Tuesday, September 22, 2026
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NATIONAL : महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी अनिवार्य से बवाल, नेता ने दी धमकी- ‘सड़क पर पीटेंगे’

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मराठी भाषा को अनिवार्य करने का यह मुद्दा अब महाराष्ट्र की राजनीति का बड़ा केंद्र बन गया है. आने वाले दिनों में इस पर सियासत और तेज होने की संभावना है, जबकि सरकार के सामने संतुलन बनाए रखने और कानून-व्यवस्था को संभालने की चुनौती बनी हुई है.

महाराष्ट्र सरकार ने ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया है.MNS नेता अमित ठाकरे ने चेतावनी देते हुए कहा कि मराठी लोगों को परेशानी हुई तो सड़कों पर कार्रवाई करेंगे.विपक्षी दलों ने इस फैसले को क्षेत्रवाद बढ़ावा देने वाला और समाज में विभाजन पैदा करने वाला बताया है.

महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने के राज्य सरकार के फैसले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. यह मुद्दा अब सिर्फ परिवहन व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भाषा, क्षेत्रीय पहचान और रोज़गार से जुड़ी बड़ी राजनीतिक बहस का रूप ले चुका है. परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक का कहना है कि 1 मई से सभी लाइसेंसधारी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य किया गया है. ड्राइवरों को राज्य के 59 क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) में जांच के दौरान मराठी पढ़ना और लिखना आना चाहिए, नहीं तो उनका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है.

सरकार के इस फैसले को (MNS) ने खुलकर समर्थन दिया है. वहीं पार्टी नेता के एक बयान ने विवाद को और भड़का दिया है. अमित ठाकरे ने गैर-मराठी रिक्शा चालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आंदोलन के दौरान किसी मराठी व्यक्ति को परेशानी हुई, तो “सड़कों पर पीटेंगे.” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है. विपक्षी दलों ने इसे उकसाने वाला बयान बताते हुए सरकार और MNS पर निशाना साधा है.

अमित ठाकरे ने कहा कि सरकार द्वारा लिया गया फैसला पूरी तरह सही है और इससे किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी. उन्होंने हड़ताल की चेतावनी देने वालों को भी चुनौती देते हुए कहा कि “जिन्हें हड़ताल पर जाना है, वे जाएं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा.” उन्होंने यह भी कहा कि मराठी रिक्शा चालक सक्षम हैं और जरूरत पड़ने पर वे देर रात तक सेवा देंगे, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो.

इस पूरे मुद्दे पर MNS प्रमुख की पुरानी “मराठी मानुस” की राजनीति भी फिर चर्चा में आ गई है. पार्टी लंबे समय से स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग करती रही है.

अमित ठाकरे ने अपने बयान में कहा कि मराठी लोगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और जो लोग मराठी भाषा जानते हैं, उन्हें भी आगे रखा जाना चाहिए. वहीं जो लोग मराठी सीखने से इनकार करते हैं, उन्हें प्राथमिकता नहीं दी जानी चाहिए.

दूसरी ओर, उत्तर भारतीय नेताओं और कई विपक्षी दलों ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है. उनका आरोप है कि यह कदम क्षेत्रवाद को बढ़ावा देता है और इससे समाज में विभाजन पैदा हो सकता है. साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि इससे हजारों गैर-मराठी चालकों की रोज़ी-रोटी पर असर पड़ेगा.

जमीनी स्तर पर भी इस विवाद का असर देखने को मिल रहा है. मुंबई और आसपास के इलाकों से MNS कार्यकर्ताओं और कुछ रिक्शा चालकों के बीच झड़प और नोकझोंक की खबरें सामने आई हैं. कई स्थानों पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा है.

सरकार का कहना है कि यह निर्णय यात्रियों की सुविधा और स्थानीय भाषा में बेहतर संवाद के उद्देश्य से लिया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, मराठी भाषा का ज्ञान सेवा क्षेत्र में संवाद को आसान बनाता है और यह किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए है.

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि किसी राज्य में स्थानीय भाषा को बढ़ावा देना गलत नहीं है, लेकिन इसे अनिवार्य बनाने और उससे जुड़े विवादित बयानों से कानून-व्यवस्था पर असर पड़ सकता है.

कुल मिलाकर, मराठी भाषा को अनिवार्य करने का यह मुद्दा अब महाराष्ट्र की राजनीति का बड़ा केंद्र बन गया है. आने वाले दिनों में इस पर सियासत और तेज होने की संभावना है, जबकि सरकार के सामने संतुलन बनाए रखने और कानून-व्यवस्था को संभालने की चुनौती बनी हुई है.

NATIONAL : ‘वो BJP जॉइन करने के बार में सोच सकते हैं’ मदन राठौड़ ने सचिन पायलट की तारीफ कर दे दिया ऑफर

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राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर सचिन पायलट को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पायलट की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें ऑफर दे दिया।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राजस्थान अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस नेता सचिन पायलट की बहुयामी प्रतिभा का धनी बताते हुए बड़ा ऑफर दे दिया। मदन राठौड़ ने सचिन पालयट की तारीफ करते हुए कहा कि सचिन पायलट समझदार, बुद्धिमान नेता हैं, वो बीजेपी जॉइन करने के बारे में सोच सकते हैं।

बीजेपी दफ्तर में मीडिया से बात करते हुए मदन राठौड़ ने क्लियर किया कि सचिन पायलट को लेकर बीजेपी कोई सीक्रेट अभियान नहीं चला रही है। लेकिन सचिन पायलट से कांग्रेस के नेताओं ने ही दूरी बना रखी है। सचिन पायलट देश काल परिस्थिति को समझने वाले नेता हैं। उनमें राष्ट्र भक्ति का भाव है। कांग्रेस में रहते हुए उनकी आत्मा झकझोर रही होगी। ऐसे में अगर पायलट साहब खुद बीजेपी में आने का फैसला करते है तो हम उनका स्वागत करेंगे।

उन्होंने कहा कि हम भाजपा में हर उस व्यक्ति का स्वागत करेंगे, जिनमें राष्ट्र भक्ति का भाव है।

