Sunday, November 1, 2026
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NATIONAL : सीएम शुभेंदु ने ममता पर कसा तंज, कहा- टीएमसी का नाम-सिम्बल मिट गया, लोगों से क्या की अपील?

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नंदीग्राम उपचुनाव प्रचार के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी का नाम-निशान मिट चुका है। उन्होंने दावा किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में ‘मुख्य चोर’ भी जल्द ही जेल जाएगा।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को नंदीग्राम उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार हसीरानी रथ के समर्थन में प्रचार-प्रसार किया। इस दौरान सीएम ने पूर्व की ममता बनर्जी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य से तृणमूल कांग्रेस का नाम और चुनाव चिह्न मिट गया है। चुनाव आयोग द्वारा टीएमसी के ममता बनर्जी और अरूप रॉय गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस पार्टी ने राज्य में 15 साल तक शासन किया था, लेकिन इस साल मई में भाजपा ने उसे सत्ता से हटा दिया।

सीएम ने क्या अपील की?
भाजपा उम्मीदवार हसीरानी रथ के लिए प्रचार करते हुए उन्होंने कहा, ‘राज्य से तृणमूल कांग्रेस का नाम और चुनाव चिह्न मिट गया है।’ राज्य में भ्रष्टाचार के मामलों में कई आरोपियों की गिरफ्तारी पर बिना किसी का नाम लिए सीएम ने कहा, ‘मुख्य चोर भी जेल जाएगा।’ चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने वोट के जरिए यह सुनिश्चित करें कि उपचुनाव में सभी विरोधी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो जाए। बता दें कि पूर्वी मेदिनीपुर के नंदीग्राम और मुर्शिदाबाद के रेजीनगर में छह अक्तूबर को उपचुनाव होंगे। इसके पहले सीएम अधिकारी बीजेपी की कोर कमेटी बैठक में शामिल हुए थे। उस दौरान उन्होंने कहा था कि नंदीग्राम में जीत का अंतर आपकी सोच से कहीं ज्यादा होगा। मैं खुद नंदीग्राम का वोटर हूं; मैं यहीं अपना वोट भी डालूंगा, लोग मुख्यमंत्री का साथ देंगे।

भाजपा उम्मीदवार पर कांग्रेस ने क्या आरोप लगाए?
भाजपा उम्मीदवार को लेकर कांग्रेस ने दावा किया था कि रथ के हलफनामे में उनकी उम्र 60 साल से ज्यादा बताई गई थी, जबकि 10वीं कक्षा पास करने का साल उन्होंने 1965 बताया था। जिसमें उम्र के हिसाब से अंतर दिखता है। इन आरोपों पर सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस की याचिका खारिज कर दी थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि नंदीग्राम उपचुनाव में भाजपा की उम्मीदवार हसीरानी रथ के चुनावी हलफनामे में उनकी उम्र और स्कूल पास करने के साल में गड़बड़ी है।

कोर्ट ने क्या कहा?
जस्टिस कृष्णा राव ने प्रदेश कांग्रेस की याचिका खारिज कर दी थी। 25 सितंबर को बहस पूरी होने के बाद जस्टिस राव ने इस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। वहीं, चुनाव आयोग का दावा था कि इस मामले में पश्चिम बंगाल कांग्रेस के पास कोई कानूनी अधिकार नहीं है, क्योंकि उन्हें उम्मीदवारी की जांच को लेकर शिकायत करने का कोई हक नहीं है। ईसीआई की तरफ से पेश वकील जिष्णु चौधरी ने कोर्ट को बताया कि छह अक्तूबर को होने वाले नंदीग्राम उपचुनाव के लिए 17 सितंबर को जांच पूरी हो चुकी थी।

NATIONAL : अमित शाह ने किया ₹225 करोड़ के डेयरी प्लांट का शुभारंभ, कहा-‘MP को 2029 तक नशा मुक्त करेंगे’

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं. इस दौरान वह मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ कई परियोजनाओं की घोषणा और उद्घाटन की. उन्होंने गौशालाओं के लिए 101 करोड़ रुपए का अनुदान की घोषणा की. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने अलग से सहकारिता मंत्रालय बनाया है.

