Friday, April 24, 2026
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RAJASTHAN : सुकून की तलाश में जैसलमेर आए पर्यटक तो मिला सैलानियों का सैलाब, किले से झील तक हर जगह भारी भीड़

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राजस्थान के जैसलमेर में इन दिनों पर्यटन अपने चरम पर है. नए साल का मौका भी है और लोगों की छुट्टियां भी. यही वजह है कि कई पर्यटक स्थलों पर उम्मीद से ज्यादा भीड़ देखने को मिल रही है. शहर के प्रमुख पर्यटन स्थल पूरी तरह भर गए हैं.

देश-विदेश से बड़ी संख्या में सैलानी जैसलमेर पहुंचे हैं और किला, झील व म्यूजियम जैसे स्थानों पर जबरदस्त दबाव देखने को मिल रहा है. इससे ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि जैसलमेर के प्रति लोगों की लोकप्रियता बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ व्यवस्थागत चुनौतियां भी सामने आ रही हैं.

जैसलमेर के लगभग सभी टूरिस्ट प्लेस इस समय पर्यटकों से पटे पड़े हैं. जैसे जैसलमेर किला, जहां हालात ऐसे हैं कि तिल रखने तक की जगह नहीं बची है. गड़ीसर झील, जहां बड़ी संख्या में सैलानी घूमने और तस्वीरें लेने पहुंच रहे हैं. वहीं वार म्यूजियम, जो पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. इन सभी स्थानों पर लगातार आवाजाही बनी हुई है, जिससे ट्रैफिक और प्रवेश व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है.

कई पर्यटकों का कहना है कि वे जैसलमेर सुकून और शांति के साथ छुट्टियां बिताने के इरादे से आए थे. लेकिन अत्यधिक भीड़, लंबी कतारों और सीमित जगह के कारण उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है. स्थानीय बाजारों और सड़कों पर भीड़ बढ़ने से आवागमन प्रभावित हो रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों की रोजमर्रा की गतिविधियां भी बाधित हो रही हैं.

जिले के एसपी अभिषेक शिवहरे के अनुसार, पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क है. हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. प्रशासन का कहना है कि भीड़ के बावजूद कानून व्यवस्था बनाए रखने और पर्यटकों को सुरक्षित अनुभव देने के लिए लगातार निगरानी और समन्वय किया जा रहा है.

NATIONAL : ‘बहन को कैंसर है, इलाज कराना है…’,कहकर, महिला ने दोस्त से ठगे 2.18 करोड़, ऐसे खुली पोल

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गुरुग्राम में दोस्ती के नाम पर करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है. एक महिला ने अपनी बहन के कैंसर इलाज का झांसा देकर एक व्यक्ति से 2.18 करोड़ रुपये ऐंठ लिए. पुलिस ने इस मामले में हैदराबाद से महिला के एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी महिला की तलाश जारी है.

हरियाणा के गुरुग्राम से एक चौंकाने वाला ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति को उसकी ही दोस्त ने बहन के कैंसर इलाज का बहाना बनाकर 2.18 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार बना लिया. पुलिस ने इस मामले में महिला के एक सहयोगी को हैदराबाद से गिरफ्तार किया है और मुख्य आरोपी महिला की तलाश जारी है.

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 30 वर्षीय अजहर अहमद के रूप में हुई है. उसे सोमवार को हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया और मंगलवार को स्थानीय अदालत में पेश करने के बाद चार दिन के ट्रांजिट रिमांड पर गुरुग्राम लाया गया. यह कार्रवाई गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की टीम ने की.

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पूछताछ के दौरान अज़हर अहमद ने स्वीकार किया है कि उसकी महिला मित्र यांगजी शेरपा उर्फ यामा ने शिकायतकर्ता से मई 2024 से अप्रैल 2025 के बीच कुल 2.18 करोड़ रुपये लिए. महिला ने शिकायतकर्ता को यह कहकर भावनात्मक रूप से भरोसे में लिया कि उसकी बहन कैंसर से पीड़ित है और इलाज के लिए बड़ी रकम की जरूरत है.

