Saturday, September 26, 2026
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NATIONAL : अयोध्या में भव्य जन्मोत्सव, 4 मिनट तक सूर्य किरणों से प्रकाशमान होंगे रामलला

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अयोध्या की सुरक्षा के लिए पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक और 1000 से ज्यादा CCTV कैमरों का उपयोग किया जा रहा है। सरयू घाटों पर SDRF और NDRF की टीमें तैनात हैं, जबकि सादी वर्दी में पुलिसकर्मी भीड़ के बीच मुस्तैद हैं.

रामनगरी अयोध्या में आज रामनवमी का पर्व एक अलौकिक अनुभव बनने जा रहा है. प्रभु श्रीराम के बाल स्वरूप ‘रामलला’ का जन्मोत्सव आज उस अद्भुत क्षण का साक्षी बनेगा, जब आधुनिक विज्ञान की मदद से साक्षात सूर्य देव उनके ललाट पर तिलक लगाएंगे. दोपहर ठीक 12 बजे रामलला का सूर्य तिलक किया जाएगा. इस दौरान करीब 4 मिनट तक सूर्य की किरणें रामलला के ललाट पर पड़ेंगी.

भगवान राम को पीले रंग का वस्त्र पहनाया जाएगा. जन्म के समय 14 विशेष पुजारी गर्भगृह में मौजूद रहेंगे. इस दौरान सीधा प्रसारण किया जाएगा, इसके लिए राम मंदिर में 6 कैमरे लगाए गए हैं. सूर्य तिलक से आधे घंटे पहले से लेकर आधे घंटे बाद तक वीआईपी पास से एंट्री नहीं होगी.

रामनवमी पर श्रद्धालु सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक रामलला के दर्शन कर सकेंगे. आरती पास धारकों के लिए राम मंदिर ट्रस्ट ने एक अलग से लाइन तैयार कराई है. आम दिनों में सुबह साढ़े 6 बजे से रात साढ़े 9 बजे तक रामलला के दर्शन होते हैं. रामलला के ललाट पर सूर्य तिलक वैज्ञानिक पद्धति से होगा. इसका बेंगलुरू के वैज्ञानिकों ने 24 मार्च को राम मंदिर में लगाए गए उपकरणों का परीक्षण किया था.

इन उपकरणों के सहारे दोपहर ठीक 12 बजे भगवान सूर्य की किरणें परावर्तित होकर भगवान के ललाट पर पड़कर तिलक का स्वरूप धारण करेंगी. यह सीन करीब 4 मिनट तक देखा जा सकेगा. इसका सीधा प्रसारण दूरदर्शन और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा. ट्रस्ट ने बताया कि बेंगलुरू के वैज्ञानिकों ने सूर्य की गति का अध्ययन कर उपकरण बनाए हैं. इससे 19 साल के बाद सूर्य की गति में परिवर्तन दिखाई देगा. इसके पहले यहां लगे उपकरणों से किसी तरह की छेड़छाड़ की जरूरत नहीं होगी.

अयोध्या में रामजन्मभूमि परिसर की सुरक्षा के लिए AI तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है.1000 से ज्यादा CCTV से मॉनिटरिंग हो रही है. ड्रोन से निगरानी का ट्रायल भी हो चुका है. परिसर के आसपास स्थित भवनों पर भी सादी वर्दी में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है. चूंकि लोग सरयू स्नान के लिए भी जाते हैं, इसलिए घाट और नदी में SDRF और NDRF जिम्मेदारी संभालेगी. एडीजी जोन प्रवीण कुमार ने कहा कि भारी वाहनों को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से भेजा जाएगा. सुरक्षा के लिए पैरामिलिट्री फोर्स के साथ PAC और सिविल पुलिस तैनात रहेगी.

डीएम निखिल टीकाराम पुंडे के मुताबिक श्रद्धालु ज्यादा होंगे. उन्हें दर्शन करने के दौरान दिक्कत न हो, हमारा इस पर फोकस है. जगह-जगह LED स्क्रीन लगाकर दर्शन कराए जा रहे हैं. रामलला के जन्म के बाद उन्हें 56 तरह के व्यंजन का भोग लगेगा. इसमें फलाहार, कुटू के आटा की पंजीरी, सिंघाड़े के आटा से तैयार की गई पंजीरी, धनिया और राम दाना की पंजीरी से भोग लगाया जाएगा. यह सब करीब 10 क्विंटल होगा, जो बाद में श्रद्धालुओं को बांटा जाएगा.

