Sunday, February 1, 2026
Home Blog Page 24

ENTERTAINMENT : गोविंदा ने भांजे कृष्णा अभिषेक को लेकर किया खुलासा, पत्नी सुनीता से बोले- मुझे सफोकेट मत करो

गोविंदा ने पत्नी सुनीता अहूजा के आरोपों पर रिएक्ट किया है. इसी के साथ गोविंदा ने कहा कि उनके भांजे कृष्णा अभिषेक को उनकी इंसल्ट करने के लिए यूज किया गया.एक्टर गोविंदा इन दिनों पर्सनल लाइफ को लेकर खबरों में हैं. उनकी पत्नी सुनीता अहूजा ने गोविंदा को लेकर कई खुलासे किए. सुनीता ने गोविंदा के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर को लेकर भी रिएक्ट किया. साथ ही सुनीता का कहना था कि गोविंदा ने अपने बच्चों को काम दिलाने में मदद नहीं की.

ANI से बातचीत में जब गोविंदा से पूछा गया कि सुनीता ने आपको सही करने के लिए चेतावनी दी है तो इस पर एक्टर ने कहा, ‘मैंने कितनी बार शादी की है? 40 साल हो गए हैं. क्या मैंने 2-3 शादियां की? जिन्होंने कई बार शादियां की उनकी पत्नी कुछ नहीं कहती हैं. वो घूमती हैं और जिंदगी जीती हैं. फिल्म लाइन में जो लोग होते हैं वो इन सब चीजों को सोशली डिस्कस नहीं करते हैं. मैंने मुश्किल से ही किसी को इंडस्ट्री में स्पॉटलेस देखा है. हालांकि, जब कॉर्नर होते हैं तो आप सोचते हैं कि इससे कैसे निकलें.’

आगे गोविंदा ने कहा, ‘अगर आप कृष्णा अभिषेक के टीवी प्रोग्राम देखते हैं तो आप नोटिस करेंगे कि कैसे राइटर उन्हें ऐसी चीजें बोलने के लिए देते हैं ताकि मेरी इंसल्ट हो सके. मैंने उन्हें कहा कि मेरी इंसल्ट करने के लिए उनका इस्तेमाल किया जा रहा है और इससे बचने के लिए भी कहा. जब मैंने कृष्णा को समझाया तो सुनीता नाराज हो गई. और मुझे ये भी नहीं पता कि ये लोग कैसे एक-दूसरे से नाराज हो जाते हैं और कब एक-दूसरे से ठीक हो जाते हैं.’

फिल्मों में काम दिलाने के लिए बच्चों की मदद क्यों नहीं की? इस पर गोविंदा ने कहा, ‘मैं अपना काम अपनी औकात के हिसाब से करता हूं. मैं डायरेक्टर्स और प्रोड्यूसर्स के साथ अपने बच्चों के बारे में बात नहीं करता. इंडस्ट्री मेरी फैमिली है. मैंने पैसा कमाया है और फेम पाया है. आपको इस इंडस्ट्री में अलर्ट रहने की जरुरत है. इस तरह की बातें ऐसे ही नहीं होती हैं. किसी तरह का षड्यंत्र रचा जा रहा है. लोग मुझे लेकर एक धारणा बनाना चाहते हैं.’इसी के साथ गोविंदा ने अपने फैमिली मेंबर्स से रिक्वेस्ट की कि वो उन्हें सफोकेट न करें. उन्होंने कहा, ‘मैं रिक्वेस्ट करता हूं कि ऐसी सिचुएशन क्रिएट न करें जिससे मेरा दम घुटे. ये रिक्वेस्ट मैं खासतौर से अपनी फैमिली से करता हूं.’

ENTERTAINMENT : पति जय मेहता को जूही चावला ने खास अंदाज में किया बर्थडे विश, तस्वीर शेयर कर बताया ‘बेस्ट फ्रेंड’

जूही चावला ने हाल ही में तस्वीरें पोस्ट करते हुए अपने पति जय मेहता को बड़े ही खास अंदाज में बर्थडे विश किया है. उन्होंने एक प्यारा सा नोट लिखा, जिसे फैंस खूब पसंद कर रहे हैं.

एक्ट्रेस जूही चावला ने पति और बिजनेसमैन जय मेहता के बर्थडे पर सोशल मीडिया पर उनकी जिंदगी की एक खास झलक शेयर की, जिसने फैंस का दिल जीत लिया. जूही ने कई तस्वीरें पोस्ट करते हुए जय की हंसी और जिंदगी को पूरे दिल से जीने के अंदाज की खूब तारीफ की. उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर काफी पसंद की जा रही है.

रविवार को जूही चावला ने इंस्टाग्राम पर पति जय मेहता और परिवार के साथ कई तस्वीरें शेयर कीं. इन तस्वीरों के साथ उन्होंने एक प्यारा सा नोट भी लिखा, जिसमें जूही ने बताया कि जय सिर्फ उनके लाइफ पार्टनर ही नहीं, बल्कि उनके सबसे अच्छे दोस्त भी हैं. तस्वीरों में जूही चावला अलग-अलग वेकेशन्स के दौरान पति जय मेहता के साथ कैंडिड पोज देती नजर आ रही हैं.