जांच में सामने आया है कि जिस बैंक खाते में शिकायतकर्ता ने पैसे ट्रांसफर किए, वह महिला के नाम पर था, जबकि जिन फोन कॉल्स के जरिए वह लगातार पैसे की मांग करती थी, वह मोबाइल नंबर अज़हर अहमद के नाम पर पंजीकृत था. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने महिला मित्र के खाते में आए पैसों को बाद में अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर लिया था.

पीड़ित व्यक्ति को तब शक हुआ, जब बार-बार पैसे देने के बावजूद इलाज से जुड़े कोई ठोस दस्तावेज या जानकारी सामने नहीं आई. इसके बाद उसने गुरुग्राम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध शाखा ने जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हैदराबाद में छापेमारी कर अज़हर अहमद को गिरफ्तार किया.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और ठगी की पूरी रकम के लेन-देन की जांच की जा रही है. साथ ही, मुख्य आरोपी महिला यांगजी शेरपा उर्फ यामा की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं.

AJMER : बीच सड़क युवक पर स्टिक और धारदार हथियार से हमला

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राजस्थान के अजमेर में पुरानी रंजिश को लेकर आधा दर्जन लोगों ने एक युवक पर हमला कर दिया. जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. घायलावस्था में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

अजमेर के दरगाह थाना क्षेत्र स्थित पन्नीग्रान चौक में बीती शाम पुरानी रंजिश ने खूनी रूप ले लिया. यहां घात लगाकर बैठे आधा दर्जन युवकों ने खादिम समुदाय के एक युवक पर बेसबॉल के डंडों, सरियों और धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. जान बचाने के लिए वह पास के गेस्ट हाउस में भागा, लेकिन हमलावरों ने वहां घुसकर उसे बेरहमी से पीटा. पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें हमलावर बेखौफ नजर आ रहे हैं.

पुलिस के अनुसार खादिम सैय्यद तालीब हुसैन चिश्ती शाम करीब 7 बजे अपने एक मेहमान को लेकर जा रहे थे. तभी पन्नीग्रान चौक स्थित मोहम्मदी गेस्ट हाउस के पास आरोपी इकबाल बालीवाला, जुनेद, नबील और अरबाज बालीवाला पहले से घात लगाकर खड़े थे. उन्होंने तालीब को देखते ही हमला बोल दिया. पीड़ित के हाथ, पैर, गले और पीठ पर गंभीर चोटें आई हैं. उसे लहूलुहान हालत में जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

हैरानी की बात यह रही कि जिस वक्त यह खूनी खेल चल रहा था, वहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, लेकिन सभी तमाशबीन बने रहे. कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की तो आरोपियों ने उन्हें भी धक्का देकर डरा दिया. वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी गई है.

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच दरगाह क्षेत्र में स्थित एक दुकान को लेकर पुराना विवाद चल रहा है. इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने तालिब को घेर लिया और उस पर हमला कर दिया. जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई.

WORLD : अमेरिका की हवा निकालने के बाद अब भारत ने अपने इस एक्शन से बताई ड्रैगन को ‘औकात’

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सरकार ने विदेशी बाजारों से खासतौर पर चीन की ओर से आ रहे सस्ते स्टील आयात पर कार्रवाई करते हुए तीन साल के लिए टैरिफ लगाने का फैसला किया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर ऊंचे टैरिफ लगाकर दबाव बनाने की कोशिश का असर सीमित ही रहा और इसका उल्टा नतीजा देखने को मिला. भारत का निर्यात बढ़ा और देश की आर्थिक वृद्धि दर यानी जीडीपी पर भी कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा. इसी बीच भारत ने अपने घरेलू उद्योगों को मजबूत करने के लिए चीन से डंप किए जा रहे सस्ते उत्पादों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. सरकार ने विदेशी बाजारों से खासतौर पर चीन की ओर से आ रहे सस्ते स्टील आयात पर कार्रवाई करते हुए तीन साल के लिए टैरिफ लगाने का फैसला किया है.

केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, स्टील उत्पादों पर यह सुरक्षा शुल्क चरणबद्ध तरीके से लागू होगा. पहले साल टैरिफ की दर 12 प्रतिशत रहेगी, दूसरे साल इसे घटाकर 11.5 प्रतिशत किया जाएगा और तीसरे साल यह 11 प्रतिशत होगी. सरकार का कहना है कि यह फैसला आयात के बढ़ते रुझान और उसके कारण घरेलू स्टील उद्योग पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.

यह टैरिफ मुख्य रूप से चीन, वियतनाम और नेपाल से आने वाले स्टील शिपमेंट्स पर लागू होगा, क्योंकि इन देशों से सस्ते दामों पर स्टील का आयात तेजी से बढ़ा है. हालांकि, सरकार ने कुछ विकासशील देशों को इससे छूट दी है और साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि स्टेनलेस स्टील उत्पादों पर यह सुरक्षा शुल्क लागू नहीं होगा.

सरकारी आदेश में बताया गया है कि आयात में हालिया तेज बढ़ोतरी के बाद डायरेक्टर जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज (DGTR) ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की थी. जांच में सामने आया कि सस्ते आयात से घरेलू स्टील उत्पादकों को गंभीर नुकसान हो सकता है. इसके बाद DGTR ने तीन साल तक टैरिफ लगाने की सिफारिश की, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब सरकार इससे पहले अप्रैल में इन्हीं स्टील उत्पादों पर 200 दिनों के लिए 12 प्रतिशत का अस्थायी सुरक्षा शुल्क लगा चुकी है. स्टील मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि कम कीमत और घटिया गुणवत्ता वाले स्टील आयात से भारतीय उद्योग, निवेश और रोजगार पर प्रतिकूल असर पड़ता है, इसलिए घरेलू स्टील सेक्टर को बचाने के लिए यह फैसला जरूरी था.

NATIONAL : यूट्यूब से सीखा तरीका, ऑनलाइन मंगाया कलर प्रिंटर… पति-पत्नी घर में छापने लगे नकली नोट

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पैसों की तंगी और सिर पर चढ़े कर्ज ने एक गांव के पति-पत्नी को क्राइम की राह पर धकेल दिया. जल्दी पैसे कमाने की चाह में दोनों ने यूट्यूब से नकली नोट छापने का तरीका सीखा, ऑनलाइन कलर प्रिंटर मंगाया और घर में नकली करेंसी छापने लगे. साप्ताहिक बाजारों में इन नोटों को खपाने की कोशिश के दौरान दोनों रंगे हाथ पकड़े गए.

आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ ने एक गांव के दंपति को अपराध की राह पर धकेल दिया. छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पुलिस ने एक ऐसे पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने घर बैठे नकली नोट छापकर बाजारों में खपाने का रास्ता चुना. पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 1 लाख 70 हजार के नकली नोट, एक कलर प्रिंटर, कागज और अन्य चीजें बरामद की हैं.

पुलिस के अनुसार, आरोपी कपल की पहचान अरुण कुमार तुरंग और उसकी पत्नी राखी तुरंग के रूप में हुई है. दोनों आर्थिक संकट से जूझ रहे थे और सिर पर कर्ज था. इसी दबाव में उन्होंने यूट्यूब पर वीडियो देखकर नकली नोट छापने का तरीका सीखा और ऑनलाइन कलर प्रिंटर व अन्य सामान मंगवा लिया. इसके बाद घर में ही नकली नोट छापकर आसपास के बाजारों में चलाने लगे.

