Tuesday, September 22, 2026
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UP : महिला आरक्षण वाला वार, निशाने पर कांग्रेस-समाजवादी पार्टी; बंगाल चुनाव का संदेश बताया

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वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने महिला आरक्षण बिल का लोकसभा में विरोध किए जाने के मसले पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत तमाम विपक्षी दलों को घेरा। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल विपक्ष के विरोध के कारण गिर गया था। इस कारण महिलाओं को 2029 के लोकसभा चुनाव से 33 फीसदी आरक्षण देने का मसला फिलहाल लटकता दिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए उनके आक्रोश का सामना करने के लिए तैयार रहने की बात कही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में भारी वोटिंग और उसमें महिलाओं की भागीदारी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं घरों से निकलकर आ रही हैं और अपने आक्रोश का प्रदर्शन अपने वोट के जरिए कर रही हैं। चुनाव परिणाम में यह विपक्षी दलों को दिखेगा। साथ ही, उन्होंने केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और असम विधानसभा चुनाव में भी महिलाओं के आक्रोश को वोटों के जरिए दिखने की बात कही।

पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण की वोटिंग बुधवार 29 अप्रैल को होने वाली है। ऐसे में वाराणसी की धरती से पीएम नरेंद्र मोदी बंगाल चुनाव के मैदान में बड़ा संदेश देते दिखाई दिए। उन्होंने सीधे तौर पर महिलाओं के आक्रोश को वोटो के जरिए भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में पड़ने की बात कही। साथ ही, महिलाओं के विकास और उत्थान को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री बनने तक किए गए कार्यों का भी जिक्र किया।

पीएम नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर जोरदार हमला बोला। प्रधानमंत्री ने कहा कि नई संसद बनी तो पहला काम हमने बहनों को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का ही किया। 40 वर्षों से बहनों का यह अधिकार लटका हुआ था। इसलिए, वर्ष 2023 में संसद में नारी शक्ति अधिनियम पारित करवाया। पीएम ने कहा कि कानून बनने के बाद उसका लागू होना आवश्यक होता है, इसलिए पिछले दिनों संसद में इसको लेकर चर्चा की गई।

पीएम मोदी ने कहा कि संविधान में संशोधन को लेकर हम कानून लेकर आए। यह संशोधन ऐसा था जिसके बाद ज्यादा संख्या में बहनें विधानसभा और लोकसभा में पहुंच पातीं, लेकिन कांग्रेस, सपा, टीएमसी और डीएमके जैसी पार्टियों ने एक बार फिर देश की महिलाओं को धोखा दिया। ऐसे दलों ने 40 सालों से रोक लगाई हुई थी और फिर इसे लाल झंडी दिखा दी।

पीएम मोदी ने विपक्ष पर परिवारवादी दलों वाला हमला बोला। उन्होंने कहा कि असल में सारे परिवारवादी और तुष्टिकरण में डूबे दल नारी शक्ति से डरे हुए हैं। ये परिवारवादी दल देश की उन बेटियों को विधानसभा और संसद नहीं आने देना चाहते हैं, जो कॉलेज कैंपस से लेकर पंचायतों और स्थानीय निकायों तक अपने दम पर नेतृत्व दे रही हैं। ये जानते हैं कि अगर धरातल पर काम करने वाली बेटियां ऊपर आ गईं तो इनका नियंत्रण खत्म हो जाएगा। इनकी सत्ता पर सवाल खड़े हो जाएंगे।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि यही कारण है कि जो परिवारवादी दल हैं, वह संसद में हुए विरोध में सबसे आगे रहे हैं। पीएम ने दावा किया कि ऐसे तमाम दलों को माताएं और बहनें उनकी जगह दिखाने का कार्य करेंगी। पीएम मोदी के वाराणसी में किए गए हमले पर राजनीति गरमाने लगी है।

BUSINESS : शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में तेजी का रुख, सेंसेक्स और निफ्टी उछले

