Sunday, November 1, 2026
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WORLD : पाकिस्तान से सीमा पार घुसपैठ पर भारत ने जताया कड़ा विरोध: राजनयिक प्रभारी तलब, दोबारा ऐसी घटना रोकने को कहा

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली में बुधवार को इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ बैठक में चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), ईवीएम और नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े मुद्दे उठाए। खरगे ने अपने शुरुआती संबोधन को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक के वोट का समान महत्व होना चाहिए।

‘एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य’ का किया जिक्र
खरगे ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद इस सिद्धांत पर है कि हर नागरिक को सरकार चुनने में समान अधिकार मिले। उन्होंने संविधान सभा का जिक्र करते हुए कहा कि लोकतंत्र तभी सार्थक है, जब प्रत्येक पात्र नागरिक के वोट का समान मूल्य हो। उन्होंने दावा किया कि इस सिद्धांत के सामने मौजूदा समय में गंभीर चुनौतियां हैं और देशभर में नागरिकों तथा राजनीतिक दलों की ओर से चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

SIR को लेकर खरगे ने जताई चिंता
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष लंबे समय से ईवीएम और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठाता रहा है। उन्होंने राहुल गांधी की ओर से महादेवपुरा, अलंद, हरियाणा और महाराष्ट्र का हवाला देते हुए लगाए गए आरोपों का भी उल्लेख किया।

खरगे ने कहा कि चुनाव आयोग ने शिकायतों को स्वीकार करने के बजाय एसआईआर प्रक्रिया शुरू की। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग एसआईआर को मतदाता सूची को अपडेट और व्यवस्थित करने की प्रक्रिया बताता है, लेकिन यदि इससे बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित होते हैं तो वास्तविक मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित न किया जाए, यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी व्यवस्था की होनी चाहिए।

खरगे ने दावा किया कि एसआईआर के दौरान 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। हालांकि, यह आंकड़ा कांग्रेस की ओर से किया गया दावा है; चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर एसआईआर-2026 से संबंधित मतदाता सेवाएं और सूची उपलब्ध हैं।

नाम हटाने पर कारण और अपील का अधिकार मांगा
खरगे ने कहा कि यदि किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाया जाता है तो यह जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए कि किसका नाम हटाया गया और इसकी वजह क्या थी। उन्होंने मांग रखी कि किसी वास्तविक मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे उचित सूचना दी जाए, कारण बताया जाए और प्रभावी अपील की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।

मुख्य चुनाव आयुक्त पर भी उठाए सवाल
खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के दो अन्य सदस्यों ने पिछले 10 महीनों में 14 बार आपत्तियां दर्ज कराई हैं। खरगे ने इसे आयोग के कामकाज और नेतृत्व की निष्पक्षता से जोड़ते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की। यह मुद्दा इंडिया गठबंधन की बैठक के एजेंडे में भी प्रमुखता से शामिल है। विपक्षी दल एसआईआर, चुनाव आयोग के कामकाज और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर अपनी साझा रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं।

खरगे ने 2023 में पारित चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था में मुख्य न्यायाधीश को चयन पैनल से हटाकर उनकी जगह एक केंद्रीय मंत्री को शामिल किया गया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी का भी उल्लेख किया, जिसमें चुनाव आयोग की स्वतंत्रता के साथ-साथ उसकी स्वतंत्र दिखाई देने वाली कार्यप्रणाली के महत्व पर जोर दिया गया था।

पहली बार वोट देने वाले युवाओं का मुद्दा
खरगे ने पहली बार मतदान करने वाले युवाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भारत में हर साल बड़ी संख्या में युवा मतदान के योग्य होते हैं और उनके लिए मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया सरल होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पहली बार वोट देने वालों के लिए ऐसी प्रक्रियात्मक शर्तें नहीं होनी चाहिए, जो उनके लिए अनावश्यक बाधा बनें। उनका संदेश था कि युवाओं की लोकतांत्रिक भागीदारी के लिए पंजीकरण प्रक्रिया आसान बनाई जाए।