कुछ तस्वीरों में जय अपने बच्चों के साथ भी दिखते हैं. पोस्ट के आखिर में एक तस्वीर है, जिसमें जय हरियाली के बीच आइसक्रीम खाते हुए नजर आ रहे हैं. तस्वीरें शेयर करते हुए जूही ने लिखा, ‘वो जिंदगी को जीते हैं, खूब हंसते हैं और सबको साथ लेकर चलते हैं. ऐसे बेस्ट फ्रेंड जैसा कोई नहीं हो सकता. मैं खुद को बहुत खुशकिस्मत मानती हूं. हैप्पी बर्थडे जय..

जूही की इस पोस्ट पर फिल्ममेकर फराह खान ने भी कमेंट करते हुए जय मेहता को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने लिखा, ‘हैप्पी बर्थडे, आपका आने वाला साल शानदार रहे.’ वहीं सोशल मीडिया यूजर्स भी इस पोस्ट पर जमकर प्यार लुटा रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, ‘प्लीज, ये पोस्ट बहुत ही प्यारी है,’ तो दूसरे ने कहा, ‘जूही, ये बहुत स्वीट और दिल छू लेने वाला है. जय मेहता को ढेर सारी शुभकामनाएं.’

जूही चावला की इस पोस्ट पर फैंस के मजेदार और प्यार भरे कमेंट्स भी देखने को मिले. एक यूजर ने लिखा, ‘आप लोग हमसे इतना छुपाते हो… लेकिन कोई बात नहीं, हम आप दोनों से बहुत प्यार करते हैं.’ वहीं दूसरे ने कहा, ‘हम ऐसी तस्वीरें पाने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं.’

जूही चावला ने साल 1996 में बिजनेसमैन जय मेहता से बेहद निजी तरीके से शादी की थी. उस समय जूही हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की टॉप एक्ट्रेसेज में शामिल थीं. साल 2020 में एक इंटरव्यू के दौरान जूही ने बताया था कि उस दौर में न सोशल मीडिया था और न ही हर फोन में कैमरा, इसलिए शादी को सीक्रेट रखना आसान था. जूही ने कहा था कि वह अपने करियर के पीक पर थीं और डर था कि शादी की खबर से उनके काम पर असर पड़ सकता है, इसलिए उन्होंने यह फैसला लिया. जूही और जय के दो बच्चे हैं, जह्नावी मेहता और अर्जुन मेहता. हाल के सालों में जूही ‘द रेलवे मेन’, ‘शर्माजी नमकीन’ और ‘हश हश’ जैसे प्रोजेक्ट्स में नजर आ चुकी हैं.

NATIONAL : ”क्या मां गंगा से मिलने के लिए परमिशन लेंगे, क्षमा नहीं किया जा सकता…’, प्रयागराज माघ मेला स्नान विवाद पर फिर बोले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

0

प्रयागराज के माघ मेले में मौनी अमावस्या पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रशासन के बीच भारी विवाद हो गया. भीड़ के दबाव के कारण रोके जाने और अनुयायियों के साथ हुई धक्का-मुक्की से नाराज शंकराचार्य बिना स्नान किए वापस लौट आए और धरने पर बैठ गए. अब उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशासन व सरकार पर तीखा हमला बोला है.

प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के मुख्य स्नान पर्व पर संगम तट पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को पुलिस ने रोक दिया. स्वामी जी सुबह 9 बजे करीब 200 अनुयायियों के साथ रथ और पालकी लेकर संगम नोज पहुंचे थे, लेकिन प्रशासन ने अत्यधिक भीड़ का हवाला देकर उन्हें रथ से उतरकर पैदल जाने को कहा. इस दौरान समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई. शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने अनादि काल से चली आ रही परंपरा को खंडित किया है.

सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शंकराचार्य ने प्रशासन के परमिशन के तर्क पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी साधु-संत या सनातनी को गंगा स्नान के लिए अनुमति लेनी होगी. स्वामी जी ने कहा कि क्या कोई बच्चा अपनी मां से मिलने के लिए अनुमति लेता है. उन्होंने प्रशासन पर परंपरा को खंडित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि माघ मेले में अनादि काल से सम्मान के साथ स्नान की परंपरा रही है, जिसे अपमानित किया गया है.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के अधीन मेला प्रशासन संतों और बटुकों के साथ ऐसा व्यवहार कैसे कर सकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे हमेशा नियम का पालन करते आए हैं और आगे भी करेंगे, लेकिन परंपराओं के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.फिलहाल इस घटना के बाद मेले में आए साधु-संतों और श्रद्धालुओं के बीच यह विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है.

शंकराचार्य ने एक बटुक का खून से सना दुपट्टा दिखाते हुए दावा किया कि पुलिस ने बुजुर्ग संतों को जूतों से मारा और नेपाल से आए संत की चोटी पकड़कर पिटाई की. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पालकी का शौक नहीं है, बल्कि भीड़ प्रबंधन और परंपरा के लिए वे पालकी का उपयोग करते हैं ताकि भगदड़ न हो. शंकराचार्य ने कहा, “हम गंगा स्नान के लिए परमिशन नहीं लेंगे; क्या बच्चा मां से मिलने की इजाजत लेगा?” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने साजिश के तहत उन्हें समर्थकों से दूर करने की कोशिश की, जिससे 1762 के पानीपत युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो सकती थी. स्वामी जी ने इसे ‘चापलूसी करने वाले’ और ‘सत्य बोलने वाले’ संतों के बीच का भेदभाव करार देते हुए मेला प्रशासन को तुरंत बदलने की मांग की.