नई दिल्ली, 29 अप्रैल (हि.स.)। घरेलू शेयर बाजार में आज शुरुआती कारोबार के दौरान मजबूती का रुख बना हुआ नजर आ रहा है। आज के कारोबार की शुरुआत भी बढ़त के साथ हुई थी। बाजार खुलने के बाद कुछ देर तक लिवालों और बिकवालों के बीच मामूली खींचतान भी हुई, जिसके कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांकों की चाल में मामूली उतार-चढ़ाव भी होता रहा। हालांकि पहले 20 मिनट के कारोबार के बाद ही खरीदारों ने लिवाली का जोर बना दिया, जिससे इन दोनों सूचकांकों की मजबूती लगातार बढ़ने लगी। सुबह 10 बजे तक का कारोबार होने के बाद सेंसेक्स और निफ्टी 0.76 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार कर रहे थे।

आज प्रातः 10 बजे तक का कारोबार होने के बाद स्टॉक मार्केट के दिग्गज शेयरों में से मारुति सुजुकी, आईटीसी, आयशर मोटर्स, मैक्स हेल्थकेयर और टेक महिंद्रा के शेयर 4.14 प्रतिशत से लेकर 1.73 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर, जेएसडब्ल्यू स्टील, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर 1.89 प्रतिशत से लेकर 0.75 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार करते हुए नजर आ रहे थे।

अभी तक के कारोबार में स्टॉक मार्केट में 2,617 शेयरों में एक्टिव ट्रेडिंग हो रही थी। इनमें से 1,942 शेयर मुनाफा कमा कर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि 675 शेयर नुकसान उठा कर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इसी तरह सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 20 शेयर लिवाली के सपोर्ट से हरे निशान में बने हुए थे। दूसरी ओर 10 शेयर बिकवाली के दबाव में लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। जबकि निफ्टी में शामिल 50 शेयरों में से 35 शेयर हरे निशान में और 15 शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आ रहे थे।

बीएसई का सेंसेक्स आज 358.92 अंक की मजबूती के साथ 77,245.83 अंक के स्तर पर खुला। कारोबार की शुरुआत होने के बाद कुछ देर तक इस सूचकांक की चाल में उतार-चढ़ाव होता रहा। बिकवाली के दबाव में यह सूचकांक 77,136.20 के स्तर तक भी आया, लेकिन लाल निशान तक पहुंचने के पहले ही खरीदारों ने मोर्चा संभाल लिया। पहले 20 मिनट के कारोबार के बाद ही लिवाली का जोर बन जाने से इस सूचकांक की चाल में तेजी आ गई। बाजार में लगातार जारी खरीद बिक्री के बीच सुबह 10 बजे तक का कारोबार होने के बाद सेंसेक्स 583.26 अंक की बढ़त के साथ 77,470.17 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

सेंसेक्स की तरह ही एनएसई के निफ्टी में आज 101.20 अंक की छलांग लगा कर 24,096.90 अंक के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। बाजार खुलने के बाद बिकवाली का दबाव बनने पर यह सूचकांक 24,059.95 अंक के स्तर तक गिर गया। इसके बाद खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी, जिससे इस सूचकांक की चाल में दोबारा तेजी आ गई। बाजार में लगातार जारी लिवाली और बिकवाली के बीच सुबह 10 बजे तक का कारोबार होने के बाद निफ्टी 181.55 अंक की मजबूती के साथ 24,177.25 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

इसके पहले पिछले कारोबारी दिन मंगलवार को सेंसेक्स 416.72 अंक यानी 0.54 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,886.91 अंक के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी ने 97 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,995.70 अंक के स्तर पर मंगलवार के कारोबार का अंत किया था।

NATIONAL : पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम: 15 जिलों में आंधी-बारिश अलर्ट, पारा गिरा, गर्मी से मिली राहत

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जयपुर, 29 अप्रैल (हि.स.)। राजस्थान में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव आ गया है। मंगलवार सुबह से ही जयपुर, दौसा, अलवर सहित कई जिलों में रुक-रुक कर हल्की बारिश हुई, जबकि दौसा में चने के आकार के ओले भी गिरे। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 15 जिलों में आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।

बदले मौसम के कारण कई शहरों में तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और हीटवेव से आंशिक राहत मिली है।

राजधानी जयपुर में सुबह से बादल छाए रहे और बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। तेज हवाओं और बादलों की वजह से गर्मी का असर कुछ कम हुआ। जयपुर में अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस मापा गया, जो पिछले दिन की तुलना में 2.6 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान में भी 3.7 डिग्री की गिरावट हुई।

