Friday, April 24, 2026
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NATIONAL : नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप लगते ही युवक ने कर ली आत्महत्या, दोनों के बीच थे प्रेम संबंध

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यूपी के कौशांबी जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी युवक ने आत्महत्या कर ली. मामला पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र का है. पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर केस दर्ज हुआ था. जानकारी मिलते ही युवक तनाव में आ गया और गांव के बाहर बगीचे में फांसी लगा ली.

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी ने गांव के ही एक युवक पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाया है. पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी. मामला दर्ज होने की जानकारी मिलते ही आरोपी युवक ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया.घटना पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के शिवरतन का पूरा गांव की है. पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक और किशोरी के बीच प्रेम संबंध थे. आरोप है कि युवक ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया, जिससे वह गर्भवती भी हो गई थी. इस मामले को लेकर पीड़िता के परिजन शनिवार को थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई.

पुलिस ने पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर आरोपी रोहित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया. जैसे ही रोहित को इस बात की जानकारी हुई कि उसके खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज हो गया है, वह मानसिक तनाव में आ गया. बताया जा रहा है कि शनिवार शाम वह घर से निकल गया था और देर रात तक वापस नहीं लौटा.रोहित की मां ने करीब तीन घंटे तक उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. इसके बाद वह थक-हारकर घर लौट आईं. रविवार सुबह रोहित के पिता और छोटा भाई उसकी तलाश में गांव के बाहर स्थित एक बगीचे की ओर गए.

बगीचे में पहुंचने पर परिजनों ने देखा कि रोहित का शव पेड़ से रस्सी के फंदे के सहारे लटका हुआ है. यह दृश्य देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में अफरा-तफरी फैल गई. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस को अवगत कराया गया.सूचना पर क्षेत्राधिकारी (सीओ) जेपी पांडे और पश्चिम शरीरा थाना प्रभारी हरीश तिवारी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.कौशांबी के सीओ जेपी पांडे ने बताया कि पश्चिम शरीरा थाने में पीड़िता की मां ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें गांव के ही युवक द्वारा नाबालिग बेटी से दुष्कर्म का आरोप लगाया गया था. इस पर मुकदमा दर्ज किया गया था. मुख्य आरोपी रोहित ने गांव के बाहर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

NATIONAL : दिल्ली के ली-मेरिडियन होटल में खुदकुशी… बिल्डिंग की 12वीं मंजिल से कूदकर शख्स ने दी जान

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दिल्ली के ली मेरिडियन होटल में एक व्यक्ति ने 12वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. होटल स्टाफ ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके का जायजा लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा. फिलहाल मामले की जांच जारी है. होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की जा रही है

राजधानी दिल्ली में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. लाजपत नगर के रहने वाले 50 वर्षीय परविंदर सिंह ने ली-मेरिडियन होटल से कूदकर खुदकुशी कर ली. यह घटना होटल के 12वीं मंजिल पर स्थित रेस्टोरेंट के पास हुई, जिसके बाद लोगों में सनसनी फैल गई.जानकारी के मुताबिक, परविंदर सिंह ने दोपहर के समय होटल में एंट्री की, फिर लिफ्ट लेकर 12वीं मंजिल तक पहुंचा. वहां पहुंचते ही परविंदर ने बिल्डिंग से अचानक छलांग लगा दी. लोकल सिक्योरिटी और होटल स्टाफ ने तुरंत पुलिस को जानकारी दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया और मामले की जांच शुरू कर दी.

परविंदर सिंह क्रिसमस के दौरान इस होटल में ठहरा था. हालांकि परविंदर की मानसिक स्थिति और सुसाइड के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. होटल परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है.पुलिस ने कहा कि फिलहाल किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि की सूचना नहीं मिली है. होटल स्टाफ और गेस्ट्स से पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके.

ली-मेरिडियन होटल दिल्ली के प्रमुख इलाके में स्थित है. यहां अक्सर देश-विदेश के लोग ठहरते हैं. इस घटना ने होटल और आसपास के लोगों में खलबली मचा दी. पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है.हालांकि अभी तक आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हुए हैं. परिवार और परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके.

