Sunday, November 1, 2026
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NATIONAL : कॉकरोच जनता पार्टी का आज से हल्ला बोल, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग; सीएम फड़नवीस को अभिजीत दीपके की चुनौती

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) रविवार (2 अक्टूबर) को मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की शुरुआत करेगा। प्रदर्शन में मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की होगी। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके पिछले कई दिनों से लगातार सीईसी के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

CJP ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत तैयार मतदाता सूची पर भी रोक लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और इसमें नागरिक समाज की भागीदारी होनी चाहिए।

अभिजीत दीपके ने ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें ‘देशद्रोही’ कहा। उन्होंने दावा किया कि 2024 के बाद मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं। हालांकि, ये आरोप उनके बयान के रूप में हैं।

दीपके ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) को लेकर भी सवाल उठाए और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर CEC इस्तीफा नहीं देते हैं तो प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करेंगे।

गौर करने वाली बात है कि मुंबई पुलिस ने CJP को शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। मुंबई में प्रदर्शन के लिए निर्धारित जगह आजाद मैदान है। इस बारे में पूछे जाने पर दीपके ने कहा कि संगठन शिवाजी पार्क में ही प्रदर्शन करना चाहता है।उन्होंने बताया कि मुंबई के बाद संगठन छह और शहरों में प्रदर्शन करेगा और अक्टूबर के अंत में दिल्ली के जंतर-मंतर पर अभियान समाप्त करेगा।

दीपके ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी जिसमें प्रदर्शनकारियों को तीन दिन की पुलिस हिरासत की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह तीन महीने की हिरासत के लिए भी तैयार हैं।

SIR और मतदाता सूची से जुड़े मामलों की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का इंतजार करने के सवाल पर दीपके ने अदालत की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संगठन सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार नहीं करना चाहता।

कांग्रेस की ‘बी टीम’ होने के आरोपों पर दीपके ने कहा कि अलग-अलग राजनीतिक दल संगठन पर अलग-अलग पार्टियों की ‘बी टीम’ होने का आरोप लगाते हैं।

शिक्षा में आरक्षण के सवाल पर दीपके ने IIT बॉम्बे के उस छात्र की मौत का भी जिक्र किया जिसने आत्महत्या की थी। उन्होंने कहा कि कई छात्रों की मौत के मामलों में संस्थानों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व और छात्रों के बीच अपनापन महसूस कराने की जरूरत है।

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया शिवाजी महाराज का अपमान
महाराष्ट्र की देवेंद्र फड़नवीस सरकार में मंत्री नितेश राणे ने आरोप लगाया है कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान किया है। राणे ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से कहा कि अभिजीत दीपके के द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर की गई पोस्ट में शिवाजी महाराज की प्रतिमा के नीचे कॉकरोच दिखाए गए हैं।

NATIONAL : इंडिया गठबंधन का चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, महात्मा गांधी की 157वीं जयंती मनाई जाएगी

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आज 2 अक्तूबर सिंतबर 2026 को भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी है। आज से इंडिया गठबंधन का विरोध प्रदर्शन शुरू होगा। इसके साथ ही देश में महात्मा गांधी की 157वीं जयंती मनाई जाएगी।

इंडिया गठबंधन का विरोध प्रदर्शन
इंडिया गठबंधन के सदस्य 2 अक्तूबर से 8 अक्तूबर तक डीएम कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे। वहीं, 6 अक्तूबर को सभी विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में विपक्षी नेता राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगेंगे और उन्हें बताएंगे कि किस तरह संस्थाओं पर नियंत्रण किया जा रहा है। उनका यह प्रदर्शन चुनाव आयोग के खिलाफ है।

कॉकरोच जनता पार्टी शुक्रवार को मुंबई के शिवाजी पार्क से आंदोलन शुरू होगा। उनका कहना है इसे देश के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और शिवसेना (यूबीटी) की ओर से भी 4 अक्तूबर को मुंबई में चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा निकालने की बात कही गई है।