वहीं, प्रयागराज पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार के अनुसार, संगम नोज पर उस समय लाखों की संख्या में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग मौजूद थे. उन्होंने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर वीवीआइपी स्नान पर रोक थी और स्वामी जी से केवल पैदल जाने का अनुरोध किया गया था. उधर, बैरिकेड तोड़ने के आरोप पर शंकराचार्य ने सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है. उनका कहना है कि वे प्रशासन के साथ ही निकले थे और पुलिस ने ही वार्ता कर बैरिकेड खुलवाए थे.

गौरतलब है कि बीते रविवार को शंकराचार्य का जुलूस करीब डेढ़ घंटे तक रुका रहा. पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ अनुयायियों को जीप में बैठा लिया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके लोगों के साथ मारपीट की गई और उनके धार्मिक ‘छत्र’ को भी तोड़ दिया गया. प्रशासन की कार्रवाई से असंतुष्ट होकर शंकराचार्य वहीं धरने पर बैठ गए और बिना संगम स्नान किए वापस चले गए.

WORLD : ‘चाइनीज हावर्ड’… जिसने असली Harvard को कर दिया फेल! कैसे बनी नंबर वन यूनिवर्सिटी?

0

हावर्ड यूनिवर्सिटी को लंबे समय से दुनिया की सबसे बेहतरीन यूनिवर्सिटी माना जाता रहा है. हालिया वैश्विक यूनिवर्सिटी रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां हावर्ड यूनिवर्सिटी कुछ रिसर्च आधारित मापदंडों पर पिछड़ती नजर आई है.

हावर्ड यूनिवर्सिटी को दशकों से दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित और भरोसेमंद यूनिवर्सिटी माना जाता रहा है, लेकिन अब वैश्विक शिक्षा की तस्वीर तेजी से बदल रही है. हालिया अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में एक चौंकाने वाला बदलाव सामने आया है. पढ़ाई, रिसर्च और प्रतिष्ठा के मामले में हार्वर्ड का नाम सबसे ऊपर लिया जाता था. लेकिन अब हाल की वैश्विक रैंकिंग में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. अब चीन की तीन यूनिवर्सिटियां – झेजियांग यूनिवर्सिटी, शिंघुआ यूनिवर्सिटी और पेकिंग यूनिवर्सिटी रिसर्च के मामले में हार्वर्ड को कड़ी टक्कर दे रही हैं.

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, हालिया ग्लोबल यूनिवर्सिटी रैंकिंग में हावर्ड कुछ रिसर्च से जुड़े मापदंडों पर करीब 30वें स्थान पर पहुंच गया है. वहीं, दूसरी ओर, चीन की ये तीन यूनिवर्सिटियां टॉप रैंक में शामिल हो गई हैं.

किसी यूनिवर्सिटी से हर साल कितने रिसर्च पेपर अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित होते हैं.

  1. उद्धरण (Citations)
    उन रिसर्च पेपर्स को दुनिया के दूसरे वैज्ञानिक और शोधकर्ता कितनी बार अपने काम में इस्तेमाल करते हैं.
  2. वैज्ञानिक रिसर्च का कुल आउटपुट
    यूनिवर्सिटी कुल मिलाकर साइंस, टेक्नोलॉजी, मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में कितना शोध कर रही है.
  3. रिसर्च का प्रभाव (Impact)
    किया गया शोध समाज, तकनीक और भविष्य की नीतियों पर कितना असर डाल रहा है.
  4. अंतरराष्ट्रीय सहयोग
    यूनिवर्सिटी कितनी विदेशी संस्थाओं और शोधकर्ताओं के साथ मिलकर काम कर रही है.

जिन रैंकिंग सिस्टम में रिसर्च की संख्या और citations को ज्यादा महत्व दिया जाता है, वहां चीनी यूनिवर्सिटीज आगे निकल रही हैं, जबकि हार्वर्ड का रिसर्च आउटपुट स्थिर रहने के कारण उसकी रैंकिंग नीचे आई है.

चीन की सफलता अचानक नहीं आई है. इसके पीछे लंबे समय की योजना और भारी निवेश है. आपको बता दें कि पिछले 20 सालों में चीन ने उच्च शिक्षा और रिसर्च में अरबों डॉलर लगाए AI, इंजीनियरिंग, मेडिकल, एनर्जी और साइंस जैसे क्षेत्रों पर खास फोकस किया. प्रोफेसरों की प्रमोशन और फंडिंग को रिसर्च पेपर से जोड़ा. इसका नतीजा यह हुआ कि चीनी यूनिवर्सिटीज से हर साल बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय रिसर्च पेपर प्रकाशित होने लगे.