(नोट:- अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

ENTERTAINMENT : सुनील ग्रोवर ने उतारी नकल, आमिर खान को लगा बुरा? बोले- मैं इसे मिमिक्री नहीं कहूंगा…

द ग्रेट कपिल शर्मा शो में सुनील ग्रोवर की आमिर खान वेाली मिमिक्री ने सोशल मीडिया पर धूम मचा दी. खुद आमिर खान ने इस एक्ट की तारीफ करते हुए कहा कि ये इतनी असली थी कि वो खुद को देख रहे थे. वो हंस हंस कर बेहाल हो गए थे.

सुनील ग्रोवर लाजवाब हैं. वो जो भी एक्ट करते हैं- इतना शानदार होता है कि हर कोई उनका फैन बन जाता है. इस बार द ग्रेट इंडियन कपिल शो पर उन्होंने आमिर खान की मिमिक्री की, इसे देख शो की टीम, फैंस से लेकर आमिर खान तक इम्प्रेस हो गए. आमिर ने सुनील के एक्ट को बेस्ट बताया और अपना रिएक्शन शेयर किया.

शनिवार को आए द ग्रेट कपिल शर्मा शो के हालिया एपिसोड में सुनील ग्रोवर ने आमिर खान की जबरदस्त मिमिक्री कर सभी को काफी इम्प्रेस किया. सुनील का यह एक्ट पूरे एपिसोड का सबसे बड़ा अट्रेक्शन बन गया. आमिर खान की नकल करते हुए उनके वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं. अब खुद आमिर खान ने भी सुनील ग्रोवर की तारीफ की है और उनकी मिमिक्री को बेहद असली बताया है.

बॉलीवुड हंगामा से बातचीत में आमिर ने कहा, “मैं इसे मिमिक्री भी नहीं कहूंगा. ये इतना असली था कि मुझे लगा मैं खुद को देख रहा हूं. मैंने सिर्फ एक छोटा सा क्लिप देखा है और अब पूरा एपिसोड देखने वाला हूं. जो मैंने देखा, वो कमाल का था. मैं इतना हंसा कि सांस लेना मुश्किल हो गया.”अक्सर देखा जाता है कि जब किसी एक्टर की नकल की जाती है तो वो नाराज भी हो सकता है, लेकिन आमिर के साथ ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ. इस पर उन्होंने कहा, “इसमें कोई बुराई या गलत भावना नहीं थी. शायद मैं ही सबसे ज्यादा हंसा हूं.

फैंस ने सुनील ग्रोवर की बारीकियों पर खास ध्यान देने की तारीफ की. लोगों ने कहा कि सुनील ने आमिर के बात करने के अंदाज और उनकी गंभीर शख्सियत को बहुत अच्छे से पकड़ा. कई दर्शकों को तो लगा कि असली आमिर खान ही शो में आ गए हों. एक यूजर ने लिखा- ओ भाई, मुझे तो लगा आमिर खान ही आ गए हैं.

कुछ लोगों ने कहा कि सुनील ‘आमिर से भी ज्यादा आमिर’ लग रहे थे, तो वहीं कई यूजर्स ने मजाक में उनकी तुलना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से कर दी और लिखा, ‘AI भी सुनील ग्रोवर से सीखता होगा.’ एक कमेंट में था कि- सुनील कॉमेडी के OG हैं. बेहद टैलेंटेड. उनके कॉमेडी लेवल की बराबरी कोई नहीं कर सकता. एक और यूजर ने कहा- ये इंसान गजब है.

सुनील ग्रोवर फिलहाल नेटफ्लिक्स पर आ रहे द ग्रेट इंडियन कपिल शो के नए सीजन का हिस्सा हैं. वो पिछले 20 सालों से टीवी और फिल्मों में काम कर रहे हैं और हाल ही में जवान और डब्बा कार्टेल जैसी फिल्मों में गंभीर किरदारों में भी नजर आए हैं.