ईवीएम की जगह बैलेट पेपर की मांग
ईवीएम को लेकर खरगे ने कहा कि विपक्ष की स्थिति स्पष्ट है और उन्होंने चुनाव में फिर से बैलेट पेपर के इस्तेमाल की मांग रखी। उन्होंने कहा कि इससे चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच विश्वास और भरोसा मजबूत करने में मदद मिलेगी।

NATIONAL : रणधीर जायसवाल, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता – फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

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भारत ने शनिवार को पाकिस्तान के राजनयिक प्रभारी साद वाराइच को तलब किया। भारत ने पाकिस्तान की ओर से हो रही सीमा पार अवैध घुसपैठ को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने पाकिस्तान पर ऐसी घुसपैठ को लगातार मदद देने का आरोप लगाया।

नई दिल्ली ने यह कदम पाकिस्तान की ओर से भारतीय राजनयिक प्रभारी को तलब किए जाने के कुछ घंटे बाद उठाया। पाकिस्तान ने भारतीय अधिकारी को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की ओर से दो नागरिकों की कथित’हत्या’ के विरोध में तलब किया था। यह घटना दोनों देशों की सीमा पर पंजाब क्षेत्र में हुई थी।

अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने पंजाब के तरन तारन जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास दो संदिग्ध पाकिस्तानी घुसपैठियों को गोली मार दी थी

पाकिस्तान के आरोपों पर भारत ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने बताया कि पाकिस्तान उच्चायोग के राजनयिक प्रभारी को तलब किया गया। भारत ने पाकिस्तान की ओर से सीमा पार अवैध घुसपैठ को लगातार मदद देने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने दो अक्तूबर को पंजाब के फिरोजपुर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास हुई एक घटना को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। मंत्रालय ने इन आरोपों को बेबुनियाद और एक खास मकसद से लगाए गए आरोप बताया।

मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तानी पक्ष को पूरी जानकारी दी गई। उसे बताया गया कि तीन लोग भारतीय सीमा में घुस आए थे। सीमा सुरक्षा बल ने उन्हें पाकिस्तान लौटने के लिए कई बार चेतावनी दी थी। इसके बावजूद वे सीमा पर लगी बाड़ की ओर बढ़ते रहे। मंत्रालय ने कहा कि इन लोगों से निपटने के लिए सीमा सुरक्षा बल को कार्रवाई करनी पड़ी। इसकी वजह यह थी कि वे तत्काल सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहे थे।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह घटना पाकिस्तान से काम कर रहे हथियारबंद नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों की बार-बार सीमा पार आवाजाही का स्पष्ट पैटर्न दिखाती है। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान सरकार से इन सीमा पार घुसपैठ की घटनाओं की जांच करने को कहा गया है। ड्रग तस्करी की गतिविधियों की भी जांच करने को कहा गया है।

इन गतिविधियों में पाकिस्तान की सीमा की सुरक्षा करने वाली सेनाओं की मिलीभगत की भी जांच करने को कहा गया है। भारत ने पाकिस्तान से इस मामले में जरूरी सुधारात्मक कदम उठाने को भी कहा है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान से अंतरराष्ट्रीय सीमा की पवित्रता का सम्मान सुनिश्चित करने को कहा गया है। उसे दोनों देशों के बीच हुए संबंधित समझौतों का सख्ती से पालन करने को भी कहा गया है। भारत ने पाकिस्तान से अपनी सेनाओं को अपनी तरफ से होने वाली बिना अनुमति की आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी नियंत्रण रखने को कहा है। साथ ही ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाने को कहा गया है।

NATIONAL : SIR के खिलाफ 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, संसद मार्ग थाने पहुंचा AISA का प्रतिनिधिमंडल

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मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ दिल्ली में आंदोलन अब तेज करने की पूरी तैयारी है. 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक प्रदर्शन का आह्वान किया गया है. इसी प्रदर्शन के लिए अनुमति और पुलिस सहयोग की मांग को लेकर AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल संसद मार्ग थाना पहुंचा. प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस को प्रदर्शन की जानकारी देने के साथ शांतिपूर्ण कार्यक्रम के लिए सहयोग करने की अपील की. यह कदम 25 सितंबर को जंतर-मंतर के पास हुए SIR विरोधी प्रदर्शन के बाद उठाया गया है. उस प्रदर्शन के दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था. पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी.