केंद्रीय मंत्री का मध्य प्रदेश दौरा
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार को मध्य प्रदेश के दौरे पर जाएंगे। वे शनिवार को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में होने वाले राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में शामिल होंगे। गोपालक सम्मेलन में वे भारतीय न्याय संहिता पर आधारित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन और अवलोकन करेंगे। इसके बाद गोपालकों और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को संबोधित करेंगे। दौरे के दौरान अमित शाह भोपाल बायपास-भौरी के पास आईआईएसईआर (अत्रि) परिसर का शिलान्यास करेंगे। (संबंधित खबर यहां पढ़ें)

आज है गांधी जयंती
आज 2 अक्तूबर है। आज गांधी जयंती मनाई जाती है। महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्तूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। 2 अक्तूबर 2026 को उनकी 157वीं जयंती के रूप में मनाई जाएगी। सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह से जुड़े उनके विचारों ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को प्रभावित किया। (संबंधित खबर यहां पढ़ें)

लाल बहादुर शास्त्री की जयंती
भारत के दूसरे प्रधानमंत्री पंडित लाल बहादुर शास्त्री की जयंती हर साल 2 अक्टूबर को मनाई जाती है। सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और देशसेवा के लिए याद किए जाने वाले शास्त्री जी का सार्वजनिक जीवन आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। शास्त्री जी ने देश के कठिन दौर में नेतृत्व किया और ‘जय जवान, जय किसान’ का प्रसिद्ध नारा दिया। यह नारा देश की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र के महत्व को रेखांकित करता है। उनका जीवन सादगी और सार्वजनिक सेवा से जुड़े मूल्यों के लिए जाना जाता है।

केंद्र सरकार 2 से 31 अक्तूबर तक विशेष अभियान-6.0 चलाएगी। इसके तहत राष्ट्रीय राजमार्गों और टोल प्लाजा की सफाई, रखरखाव, गड्ढामुक्त सड़कें, शौचालयों का उन्नयन, बेहतर प्रकाश व्यवस्था तथा सड़क संकेतकों में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अभियान का मकसद राष्ट्रीय राजमार्गों को अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, अभियान के दौरान शहरी क्षेत्रों से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों से कचरा हटाया जाएगा। टोल प्लाजा के शौचालयों का नवीनीकरण और नियमित रखरखाव किया जाएगा। साथ ही टोल प्लाजा पर सफाई, रंग-रोगन, बेहतर रोशनी और सौर ऊर्जा सुविधाओं को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।

NATIONAL : फॉर्म-6 में बदलाव किसके आदेश पर हुआ? राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के साथ TCS से भी मांगा जवाब

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नई दिल्ली: ऑनलाइन वोटर रजिस्ट्रेशन फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग के अलावा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज पर भी सवाल उठाए हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को पूछा कि फॉर्म में बदलाव का आदेश किसने दिया और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में किस अधिकारी ने इसे मंजूरी दी? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या कंपनी पर बदलाव के लिए दबाव बनाया गया था।

राहुल गांधी ने किया पोस्ट
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ऑनलाइन फॉर्म-6 में अवैध तरीके से बदलाव किया गया था, जिसका जिक्र खुद चुनाव आयुक्तों ने अपने रिकॉर्ड में किया है।

कांग्रेस महासचिव ने लगाया आरोप
वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि जुलाई 2026 के मध्य में मुख्य चुनाव आयुक्त ने असंवैधानिक तरीके से फॉर्म में बदलाव किया था। इसका मकसद जेन-जी यानी युवा मतदाताओं को वोटर लिस्ट से बाहर करना था। उन्होंने इसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका होने का भी आरोप लगाया।

क्या है पूरा मामला?
फॉर्म-6 का इस्तेमाल नए मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में शामिल कराने के लिए किया जाता है। विवाद तब शुरू हुआ, जब इसमें विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी एक अतिरिक्त घोषणा जोड़ी गई। इसके तहत आवेदकों को बताना था कि उनका या उनके परिवार के सदस्यों का नाम पिछली मतदाता सूची में था या नहीं।

एक मीडिया रिपोर्ट से शुरू हुआ विवाद
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने इस बदलाव पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि फॉर्म-6 एक वैधानिक दस्तावेज है और इसमें बदलाव के लिए निर्वाचन पंजीकरण नियम, 1960 में संशोधन जरूरी है। हालांकि चुनाव आयोग ने बाद में स्पष्ट किया कि फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया, बल्कि SIR के दौरान एक अतिरिक्त घोषणा जोड़ी गई थी। आयोग के मुताबिक, यह घोषणा केवल SIR की अवधि तक लागू थी।