विशेषज्ञों के मुताबिक, आज भी पढ़ाई की गुणवत्ता, नए विचारों और दुनिया भर में पहचान के मामले में हार्वर्ड आगे है. लेकिन जहां हार्वर्ड का रिसर्च काम लगभग उसी स्तर पर बना हुआ है, वहीं चीनी यूनिवर्सिटी का रिसर्च बहुत तेजी से बढ़ा है. कई मामलों में वे अमेरिकी यूनिवर्सिटीज से हर साल 2 से 3 गुना ज्यादा रिसर्च पेपर प्रकाशित कर रही हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी यूनिवर्सिटी को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. रिसर्च के लिए मिलने वाले पैसों को लेकर अनिश्चितता है, इमिग्रेशन के नियम सख्त हो गए हैं और विदेशी यूनिवर्सिटीज के साथ मिलकर काम करना भी मुश्किल हुआ है. इन वजहों से रिसर्च की रफ्तार धीमी पड़ी है और इसका असर रैंकिंग में साफ दिखाई दे रहा है.

इस बदलाव का मतलब यह है कि अब अच्छी शिक्षा और रिसर्च के लिए सिर्फ अमेरिका ही एकमात्र विकल्प नहीं है. चीन तेजी से वैश्विक शिक्षा का नया केंद्र बन रहा है. छात्रों और रिसर्चर्स को अब नए देशों में भी बड़े मौके मिल रहे हैं. हार्वर्ड की प्रतिष्ठा अभी भी मजबूत है, लेकिन रिसर्च आधारित रैंकिंग में चीनी यूनिवर्सिटीज आगे निकल रही हैं. दुनिया की उच्च शिक्षा व्यवस्था बदल रही है. आने वाले वर्षों में चीन की यूनिवर्सिटीज वैश्विक शिक्षा और रिसर्च में और बड़ी भूमिका निभा सकती हैं.

NATIONAL : ‘पत्नी को दो लड़कों संग बिस्तर पर देखा…’, गुस्साए पति ने गला घोंटकर मार डाला, फिर खुद पहुंचा थाने; कानपुर की खौफनाक कहानी

0

कानपुर में एक पति ने अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी और खुद थाने जाकर सरेंडर कर दिया. आरोपी का दावा है कि चार महीने पहले घर वालों के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह करने वाली पत्नी के गैर-मर्दों से संबंध थे, जिसका विरोध करने पर विवाद हुआ था.

कानपुर के महाराजपुर इलाके में रहने वाले सचिन सिंह ने अपनी पत्नी श्वेता सिंह की गला दबाकर हत्या कर दी. मूल रूप से फतेहपुर निवासी सचिन ने चार महीने पहले श्वेता से लव मैरिज की थी, लेकिन उसे पत्नी के चरित्र पर शक था. शुक्रवार रात सचिन ने श्वेता को दो इंजीनियरिंग छात्रों के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया, जिसके बाद विवाद बढ़ा. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन घर लौटकर पत्नी ने पकड़े गए लड़कों को छुड़वाने का दबाव बनाया. इससे गुस्साए सचिन ने श्वेता का गला घोंट दिया और पुलिस के पास जाकर जुर्म कबूल कर लिया.

सचिन ने पुलिस को बताया कि उसने शक होने पर एक जाल बिछाया और गांव जाने की बात कहकर घर से निकला. शुक्रवार रात जब वह अचानक वापस लौटा, तो खिड़की से देखा कि उसकी पत्नी बेड पर दो लड़कों के बीच लेटी हुई थी.सचिन ने जब इसका वीडियो बनाना शुरू किया, तो पत्नी ने उन्हीं लड़कों से सचिन की पिटाई करवा दी. सूचना पर पहुंची पुलिस सभी को थाने ले गई, जहां सचिन ने समझौता कर मामला शांत करने की बात कही और घर लौट आया.

घर पहुंचने पर श्वेता ने सचिन पर दबाव डाला कि वह पुलिस द्वारा पकड़े गए उन लड़कों को छुड़वाए, वरना वह उसे छोड़कर उन्हीं के साथ रहने चली जाएगी. इस बात से तिलमिलाए सचिन ने कंबल में लपेटकर श्वेता का गला घोंट दिया. सुबह 10:00 बजे वह थाने पहुंचा और पुलिस से कहा, “मैंने उसे मार डाला है, बॉडी कमरे में पड़ी है.” पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो वहां सचमुच श्वेता का शव बरामद हुआ.

जॉइंट पुलिस कमिश्नर आशुतोष कुमार का कहना है कि आरोपी पति को हिरासत में ले लिया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. मामले की गहराई से जांच की जा रही है और मृतका के परिजनों को सूचित कर दिया गया है.

जेल जाते समय सचिन के चेहरे पर पछतावा नहीं था. उसने कहा कि उसने श्वेता के लिए अपना घर और परिवार छोड़ा, लेकिन उसने बेवफाई की. सचिन को बस इस बात का दुख है कि दो महीने बाद उसकी बहन की शादी है और वह उसमें शामिल नहीं हो पाएगा. उसने पुलिस के सामने साफ तौर पर कहा कि पत्नी ने उसकी आंखों के सामने दूसरे मर्दों से रिश्ते रखे और उसे अपमानित किया, इसलिए उसने यह कदम उठाया.

TECH : YouTube पर बिना झंझट के चलेंगे वीडियो, ये आसान काम कर लिए तो नहीं दिखेगी एक भी एड

Youtube पर वीडियो शुरू होने से पहले एड दिख जाती है. कई बार एड देखना बोरिंग हो जाता है. हालांकि, कुछ तरीकों से आप यूट्यूब पर दिखने वाली ऐड्स से छुटकारा पा सकते हैं.