2 अक्टूबर के प्रदर्शन की पहले से सूचना

नेहा बोरा ने कहा कि पिछले प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से अनुमति को लेकर सवाल उठाए गए थे. इसलिए इस बार आयोजक पहले से पुलिस को कार्यक्रम की जानकारी दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर के प्रदर्शन के लिए पुलिस को समय रहते सूचना दी गई है. उन्होंने कहा कि SHO और DCP स्तर के अधिकारियों से भी अनुरोध किया जाएगा कि वे प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित कराने में सहयोग करें.

संसद मार्ग थाने क्यों पहुंचा प्रतिनिधिमंडल

2 अक्टूबर के कार्यक्रम को लेकर आयोजकों और पुलिस के बीच अनुमति का मुद्दा जरूरी हो गया है. 25 सितंबर को पुलिस ने कहा था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी. दूसरी ओर, प्रदर्शन से जुड़े लोगों का कहना था कि उन्होंने पुलिस को कार्यक्रम की जानकारी दी थी. इसी विवाद के बीच इस बार प्रतिनिधिमंडल ने संसद मार्ग थाना जाकर लिखित रूप से कार्यक्रम की सूचना देने और पुलिस से सहयोग मांगने का फैसला किया. प्रतिनिधिमंडल में नेहा बोरा के साथ योगेंद्र यादव, नंदिता नारायण भी शामिल थे.

‘पुलिस सहयोग करे तो शांतिपूर्ण तरीके से होगा प्रदर्शन’

दिल्ली विश्वविद्यालय की पूर्व प्रोफेसर नंदिता नारायण ने कहा कि 2 अक्टूबर के कार्यक्रम को लेकर पुलिस को लिखित जानकारी दी गई है. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर लंबे समय से विरोध प्रदर्शनों के लिए उपयोग होता रहा है. ऐसे में आयोजकों की कोशिश है कि पुलिस के साथ पहले से समन्वय हो, जिससे कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की परेशानी ना हो. नंदिता नारायण ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों को रोकने या बल प्रयोग की स्थिति बनती है तो तनाव बढ़ सकता है.

SIR को वोट के अधिकार से जोड़कर उठाए सवाल

नंदिता नारायण ने SIR को लेकर मतदाता सूची और वोट देने के अधिकार पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम हटने का असर सिर्फ मतदान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि नागरिकों को मिलने वाली कुछ सरकारी सुविधाओं और सेवाओं को लेकर भी सवाल खड़े हो सकते हैं.

जिनके नाम कटे हैं, वे भी प्रदर्शन में आएं

नंदिता नारायण ने 2 अक्टूबर के प्रदर्शन में ज्यादा से ज्यादा लोगों से शामिल होने की अपील की. उन्होंने खास तौर पर उन लोगों से आने को कहा, जिनका नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की शिकायत है. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन आगे भी बढ़ सकता है और SIR के मुद्दे पर देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को जोड़ने की कोशिश की जाएगी.

25 सितंबर के प्रदर्शन के बाद बढ़ा विवाद

SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 25 सितंबर को जंतर-मंतर के पास प्रदर्शन हुआ था. इसमें AISA और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक समूहों से जुड़े लोग शामिल हुए थे. पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था. पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी और नई दिल्ली जिले में लागू प्रतिबंधों के कारण कार्रवाई की गई. वहीं, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है.

