Sunday, February 1, 2026
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ENTERTAINMENT : इंडियन आइडल में हुए रिजेक्ट, कैसे सिंगर बने विशाल मिश्रा? बॉर्डर 2 में गाने से मचाई धूम

फिल्म बॉर्डर 2 के गाने विशाल मिश्रा की आवाज में रिलीज होकर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. उन्नाव के इस सिंगर ने बॉलीवुड में कई हिट गाने दिए हैं और उनकी सफलता की कहानी प्रेरणादायक है.

बॉर्डर एक फिल्म नहीं बल्कि इमोशन है. इसलिए 90s की जनरेशन बॉर्डर 2 को लेकर बेहद एक्साइटेड है. फिल्म 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. फिल्म रिलीज से पहले ही इसके गाने खूब वायरल हो रहे हैं. बॉर्डर 2 के गानों को सिंगर विशाल मिश्रा ने भी अपनी आवाज दी है. विशाल के गाए हुए गानों के लिरिक्स सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे हैं.

दर्शकों का प्यार देखकर विशाल गदगद हैं. विशाल ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि उन्हें बॉर्डर 2 के लिए गाने का मौका मिलेगा. कमाल की बात ये है जिन विशाल के सभी मुरीद हो रहे हैं, कभी उन्हें रियलिटी शो के मंच पर रिजेक्ट कर दिया गया था. विशाल मिश्रा आज सिगिंग की दुनिया का बड़ा नाम बन चुके हैं. उन्होंने बॉर्डर 2 में जाते हुए लम्हे, प्यारी लगी और संदेशे आते हैं, जैसे गानों को अपनी आवाज दी है. बॉर्डर 2 में विशाल के गाए हुए गाने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं और उस पर कई रील्स बन रही हैं.

विशाल की आवाज में गाया हर सॉन्ग फैन्स को उनका दीवाना बना देता है. बहुत कम लोग जानते हैं कि अपनी गायिकी से सबको मंत्रमुग्ध कर देने वाले विशाल ने करियर की शुरूआत में इंडियन आइडल के ऑडिशन दिए थे. लेकिन उस समय उन्हें शो में रिजेक्ट कर दिया गया था.रिजेक्शन के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. विशाल लगातार अपनी आवाज पर काम करते गए. उन्हें संगीतकार ललित पंडित (जतिन-ललित) का मार्गदर्शन मिला, जिसने उनके करियर को नई दिशा दी. इसके बाद उन्होंने 2016 में तमिल फिल्म देवी के साथ म्यूजिक कंपोजर के रूप में अपना डेब्यू किया. 2017 में करीब करीब सिंगल के गाने जाने दे से उन्हें पहचान मिली. विशाल को असली लोकप्रियता 2019 में फिल्म कबीर सिंह के चार्टबस्टर गाने कैसे हुआ से मिली, जिससे वो बॉलीवुड में जगह बनाने में कामयाब रहे.

करियर की शुरुआत में विशाल के सामने कई परेशान आईं, लेकिन वो हालातों से घबराए नहीं. विशाल अपनी आवाज पर काम करते गए. उन्होंने अपनी हर गलती से सीखा. संगीत के प्रति अपने जुनून, लगातार सीखने की लगन और मुश्किलों से ना घबराते हुए उन्होंने लोगों के दिलों में जगह बना ली. यूपी के उन्नाव जैसे शहर से निकलकर मुंबई की चमक-धमक में अपने सपनों को पूरा करना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने ये कर दिखाया. विशाल की गायिकी और मेहनत दोनों ही काबिले-ए-तारीफ है. विशाल मिश्रा का कहना है कि वो अपना आइडल आर डी बर्मन और जगजीत सिंह को मानते हैं. ये वो लोग हैं जिन्होंने उन्हें काफी ज्यादा प्रभावित किया है.

MAHARASHTRA : मां ने बाहर खेलने से किया मना… 9वीं के छात्र ने कर ली आत्महत्या

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महाराष्ट्र के बीड़ जिले में एक 15 साल के लड़के ने आत्महत्या कर ली. बताया जाता है कि लड़के को उसकी मां ने तेज धूम के कारण बाहर खेलने जाने से मना कर दिया था.

