Friday, March 20, 2026
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Top news : इंस्टा का प्यार, उम्र की दरार.,17 साल के राज को लेकर भागी 21 की मोना।

सोशल मीडिया पर शुरू हुई एक लव स्टोरी का अजीब मामला सामने आया है. मध्य प्रदेश की 21 साल की युवती इंस्टाग्राम पर हुए प्यार में 17 साल के नाबालिग लड़के को लेकर घर से भाग गई. दोनों गुजरात के सूरत रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां रेलवे पुलिस की टीम ने शक के आधार पर पूछताछ की और पूरा मामला सामने आ गया.

कहा जाता है प्यार अंधा होता है जिसकी वजह से प्रेमी जोड़े अजीबोगरीब फैसले लेते है, ऐसा ही एक मामला गुजरात के सुरत में देखने को मिला है. जहां पर मध्यप्रदेश की मोना और गुजरात के नाबालिग राज को रेलवे स्टेशन से पकडा गया है. मध्य प्रदेश की 21 वर्षीय युवती और राजकोट के 17 वर्षीय नाबालिग को इंस्टाग्राम के जरिए प्यार हो गया. दोनों ने अपने प्रेम में एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसम खाई थी. हद तब पार हो गई जब युवती नाबालिग प्रेमी के लिए सूरत तक पहुंच गई. कानून की सीमाओं को पार कर भागे इन दोनों प्रेमियों को सूरत रेलवे पुलिस की शी टीम ने पकड़ लिया.

पुलिस ने बताया कि मध्य प्रदेश की 21 साल की युवती मोना (नाम बदला है) और राजकोट के वीरपुर का 17 वर्षीय नाबालिग राज (नाम बदला हुआ) डेढ़ साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए दोस्त बने थे. लड़की से पूछताछ के दौरान पता चला कि उनकी मुलाकात करीब डेढ़ साल पहले इंस्टाग्राम पर हुई थी और फिर दोनों के बीच प्रेम संबंध शुरू हो गए. जब लड़की के परिवार को इस बात का पता चला, तो उन्होंने उसकी शादी कहीं और तय कर दी थी. इसलिए 6 मार्च 2026 को अपने प्रेमी से शादी करने के इरादे से वह बिना किसी को बताए घर से निकलकर मुंबई चली गई. इसके बाद वह सूरत लौट आई, जहां रेलवे पुलिस ने उसे पकड़ लिया.

सोशल मीडिया से संपर्क होने के बाद दोनों हर रोज एक-दूसरे से सुख-दुख की बातें करते थे. यह दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और दोनों ने एक-दूसरे के सुख-दुख की बातें करते थे. यह दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसम खाई. शादी की जल्दबाजी में युवती कानून की अवहेलना करते हुए 6 मार्च को नाबालिग को घर से लेकर भागी. इसी बीच जब नाबालिग घर पर नहीं मिला तो उसके परिवार ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने अपहरण की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी.

जांच में पता चला कि नाबालिग का अपहरण मध्य प्रदेश की एक लड़की ने किया था और दोनों सूरत रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे. सूरत रेलवे पुलिस स्टेशन के पीआई और उनकी टीम प्लेटफार्म नंबर 1 पर गश्त कर रही थी. इसी दौरान पुलिस को शक हुआ जब उन्होंने देखा कि एक लड़की और नाबालिग सामान्य प्रतीक्षा कक्ष में घबराए बैठे हैं. पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर सच्चाई सामने आई कि नाबालिग राज के लापता होने पर उसके परिवार ने पुलिस स्टेशन में अपहरण का मामला दर्ज कराया था.सूरत रेलवे पुलिस ने तुरंत राजकोट पुलिस से संपर्क किया और जानकारी प्राप्त की. 9 मार्च की देर रात राजकोट पुलिस की टीम सूरत पहुंची. सूरत रेलवे पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्यवाही पूरी की और नाबालिग और लड़की को राजकोट पुलिस को सौंप दिया. सूरत रेलवे पुलिस की सतर्कता के चलते एक नाबालिग को उसके परिवार से मिलाने में बड़ी सफलता मिली है.