NATIONAL : प्रधानमंत्री मोदी से मिले हरियाणा भाजपा के विधायक: सीएम सैनी समेत कई दिग्गज नेता रहे मौजूद, भेंट पर क्या बोले?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7, लोक कल्याण मार्ग पर हरियाणा के भाजपा विधायकों से मुलाकात कर प्रदेश सरकार के कामकाज, जनकल्याणकारी योजनाओं और जनता से जुड़े मुद्दों पर फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. अरचाना गुप्ता, मंत्री और विधायक इलेक्ट्रिक बस से प्रधानमंत्री आवास पहुंचे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 7, लोक कल्याण मार्ग पर हरियाणा के सभी भाजपा विधायकों से मुलाकात की और प्रदेश सरकार के कामकाज को लेकर उनका फीडबैक लिया। इस बात की जानकारी खुद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट से दी। उन्होंने बताया कि मुलाकात के दौरान जनहित से जुड़े मुद्दों, सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता तक विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

सीएम समेत कई दिग्गज बैठक में हुए शामिल
बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा हरियाणा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरचाना गुप्ता, राज्य सरकार के मंत्री और पार्टी के विधायक मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने विधायकों के साथ विभिन्न विषयों पर संवाद किया और जनता से जुड़े मामलों को लेकर उनके अनुभव और सुझाव जाने। इस दौरान जनसेवा को और प्रभावी बनाने तथा सरकार के कामकाज में जनता की अपेक्षाओं को प्राथमिकता देने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

इलेक्ट्रिक बस से पीएम आवास पहुंचे विधायक
प्रधानमंत्री से मुलाकात के लिए मुख्यमंत्री, मंत्री और भाजपा विधायक हरियाणा भवन से इलेक्ट्रिक बस में सवार होकर लोक कल्याण मार्ग पहुंचे। सामूहिक रूप से इलेक्ट्रिक बस से प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचने की पहल ने स्वच्छ परिवहन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

विधायकों से सीधे प्रधानमंत्री ने लिया फीडबैक
प्रधानमंत्री के साथ संवाद के दौरान हरियाणा के जनप्रतिनिधियों ने प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों और जनता से जुड़े विषयों की जानकारी साझा की। वहीं, सरकार के कामकाज पर विधायकों से सीधे फीडबैक लेने के जरिए जमीनी स्तर की स्थिति और लोगों की अपेक्षाओं को समझने पर जोर रहा।

NATIONAL : अमित शाह 4 अक्तूबर को तेलंगाना दौरे पर

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VVहैदराबाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 4 अक्तूबर को करीमनगर में एक मेडिकल कॉलेज के रजत जयंती समारोह में शामिल होंगे और तेलंगाना में अन्य कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने अमित शाह के दौरे से पहले करीमनगर स्थित प्रतिमा मेडिकल कॉलेज में तैयारियों का निरीक्षण किया।करीमनगर से लोकसभा सदस्य संजय कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि इस कॉलेज का उद्घाटन 25 साल पहले तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री एल.के. आडवाणी ने किया था।

उस समय अविभाजित आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी मौजूद थे। अमित शाह प्रतिमा डीम्ड यूनिवर्सिटी के भवन की आधारशिला भी रखेंगे और बाद में छात्रों को संबोधित करेंगे।भाजपा सूत्रों के अनुसार, अमित शाह 3 अक्तूबर की रात हैदराबाद पहुंचेंगे। 4 अक्तूबर को वह मेदक में एक मिल्क चिलिंग सेंटर की आधारशिला रखेंगे और इसके बाद करीमनगर के लिए रवाना होंगे।

NATIONAL : अमित शाह का बड़ा ऐलान, 31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त होगा मध्यप्रदेश, भोपाल में गृह मंत्री ने दिया कड़ा संदेश

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भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ऐलान किया है कि 31 दिसंबर 2029 तक मध्यप्रदेश को पूरी तरह नशामुक्त बना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए मुख्यमंत्री और गृह विभाग के साथ बारीक प्लानिंग की जा रही है ताकि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।

भोपाल में राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन को संबोधित करते केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह।
भोपाल: राजधानी में आयोजित राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन के मंच से केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मध्यप्रदेश के भविष्य को लेकर एक बेहद कड़ा और बड़ा संकल्प लिया है। गृह मंत्री ने साफ शब्दों में घोषणा की है कि सरकार ने 2029-30 तक मध्यप्रदेश को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। इस दिशा में प्रशासन और सरकार गंभीर योजना के साथ काम कर रही है।