भोपाल. केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने रिमोट का बटन दबाकर हितलाभ वितरण किया. इस दौरान केंद्रीय मंत्री श्री शाह ने कई डेयरी परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया. उन्होंने उज्जैन में 255 करोड़ की लागत से प्रतिदिन 3 लाख लीटर क्षमता वाले दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन किया. भोपाल में 16.5 करोड़ की लागत से प्रतिदिन 40 हजार लीटर क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया. भोपाल में 12.42 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का लोकार्पण हुआ. शिवपुरी में 6.5 करोड़ की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण हुआ. इन परियोजनाओं से प्रदेश में दुग्ध प्रसंस्करण और डेयरी अधोसंरचना को विस्तार मिलेगा. तो वहीं रोजगार व स्वरोजगार के अवसरों का भी सृजन होगा. उन्होंने 35 हजार गौपालकों की संबोधन भी किया.

अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “कांग्रेसियों ने 75 साल तक केंद्र में सहकारिता विभाग नहीं बनने दिया. पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय बना. इस विभाग का सीधा फायदा किसानों को हुआ. अलग-अलग मुद्दे पर कांग्रेस विरोध करती है. दुनिया में सबसे ज्यादा दूध उत्पादन करने वाला देश भारत बना है. पांच राज्यों में कांग्रेस की नो एंट्री है. कांग्रेस ने कभी पशुपालकों का फायदा नहीं किया. कांग्रेस का काम विरोध करना, भ्रम फैलाना है. 50 लाख लीटर का संकल्प पूरा करना है. मैंने मुख्यमंत्री 50 एकड़ भूमि मांगी थी. उन्होंने सैद्धांतिक सहमति दे दी है. इस जमीन पर नस्ल सुधारने का काम किया जाएगा.” आखिर में अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ सीएम मोहन यादव खुद गौपालक हैं.

अमित शाह ने बताया पीएम मोदी का विजन
अमित शाह ने कहा, “यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विजन, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के संकल्प से मध्यप्रदेश मिल्क कैपिटल बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. 1926 नई दुग्ध समितियां, 801 समितियां पुनः सक्रिय और अब 7171 समितियां क्रियाशील हैं. दूध संकलन को 12 लाख से बढ़ाकर 52 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य है. 2973 करोड़ रुपए की डेयरी विकास योजना, आधुनिक डेयरी संयंत्र और लखपति गोपालक दीदी जैसे प्रयास पशुपालकों की आय बढ़ाने के साथ सहकारिता को नई ताकत दे रहे हैं. सशक्त पशुपालक, समृद्ध किसान और वैश्विक पहचान की ओर बढ़ता सांची, यही है नए मध्यप्रदेश की दुग्ध क्रांति.
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अमित शाह ने ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण के लिए डेयरी विकास को अहम बताया. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में 2029 तक नशा मुक्त हो जाए ऐसी प्लानिंग की जा रही है. आने वाले समय में नशे की कोई जगह नहीं होगी.
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अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर काम की आलोचना करती है, जबकि मोदी सरकार ने बहुत काम किए हैं. श्वेत क्रांति की शुरुआत भाजपा ने की. अब 46000 डेयरी को सपोर्ट करेंगे. 75000 डेयरी में सबसे ज्यादा डेयरी मध्य प्रदेश में बनेंगी.
अमित शाह ने भोपाल एवं इंदौर दुग्ध संघ के सदस्यों को सिंगल क्लिक से बोनस राशि वितरित की. पंजीकृत गौशालाओं को सहायता राशि का वितरण की. इस दौरान दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को कुल 15.10 करोड़ का लाभांश वितरित किया गया. उन्होंने सम्मेलन 5 गौपालक दीदियों को सम्मानित किया. डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए. सम्मेलन में ‘मध्यप्रदेश में दुग्ध क्रांति का सूत्रपात’ एवं कृषि वर्ष विशेष पर फिल्मों का प्रदर्शन हुआ.