पूरा मामला तब सामने आया, जब थाना रानीतराई क्षेत्र के साप्ताहिक बाजार में नकली नोट चलने की सूचना पुलिस को मिली. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. इसी दौरान बाजार में सब्जी बेचने आए तुलेश्वर सोनकर ने शिकायत में कहा कि एक पुरुष और महिला ने 60 रुपये की सब्जी खरीदकर 500 का नोट दिया. बाद में जब अन्य व्यापारियों ने नकली नोट चलने की बात कही, तो उसने अपने गल्ले की जांच की, जहां एक नकली नोट मिला.

जांच के दौरान पुलिस ने बाजार में मौजूद अरुण तुरंग और उसकी पत्नी को संदिग्ध हालत में पकड़ लिया. तलाशी लेने पर उनके पास से नकली नोट मिले. पूछताछ में अरुण ने नकली नोट छापने और बाजार में चलाने की बात कबूल कर ली. पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले भी चोरी के मामले में जेल जा चुका है.
इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के घर पर छापा मारा. दोनों ग्राम सोनपैरी, मुजगहन जिला रायपुर के रहने वाले हैं. वहां से नकली नोट छापने में इस्तेमाल किया गया कलर प्रिंटर, कागज और कुल 1,70,500 की फेक करेंसी मिली. इनमें 100, 200 और 500 के नकली नोट थे. इनमें से कुछ नोट बाजार में चलाए जा चुके थे, जबकि कुछ नोट आगे खपाने की तैयारी थी.

दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने कहा कि दो आरोपी पकड़े गए हैं, उनके पास से कलर प्रिंटर मिला है और लगभग एक लाख 70 हजार के नकली नोट मिले हैं. ये नोट अपने गांव सोनपैरी में छापे थे. इन्होंने पाटन के मार्केट में कुछ नोट चलाए, तो कुछ नोट रानीतराई के बाजार में चलाने की कोशिश की थी.

पुलिस को सूचना मिली, जिसके बाद उन्हें पकड़ लिया गया. आरोपियों के पास से नकली नोट और नोट तैयार करने का सामान जब्त किया है. इन लोगों ने तरीका यूट्यूब से सीखा था. अभनपुर के पास सोनपैरी गांव के रहने हैं. कर्ज से पीड़ित थे, उसी से छुटकारा पाने के लिए इन लोगों ने ये रास्ता अपनाया. पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को अरेस्ट कर लिया है. यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस नेटवर्क से और लोग तो जुड़े नहीं हैं, या अन्य बाजारों में भी नकली नोट चलाए गए हैं.

DELHI : जश्न-ए-न्यू ईयर से पहले ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़, ₹10 करोड़ की हेरोइन बरामद

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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नए साल के जश्न से पहले एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने 10 करोड़ रुपये की हेरोइन के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है.

क्राइम ब्रांच ने नए साल की शुरुआत से पहले दिल्ली-एनसीआर में एक्टिव एक बड़े ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने अंशुल राणा और विक्की नाम के तस्करों के पास से 2.034 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में 10 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत आंकी गई है.

पूछताछ के दौरान अंशुल राणा ने खुलासा किया है कि वह दिल्ली-एनसीआर में हेरोइन सप्लाई करने वाले एक संगठित गिरोह का हिस्सा है. उसने यह ड्रग्स विक्की से खरीदी थी, जो इसे उत्तर प्रदेश के बरेली से मंगवाता था.क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई से ड्रग तस्करों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है. पुलिस ने बताया कि जब्त की गई 2.034 किलोग्राम हेरोइन की शुद्धता और इंटरनेशनल मार्केट में इसकी मांग के कारण इसकी कीमत ₹10 करोड़ से ज्यादा है.

नए साल की पार्टियों में ड्रग्स की बढ़ी मांग को देखते हुए यह सिंडिकेट बड़ी खेप खपाने की तैयारी में था. पुलिस अब इनके मोबाइल फोन के जरिए अन्य संपर्कों को खंगाल रही है.