अगर आप YouTube पर वीडियो देखना चाह रहे हैं तो इस बात की संभावना अधिक है कि आपको एड पहले नजर आएगी. अगर आपने प्रीमियम प्लान नहीं लिया है तो वीडियो पूरा होने तक कई बार एड देखनी पड़ेगी. यूट्यूब यूजर्स के लिए फ्री है और उसे कंटेट-क्रिएशन इकॉनमी के लिए एड दिखानी पड़ती है. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि वीडियो के बीच में कई बार एड आ जाती है, जिससे पूरा मजा ही खराब हो जाता है. हालांकि, कुछ तरीकों से आप इससे छुटकारा पा सकते हैं.

यूट्यूब पर अधिकतर एड 15 सेकंड या इससे कम की होती है और इन्हें 5 सेकंड के बाद स्किप किया जा सकता है. 5 सेकंड तक एड देखना बोरिंग भी नहीं होता और एक क्लिक से ही इन्हें स्किप किया जा सकता है. इसलिए वीडियो के बीच 5-10 सेकंड की एड देखना बोरिंग नहीं लगता.

अगर यूट्यूब बार-बार आपको एक ही एड दिखा रहा है या आप किसी एड से पूरी तरह बोर हो गए हैं तो आपके पास इसे रिपोर्ट करने का ऑप्शन होता है. आप रिपोर्ट दिस एड पर क्लिक कर एड को रिपोर्ट कर सकते हैं. ध्यान रहे कि इससे आपको वह एड दोबारा नहीं दिखेगा, लेकिन उसी एडवरटाइजर से दूसरी एड दिख सकती है, लेकिन बोरिंग एड से आपका पीछा छूट जाएगा.

आप गूगल क्रोम की जगह ओपेरो और कॉमेट जैसे ब्राउजर यूज कर सकते हैं, जिनमें एड रोकने के लिए बिल्ट-इन फीचर होता है, जो यूट्यूब एड को भी ब्लॉक कर सकता है. इसके अलावा आप फायरफॉक्स पर एक्सटेंशन यूज कर यूट्यूब एड को ब्लॉक कर सकते हैं. बता दें कि पहले क्रोम पर एक्सटेंशन के जरिए यूट्यूब एड को ब्लॉक किया सकता था, लेकिन अब यूट्यूब एड ब्लॉकर यूज करने की परमिशन नहीं देती.

अगर आप बिना कोई जुगाड़ किए यूट्यूब पर एड-फ्री वीडियो देखना चाहते हैं तो प्रीमियम प्लान ले सकते हैं. इसमें आप हर महीने कुछ पैसे देकर बिल्कुल लीगर और एथिकल तरीके से एड-फ्री वीडियो देख पाएंगे. इसके अलावा इसमें बैकग्राउंड वीडियो प्ले और वीडियो डाउनलोडिंग जैसे कई अन्य फीचर्स भी मिलते हैं.

SPORTS : न आक्रमण, न ट्रैप, न टर्निंग पॉइंट… ग्राउंड पर ‘गंभीर’ नहीं दिखी टीम इंडिया, हार ऐसे हुई पक्की!

0

भारत और न्यूजीलैंड के बीच 2026 की ODI सीरीज में भारतीय टीम 1-2 से धराशायी हो गई, और सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि यह हार घरेलू मैदान पर, उस विपक्षी के हाथों हुई जिसने इससे पहले भारत में कभी ODI सीरीज नहीं जीती थी. तीसरे मैच में डेरिल मिचेल (137) और ग्लेन फिलिप्स (106) की धुआंधार साझेदारी ने भारतीय गेंदबाजी की कमजोरी को बेपर्दा कर दिया…

भारत और न्यूजीलैंड के बीच 2026 की ODI सीरीज की कहानी सिर्फ रोमांच नहीं, बल्कि बड़ा सबक बनकर सामने आई. तीन मैचों की इस भिड़ंत में भारतीय टीम 1-2 से हार गई और सबसे चिंताजनक बात यह रही कि ये हार घरेलू जमीन पर हुई- उस विपक्षी के खिलाफ, जिसने इससे पहले भारत में कभी ODI सीरीज अपने नाम नहीं की थी. यह सिर्फ एक हार नहीं, बल्कि उस मिथक का टूटना था कि घर में भारत को हराना असंभव है.

तीसरे वनडे में न्यूजीलैंड ने भारत के सामने 338 रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया. इस स्कोर की नींव डेरिल मिचेल (137) और ग्लेन फिलिप्स (106) की धुआंधार साझेदारी ने रखी, जिसने भारतीय गेंदबाजी को पूरी तरह बेअसर कर दिया. न तेज गेंदबाज लाइन पकड़ पाए, न स्पिनर्स नियंत्रण स्थापित कर पाए- नतीजा, विकेट सूखे और रन बरसते रहे.

जवाब में भारत ने उम्मीद विराट कोहली पर टिकी देखी और उन्होंने 124 रनों की जुझारू पारी खेलकर मुकाबला जिंदा रखा. लेकिन दूसरे छोर से सहयोग नहीं मिला. टॉप से लेकर मिडिल ऑर्डर तक, कोई भी लंबी साझेदारी नहीं निभा सका. अंततः भारतीय टीम 296 पर सिमट गई और यह मैच भारत की रणनीतिक व तकनीकी कमियों का आईना बन गया.