सीएम मोहन यादव ने बताया दुग्ध उत्पादन में एमपी तीसरे नंबर पर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 2025 को रोजगार निवेश और 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जाएगा. किसानों को सबसे ज्यादा दूध से होती है. देश में दूध उत्पादन के मामले में मध्यप्रदेश तीसरे नंबर पर है. एमपी में 12 लाख लीटर दूध का उत्पादन होता है. 55 रुपए तक दूध का दाम किसानों को मिल रहा है. 255 करोड़ की लागत से 3 लाख प्रतिदिन क्षमता वाले प्लांट का लोकार्पण होगा. 50 लाख लीटर के टारगेट को पूरा करेंगे एमपी में 6 दुग्ध संघ हैं.

NATIONAL : दुनिया के सबसे ऊंचे रेल ब्रिज पर 100 किमी प्रति घंटे की दफ्तार, वंदे भारत ने कर दिया कमाल

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वंदे भारत एक्सप्रेस ने दुनिया के सबसे ऊंचे रेल ब्रिज चिनाब पुल और भारत के पहले केबल-स्टे वाले अंजी पुल को 100 किमी प्रति घंटे की स्पीड से पार करके एक नया रिकॉर्ड बनाया है। कटरा – बनिहाल सेक्शन पर अधिकतम स्पीड सीमा को बढ़ा दिया गया है।

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने आज एक नया इतिहास रच दिया। वंदे भारत एक्सप्रेस ने दुनिया के सबसे ऊंचे रेल ब्रिज चिनाब पुल और भारत के पहले केबल-स्टे वाले अंजी पुल को 100 किमी प्रति घंटे की स्पीड से पार करके एक नया रिकॉर्ड बनाया। इससे उधमपुर-श्रीनगर-बनिहाल रेल लिंक (USBRL) प्रोजेक्ट पर ट्रेन का संचालन आसान होगा, यात्रा का समय कम होगा और यात्रियों को तेजा, सुरक्षित और ज्यादा आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।

रेलवे के मुताबिक 111 किमी लंबे श्री माता वैष्णो देवी कटरा – बनिहाल सेक्शन पर अधिकतम स्पीड सीमा को 75 किमी प्रति घंटे से बढ़ाकर 100 किमी प्रति घंटा कर दिया गया है। आज इस बढ़ी हुई स्पीड का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 26401/26404) ने चिनाब पुल और अंजी पुल को 100 किमी प्रति घंटे की स्पीड से पार करके एक नया रिकॉर्ड बनाया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खुद इसका वीडियो एक्स पर पोस्ट किया।

चिनाब ब्रिज की खासियत
कटरा-बनिहाल सेक्शन 272 किलोमीटर लंबे USBRL का हिस्सा है। यह पूरा लिंक जून 2025 में चालू हुआ था। चिनाब रेल ब्रिज नदी के तल से 359 मीटर ऊपर बना है और इसकी लंबाई 1,315 मीटर है। इसी तरह अंजी ब्रिज भारत का पहला केबल-स्टे रेलवे ब्रिज है। अंजी नदी घाटी पर बना यह पुल कटरा और बनिहाल के बीच स्थित है। इस रूट पर देश की सबसे लंबी ऑपरेशनल ट्रांसपोर्टेशन टनल भी स्थित है जो 12.77 किमी लंबी है।

जून 2025 में कश्मीर रेल लिंक का काम पूरा होने के बाद वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू में कटरा और श्रीनगर के बीच चलाई गई थी। अप्रैल 2026 में इसे जम्मू तवी तक बढ़ाया। साथ ही ट्रेन में कोच की संख्या आठ से बढ़ाकर 20 कर दी गई। रेल मंत्रालय के मुताबिक जम्मू-श्रीनगर के बीच नियमित सेवा 2 मई को शुरू हुई। रेल मंत्रालय ने अगस्त में कहा था कि अब लगभग 81% नेटवर्क को 110 किमी प्रति घंटे या उससे ज्यादा की स्पीड के लिए अपग्रेड कर दिया गया है। 2014 में यह आंकड़ा करीब 40% था।

NATIONAL : गांधी जयंती पर मुंबई में आर-पार! CJP के प्रदर्शन को नहीं मिली अनुमति, दीपके बोले- अब होगा ‘जेल भरो आंदोलन’

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CJP को मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दिया. CJP ने ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू करने की चेतावनी दी है.