गिरफ्तार आरोपी अंशुल राणा ने पुलिसिया पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. उसने बताया कि वह लंबे वक्त से दिल्ली और आसपास के इलाकों में हेरोइन की सप्लाई कर रहा था. इस नेटवर्क का मुख्य स्रोत उत्तर प्रदेश का बरेली शहर है, जहां से दूसरा आरोपी विक्की ड्रग्स की खेप लेकर आता था. पुलिस अब बरेली में मौजूद इन सप्लायरों तक पहुंचने के लिए छापेमारी की योजना बना रही है, जिससे इस पूरे गिरोह की जड़ को खत्म किया जा सके.

NATIONAL : चाइनीज मांझे का कहर! सड़क पर चलते- चलते घायल हुआ शख्स, गर्दन से बहने लगा खून

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शिवा गंगा थिएटर रोड पर प्रतिबंधित चाइनीज मांझे ने एक बार फिर जानलेवा खतरा साबित किया. सड़क से गुजर रहे एक युवक की गर्दन में धारदार मांझा लग गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. मौके पर मौजूद ट्रैफिक कांस्टेबल ने तत्परता दिखाते हुए घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है.तेलंगाना के हैदराबाद में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का खतरा एक बार फिर सामने आया है. बुधवार को शिवा गंगा थिएटर रोड इलाके में एक युवक सड़क से गुजर रहा था, तभी अचानक धारदार और कांच से लेपित मांझा उसकी गर्दन से टकराया. इस हादसे में युवक की गर्दन में गंभीर चोट आई और तेजी से खून बहने लगा. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई.

घायल युवक की पहचान अशोक के रूप में हुई है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना अचानक हुआ कि अशोक को संभलने का मौका तक नहीं मिला. तेज धार वाले मांझे ने उसकी गर्दन को बुरी तरह काट दिया, जिससे वह सड़क पर ही घायल अवस्था में गिर पड़ा.

संयोगवश, घटना के समय मलाकपेट थाना क्षेत्र के ट्रैफिक कांस्टेबल एम. क्रांति मौके पर मौजूद थे. स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने बिना देरी किए घायल युवक की मदद की. कांस्टेबल ने प्राथमिक सहायता देने के बाद अशोक को तुरंत दिलसुखनगर स्थित कमला अस्पताल पहुंचाया. समय पर मिली मदद के कारण युवक की हालत को स्थिर बताया जा रहा है.

अस्पताल सूत्रों के मुताबिक,अशोक की हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं. गर्दन की चोट को देखते हुए उसे विशेष निगरानी में रखा गया है. चिकित्सकों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच सकी.घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझे का उपयोग किस तरह आम लोगों के लिए जानलेवा बनता जा रहा है. इससे पहले भी शहर में कई लोग, विशेषकर दोपहिया वाहन चालक और पैदल राहगीर, इस खतरनाक मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं.

पुलिस प्रशासन ने कई बार चाइनीज मांझे के इस्तेमाल पर सख्त चेतावनी जारी की है और इसे पूरी तरह प्रतिबंधित बताया है. इसके बावजूद त्योहारों और पतंगबाजी के मौसम में चोरी-छिपे इसका इस्तेमाल किया जा रहा है.

SPORTS : शमी, आकाशदीप और मुकेश का विजय हजारे में कहर, जम्मू-कश्मीर 63 रन पर ढेर, बना ये शर्मनाक रिकॉर्ड

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विजय हज़ारे ट्रॉफी के चौथे राउंड में बंगाल के तेज़ गेंदबाज़ों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जम्मू-कश्मीर को उसके सबसे न्यूनतम लिस्ट-A स्कोर 63 रन पर ढेर कर दिया. मोहम्मद शमी और आकाश दीप की अगुवाई में बंगाल की पेस यूनिट ने पूरे मैच पर दबदबा बनाया और शमी की भारतीय टीम में वापसी की दावेदारी को और मजबूत किया.