HEALTH : बेसन का चिल्ला या गेहूं की रोटी, वजन घटाने के लिए क्या खाएं?

आज के दौर में जहां हर दूसरा व्यक्ति अपने बढ़ते वजन से परेशान है. ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि क्या खाया जाए, जिससे शरीर को भरपूर पोषण भी मिले और वजन घटाने में भी मदद मिले. आज हम इस खबर में जानेंगे कि गेहूं की रोटी और बेसन चिल्ला में से वजन घटाने में कौन ज्यादा मददगार हो सकता है.

आज के दौर में वजन बढ़ना एक आम समस्या बन गया है. जब वजन घटाने की बात आती है तो लोगों को लगता है कि इसके लिए उन्हें स्ट्रिक्ट डाइट फॉलो करनी होगी या कम खाना पड़ेगा. लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है. सिर्फ खाना छोड़ने से ही वजन कम नहीं होता, बल्कि सही खाना चुनना भी उतना ही जरूरी होता है. भारतीय घरों में गेहूं की रोटी रोज खाई जाती है, वहीं बेसन से बना चिल्ला आजकल काफी ट्रेंड में है और इसे हल्का व प्रोटीन से भरपूर ऑप्शन माना जाता है. ऐसे में आज हम इस खबर में जानेंगे कि वजन घटाने के लिए रोटी और बेसन चिल्ला में से क्या बेहतर है और क्यों.

एक सामान्य गेहूं की रोटी में लगभग 70 से 100 कैलोरी होती हैं जो इसके साइज पर डिपेंड करती हैं और यह शरीर को जरूरी कार्बोहाइड्रेट और फाइबर भी देता है. वहीं, बेसन चिल्ले में लगभग 120 कैलोरी होती है लेकिन इसमें प्रोटीन और थोड़ी मात्रा में हेल्दी फैट भी होती है. वजन घटाने में कैलोरी के साथ-साथ पोषण की क्वालिटी भी बहुत मायने रखती है.

बेसन चिल्ला प्रोटीन से भरपूर होता है क्योंकि बेसन चने से बनता है. प्रोटीन पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और मसल्स बनाने में मदद करता है जिससे मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है. वहीं गेहूं की रोटी हेल्दी जरूर है लेकिन इसमें बेसन चिल्ले के मुकाबले प्रोटीन कम होता है.

पेट भरने के मामले में बेसन चिल्ला अक्सर बेहतर साबित होता है क्योंकि इसमें प्रोटीन ज्यादा होता है. चिल्ला खाने के बाद जल्दी भूख नहीं लगती जिससे आप ओवरईटिंग से बचते हैं जो वजन बढ़ने का एक बड़ा कारण है. वहीं रोटी हल्की होती है, इसलिए इसे दाल या सब्जी के साथ खाना बेहतर रहता है ताकि पेट लंबे समय तक भरा रहे.

साबुत गेहूं की रोटी में अच्छी मात्रा में फाइबर होता है जो डाइजेशन को बेहतर बनाता है और बार-बार भूख लगने से बचाता है. वहीं, बेसन चिल्ले में भी फाइबर होता है लेकिन रोटी की तुलना में कम.

बेसन चिल्ला और गेहूं की रोटी, दोनों ही हेल्दी हैं. हालांकि, ज्यादा प्रोटीन होने की वजह से बेसन चिल्ला वजन घटाने में थोड़ा ज्यादा मददगार हो सकता है. वहीं गेहूं की रोटी फाइबर और एनर्जी के मामले में बेहतर है. अगर आप हाई-प्रोटीन और पेट भरने वाला खाना चाहते हैं तो बेसन चिल्ला बेहतर है. अगर आप फाइबर और बैलेंस कार्ब्स वाला रोज का खाना चाहते हैं तो गेहूं की रोटी सही है. सबसे अच्छा तरीका है दोनों को अपनी डाइट में शामिल करें. नाश्ते या डिनर में चिल्ला और लंच में रोटी. इससे आपको प्रोटीन और फाइबर दोनों का फायदा मिलेगा.