भोग में शामिल व्यंजन

पंचामृत : श्रीराम को पंचामृत का भोग लगेगा.

खुरचन पेड़ा : हर दिन खुरचन पेड़ा का भोग लगता है. जन्म के बाद भी उन्हें इसका भोग लगाया जाएगा.

खीर : खीर भगवान श्रीराम का प्रिय भोग है. इसे भी उन्हें अर्पित किया जाएगा.

हलवा : रामनवमी पर भगवान श्रीराम को हलवा का भोग लगता है.

रामलला का आज सुबह 9 बजे दूध, दही, घी, शक्कर, शहद, नारियल पानी और चंदन से अभिषेक किया जाएगा. जन्म लेने के बाद रामलला को स्वर्ण जड़ित पीतांबर वस्त्र पहनाए जाएंगे. कुर्ता और धोती को तैयार करने में 2 महीने का समय लगा है. इसमें सोने और चांदी के तारों से कढ़ाई की गई है.

रामलला सिर पर सोने का मुकुट और स्वर्ण आभूषण पहनेंगे. उनके मुकुट में कई हीरे जड़े हैं. उनके हाथों में सोने का धनुष-बाण होगा. माथे पर हीरे और माणिक जड़ित तिलक होगा. रामनवमी पर फूलों से गर्भगृह को सजाया गया है.

ऐसे होगा सूर्य तिलक

सूर्य तिलक के लिए IIT रुड़की सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट ने एक खास ऑप्टो मैकेनिकल सिस्टम तैयार किया है. इसमें मंदिर के सबसे ऊपरी तल (तीसरे तल) पर लगे दर्पण पर सूर्य की किरणें पड़ेंगी. दर्पण से 90 डिग्री पर परावर्तित होकर ये किरणें एक पीतल के पाइप में जाएंगी. पाइप के छोर पर एक दूसरा दर्पण लगा है. इस दर्पण से सूर्य किरणें एक बार फिर से परावर्तित होंगी और पीतल की पाइप के साथ 90 डिग्री पर मुड़ जाएंगी.

दूसरी बार परावर्तित होने के बाद सूर्य किरणें लंबवत दिशा में नीचे की ओर चलेंगीं. किरणों के इस रास्ते में एक के बाद एक तीन लेंस पड़ेंगे, जिनसे इनकी तीव्रता और बढ़ जाएगी. इसके बाद लंबवत पाइप जाती है. लंबवत पाइप के दूसरे छोर पर एक और दर्पण लगा है. बढ़ी हुई तीव्रता के साथ किरणें इस दर्पण पर पड़ेंगी और दोबारा 90 डिग्री पर मुड़ जाएंगी. 90 डिग्री पर मुड़ी ये किरणें सीधे रामलला के मस्तक पर पड़ेंगी. इस तरह से राम लला का सूर्य तिलक पूरा होगा. सूर्य किरणों का यह तिलक 75 मिमी के गोलाकार रूप में होगा. दोपहर 12 बजे सूर्य किरणें रामलला के मस्तक पर पड़ेंगी. करीब चार मिनट तक किरणें रामलला के मुख मंडल को प्रकाशमान करेंगी.

ENTERTAINMENT : रामायण के मेकर्स ने रामनवमी पर शेयर की सबसे बड़ी अपडेट, हनुमान जयंती पर आएगा फर्स्ट लुक

रणबीर कपूर स्टारर रामायण के फर्स्ट लुक का इंतजार रामनवमी पर बहुत उत्साह से किया जा रहा था. प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने बता दिया है कि फिल्म का फर्स्ट लुक अब हनुमान जयंती के मौके पर, 2 अप्रैल 2026 को आएगा. रामायण के लिए फैन्स की एक्साइटमेंट इस अनाउंसमेंट के बाद और बढ़ जाएगी.