भारतीय घरेलू क्रिकेट में अगर किसी टीम के पास इस समय सबसे घातक तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण है, तो वह बंगाल है. विजय हज़ारे ट्रॉफी 2025-26 के चौथे राउंड में बंगाल के पेस तिकड़ी ने ऐसा तूफान मचाया कि जम्मू-कश्मीर की टीम अपने इतिहास के सबसे न्यूनतम लिस्ट-A स्कोर पर सिमट गई.राजकोट के सनोसारा क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए ग्रुप B के चौथे मुकाबले में बंगाल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला किया और यह निर्णय पूरी तरह सही साबित हुआ. ठंडी सुबह में बंगाल के तेज़ गेंदबाज़ों ने नई गेंद से घातक स्विंग और सीम मूवमेंट का बेहतरीन इस्तेमाल किया.

टीम की अगुवाई कर रहे अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी, जिनकी भारतीय टीम में वापसी की चर्चाएं तेज़ हैं, ने पारी की दूसरी ही गेंद पर जम्मू-कश्मीर के ओपनर कमरान इकबाल को पवेलियन भेज दिया. इस शुरुआती झटके से जम्मू-कश्मीर की टीम उबर ही नहीं पाई.शमी के साथ नई गेंद संभाल रहे आकाश दीप ने भी अपने पहले ही ओवर में विकेट झटक लिया. दोनों सीनियर तेज़ गेंदबाज़ों के दबाव ने जम्मू-कश्मीर के बल्लेबाज़ों की तकनीक और आत्मविश्वास दोनों को पूरी तरह तोड़ दिया. विकेटों का पतझड़ ऐसा चला कि विपक्षी बल्लेबाज़ टिककर खेलने का कोई भी प्रयास नहीं कर पाए.

बंगाल के तेज गेंदबाज़ों ने लगातार सटीक लाइन-लेंथ पर गेंदबाज़ी की, जिससे बल्लेबाज़ या तो खेलने से चूकते रहे या फिर गलत शॉट खेल बैठे. पूरी टीम सिर्फ 63 रन पर 20.4 ओवर में ढेर हो गई, जो कि जम्मू-कश्मीर का अब तक का सबसे कम लिस्ट-A स्कोर है.इस प्रदर्शन के साथ ही बंगाल की तेज़ गेंदबाज़ी इकाई ने पूरे देश में अपनी धमक दर्ज करा दी है. मोहम्मद शमी का अनुभव, आकाश दीप की निरंतरता और अन्य पेसर्स का अनुशासित सपोर्ट इस आक्रमण को बेहद खतरनाक बनाता है.

खास बात यह रही कि इस मुकाबले में बंगाल की कप्तानी अभिमन्यु ईश्वरन कर रहे थे, जिनके नेतृत्व में गेंदबाज़ों ने योजनाबद्ध तरीके से बल्लेबाज़ों को जाल में फंसाया. फील्डिंग भी बेहद चुस्त रही, जिससे जम्मू-कश्मीर को कोई राहत नहीं मिल सकी.जम्मू-कश्मीर के लिए यह दिन पूरी तरह निराशाजनक रहा. उनकी टीम का पिछला न्यूनतम स्कोर 75 रन था, जो उन्होंने 2015 में हरियाणा के खिलाफ बनाया था. लेकिन इस बार वे उस आंकड़े से भी नीचे चले गए.

इस प्रदर्शन के बाद मोहम्मद शमी की भारतीय टीम में वापसी की मांग और तेज़ हो गई है. घरेलू क्रिकेट में लगातार विकेट चटकाकर शमी यह साबित कर रहे हैं कि फिटनेस के साथ-साथ उनकी धार भी पूरी तरह बरकरार है.विजय हज़ारे ट्रॉफी के इस मुकाबले ने साफ कर दिया है कि अगर बंगाल की तेज़ गेंदबाज़ी इसी तरह जारी रही, तो वे टूर्नामेंट की सबसे खतरनाक टीमों में शुमार होंगे.