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर को मुंबई के प्रतिष्ठित शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया था, हालांकि मुंबई पुलिस ने रविवार को उन्हें इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया.दिपके ने कहा कि पुलिस के इस फैसले के बाद संगठन गांधी जयंती के दिन मुंबई में जेल भरो आंदोलन शुरू करेगा.

इधर मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया कि बॉम्बे हाईकोर्ट के 2013 के आदेश के अनुसार, शिवाजी पार्क में किसी भी सभा के लिए अनुमति देने का अधिकार उसे नहीं है. उनके स्पष्टीकरण में कहा गया है कि यह साइलेंस जोन है. पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया गया है, जिसमें कहा गया है हाईकोर्ट के 2013 के फैसले और महाराष्ट्र सरकार के बाद के आदेश के अनुसार, मुंबई पुलिस को शिवाजी पार्क में किसी भी तरह के जमावड़े के लिए अनुमति देने का अधिकार नहीं है.

पुलिस ने दूसरी जगह तलाशने की कही बात
इसके सात ही पुलिस ने ये भी कहा कि आवेदक अजिंक्य शिंदे को यह बात समझा दी गई है और उन्हें सलाह दी गई है कि वे विरोध-प्रदर्शन के लिए मुंबई शहर में कोई दूसरी जगह देखें और अनुमति के लिए आवेदन करें, जिस पर उचित तरीके से विचार किया जाएगा.

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
25 सितंबर को अभिजीत दिपके ने कहा था ‘अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कल तक इस्तीफा नहीं देते हैं, तो कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 2 अक्टूबर को मुंबई से अपना राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी और इसे भारत के दूसरे शहरों में ले जाएगी. इस गांधी जयंती पर, आइए लोकतंत्र को बचाने का संकल्प लें’. हालांकि पुलिस ने विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया

CJP का जेल भरो आंदोलन का ऐलान
वहीं CJP ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा ‘मुंबई पुलिस ने हमारे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की इजाज़त देने से इनकार कर दिया है.वोट देने के अधिकार के बाद अब हमसे विरोध करने का अधिकार भी छीना जा रहा है. अगर इजाज़त नहीं मिली, तो इस गांधी जयंती पर महात्मा गांधी के रास्ते पर चलते हुए CJP ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू करेगा!’.

NATIONAL : सुधर जाओ, वरना हम सुधार देंगे; CJP प्रोटेस्ट के बीच सौरव दास की दिल्ली पुलिस को धमकी

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ मुंबई में विरोध प्रदर्शन कर रही है। प्रोटेस्ट में पहले दिन काफी भीड़ इकट्ठा हुई। इस दौरान दिल्ली में भी लेफ्ट और अन्य संगठनों ने विरोध प्रदर्शन बुलाया था, लेकिन पुलिस ने जंतर-मंतर के आसपास बैरिकेडिंग कर रखी थी। पुलिसकर्मियों ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने दिल्ली पुलिस को धमकी दी है और दावा किया है कि उसने फिर से बर्बरता की है। दास ने दिल्ली पुलिस से कहा कि वह सुधर जाए, नहीं तो हम सुधार देंगे।

सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, ”दिल्ली पुलिस ने फिर बर्बरता की। सुधर जाएं, वरना हम सुधार देंगे।” वहीं, सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (सीईसी) के इस्तीफे की मांग को लेकर शिवाजी पार्क में जुटे प्रदर्शनकारियों को जेल भेजने की शुक्रवार को चुनौती दी। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए दीपके ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार इतनी अक्षम है कि नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दो महीने के भीतर ही उन्हें एक और प्रदर्शन करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ सिर्फ एक नारा है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ‘एक राष्ट्र, एक पार्टी’ चाहती है। दीपके ने दावा किया कि मतदाताओं के नाम हटाये जाने के बाद भाजपा ने उन राज्यों में जीत हासिल की, जहां मोदी लहर के दौरान भी नहीं जीती थी। सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार इस्तीफा दें और आपराधिक कार्रवाई का सामना करें।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को सड़कों पर उतरे विपक्षी दलों के नेताओं और छात्र संगठनों के करीब 600 प्रदर्शनकायों को पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास से हिरासत में ले लिया , हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। आम आदमी पार्टी (आप), वामदलों, एनएसयूआई और आइसा के कार्यकर्ता मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में गड़बड़ियों और बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। हिरासत में लिए गए लोगों में आप नेता आतिशी, सौरभ भारद्वाज, संजय सिंह, संजीव झा, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और ऐसे कई अन्य नेता शामिल थे।