भारत की हार की सबसे बड़ी वजह रही बॉलिंग विभाग का भयंकर पतन. भारतीय गेंदबाजी ने न तो विकेट-टेकिंग मिडल ओवर दबाव बनाया और न ही रन रोकने में कामयाबी हासिल की. स्पिनर जडेजा और कुलदीप दोनों ही प्रभावशाली नहीं दिखे, जिनके आंकड़े सीरीज में बेहद निराशाजनक रहे.बॉलिंग के मध्य ओवरों में विकेट न गिरने के चलते मिचेल-फिलिप्स ने बिना दबाव के बल्लेबाजी की और बड़ी साझेदारी (219 रन-188 गेंदें) निभाई- यही वह मोड़ था जिसने मैच और सीरीज का रुख बदल दिया.

जब आपका पेस अटैक शुरुआती ओवरों में अच्छा है पर मिडल ओवर्स में कोई विकेट नहीं ले पाता– तो विपक्ष को मनोवैज्ञानिक और रन-स्कोरिंग दोनों तरफ बड़ा फायदा मिलता है. यही भारत की कहानी इस सीरीज में थी.

भारत की पारम्परिक ताकत – स्पिन गेंदबाजी… इस बार हिंदी फिल्मी बयान जैसी नजर आई. कहानी तो थी, लेकिन असर कहीं नहीं दिखा. अभी भी जब विपक्षी बल्लेबाज स्पिन को निशाना बना रहे हों और आप बॉलिंग में कोई बड़ा बदलाव या योजना नहीं ला पा रहे हों…तो निश्चित ही टीम मुश्किल में पड़ती है.खुलकर कहा जाए तो रवींद्र जडेजा जैसे अनुभवी ऑलराउंडर इस फॉर्मेट में अब न तो वह असर दिखा पा रहे हैं, न ही विकेट लेने की वह निरंतरता दे पा रहे हैं, जिसकी उनसे उम्मीद रहती थी. नतीजतन चयन को लेकर सवाल स्वाभाविक हैं- क्या भारत ODI में अनुभव के नाम पर सिर्फ ‘एंड्योरेंस’ ढो रहा है या वाकई मैच-विनिंग इम्पैक्ट देख भी रहा है?

भारत की गेंदबाजी की सबसे बड़ी कमजोरी मिडिल ओवर्स में विकेट न निकाल पाना रही. शुरुआती ओवरों में जब टीम ने दो त्वरित विकेट झटके, तो लगा मैच भारत की पकड़ में है, मगर मिडिल ओवर्स आते ही तस्वीर बदल गई. विपक्षी बल्लेबाजों ने बिना किसी दबाव के रन बटोरे, साझेदारी जमाई और धीरे-धीरे मैच पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया.

ये वही विभाग है जहां भारत को वर्षों से अव्वल माना जाता रहा- कंट्रोल, विकेट और स्पिन का जाल…लेकिन इस बार न तो सही फील्ड पोजिशनिंग दिखी, न ही वैरिएशन की वह धार, जो मिडल ओवर्स में मैच की दिशा बदल देती है.रवींद्र जडेजा को अधिक आक्रामक और विकेट-शिकारी भूमिका निभानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. जडेजा पूरी तरह डिफेंसिव लाइन में फंसे रहे- न आक्रमण, न ट्रैप सेटिंग, न टर्निंग पॉइंट वाला ओवर.

आखिरकार, यही कमी निर्णायक साबित हुई. जब मिडिल ओवर्स में विकेट नहीं गिरते, तो डेथ ओवर्स में कोई भी गेंदबाज ताबड़तोड़ रन रोक नहीं सकता- और यही इस मैच का असली अंतर बन गया.अगर बात केवल व्यक्तिगत शतकों की होती, तो कोहली का 124 रनों का खेल शायद ही भुलाया जा सके. यह खेल निष्ठा, तकनीक और संघर्ष का प्रतीक था… पर क्रिकेट एक टीम गेम है, और जब बाकी बल्लेबाज रन नहीं जोड़ पाते, तो एक शतक भी जीत की गारंटी नहीं बन पाता.

यह हार सिर्फ मैच की नहीं, बल्कि भारत की ODI टीम की कमजोरियों का साफ संकेत है. गेंदबाजी के विकल्प कम, मिडल ओवर्स में योजना गड़बड़, स्पिन का असर नहीं और चयन पर सवाल. यदि ये कमियां सुधारी नहीं गईं, तो घरेलू जीत अब कोई गारंटी नहीं रही.

… और यही कारण है कि विरोधी टीम ने न केवल लक्ष्य बनाया, बल्कि सीरीज भी अपने नाम कर ली… कुछ ऐसा जो इंडियन फैन्स ने शायद ही सपने में सोचा होगा।

ND vs NZ ODI सीरीज भारत के लिए सिर्फ हार नहीं, बल्कि गंभीर आत्म-निरीक्षण की घड़ी है. एक समय जब भारतीय क्रिकेट की पहचान दबाव में खेलना थी, आज वही टीम मिडल ओवर दबाव सहन नहीं कर पाती. यह हार दुखद है, लेकिन अगर इससे टीम सीखती है. तब भी देर नहीं हुई. एक बात स्पष्ट है- बॉलिंग सुधरे बिना, शतक और अनुभव भी अब जीत नहीं दिला सकते.