Bollywood : एक्ट्रेस हंसिका मोटवानी का हुआ तलाक, 4 साल में टूटा घर, सहेली के एक्स से की थी शादी

एक्ट्रेस हंसिका मोटवानी का पति सोहेल संग तलाक फाइनल हो गया है. एक्ट्रेस के वकील के मुताबिक, दोनों की एक दूसरे से बनती नहीं थी. वो काफी वक्त से अलग रह रहे थे. हंसिका और सोहेल ने लड़ाई-झगड़ों के बाद आपसी सहमति से तलाक लेने का फैसला किया. जानी मानी एक्ट्रेस हंसिका मोटवानी को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. उनका पति सोहेल कथूरिया से तलाक हो गया है. काफी वक्त से उनकी शादी में दरार की खबरें आ रही थीं. अब इस पर मुहर लग गई है. मुंबई की बांद्रा कोर्ट ने हंसिका और सोहेल का तलाक फाइनल कर दिया है. एक्ट्रेस का घर 4 साल में ही टूट गया है.

हंसिका ने बिजनेसमैन सोहेल कथूरिया से 4 दिसंबर 2022 को धूमधाम से शादी की थी. मगर कुछ महीनों बाद ही उनकी मैरिड लाइफ में उथल-पुथल होने की खबरें आने लगी थीं. सोहेल की हंसिका के साथ ये दूसरी शादी थी. हंसिका की बेस्ट फ्रेंड रिंकी बजाज संग उन्होंने पहली शादी की थी. सोहेल का दोनों में से कोई भी रिश्ता नहीं चला. सोहेल और हंसिका की शादी टूटने से एक्ट्रेस के फैंस को झटका लगा है. 


जानकारी के मुताबिक, हंसिका ने तलाक लेते हुए अपने स्त्रीधन और एलिमनी अमाउंट के लिए कोई दावा नहीं किया है. कोर्ट की सुनवाई के दौरान, मोटवानी के वकील अदनान शेख ने बताया कि शादी के बाद कपल कुछ दिनों तक साथ रहा था. लेकिन धीरे-धीरे उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि उनके नेचर, सोच और लाइफस्टाइल में बहुत फर्क है. इससे उनके बीच झगड़े होने लगे. छोटी-छोटी बातों पर रोज झगड़ा होता था और एक छत के नीचे रहना उन दोनों के लिए काफी मुश्किल हो गया था. इसलिए उन्होंने अलग होने का फैसला किया.

परिवारवाले, रिश्तेदार और दोस्तों ने ये शादी बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वे कामयाब नहीं हुए. आखिरकार दोनों ने अलग रहने और शादी तोड़ने का फैसला किया. वकील के मुताबिक, वे 2 जुलाई 2024 से अलग-अलग रह रहे हैं. उनका रिश्ता खराब हो गया था, लेकिन दोनों ने बातचीत की और आपसी सहमति से तलाक लेने का फैसला किया। हंसिका हिंदी और साउथ इंडस्ट्री की फेमस एक्ट्रेस हैं. उन्होंने बचपन में अपना एक्टिंग करियर शुरू किया था.

उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट टीवी शो ‘शका लका बूम बूम’ और मूवी ‘कोई… मिल गया’ में काम किया था. हंसिका सीरियल देश में निकला होगा चांद, क्योंकि सास भी कभी बहू थी, सोन परी, करिश्मा का करिश्मा, बिदाई में नजर आई थीं. हिंदी इंडस्ट्री में अपना जलवा दिखाने के बाद हंसिका ने साउथ इंडस्ट्री में काम किया. वो साउथ के कई बड़े स्टार्स संग काम कर चुकी हैं. अपने काम के अलावा हंसिका ट्रांसफॉर्मेशन को लेकर भी चर्चा में रहीं. 

Bollywood : जो होना है वो होकर रहेगा’, वीडियो में रो पड़ीं दीपिका कक्कड़, शोएब ने बताया अभी और भी टेस्ट बाकी हैं

दीपिका कक्कड़ इन दिनों अपनी हेल्थ को लेकर काफी परेशान हैं, हाल ही में सामने आए एक व्लॉग में दीपिका इसे लेकर इमोशनल हो गईं और रोने लगीं. टीवी की ‘सिमर’ यानी एक्ट्रेस दीपिका कक्कड़ इन दिनों अपनी हेल्थ को लेकर फैंस के बीच खासा चर्चा का विषय बनी रही हैं. कुछ महीने पहले ही दिपिका का लिवर कैंसर का ट्रीटमेंट हुआ था. जिसके बाद से ही सभी फैंस चिंतित भी नजर आए. दीपिका और शोएब भी लगातार फैंस को एक्ट्रेस की हेल्थ को लेकर अपडेट देते रहते हैं. अब हाल ही में शोएब ने अपने नए व्लॉग में दीपिका की हेल्थ से जुड़ी कुछ जानकारी दी है. जिसके बाद दीपिका कक्कड़ काफी इमोशनल भी हो गईं.