दौसा और अलवर में भी मौसम ने करवट ली।

दौसा में सुबह बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जबकि अलवर में शाम के समय घने बादल छा गए और हल्की बारिश ने गर्मी से राहत पहुंचाई। अलवर में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा, लेकिन बादलों के कारण तपिश में कमी आई।

मंगलवार को जैसलमेर, चूरू, नागौर, हनुमानगढ़, बाड़मेर, पिलानी, फतेहपुर और दौसा जैसे जिलों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट हुई। पश्चिमी हवाओं के कमजोर पड़ने और पूर्वी हवाओं के प्रभाव के चलते अधिकतर शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया। हालांकि फलोदी प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा।

उदयपुर में भी तापमान में दो डिग्री की गिरावट हुई, लेकिन मौसम विभाग ने दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान में हीटवेव जारी रहने की संभावना जताई है। कोटा में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है, जहां तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस मापा गया। तेज गर्मी के चलते एक स्कूटी में आग लगने की घटना भी सामने आई।

सीकर और अजमेर में भी तापमान में गिरावट हुई है। सीकर के फतेहपुर में अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि अजमेर में अधिकतम तापमान 40.5 और न्यूनतम 24.5 डिग्री मापा गया।

अजमेर में सोमवार का तापमान पिछले तीन वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ चुका था, लेकिन अब मौसम में कुछ नरमी आई है।

जोधपुर में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस मापा गया। यहां भीषण गर्मी से राहत के लिए अस्पतालों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार आगामी तीन से चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में मेघगर्जन, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी।

मई के पहले सप्ताह में भी तेज गर्मी और हीटवेव के साथ मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

प्रदेशवासियों को सलाह दी गई है कि तेज धूप, गर्म हवाओं और बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहें तथा आवश्यक सावधानियां बरतें।


TECH : अब आम नागरिक भी बन सकेंगे ISRO के एस्ट्रानॉट्स:गगनयान मिशन के दूसरे बैच में शामिल हो सकेंगे , 4 साल की होगी ट्रेनिंग

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO ने पहली बार अपने एस्ट्रोनॉट कैडर को आम नागरिकों के लिए खोलने का फैसला किया है। इसरो की एस्ट्रोनॉट सिलेक्शन कमेटी ने इसकी सिफारिश की है। हालांकि इसका क्राइटेरिया अभी जारी नहीं किया गया है।कमेटी की सिफारिश में कहा गया है कि गगनयान मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों के दूसरे बैच में वायुसेना के 6 पायलट के साथ 4 सिविलियन स्पेशलिस्ट शामिल किए जाएं। ये सिविलियन साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ (STEM) बैकग्राउंड से होंगे।

एक एस्ट्रोनॉट को चुनने से लेकर उसकी ट्रेनिंग और मिशन की तैयारी में करीब साढ़े 4 साल (54 महीने) का समय लगता है। कमेटी ने लक्ष्य रखा है कि दूसरे बैच को अगले 72 महीनों में और तीसरे बैच को 96 महीनों में पूरी तरह तैयार कर लिया जाए।

भले ही दूसरे बैच में सिविलियंस को शामिल किया जा रहा है, लेकिन वे तुरंत अंतरिक्ष में नहीं जाएंगे। कमेटी की योजना के अनुसार, सिविलियन एस्ट्रोनॉट्स को चौथे मानव मिशन से चालक दल का हिस्सा बनाया जाएगा। दुनिया भर में यह परंपरा रही है कि तकनीक के परिपक्व होने से पहले मिलिट्री बैकग्राउंड वाले पायलटों को ही भेजा जाता है, इसके बाद ही नागरिकों की बारी आती है।मिशन गगनयान ISRO का पहला क्रू वाला स्पेस फ्लाइट प्रोग्राम है, जो 2027 तक लॉन्च होगा। ये 3 दिन का एक मिशन होगा। इसमें 3 एस्ट्रोनॉट्स 400 किमी की यात्रा कर अंतरिक्ष में जाएंगे। उन्हें सुरक्षित पृथ्वी पर वापस लाने के लिए डिजाइन किया गया है।