महाराष्ट्र के बीड जिले में एक 15 साल के लड़के ने आत्महत्या कर ली, क्योंकि उसकी मां ने उसे अपने दोस्त के साथ खेलने के लिए बाहर जाने से मना कर दिया था. एक एजेंसी के मुताबिक यह घटना रविवार को कैज इलाके में हुई. लड़का क्लास 9 का स्टूडेंट था. रविवार को सुबह करीब 10 बजे उसका एक दोस्त उसके घर आया और उसे बाहर आकर खेलने के लिए कहा. लेकिन मां ने उसे बाहर जाने से मना कर दिया.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि किशोर की मां ने बढ़ते तापमान के कारण उसे घर के अंदर रहने की सलाह दी और सुझाव दिया कि वह शाम 4 बजे के बाद बाहर जाए. अधिकारी ने बताया कि दोस्त के सामने बाहर खेलने की इजाज़त न मिलने से परेशान होकर लड़का अपने माता-पिता के बेडरूम में गया, अंदर से दरवाज़ा बंद कर लिया और छत के पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली.

1:30 बजे बेडरूम का दरवाज़ा बंद देखकर उसने शोर मचाया. जिसके बाद पड़ोसी मौके पर पहुंचे और दरवाज़ा तोड़ा गया. इस दौरान लड़का ज़मीन पर बेजान हालत में पड़ा था. और पास में एक टूटी हुई रस्सी पड़ी थी.

जिसके बाद उसे तुरंत कैज के सब-डिविजनल अस्पताल ले जाया गया. अधिकारी ने बताया कि गंभीर हालत के कारण मेडिकल अधिकारियों ने उसे 40 किमी दूर अंबाजोगाई के एक सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया है. कैज पुलिस ने इस घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

NATIONAL : पटना का शंभू गर्ल्स हॉस्टल सील, NEET छात्रा की मौत के बाद लड़कियों ने रातो-रात खाली की बिल्डिंग

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पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद मामला और गंभीर हो गया है. जांच कर रही एसआईटी ने छात्रा के शंभू हॉस्टल को सील कर दिया है. परिवार ने यौन शोषण और पुलिस पर लीपापोती का आरोप लगाया है. इस घटना के बाद राजधानी में भारी विरोध प्रदर्शन हुआ, वहीं एक अन्य हॉस्टल में भी नाबालिग छात्रा की आत्महत्या का मामला सामने आया है.

बिहार की राजधानी पटना में नीट (NEET) की तैयारी कर रही 18 साल की छात्रा की मौत के मामले में जांच तेज हो गई है. अब इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने मंगलवार को उस शंभू गर्ल्स हॉस्टल को सील कर दिया जहां बेहोश पाए जाने के बाद लड़की की संदिग्ध मौत हुई थी.अधिकारियों के अनुसार, एसआईटी ने करीब आधे घंटे तक चित्रगुप्त नगर के हॉस्टल के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण करने के बाद परिसर को सील किया.

हॉस्टल सील किए जाने से पहले आईजी जितेंद्र कुमार राणा के नेतृत्व में SIT की टीम, पटना एसपी कार्तिकेय शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंचे और पूरे परिसर की दोबारा सघन जांच की गई थी. जांच के दौरान टीम उस वक्त हैरान रह गई, जब हॉस्टल के कई कमरों के दरवाजों पर आपत्तिजनक और गंदे शब्द लिखे मिले. इसके अलावा हॉस्टल परिसर में कई संदिग्ध सामान भी नजर आए. पांच मंजिला इस इमारत में लिफ्ट, सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुविधाएं देखकर अधिकारी भी चौंक गए.

घटना के बाद से हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं और उनके परिजनों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया था. ऐसे में बीते सोमवार को ही बड़ी संख्या में छात्राओं के परिजन शम्भू गर्ल्स हॉस्टल पहुंचे और रातों रात अपनी-अपनी बेटियों का सामान समेटकर उन्हें वहां से ले गए. इसके बाद यह हॉस्टल लगभग पूरी तरह खाली हो गया है.