हाल ही में दीपिका कक्कड़ का नया व्ल़ॉग आया है. जिसमें उनके पति शोएब इब्राहिम ने एक्ट्रेस की हेल्थ के बारे में बात की है. शोएब ने इस व्लॉग में दीपिका का रुटीन शेयर करते हुए बताया कि, ‘दीपिका को नई डाइट पर रखा गया है, उसका अब एक रपटीन है. वो सुबह 7 बजे उठती है और वॉक पर जाती है, और उसे शाम के 7 बजे के बाद कुछ भी खाने की परमिशन नहीं है.’ इसके बाद दीपिका खुद कहती हैं कि उनका रेसिपी वीडियोज बनाने का बहुत मन करता है लेकिन वो ऐसा कर नहीं पा रही हैं. लेकिन फिर शोएब बताते हैं कि वो हेल्थ के कारण ऐसा नहीं कर सकती हैं. क्योंकि कोई भी रेसिपी बनाने के लिए एक्ट्रेस को काफी संय तक खड़े रहना पड़ेगा.

तो वहीं शोएब इब्राहिम इसके बाद बताते हैं कि ईद के बाद एक्ट्रेस का ब्लड टेस्ट होना है. इस बात पर ही दीपिका कक्कड़ इमोशनल हो जाती हैं और रोने लगती हैं. शोएब कहते हैं, ‘बहुत स्ट्रॉन्ग रहती हैं ये, लेकिन कभी कभी वो सारी बातें, अब जब मैंने बोला 4 हफ्ते बाद टेस्ट हैं, तो वो सोच कर रोने लगी.’ इसके बाद दीपिका कहती हैं, ‘अभी एक डर बैठ गया है इस बार के बाद. आप सब भी यही कहते हो यकीन हैं. हर वक्त दिल से यही दुआ निकलती है आगे सब ठीक हो लेकिन ठीक है हम सबको पता है जो होना है वो होकर रहेगा. कोई बात नहीं’

बता दें कि दीपिका कक्कड़ स्टेज 2 लिवर कैंसर से जंग लड़ रही हैं. कुछ हफ्ते पहले ही उनकी दूसरी सर्जरी हुई है. सबसे पहले जून 2025 में एक्ट्रेस को इस बीमारी के बारे में पता चला था. जिसका अपडेट उन्होंने फैंस के साथ भी शेयर किया. दीपिका लगातार फैंस के साथ अपनी हेल्थ जर्नी शेयर कर रही हैं. तो वहीं उनके फैंस भी उनके जल्दी से जल्दी ठीक होने की दुआ कर रहे हैं.

Mumbai news : मुंबई में आखिर क्यों तापमान पहुंचा 40 डिग्री, क्या है इसके पीछे की वजह

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मुंबई में तेज गर्मी के कारण मौसम विभाग ने येलो अलर्ट को बढ़ाकर ऑरेंज अलर्ट कर दिया है. कई इलाकों में तापमान 38-40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. मुंबई और आसपास के इलाकों में बढ़ती गर्मी को देखते हुए चेतावनी का स्तर येलो से बढ़ाकर ऑरेंज कर दिया है. मंगलवार (10 मार्च) को तापमान सामान्य से काफी ज्यादा दर्ज किया गया और लोगों को तेज धूप और उमस भरे मौसम का सामना करना पड़ा. साफ आसमान और तेज धूप के कारण शहर में मौसम जल्दी गर्मी जैसा महसूस होने लगा है. ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि गर्मी की स्थिति गंभीर हो सकती है और लंबे समय तक धूप में रहने से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है. यह चेतावनी मुंबई के साथ-साथ ठाणे और पालघर के कई इलाकों के लिए जारी की गई है. मौसम विभाग के अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर से लेकर शाम तक अनावश्यक रूप से बाहर जाने से बचें.

मुंबई महानगर क्षेत्र के कई हिस्सों में मंगलवार (10 मार्च 2026) को अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया, जो मार्च के सामान्य तापमान से काफी ज्यादा है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय तेज सूखी हवाएं चल रही हैं और समुद्र की ठंडी हवा कमजोर पड़ गई है, जिसकी वजह से तापमान लगातार बढ़ रहा है.

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च की शुरुआत में इतनी ज्यादा गर्मी असामान्य है, लेकिन इस साल पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में जल्दी गर्मी पड़ने का रुझान देखा जा रहा है. मौसम पर्यवेक्षक अथरेया शेट्टी के अनुसार गुजरात के ऊपर बने एंटी-साइक्लोनिक सिस्टम की वजह से पूर्वी हवाएं महाराष्ट्र के अंदरूनी इलाकों से होकर आ रही हैं. जब ये हवाएं घाटों को पार करके नीचे उतरती हैं तो तापमान और बढ़ जाता है. उनका कहना है कि अगले एक या दो दिनों में हवा का रुख बदलने पर तापमान थोड़ा कम हो सकता है.