बीजेपी के दरवाजे हर उस नेता के लिए हमेशा से खुले हैं, जिसमें राष्ट्रभक्ति की भावना है, वो देश की प्रगति के लिए कुछ करना चाहता है।
मदन राठौड़, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष, राजस्थान

वहीं कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मदन राठौड़ ने आरोप लगाते हुए कहा कि ‘कांग्रेस नेतृत्व में देशभक्ति का भाव नहीं है। इसलिए वहां से अच्छे और ईमानदार नेता पार्टी छोड़कर चले गए हैं। राष्ट्रवादी विचारधारा वाले नेताओं का कांग्रेस में मोहभंग हो रहा है।’

हाल ही में राजस्थान भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल की ओर से पायलट को ‘बहुरूपिया’ कहे जाने पर मदन राठौड़ ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि राधा मोहन दास अग्रवाल का मकसद अपमान करना नहीं था। उन्होंने कहा कि पायलट बहुमुखी प्रतिभा के धनी और सौम्य छवि वाले नेता हैं। अशोक गहलोत की ओर से अपमानित किए जाने पर जनता ने उनका ‘रौद्र रूप’ भी देखा है। मदन राठौड़ ने कहा कि अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश के अंदाज में भावावेश में बात कही थी, उनकी मंशा गलत नहीं थी।

NATIONAL : खराब मौसम से जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज डूबा, छह लोगों की मौत, दस से ज्यादा की तलाश जारी

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जबलपुर के बरगी डैम में बड़ा हादसा सामने आया है। यहां चल रहा क्रूज डूब गया है। अब तक छह लोगों की मौत की जानकारी सामने आ रही है। चार के शव निकाले जा चुके हैं। बता दें कि गुरुवार शाम को तेज आंधी चल रही थी, इसी की वजह से हादसा होना बताया जा रहा है।

मध्यप्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम पर गुरुवार शाम तेज आंधी और तूफान के बीच पर्यटकों से भरा एक क्रूज हादसे का शिकार हो गया। खमरिया टापू के पास संतुलन बिगड़ने से क्रूज डूब गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इसमें 35 से अधिक लोग सवार थे। हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। चार लोगों के शव निकाले जा चुके हैं। करीब 15 लोग सुरक्षित बचाए गए हैं, वहीं 10 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। विभाग की जानकारी के मुताबिक, बरगी बांध में क्रूज में कुल 29 यात्रियों के टिकट जारी किए गए थे।

बताया जा रहा है कि पर्यटन विभाग के द्वारा संचालित क्रूज में 35 से अधिक लोग सवार थे। ये लोग क्रूज का लुत्फ ले रहे थे, तभी मौसम बदल गया। शाम करीब 6 बजे तेज आंधी से क्रूज का नियंत्रण बिगड़ गया और वो डूबने लगा। लोगों की चीख-पुकार मच गई। लोग डूबने लगे। जो लोग तैरना जानते थे, वे तैरते हुए मदद मांग रहे थे। खबर मिलते ही मदद के लिए एक वोट भेजी गई। उसमें 15 लोगों को तुरंत बचा लिया गया। बचाव दल ने चार शव बरामद कर लिए हैं, उनकी शिनाख्ति के प्रयास जारी हैं। वहीं 10 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक छह लोगों की मौत हो चुकी है।

सूचना मिलते ही बरगी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ की टीम ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। अब तक चार शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कुछ लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसे की वजह अचानक आया तेज तूफान बताया जा रहा है, जिससे क्रूज असंतुलित हो गया। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। सीएसपी बरगी जबलपुर अंजुल अयंक मिश्रा ने चार शव निकाले जाने की पुष्टि की है। जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के मुताबिक, खोज और बचाव अभियान जारी है।

मृतकों की जानकारी
क्र. नाम पिता/पति का नाम उम्र लिंग टिप्पणी
1 नीतू सोनी कृष्णा सोनी 43 महिला —
2 सोभाग्यम अलागन परिमल अलागन 42 महिला —
3 मधु मसी ज्यूलियस मसी 62 महिला दिल्ली
4 काकुलाझी कामराज 38 महिला खमरिया

पर्यटन विभाग निगम के अधिकारी संजय मल्होत्रा ने बताया कि 29 यात्रियों के टिकट जारी किए गए थे। सभी यात्रियों को लाइफ सेविंग जैकेट दिए गए थे। मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण घटना घटित हुई है। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार शाम को तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण कम दबाव का क्षेत्र निर्मित हो गया था। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ की सक्रिय है। राजस्थान तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर भी हवा के कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ था। जिसके कारण शाम लगभग 6 बजे मौसम में बदलाव आने के कारण बाहरी क्षेत्र में हवा की गति 60 से 65 किलोमीटर तथा शहरी क्षेत्र में हवा 30 से 35 किलोमीटर की रफ्तार से बह रही थी।

हादसे में बचे यात्री ज्यूलियस ने बताया कि वह अपनी पत्नी,बेटी,दामाद तथा नातिन व नाती के साथ क्रूज में सवार था। क्रूज यात्रा के दौरान सुरक्षा का कोई ध्यान नहीं रखा गया था। जब क्रूज डूबने लगा तब यात्रियों को लाइफ सेविंग जैकेट दी गई। क्रूज के डूबने से पहने कई यात्री जैकेट तक नहीं पहन पाए थे। इस हादसे में उनकी पत्नी की मौत हो गई। बेटी व चार वर्षीय नाती लापता है। वह तथा दामाद व नातिन सुरक्षित हैं। घटना होने पर तत्काल कोई रेस्क्यू ऑपरेशन प्रारंभ नहीं हुआ था। क्षेत्रीय लोगों ने मदद करते हुए रस्सी फेंक कर उन सहित अन्य क्रूज यात्रियों को बाहर निकाला।

प्रशासन ने जारी की लापता लोगों की सूची
क्र. नाम पिता/पति का नाम उम्र
1 तमिल कामराज 5
2 विराज सोनी — 6
3 मयूरम — 9
4 आर.एच. सैय्यद — —
5 रेशमा सैय्यद — 66
6 पनूम थापा — 7
7 समीम जफर — —
8 ज्योति श्रीवास मनोज श्रीवास 34