बता दें कि मृतक छात्रा जहानाबाद जिले की रहने वाली थी और पटना में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की तैयारी कर रही थी. इसी महीने की शुरुआत में वह अपने हॉस्टल के कमरे में अचेत अवस्था में पाई गई थी. उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई.

छात्रा के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बेटी के साथ यौन शोषण किया गया है और मामले को दबाने की कोशिश की गई. इन आरोपों के बाद पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे. मामले ने तूल पकड़ लिया और पटना में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए. बढ़ते दबाव के बीच पुलिस ने हॉस्टल के मालिक को गिरफ्तार कर लिया.

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दावा किया गया कि छात्रा की मौत अत्यधिक नींद की गोलियां खाने के कारण हुई और वह टाइफाइड से भी पीड़ित थी. हालांकि, परिवार इस रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है. जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात की और मामले की दोबारा जांच की मांग की.

प्रशांत किशोर की इस मुलाकात के कुछ ही घंटों बाद बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने मामले की गहन जांच के लिए एसआईटी के गठन का आदेश दिया. एसआईटी ने पहले जहानाबाद जाकर छात्रा के परिजनों से पूछताछ की और अब पटना स्थित हॉस्टल को सील कर अहम सबूत जुटाने की कोशिश की जा रही है.

इस बीच, राजधानी पटना में नीट अभ्यर्थियों से जुड़ा एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. प्रदर्शनी रोड स्थित एक हॉस्टल में रहने वाली 15 वर्षीय छात्रा ने आत्महत्या कर ली. वह औरंगाबाद जिले की रहने वाली थी. गांधी मैदान थाना प्रभारी अखिलेश कुमार मिश्रा के अनुसार, पीड़िता के परिवार की शिकायत पर एक युवक को हिरासत में लिया गया है, जिस पर हॉस्टल में घुसकर छात्रा से मारपीट करने का आरोप है.

UP : बिजनौर की रितु, योगी की आजीविका नीति ने बदली तकदीर

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उत्तर प्रदेश में योगी सरकार का ‘राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’ ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बना रहा है. बिजनौर जिले की रितु विदुर कैफे के जरिए इसी परिवर्तन की सबसे बड़ी मिसाल है.मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश भर में संचालित ‘राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’ ग्रामीण महिलाओं के जीवन में निर्णायक बदलाव ला रहा है. सरकार की यह पहल महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ा रही है.प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग, और बाजार से सीधा जुड़ाव, योगी सरकार की उस नीति का आधार है जिसके चलते गांवों में महिलाओं की भूमिका अब घर तक सीमित नहीं रही. बिजनौर जिले की रितु की सफलता इसी परिवर्तन की सशक्त मिसाल है.

देवमल ब्लॉक के ग्राम फिरोजपुर नरोत्तम की रहने वाली रितु का जीवन कुछ वर्ष पहले तक पति की दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर था. सीमित और अनिश्चित आय के कारण परिवार का खर्च चलाना कठिन होता था. भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रहती थी. ऐसे समय में वर्ष 2022 में रितु का जुड़ाव लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह से हुआ. यह जुड़ाव उनके जीवन में बदलाव का आधार बना.राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत रितु को उद्यमिता से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया. उन्हें बचत और ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई गई तथा व्यवसाय शुरू करने के लिए निरंतर मार्गदर्शन भी मिला. योगी सरकार का संकल्प है कि ग्रामीण महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हों और आत्मसम्मान के साथ आजीविका अर्जित करें. इसी सोच ने रितु को आगे बढ़ने का भरोसा दिया.

आजीविका मिशन के सहयोग से रितु ने ‘विदुर कैफे’ की शुरुआत की. सीमित संसाधनों से शुरू हुआ यह कैफे आज उनकी पहचान बन चुका है. रितु अब प्रतिदिन 6-7 हजार रुपये तक की आय कमा रही हैं. कभी जिनके लिए घर का खर्च जुटाना चुनौती था, आज वे आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रही हैं और भविष्य की योजनाएं बना रही हैं.