इस मैच में शमी ने 6 ओवर की गेंदबाजी की और 2 मेडन के साथ 2 विकेट झटके और केवल 14 रन ही खर्च किए. वहीं, मुकेश कुमार ने 6 ओवर में 16 रन देकर 4 विकेट लिए. जबकि आकशदीप ने 8.4 ओवर में 32 रन खर्च करके 4 विकेट झटके और जम्मू-कश्मीर की कमर तोड़ दी.

NATIONAL : स्कूल में बच्चे की मौत और महीनों तक इंसाफ की लड़ाई…फटकार कर भगाते थे पुलिस वाले, निराश मां ने दे दी जान

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दरभंगा में इंसाफ की तलाश कर रही एक मां की दर्दनाक मौत ने सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. नौ साल के बेटे की संदिग्ध मौत के बाद महीनों तक न्याय के लिए भटकती रही महिला कथित तौर पर मानसिक दबाव नहीं झेल पाई. पुलिस कार्रवाई में देरी और बेरुखी के आरोपों के बीच यह घटना इलाके को झकझोर देने वाली है.

मात्र नौ वर्ष के अपने एकलौते बेटे की मौत के मामले में इन्साफ की लड़ाई लड़ते- लड़ते एक मां इतनी टूट गयी कि इस पीड़ा को झेल नहीं पाई. उसने सिस्टम के सामने न सिर्फ हार मान ली बल्कि सल्फास खा कर अपनी जान दे दी है. घटना की पुष्टि खुद दरभंगा सदर के SDPO अमित कुमार ने भी की है हालांकि उन्होंने घटना को बेहद दुखद भी बताया है.

दरअसल, पूरा मामला यह है की मृतक महिला का नाम मनीषा देवी है. मनीषा ने दरभंगा के लहेरियासराय स्थित एक निजी स्कुल में अपने एकलौते बेटे कश्यप का एडमिशन क्लास 2 में कराया था. कश्यप कि उम्र महज नौ वर्ष के आसपास थी और वह स्कूल के हॉस्टल में ही रहता था. 19 दिन बीतने के बाद कश्यप का शव वहीं स्कूल की खिड़की में फंदे से लटका मिला था.

परिवार वालों ने बच्चे की हत्या का आरोप स्कूल प्रशासन पर लगाया था. पुलिस जांच की बात कह बहादुरपुर थाना ने एक FIR भी दर्ज की थी. लेकिन, तकरीबन तीन महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जबकि मनीषा लगातार थाना पुलिस के आलावा ज़िले के वरीय पुलिस अधिकारी से लेकर नेता, जहां भी उसे इन्साफ की उम्मीद की छोटी सी भी किरण दिखाई देती अपने बेटे के मौत के असली दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गुहार लगाती फिर रही थी. लेकिन मनीषा को कहीं से इन्साफ मिलता नहीं दिखाई दे रहा था.

बीतते समय के साथ मनीषा का हौसला भी टूट रहा था. आरोप यह है कि पुलिस से मदद के भरोसे की जगह उसे फटकार मिलने लगी, तब मनीषा पूरी तरह टूट गयी. एकलौते मासूम बेटे की मौत का गम और पुलिस की तरफ से इंसाफ मिलने में हो रही देरी के कारण मनीषा मानसिक दबाब को झेल नहीं पाई और एक रात पहले ही परिवार की लोगों से चुराकर सल्फास खा लिया.