तेज गर्मी और बढ़ती नमी के कारण लोगों को महसूस होने वाला तापमान और ज्यादा लग सकता है. मुंबई के फेफड़ा रोग विशेषज्ञ लैंसलॉट पिंटो ने कहा कि ऐसे मौसम में शरीर में पानी की कमी जल्दी हो सकती है, इसलिए पर्याप्त पानी पीना जरूरी है. उन्होंने बताया कि बुजुर्गों, बच्चों और खुले में काम करने वाले लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए और दोपहर की तेज धूप से बचना चाहिए. शहर के कई लोगों ने भी अचानक बढ़ी गर्मी से परेशानी जताई. दादर की एक दुकानदार गृहा जोशी ने कहा कि दोपहर के समय ऐसा लग रहा है जैसे मई का महीना आ गया हो और बाहर निकलना भी मुश्किल हो रहा है.

गर्मी के साथ शहर में हवा की गुणवत्ता भी चिंता का विषय बनी हुई है. कुछ इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब से गंभीर स्तर तक दर्ज किया गया है. गर्म और स्थिर हवा के कारण प्रदूषण नीचे ही रह जाता है, जिससे दमा और सांस से जुड़ी बीमारियों वाले लोगों को ज्यादा परेशानी हो सकती है.मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 से 72 घंटों तक गर्मी का असर बना रह सकता है. अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि इस दौरान ज्यादा मेहनत वाले काम दोपहर में न करें, पानी ज्यादा पिएं और मौसम विभाग की सलाह का पालन करें. हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा का रुख बदलने पर कुछ दिनों में तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है. तब तक मुंबई के लोगों को तेज गर्मी के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है.

Life style : घंटों नहीं देखते स्क्रीन तो क्यों सूख रही हैं आपकी आंखें? जानिए ड्राई आई के छिपे कारण

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काफी लोगों को शिकायत रहती है कि उनकी आंखें सूख रही हैं. चलिए आपको बताते हैं कि इसके पीछे कौन से कारण होते हैं और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है? आजकल कई लोग आंखों में जलन, सूखापन या किरकिराहट महसूस करने की शिकायत करते हैं. अक्सर इसका कारण मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन को माना जाता है. लेकिन आंखों के डॉक्टरों का कहना है कि कई ऐसे मरीज भी क्लिनिक पहुंच रहे हैं जो ज्यादा स्क्रीन का इस्तेमाल नहीं करते, फिर भी उनकी आंखें सूखी और थकी हुई महसूस होती हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर यह समस्या क्यों बढ़ रही है.

दरअसल, हमारी आंखों की सतह पर एक पतली परत होती है जिसे टियर फिल्म कहा जाता है. यही परत आंखों को नम बनाए रखती है और उन्हें आरामदायक महसूस कराती है. जब यह संतुलन बिगड़ जाता है तो आंखों में सूखापन, खुजली या जलन जैसी परेशानी होने लगती है. विशेषज्ञों का कहना है कि आज की लाइफस्टाइल में कई ऐसी आदतें हैं जो धीरे-धीरे इस संतुलन को प्रभावित करती हैं.

इंडियन जर्नल ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक उत्तर भारत में लगभग 32 प्रतिशत लोगों को ड्राई आई की समस्या का सामना करना पड़ता है. रिसर्चर का मानना है कि इसके पीछे एनवायरमेंट, उम्र और रोजमर्रा की लाइफस्टाइल बड़ी भूमिका निभाते हैं. ड्राई आई सिंड्रोम अब दुनिया भर में आंखों से जुड़ी आम समस्याओं में से एक बन चुका है. यह स्थिति तब पैदा होती है जब आंखों में पर्याप्त आंसू नहीं बनते या बनने वाले आंसू जल्दी सूख जाते हैं. आंसू सिर्फ पानी नहीं होते, बल्कि उनमें तेल, म्यूकस और कुछ प्रोटीन भी होते हैं जो आंखों को इंफेक्शन से बचाते हैं और उन्हें चिकना बनाए रखते हैं. जब यह मिक्स असंतुलित हो जाता है तो आंखों में जलन और असहजता महसूस होने लगती है.