अभिभावकों और माताओं को दिया विशेष संदेश
सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रदेश के सभी अभिभावकों, विशेष तौर पर माताओं को आश्वस्त किया कि सरकार युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्यमंत्री और गृह विभाग के साथ एक अहम बैठक होने वाली है, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि 31 दिसंबर 2029 से पहले मध्यप्रदेश को नारकोटिक्स और नशे की समस्या से पूरी तरह आजाद कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि इसके बाद प्रदेश के किसी भी बेटे या बेटी के भविष्य पर नशे का साया नहीं मंडराएगा।

देश में तेजी से बढ़ा दुग्ध उत्पादन
कार्यक्रम के दौरान सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देश में दुग्ध उत्पादन की स्थिति पर भी रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया में सबसे अधिक दुग्ध उत्पादन करने वाला देश बन चुका है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश का अनुमानित वार्षिक दूध उत्पादन वर्ष 2020-21 में करीब 209.96 मिलियन टन था, जो बढ़कर वर्ष 2024-25 में लगभग 247.87 मिलियन टन तक पहुंच गया है। सरकार गौपालकों और डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए लगातार कई अहम कदम उठा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नया संबल मिल रहा है।

नशामुक्त मध्यप्रदेश की डेडलाइन: अमित शाह ने ऐलान किया है कि 31 दिसंबर 2029 के बाद मध्यप्रदेश में नशे के लिए कोई जगह नहीं होगी और युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया जाएगाउच्चस्तरीय प्लानिंग: इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री और राज्य के गृह विभाग के साथ एक बारीक और ठोस रणनीति पर काम शुरू कर दिया गया है दुग्ध उत्पादन में ऐतिहासिक उछाल: सम्मेलन में देश के डेयरी सेक्टर का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में देश का दुग्ध उत्पादन 7 करोड़ लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 25 करोड़ लीटर प्रतिदिन पहुंच गया है।

SPORTS : न्यू चंडीगढ़ में भारत-वेस्टइंडीज का मैच बनेगा यादगार, Rohit Sharma और Virat Kohli को सम्मानित करेगी PCA

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न्यू चंडीगढ़ में तीन अक्टूबर को भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे मैच खेला जाएगा। इसी दौरान पीसीए रोहित शर्मा और विराट कोहली को सम्मानित करेगी। तीन अक्टूबर को भारत और वेस्टइंडीज के बीच न्यू चंडीगढ़ के क्रिकेट मैदान पर वनडे मैच खेला जाएगा। इस मुकाबले को यादगार बनाने के लिए पीसीए की ओर से विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

वहीं, पीसीए के अध्यक्ष अमरजीत सिंह मेहता का कहना है कि इस खास मौके पर भारतीय क्रिकेट के दो महान दिग्गजों रोहित शर्मा और विराट कोहली को विशेष रूप से सम्मानित करेगा।

पीसीए अध्यक्ष ने बताया कि न्यू चंडीगढ़ का यह विश्वस्तरीय मैदान इससे पहले अंतरराष्ट्रीय टी-20 और टेस्ट मैचों की सफल मेजबानी कर चुका है। पहली बार यहां वनडे मैच खेला जाएगा, जो पंजाब के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा।

मुकाबले का मुख्य आकर्षण रोहित और विराट होंगे, लेकिन शुभमन गिल पर भी सभी की नजरें रहेंगी। वह पहली बार अपने नए होम ग्राउंड पर बतौर वनडे कप्तान टीम का नेतृत्व करेंगे।

नमन धीर को मिल सकता है मौका
इसके साथ ही घरेलू दर्शकों के लिए यह मैच बेहद रोमांचक रहेगा, क्योंकि पंजाब के प्रतिभाशाली खिलाड़ी नमन धीर को इस मैच में मौका मिलने की संभावना है, जबकि तेज गेंदबाज गुरनूर भी भारतीय टीम का हिस्सा हैं।