छात्र संगठनों के गठबंधन ने गांधी जयंती के अवसर पर इस प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम ठीक से नहीं किया गया। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने भी गांधी जयंती के अवसर पर मुंबई में इसी तरह के प्रदर्शन का आह्वान किया था। आप नेता आतिशी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि फतेहपुर बेरी थाने में भी क्रांतिकारियों का हौसला कम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की लड़ाई जारी रहेगी और जोर देकर कहा कि “ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा।” प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर की ओर न बढ़ने की हिदायत दी गयी, क्योंकि प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली थी।

NATIONAL : ‘लाठी से भीड़ रोकी जा सकती, सवाल नहीं’: राहुल गांधी ने सरकार पर लगाए कई आरोप, बोले- ज्ञानेश कुमार को जाना होगा

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गांधी जयंती पर वोट चोरी के आरोपों को लेकर युवाओं के प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी ने सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं को हिरासत में लिया जा रहा है और उनकी आवाज दबाई जा रही है। राहुल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। क्या सरकार के खिलाफ यह विरोध अब बड़ा आंदोलन बनेगा? क्या ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और तेज होगी?

गांधी जयंती के दिन देश के कई हिस्सों में चुनावी प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर प्रदर्शन हुए। इसी बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हजारों नौजवान वोट चोरी के खिलाफ सड़कों पर हैं। राहुल के मुताबिक ये प्रदर्शन शांतिपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। राहुल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।

राहुल गांधी ने अपने संदेश के अंत में कहा कि लाठी से भीड़ रोकी जा सकती है, लेकिन सवाल नहीं। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के जाने की बात कही। साथ ही उन्होंने उस व्यवस्था पर भी सवाल उठाया, जिसके तहत ज्ञानेश कुमार को पद पर बैठाया गया है। राहुल ने कहा कि ज्ञानेश कुमार जाएंगे और जिस सिस्टम ने उन्हें बैठाया है, वह भी जाएगा। यह बयान चुनाव आयोग की भूमिका और सरकार पर उनके लगातार हमलों की अगली कड़ी के तौर पर आया है।

राहुल गांधी ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
राहुल गांधी ने कहा कि गांधी जयंती के दिन नौजवान सड़कों पर उतरकर अपने सवाल पूछ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का जवाब प्रदर्शनकारियों को रोकना है। राहुल के अनुसार लड़के और लड़कियों को सड़कों पर घसीटा जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया है। राहुल ने कहा कि प्रदर्शनकारियों का कसूर सिर्फ इतना है कि वे वोट चोरी के आरोपों पर सवाल पूछ रहे हैं। दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान करीब 700 लोगों को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट भी सामने आई है।
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युवाओं के प्रदर्शन में क्या मुद्दा उठाया जा रहा है?
वोटर लिस्ट और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष और कई युवा समूह लगातार सवाल उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। राहुल गांधी भी पिछले कुछ समय से चुनाव आयोग और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने पहले भी ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाए हैं। चुनाव आयोग और भाजपा इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं। चुनाव आयोग ने अपने फैसलों को सर्वसम्मत बताया है।

राहुल गांधी ने गांधी जयंती का जिक्र क्यों किया?
राहुल गांधी ने अपने संदेश में गांधी जयंती को प्रदर्शन से जोड़ते हुए महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के विचारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बापू ने सच बोलने और शांतिपूर्ण तरीके से लड़ने की सीख दी थी। राहुल ने दावा किया कि आज भी नौजवान इसी तरीके से अपनी बात रख रहे हैं। उन्होंने सरकार पर सवाल दबाने का आरोप लगाया। उनके संदेश का मुख्य तर्क यह था कि विरोध को केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं रोका जा सकता।

NATIONAL : ‘हनुमान जी ने बचाया…’, कैप्टन मच्छार ने PM मोदी को फोन कॉल पर बताया, हमले के वक्त कैसे मिली हिम्मत

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फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट के हमले में घायल कैप्टन स्मित मच्छार से आज प्रधानमंत्री मोदी ने फोन पर बात की और उनका हालचाल जाना. प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी बहादुरी और संयम की तारीफ करते हुए उनकी मां का आभार जताया, जिन्होंने अपने बेटे को इतनी अच्छी परवरिश दी.