शहरों में बढ़ता प्रदूषण और एयर कंडीशनर का ज्यादा इस्तेमाल भी आंखों पर असर डालता है. एयर कंडीशनिंग से हवा में नमी कम हो जाती है, जिससे आंसू जल्दी सूखने लगते हैं. इसके अलावा धूल और प्रदूषण भी आंखों में जलन बढ़ा सकते हैं. एक और अहम कारण है पलक झपकाने की आदत का कम हो जाना. जब हम किसी काम में बहुत ज्यादा ध्यान लगाते हैं, जैसे पढ़ना, लिखना या लंबी ड्राइव करना, तो पलक झपकाने की गति धीमी हो जाती है. इससे आंखों की सतह पर आंसुओं की परत ठीक से नहीं फैल पाती और सूखापन महसूस होने लगता है. एलर्जी भी कई बार आंखों में जलन और खुजली का कारण बन सकती है. पॉलिन, धूल, फफूंदी या पालतू जानवरों के बाल जैसी चीजें आंखों के आसपास की नाजुक त्वचा में सूजन पैदा कर सकती हैं.

इसके अलावा शरीर में पानी की कमी, नींद पूरी न होना या विटामिन A, D और ओमेगा-3 जैसे पोषक तत्वों की कमी भी आंखों के सूखेपन को बढ़ा सकती है. इसलिए एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि पर्याप्त पानी पिएं, आंखों को समय-समय पर आराम दें और जरूरत पड़ने पर आंखों की जांच जरूर कराएं. छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके आंखों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है.

Delhi news : दिल्ली HC में वकीलों की कैंटीन में नहीं बनी दाल-चावल, LPG सिलेंडर सप्लाई प्रभावित

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दिल्ली हाई कोर्ट में वकीलों की कैंटीन के मैनेजर ने बताया कि कई जगह प्रयास किया लेकिन गैस नहीं मिली. कब तक सिलेंडर आएगी इसका कुछ पता नहीं. दिल्ली हाई कोर्ट के वकीलों की कैंटीन में आज (11 मार्च) गैस सिलेंडर की कमी की वजह से मेन कोर्स का खाना नहीं बन पाया. कैंटीन प्रबंधन ने बताया कि फिलहाल उनके पास LPG सिलेंडर उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए आज मेन कोर्स परोसा नहीं जा सकेगा. कैंटीन की ओर से कहा गया है कि अभी यह भी साफ नहीं है कि गैस सप्लाई कब तक बहाल होगी. जैसे ही LPG सिलेंडर उपलब्ध होंगे, मेन कोर्स की तैयारी फिर से शुरू कर दी जाएगी.

इस वजह से आज कैंटीन में आने वाले वकीलों और अन्य लोगों को मेन कोर्स के बिना ही काम चलाना पड़ेगा. कैंटीन प्रबंधन ने उम्मीद जताई है कि गैस सप्लाई जल्द शुरू हो जाएगी, जिसके बाद खाने की पूरी व्यवस्था सामान्य हो जाएगी.

दिल्ली हाई कोर्ट में वकीलों की कैंटीन के मैनेजर मोहर सिंह ने कहा, “गैस नहीं आई तो हमने आइटम बंद कर दिया है. लंच का जो आइटम था उसे बंद कर दिया है. ब्रेक फास्ट चल रहा है. लंच में दाल-चावल, कढ़ी-चावल, राजमा-चावल, छोले-चावल, चिकेन, बिरयानी ये सब बंद कर दिया है. आगे से गैस नहीं आ रही है. हमने काफी जगह कोशिश की लेकिन गैस नहीं आया.”

कब तक सिलेंडर आने की उम्मीद है, इस सवाल पर उन्होंने कहा, “कोई पता नहीं है. करीब हजार की संख्या में रोजाना वकील यहां लंच करते थे. अभी हम पनीर सलाद, चिकेन सलाद, सैंडविच ये चीजें दे रहे हैं. जो बिना गैस के बनने वाली चीजें हैं वो परोसी जा रही हैं.”

World : ‘मिडिल ईस्ट संकट पर कांग्रेस कर रही राजनीति’, केरल में बोले PM मोदी

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पीएम मोदी ने कहा कि ये बहुत बड़ा दुर्भाग्य है कि कांग्रेस पार्टी इतने बड़े वैश्विक संकट में राजनीति ढूंढ रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अफवाह फैलाने में जुटी हुई है. मिडिल ईस्ट में जारी जंग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर देश के भीतर अफवाह फैलाने और राजनीति करने का आरोप लगाया. पीएम मोदी ने कहा, ‘पश्चिम एशिया में आज जो कुछ भी हो रहा है, उससे आप सभी का चिंतित होना बहुत स्वाभाविक है. हमारे लाखों भाई-बहन वहां काम करते हैं. आपको याद रखना है कि आज देश में बीजेपी-एनडीए की सरकार है. जब भी हमारा कोई देशवासी संकट में पड़ा है, हमने उसे सुरक्षित बचाने के लिए पूरी ताकत लगा दी है.’