पहले बैच में चार एस्ट्रोनॉट्स शामिल हैं। ISRO के पहले बैच में इंडियन एयरफोर्स (IAF) के टेस्ट पायलट शामिल थे। इसमें चार एस्ट्रोनॉट्स को सिलेक्ट किया गया था। इन एस्ट्रोनॉट्स को सिलेक्ट करने का उद्देशय पहले क्रू मिशन को सुरक्षित पहुंचाना है।पहले बैच में फाइटर प्लेन के एयर कमांडर प्रशांत बी नायर, जीपी कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जीपी कैप्टन अजीत कृष्णन, जीपी कैप्टन अंगद प्रताप शामिल हुए थे। दूसरे बैच में इंडियन आर्मी के फाइटर जेट के लड़ाकू हेलीकॉप्टर पायलट भी शामिल हो सकते हैं।

सातवें मिशन के बाद इसरो अपने मिशन की क्षमता को बढ़ाएगा, जिससे एक साथ 3 एस्ट्रोनॉट्स अंतरिक्ष में जा सकेंगे। इसके लिए तीसरे बैच में 12 एस्ट्रोनॉट्स की जरूरत होगी। इस बैच में रेशियो पूरी तरह बदल जाएगा, जिसमें केवल 2 मिशन पायलट और 10 सिविलियन स्पेशलिस्ट शामिल किए जाएंगे।इसरो अब एक स्थायी एस्ट्रोनॉट कैडर बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके तहत साल में दो मानव मिशन भेजने की योजना है। कमेटी ने अनुमान लगाया है कि लंबे समय की जरूरतों और अंतरराष्ट्रीय अवसरों को देखते हुए भारत को कुल 40 एस्ट्रोनॉट्स का एक मजबूत पूल तैयार करना चाहिए।

मिशन की तैयारियों के बीच इसरो के सामने इन्फ्रास्ट्रक्चर की चुनौती भी है। फिलहाल देश में एस्ट्रोनॉट्स के लिए केवल एक अस्थायी ट्रेनिंग सेंटर है, स्थायी सुविधा बनाने की प्रक्रिया अभी शुरू होनी बाकी है।इसके अलावा, पहले मानवरहित मिशन के लिए ‘पर्यावरण नियंत्रण और जीवन रक्षक प्रणाली’ (ECLSS) जैसी महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी का विकास भी अभी पीछे चल रहा है, जिसके बिना अंतरिक्ष में मानव जीवन संभव नहीं है।

NATIONAL : बंगाल में चुनाव प्रचार थमा, BJP ने किया धुआंधार प्रचार, 21 रैलियों में PM मोदी ने जनता को साधा और विपक्ष को घेरा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए 21 चुनावी रैलियां और तीन रोड शो किए. उन्होंने बंगाल की जनता को साधने के साथ विपक्ष पर भी हमला किया.

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण का मतदान बुधवार (29 अप्रैल, 2026) को होना है. नियमों के मुताबिक, मतदान के दो दिन पहले ही राज्य में राजनीतिक पार्टियों की तरफ से दिए जाने वाले भाषणों, जनसभाओं, रैलियों और रोड शो पर विराम लग चुके हैं. जहां बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) केंद्र की भाजपा सरकार के साथ पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साध रही है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सभी बड़े नेताओं ने पश्चिम बंगाल में धुआंधार प्रचार अभियान को अंजाम दिया है.

भाजपा ने इस चुनाव में अपनी जीत को सुनिश्चित करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है. पार्टी नेताओं की ओर से प्रचार में अलग-अलग रंग भी दिखाई दिए, कभी झालमुडी खाकर प्रचार हुआ, तो कभी नाव की यात्रा हुई. मंदिरों में दर्शन के जरिए हिंदू मतदाताओं को संदेश देने की बड़ी कोशिश की गई. ऐसे में भाजपा की ये मेहनत और कोशिश बंगाल में कितनी सफल होती है, ये 4 मई, 2026 को चुनाव के नतीजों के सामने आने पर ही पता चलेगा.

चुनाव आयोग की तरफ से 15 मार्च, 2026 को राज्य में चुनावी बिगुल बजा और बंगाल सियासी अखाड़े में बदल गया. इस दौरान बंगाल की जनता को साधने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 रैलियां और तीन रोड शो किए. इसके अलावा, उन्होंने हुगली नदी में नौका विहार कर बता दिया कि सत्ता की राह अब सड़क से ही नहीं, बल्कि नदी के रास्ते भी तलाश की जा रही है.