प्रधानमंत्री मोदी ने आज वीडियो कॉल के जरिए कैप्टन स्मित मच्छार से बात की और उनकी हिम्मत, सूझ-बूझ और संयम की तारीफ की. PM मोदी ने कैप्टन से कहा कि पूरा देश उनके लिए प्रार्थना कर रहा है. कॉल के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार काफी भावुक हो गए और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से बात करना उनके लिए बहुत खास पल हैं और उन्हें अपना सबसे बड़ा आदर्श बताया. वहीं कैप्टन से बात करते PM मोदी ने कहा कि देश गर्व से कह सकता है कि भारतीय वे नहीं हैं, जो दूसरों की जान लेते हैं, बल्कि वे हैं जो दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने को तैयार रहते हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने स्मित से उनकी मां की बात की
PM मोदी ने स्मित मच्छार की मां गीता बेन के बारे में भी बात की और कहा कि उन्होंने बहुत अच्छी परवरिश की है और भगवद् गीता के मूल्यों एवं शिक्षाओं के साथ की है. कैप्टन ने कहा कि PM मोदी का कॉल आना उनके लिए बहुत गर्व की बात थी और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें उनसे बात करने का मौका मिलेगा. जब भी मुश्किल में होता हूं तो हनुमान चालीसा का पाठ करता हूं. उस वक्त भी हनुमान चालीसा का पाठ कर रहा था तो हनुमान जी ने ही सबको बचाया. नहीं तो जिस तरह से को-पायलट ने हमला किया था, अगर वे कॉकपिट न खोल पाते तो न जाने आज क्या हालत होती?

PM मोदी ने ट्वीट लिख की थी स्मित की तारीफ
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने X हैंडल पर लिखी पोस्ट में कैप्टन स्मित मच्छार की प्रशंसा करते हुए उन्हें हीरो कहा था. उन्होंने उनकी बहादुरी, जज्बे और संयम की सराहना की थी और कहा था कि भारत को उन पर गर्व है. क्योंकि उन्होंने जानलेवा खतरे का सामना करते हुए, अपनी जान की परवाह किए बिना, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अदम्य साहस का परिचय दिया और दूसरों के जीवन की रक्षा करने के लिए अटूट संकल्प दिखाया. सैकड़ों लोगों की जान बचाई और एक बहुत बड़े हादसे को टाल दिया. भारत को कैप्टन मच्छर पर गर्व है. वहीं दिल्ली में संघ लोक सेवा आयोग के शताब्दी समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा कि कल जो घटना घटी, उसमें भारत के कैप्टन स्मित मच्छार ने अटूट धैर्य, सूझबूझ और साहस का प्रदर्शन किया.

स्मित मच्छार पर को-पायलट ने किया था हमला
बता दें कि कैप्टन स्मित मच्छार पर कॉकपिट में उनके को-पायलट ने चाकू से हमला किया था. उस समय स्मित और को-पायलट दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 उड़ा रहे थे, लेकिन अचानक हमला होने से स्मित से विमान का कंट्रोल छूट गया और विमान 14000 फीट नीचे चला गया. स्मित ने हिम्मत दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया और क्रू मेंबर्स के साथ यात्रियों ने आकर हमलावर को काबू किया. गनीमत रही कि विमान में डॉक्टर मौजूद था, जिन्होंने बहते खून को रोककर घायल स्मित की जान बचाई. वहीं एक पायलट भी था, जिसे विमान को कंट्रोल में लेकर तबूक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई.

NATIONAL : दिल्ली का जंतर-मंतर छोड़ CJP ने मुंबई से क्यों शुरू किया आंदोलन? अभिजीत दीपके ने बताया पूरा प्लान

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दीपके मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को शुक्रवार को मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क से ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू किया है।

इस प्रोटेस्ट की शुरुआत शुक्रवार शाम को छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क के गेट नंबर 6 के पास से शुरू हुआ। इस प्रोटेस्ट को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि सीजेपी ने इस बार प्रदर्शन के लिए दिल्ली के बजाय मुंबई को क्यों चुना है?