14 वर्षीय बच्चे ने तैरकर बचाई जान
क्रूज के डूबने पर उसके सवार 14 वर्षीय बच्चा जफर अली जान बचाने के लिए नदी में कूद गया। जफर तेज बहाव में तैरते हुए किनारे आ गया और वह पूरी तरह से सुरक्षित है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी घटना की गंभीरता को देखते हुए मंत्रियों-अफसरों को मौके पर भेजा है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि आज जबलपुर में तेज आंधी-तूफान के कारण बरगी डैम में हुए दुखद क्रूज हादसे को लेकर स्थानीय प्रशासन एवं रेस्क्यू फोर्स का ऑपरेशन लगातार जारी है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह जी, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी जी, संभाग प्रभारी एसीएस, एडीजी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। त्वरित बचाव कार्य से 15 नागरिकों को सकुशल बचा लिया गया है। जो लापता हैं, उन्हें जल्द से जल्द ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है। संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूर्ण संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता सुनिश्चित की जा रही है। इस हादसे में जो जनहानि हुई है, वह अत्यंत पीड़ादायक है। शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मृतकों के परिवारजनों को राज्य शासन की ओर से ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री राकेश सिंह ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल लोगों को निकालना प्राथमिकता है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि जबलपुर के बरगी डैम में खमरिया टापू के पास पर्यटकों से भरे क्रूज के डूबने की अत्यंत दु:खद सूचना मिली है। कलेक्टर समेत स्थानीय प्रशासन से चर्चा कर राहत और बचाव कार्य संबंधी आवश्यक निर्देश दिए हैं। मैं स्वयं भी नई दिल्ली से जबलपुर एयरपोर्ट पहुंचते ही घटना स्थल के लिए रवाना हो चुका हूं। एसडीआरएफ की टीम भी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मौके पर पहुंच चुकी है। इस मुश्किल घड़ी में हम सभी प्रभावित परिजनों के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगतों को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोक संतप्त परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज डूबने की घटना बेहद पीड़ादायक है। हादसे में कई लोगों के हताहत होने की खबर है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दें। प्रशासन से अपील है कि रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाई जाए और लापता लोगों को जल्द सुरक्षित निकालने के हरसंभव प्रयास किए जाएं।प्रशासन को मजिस्ट्रेट इंक्वायरी का आदेश देना चाहिए और क्रूज के ठेकेदार पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

BUSINESS : कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 993 रुपये का इजाफा, अब 3071 रुपये चुकाने होंगे

चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश का चुनाव खत्म होते ही कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में इजाफा हुआ है। सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी ANI ने जानकारी दी है कि शुक्रवार से कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 993 रुपये का इजाफा होने जा रहा है।अब राजधानी नई दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़कर 3071.50 रुपये हो जाएंगी। हालांकि अच्छी बात यह है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सिलेंडर के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।

कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 993 रुपये का इजाफा होने का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा। इससे खाने-पीने की चीजें महंगी होने की आशंका है। अगर ऐसा होता है तो आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

ईरान और अमेरिका के बीच इस समय संघर्ष विराम चल रहा है लेकिन हॉर्मुज जलमार्ग अभी भी बंद है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बढ़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। ईरान युद्ध के बाद से बेहद सीमित मात्रा में एलपीजी और तेल टैंकर खाड़ी देशों से भारत आ पाए हैं, ऐसे में यह आशंका जताई जा रही थी कि आने वाले दिनों तेल और गैस के दाम में भारी इजाफा हो सकता है।

दुनिया के कई देशों में ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद से पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी हुई है। पाकिस्तान में तो पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। बीते गुरुवार को भी पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दाम में इजाफा किया है। भारत अभी तक इससे बचा हुआ है।

29 अप्रैल को आई एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में तेल कंपनियों को पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर क्रमशः 14 रुपये एवं 18 रुपये प्रति लीटर का नुकसान उठाना पड़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल के अलावा रसोई गैस (एलपीजी) पर भी भारी ‘अंडर-रिकवरी’ यानी नुकसान होने की आशंका है। यह नुकसान वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 80,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

ईरान युद्ध के प्रकोप से ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने के बाद से, खुर्जा में अधिकांश मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कारखाने गैस आपूर्ति की कमी और ईंधन की बढ़ती लागत के कारण अपने संयंत्रों को चलाने में असमर्थ रहे हैं। कुछ श्रमिकों ने भी काम छोड़कर जाना शुरू कर दिया है।

BUSINESS : सुधारों के दम पर 90 अरब डॉलर के पार पहुंचेगा एफडीआई, तेज आर्थिक वृद्धि से विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत

भारत में एफडीआई 2025-26 में 90 अरब डॉलर के पार पहुंचने की संभावना है। डीपीआईआईटी के अनुसार, नीतिगत सुधारों और तेज आर्थिक वृद्धि से विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 90 अरब डॉलर के पार पहुंच सकता है। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने कहा, अप्रैल, 2025 से फरवरी, 2026 के दौरान देश में कुल 88 अरब डॉलर से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया है। इससे पूरे वित्त वर्ष के लिए सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। इस अवधि में देश में शुद्ध एफडीआई बढ़कर 6.26 अरब डॉलर हो गया है, जबकि 2024-25 में यह 80.61 अरब डॉलर था। भाटिया ने कहा, सरकार की ओर से निवेश आकर्षित करने के लिए किए गए नीतिगत सुधारों, विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों और तेज आर्थिक वृद्धि ने भारत पर विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। इन कारकों के चलते भारत वैश्विक निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में उभरा है।