फैंस की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध
अमरजीत मेहता ने कहा कि यह मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए याद रहने वाला अनुभव साबित होगा। पीसीए यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है कि स्टेडियम आने वाले हर दर्शक को अपने स्टार खिलाड़ियों को देखने का बेहतरीन और सहज अनुभव मिले। दर्शकों के प्रवेश, सिटिंग अरेंजमेंट, सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और अन्य सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

SPORTS : आज जीते कुल छह स्वर्ण पदक, तालिका में शीर्ष-पांच में; महिला हॉकी टीम का ऐतिहासिक प्रदर्शन

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एशियन गेम्स 2026 के 13वें दिन भारत ने छह स्वर्ण समेत कुल 10 पदक जीते। महिला हॉकी टीम ने चीन को हराकर 44 साल बाद एशियाड में स्वर्ण पदक जीता, जबकि सुजीत कलकल ने कुश्ती में शानदार वापसी करते हुए गोल्ड अपने नाम किया। मुक्केबाजी में परवीन हुड्डा, लवलीना बोरगोहेन और अंकुश पंघाल ने स्वर्ण जीतकर भारत को गोल्डन हैट्रिक दिलाई, वहीं महिला रिकर्व टीम ने भी ऐतिहासिक स्वर्ण पदक हासिल किया।

एशियन गेम्स 2026 का 13वां दिन भारत के लिए बेहद शानदार और ऐतिहासिक रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने कई खेलों में दमदार प्रदर्शन करते हुए छह स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य समेत कुल 10 पदक अपने नाम किए। भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक का टिकट भी पक्का किया। कुश्ती में सुजीत कलकल ने 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में 2-9 से पिछड़ने के बाद 10-9 की अविश्वसनीय जीत के साथ सोना जीता। बॉक्सिंग में परवीन हुड्डा, लवलीना बोरगोहेन और अंकुश पंघाल ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत को गोल्डन हैट्रिक दिलाई। तीरंदाजी में महिला रिकर्व टीम ने पहली बार स्वर्ण जीता, जबकि धीरज बोम्मादेवरा-कुमकुम और पुरुष रिकर्व टीम ने रजत पदक अपने नाम किया। सेलिंग और सेपकटकरा में भी भारत को कांस्य मिला।

दिन की सबसे बड़ी उपलब्धि भारतीय महिला हॉकी टीम के नाम रही। भारत ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीत लिया। इसके साथ ही भारत ने महिला हॉकी में 44 साल से चले आ रहे स्वर्ण पदक के सूखे को खत्म कर दिया। भारत के लिए लालरेमसियामी ने 10वें मिनट में मैदानी गोल किया।

इसके बाद चीन ने लगातार दबाव बनाया और दूसरे क्वार्टर में उसे पेनल्टी स्ट्रोक भी मिला, लेकिन अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया ने शानदार बचाव करते हुए चीन को बराबरी नहीं करने दी। भारतीय डिफेंस ने पूरे मुकाबले में चीन के हमलों का मजबूती से सामना किया।
चीन ने आखिरी मिनटों में गोलकीपर को बाहर कर एक अतिरिक्त आउटफील्ड खिलाड़ी उतारा, लेकिन भारत ने अपनी बढ़त बनाए रखी। अंतिम सीटी बजते ही भारतीय खिलाड़ी और टीम प्रबंधन जश्न में डूब गए।

भारत ने 1982 के दिल्ली एशियाई खेलों में पहली बार महिला हॉकी का स्वर्ण जीता था। उसके बाद टीम 1998 और 2018 में फाइनल तक पहुंची, लेकिन दोनों बार उसे रजत से संतोष करना पड़ा। इस बार भारत ने 44 साल का इंतजार खत्म किया। स्वर्ण के साथ टीम ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालिफाई भी कर लिया।