NATIONAL : महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जयंती: आज राजघाट और विजयघाट की ओर जाने से बचें, ट्रैफिक में सुबह से बदलाव

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दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि कार्यक्रमों को सुचारू रूप से चलाने और ट्रैफिक व पैदल चलने वालों की आवाजाही को सुरक्षित और आसान बनाने के लिए राजघाट, विजय घाट, रिंग रोड और आसपास की सड़कों पर खास ट्रैफिक इंतजाम किए गए हैं।

महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के उपलक्ष्य में राजघाट और विजय घाट पर दो अक्तूबर को कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सुबह के समय बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्तियों, आमंत्रित लोगों और आम जनता के इन दोनों जगहों पर आने की उम्मीद है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि कार्यक्रमों को सुचारू रूप से चलाने और ट्रैफिक व पैदल चलने वालों की आवाजाही को सुरक्षित और आसान बनाने के लिए राजघाट, विजय घाट, रिंग रोड और आसपास की सड़कों पर खास ट्रैफिक इंतजाम किए जाएंगे। 2 अक्तूबर को सुबह 5 बजे से 11 बजे के बीच ट्रैफिक को रेगुलेट या डायवर्ट किया जा सकता है।

जरूरत के आधार पर आईटीओ चौक, दिल्ली गेट, गुरु नानक चौक, शांतिवन चौक, राजघाट डीटीसी डिपो, आईपी फ्लाईओवर, सलीम गढ़ वाई-पॉइंट, सलीम गढ़ बाईपास कट, आईएसबीटी कश्मीरी गेट की ओर लूप के पास राजा राम कोहली मार्ग, सलीम गढ़ फ्लाईओवर के नीचे, आई-पॉइंट सुभाष मार्ग और निषाद राज मार्ग पर सुनहरी मस्जिद कट आदि पॉइंट्स से ट्रैफिक को रेगुलेट या डायवर्ट किया जा सकता है। कुछ मार्ग प्रभावित रहेंगे।

इन सड़कों ट्रैफिक की आवाजाही प्रभावित हो सकती है
रिंग रोड- राजघाट से सलीम गढ़ वाई-पॉइंट/आईएसबीटी कश्मीरी गेट की ओर, निषाद राज मार्ग, राजा राम कोहली मार्ग, बीएसजैड मार्ग, आईटीओ चौक से दिल्ली गेट,शांतिवन चौक से आईपी फ्लाईओवर, आसफ अली रोड: दिल्ली गेट से एनएस की ओर रास्ता, गुरु नानक चौक से रणजीत सिंह फ्लाईओवर, राजघाट डीटीसी डिपो से रिंग रोड बाईपास।

पुलिस ने की अपील
पुलिस ने राजघाट, विजय घाट, आईएसबीटी कश्मीरी गेट, दिल्ली गेट, आईटीओ और आसपास के इलाकों की ओर यात्रियों से जाने से बचने की सलाह दी है। जहां तक संभव हो, प्रभावित सड़कों और रास्तों से बचें, ट्रैफिक कर्मियों के बताए अनुसार वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें, दिल्ली मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें।

NATIONAL : PM मोदी ने राजघाट पहुंच महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर दी श्रद्धांजली, लाल बहादुर शास्त्री को भी किया नमन

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गांधी जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को नई दिल्ली के राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. देश आज बापू की 157वीं जयंती मना रहा है. इसी दिन पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की भी 122वीं जयंती है. पीएम मोदी ने लाल बहादुर शास्त्री को भी नमन किया. गांधी जयंती को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के तौर पर मनाया जाता है. इस मौके पर देशभर में कई कार्यक्रम हो रहे हैं. वहीं 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक 30 दिनों का राष्ट्रव्यापी स्वच्छता अभियान चलाने का आह्वान किया गया है. नितिन गडकरी, योगी आदित्यनाथ और रेखा गुप्ता ने भी गांधी के विचारों को याद किया है.