नितेश तिवारी की रामायण साल 2026 की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक है. लगभग पिछले एक दशक से बन रही इस रामायण के एक-एक अपडेट का इंतजार जनता बेसब्री से कर रही है. उम्मीद थी कि रामनवमी पर फिल्म का फर्स्ट लुक, या कोई टीजर सामने आएगा. ऐसी खबरें भी आईं कि मेकर्स रामनवमी पर रामायण के लॉन्च का ग्रैंड इवेंट प्लान कर रहे हैं. लेकिन इसका कोई कन्फर्मेशन नहीं आने की वजह से फैन्स थोड़े निराश भी हुए. लेकिन अब रामायण के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने, रामनवमी के मौके को खाली न जाने देते हुए रामायण का एक बहुत बड़ा अपडेट दिया है.

रामायण के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने शुक्रवार को, रामनवमी के दिन इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर किया. उन्होंने बताया कि 2 अप्रैल को हनुमान जयंती के मौके पर, रामायण का फर्स्ट लुक शेयर किया जाएगा. ‘शुभ राम नवमी’ के साथ स्टेटमेंट शुरू करते हुए नमित ने जो जानकारी शेयर की, वो हिंट देती है कि मेकर्स इस फिल्म से कैरेक्टर इंट्रो के रूप में प्रोमोज शेयर करने का प्लान कर रहे हैं.

नमित ने लिखा— ‘ये एक ऐसी कहानी है जो हम सबसे जुड़ी है. और हमने हमारी अपनी रामायण को उसकी असली आत्मा और स्केल के साथ निष्कपट तरीके से स्क्रीन पर लाने के लिए हर कदम गहरी जिम्मेदारी, आस्था और सावधानी के साथ आगे बढ़ाया है.

हम अपनी फिल्म से अगली झलक ‘राम’, 2 अप्रैल को हनुमान जयंती के मौके पर शेयर करने के लिए उत्साहित हैं. हम अपनी सालों की मेहनत को एक ग्रैंड लॉन्च के साथ दुनिया भर के फैन्स के सामने पेश करने की शुरुआत करने जा रहे हैं. आपके प्यार, विश्वास और धैर्य के लिए धन्यवाद.’

रामायण का पहला पार्ट दिवाली 2026 और दूसरा पार्ट 2027 को आना है. नमित ये रिवील कर चुके हैं कि ये प्रोजेक्ट करीब 4000 करोड़ रुपये में बन रहा है. ये ग्रैंड बजट रामायण को सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया के सबसे महंगे प्रोजेक्ट्स में से एक बनाता है.

मोशन कैप्चर और ग्राफिक्स की मदद से डायरेक्टर नितेश तिवारी ने रामायण को उस ग्रैंड स्केल पर लाने का विजन तैयार किया है, जैसा संसार हम पौराणिक कहानियां पढ़ते हुए इमेजिन करते हैं. इसलिए रामायण के डेवलपमेंट फेज से लेकर, हर स्टेज तक फैन्स में इस फिल्म से जुड़ी हर अपडेट पर बहुत एक्साइटमेंट रहती है.

रामायण में भगवान राम का किरदार रणबीर कपूर निभाने जा रहे हैं. मां सीता के रोल में साई पल्लवी, लक्ष्मण के रोल में रवि दुबे और संकतमोचन हनुमान के रोल में सनी देओल को कास्ट किया गया है. रावण के रोल में KGF स्टार यश की कास्टिंग फिल्म की बहुत बड़ी खासियत है. इस फिल्म का इंतजार फैन्स को भी लंबे समय से है, अब हनुमान जयंती बहुत दूर नहीं है. इंतजार बस इस बात का है कि नितेश तिवारी की रामायण से सामने आ रही पहली झलक, फैन्स की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है.

Ram Navami 2026: भगवान राम के चरणों में थे ये 48 दिव्य चिन्ह! हर एक का है चमत्कारी मतलब

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राम नवमी के खास मौके पर जानते हैं भगवान श्रीराम के चरणों में बने 48 दिव्य चिन्हों का रहस्य और उनका आध्यात्मिक महत्व. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये चिन्ह सुख, शांति, समृद्धि और मोक्ष से जुड़े माने जाते हैं. जानें दाहिने और बाएं चरण के शुभ प्रतीकों का अर्थ और महत्व.