पीएम मोदी ने कहा, ‘ये बहुत बड़ा दुर्भाग्य है कि कांग्रेस पार्टी इतने बड़े वैश्विक संकट में राजनीति ढूंढ रही है. कांग्रेस पार्टी जानबूझकर उकसाने वाले बयान दे रही है, गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रही है ताकि स्थितियां बिगड़ जाएं और हमारे लोग वहां संकट में फंस जाएं. फिर ये लोग मिलकर मोदी को गालियां देने की रील बनाने का अभियान शुरू कर सकें. यही उनका खेल है. मुझे संतोष है कि गल्फ के हमारे सभी मित्र देशों की सरकारें भी हमारे देश के नागरिकों का पूरा ध्यान रख रही हैं.’

पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियां देश के भीतर अफवाह फैलाने में जुटी हुई है. उन्होंने कहा, ‘आज युद्ध के इस समय में भी कांग्रेस-लेफ्ट और उसका इकोसिस्टम देश में डर पैदा करने में पूरी ताकत खपा रहे हैं. मैं देश से कहूंगा कि कांग्रेस-लेफ्ट की ओर से फैलाई जा रही अफवाहों से सावधान रहें, सतर्क रहें.’ पीएम मोदी रैली को संबोधित करते हुए एक बार फिर आत्मनिर्भर भारत का जिक्र किया. उन्होने कहा, ‘एक तरफ बीजेपी-एनडीए देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रही है. वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और लेफ्ट के लोग आत्मनिर्भर भारत अभियान का मजाक उड़ाने में ही जुटे रहते हैं. कांग्रेस और लेफ्ट के लोगों ने मिलकर सरकारें चलाई हैं. इन्होंने देश को विदेशों पर ज्यादा से ज्यादा निर्भर ही बनाया है.’

पीएम मोदी ने कहा, ‘वर्तमान संकट ने एक बार फिर आत्मनिर्भर बनने के महत्व को सिद्ध कर दिया है. ऊर्जा क्षेत्र में अन्य देशों पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने हाल के वर्षों में कई कदम उठाए हैं. हमने अपनी सोलर एनर्जी क्षमता में बढ़ोतरी की है. केरल में भी सोलर प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है. पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है. ‘

Trending news : भारत के इस गांव में सिर्फ भूतों का राज, इंसानों की एंट्री पर लगा हुआ है बैन!

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यह गांव साधारण जीवन जीने वाले लोगों का है, लेकिन साल में एक बार यहां कुछ ऐसा होता है कि पूरा गांव खाली हो जाता है. घर, गलियां, दुकानें सब सुनसान हो जाती हैं.

भारत अपनी विविध संस्कृति, अद्भुत परंपराओं और रहस्यमयी कहानियों के लिए जाना जाता है. यहां हर राज्य, हर गांव में कुछ न कुछ अनोखा देखने को मिलता है, लेकिन कुछ जगहें ऐसी भी हैं जहां इंसान अपनी रोजमर्रा की जिंदगी जीते हुए अचानक रहस्य और अजीब घटनाओं का सामना करता है. इन्हीं में से एक महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र का एक छोटा सा गांव है , जिसे रहस्यमय तरीके से गांव पालन के लिए जाना जाता है. इस गांव का नाम चिंदर गांव है. यह गांव साधारण जीवन जीने वाले लोगों का है, लेकिन साल में एक बार यहां कुछ ऐसा होता है कि पूरा गांव खाली हो जाता है. घर, गलियां, दुकानें सब सुनसान हो जाती हैं. लोग अपने घर बंद करके गांव से बाहर चले जाते हैं, और तीन दिनों तक वहां कोई इंसान नहीं रहता है. यह घटना किसी डरावनी कहानी से कम नहीं लगती, लेकिन यह सदियों पुरानी परंपरा है.