रितु की सफलता का असर केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने अपने कैफे के माध्यम से गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ा है. इससे गांव में महिलाओं के बीच आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई है.

महिलाएं अब काम के लिए बाहर जाने के बजाय गांव में ही सम्मानजनक रोजगार पा रही हैं, जिससे सामाजिक माहौल में भी सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है. रितु का कहना है कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें प्रशिक्षण, अवसर और सम्मान, तीनों मिले. योगी सरकार की योजनाओं ने उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया. उनकी कहानी यह बताती है कि यदि नीति स्पष्ट हो और जमीनी स्तर पर सहयोग मिले, तो गांवों में भी सफल और स्थायी व्यवसाय खड़े किए जा सकते हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की ग्रामीण महिलाएं अब बदलाव की साक्षी बन रही हैं. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से सरकार महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है. रितु जैसी सफलता की कहानियां इस बात का प्रमाण हैं कि उत्तर प्रदेश में आत्मनिर्भरता अब केवल योजना नहीं, बल्कि धरातल पर साकार होती वास्तविकता है.

MP : इंदौर दूषित पानी कांड: MP सरकार ने बनाई हाई-पावर कमेटी, 1 महीने में देनी होगी रिपोर्ट

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MP सरकार ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों की जांच के लिए अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है. एक महीने के भीतर जवाबदेही तय करते हुए कमेटी को रिपोर्ट सौंपनी है.

इंदौर के भागीरथपुरा में फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप और उससे हुई मौतों की जांच अब प्रदेश स्तर के सीनियर अफसर करेंगे. राज्य सरकार ने सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय कुमार शुक्ला के नेतृत्व में इस कमेटी का गठन किया है.ACS संजय कुमार शुक्ला की अध्यक्षता वाली यह कमेटी इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में पानी में मिलावट के असली कारणों और मुख्य तथ्यों की जांच करेगी और प्रशासनिक, तकनीकी और मैनेजमेंट की कमियों का विश्लेषण करेगी.

अफसर ने बताया कि यह घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करेगी, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी सिफारिशें करेगी और जांच के तहत मामले से संबंधित या जरूरी समझे जाने वाले अन्य मामलों को भी शामिल करेगी.कमेटी संबंधित विभागों से जरूरी रिकॉर्ड, रिपोर्ट और जानकारी लेगी और यदि जरूरी हो, तो मौके पर जाकर मुआयना भी करेगी. अधिकारी ने बताया कि यह कमेटी एक महीने के भीतर राज्य सरकार को जांच रिपोर्ट सौंप देगी.

शुक्ला के अलावा, समिति के अन्य सदस्यों में PHE के प्रमुख सचिव पी नरहरि और शहरी प्रशासन एवं विकास निदेशालय कमिश्नर संकेत भोडावे शामिल हैं.
इंदौर संभागीय कमिश्नर सुदाम खाड़े को सदस्य-सचिव बनाया गया है. राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के सामने अपनी स्टेटस रिपोर्ट में पानी में मिलावट की त्रासदी में मरने वालों की संख्या 7 बताई है, जिसमें एक 5 महीने का बच्चा भी शामिल है.

हालांकि, सरकारी महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की एक समिति की तैयार ऑडिट रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा में 15 लोगों की मौत किसी न किसी तरह से इस बीमारी के फैलने से जुड़ी हो सकती है.भागीरथपुरा के निवासियों ने दावा किया कि पिछले महीने इलाके में उल्टी और दस्त फैलने से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है.प्रशासन ने बीमारी फैलने के बाद मरने वाले 21 लोगों के परिवारों को 2 लाख रुपये का मुआवजा दिया है. कुछ मौतें अन्य बीमारियों और कारणों से हुई थीं, लेकिन अधिकारियों ने मानवीय आधार पर सभी पीड़ित परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की.