भाजपा को बंगाल की सत्ता में काबिज करने की मंशा के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी 20 जनसभाएं, 11 रोड शो और संगठनात्मक बैठकों से चुनावी इंजन को फुल स्पीड पर रखा. वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी बंगाल में तीन सभाओं और 12 रोड शो के जरिए मोर्चा संभाला. बीजेपी ने इस चुनाव में आस्था को भी पूरी राजनीतिक आस्था के साथ अपनाया.

इसके अलावा, BJP की ओर से सुवेंदु अधिकारी ने 60 से ज्यादा सभाएं कीं, दिलीप घोष ने 35 से 40 कार्यक्रम किए और समिक भट्टाचार्य ने 30 से अधिक सभाओं से मोर्चा संभाला. कुल मिलाकर बीजेपी के स्थानीय नेताओं ने 500 से ज्यादा छोटे-बड़े कार्यक्रम कर राज्य में कमल खिलाने के लिए पूरी बागवानी की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थंथानिया कालीबाड़ी, मतुआ ठाकुरबाड़ी, दक्षिणेश्वर काली मंदिर और बेलूर मठ में मत्था टेका. वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने इस्कॉन मंदिर, रामकृष्ण मिशन केंद्रों में दर्शन किए और गंगासागर में स्नान कर आध्यात्मिक संदेश भी दिया और राजनीतिक तापमान भी बढ़ाया. जबकि नितिन नवीन ने नैहाटी की बड़ी मां काली के दरबार में पूजा की और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के आवास पर श्रद्धांजलि दी.

बंगाल का चुनाव इस बार सिर्फ भाषणों का नहीं, स्वाद का भी रहा. झाड़ग्राम में प्रधानमंत्री मोदी अचानक एक दुकान पर रुके, झालमुड़ी खाई और खुद पैसे भी चुकाए. संदेश साफ था राजनीति में मसाला भी जरूरी है और कभी-कभी मुरमुरे भी. उन्होंने कहा कि बंगाल की झालमुड़ी का स्वाद, बंगाल की मिट्टी की तरह ही अनोखा है. मोदी के भाषणों में विकास भी था और विपक्ष पर तगड़ा तड़का भी.

पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री का धुआंधार प्रचार और गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति ने बीजेपी कार्यकर्ताओं के मन में उत्साह भर दिया. बीजेपी शीर्ष नेतृत्व के चौतरफा वार की रणनीति ने पश्चिम बंगाल चुनाव को दिलचस्प बना दिया है. ऐसे में अब 29 अप्रैल, 2026 को होने वाले दूसरे चरण के चुनाव और 4 मई को जारी होने वाले नतीजों को इंतजार रहेगा.

NATIONAL : ‘बंगाल में पहली बार बनेगी बीजेपी की सरकार’, नितिन नवीन का बड़ा दावा

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बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि 4 मई का दिन पश्चिम बंगाल के लिए बेहद ऐतिहासिक साबित होगा. उनके अनुसार यह दिन राज्य में नई आज़ादी, नई उमंग और नई उड़ान का प्रतीक बनेगा.

जयपुर दौरे पर पहुंचे नितिन नवीन ने कहा कि बंगाल में बदलाव के लिए वहां की जनता जिस तरह से सड़कों पर उतरकर सामने आई है, वह अपने आप में बड़ा संकेत है. उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने लंबे समय तक संघर्ष किया है और उसी मेहनत का परिणाम 4 मई को देखने को मिलेगा. उन्होंने भरोसा जताया कि उस दिन निश्चित रूप से भाजपा का भगवा लहराएगा और राज्य में पार्टी की सरकार बनेगी.उन्होंने कहा कि भाजपा की जीत का पूरा श्रेय कार्यकर्ताओं को जाएगा, जिन्होंने जमीनी स्तर पर लगातार काम किया है. नितिन नवीन ने यह भी कहा कि पार्टी का संकल्प पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक हर स्तर पर भगवा लहराने का है और इसके लिए संगठन लगातार काम कर रहा है.