राष्ट्रीय निवेश प्रोत्साहन एजेंसी इन्वेस्ट इंडिया ने 2025-26 में 6.1 अरब डॉलर से अधिक के 60 प्रोजेक्ट हासिल करने में मदद की है। ये निवेश 14 राज्यों में फैले हैं और इससे 31,000 से ज्यादा रोजगार सृजन की संभावना है। कुल निवेश का करीब 42 फीसदी यूरोपीय देशों से आया है, जबकि अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया से भी निवेश बढ़ा है। 
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सरकार चीनी कंपनियों में 10 फीसदी तक हिस्सेदारी रखने वाली विदेशी कंपनियों के लिए एफडीआई नियमों में ढील से जुड़े फैसले को जल्द अधिसूचित करेगी। अधिसूचना विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के तहत जारी होगी। सरकार ने मार्च में प्रेस नोट-3 (2020) में संशोधन को मंजूरी दी थी। हालांकि, यह छूट चीन, हांगकांग या भारत से सटे अन्य देशों में पंजीकृत कंपनियों पर लागू नहीं होगी।

HEALTH TIPS : हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए यह फल सबसे अच्छा है, जानें इसके फायदे

आप सुबह खाली पेट कई फल खा सकते हैं। लेकिन फलों को खाली पेट बहुत सोच-समझकर खाना चाहिए। जबकि कुछ फलों को खाली पेट खाने से बचने की सलाह दी जाती है।

आमतौर पर सुबह खाली पेट फल खाने को लेकर काफी कंफ्यूजन रहता है, लेकिन दूध और पके केले का कॉम्बिनेशन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है। यह खासकर हाई ब्लड प्रेशर (High BP) की समस्या से परेशान लोगों के लिए एक बेहतरीन डाइट है।

केला और दूध सबसे अच्छा कॉम्बिनेशन क्यों है?

केला पोषक तत्वों का खजाना है जो पूरे साल मिलता है। जब इसे दूध के साथ लिया जाता है, तो इसके फायदे कई गुना बढ़ जाते हैं:

ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है: केले में काफी पोटैशियम होता है, जो ब्लड प्रेशर को बैलेंस करने में अहम भूमिका निभाता है।

पोषक तत्वों से भरपूर: केले से विटामिन B6 और C मिलता है, जबकि दूध से कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस और जिंक जैसे जरूरी मिनरल मिलते हैं।

दिन भर एनर्जी: नाश्ते में यह मिक्सचर लेने से शरीर में ग्लूकोज लेवल बना रहता है, जिससे आप पूरे दिन एनर्जेटिक महसूस करते हैं।

खास हेल्थ बेनिफिट्स

वजन बढ़ाने में मदद करता है:

अगर आप कम वजन या कमजोरी से परेशान हैं, तो दूध और केले का ‘बनाना शेक’ रामबाण इलाज है। इसमें मौजूद हाई कैलोरी हेल्दी तरीके से वजन बढ़ाने में मदद करती है।

हड्डियों की मजबूती:

दूध में मौजूद कैल्शियम और प्रोटीन हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। यह डाइट बढ़ती उम्र के साथ जोड़ों के दर्द और हड्डियों की कमजोरी को रोकने के लिए सबसे अच्छी है।

मेटाबॉलिज्म और डाइजेशन:

केले हल्के होते हैं और डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए फायदेमंद होते हैं। यह मिक्सचर मेटाबॉलिक रेट को बेहतर बनाता है, जिससे खाना आसानी से पच जाता है और पेट की छोटी-मोटी दिक्कतों से बचा जा सकता है।

HEALTH : गर्मियों में हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है, जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय

गर्मियों की बढ़ती गर्मी में हीटस्ट्रोक जानलेवा भी हो सकता है। विशेषज्ञों से जानें हीटस्ट्रोक के गंभीर लक्षणों, इससे बचाव के घरेलू उपायों और सेहत के लिए सबसे अच्छे पेय पदार्थों के बारे में।

पूरे देश में गर्मियों का पारा लगातार चढ़ रहा है। चिलचिलाती गर्मी और लू न केवल बेचैनी पैदा करती है, बल्कि यह ‘हीटस्ट्रोक’ (लू लगना) जैसी जानलेवा स्थिति का कारण भी बन सकती है। हीटस्ट्रोक का हमला तब होता है जब शरीर की तापमान नियंत्रित करने की क्षमता कमजोर पड़ जाती है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) वाले लोगों को इस दौरान बेहद सावधान रहने की आवश्यकता है।

एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने बताया कि गर्मियों में हीटस्ट्रोक के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। यदि शरीर में ये लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए। शरीर का तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है और त्वचा सूखी व गर्म हो जाती है। भ्रम की स्थिति महसूस होना, बोलने में कठिनाई होना या बेहोश हो जाना। लगातार सिरदर्द, चक्कर आना, जी मिचलाना या उल्टी होना। दिल की धड़कन तेज होना और सांस लेने में कठिनाई होना। इसके अलावा, यदि गर्मी के बावजूद पसीना आना बंद हो जाए, तो यह गंभीर हीटस्ट्रोक का संकेत है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में हीटस्ट्रोक और लू से बचने के लिए शरीर को ठंडा रखना आवश्यक है। इसे नजरअंदाज करने से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसीलिए, दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब गर्मी अपने चरम पर होती है, सीधे धूप में निकलने से बचें। यदि निकलना ही पड़े, तो अपने सिर को ढककर रखें। शरीर में खनिजों (minerals) का स्तर बनाए रखने के लिए केवल पानी ही नहीं, बल्कि छाछ, नींबू पानी और नारियल पानी जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थों का भी सेवन करें। हल्के रंग के और ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें, जिनसे हवा का आवागमन (air circulation) बना रहे। लंबे समय तक भूखे न रहें। हल्का और ताज़ा भोजन करें। कैफीन (चाय-कॉफी) और शराब से दूर रहें, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी (dehydration) पैदा करते हैं।

गर्मियों में शरीर द्वारा दिए गए छोटे से छोटे संकेत को भी नजरअंदाज न करें। यदि आपको अचानक कमजोरी या मांसपेशियों में ऐंठन महसूस हो, तो तुरंत किसी ठंडी और हवादार जगह पर आराम करें और चिकित्सकीय सलाह लें। सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। कभी-कभी, शरीर में पानी और खनिजों की कमी भी इस समस्या को और अधिक बढ़ा देती है। विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को अत्यधिक गर्मी में हीटस्ट्रोक और लू से बचने के लिए ये सावधानियां अवश्य बरतनी चाहिए।