देश आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती मना रहा है. गांधी जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार सुबह नई दिल्ली के राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. पीएम मोदी ने बापू की समाधि पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें नमन किया. राजघाट पर हर साल गांधी जयंती के मौके पर बड़ी संख्या में लोग बापू को याद करने पहुंचते हैं. इस बार भी देशभर में गांधी के सत्य और अहिंसा के संदेश को याद किया जा रहा है. गांधी जयंती को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के तौर पर भी मनाया जाता है. ऐसे में राजधानी दिल्ली में सुबह से ही इस खास दिन की गतिविधियां शुरू हो गईं.

महात्मा गांधी की जयंती के साथ आज देश के दूसरे बड़े नेता लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी है. शास्त्री की आज 122वीं जयंती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भी श्रद्धांजलि अर्पित की. लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था. वह देश के दूसरे प्रधानमंत्री रहे और सादगी तथा ईमानदारी के लिए उन्हें याद किया जाता है. गांधी जयंती और शास्त्री जयंती के मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. नेताओं से लेकर आम लोग तक दोनों महापुरुषों के योगदान को याद कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान बापू के सत्य और अहिंसा के संदेश को याद किया गया. गांधी जयंती पर देशभर में स्वच्छता और जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं.

केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने गांधी जयंती से सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती तक 30 दिनों के राष्ट्रव्यापी स्वच्छता अभियान का आह्वान किया है. यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलेगा. उन्होंने नागरिकों के साथ सरकारी और निजी संस्थानों से इसमें भाग लेने की अपील की है. शैक्षणिक संस्थानों और गैर सरकारी संगठनों से भी अभियान में जुड़ने को कहा गया है.

नितिन गडकरी ने गांधी को किया याद
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गांधी जयंती पर महात्मा गांधी को याद किया. उन्होंने कहा कि गांधी का जीवन शांति और अहिंसा की प्रेरणा देता है. उन्होंने स्वदेशी और स्वराज से जुड़े गांधी के विचारों को भी याद किया.

योगी और रेखा गुप्ता ने भी दी श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांधी जयंती पर बापू को नमन किया. उन्होंने सत्य और अहिंसा के उनके विचारों को याद किया. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि सत्य और अहिंसा के गांधीवादी विचार आज भी प्रासंगिक हैं.

NATIONAL : लाल बहादुर शास्त्री: ‘जय जवान, जय किसान’ के नायक, सादगी और ईमानदारी की अनुपम मिसाल

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Lal Bahadur Shastri Jayanti: भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन की झलकियां आज भी लाखों भारतीयों को प्रेरित करती हैं। सादगी, त्याग और दृढ़ संकल्प की मिसाल कायम करने वाले शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय (अब पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन) में एक साधारण ब्राह्मण परिवार में हुआ था।

बनारस के हरिश्चंद्र हाई स्कूल में शिक्षक निष्कामेश्वर प्रसाद मिश्र के प्रभाव में वे स्वतंत्रता संग्राम की ओर आकर्षित हुए। महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन (1921) ने उनके किशोर मन को झकझोर दिया। उन्होंने काशी विद्यापीठ में भी दाखिला लिया, जो ब्रिटिश शासन के विरुद्ध स्थापित राष्ट्रीय संस्था थी। यहां उन्होंने दर्शनशास्त्र और नीतिशास्त्र में प्रथम श्रेणी से स्नातक किया और ‘शास्त्री’ उपाधि प्राप्त की।

स्वतंत्रता संग्राम में लाल बहादुर शास्त्री की भूमिका अडिग रही। 1921 से ही वे कांग्रेस से जुड़े और गांधीजी के नमक सत्याग्रह (1930) में सक्रिय भागीदारी की। ब्रिटिश जेलों में कुल नौ वर्ष बिताए, जहां उन्होंने पश्चिमी दार्शनिकों, क्रांतिकारियों और समाज सुधारकों की किताबें पढ़कर अपने विचारों को समृद्ध किया। जेल से बाहर आकर उन्होंने कई आंदोलनों का नेतृत्व किया। उनकी देशभक्ति का प्रमाण यह था कि वे कभी पद या सत्ता के भूखे न रहे, बल्कि जनसेवा को अपना धर्म मानते थे।