राजस्थान के कार्यकर्ताओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि वे अभी से पंचायत और नगर निकाय चुनाव की तैयारियों में जुट जाएं. उन्होंने इन चुनावों को संगठन के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह चुनाव पार्टी को नई दिशा देने वाले साबित होंगे. उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती कार्यकर्ताओं की मेहनत से ही संभव है और यही ताकत भाजपा को लगातार आगे बढ़ा रही है.

नितिन नवीन ने बंगाल से लेकर राजस्थान तक के सभी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पार्टी हर राज्य में अपनी स्थिति मजबूत कर रही है. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का समर्पण और मेहनत ही भाजपा की सबसे बड़ी पूंजी है.

अपने एक दिवसीय राजस्थान दौरे के दौरान नितिन नवीन टोंक जिले पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने राज्य में पार्टी के सात जिला कार्यालयों का शुभारंभ किया, जबकि नागौर जिले में नए कार्यालय का शिलान्यास भी किया. टोंक में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा. यह क्षेत्र कांग्रेस नेता सचिन पायलट का गढ़ माना जाता है. उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार अपने संगठन को मजबूत कर रही है, जबकि कांग्रेस कमजोर होती जा रही है.

राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का यह पहला राजस्थान दौरा है, जिसे संगठन के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है. उनके दौरे के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ पूरे समय उनके साथ मौजूद रहे.

शाम करीब 4 बजे नितिन नवीन टोंक से जयपुर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां पार्टी के चुनिंदा नेताओं ने उनका स्वागत किया. एयरपोर्ट के बाहर भी उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और उनकी पीठ थपथपाते हुए कहा कि राजस्थान में पार्टी की सत्ता कार्यकर्ताओं की बदौलत ही संभव हो पाई है. उन्होंने कहा कि अब इसी तरह की मेहनत बंगाल में भी जीत दिलाएगी.

NATIONAL : पश्चिम बंगाल चुनाव: 142 सीटों पर प्रचार थमा, हिंसा के बीच दिग्गजों ने झोंकी ताकत

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत 142 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए सोमवार को शाम छह बजे आधिकारिक रूप से प्रचार अभियान समाप्त हो गया। आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, प्रचार के अंतिम दिन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के शीर्ष नेताओं ने मतदाताओं को लुभाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी।

सोमवार को प्रचार की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैरकपुर जनसभा से हुई, जहाँ उन्होंने जनता के साथ भावनात्मक जुड़ाव बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि बीजेपी की जीत के बाद वह जल्द ही कोलकाता का दौरा करेंगे।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान रैली में उपस्थित लोगों से सीधा संवाद करते हुए उन्हें पत्र लिखने के लिए भी प्रोत्साहित किया। प्रधानमंत्री के अलावा गृहमंत्री अमित शाह ने कोलकाता के बेहाला पश्चिम इलाके में एक भव्य रोड शो के जरिए बीजेपी के लिए समर्थन मांगा, जिसे पिछले 15 वर्षों से टीएमसी का मजबूत गढ़ माना जाता है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बंगाल के चुनावी दंगल में हिस्सा लिया और अंतिम चरण के लिए कई रैलियों को संबोधित किया। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर सहित कोलकाता के विभिन्न हिस्सों में लगभग 14 किलोमीटर लंबी पदयात्रा की और 200 रैलियों के साथ अपने अभियान का समापन किया।

टीएमसी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में चुनावी मोर्चा संभाला और लगभग 100 रैलियों के साथ अपना प्रचार अभियान पूरा किया। भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में मुकाबला काफी रोचक हो गया है, जहाँ बीजेपी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने भी ममता बनर्जी के खिलाफ पदयात्रा कर प्रचार किया।

प्रचार के अंतिम दिन चुनावी सरगर्मी के बीच राज्य के कई हिस्सों से हिंसक झड़पों की सूचना मिली है। हुगली, वर्धमान, दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना जिलों में छिटपुट हिंसा की घटनाओं के बावजूद सभी राजनीतिक दलों ने तय समय पर अपनी गतिविधियां समाप्त कर दीं।

NATIONAL : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु छह दिवसीय दौरे पर शिमला पहुंचीं, अटल सुरंग का दौरा करेंगी