स्थानीय लोग मानते हैं कि इस समय गांव में देवता और आत्माएं आती हैं. ये आत्माएं और दिव्य शक्तियां गांव में शांति से रहना चाहती हैं, और अगर इंसान उनके बीच रह जाए तो गंभीर परिणाम हो सकते हैं. इसलिए, हर किसी को तीन दिनों के लिए गांव छोड़ना पड़ता है. कुछ पुराने किस्सों के अनुसार, बहुत समय पहले इस गांव में एक खतरनाक जंगली सूअर (Varaha) और उससे जुड़ी बुरी आत्माओं का आतंक थाय. तब गांव के देवता रावलनाथ और इन आत्माओं के बीच एक समझौता हुआ कि हर कुछ साल में तीन दिनों के लिए पूरा गांव आत्माओं और देवताओं के लिए छोड़ दिया जाएगा. इस नियम के पालन से गांव सुरक्षित और शांत रहता है.

जब यह परंपरा शुरू होती है, तो गांव के लोग अपने साथ सभी जरूरी सामान, जानवर और खाना लेकर गांव के बाहर अस्थायी झोपड़ियां बनाते हैं.ये तीन दिन न केवल डरावने माने जाते हैं, बल्कि इन्हें सामूहिक उत्सव जैसा भी माना जाता है. गांव के सभी घर बंद कर दिए जाते हैं, दरवाजों पर नारियल के पत्ते लगाए जाते हैं, गलियां और मंदिर सुनसान हो जाते हैं. इन तीन दिनों में कोई इंसान गांव में नहीं रहता है. लोग कहते हैं कि यह समय गांव के लिए दिव्यता और आत्माओं की उपस्थिति का होता है.

तीन दिन बीतने के बाद, गांव का पुजारी मंदिर में पूजा करता है और देवता से अनुमति लेकर गांव लौटता है. इस पूरे प्रक्रिया को देव-पालन भी कहा जाता है. यह न सिर्फ एक परंपरा है, बल्कि इसे गांव के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व के रूप में देखा जाता है. यह परंपरा एक रहस्यमयी रस्म है. यह पीढ़ियों से चली आ रही है और इसके पीछे गांव वालों का विश्वास, सांस्कृतिक पहचान और सुरक्षा की भावना छिपी हुई है.

Sports : अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग से क्रिकेट पर संकट, टी20 वर्ल्ड कप के बाद बड़ी सीरीज टली

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यूएस-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण मिडल-ईस्ट में खराब हालातों का असर एक क्रिकेट सीरीज पर भी पड़ा है. मिडल-ईस्ट में खराब हालातों के बीच अफगानिस्तान बनाम श्रीलंका सीरीज को स्थगित कर दिया गया है. अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मंगलवार को पुष्टि की है कि यूएस-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण श्रीलंका के खिलाफ सीरीज को स्थगित किया जा रहा है. यह सीरीज यूएई में खेली जानी थी. दोनों टीमों के बीच 13 मार्च-25 मार्च तक 3 वनडे और 3 टी20 मैच खेले जाने थे.

क्रिकबज के अनुसार अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ एग्जीक्यूटिव नसीब खान ने कहा कि श्रीलंका के साथ सीरीज को स्थगित किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि यूएई में युद्ध के हालातों के अलावा हवाई यात्रा और लॉजिस्टिक्स संबंधी समस्याएं आ रही थीं.

नसीब खान ने यह भी खुलासा किया कि सीरीज के सभी मैच श्रीलंका में करवाने पर विचार किया गया था, लेकिन उस समय यूएई से श्रीलंका के लिए कोई भी फ्लाइट उपलब्ध नहीं थी. वहीं बहुत थोड़े समय में होटल बुकिंग से लेकर ग्राउंड और सिक्योरिटी की व्यवस्था को लेकर भी समस्याएं उत्पन्न हो जातीं. फिलहाल सीरीज को स्थगित कर दिया गया है और इसे साल की आखिरी तिमाही में करवाया जा सकता है.

खासतौर पर श्रीलंका के खिलाफ टी20 सीरीज खास रहने वाली थी, क्योंकि हाल ही में राशिद खान से टी20 टीम की कप्तानी छीन ली गई थी. यह पहली सीरीज होती जब अफगानिस्तान की टी20 टीम इब्राहिम जादरान की कप्तानी में खेलती.

अफगानिस्तान और श्रीलंका हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलते नजर आए थे. एक तरफ अफगानिस्तान की टीम ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ पाई थी. अफगान टीम 2024 वाले प्रदर्शन को नहीं दोहरा पाई, जहां उसने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था. वहीं टूर्नामेंट का सह-मेजबान होते हुए भी श्रीलंका सुपर-8 स्टेज में ही बाहर हो गया था.