DELHI : दिल्ली में डिजिटल जनगणना का पहला चरण आज से, 33 सवालों के जरिये जुटाई जाएगी पूरी जानकारी

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दिल्ली में आज से जनगणना का पहला चरण शुरू हो रहा है और इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। खास बात ये है कि इसमें आरडब्ल्यूए को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है, जो लोगों को स्व-गणना में मदद करेंगे। पहले चरण में घरों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी, जिसके लिए हर वार्ड में स्व-गणना कैंप लगाए जाएंगे।

उत्तर-पूर्वी जिले के डीएम कार्यालय में इस संबंध में बृहस्पतिवार को बैठक हुई, जिसमें शाहदरा की एसडीएम रीता कौशिक और विभिन्न इलाकों के आरडब्ल्यूए पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में स्व-गणना की प्रक्रिया, जागरूकता और लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई। ये स्व-गणना प्रक्रिया 1 मई से 15 मई तक चलेगी। इसके बाद अधिकारी घर-घर जाकर भरी गई जानकारी की जांच करेंगे, ताकि कोई गलती न रह जाए। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इन कैंपों में आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर लोगों को फॉर्म भरने और सवालों के जवाब देने में मदद करेंगे। मौके पर चार्ज ऑफिसर और ट्रेनिंग ले चुके फील्ड ट्रेनर भी मौजूद रहेंगे, ताकि परेशानी न हो।

डिजिटल जनगणना में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें मकान से जुड़े सात सवाल होंगे, जैसे घर की दीवार और फर्श किस चीज से बने हैं। परिवार से जुड़े आठ सवाल होंगे, जिनमें सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम और रहने के कमरों की जानकारी शामिल है।

9 सवाल बुनियादी सुविधाओं से जुड़े होंगे, जैसे पीने का पानी, बिजली और खाना बनाने के ईंधन का प्रकार। डिजिटल सुविधाओं पर पांच सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें इंटरनेट और डिजिटल डिवाइस की जानकारी शामिल होगी। 4 सवाल वाहन और अन्य जरूरी जानकारी से जुड़े होंगे।

लोगों को जागरूक करने के लिए गली-गली मुनादी की जाएगी और नुक्कड़ नाटक भी आयोजित किए जाएंगे। स्कूलों में पीटीएम के जरिये भी अभिभावकों को जनगणना के बारे में बताया जाएगा, ताकि वे घर पर सही जानकारी भर सकें और किसी तरह की दिक्कत न हो।

गर्मी देखते हुए प्रशासन ने तय किया है कि दोपहर के समय फील्ड विजिट नहीं होगी। इस दौरान जनगणना कर्मियों को आराम दिया जाएगा और लोगों को भी परेशान नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल जनगणना से प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी। साथ ही, इससे भविष्य की योजनाओं के लिए सटीक डेटा मिलेगा, जिससे शहर के विकास में मदद मिलेगी।

बैठक में शामिल राम नगर विस्तार के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष लोकेश पांचाल, राम नगर आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष दीपक शर्मा, महासचिव देवेंद्र पाल शर्मा, जगजीवन नगर के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सीताराम निम्मी, जगतपुरी आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष राजीव शर्मा, नईम खान, जाकिर हुसैन, बाल किशन गुप्ता, संजीव किसान, वरुण अग्रवाल और यश पाल शर्मा समेत अन्य लोगों ने कहा कि वह पूरी ईमानदारी के साथ प्रशासन के इस काम में सहयोग करेंगे। ताकि समय पर स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी हो सके।

NATIONAL : क्या कहते हैं नए एग्जिट पोल्स?: बंगाल में सत्ता से बाहर हो सकती हैं ममता, असम के 12वें पोल में भी भाजपा

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चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के रणक्षेत्र में मतदान की आहुति पड़ने के बाद अब एग्जिट पोल के आंकड़ों ने सियासी हलचल तेज कर दी है। पश्चिम बंगाल में 93% अभूतपूर्व मतदान ने दीदी के गढ़ में सेंधमारी और भाजपा के उभार के बीच ऐसी लकीर खींची है कि मुकाबला अब नाक की लड़ाई बन चुका है। जहां असम में हिमंत बिस्वा सरमा का विजय रथ बेरोकटोक दौड़ता दिख रहा है, वहीं केरल और तमिलनाडु के सर्वेक्षणों ने सत्ता की चूलें हिला दी हैं। कहीं वामपंथ का ढहने का अनुमान है तो कहीं फिल्मी पर्दे से राजनीति के मैदान में उतरे ‘विजय’ का जादू डीएमके के समीकरण बिगाड़ रहा है। इन तमाम अनुमानों के बीच अब सबकी निगाहें चार मई की तारीख पर जमी हैं, जब ईवीएम से निकलने वाला जनादेश यह तय करेगा कि जनता ने काम पर मुहर लगाई है या बदलाव का परचम बुलंद किया है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतदान हुए हैं। कई सर्वे एजेंसियों ने अपने एग्जिट पोल के अनुमान जारी कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या तृणमूल कांग्रेस इस बार भी सत्ता को बनाए रखने में कामयाब हो पाएगी या भाजपा पहली बार भद्रलोक कहे जाने वाले बंगाल में अपने दम पर राजनीतिक पैठ बनाने में सफल रहेगी। 2021 के चुनाव में अनुमानों के उलट नतीजे आए थे। ममता बनर्जी बीते 15 वर्ष से बंगाल में मुख्यमंत्री हैं। खेला होबे जैसे चुनावी नारे के साथ भाजपा को पटखनी देने वाली सीएम ममता और उनके प्रत्याशियों का राजनीतिक भविष्य कैसा है?

पांच साल के बाद 2026 चुनाव में किस्मत आजमा रहे प्रत्याशियों और दलों की क्या स्थिति रहेगी? ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के राजनीतिक चिह्न जोड़ा फूल के मुकाबले भाजपा के चुनावी निशान कमल में कौन कितना दमदार है? इतिहास में हुई सर्वाधिक वोटिंग के बाद सर्वे एजेंसियों राज्य की जनता का मिजाज कैसा है? क्या बंगाल की जनता बदलाव का मूड बना चुकी है?