आज, 27 मार्च को रामनवमी का पर्व मनाया रहा है. राम नवमी के पावन अवसर पर भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव की धूम हर जगह देखने को मिलती है. यह दिन मर्यादा, धर्म और आदर्श जीवन के प्रतीक प्रभु श्रीराम को समर्पित होता है. इस खास मौके पर भक्त न सिर्फ उनकी पूजा-अर्चना करते हैं, बल्कि उनके जीवन और दिव्य स्वरूप से जुड़ी मान्यताओं को भी याद करते हैं. इन्हीं मान्यताओं में से एक है श्रीराम के चरणों की महिमा, जिनमें अनेक शुभ और आध्यात्मिक चिह्नों का वर्णन मिलता है, जो भक्तों के लिए विशेष महत्व रखते हैं.

मान्यता है कि भगवान श्रीराम के चरणों का महत्व बेहद गहरा और अनंत है. रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास ने उनके चरणों के कुछ प्रमुख चिह्नों जैसे ध्वज, वज्र, अंकुश, कमल और ऊर्ध्व रेखा का वर्णन किया है. वहीं अन्य धार्मिक ग्रंथों में यह बताया गया है कि श्रीराम के चरणों में कुल 48 दिव्य चिन्ह मौजूद हैं, जो अलग-अलग आध्यात्मिक शक्तियों का प्रतीक माने जाते हैं. एक मान्यता यह भी है कि भगवान के दाहिने पैर के चिह्न माता सीता के बाएं चरण में और बाएं पैर के चिह्न उनके दाहिने चरण में विराजमान हैं.

श्रीराम के दाहिने पैर में मौजूद चिह्न जीवन में सफलता, शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक माने जाते हैं. इनमें ऊर्ध्व रेखा मोक्ष की ओर ले जाने वाली मानी जाती है, जबकि स्वस्तिक शुभता और कल्याण का संकेत देता है. कमल का चिन्ह खुशी और यश बढ़ाने वाला माना जाता है, वहीं वज्र शक्ति और पापों के नाश का प्रतीक है.

इसके अलावा ध्वजा विजय और सम्मान दिलाने वाली मानी जाती है, अंकुश मन को नियंत्रण में रखने का संदेश देता है और कल्पवृक्ष सभी इच्छाओं की पूर्ति से जुड़ा है. रथ, चक्र और सिंहासन जैसे चिह्न पराक्रम, प्रभुत्व और शत्रुओं पर विजय का संकेत देते हैं. यमदंड, छत्र और चामर जैसे चिन्ह भय से मुक्ति और ऐश्वर्य प्रदान करने वाले माने जाते हैं.

श्रीराम के बाएं पैर के चिह्न शांति, भक्ति और ज्ञान से जुड़े होते हैं. सरयू का चिन्ह पापों को दूर करने वाला माना जाता है, जबकि शंख बुद्धि और पवित्रता का प्रतीक है. अर्धचंद्र मन को शांति देता है और प्रेम बढ़ाता है. कलश और बिंदु जैसे चिह्न जीवन में पूर्णता और सफलता का संकेत देते हैं. मछली (मीन) का चिन्ह भगवान के प्रति गहरे प्रेम को दर्शाता है.

वहीं, हंस विवेक और ज्ञान का प्रतीक है. वीणा और वंशी कला, संगीत और भक्ति भाव को बढ़ाने वाली मानी जाती हैं. गदा, धनुष और तूणीर जैसे चिन्ह शक्ति और सुरक्षा का संकेत देते हैं, जबकि चन्द्रिका और पूर्ण चन्द्र उज्ज्वल भविष्य और मानसिक शांति का प्रतीक माने जाते हैं.

BHAKTI : नवरात्रि नवमी पर हवन का मुहूर्त और अग्नि वास कब ? इसके बिना हवन नहीं किया जाता

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चैत्र नवरात्रि की महानवमी 27 मार्च 2026 को है. नवमी तिथि पर नवरात्रि का समापन होता है. इस दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा, कन्या पूजन और हवन करने का विधान है.नवरात्रि के आखिरी दिन महानवमी पर हवन बहुत मायने रखता है. ये 9 दिन की पूजा के पूर्ण होने का प्रतीक है. नवरात्रि की महानवमी हवन करने का मुहूर्त,नियम, इस दौरान अग्निवास क्यों देखा जाता है इसका महत्व, विधि सब जानें.