लाल बहादुर शास्त्री का राजनीतिक सफर
1947 में भारत की आजादी के बाद लाल बहादुर शास्त्री का राजनीतिक सफर तेजी से बढ़ा। वे पहले उत्तर प्रदेश के संसदीय सचिव बने, फिर परिवहन एवं वित्त मंत्री। 1952 में नेहरू कैबिनेट में रेल मंत्री के रूप में उन्होंने भारतीय रेलवे को नई दिशा दी। लेकिन, 1956 के ट्रेन हादसे में 146 यात्रियों की मौत के बाद उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया, जो राजनीतिक ईमानदारी की अनुपम मिसाल है। बाद में गृह मंत्री (1961-63) और वाणिज्य मंत्री के रूप में उन्होंने प्रशासनिक सुधारों को मजबूत किया।

उनके कार्यकाल में 1965 का मद्रास एंटी-हिंदी आंदोलन भी एक बड़ी चुनौती थी। हिंदी को राष्ट्रीय भाषा बनाने के प्रयासों का विरोध दक्षिण भारत में हुआ, लेकिन शास्त्री जी ने संयम से स्थिति संभाली और भाषाई सद्भाव पर जोर दिया। उनकी सादगी कथाओं से भरी है। प्रधानमंत्री रहते वे साइकिल से बाजार जाते, धोती पहनते और सादा जीवन जीते थे। एक बार उन्होंने अपनी सारी संपत्ति दान कर दी, जिसमें मात्र कुछ किताबें और कपड़े थे।

9 जून 1964 को जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद लाल बहादुर शास्त्री भारत के दूसरे प्रधानमंत्री बने। उनका कार्यकाल मात्र 19 माह का था, लेकिन चुनौतियों से भरा रहा। 1965 में पाकिस्तान के साथ युद्ध छिड़ गया। सीमाओं पर सैनिकों की वीरता और खाद्य संकट के बीच शास्त्री जी ने ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा दिया, जो आज भी प्रासंगिक है।

इस नारे ने सेना का मनोबल बढ़ाया और किसानों को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। युद्ध के दौरान उन्होंने गेहूं उत्पादन बढ़ाने के लिए हरित क्रांति की नींव रखी, जबकि दूध उत्पादन को भी प्रोत्साहन दिया।

उनका जीवन छोटे-छोटे कार्यों में भी नैतिकता और पारदर्शिता का प्रतीक था। 11 जनवरी 1966 में ताशकंद समझौते के बाद उनकी रहस्यमयी मृत्यु ने देश को स्तब्ध कर दिया।

NATIONAL : इंडिया गठबंधन का चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, महात्मा गांधी की 157वीं जयंती मनाई जाएगी

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आज 2 अक्तूबर सिंतबर 2026 को भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी है। आज से इंडिया गठबंधन का विरोध प्रदर्शन शुरू होगा। इसके साथ ही देश में महात्मा गांधी की 157वीं जयंती मनाई जाएगी।

इंडिया गठबंधन का विरोध प्रदर्शन
इंडिया गठबंधन के सदस्य 2 अक्तूबर से 8 अक्तूबर तक डीएम कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे। वहीं, 6 अक्तूबर को सभी विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में विपक्षी नेता राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगेंगे और उन्हें बताएंगे कि किस तरह संस्थाओं पर नियंत्रण किया जा रहा है। उनका यह प्रदर्शन चुनाव आयोग के खिलाफ है।

सीजेपी का प्रदर्शन

कॉकरोच जनता पार्टी शुक्रवार को मुंबई के शिवाजी पार्क से आंदोलन शुरू होगा। उनका कहना है इसे देश के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और शिवसेना (यूबीटी) की ओर से भी 4 अक्तूबर को मुंबई में चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा निकालने की बात कही गई है।

केंद्रीय मंत्री का मध्य प्रदेश दौरा
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार को मध्य प्रदेश के दौरे पर जाएंगे। वे शनिवार को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में होने वाले राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में शामिल होंगे। गोपालक सम्मेलन में वे भारतीय न्याय संहिता पर आधारित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन और अवलोकन करेंगे। इसके बाद गोपालकों और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को संबोधित करेंगे। दौरे के दौरान अमित शाह भोपाल बायपास-भौरी के पास आईआईएसईआर (अत्रि) परिसर का शिलान्यास करेंगे।

आज है गांधी जयंती
आज 2 अक्तूबर है। आज गांधी जयंती मनाई जाती है। महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्तूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। 2 अक्तूबर 2026 को उनकी 157वीं जयंती के रूप में मनाई जाएगी। सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह से जुड़े उनके विचारों ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को प्रभावित किया।