पश्चिम बंगाल की सियासत में बड़े उलटफेर के संकेत दिए हैं। सर्वे ने भारतीय जनता पार्टी को 48% के भारी-भरकम वोट शेयर के साथ सबसे बड़ी शक्ति के रूप में उभरते हुए दिखाया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के लिए यह रुझान चिंताजनक है, क्योंकि पार्टी 38% मतों के साथ भाजपा से करीब 10 प्रतिशत पीछे नजर आ रही है। राज्य में हुए रिकॉर्डतोड़ 92.93% मतदान के बाद आए इन आंकड़ों ने राजनीतिक गलियारों में परिवर्तन की सुनामी की चर्चा छेड़ दी है, क्योंकि इतना बड़ा वोट गैप सीटों के समीकरण में भाजपा को बहुमत के आंकड़े 148 से कहीं आगे ले जा सकता है।

अगर सीटों की बात करें तो सर्वे में 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 192 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत मिलने का अनुमान जताया है। सर्वेक्षण के आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि राज्य में हुए रिकॉर्डतोड़ 93% मतदान ने परिवर्तन की ऐसी लहर पैदा की, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस महज 100 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। यदि 4 मई के परिणाम इन अनुमानों के अनुरूप रहते हैं, तो यह न केवल बंगाल में टीएमसी के एक दशक से अधिक पुराने शासन का अंत होगा, बल्कि भारतीय राजनीति के इतिहास में भाजपा की सबसे बड़ी वैचारिक और चुनावी जीत के रूप में दर्ज किया जाएगा।

असम विधानसभा चुनाव 2026 में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा गठबंधन ऐतिहासिक जीत की ओर अग्रसर है। सीट प्रोजेक्शन के मुताबिक, 126 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा+ को 102 सीटें मिलने का अनुमान है, जो दो-तिहाई बहुमत से कहीं अधिक है। हालांकि, इसमें 9 सीटें आगे पीछे हो सकती है। वहीं, कांग्रेस नीत गठबंधन महज 23 सीटों पर सिमटता नजर आ रहा है। इसमें भी 9 सीटें आगे पीछे हो सकता है। यह आंकड़े साफ इशारा कर रहे हैं कि राज्य की जनता ने विकास और सुरक्षा के मुद्दे पर एक बार फिर एनडीए पर भरोसा जताया है, जिससे विपक्ष का पूरी तरह सूपड़ा साफ होने की उम्मीद है।

पोल मंत्रा के एग्जिट पोल ने केरल की राजनीति में बड़े उलटफेर की भविष्यवाणी करते हुए सत्तारूढ़ एलडीएफ की विदाई और यूडीएफ की शानदार वापसी का अनुमान जताया है। सर्वे के अनुसार, 140 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस नीत यूडीएफ 38.5% मतों के साथ 88 से 92 सीटें जीतकर बहुमत के आंकड़े को आसानी से पार कर सकता है, जबकि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाला एलडीएफ गठबंधन महज 42 से 46 सीटों पर सिमटता नजर आ रहा है। वहीं, भाजपा नीत एनडीए को 20.2% वोट शेयर के साथ सीटों में मामूली बढ़त मिलने की संभावना है।

केरल विधानसभा चुनाव के नतीजों को बेहद रोमांचक मोड़ पर ला खड़ा किया है। विश्लेषण के अनुसार, 140 सदस्यीय सदन में कांग्रेस नीत यूडीएफ 69 सीटों के साथ बहुमत के आंकड़े के करीब है, जबकि सत्तारूढ़ एलडीएफ 64 सीटों के साथ उन्हें कड़ी टक्कर दे रहा है। इसमें 9 सीटें घटने बढ़ने का अनुमार लगाया गया है। सर्वे में सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा भाजपा गठबंधन का है, जिसे सात सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है, जो त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में सत्ता की चाबी अपने हाथ में रख सकती है। इसमें भी चार सीट घट बढ़ सकती है। मार्जिन ऑफ एरर को देखते हुए दोनों मुख्य गठबंधनों के बीच फासला बेहद कम है, जिससे चार मई को आने वाले वास्तविक परिणाम किसी भी पक्ष में झुक सकते हैं।

मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाला डीएमके+ गठबंधन 125 सीटें जीतकर बहुमत के साथ सत्ता में वापसी कर सकता है। इसमें 11 सीटें बढ़ घट सकती हैं। वहीं, अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) को 63 सीटों के साथ राज्य की दूसरी सबसे बड़ी शक्ति के रूप में उभरते हुए दिखाया गया है। इसमें 11 सीटें घट बढ़ सकती हैं। एआईएडीएमके महज 45 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर खिसकता नजर आ रहा है।

प्रमुख सर्वे एजेंसी एक्सिस माई इंडिया ने इस बार पश्चिम बंगाल का एग्जिट पोल जारी नहीं करने का निर्णय लिया है। एजेंसी ने डाटा की गुणवत्ता और सांख्यिकीय भरोसे में कमी को इसका मुख्य कारण बताया है। यह घोषणा चुनाव नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे करोड़ों दर्शकों के लिए काफी चौंकाने वाली है। एजेंसी ने बताया कि पिछले सात दिनों के दौरान राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों पर सघन फील्ड रिसर्च की थी। इस बड़े अभियान के लिए 80 प्रशिक्षित सर्वेक्षकों की एक विशेष टीम तैनात की गई थी। इन सर्वेक्षकों को 16 स्वतंत्र इकाइयों में बांटा गया था। टीम ने मतदाताओं से बात करने के लिए मानक एग्जिट पोल प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया। इस दौरान 13,250 से अधिक लोगों का सैंपल लिया गया था।