Entertainment : अनुराग डोभाल से शमिता शेट्टी तक, बिग बॉस के ये 7 कंटेस्टेंट्स झेल चुके हैं मेंटल हेल्थ का दर्द

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बिग बॉस 17 के कंटेस्टेंट अनुराग डोभाल ने हाल ही में पब्लिकली अपनी मेंटल हेल्थ को लेकर बात की. इससें पहले बिग बॉस के कई कंटेस्टेंट भी अपनी मेंटल हेल्थ का दर्द बयां कर चुके हैं. बिग बॉस के कंटेस्टेंट अक्सर शो के दौरान या सोशल मीडिया पर अपनी बातों की वजह से चर्चा में रहते हैं. हाल ही में अनुराग डोभाल ने अपनी मानसिक परेशानी के बारे में खुलकर बात की और बताया कि उन्होंने एक समय आत्महत्या करने की कोशिश भी की थी. हालांकि यूके07 राइडर ऐसे पहले बिग बॉस कंटेस्टेंट नहीं हैं जिन्होंने मेंटल हेल्थ को लेकर अपनी मुश्किलों के बारे में बताया हो. इससे पहले भी कई कंटेस्टेंट अपने एक्सपीरियंस लोगों के साथ शेयर कर चुके हैं. आइए जानते हैं कौन हैं वो कंटेस्टेंट्स.

बिग बॉस 17 के कंटेस्टेंट अनुराग डोभाल ने हाल ही में एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह रोते हुए अपनी खराब होती मानसिक हालत के बारे में बात करते नजर आए. उन्होंने बताया कि वह काफी समय से मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं और अपने परिवार से भी परेशान थे. एक इंस्टाग्राम लाइव के दौरान उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने सुसाइड करने की कोशिश की थी. फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती हैं और हाल ही में एक गंभीर कार हादसे के बाद उनकी सर्जरी भी हुई है.

बिग बॉस 14 के कंटेस्टेंट एजाज खान ने भी बताया था कि वह कई सालों तक डिप्रेशन से जूझते रहे. उन्होंने कहा कि खुद को बेहतर समझने और अपनी भावनाओं को संभालने के लिए उन्होंने थेरेपी ली. शो के दौरान उन्होंने अपने बचपन में झेले गए मुश्किल अनुभवों के बारे में भी खुलकर बात की थी. बिग बॉस 13 में नजर आ चुकी आरती सिंह ने भी एक बार अपनी मानसिक परेशानी के बारे में खुलकर बात की थी. उन्होंने बताया था कि एक समय ऐसा था जब वह खुद को बहुत अकेला और खाली महसूस करती थीं, जिसकी वजह से उन्हें पैनिक अटैक आने लगे थे. हालांकि अब वह उस मुश्किल दौर से बाहर आ चुकी हैं और खुद को एक मजबूत इंसान मानती हैं.

बिग बॉस 13 में वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर आईं हिमांशी खुराना ने बताया था कि यह अनुभव उनके लिए मानसिक रूप से काफी थकाने वाला था. उन्होंने कहा कि घर के अंदर की निगेटीविटी की वजह से वह डिप्रेशन में चली गई थीं और उस दौर से बाहर आने में उन्हें लगभग दो साल लग गए. बिग बॉस 16 की कंटेस्टेंट निमृत कौर अहलूवालिया ने भी पहले बताया था कि वह एंग्जायटी और डिप्रेशन से जूझ चुकी हैं. शो के दौरान उन्होंने कहा था कि घर के अंदर उन्हें अक्सर घुटन महसूस होती थी, जिसकी वजह से उन्हें ठीक से नींद भी नहीं आती थी और यह सफर उनके लिए काफी मुश्किल रहा.

बिग बॉस 14 के फाइनलिस्ट राहुल वैद्य ने बताया था कि शो के बाद उन्हें थेरेपी लेनी पड़ी. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोलिंग होने की वजह से उनकी मानसिक हालत पर असर पड़ा और वह डिप्रेशन में चले गए थे. इसके बाद उन्होंने डॉक्टर से सलाह ली और धीरे-धीरे उस दौर से बाहर आए. बिग बॉस ओटीटी में नजर आ चुकी शमिता शेट्टी ने भी बताया था कि उन्हें लगभग एक साल तक थेरेपी लेनी पड़ी. उन्होंने कहा कि उस समय उनके आसपास जो कुछ हो रहा था, उसे समझना और संभालना उनके लिए आसान नहीं था. शमिता ने बताया कि उन्हें एंग्जायटी और डिप्रेशन का सामना करना पड़ा और शो का अनुभव उनके लिए काफी परेशान करने वाला था.

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