WORLD : आंखों में काली पट्टी, हथकड़ी लगे हाथों में पानी की बोतल… US की हिरासत से मादुरो की पहली फोटो आई सामने

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अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास समेत कई ठिकानों पर बमबारी की थी, जिसके बाद देश में इमरजेंसी घोषित कर दी गई. ट्रंप ने दावा करते हुए कहा था कि मादुरो और उनकी वाइफ अमेरिका के कब्जे में हैं.

अमेरिका ने वेनेजुएला पर एयरस्ट्राइक कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को आधी रात में गिरफ्तार कर लिया. राष्ट्रपति मादुरो को लेकर अमेरिकी फोर्स तुरंत यूएस के लिए रवाना हो गई. अमेरिका की हिरासत में मादुरो की पहली तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह जाएगा.

मादुरो की आंखों में काली पट्टी बंधी हुई है, ताकि वो कुछ भी इधर-उधर का देख ही न पाएं. इसके अलावा कानों में ईयरमफ्स लगे हुए हैं. दरअसल वेनेजुएला के राष्ट्रपति को अमेरिकी वॉरशिप के जरिए काराकास से यूएस लाया जा रहा है, इसके बाद उन्हें हेलीकॉप्टर से न्यूयॉर्क भेजा जाएगा. ज्यादा शोर की वजह से कानों में ईयरमफ्स लगे हुए हैं. इसके साथ ही वो हाथों में पानी की छोटी बोतल भी पकड़े हुए हैं, जोकि आधी खाली है.

डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बात करते हुए कहा था कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार करना संकेत है कि अमेरिका किसी के भी सामने झुकने वाला नहीं है. सीएनन के मुताबिक, निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके बेडरूम से घसीटकर बाहर निकाला गया था. एपी के मुताबिक, दंपति काराकास में कड़ी सुरक्षा वाले फोर्ट टियूना सैन्य परिसर के अंदर स्थित अपने घर में सो रहे थे, तभी अमेरिकी विशेष बलों ने उनके आवास पर हमला बोला.

यूएस राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि मादुरो और उनकी पत्नी को वॉरशिप के जरिए अमेरिका ले जाया जा रहा है. उन्होंने ये भी बताया इस पूरे ऑपरेशन में किसी भी अमेरिकी की जान नहीं गई है. उन्होंने कहा, ‘हम इस ऑपरेशन के लिए चार दिन से इंतजार कर रहे थे. मादुरो को पकड़े जाने का सीधा प्रसारण देखा, जो किसी टीवी शो जैसा था.’

अमेरिका की अटॉर्नी जनरल बोंडी ने बताया कि मादुरो के खिलाफ न्यूयॉर्क में मुकदमा चलेगा. उन्होंने कहा, ‘निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी, सिलिया फ्लोरेस पर न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले में मुकदमा दायर किया गया है. मादुरो पर मादक पदार्थों से संबंधित आतंकवाद की साजिश (नारको-टेररिज्म), कोकीन आयात की साजिश, मशीनगन और विनाशकारी उपकरणों के कब्जे और संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ मशीनगन और विनाशकारी उपकरणों के कब्जे की साजिश का आरोप लगाया गया है. उन्हें जल्द ही अमेरिकी अदालतों में न्याय का सामना करना पड़ेगा.’

NATIONAL : गुरुग्राम में मंदिर सुरक्षित नहीं! श्री दुर्गा देवी मंदिर में 5वीं बार चोरी, 80 हजार की नकदी पर हाथ साफ

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गुरुग्राम के प्रताप नगर स्थित प्राचीन श्री दुर्गा देवी मंदिर में देर रात चोरी की वारदात सामने आई है. चोर ने मंदिर में घुसकर दानपात्र तोड़ा और करीब 80 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गया. पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई है. यह मंदिर में पांचवीं चोरी है. मंदिर समिति ने न्यू कॉलोनी थाने में शिकायत दर्ज कराई है.