एक्सिस माई इंडिया के मुखिया प्रदीप गुप्ता खुद भी जमीन पर उतरे थे। उन्होंने सर्वे की पूरी प्रक्रिया और जमीनी हालात का जायजा लिया। हालांकि, पश्चिम बंगाल में सर्वे के दौरान टीम को एक बेहद कठिन और सांख्यिकीय चुनौती मिली। एजेंसी ने मतदाताओं के बीच नॉन-रिस्पॉन्स यानी जवाब न देने की दर बहुत ज्यादा पाई। आंकड़ों के मुताबिक, सर्वे के लिए संपर्क किए गए लगभग 70 प्रतिशत मतदाताओं ने हिस्सा लेने से मना कर दिया। आमतौर पर सर्वे मॉडल में कुछ हद तक हिचकिचाहट को शामिल किया जाता है। लेकिन इतनी बड़ी संख्या में लोगों का इनकार करना ऐतिहासिक रिकॉर्ड से बहुत ज्यादा है। इससे सटीक नतीजे निकालना लगभग असंभव हो जाता है।

प्रदीप गुप्ता ने कहा, ‘एक कड़ी चुनावी लड़ाई में शांत मतदाता व्यवहार से जोखिम बहुत बढ़ जाता है। यह किसी भी अनुमान की मजबूती को सीमित कर देता है।’ सांख्यिकीय नजरिए से देखें तो जवाब न देने का यह स्तर वोट-शेयर के सटीक अनुमान में बड़ी रुकावट डालता है। एजेंसी किसी भी गलत अनुमान से बचना चाहती है। एक्सिस माई इंडिया ने जानकारी दी है कि टीम ने 8,324 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय किया था। एक्सिस माई इंडिया बंगाल चुनाव के अपने निष्कर्षों को प्रकाशित करने के लिए तैयार थी। लेकिन डाटा की आंतरिक समीक्षा और सांख्यिकीय विश्वास के स्तर को देखने के बाद फैसला बदल दिया गया। एजेंसी ने बहुत सोच-समझकर एग्जिट पोल के अनुमानों को सार्वजनिक न करने का निर्णय लिया।

प्रदीप गुप्ता ने अपने आधिकारिक संदेश में कहा, ‘हम जानते हैं कि इस फैसले से दर्शकों को निराशा होगी। लेकिन कार्यप्रणाली की ईमानदारी और डाटा की साख के प्रति हमारी प्रतिबद्धता सबसे ऊपर है। हम उन अनुमानों को पेश करना जिम्मेदारी भरा नहीं समझते जो हमारे आंतरिक मानकों पर खरे नहीं उतरते। इसलिए हमने प्रकाशन रोकने का फैसला किया है। बताते चलें कि पश्चिम बंगाल में साइलेंट वोटर हमेशा से चुनावी पंडितों के लिए पहेली रहे हैं।

भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा ‘जब 4 मई को नतीजे घोषित होंगे, तो दो बातें स्पष्ट हो जाएंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विकसित भारत 2047 का विजन मजबूत होगा और भाजपा पश्चिम बंगाल में अपनी पहली सरकार बनाएगी। इसके अलावा असम, पुदुचेरी और तमिलनाडु जैसे राज्यों में एनडीए आगे बढ़ेगी। दूसरा, इंडी गठबंधन के भीतर राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठेंगे और यह गठबंधन बिखर जाएगा। पश्चिम बंगाल के इतिहास में पहली बार हिंसा मुक्त वातावरण में मतदान हुआ है और चुनाव के दौरान किसी की जान जाने की खबर नहीं है। जो पिछले 70 वर्षों में कांग्रेस, कम्युनिस्ट और तृणमूल कांग्रेस के शासन में नहीं हुआ, वह अब हुआ है क्योंकि बंगाल के लोगों ने भयमुक्त और शांतिपूर्ण मतदान देखा। मतदाताओं ने बड़ी संख्या में बाहर आकर स्वतंत्र रूप से अपना वोट डाला।’

कोलकाता में मीडिया से मुखातिब होते हुए भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने बंगाल में सत्ता परिवर्तन का हुंकार भरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब टीएमसी की चोरी और कुशासन से ऊब चुकी है और विकास के लिए भाजपा की ओर देख रही है। सिन्हा ने ममता सरकार पर राज्य के सांप्रदायिक संतुलन को बिगाड़ने और इसे बांग्लादेश बनाने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लोगों ने अब इस साजिश को समझ लिया है। उन्होंने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग और केंद्रीय सुरक्षाबलों का आभार व्यक्त किया। भाजपा सांसद ने दावा किया कि गुंडागर्दी पर लगाम लगने के कारण लोगों ने निडर होकर वोट दिया है।

भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के संपन्न होने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का रथ अब और तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस, वामपंथ और टीएमसी के पिछले 70 वर्ष के इतिहास में पहली बार बंगाल ने बिना किसी हिंसा और जनहानि के पूरी तरह भयमुक्त मतदान देखा है। भंडारी के अनुसार, भारी संख्या में जनता का बाहर निकलकर वोट देना इस बात का प्रमाण है कि बंगाल में बदलाव तय है और इन नतीजों के बाद इंडी गठबंधन के भीतर राहुल गांधी का नेतृत्व और अधिक कमजोर साबित होगा।

दक्षिण 24 परगना के कैनिंग पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार प्रशांत बायन ने दूसरे चरण के मतदान के बाद अपनी जीत और राज्य में सत्ता परिवर्तन का भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के इस दूसरे पड़ाव में भाजपा की स्थिति बेहद मजबूत है और जनता का समर्थन स्पष्ट रूप से उनके पक्ष में दिख रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि चार मई को आने वाले चुनावी नतीजे बंगाल में नई शुरुआत करेंगे और पूर्ण बहुमत के साथ राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी।

आसनसोल दक्षिण से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने पश्चिम बंगाल में हुए ऐतिहासिक मतदान पर खुशी जाहिर करते हुए निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में बिना राष्ट्रपति शासन लगाए इतना शांतिपूर्ण और भयमुक्त चुनाव संपन्न होना एक बड़ी उपलब्धि है। एग्जिट पोल के आंकड़ों पर अपनी असहमति जताते हुए पॉल ने दावा किया कि उन्होंने पिछले छह महीनों में जनता की जो नब्ज टटोली है, वह साफ तौर पर परिवर्तन की सुनामी की ओर इशारा कर रही है। उन्होंने कहा कि चार मई को बंगाल की जनता का उद्देश्यपूर्ण मतदान सत्ता परिवर्तन का नया इतिहास लिखेगा।