कुश्ती में सुजीत कलकल ने दिन की सबसे रोमांचक जीत दर्ज की। पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल फाइनल में वह ताजिकिस्तान के अब्दुलमाजिद कुदिएव के खिलाफ एक समय 2-9 से पीछे थे। मुकाबला लगभग उनके हाथ से निकलता नजर आ रहा था, लेकिन आखिरी डेढ़ मिनट में सुजीत ने पूरा खेल पलट दिया।

उन्होंने लगातार चार टेकडाउन करते हुए 8-9 तक वापसी की। इसके बाद मुकाबले के आखिरी 10 सेकेंड में सुजीत ने एक और टेकडाउन कर दो अंक हासिल किए और स्कोर 10-9 कर दिया। इस तरह उन्होंने 9-2 से पिछड़ने के बाद एक अंक से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। हरियाणा के चरखी दादरी के सुजीत ने 65 किग्रा वर्ग में भारतीय कुश्ती को एशियाई खेलों का स्वर्ण दिलाया। इस जीत के साथ उन्होंने सीनियर स्तर पर अपने शानदार सफर में एक और बड़ा पदक जोड़ लिया।

NATIONAL : मौसम की बेरुखी पड़ने वाली है भारी: फसलों पर कहीं सूखे की आफत तो कहीं बारिश की मार…बिजली भी कर सकती है परेशान

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देश के कई राज्यों में बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ गया है। कम बारिश, घटते जल भंडार और कोयले की कमी ने संकट बढ़ा दिया है। रबी सीजन में सिंचाई की मांग बढ़ने पर क्या बिजली संकट और गहरा सकता है? पढ़िए इस रिपोर्ट में।

देश के कई राज्यों में बिजली संकट गहराता जा रहा है। अल नीनो के असर से कमजोर मानसून के बाद अब बिजली की मांग बढ़ गई है। मांग और आपूर्ति में पांच गुना तक का अंतर आ गया है। साथ ही कोयले की किल्लत से भी मुसीबत बढ़ रही है। आगामी रबी सीजन में जब कृषि क्षेत्र में सिंचाई के लिए मांग बढ़ेगी तो अनेक राज्यों में बिजली को लेकर हाहाकार मचना तय है।

अक्तूबर की शुरुआत में गर्मी और उमस के चलते पंखे, कूलर और एसी का इस्तेमाल बढ़ा है। कम बारिश के कारण खरीफ फसलों में भी सिंचाई के लिए बिजली की मांग बढ़ी है। इससे बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच अंतर बढ़ गया। ग्रिड-इंडिया के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में बिजली की कमी बढ़कर 54.4 करोड़ यूनिट हो गई, जबकि अगस्त में यह 9.8 करोड़ यूनिट थी। यानी बिजली उत्पादन मांग की तुलना में पांच गुना कम है। ताजा आंकड़ों में सितंबर के दौरान शाम के वक्त बिजली कमी अधिकतम 7.7 गीगावॉट तक पहुंच चुकी है।

बांधों में पानी क्षमता का 70 फीसदी : केंद्रीय जल आयोग के 28 सितंबर के आंकड़ों के अनुसार, देश के 178 प्रमुख बांधों व जलाशयों में पानी का भंडारण उनकी कुल क्षमता का 70 फीसदी रह गया था। यह 10 साल के औसत 76.62 फीसदी कम है।

कोयले की कमी बढ़ा रही परेशानी
जल विद्युत से कम उत्पादन और बिजली की ऊंची मांग के बीच ताप बिजली संयंत्रों पर निर्भरता बढ़ रही है। इससे कोयले की खपत बढ़ी और स्टॉक घटा है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के 27 सितंबर तक के आंकड़ों के मुताबिक, देश के 168 कोयला आधारित बिजली संयंत्रों में 72 के पास कोयले का स्टॉक तय मानक के 25 फीसदी से नीचे था। कुल कोयला भंडार 1.92 करोड़ टन रह गया था, जबकि जरूरत 5.37 करोड़ टन की थी। 30 सितंबर तक क्रिटिकल कोयला स्टॉक वाले बिजली संयंत्रों की संख्या बढ़कर 84 हो गई।