गुरुग्राम में एक बार फिर मंदिरों को निशाना बनाए जाने की घटना सामने आई है. शहर में लगातार हो रही चोरी की वारदातों ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ताजा मामला प्रताप नगर स्थित प्राचीन श्री दुर्गा देवी मंदिर का है, जहां देर रात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया. यह पूरी घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है.

सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि एक चोर मंदिर के अंदर घुसकर दानपात्र को तोड़ता है और उसमें रखी नकदी लेकर मौके से फरार हो जाता है. बताया जा रहा है कि दानपात्र में करीब 80 हजार रुपये नकद रखे थे. चोर बिना किसी डर के चोरी कर भाग निकला, जिससे मंदिर समिति और स्थानीय लोगों में नाराजगी है.

हैरानी की बात यह है कि श्री दुर्गा देवी मंदिर में यह पहली चोरी नहीं है. मंदिर में अब तक पांच बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं. इसके बावजूद चोरों पर लगाम नहीं लग पाई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुलिस की लापरवाही है या फिर चोरों का बढ़ता हुआ हौसला, लेकिन हर बार चोर आसानी से फरार हो जाते हैं.

मामले को लेकर मंदिर समिति की ओर से गुरुग्राम के न्यू कॉलोनी थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है. समिति ने नाराजगी जताते हुए सवाल उठाया है कि आखिर भगवान के दरबार में कितनी बार चोरी होगी और पुलिस कब तक हाथ पर हाथ रखकर बैठी रहेगी.

मंदिर के पुजारी पुष्कर नाथ ने बताया कि इस मंदिर में पहले भी चोरी हो चुकी है. उस समय मंदिर में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे. पिछली चोरी के बाद सुरक्षा के लिए कैमरे लगाए गए, लेकिन इसके बावजूद चोरों ने दोबारा वारदात को अंजाम दिया.

उन्होंने बताया कि बीते कुछ दिनों में गुरुग्राम के अन्य मंदिरों में भी चोरी की घटनाएं सामने आई हैं. कुछ दिन पहले मदनपुरी स्थित भगवती माता मंदिर में भी चोरी हुई थी, जिसकी शिकायत न्यू कॉलोनी थाने में दर्ज कराई गई थी. लगातार हो रही इन घटनाओं से श्रद्धालुओं में डर और गुस्सा दोनों बढ़ता जा रहा है.

DELHI : DDA Housing Scheme 2026: कड़कड़डूमा में 2BHK फ्लैट्स FCFS आधार पर, जानें कीमत, आवेदन प्रक्रिया और कब्जे की तारीख

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दिल्ली विकास प्राधिकरण ने ईस्ट दिल्ली में घर खरीदने वालों के लिए कड़कड़डूमा में 2BHK फ्लैट्स लॉन्च किए हैं. लगभग रेडी-टू-मूव ये फ्लैट्स मिडिल क्लास और सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा अवसर हैं, जिसमें पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर अलॉटमेंट होगा.

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की Towering Heights Housing Scheme 2026 ईस्ट दिल्ली में घर खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है. इस योजना के तहत कड़कड़डूमा इलाके में 2BHK फ्लैट्स पहले आओ–पहले पाओ (FCFS) आधार पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. ये फ्लैट्स लगभग रेडी-टू-मूव स्थिति में हैं और डीडीए का दावा है कि बॉयर्स को जुलाई 2026 तक पजेशन दे दी जाएगी.

डीडीए के मुताबिक, पारदर्शी अलॉटमेंट प्रक्रिया, पूरी तरह ऑनलाइन आवेदन, और सरकारी गारंटी के चलते यह स्कीम मिडिल क्लास और सरकारी कर्मचारियों के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरी है.

यह योजना खासतौर पर उन परिवारों को ध्यान में रखकर लाई गई है, जो ईस्ट दिल्ली के कनेक्टेड इलाकों में किफायती और भरोसेमंद सरकारी आवास की तलाश में थे. कड़कड़डूमा पहले से ही मेट्रो कनेक्टिविटी, कोर्ट कॉम्प्लेक्स, अस्पतालों और कमर्शियल हब के कारण एक प्रमुख रिहायशी क्षेत्र है. ऐसे में यहां हाईराइज टावरों में DDA फ्लैट्स खरीदारों के लिए आकर्षक विकल्प माने जा रहे हैं.