NATIONAL : ‘एग्जिट पोल में धांधली हुई, रात भर जागते रहो’: बंगाल के नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने ईवीएम की सुरक्षा का आह्वान किया

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल के अनुमानों पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्षी भाजपा पर नतीजों में हेराफेरी करने का आरोप लगाया है।बनर्जी ने विश्वास जताया कि 4 मई को बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद टीएमसी सरकार बनाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी मतगणना के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने देगी।

“एग्जिट पोल भाजपा के कार्यालय से हैं। ये आंकड़े मनगढ़ंत हैं और टीएमसी कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने के लिए बनाए गए हैं,” बनर्जी ने एक वीडियो संदेश में कहा, साथ ही आरोप लगाया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र भाबनीपुर में “पूरी रात” छापेमारी की गई।

“भाजपा ने आखिरी दांव खेल दिया है। अगर सही आंकड़े जारी होते तो शेयर बाजार धराशायी हो जाते। लोगों को एकजुट रहना होगा, मतगणना पर कड़ी नजर रखनी होगी…पूरी रात जागकर गिनती करनी होगी,” उन्होंने कहा और साथ ही यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह खुद ईवीएम के स्ट्रांगरूम की सुरक्षा करेंगी।

“वे ईवीएम बदलने की योजना बना रहे हैं… जब तक मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस करके घोषणा न कर दूं, मतगणना स्थल न छोड़ें… वे कंप्यूटर में डेटा बदल सकते हैं, जिससे हमारे नतीजे भाजपा को और भाजपा के नतीजे हमें मिल जाएंगे। मैं खुद मतगणना कक्ष में जाऊंगी, एक उम्मीदवार के तौर पर मैं ऐसा कर सकती हूं। आपने बहुत कुछ सहा है। कृपया बंगाल को बचाने के लिए थोड़ा और धैर्य रखें,” उन्होंने कहा।

विभिन्न राज्यों के कई विपक्षी नेताओं ने हाल ही में अनियमितताओं की आशंकाओं के बीच ईवीएम के स्ट्रांगरूम की सुरक्षा बढ़ाने का आह्वान किया है।मैट्रिज़ के अनुसार, टीएमसी+ बहुमत के आंकड़े से कुछ सीटें पीछे रह सकती है और 125 से 140 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है। उन्होंने भाजपा को बढ़त देते हुए 146-161 सीटों पर जीत का अनुमान लगाया है, जो दोनों मुख्य दलों के बीच कड़ी टक्कर का संकेत देता है।

पी-मार्क़ नामक चुनाव विश्लेषक ने भी इसी तरह का अनुमान लगाया है, जिसके अनुसार भाजपा को 150-175 सीटें मिल सकती हैं, जबकि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस को 118-138 सीटें मिल सकती हैं। इसके अलावा, अन्य दलों को दो से छह सीटें मिलने का अनुमान है।पोल डायरी के पोल्स ने भाजपा के लिए स्पष्ट जीत की भविष्यवाणी करते हुए कहा कि पार्टी 142-171 सीटें जीत सकती है, जबकि टीएमसी बहुमत के आंकड़े से काफी पीछे रह सकती है और उसे केवल 99-127 सीटें मिल सकती हैं।

हालांकि, जनमत सर्वेक्षण एजेंसी पीपुल्स पल्स ने एक अलग अनुमान लगाया है, जिसके अनुसार राज्य में सत्ताधारी टीएमसी सरकार बरकरार रह सकती है, हालांकि विधानसभा में उसकी सीटों की संख्या मौजूदा 215 से घटकर 177-187 हो सकती है। उसने अनुमान लगाया है कि भाजपा को 95-110 सीटें मिलेंगी।

सीएनएन-न्यूज़18 के वोट वाइब ने तृणमूल और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर का अनुमान लगाया है। इस सर्वेक्षण में भाजपा के लिए 143-163 सीटें और टीएमसी+ गठबंधन के लिए 127-147 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। इस अनुमान के अनुसार, भाजपा को कुल वोट शेयर में बढ़त हासिल है, जो 44% है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस को 43% और अन्य पार्टियों को 13% वोट मिलने का अनुमान है।

गरुवार रात अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में स्टार ऑलराउंडर जेसन होल्डर ने शानदार प्रदर्शन किया। गुजरात टाइटन्स की जर्सी में खेलते हुए उन्होंने पांच विकेट लेने में अहम भूमिका निभाई और प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीता। गुजरात ने मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को चार विकेट से हरा दिया। हालांकि, आरसीबी की टीम पहले विकेट को लेकर काफी नाराज थी और विशेषज्ञों ने उस शानदार कैच की वैधता पर भी सवाल उठाए।

आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार ने आठवें ओवर की चौथी गेंद पर पुल शॉट खेलने की कोशिश की, तभी अरशद खान ने लेंथ बॉल फेंकी। बल्ले का ऊपरी किनारा लगा और गेंद डीप बैकवर्ड स्क्वायर की तरफ चली गई। पास में ही तैनात कागीसो रबाडा और होल्डर दोनों गेंद की तरफ दौड़े। हालांकि, होल्डर ने नीचा कैच पकड़कर टक्कर से खुद को बचा लिया। लेकिन आरसीबी के खिलाड़ी इससे खुश नहीं थे, क्योंकि रिव्यू में पता चला कि वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर ने स्लाइड करते हुए भी कई बार गेंद को मिस किया था।

आरसीबी खेमे में विराट कोहली विशेष रूप से आक्रोशित थे, जो तुरंत मैदान पर उतरे और डगआउट में बैठे रिजर्व अंपायर को हाथ से दिखाकर साबित किया कि गेंद जमीन पर लगी थी। आरसीबी के मुख्य कोच एंडी फ्लावर भी उनके साथ थे।टीवी अंपायर के अंतिम निर्णय से पहले, पाटीदार बाउंड्री के पास कुछ देर रुके रहे और फिर डगआउट में लौट गए। पाटीदार के डगआउट में बैठने के काफी देर बाद भी कोहली और अंपायर की बातचीत जारी रही।

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