मुंबई को चुनने के पीछे की वजह
दरअसल, पत्रकारों से बातचीत के दौरान अभिजीत दीपके ने बताया कि मुंबई से आंदोलन शुरू करने का फैसला सोच-समझकर लिया गया है। दीपके के अनुसार, प्रदर्शन बाद में गोवा और कोलकाता समेत देश के दूसरे हिस्सों में ले जाया जाएगा और आखिर में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते।

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इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई को प्रदर्शन की शुरुआत के लिए चुनने की वजह बताते हुए दीपके ने महाराष्ट्र के चुनाव नतीजों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की 48 सीटों में बीजेपी को सिर्फ 9 सीटें मिली थीं।

इसके बाद करीब 6 महीने बाद हुए विधानसभा चुनाव में तस्वीर पूरी तरह बदल गई और महायुति को 230 सीटें हासिल हुईं। दीपके ने सवाल उठाया कि इतना बड़ा बदलाव कैसे संभव हुआ?

क्या अंग्रेजों ने कभी आंदोलन की इजाजत दी थी?
2 अक्टूबर (गांधी जयंती) का दिन चुने जाने पर दीपके ने कहा कि मुंबई का महात्मा गांधी और भारत छोड़ो आंदोलन से गहरा ऐतिहासिक संबंध रहा है। मुंबई पुलिस द्वारा यातायात और अनुमति न होने का हवाला देकर प्रदर्शन पर रोक लगाने के बाद दीपके ने तर्क दिया, “हम अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाले बापू के सिद्धांतों पर चल रहे हैं, क्या अंग्रेजों ने कभी आंदोलन की इजाजत दी थी?”

उन्होंने आगे कहा, “मुंबई का एक समृद्ध ऐतिहासिक अतीत है और महात्मा गांधी से इसका गहरा संबंध है। यहीं मुंबई (तब बॉम्बे) में महात्मा गांधी ने 9 अगस्त, 1942 को गावलिया टैंक (जिसे अब अगस्त क्रांति मैदान कहा जाता है) से भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत की थी।”
ने नहीं की सख्ती; क्या रही फडणवीस सरकार की रणनीति?

NATIONAL : गांधी जयंती पर SIR के खिलाफ मुंबई में CJP का आंदोलन, शिवाजी पार्क में बढ़ाई गई सुरक्षा; क्या है मांग?

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गांधी जयंती पर मुंबई के शिवाजी पार्क में SIR के खिलाफ CJP के प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए सुरक्षा बढ़ाई गई है। संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जवाबदेही की मांग कर रहा है।

देश आज 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती मना रहा है। इसी दिन मुंबई में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर एक अलग तरह का राजनीतिक आंदोलन देखने को मिल सकता है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और महाराष्ट्र में चल रही SIR प्रक्रिया को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने प्रदर्शन का आह्वान किया है। इसे देखते हुए दादर के शिवाजी पार्क में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

CJP की ओर से SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर विरोध जताने की बात कही गई है। गांधी जयंती के दिन होने वाले इस प्रदर्शन ने मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन का ध्यान खींचा है।

शिवाजी पार्क में पुलिस का पहरा बढ़ा
प्रदर्शन के ऐलान के बाद शिवाजी पार्क और उसके आसपास पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। इलाके में अतिरिक्त जवान लगाए गए हैं और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।

शिवाजी पार्क मुंबई का जाना-पहचाना मैदान है। यहां समय-समय पर बड़े राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रम होते रहे हैं। इसलिए किसी प्रदर्शन के दौरान ज्यादा लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस पहले से तैयारी में जुटी है।

गांधी जयंती के दिन क्यों खास है यह प्रदर्शन?
2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती होती है। गांधी ने अपने आंदोलनों में अहिंसा और शांतिपूर्ण तरीके को खास महत्व दिया था। ऐसे में गांधी जयंती के दिन SIR जैसे चुनावी मुद्दे को लेकर CJP का प्रदर्शन अपने आप में अलग संदेश देने वाला है।