मनीषा की तबियत बिगड़ी तो उसे अस्पताल ले जाया गया. तब मनीषा ने सल्फास खाने की बात खुद बताई. परिवार वालों की माने तो मनीष अपने बेटे की मौत पर इन्साफ मिलने में देरी से परेशान थी. लेकिन पुलिस वाले उन्हें कोई मदद नहीं कर रहे थे. प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद आजतक कभी कोई जांच करने या पूछताछ करने उनके घर नहीं आया, न ही कुछ बताया. जब भी मनीषा थाना जाती पुलिस वाले उनसे ठीक से बात भी नहीं करते थे. हताश मनीषा को परिवार के लोग बहुत समझाने का भी काम किया करते थे लेकिन आखिरकार वही हुआ जिसका किसी ने सोचा भी नहीं था. एक की मौत के इन्साफ की लड़ाई में न्याय तो नहीं मिला. अब इस न्याय की चाहत में एक और ने जान दे दी.

मृतक महिला के भाई शिव शंकर साह ने बताया की मृतक मेरी बहन है. मेरी बहन की तबियत रात को बिगड़ी तब अस्पताल लाये, अस्पताल में उसने बताया की हम सल्फास खा लिए हैं. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी. इससे पहले की बात यह है कि इसका नौ वर्ष का बेटा माउन्ट समर स्कूल में ए़डमिशन के 19 दिन में ही मृत पाया गया. उसका शव स्कूल में मिला था तब पुलिस को इसकी सूचना दिए थे. प्राथमिकी भी दर्ज हुई लेकिन लगातार दौड़ने के बाद भी उसे इन्साफ नहीं मिल रहा था पुलिस वाले ने अंतिम बार में तो बहुत डांट फटकार कर भगा दिया था. उस दिन मेरी बहन पूरी तरह टूट गयी थी. बहुत रो रही थी. मेरी बहन का वह एकलौता बेटा था.

PUNJAB : घर में सोफे पर बैठे- बैठे आ लगी गोली, शख्स की एकाएक मौत, CCTV में कैद हुई वारदात

फाजिल्का जिले के अबोहर क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां घर में सोफे पर बैठे एक युवक को अचानक गोली लग गई. यह पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

पंजाब के फाजिल्का जिले के हल्का अबोहर के नजदीक गांव ढाणी सूच्चा सिंह में सोमवार देर शाम एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई. गांव निवासी 27 साल के हरपिंदर सिंह उर्फ सोनू अपने ही घर में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया. यह घटना उस समय हुई जब वह घर के अंदर सोफे पर बैठा हुआ था. जैसे ही वह खड़ा हुआ, उसी दौरान अचानक पिस्तौल से गोली चल गई, जो सीधे उसके पेट में जा लगी.

घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका फुटेज सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. फुटेज में देखा जा सकता है कि हरपिंदर सिंह सामान्य स्थिति में सोफे पर बैठा होता है और जैसे ही वह उठने की कोशिश करता है, अचानक गोली चलने की आवाज आती है और वह नीचे गिर जाता है. हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गोली किस पिस्तौल से चली और यह हादसा था या इसके पीछे कोई और कारण है.

गोली लगते ही परिजन उसे तुरंत सरकारी अस्पताल अबोहर लेकर पहुंचे. वहां डॉक्टरों ने उसकी हालत को गंभीर देखते हुए उसे उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर कर दिया. बावजूद इसके, इलाज के दौरान हरपिंदर सिंह ने दम तोड़ दिया. बताया जा रहा है कि हरपिंदर सिंह एनआरआई था और कुछ समय पहले ही विदेश से गांव लौटा था.

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. मंगलवार को पुलिस ने पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया. थाना सदर अबोहर के प्रभारी रविंद्र शर्मा ने बताया कि मृतक के पिता दर्शन सिंह का बयान दर्ज कर लिया गया है. पुलिस द्वारा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 194 के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिवार के बयानों के आधार पर मामले की गहराई से जांच की जा रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गोली चलना दुर्घटनावश हुआ या इसमें किसी तरह की लापरवाही या साजिश शामिल है.

मंगलवार को गमगीन माहौल के बीच गांव में हरपिंदर सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया. इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है और लोग सुरक्षा व हथियारों के रख-रखाव को लेकर सवाल उठा रहे हैं.

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