यूपी-पंजाब और हरियाणा पर दबाव
उत्तर भारत में पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में बिजली और कोयले की स्थिति पर दबाव दिख रहा है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के सितंबर के आंकड़ों के मुताबिक, इन राज्यों के कई ताप बिजली संयंत्रों में कोयले का स्टॉक तय मानक से काफी नीचे रहा। राजस्थान के सात, उत्तर प्रदेश के चार, हरियाणा के एक और पंजाब के दो निजी संयंत्र में कोयल का स्टॉक नाजुक स्तर पर था। बिजली की उपलब्धता के लिहाज से सितंबर में पंजाब में 911.5 लाख यूनिट, यूपी में 430.5 लाख यूनिट और राजस्थान में 371.3 लाख यूनिट बिजली की कमी दर्ज हुई।

हिमाचल में अघोषित कटौती शुरू, मांग और आपूर्ति में 80 लाख यूनिट का अंतर
शिमला। हिमाचल प्रदेश में बिजली संकट गहराने लगा है। मानसून सीजन में कम बारिश के कारण जल विद्युत परियोजनाओं में घटे उत्पादन ने चिंता बढ़ा दी है। हालात ये हैं कि कई क्षेत्रों में अघोषित कट लगने शुरू हो गए हैं। प्रदेश में मौजूदा समय में रोजाना करीब 280 से 300 लाख यूनिट तक बिजली उत्पादन हो रहा है, जबकि खपत 380 लाख यूनिट से अधिक पहुंच गई है। यानी प्रतिदिन 80 से 100 लाख यूनिट तक की कमी सामने आ रही है।

वर्ष बिजली उत्पादन (1 अप्रैल से 9 सितंबर तक)
2025 91,6521.9 लाख यूनिट
2026 81,7090.9 लाख यूनिट

महीना बिजली की कमी
सितंबर 54.4 करोड़ यूनिट
अगस्त 9.8 करोड़ यूनिट

PUNJAB : कांग्रेस के नए ‘सरदार’ परगट सिंह, पूर्व ओलंपियन और हॉकी खिलाड़ी को मिली प्रदेश की कमान

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कांग्रेस पार्टी ने पंजाब में संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और विधायक परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है।

भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और ओलंपियन परगट सिंह अब पंजाब कांग्रेस की कप्तानी संभालेंगे। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को उन्हें पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) का नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। उन्होंने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह ली है। विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हुए इस नेतृत्व परिवर्तन के जरिये कांग्रेस ने पंजाब के दोआबा क्षेत्र को प्रदेश संगठन की कमान सौंपी है।

परगट के सामने ये चुनौती
नए अध्यक्ष बनने के बाद परगट सिंह के सामने सबसे बड़ी चुनौती कांग्रेस के भीतर पिछले कई महीनों से चल रही खींचतान को खत्म कर संगठन को पूरी तरह चुनावी मोड में लाने की होगी। राजा वड़िंग के नेतृत्व को लेकर पार्टी के भीतर बने मतभेदों के बीच हाईकमान ने सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी बनाने के बाद संगठन की स्थिति पर फीडबैक लिया था। इसके बाद वड़िंग ने प्रदेशाध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया। ऐसे में परगट की नियुक्ति को संगठन में अलग-अलग धड़ों के बीच संतुलन साधने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।

मालवा-माझा में भी साधना होगा संतुलन
परगट सिंह जालंधर कैंट से विधायक हैं और दोआबा क्षेत्र से आते हैं। वड़िंग के बाद प्रदेशाध्यक्ष के लिए मालवा से विजयइंदर सिंगला, दोआबा से परगट सिंह और माझा से सुखजिंदर सिंह सरकारिया के नामों का पैनल हाईकमान के सामने था। ऐसे में कांग्रेस ने तीनों क्षेत्रों में संतुलन की चर्चा के बीच दोआबा के चेहरे पर भरोसा जताया है। पार्टी के सामने अब परगट की अगुवाई में सभी वरिष्ठ नेताओं को एक मंच पर लाने की चुनौती होगी। 2027 के चुनाव में कांग्रेस को आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करनी है।

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