चैत्र नवरात्रि नवमी पर हवन का मुहूर्त

चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि 27 मार्च 2026 को सुबह 10.06 मिनट तक ही है. ऐसे में नवमी तिथि के समापन से पहले सुबह जल्द ही माता की पूजा करने के बाद कन्या पूजन और फिर हवन कर लें.

हवन मुहूर्त – सुबह 6.17 – सुबह 10.54
सर्वार्थ सिद्धि योग – सुबह 6.17 – दोपहर 3.24 (इस योग में किए गए धार्मिक कार्य सिद्ध होते हैं)
रवि योग – पूरे दिन
नवरात्रि हवन में अग्निवास

हवन में अग्निवास का विशेष महत्व है. अग्निवास अर्थात अग्नि का वास जब पृथ्वी पर हो तब हवन का शुभ फल प्राप्त होता है. यही वजह है कि धार्मिक अनुष्ठान में हवन करने से पहले अग्निवास देखा जाता है. हालांकि दुर्गाहोम या नवरात्रि होम में अग्निवास देखने की आवश्यकता नहीं होती है.

पंचांग और ज्योतिष गणना के अनुसार 27 मार्च को अग्निवास पृथ्वी पर है. ऐसे में नवरात्रि की महानवमी पर हवन का शुभ फल प्राप्त होगा.

क्या है अग्निवास

शास्त्रों के अनुसार यह कहा गया है की दिन और तिथि के हिसाब से अग्नि अलग-अलग लोकों में वास करती है. उसके वास स्थान से यह पता चलता है की उस दिन या तिथि में हवन करना उचित है या नहीं अर्थात् उसका परिणाम सकारात्मक होगा या नकारात्मक. अग्नि तीन स्थानों में से किसी एक में निवास कर सकती है.

पृथ्वी – सुख-सुविधा प्रदान करती है.
आकाश – जीवन के लिये हानिकारक.
पाताल – धन को नष्ट करती है.
नवरात्रि हवन सामग्री

आम या पीपल की सूखी लकड़ी (समिधा)
शुद्ध देसी घी
जौ
तिल (काले या सफेद)
हवन सामग्री (जड़ी-बूटियों का मिश्रण)
नारियल (पूजा के लिए)
चावल (अक्षत)
फूल और माला
कपूर
पान, सुपारी, लौंग, इलायची
गुड़ या शक्कर
रोली, मौली (कलावा)
गंगाजल
धूप, दीप और अगरबत्ती
देवी मंत्र या दुर्गा सप्तशती की पुस्तक
नवरात्रि हवन विधि

घर के साफ-सुथरे स्थान पर हवन कुंड स्थापित करें
उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें
हाथ में जल, फूल और अक्षत लेकर समस्त देवी देवताओं का स्मरण करें और हवन करने का संकल्प लें
हवन कुंड में लकड़ी (समिधा) रखें. कपूर जलाकर अग्नि प्रज्वलित करें
सबसे पहले गणेश जी के मंत्र का उच्चारण करते हुए आहुति दें
फिर देवी मंत्रों के साथ आहुति. हर मंत्र के बाद “स्वाहा” बोलते हुए सामग्री अग्नि में डालें
जौ, तिल और घी मिलाकर 11, 21 या 108 आहुति दें
अंत में नारियल, गुड़ और घी मिलाकर पूर्णाहुति दें
देवी से प्रार्थना करें कि हवन सफल हो
किसी भी त्रुटि के लिए क्षमा मांगें और फिर आरती करें.

WORLD : यूएस से वॉर के बीच ईरान ने खोले ‘मित्र देशों’ के लिए हॉर्मुज के दरवाजे, भारत समेत इन 5 देशों के नाम

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अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जंग का सामना कर रहे ईरान के हालिया कदमों ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भेजे गए 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव को ईरान ने खारिज करते हुए उसे मजाक करार दिया, जिसके बाद ट्रंप ने हमले तेज करने की चेतावनी दी है. इस बीच एलपीजी संकट से जूझ रहे भारत और उसके पड़ोसी देशों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है.