लाल बहादुर शास्त्री की जयंती
भारत के दूसरे प्रधानमंत्री पंडित लाल बहादुर शास्त्री की जयंती हर साल 2 अक्टूबर को मनाई जाती है। सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और देशसेवा के लिए याद किए जाने वाले शास्त्री जी का सार्वजनिक जीवन आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। शास्त्री जी ने देश के कठिन दौर में नेतृत्व किया और ‘जय जवान, जय किसान’ का प्रसिद्ध नारा दिया। यह नारा देश की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र के महत्व को रेखांकित करता है। उनका जीवन सादगी और सार्वजनिक सेवा से जुड़े मूल्यों के लिए जाना जाता है।

केंद्र सरकार 2 से 31 अक्तूबर तक विशेष अभियान-6.0 चलाएगी। इसके तहत राष्ट्रीय राजमार्गों और टोल प्लाजा की सफाई, रखरखाव, गड्ढामुक्त सड़कें, शौचालयों का उन्नयन, बेहतर प्रकाश व्यवस्था तथा सड़क संकेतकों में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अभियान का मकसद राष्ट्रीय राजमार्गों को अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, अभियान के दौरान शहरी क्षेत्रों से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों से कचरा हटाया जाएगा। टोल प्लाजा के शौचालयों का नवीनीकरण और नियमित रखरखाव किया जाएगा। साथ ही टोल प्लाजा पर सफाई, रंग-रोगन, बेहतर रोशनी और सौर ऊर्जा सुविधाओं को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।

NATIONAL : भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून का मौसम खत्म, इस साल देश में सामान्य से 12.6 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई, वर्ष 2001 के बाद यह चौथी सबसे कम मानसूनी बारिश है।

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भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून का मौसम बुधवार को खत्म हो गया। इस साल देश में सामान्य से 12.6 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, जून से सितंबर के बीच देश में कुल 759.4 मिलीमीटर बारिश हुई। वर्ष 2001 के बाद यह चौथी सबसे कम मानसूनी बारिश है।

इस बार मानसून के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की स्थिति में काफी अंतर देखने को मिला। पंजाब, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर चारों महीनों में लगातार सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई।

मानसून की शुरुआत ही रही कमजोर
आईएमडी के साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, मानसून की शुरुआत कमजोर रही। जून और जुलाई के शुरुआती हिस्से में बारिश सामान्य से काफी कम रही। 15 जुलाई को समाप्त सप्ताह में बारिश की कमी बढ़कर 51.1 फीसदी तक पहुंच गई थी।  जुलाई के अंतिम हिस्से और अगस्त की शुरुआत में बारिश में कुछ सुधार हुआ। इससे कुछ समय के लिए राहत मिली, लेकिन यह सुधार लंबे समय तक नहीं रहा।अगस्त के मध्य से बारिश फिर सामान्य से कम हो गई। 9 सितंबर को समाप्त सप्ताह में बारिश की कमी 36.3 फीसदी तक पहुंच गई थी। मानसून के अंतिम चरण में बारिश की कमी कुछ कम हुई, लेकिन शुरुआती महीनों में हुई कमी की भरपाई नहीं हो सकी।

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में 25 फीसदी कमी
क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से 25 फीसदी कम बारिश हुई। दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में बारिश 24 फीसदी कम रही, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में 6 फीसदी की कमी दर्ज की गई। मध्य भारत में स्थिति लगभग सामान्य रही और यहां बारिश में 2 फीसदी की कमी रही।

राज्य और क्षेत्रवार देखें तो अरुणाचल प्रदेश में बारिश 44 फीसदी कम रही। असम और मेघालय में 39 फीसदी, बिहार में 32 फीसदी, पंजाब में 41 फीसदी, मराठवाड़ा में 39 फीसदी और केरल में 28 फीसदी की कमी दर्ज की गई। देश की 42 फीसदी भूमि क्षेत्र को कवर करने वाले 17 मौसम संबंधी उपखंडों में मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश हुई। वहीं, 53 फीसदी क्षेत्र को कवर करने वाले 18 उपखंडों में बारिश सामान्य रही।