इस स्कीम के तहत व्यक्तिगत खरीदारों के लिए कुल 741 फ्लैट्स उपलब्ध कराए गए हैं. सभी फ्लैट्स 2BHK कॉन्फिगरेशन में हैं और अलॉटमेंट पूरी तरह FCFS आधार पर होगा. इन फ्लैट्स की बिक्री कीमत 1.78 करोड़ रुपये से लेकर 2.35 करोड़ रुपये तक है.

आवेदन प्रक्रिया (पूरी तरह ऑनलाइन)

आधिकारिक पोर्टल: eservices.dda.org.in

रजिस्ट्रेशन शुल्क: ₹2,500 (एकमुश्त)

बुकिंग अमाउंट: ₹4,00,000

यह राशि नॉन-रिफंडेबल होगी, लेकिन फ्लैट की कुल कीमत में समायोजित कर दी जाएगी.

डीडीए ने यह सुविधा भी दी है कि एक आवेदक एक से अधिक फ्लैट्स के लिए आवेदन कर सकता है. फ्लैट का क्षेत्रफल, पार्किंग विवरण और अनुमानित कीमत जैसी जानकारियां पोर्टल पर उपलब्ध Annexure-A में दी गई हैं.

सरकारी संस्थानों के लिए बल्क अलॉटमेंट

Towering Heights Housing Scheme 2026 में सरकारी संस्थानों के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है.

आरक्षित फ्लैट्स: 107

लोकेशन: RH-02 ब्लॉक

टावर: पीरपंजाल, विंध्य, शिवालिक और सतपुड़ा

न्यूनतम मांग: 10 फ्लैट्स (Bulk Allotment)

पात्र संस्थानों में केंद्र व राज्य सरकार के विभाग, मंत्रालय, सरकारी विश्वविद्यालय

NATIONAL : एजेंट ने दिया धोखा, जंग में झोंका, सरकारी बेरुखी… रूस में जान गंवाने वाले पंजाब के मनदीप की दर्दनाक दास्तां

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बेहतर भविष्य की तलाश में 2023 में भारत से इटली जाने निकले मंदीप को कथित तौर पर ट्रैवल एजेंटों ने धोखा दिया और आर्मेनिया के रास्ते रूस पहुंचाकर 2024 में जबरन रूसी सेना में भर्ती करवा दिया. मंदीप के भाई का आरोप है कि उन्होंने राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार तक हर दरवाजा खटखटाया, लेकिन कहीं से कोई ठोस मदद नहीं मिली.

03 जनवरी 2026,पंजाब के जालंधर जिले के गोराया निवासी 30 वर्षीय मंदीप कुमार की दर्दनाक कहानी ने एक बार फिर विदेशों में फर्जी एजेंटों के जाल और सरकार की कथित उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बेहतर भविष्य की तलाश में 2023 में भारत से इटली जाने निकले मंदीप को कथित तौर पर ट्रैवल एजेंटों ने धोखा दिया और आर्मेनिया के रास्ते रूस पहुंचाकर 2024 में जबरन रूसी सेना में भर्ती करवा दिया.

परिवार के मुताबिक, रूसी सेना में शामिल किए जाने के बाद मंदीप लगातार वीडियो भेजकर भारत सरकार से मदद की गुहार लगाता रहा. इन वीडियो में वह साफ तौर पर कहता दिखता था कि उसे धोखे से युद्ध क्षेत्र में भेजा गया है और वह किसी भी हाल में वापस घर लौटना चाहता है. मार्च 2024 में परिवार से उसकी आखिरी बातचीत हुई, इसके बाद उसका संपर्क पूरी तरह टूट गया. महीनों तक परिवार अनिश्चितता, डर और इंतजार के बीच जीता रहा.