NATIONAL : कोरबा में पुलिस सब इंस्पेक्टर ने महिला से घर में घुसकर छेड़छाड़ की, जेल गए, SP ने सस्पेंड किया

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छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा थाना में महिला से छेड़छाड़ के आरोप में पुलिस सब-इंस्पेक्टर शिवप्रसाद कोसरिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया, जबकि पुलिस अधीक्षक ने उसे निलंबित कर दिया. महिला ने घर जाकर आपत्तिजनक व्यवहार का आरोप लगाया. मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पुलिस विभाग को शर्मसार होना पड़ा है. एक महिला से छेड़छाड़ के आरोप में पुलिस सब इंस्पेक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है और पुलिस अधीक्षक ने सस्पेंड कर दिया है. यह जानकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटघोरा नीतीश ठाकुर ने दी है.

मामला जिले के कटघोरा थाना का है. यहां पदस्थ सब इंस्पेक्टर शिवप्रसाद कोसरिया पर एक महिला ने आपत्तिजनक व्यवहार करने की लिखित शिकायत कटघोरा थाना पहुंचकर की. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कटघोरा थाना में एफआईआर दर्ज कर आरोपी सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया. इसके बाद पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया.

पुलिस सूत्रों के अनुसार एक पखवाड़ा पहले सब इंस्पेक्टर कोसरिया ने प्रार्थी महिला के पति को अवैध रूप से शराब विक्रय के आरोप में गिरफ्तार किया था. न्यायालय से जमानत नहीं मिलने के कारण महिला के पति को जेल भेज दिया गया था. वह अभी भी जेल में है. इस दौरान कोर्ट ने दो बार उसका जमानत का आवेदन निरस्त कर दिया है.

महिला का आरोप है कि इस बीच सब इंस्पेक्टर शिवप्रसाद केसरिया ने उससे संपर्क किया और उसके पति को जमानत दिलाने का आश्वासन दिया. घटना के दिन अब इंस्पेक्टर उसके घर गया, जहां उसने महिला के साथ छेड़छाड़ की.महिला किसी तरह से उसके चंगुल से बचकर घर से बाहर आई और घर का दरवाजा बाहर से बंदकर घटना की शिकायत करने पुलिस थाना पहुंची. हालांकि उसके पीछे सब इंस्पेक्टर भी किसी तरह घर से बाहर निकलने में सफल रहा और भागकर अपने घर चला गया.

NATIONAL : एक आलीशान मकान, 5 लाशें और रात 3 बजे का वो आखिरी खौफनाक ऑडियो

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सहारनपुर की कौशिक विहार कॉलोनी में एक ही परिवार के पांच लोगों के शव मिलने से हड़कंप मच गया. आशंका है कि मुखिया अशोक राठी ने मां, पत्नी और दो बेटों की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुदकुशी कर ली. पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की जांच कर रही है.

यूपी के सहारनपुर में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हड़कंप मच गया. सभी के सिर में गोली के निशान थे. आशंका जताई जा रही है कि परिवार के मुखिया अशोक ने पहले मां, पत्नी और दो बेटों को गोली मारी, फिर खुद भी जान दे दी. वारदात के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने एक-एक कर शवों को घर से बाहर निकाला. बीती शाम पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान हर एक आंख नम थी.

पूरा मामला सहारनपुर के थाना सरसावा क्षेत्र स्थित कौशिक विहार कॉलोनी का है. यहां मंगलवार सुबह एक दो मंजिला आलीशान मकान के एक कमरे में पांच लोगों के शव मिले. सूचना मिली तो पुलिस अधिकारी दल बल के साथ घटनास्थल पहुंचे. कॉलोनी में अचानक पुलिस फोर्स और फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी से हड़कंप मच गया. प्रारंभिक जानकारी में सभी की मौत गोली लगने से बताई गई.