UP : पसलियां फ्रैक्चर-दांत टूटे… CRPF कांस्टेबल और उसकी पत्नी ने 10 साल की लड़की को बेरहमी से पीटा

0

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक CRPF कांस्टेबल और उसकी पत्नी पर 10 साल की लड़की को बुरी तरह पीटने का गंभीर आरोप लगा है. लड़की की हालत इतनी गंभीर है कि उसे अस्पताल में वेंटिलेशन पर रखा गया है. मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, उसके शरीर पर गंभीर चोटें हैं, जिसमें पसलियों का फ्रैक्चर, टूटे दांत और गंभीर खून की कमी शामिल है. इस घटना के बाद कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है.

बता दें कि दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. एफआईआर से पता चला है कि 10 साल की लड़की CRPF कांस्टेबल की पत्नी की भतीजी है. वह कांस्टेबल के परिवार के साथ रहती थी. घर के सभी काम उस छोटी लड़की से करवाए जाते थे. यह पता चला है कि 15 जनवरी, गुरुवार को लड़की को सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया था. कहा जाता है कि वह बाथरूम में गिर गई. बच्चे की जांच करने पर डॉक्टरों ने पाया कि चोटें काफी गंभीर थीं. इसके बाद अस्पताल से पुलिस को सूचना दी गई.

मेडिको-लीगल मामला भी दर्ज किया गया. यह पता चला है कि कांस्टेबल ने वित्तीय समस्याओं का हवाला देते हुए लड़की को अस्पताल से छुट्टी देने का अनुरोध भी किया था. इसके बाद घायल बच्ची को सेक्टर 128 के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. अब वह वहीं लाइफ सपोर्ट पर है.

एफआईआर के मुताबिक, बुधवार रात को CRPF कांस्टेबल और उसकी पत्नी ने लड़की पर कथित तौर पर अत्याचार किया. दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है. आरोपी CRPF कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है. उत्तर प्रदेश पुलिस के कर्मचारी उस अस्पताल के बाहर तैनात हैं जहां बच्ची भर्ती है. जांच के लिए पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी बच्ची की शारीरिक स्थिति देखने अस्पताल गए. इस घटना पर अभी तक CRPF की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है.

ENTERTAINMENT : ‘स्क्रिप्ट में नहीं था किसिंग सीन…’, इमरान हाशमी संग रोमांस पर बोलीं जोया अफरोज

हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज ‘Taskaree: The Smuggler’s Web’ को इसके सब्जेक्ट, ट्रीटमेंट, मजेदार और ड्रामेटिक पलों और कास्टिंग के लिए बहुत पसंद किया गया है. एक्ट्रेस जोया अफरोज़ ने स्मगलर (शरद केलकर) की कोर टीम में जासूस प्रिया खुबचंदानी के रोल में अपनी छाप छोड़ी है. इसके साथ ही इमरान हाशमी के साथ उनकी केमिस्ट्री को काफी पसंद किया है.

बॉलीवुड हंगामा के साथ एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में जोया ने नेटफ्लिक्स वेब सीरीज को मिले रिस्पॉन्स और को-एक्टर इमरान हाशमी के साथ भी किए शूट के कुछ पलों के बारे में बात की है.एक्ट्रेस जोया ने कहा, ‘मैंने अक्सर लोगों को कहते सुना है कि अगर नीरज पांडे सर आपकी टैलेंट और एक एक्टर के तौर पर आपकी नीयत पर भरोसा करते हैं, तो वे आपके साथ फिर से काम करना चाहते हैं. मैंने इसे कभी मानकर या उम्मीद करके नहीं लिया, लेकिन जब Taskaree मेरे पास आई, तो मुझे चुपचाप यह भरोसा हुआ कि मेरे अप्रोच में कुछ ऐसा था जो पहले उनके लिए काम आया था.’

फिल्म ‘सिकंदर का मुकद्दर’ में मेरा रोल छोटा था, लेकिन इससे हमें एक साथ काम करने और एक-दूसरे के प्रोसेस को समझने का मौका मिला. तस्करी सिर्फ जान-पहचान या पिछले काम के बारे में नहीं थी; यह इस बारे में थी कि क्या मैं इस दुनिया और इस किरदार के लिए सही हूं. अगर उन शुरुआती दिनों ने उस समझ को बनाने में मदद की, तो मैं इसके लिए शुक्रगुजार हूं. मेरे लिए, यह एक याद दिलाता है कि इस इंडस्ट्री में, कंसिस्टेंसी और ईमानदारी एक रोल की लंबाई से ज्यादा मायने रखती है. आप आते हैं, ईमानदारी से काम करते हैं, और उम्मीद करते हैं कि सही लोग समय के साथ उसमें वैल्यू देखेंगे.’

इमरान हाशमी के साथ काम करने के अपने एक्सपीरियंस पर बात करते हुए जोया ने कहा, ‘इमरान के साथ काम करना एक शानदार अनुभव था. वह अपनी परफॉर्मेंस में एक खास सहजता और सहज ज्ञान लाते हैं जो सीन को स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ाता है. जिस बात ने मुझे सरप्राइज़ किया, वह यह थी कि वह कितने चुपचाप ऑब्जर्वेंट हैं. वह ध्यान से सुनते हैं, उसी पल रिएक्ट करते हैं, और चीजों को बहुत रियल रखते हैं. यह जमीनी अप्रोच उनके साथ काम करना आसान और फायदेमंद बनाता है.’