मित्र देशों के लिए खुले होर्मुज के दरवाजे

ईरान ने गुरुवार को कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य तनाव के बावजूद उसने भारत समेत अपने मित्र देशों के लिए स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के ट्रांजिट रूट को खोल दिया है. यह भारत के लिए बड़ी राहत की खबर है, खासकर ऐसे समय में जब रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार भारत ने 2018 के बाद पहली बार ईरान से एलपीजी कार्गो खरीदा है. इससे पहले 2019 में पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बाद भारत ने ईरान से ऊर्जा आयात पूरी तरह रोक दिया था.

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए ईरान से तेल और गैस खरीद पर 30 दिनों की छूट देने का ऐलान किया था.

इन पांच देशों को राहत

मुंबई स्थित ईरान के कॉन्सुलेट जनरल की ओर से जारी बयान में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने की अनुमति चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान जैसे मित्र देशों को दी गई है.

अराघची का यह बयान ऐसे समय में आया है जब संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इस अहम समुद्री मार्ग को फिर से खोलने की अपील की थी.

गौरतलब है कि ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले को करीब चार हफ्ते हो चुके हैं, लेकिन अब तक शांति के कोई संकेत नहीं मिले हैं. ऐसे में वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच होर्मुज मार्ग का खुलना कई देशों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है.

BUSINESS : सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानिए आज आपको इन्हें खरीदने के लिए कितना पैसा करना होगा खर्च

घरेलू बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. मिडिल ईस्ट तनाव के बावजूद भी सोने-चांदी के दाम में रिकॉर्ड हाई से गिरावट देखने को मिली है. आइए जानते हैं, आज आपके शहर में सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?

चांदी की कीमतदिल्ली में चांदी का भाव लगभग 2,34,474 रुपये प्रति किलो है, जबकि मुंबई में यह करीब 2,34,708 रुपये प्रति किलो की रेट पर बिक रहा है. वहीं चेन्नई में चांदी की कीमत 2,36,584 रुपये और कोलकाता में लगभग 2,36,349 रुपये के आसपास बनी हुई है.

आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)

दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,47,040 रुपए
22 कैरेट – 1,34,800 रुपए
18 कैरेट – 1,10,320 रुपए

मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,46,890 रुपए
22 कैरेट – 1,34,650 रुपए
18 कैरेट – 1,10,170 रुपए

चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,49,130 रुपए
22 कैरेट – 1,36,700 रुपए
18 कैरेट – 1,14,100 रुपए

कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,46,890 रुपए
22 कैरेट – 1,34,650 रुपए
18 कैरेट – 1,10,170 रुपए

अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,46,940 रुपए
22 कैरेट – 1,34,700 रुपए
18 कैरेट – 1,10,220 रुपए

लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,47,040 रुपए
22 कैरेट – 1,34,800 रुपए
18 कैरेट – 1,10,320 रुपए

पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,46,940 रुपए
22 कैरेट – 1,34,700 रुपए
18 कैरेट – 1,10,220 रुपए

हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,46,890 रुपए
22 कैरेट – 1,34,650 रुपए
18 कैरेट – 1,10,170 रुपए

निवेश के साथ भावनाओं से जुड़ा सोना-चांदी

भारत में सोना-चांदी सिर्फ एक निवेश का माध्यम नहीं है, बल्कि लोगों की भावनाओं से भी गहराई से जुड़ा हुआ है. शादी-ब्याह, त्योहार और खास मौकों पर सोना खरीदना एक परंपरा जैसा माना जाता है. जो बहुत पुराने समय से चली आ रही है.

इसके साथ ही लोग सोने को सुरक्षित निवेश के तौर पर भी देखते हैं, क्योंकि मुश्किल समय में यह आर्थिक सहारा बनता है. वैश्विक अनिश्चितता के समय सोने और चांदी सुरक्षित निवेश के तौर पर लोगों की पसंद बनते हैं. यही वजह है कि भारतीय परिवारों में सोना सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं, बल्कि इसे एक भरोसेमंद संपत्ति के रूप में भी देखा जाता है.