बंद कमरे और शांत पड़े मकान ने पूरे मामले को रहस्यमय बना दिया. आसपास के लोग स्तब्ध थे और किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि अंदर ऐसा कुछ हुआ होगा. इस दर्दनाक घटना से कुछ घंटे पहले रात करीब 3 बजे परिवार के मुखिया अशोक राठी ने अपनी बहन को ऑडियो क्लिप भेजी थी. ऑडियो में उन्होंने कहा था कि उनसे बहुत बड़ी गलती हो गई है और वह अपनी पत्नी, मां और दोनों बेटों को मार चुके हैं. साथ ही उन्होंने खुद भी आत्महत्या करने की बात कही और यह इच्छा जताई कि सभी का अंतिम संस्कार गांव में ही किया जाए.

यह ऑडियो क्लिप सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है, लेकिन पुलिस सूत्रों के मुताबिक ये जांच का हिस्सा है. सुबह जब बहन ने वह रिकॉर्डिंग सुनी तो वह घबरा गईं और तुरंत पास में रहने वाले रिश्तेदारों को सूचना दी. रिश्तेदार मौके पर पहुंचे और घर के अंदर झांकने की कोशिश की. सीढ़ी लगाकर घर के अंदर गए, फिर रसोई की जाली तोड़ी गई, तब अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए. इसके बाद पुलिस को खबर दी गई.

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घर को सील किया और मोबाइल समेत सभी इलेक्ट्रॉनिक सबूत कब्जे में ले लिए. घर के भीतर अशोक राठी (40), उनकी पत्नी अंजिता (37), मां विद्यावती (70) और दो बेटे कार्तिक (16) व देव (13) के शव मिले. कमरे से तीन देशी तमंचे बरामद हुए और दरवाजा अंदर से बंद मिला. किसी तरह की तोड़फोड़ के निशान नहीं थे.

एसएसपी आशीष तिवारी ने भी बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या के बाद आत्महत्या का प्रतीत होता है, हालांकि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी. पोस्टमार्टम के बाद देर रात सभी शव गांव खारीबास पहुंचाए गए, जहां रात मे ही एक साथ अंतिम संस्कार किया गया. एक साथ 5 चिता पर पांच अर्थियां जलती देख पूरा गांव सदमे में डूब गया. परिजनों के अनुसार, अशोक नकुड़ तहसील में अमीन के पद पर कार्यरत थे और सामान्य स्वभाव के माने जाते थे हाल ही में उन्होंने नया मकान बनवाया था और बच्चों की पढ़ाई भी ठीक चल रही थी. अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि सब कुछ सामान्य दिखने के बावजूद वह कौन-सी वजह थी, जिसने एक रात में पूरे परिवार को खत्म कर दिया.

NATIONAL : पुरुष BJP नेता की सोनोग्राफी में बता दिया ‘उल्टा गर्भाशय’; पीड़ित ने कहा- ऑपरेशन हो जाता तो कौन होता जिम्मेदार?

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मध्य प्रदेश के सतना जिले से चिकित्सा जगत की एक ऐसी लापरवाही सामने आई है, जिसने पूरे स्वास्थ्य तंत्र को शर्मसार कर दिया है. एक प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर ने पुरुष मरीज की सोनोग्राफी रिपोर्ट में गर्भाशय होने का दावा कर दिया.

मध्य प्रदेश के सतना जिले में निजी डाइग्नोस्टिक सेंटर की लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई हैरान है. शहर के स्टेशन रोड स्थित ‘सतना डायग्नोस्टिक सेंटर’ ने एक 47 वर्षीय पुरुष की सोनोग्राफी रिपोर्ट में गर्भाशय (यूट्रस) होने की पुष्टि कर दी है. हैरत की बात यह है कि यह लापरवाही किसी आम व्यक्ति के साथ नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि के साथ हुई है.

हैरान परेशान करने वाली घटना उचेहरा नगर पंचायत के अध्यक्ष निरंजन प्रजापति के साथ घटी है. दरअसल मरीज निरंजन प्रजापति को पिछले कुछ दिनों से पेट में तकलीफ हो रही थी.उचित उपचार के लिए उन्होंने ने 13 जनवरी को सतना डायग्नोस्टिक सेंटर में अपनी सोनोग्राफी कराई. जब रिपोर्ट सामने आई, तो उनके होश उड़ गए. रिपोर्ट में न केवल पुरुष के शरीर में गर्भाशय दिखाया गया, बल्कि उसे ‘उल्टा’ (Anteverted) भी बताया गया.