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सोमवार को अपने छह दिवसीय दौरे पर हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला पहुंचीं। राष्ट्रपति यहां अटल सुरंग का दौरा करने के अलावा लोक भवन में आयोजित भोज में शामिल होंगी। राज्यपाल कविंदर गुप्ता, मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खु और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने राष्ट्रपति का स्वागत छराबड़ा स्थित कल्याणी हेलीपैड पर किया, जो यहां से लगभग 14 किलोमीटर दूर है। इसके बाद उन्हें मशोबरा स्थित राष्ट्रपति निवास ले जाया गया।

2 मई तक राज्य में अपने प्रवास के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु कांगड़ा जिले के पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय और कुल्लू जिले की अटल सुरंग का दौरा करेंगी। मंगलवार को, वह शिमला में राज्यपाल द्वारा आयोजित भोज में शामिल होंगी। 29 अप्रैल को राष्ट्रपति अटल सुरंग का दौरा करेंगी। इस दौरान वे सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधिकारियों से बातचीत करेंगी और इस ऐतिहासिक सुरंग के बारे में जानकारी लेंगी।

मनाली को लाहौल-स्पीति घाटी से जोड़ने वाली 9.02 किलोमीटर लंबी अटल सुरंग का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 अक्टूबर, 2020 को किया था। इससे पहले, भारी बर्फबारी के कारण घाटी लगभग छह महीने तक कटी रहती थी। यह सुरंग हिमालय की पीर पंजाल पर्वतमाला में समुद्र तल से 3,000 मीटर (10,000 फीट) की ऊंचाई पर अत्याधुनिक तकनीकों से निर्मित है।

30 अप्रैल को राष्ट्रपति पालमपुर स्थित चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। उसी दिन वे शिमला स्थित एआरट्रैक में आयोजित एक कार्यक्रम में भी भाग लेंगी। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।शिमला में एक हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।पालमपुर, मनाली, अटल सुरंग और अन्य स्थानों पर भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

शिमला के बाहरी इलाके में स्थित 175 साल पुरानी धरोहर ‘द रिट्रीट’ राष्ट्रपति का ग्रीष्मकालीन अवकाश स्थल है, जिसे पहले प्रेसिडेंशियल रिट्रीट के नाम से जाना जाता था। अप्रैल 2023 में, राष्ट्रपति मुर्मु ने शिमला यात्रा के दौरान इस ऐतिहासिक संपत्ति को आधिकारिक तौर पर जनता के लिए खोल दिया। पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण मुख्य भवन है, जो राष्ट्रपतियों के जीवन की झलक दिखाता है; साथ ही, आधिकारिक भोजन कक्ष और ऐतिहासिक धरोहरें भी यहां मौजूद हैं।

पर्यटकों की सुविधा के लिए, राष्ट्रपति निवास में एक क्लॉकरूम, व्हीलचेयर की सुविधा, एक कैफे, एक स्मारिका स्टोर, शौचालय, पूरे परिसर में पानी के डिस्पेंसर, विद्वान गाइडों के साथ निर्देशित दौरे और एक प्राथमिक चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध है।(इनपुट-आईएएनएस)

WORLD : क्या खत्म होगा पश्चिम एशिया संघर्ष?: 48 घंटे में तीसरी बार PAK पहुंचे अराघची, जानें रूस का क्या है कनेक्शन

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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची 48 घंटों में तीसरी बार पाकिस्तान पहुंचे हैं। इस्लामाबाद शांति वार्ता में अहम भूमिका निभा रहा है। उनकी यात्रा अमेरिका के साथ जारी तनाव को कम करने की कूटनीतिक कोशिशों का हिस्सा मानी जा रही है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची मंगलवार को एक बार फिर से पाकिस्तान पहुंचे हैं। यह पिछले 48 घंटों में उनकी इस्लामाबाद की तीसरी यात्रा है। यह यात्रा रूस में अपने दौरे को खत्म के बाद हुई है। माना जा रहा है कि 48 घंटों में इस तीसरी यात्रा का उद्देश्य अमेरिका के साथ चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक व्यापक कूटनीतिक प्रयास का हिस्सा है।

