मशीनरी के मामले में गारंटी/वारंटी अवधि और संभावित जोखिम (जैसे टूट-फूट या ज्वलनशीलता) की जानकारी देना जरूरी है। स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वस्तुओं पर चेतावनी संदेश या चित्र भी अनिवार्य है।

इन कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करने पर 3 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि, सख्त कानून के बावजूद इसके व्यावहारिक कार्यान्वयन में चुनौतियाँ सामने आ रही हैं। सरकार ने कस्टम प्रणाली को सरल बनाने और वाणिज्य तथा उपभोक्ता संरक्षण कार्यों को अलग कर प्रभावी निगरानी के माध्यम से एमआरपी लागू करने की बात कही थी। वाणिज्य विभाग के अनुसार, खाद्य सामग्री में उत्पादन और उपभोग तिथि तथा तैयार वस्तुओं में ब्रांड और एमआरपी अनिवार्य है।

सरकार के निर्देशानुसार वीरगंज, भैरहवा, विराटनगर, रसुवा, नेपालगंज और कांकड़भिट्टा जैसे प्रमुख कस्टम नाकों पर एमआरपी और निर्धारित मानकों को पूरा न करने वाले सामान का क्लियरेंस पूरी तरह रोक दिया गया है। स्थिति यह है कि कस्टम क्लियरेंस ठप होने से 1000 से अधिक मालवाहक वाहन सीमा पर फंसे हुए हैं। इनमें से केवल वीरगंज में ही लगभग 600 कंटेनर रुके हुए हैं, जबकि अन्य स्थानों पर 20 से 100 तक कंटेनर अटके हैं।

हालांकि आवश्यक और औद्योगिक सामग्री का कस्टम क्लियरेंस जारी है। फल, हरी सब्जियां, लहसुन जैसे जल्दी खराब होने वाले सामान, कच्चा पाम ऑयल, औद्योगिक कच्चा माल, जलविद्युत परियोजनाओं की सामग्री और मशीनरी का क्लियरेंस नियमित रूप से हो रहा है।

वीरगंज कस्टम के अधिकारी उदय सिंह विष्ट के अनुसार, ऊपर से निर्देश मिलने के कारण मानक पूरा न करने वाले सामान का क्लियरेंस संभव नहीं है। वहीं आयातकर्ता इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि कस्टम पहुंच चुके सामान पर अब एमआरपी लेबल कैसे लगाया जाए। भैरहवा कस्टम प्रमुख हरिहर पौडेल ने बताया कि केवल मानक पूरा करने वाले सामान का ही क्लियरेंस हो रहा है।

रसुवागढ़ी नाके पर चीन से आए कपड़े और जूते के करीब 20 कंटेनर रुके हुए हैं। सूचना अधिकारी ठाकुर गौतम के अनुसार, एमआरपी न होने के कारण व्यापारी जुर्माने के डर से कस्टम घोषणा पत्र भरने से भी बच रहे हैं। विराटनगर कस्टम प्रमुख उमेश श्रेष्ठ ने कहा कि सरकार की नीति का सख्ती से पालन किया जा रहा है और बिना एमआरपी वाले सामान का क्लियरेंस संभव नहीं है।

सरकार का कहना है कि यह नीति उपभोक्ताओं को ठगी से बचाने और बाजार मूल्य नियंत्रण के लिए लाई गई है, लेकिन व्यवसायी पूर्व तैयारी और स्पष्ट कार्यविधि की कमी का हवाला देते हुए इसका विरोध कर रहे हैं। व्यवसायियों ने कई बार उद्योग मंत्री और वाणिज्य विभाग के महानिदेशक से मुलाकात कर अपनी आपत्तियाँ दर्ज कराई हैं, लेकिन सरकार हर हाल में एमआरपी लागू करने के पक्ष में है।

व्यवसायियों का कहना है कि वे नियम के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसे व्यावहारिक तरीके से लागू किया जाना चाहिए। उनका सुझाव है कि पहले यह तय किया जाए कि किन वस्तुओं पर एमआरपी लगाया जा सकता है और किन पर नहीं, और कस्टम के बजाय गोदाम या बिक्री बिंदु पर लेबलिंग की अनुमति दी जाए।

BHOPAL : पंडित धीरेन्द्र शास्त्री बोले- बड़े घर की माताएं भी पी रहीं शराब, कांग्रेस ने घेरा

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भोपाल, 29 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक और बयान विवादों में आ गया है। नागपुर में कथा के दौरान उन्होंने कहा कि आजकल पुरुषों की तो छोड़ो, हमने सुना कि बड़े घरानों की माताएं भी पी रही हैं। राम-राम, राम-राम…बजरंग बली बचाएं।’

बुधवार को पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के इस बयान से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इसके बाद सामाजिक और राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। उनके इस बयान पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। छतरपुर में कांग्रेस नेता दीप्ति पांडे ने कहा कि व्यासपीठ से इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। पूरा देश उन्हें सुनता है, ऐसे में माताओं के लिए इस तरह के शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।

दरअसल, कथावाचक पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने नागपुर में चल रही कथा के दौरान 28 अप्रैल को व्यासपीठ से कहा था- जब कई माताएं ही विचित्र संस्कारों वाली हो जाएंगी तो बच्चों को क्या हलुआ संस्कार देंगी? हम तो सोच रहे हैं कि जिनकी घरवालियां पीती हैं, उनके कल के दिन बच्चे होंगे, वे बच्चे रोएंगे तो उन्हें भी शराब पिलाकर सुला देंगी। उन्होंने कहा कि पहले मर्यादा होती थी, संस्कार होते थे। लोग कुछ गलत करने से डरते थे लेकिन अब स्थितियां बदल रही हैं।

इस बयान पर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सदस्य दीप्ति पांडे ने कहा कि सृष्टि की सृजनकर्ता एक नारी ही होती है। वो मां है, जो बच्चे की प्रथम गुरु है। मातृ शक्ति के लिए इस तरह की भाषा का उपयोग करने का मैं विरोध करती हूं। उन्होंने बुधवार को वीडियो जारी कर कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी, मैं आपसे निवेदन करती हूं कि मातृ शक्ति के खिलाफ इस तरह की भाषा का उपयोग करना बंद कर दें। आपने महिलाओं के खिलाफ अब कोई अनर्गल टिप्पणी की तो हमें आपके खिलाफ सड़कों पर उतरना पड़ेगा।

यह पहला मौका नहीं है जब शास्त्री के बयान चर्चा में आए हों। इससे पहले भी नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने चार बच्चे पैदा करने और उनमें से एक को देश सेवा के लिए समर्पित करने की बात कही थी, जिस पर देशभर में विवाद हुआ था। धार्मिक मंच से दिए गए इस बयान ने एक बार फिर समाज और राजनीति के बीच बहस को तेज कर दिया है। जहां समर्थक इसे सामाजिक चेतावनी बता रहे हैं, वहीं विरोधी इसे महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बता रहे हैं।

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