CJP की ओर से आंदोलन के जरिए SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाने और मुख्य चुनाव आयुक्त से जवाब मांगने की बात कही गई है। यानी संगठन इस दिन को सिर्फ विरोध के लिए नहीं, बल्कि अपनी मांगों को सामने रखने के मौके के तौर पर भी देख रहा है।

SIR को लेकर क्या है विवाद?
SIR का मतलब Special Intensive Revision यानी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण है। इस प्रक्रिया को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में राजनीतिक दलों और संगठनों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।

महाराष्ट्र में भी इसी मुद्दे पर आवाजें उठी हैं। CJP का प्रस्तावित आंदोलन इसी बहस का हिस्सा है। संगठन चुनाव आयोग से SIR से जुड़े सवालों पर जवाबदेही और स्पष्टीकरण की मांग कर रहा है।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि गांधी जयंती के दिन शिवाजी पार्क में होने वाला प्रदर्शन किस रूप में सामने आता है और प्रशासन भीड़ तथा सुरक्षा व्यवस्था को किस तरह संभालता है। फिलहाल इलाके में पुलिस की अतिरिक्त मौजूदगी के साथ तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

NATIONAL : CJP का हल्ला बोल, अगर CEC ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफ़ा नहीं दिया, तो 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचेंगे

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वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए, कॉकरोच जनता पार्टी ने सीईसी के इस्तीफे की मांग की और चेतावनी दी कि अगर CEC ने इस्तीफा नहीं दिया तो 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर प्रदर्शन होगा।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दिपके ने शुक्रवार को घोषणा की कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफ़ा नहीं दिया, तो 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इससे पहले गांधी जयंती के दिन मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में बोलते हुए, दिपके ने चेतावनी दी थी कि अगर ज्ञानेश कुमार पद नहीं छोड़ते हैं तो अब दिल्ली में “जंतर-मंतर 2.0” प्रदर्शन होगा।

कॉकरोच जनता पार्टी की चेतावनी

दिपके ने देर रात X पर एक पोस्ट में कहा, “अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा नहीं देते हैं, तो पूरे भारत से कॉकरोच दिल्ली तक मार्च करेंगे और 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।” दिपके ने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस उन्हें रोकने की कोशिश करती है, तो वे प्रदर्शनकारियों को जहां भी रोकेंगे, वहीं हमारा जंतर-मंतर बन जाएगा। हमारा विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा और “हम महात्मा गांधी द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलेंगे”।

दिपके ने दिल्ली पुलिस से क्या कहा
उन्होंने कहा कि यह सरकार और दिल्ली पुलिस को तय करना है कि वे शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान करना चाहते हैं या 20 जुलाई को देखी गई बर्बरता को दोहराना चाहते हैं। बता दें कि पुलिस ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक को लेकर CJP के पिछले आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर सख्ती की थी। दिपके ने आगे कहा कि यह भारतीय लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है और हर उस नागरिक को इसमें शामिल होना चाहिए जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है।

एक से एक नारे लगे
ऐसा लग रहा था मानो गांधी जयंती की शाम को मुंबई के सबसे बड़े और ऐतिहासिक पब्लिक ग्राउंड में CJP लीडरशिप के नारे लगे, जिसमें “ज्ञानू” और “ज्ञानेश, बस हो गया भाई”, “ज्ञानू को जाना होगा” (ज्ञानेश को जाना होगा)। “लोकतंत्र को साफ़ करो” और फिर, एक बॉलीवुड वाला अंदाज़: “मेरा वोट किसने चुराया, ओ सनम? ज्ञानू ने”।

मुंबई के कल के प्रदर्शन में दादर बीच से बस 10 मिनट की पैदल दूरी पर स्थित शिवाजी पार्क में हज़ारों युवा पुरुष और महिलाएं जमा हुईं। उनके हाथों में अलग-अलग रंगों और साइज़ के प्लेकार्ड थे, जिनमें चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाया गया था। पुलिस द्वारा प्रदर्शन की अनुमति न दिए जाने के बावजूद, वे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के उस आह्वान पर वहां पहुंचे थे जिसमें कुमार के इस्तीफ़े की मांग की गई थी।

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