मंदीप के भाई जगदीप का आरोप है कि उन्होंने राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों तक हर दरवाजा खटखटाया, लेकिन कहीं से कोई ठोस मदद नहीं मिली. जगदीप का कहना है कि फरवरी में उन्होंने AIIMS में डीएनए सैंपल भी दिया था, ताकि जरूरत पड़ने पर पहचान हो सके, लेकिन उनका दावा है कि यह सैंपल कभी रूस नहीं भेजा गया.

आखिरकार, निराश होकर जगदीप ने खुद रूस जाने का फैसला किया. उन्होंने अपनी तरफ से रूसी सेना के अधिकारियों से संपर्क किया, जानकारी जुटाई और वहीं डीएनए सैंपल देकर अपने भाई की पहचान सुनिश्चित की. दर्दनाक सच्चाई सामने आई कि मंदीप की मौत हो चुकी थी. यह सूचना किसी आधिकारिक या कूटनीतिक चैनल से नहीं, बल्कि जगदीप की व्यक्तिगत कोशिशों से सामने आई.

जगदीप का आरोप है कि रूस जाने और पूरे अभियान का खर्च सरकार ने नहीं, बल्कि कांग्रेस सांसद राजा वड़िंग ने उठाया. इस बीच, एक रूसी कमांडर द्वारा भेजी गई तस्वीरों में मंदीप का शव बुरी तरह सड़ी-गली हालत में दिखा, जिसने मौत के बाद सम्मान और प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए.

करीब एक साल बाद आज मंदीप के पार्थिव अवशेष दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे. परिवार के लिए यह पल न तो राहत भरा है, न ही सुकून देने वाला. जगदीप भावुक होकर कहते हैं, “मेरे संपर्क में कई ऐसे परिवार हैं, लेकिन न दूतावास मदद करता है, न सरकार. कम से कम यह तो बताया जाए कि उनका अपना जिंदा है या मर चुका है.”

सबसे दर्दनाक सच यह है कि मंदीप के माता-पिता अब भी अपने बेटे के लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं. जगदीप कहते हैं कि उनमें अभी इतनी हिम्मत नहीं है कि वे अपने माता-पिता को यह बता सकें कि उनका बेटा अब कभी घर नहीं लौटेगा.

NATIONAL : राजस्थान में 15 फीट नीचे मिला रहस्यमयी खजाना, बड़ी देग देखकर गांव में मचा हड़कंप

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राजस्थान के टोंक जिले के देवरी गांव में जमीन के 15 फीट नीचे एक बड़ी देग में खजाना मिला. जिसकी सूचना मिलती ही हजारों ग्रामीण एकत्रित हो गए. यह घटना कल 3 जनवरी 2026 की बताई जा रही है.

जहां पर शाम को करीब 4 बजे चारागाह भूमि में कुछ ग्रामीणों ने ताजा गुलाब की पत्तियों और गीली मिट्टी देखी, जिसके बाद यह सूचना धीरे-धीरे पूरे इलाके में फैल गई. लोगों को पहले यह आशंका थी की जमीन के नीचे किसी लाश को ठिकाने लगाया गया है, लेकिन जब JCB से खुदाई की गई तो लोगों के होश ठिकाने नहीं रहे और 15 फीट गहरे गड्ढे में से एक बड़ी देग दिखाई देने लगी और लोग खजाना लूटने के लिए टूट पड़े.

सूचना के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और सरपंच राम सहाय मीणा को भी मौके पर बुलाया गया, जिसके बाद ग्रामीणों के सामने JCB ने धीरे-धीरे खुदाई शुरू की और लोगों की भीड़ लगातार बढ़ती गई. जैसे ही गड्ढे में 1 देग नुमा वस्तु दिखाई दी तो लोगों उसे खजाना समझ लिया और उस पर टूट पड़े.