अक्तूबर में भी कम बारिश का अनुमान
आईएमडी के अनुसार, सितंबर में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में बारिश सामान्य से अधिक रही, लेकिन दक्षिणी प्रायद्वीपीय, पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रही। मौसम विभाग का अनुमान है कि अक्तूबर में भी बारिश का यह असमान पैटर्न जारी रह सकता है। पूरे देश में अक्तूबर की बारिश दीर्घकालिक औसत की 85 फीसदी से कम रहने की संभावना है।

देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। अक्तूबर से दिसंबर के दौरान भी देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया गया है। इस अवधि में उत्तर-पश्चिम भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में बारिश सामान्य से अधिक रह सकती है।

नवंबर में चरम पर पहुंच सकता है अल नीनो
यह स्थिति ऐसे समय सामने आई है जब अल नीनो की परिस्थितियां मजबूत हो रही हैं। आईएमडी के महानिदेशक एम महापात्र ने कहा, “अल नीनो के नवंबर में चरम पर पहुंचने और उसके बाद कमजोर होने की संभावना है।” सितंबर में तापमान ने भी रिकॉर्ड बनाए। देश का औसत अधिकतम तापमान 32.05 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 1901 के बाद सितंबर महीने का सबसे अधिक औसत अधिकतम तापमान है।

औसत न्यूनतम तापमान 23.39 डिग्री सेल्सियस रहा, जो अब तक का चौथा सबसे अधिक सितंबर औसत न्यूनतम तापमान है। वहीं, 27.72 डिग्री सेल्सियस का औसत तापमान 1901 के बाद सितंबर का पांचवां सबसे अधिक औसत रहा।

अक्तूबर में भी गर्मी से राहत के आसार कम

एम महापात्र के अनुसार, अक्टूबर में भी देश के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों और मध्य तथा उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ अलग-अलग इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य रह सकता है। देश के ज्यादातर हिस्सों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम या सामान्य रह सकता है।

रबी फसलों पर पड़ सकता है असर
कम बारिश और अधिक तापमान के इस संयोजन का असर सर्दियों में बोई जाने वाली फसलों के मौसम में मिट्टी की नमी पर पड़ सकता है। हालांकि, इसका असर सभी क्षेत्रों में एक जैसा नहीं होगा। मानसून की कमी अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रही है। मध्य, दक्षिणी प्रायद्वीपीय, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ वर्षा आधारित इलाकों में मिट्टी की नमी की कमी का दबाव अधिक हो सकता है।

GUJARAT : अरब सागर में बड़ा ‘ड्रग्स ऑपरेशन’: 3000 करोड़ रुपए की 526 किलोग्राम नशीली दवाएं ज़ब्त, 5 पाकिस्तानी तस्कर गिरफ्तार

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भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) और गुजरात के आतंकवाद-रोधी दस्ता (एटीएस) ने अरब सागर में समुद्र के रास्ते नशीले पदार्थों की तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया है। उन्होंने 526 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला नशीला पदार्थ जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 3,000 करोड़ रुपये से अधिक है।

भारतीय तटरक्षक बल ने एक बयान में कहा, “समुद्र में की गई एक तेज और निर्णायक कार्रवाई में भारतीय तटरक्षक बल ने गुजरात के एटीएस के साथ मिलकर लक्षद्वीप के पश्चिम में अरब सागर में नशीले पदार्थों की तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया। यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेररिज्म नेटवर्क के मुख्य ठिकानों पर चोट करने वाली थी।”

पुख्ता जानकारी के आधार पर समुद्र और हवा से सटीक निगरानी करते हुए भारतीय तटरक्षक बल ने 25 सितंबर को एक संदिग्ध ईरानी नाव का लगातार पीछा किया, उसे रोका और उस पर सवार होकर तलाशी ली।

अधिकारियों ने बताया कि समुद्र में चलाए गए इस ऑपरेशन में लगभग 526 किलोग्राम उच्च-गुणवत्ता वाला प्रतिबंधित सामान (हेरोइन और मेथामफेटामाइन) जब्त किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 3,000 करोड़ रुपये से अधिक है। साथ ही, नाव चला रहे पांच पाकिस्तानी नागरिकों को भी तुरंत पकड़ लिया गया।