इस गंभीर लापरवाही को लेकर जब डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक डॉ. अरविंद सराफ से संपर्क किया गया, तो उन्होंने इस पर कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया. वहीं, मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है.

निरंजन प्रजापति ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मेरे पेट में दर्द था और सूजन आने लगी थी. बहुत तकलीफ थी. मैंने उचेहरा में प्राइमरी इलाज लिया. इलाज लेने के बाद मैं दूसरे दिन जब मेरे को राहत न लगी तो मैं सतना गया. सतना में सोनोग्राफी करवाई. सोनोग्राफी की रिपोर्ट जो आई, उसमें ध्यान नहीं दिया. मैंने डॉक्टर को दिखाया, डॉक्टर से दवाई ली. फिर भी रिलैक्स नहीं लगा तो हम जबलपुर गए और जबलपुर में इलाज कराके फिर वापस आए. इसी बीच जबलपुर वाले डॉक्टर ने सतना की रिपोर्ट में देखा कि इसमें गर्भाशय (Uterus) था. उन्होंने बताया कि ये रिपोर्ट किसने दे दी? ये आपकी रिपोर्ट ही नहीं है. मैंने बोला कि रिपोर्ट तो मेरी ही है, जांच भी मेरी हुई है. अगर गलत रिपोर्ट के आधार पर यदि कोई डॉक्टर ऑपरेशन कर देता, तो उसका जिम्मेदार कौन होता?”

सतना के (CMHO) ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए कहा, “यह मामला गंभीर है और मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है. रिपोर्ट की वस्तुस्थिति का पता लगाकर जांच के निर्देश दिए गए हैं. यदि सेंटर की लापरवाही सिद्ध होती है, तो उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.”

BIHAR : स्कूल की 4 लड़कियों को आपस में हो गया प्यार, भागकर दिल्ली आईं, फिर…

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बिहार के गया जिले में डेल्हा थाना क्षेत्र से चार नाबालिग छात्राएं 16 जनवरी को गायब हो गईं. एसएसपी सुशील कुमार के निर्देश पर एसआईटी ने उन्हें बक्सर और दिल्ली से सुरक्षित बरामद किया. दिल्ली में दो लड़कियों ने लड़के का वेश धारण किया था. टाउन डीएसपी धर्मेंद्र भारती ने बताया कि सभी चारों को सुरक्षित गया लाया गया और उनके बयान कोर्ट में दर्ज होंगे. पुलिस ने चेतावनी दी है कि नाबालिगों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है. मामले की जांच जारी है.

बिहार के गया जिले के डेल्हा थाना क्षेत्र में एक चौकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 16 जनवरी को अनुग्रह कन्या उच्चतर विद्यालय की चार नाबालिग छात्राएं अचानक घर से गायब हो गईं. चारों को स्कूल में पढ़ने के दौरान एक दूसरे से प्यार हो गया था. लापता होने की सूचना पर परिजनों ने तुरंत डेल्हा थाना में आवेदन दिया. एसएसपी सुशील कुमार के निर्देश पर चारों नाबालिग लड़कियों की बरामदगी के लिए एसआईटी टीम का गठन किया गया.

प्रारंभिक जांच में पता चला कि लड़कियां बक्सर में मौजूद हो सकती हैं. एसआईटी टीम जब वहां पहुंची, तो पता चला कि लड़कियां दिल्ली पहुंच चुकी थीं. इस पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फ्लाइट से टीम दिल्ली रवाना की.दिल्ली पहुंचकर पुलिस ने देखा कि चारों में से दो नाबालिग लड़कियों ने अपने आप को लड़के के रूप में वेश-भूषा बदल लिया था. सूत्रों के अनुसार, लड़कियां एक ही स्कूल में पढ़ती थीं और गहरी दोस्त थीं. इस दोस्ती में उनका लगाव इतना बढ़ गया कि वे बिना एक-दूसरे के नहीं रहना चाहती थीं. इसी वजह से उन्होंने घर से भागने और अपने साथियों के साथ रहने का फैसला किया.