भारी भीड़ हो जाने के कारण पुलिस कर्मियों ने लोगों को तितर-बितर किया, जिसके बाद पुलिस ने देग नुमा वस्तु को मौके से जब्त कर उपखंड अधिकारी और तहसीलदार को सूचना दी और भू अभिलेख अधिकारी को भी मौके पर बुलाया गया. उसके बाद उच्च अधिकारियों को निर्देश अनुसार पुरानी तहसील कार्यालय में देग को सील कर रखवाया गया है.

जमीन के 15 फीट गहरे गड्ढे में मिली देग को स्थानीय प्रशासन ने कब्जे में ले लिया है, लेकिन अब भी ग्रामीण इलाकों में इस मामले को लेकर चर्चा बनी हुई है कि आखिर इस देग में कौन सा खजाना रखा हुआ था. हालांकि जब देग को गड्डे से बाहर निकाला गया तो भारी संख्या में ग्रामीण उस पर टूट पड़े थे. अब देखना होगा इस मामले में प्रशासन की ओर से क्या ख़ुलासा किया जाता है?

MAHARASHTRA : मोहल्ले के बच्चों संग करता था शैतानी… मां-बाप ने बेटे को जंजीर से बांधकर रखा

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महाराष्ट्र के नागपुर से एक अजीब मामला सामने आया है. यहां एक बच्चे को उसके माता-पिता ने इसलिए जंजीर से बांधकर रखा, क्योंकि वह मोहल्ले के बच्चों संग शैतानी करता था.

महाराष्ट्र के नागपुर में माता-पिता द्वारा 12 साल के नाबालिग को लोहे की जंजीर से बांधकर उसमें ताला लगाकर रखने की अमानवीय घटना सामने आई है. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची जिला बाल संरक्षण टीम ने बच्चे को जंजीर से मुक्त कराया. साथ ही अजनी पुलिस थाने में माता-पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. वहीं बालक को मेयो अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया है. शनिवार शाम तक उसे बाल गृह भेजा जाएगा.

जानकारी सामने आई है कि बच्चा मोहल्ले के अन्य बच्चों के साथ शैतानी करता था. जिससे उसके माता-पिता त्रस्त हो गए थे. यही बहाना बनाकर माता-पिता उसे लोहे की जंजीर में ताला लगाकर घर के सामने बांधकर रखते थे. जानकारी के अनुसार यह सिलसिला 3 महीने से चल रहा था. जंजीर से बच्चे के हाथ-पैर में जख्म हो गए हैं.

चाइल्ड हेल्प लाइन के टोल फ्री नंबर 1098 पर नाबालिग पर अमानवीय अत्याचार की सूचना मिलने पर महिला व बाल विकास अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल बाल संरक्षण दल गठित कर घटनास्थल पहुंचे. मौके पर बालक के हाथ जंजीर से बंधे थे और घर के सामने मुंडेर से जंजीर को ताला लगाकर रखा गया था. बच्चा काफी घबराया हुआ था. यह भयावह नजारा देख बाल संरक्षण दल की टीम चौंक गई और तत्काल जंजीर खोलकर नाबालिग को मुक्त किया.

बाल अधिकार ने कहा कि बच्चों के अधिकारों का रक्षण करना पूरे समाज की जिम्मेवारी है. समाज में बच्चों के साथ अन्याय, अत्याचार, हिंसा की घटना रोकने में भूमिका निभाना देश के नागरिक का कर्तव्य है. बाल अधिकार हनन से संबंधित घटना की जानकारी बाल संरक्षण टीम या पुलिस को सूचना को दें, ताकी उन्हें इस तरह की प्रताड़ना से बचाया जा सके.

नागपुर के डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन अधिकारी मुश्ताक पठान ने आज तक से बात करते हुए बताया है कि उन्हें 1098 पर शिकायत प्राप्त हुई थी कि किसी छोटे बच्चे को सलाखों से बांधकर रखा गया है. सूचना पर हमारी टीम जब पुलिस के साथ वहां पहुंची तब हमने बच्चे का रेस्क्यू किया. हमने बच्चे के मां-बाप के खिलाफ अजनी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस जांच कर रही है. बच्चे के मां-बाप उसे पिछले तीन महीने से ऐसे बांधकर रखते थे.

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