अराघची की बार-बार की पाकिस्तान यात्राएं इस बात का संकेत देती हैं कि इस्लामाबाद वर्तमान स्थिति में एक शांति दूत की भूमिका निभा रहा है। खास तौर से यह यात्रा ईरान और अमेरिका के बीच अप्रत्यक्ष आदान-प्रदान को सुगम बनाने में पाकिस्तान की भूमिका को रेखांकित करती है।

इससे पहले अराघची ने सेंट पीटर्सबर्ग में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत की थी। इस बैठक में द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया। एक टेलीग्राम बयान में अराघची ने बताया कि यह बैठक डेढ़ घंटे से अधिक चली और इसमें अमेरिका और इस्राइल द्वारा थोपे गए युद्ध और आक्रामकता के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई।

ईरानी विदेश मंत्री ने कहा, “रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ हमारी बैठक बहुत अच्छी रही। इसमें द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय मुद्दों के साथ-साथ अमेरिका और जायोनी शासन द्वारा युद्ध और आक्रामकता के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई।”

अराघची ने तेहरान और मॉस्को के बीच सहयोग पर भी चर्चा की, जिसमें संबंधों को और मजबूत करने के प्रस्ताव शामिल थे। उन्होंने ईरान-रूस संबंधों को एक रणनीतिक साझेदारी बताया और संघर्ष के दौरान मास्को के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “हाल के युद्ध में यह स्पष्ट हो गया कि ईरान के रूस जैसे महान मित्र और सहयोगी हैं; हम आपके रुख और समर्थन के लिए धन्यवाद करते हैं।”

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के प्रयासों का समर्थन करेगा और ईरान के हितों को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि क्षेत्र में जल्द से जल्द स्थिरता लौटेगी।

इस बीच वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि ईरान द्वारा संघर्ष समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा की है।

लेविट ने कहा, “प्रस्ताव पर चर्चा की जा रही थी और आगे के विवरण राष्ट्रपति द्वारा साझा किए जाएंगे।” इस प्रस्ताव में परमाणु वार्ता को बाद के चरण में लेने के साथ, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और युद्ध खत्म करने के लिए एक रूपरेखा तैयार की गई है। यह कूटनीतिक चहलकदमी ऐसे समय में हो रही है जब क्षेत्र में तनाव का माहौल है, और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये प्रयास शांति स्थापित करने में कितने सफल होते हैं।

NATIONAL : प्रधानमंत्री मोदी का सिक्किम में आज अंतिम दिन, राज्य स्थापना की 50वीं वर्षगांठ के समापन समारोह में भाग लेंगे

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गंगटोक,28 अप्रैल (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज राजधानी गंगटोक में स्वर्ण जयंती मैत्री मंजरी पार्क में आर्केडेरियम का दौरा करेंगे। इसके बाद वे पाल्जोर स्टेडियम में सिक्किम राज्य की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ के समापन समारोह में भाग लेंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर सोमवार को सिक्किम पहुंचे। कल प्रधानमंत्री ने देवराली के गंजू लामा द्वार से लोक भवन तक रोड शो किया। इस अवसर पर राज्य भर से लोगों ने गर्मजोशी के साथ प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग 10 पर कतार में खड़े लोगों को हाथ हिलाकर अभिवादन किया।

प्रधानमंत्री सिक्किम की अपनी यात्रा के दूसरे और अंतिम दिन की शुरुआत आज सुबह राजधानी के स्वर्ण जयंती मैत्री मंजरी पार्क में ऑकेडेरियम की यात्रा के साथ करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल मई में सिक्किम राज्य की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर इस उद्यान का उद्घाटन किया था।

प्रतिकूल मौसम के कारण वह उस समय सिक्किम नहीं आ सके। वह बागडोगरा हवाई अड्डे (पश्चिम बंगाल) तक आए थे। उन्होंने बागडोगरा से आभासी रुप में पार्क का उद्घाटन किया। इस बार वह राज्य की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ के समापन समारोह के अवसर पर उद्यान का दौरा करेंगे।

इसके बाद प्रधानमंत्री राजधानी के पाल्जोर स्टेडियम में राज्य की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ के समापन समारोह में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम को संबोधित करेंगे और 4000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखेंगे। यहां से वह अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के लिए रवाना होंगे और एक विशाल महिला सम्मेलन में भाग लेंगे।

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