टाउन डीएसपी (2) धर्मेंद्र भारती ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस घटना का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि जब गया पुलिस दिल्ली पहुंची, तो दो लड़कियों ने खुद को लड़के का रूप धारण कर रखा था, जिससे पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए. उन्होंने कहा कि पुलिस ने सभी चारों नाबालिग लड़कियों को सकुशल बरामद कर लिया है और उन्हें सुरक्षित रूप से गया वापस लाया गया है.

डीएसपी धर्मेंद्र भारती ने आगे बताया कि सभी नाबालिग लड़कियों के बयान कोर्ट में दर्ज किए जाएंगे और उनके परिजनों को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सतर्क रखा गया है. वहीं, पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.

इस घटना ने न केवल गया जिले में बल्कि पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गई है. विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में नाबालिग बच्चों की सुरक्षा, उनकी मानसिक स्थिति और परिवार की देखभाल पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है. पुलिस ने भी चेतावनी दी है कि अगर कोई नाबालिग घर से बिना बताए बाहर जाता है तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं और इसकी रोकथाम के लिए सतर्क रहना जरूरी है.

ENTERTAINMENT : मौत से 4 महीने पहले हेमा माल‍िनी संग धर्मेंद्र का वीड‍ियो, देखकर इमोशनल हुए फैंस

धर्मेंद्र भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं. मगर एक खूबसूरत याद बनकर वो हमेशा अपने चाहनेवालों के दिलों में जिंदा रहेंगे. इन दिनों धर्मेंद्र और हेमा मालिनी का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखकर फैंस इमोशनल हो रहे हैं.

धर्मेंद्र और हेमा मालिनी फिल्म इंडस्ट्री के पावर कपल्स में शुमार किए जाते थे. दोनों की केमिस्ट्री और उनका बॉन्ड फैंस को हमेशा इंप्रेस करता था. धर्मेंद्र के निधन के बाद भले ही उनकी जोड़ी टूट गई है. मगर आज भी दोनों फैंस के फेवरेट कपल है. इन दिनों धर्मेंद्र और हेमा मालिनी का एक खास वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें धर्मेंद्र पत्नी हेमा संग थिरकते हुए दिखाई दे रहे हैं.

दरअसल, आरजे अनिरुद्ध चावला ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक खास वीडियो शेयर किया है. वीडियो में धर्मेंद्र और हेमा मालिनी बैंगनी कलर के आउटफिट में ट्विविंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं. दोनों साथ में काफी खुश हैं और एक म्यूजिकल डे एन्जॉय करते हुए देखे जा सकते हैं. धर्मेंद्र के हाथ में उनकी और हेमा मालिनी की फिल्म ‘आस पास’ का एक पोस्टर भी दिखाई दे रहा है. आरजे अनिरुद्ध चावला उनकी फिल्म का गाना ‘दरिया में फेंक दो चाबी’ गा रहे हैं और उनके गाने पर धर्मेंद्र थिरकते हुए नजर रहे हैं. हेमा मालिनी भी पति का साथ देती दिखीं. दोनों के इस वीडियो ने फैंस का दिन बना दिया है.

वीडियो के कैप्शन में आरजे अनिरुद्ध ने बताया कि ये वीडियो धर्मेंद्र के निधन से 4 महीने पहले ही रिकॉर्ड किया गया था. अनिरुद्ध ने लिखा- धर्मेंद्र जी और हेमा मालिनी के साथ कुछ यादगार पल. हमने उनके साथ मिलकर उनकी फिल्म ‘आस पास’ का गाना ‘दरिया में फेंक दो चाबी’ गाया था. धरम जी के निधन से 4 महीने पहले ही हमारी मुलाकात हुई थी. जब मैं अपने कनाडा कॉन्सर्ट टूर के लिए उनकी ब्लेसिंग्स लेने गया था. तब क्या पता था कि उनसे आखिरी मुलाकात होगी.

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