आईसीजी ने बताया कि पकड़ी गई नाव, उसके चालक दल और जब्त किए गए प्रतिबंधित सामान को कड़ी सुरक्षा के बीच मुंबई लाया गया है, ताकि संयुक्त पूछताछ और कई एजेंसियों द्वारा मिलकर कानूनी कार्रवाई की जा सके।

आईसीजी ने कहा, “ऑपरेशन की यह सफलता भारतीय तटरक्षक बल के समुद्र पर मजबूत दबदबे, कड़ी निगरानी व्यवस्था और भारत के समुद्री इलाकों में गैर-कानूनी गतिविधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ (बिल्कुल बर्दाश्त न करने) की नीति के प्रति पक्के संकल्प को दिखाती है।”

बयान में कहा गया, “दुश्मन विदेशी गिरोहों की आर्थिक ताकत को कमजोर करके और जहरीले सिंथेटिक पदार्थों को मुख्य भूमि के तटों तक पहुंचने से पहले ही रोककर यह मिशन केंद्र सरकार के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के राष्ट्रीय विजन को और मजबूत बनाता है। भारतीय तटरक्षक बल देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा करने, देश के युवाओं को नशे की लत से बचाने और समुद्री क्षेत्र में पूरी सुरक्षा बनाए रखने के लिए हमेशा तैयार है।”

NATIONAL : राहुल गांधी का आज बालाघाट दौरा, बीमारियों से मरने वाले आदिवासी बच्चों के परिजनों से करेंगे मुलाकात

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मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं। चुनाव में अभी दो वर्ष से अधिक का समय बाकी है, लेकिन कांग्रेस अभी से तैयारी में जुट गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक पखवाड़े के भीतर दूसरी बार मध्य प्रदेश आ रहे हैं। वह गुरुवार को बालाघाट के बैहर विकासखंड के जागला गांव में कुपोषण, मलेरिया और खसरा से मृत बैगा आदिवासी (विलुप्तप्राय जनजाति) बच्चों के स्वजन से भेंट करेंगे। उनका प्रवास करीब एक घंटे का रहेगा।

26 बच्चों की हो गई थी मौत
इस यात्रा के माध्यम से वह प्रदेश के आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य सुविधा की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाएंगे। बैहर क्षेत्र में सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार 26 बच्चों की मौत अलग-अलग कारणों से पिछले माह हुई। इनमें अधिकतर विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा परिवार के थे। कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पहुंचे। मामले ने तूल पकड़ा तो मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव ने भी प्रभावित गांवों में मृत बैगा आदिवासी बच्चों के स्वजन से भेंट की।

कांग्रेस ने सरकार पर लगाया मौत का आंकड़ा छिपाने का आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप है कि सरकार बच्चों की मौत के आंकड़े को छुपा रही है। वहां 41 से अधिक बच्चों की मौत बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के कारण हुई। टीकाकरण केवल कागजों में हुआ। राहुल गांधी जब 19 सितंबर को इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में आए थे, तब पार्टी नेताओं ने उन्हें बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत सहित अन्य जिलों में विस्थापन व आदिवासियों के अधिकारों के हनन की जानकारी दी थी। पार्टी पदाधिकारियों ने बताया कि वह महाराष्ट्र के गोंदिया से होते हुए जागला गांव पहुंचेंगे। यहां प्रभावितों से मिलने के बाद लौट जाएंगे।

मध्य प्रदेश में आदिवासी वर्ग अति महत्वपूर्ण
मध्य प्रदेश में आदिवासी वर्ग राजनीतिक दलों के लिए बेहद अहम है, क्योंकि राज्य की कुल आबादी का करीब 21 प्रतिशत हिस्सा आदिवासी समुदाय का है। विधानसभा की 230 सीटों में से 47 सीटें अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित हैं। कांग्रेस पार्टी जल, जंगल और जमीन के अधिकारों, पेसा नियमों के सही क्रियान्वयन और स्थानीय मुद्दों को उठाकर आदिवासियों को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रही है।

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा शासनकाल में आदिवासियों के अधिकारों का हनन हुआ है। चुनावों में सभी आरक्षित सीटों पर दोनों दलों के बीच हमेशा कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है, जो राज्य में सरकार बनाने के समीकरण तय करता है।

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