जब एक्ट्रेस से पूछा गया कि आप दोनों (जोया-इमरान) के कुछ रोमांटिक पल थे और ऐसा लगा कि उस सीन में किस होगा जहां प्रिया सेफ हाउस में अर्जुन को कसकर गले लगाती है. क्या स्क्रिप्ट में किस था या यह शुरू से ही प्लान नहीं किया गया था? इस पर एक्ट्रेस ने कहा, ‘Kiss कभी लिखा ही नहीं गया था. उस सीन में इंटीमेसी कमजोरी से आनी थी, न कि फिजिकल होने से. कभी-कभी संयम, पूरा करने से कहीं ज्यादा बताता है, खासकर ऐसी कहानी में जहां भरोसा ही नाजुक हो.’

वहीं तस्करी के सीजन-2 पर एक्ट्रेस ने कहा, ‘यह पूरी तरह से क्रिएटर्स के हाथ में है. अगर कहानी स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ती है और प्रिया की यात्रा में ईमानदारी से जाने के लिए कोई जगह है, तो मैं उसे एक्सप्लोर करने के लिए उत्साहित हूं, और जाने के लिए तैयार हूं.’

BIHAR : 50 हजार की सुपारी, सास की हत्या और बहू की साजिश… बुजुर्ग के मर्डर का पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

0

बिहार के नवादा जिले में सास की चाकू गोदकर हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है. नगर थाना क्षेत्र में हुई वारदात में बहू ने 50 हजार रुपये की सुपारी देकर अपनी ही सास की हत्या कराई. पुलिस ने साजिशकर्ता बहू और गया जी से आए तीन सुपारी किलरों को गिरफ्तार किया है.

बिहार के नवादा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बहू ने अपनी ही सास की हत्या की साजिश रचकर उसे अंजाम दिलवा दिया. नगर थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर मोहल्ले में हुई बुजुर्ग महिला की चाकू गोदकर हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. इस सनसनीखेज हत्याकांड में साजिशकर्ता बहू और तीन सुपारी किलरों को गिरफ्तार किया गया है.

पुलिस के मुताबिक, हत्या की यह वारदात घर में घुसकर की गई थी. आरोपियों ने बुजुर्ग महिला और उसकी बेटी पर चाकू से हमला किया था, जिसमें बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई थी. इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी.दरअसल, यह घटना 22 नवंबर 2025 की देर शाम की है. नगर थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर मोहल्ले की रहने वाली सावित्री देवी और उनकी बेटी प्रांजलि पासवान पर तीन नकाबपोश अपराधियों ने घर में घुसकर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. हमले में सावित्री देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि उनकी बेटी प्रांजलि भी बुरी तरह जख्मी हो गई.

इलाज के दौरान सावित्री देवी की मौत हो गई, जबकि प्रांजलि पासवान की जान बच गई. घटना की सूचना मिलते ही सदर डीएसपी हुलास कुमार, नगर थाना पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए. मृतका के बेटे बबलू पासवान ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ नगर थाना में आवेदन दिया था.

पुलिस ने नगर थाना कांड संख्या 1211/25 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की और एक विशेष टीम का गठन किया. तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के जरिए पुलिस ने करीब दो महीने बाद इस हत्याकांड का सफल उद्भेदन किया. मुख्यालय डीएसपी निशु मलिक ने बताया कि जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए.पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि वादी बबलू पासवान की पत्नी सोनी कुमारी उर्फ निक्की कुमारी ही इस हत्या की साजिशकर्ता थी. उसने अपने बहन के बेटे लक्की राजकुमार (जो गया जी का रहने वाला है) को 50 हजार रुपये में अपनी सास सावित्री देवी की हत्या की सुपारी दी थी.

पुलिस के अनुसार, सुपारी मिलने के बाद लक्की राज अपने दो साथियों के साथ 22 नवंबर की देर शाम गया जी से नवादा पहुंचा. तीनों आरोपियों ने बबलू पासवान के घर में घुसकर चाकू से हमला कर वारदात को अंजाम दिया और इसके बाद वापस गया जी लौट गया.पूछताछ में साजिशकर्ता बहू सोनी उर्फ निक्की कुमारी ने बताया कि उसकी सास घर और जमीन बेचना चाहती थी. इसके अलावा पति से हर महीने आधा वेतन लेती थी और अन्य कारणों से वह सास से तंग आ चुकी थी. इसी वजह से उसने हत्या की खौफनाक साजिश रची.

पुलिस ने इस मामले में साजिशकर्ता बहू सोनी उर्फ निक्की कुमारी समेत तीन सुपारी किलरों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार सुपारी किलरों में गया जी जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र के गुनेरी मोहल्ले का निवासी लक्की राज उर्फ बबलू, बांके बाजार थाना क्षेत्र के जोंघी मोहल्ले का नीरज कुमार और सन्नी कुमार शामिल हैं.फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है. इस घटना ने एक बार फिर रिश्तों की मर्यादा और पारिवारिक कलह के खतरनाक अंजाम को उजागर कर दिया है.

- Advertisement -

News of the Day