BHAKTI : अष्टमी या नवमी कब करें चैत्र नवरात्रि व्रत पारण, जानें सही डेट और विधि

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पारण या व्रत खोलना किसी भी पूजा-अनुष्ठान की सबसे महत्वपूर्ण विधि होती है. व्रत का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है, जब पारण सही समय और सही विधि से किया जाए. चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च 2026 से हुई थी और 27 मार्च 2026 को नवरात्रि समाप्त हो जाएगी.

नवरात्रि के दौरान माता रानी के भक्त पूरे नौ दिनों तक व्रत रखकर पूजा-अर्चना करते हैं. जैसे-जैसे नवरात्रि अपने अंतिम चरण पर पहुंचती है, तो पारण की तिथियों (Navratri 2026 Paran Kab hai) को काफी सर्च किया जाता है. आइए जानते हैं चैत्र नवरात्रि व्रत का पारण 28 या 29 मार्च 2026 आखिर किस दिन किया जाएगा.

अष्टमी-नवमी चैत्र नवरात्रि पारण कब

नवरात्रि व्रत के पारण को लेकर कंफ्यूजन का मुख्य कारण यह है कि, कुछ लोग अष्टमी तो वहीं कुछ नवमी तिथि पर व्रत का पारण करते हैं. हालांकि दोनों ही तिथियों पर नवरात्रि व्रत खोलना शुभ रहता है. इसलिए आप 26 या 27 मार्च दोनों ही दिन नवरात्रि व्रत का पारण कर सकते हैं. लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि, नवरात्रि व्रत का पारण कन्या पूजन के बाद ही खोलें. नवरात्रि व्रत पारण के दौरान सभी नियमों का पालन करें. क्योंकि एक गलती से नौ दिनों के पूजा और व्रत का फल निष्फल हो सकता है. इसलिए स्टेप-बाय-स्टेप जान लें पारण की विधि और नियम.

आप अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन कर रहे हैं तो, कंजक पूजने के बाद पारण कर सकते हैं. वहीं नवमी तिथि पर कन्या पूजा कर रहे हैं तो पूजा के बाद व्रत खोल सकते हैं.
पारण करने से पहले हवन करना भी जरूरी माना जाता है. हवन करने के बाद नौ कन्याओं को माता रानी का रूप मानकर आदरपूर्वक घर बुलाएं और हलवा-पुरी का भोजन कराकर उन्हें उपहार देकर उनका आशीर्वाद लें.

कुछ लोग नवरात्रि के नौ दिनों का व्रत पूरा कर दशमी तिथि को व्रत का पारण करते हैं. ऐसे लोग 27 मार्च 2026 को सुबह 10:08 बजे के बाद पारण करें.
नवरात्रि व्रत पारण में यदि किसी तरह का असमंजस रहे तो आप किसी पुरोहित, अपने बड़े-बुजुर्गों की सलाह, परंपरा या संकल्प अनुसार पारण कर सकते हैं.
चैत्र नवरात्रि व्रत पारण नियम

पारण से पहले सुबह उठकर स्नान करें और माता रानी की विधिवत पूजा करें और भोग लगाएं. कन्या पूजन से पहले हवन जरूर करें. कन्या पूजन के लिए सुबह से लेकर दोपहर तक का समय शुभ रहता है. इसलिए इस समय तक कन्या पूजन कर लें. पारण करने में जल्दबाजी न करें. बल्कि धैर्यपूर्वक और विधि-विधान से पारण करें और मन में कृतज्ञता भाव रखें. पारण करने या व्रत खोलने के लिए सात्विक भोजन या फिर सबसे पहले भोग खाएं. अगर आपने घटस्थापना पर ज्वारे बोए थे तो अगले दिन इसे प्रवाहित कर दें.

SPORTS : RCB के बिकने पर आया विजय माल्या का पहला रिएक्शन, विराट कोहली का भी किया जिक्र; जानिए क्या कहा

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रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को आदित्य बिड़ला समूह, टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप और बोल्ट वेंचर्स के कंसोर्टियम ने मिलकर खरीद लिया है. IPL 2026 से पहले करीब 16,500 करोड़ रुपये में हुई ये डील ऐतिहासिक साबित हुई. 2008 में आरसीबी का मालिकाना हक़ विजय माल्या ने 450 करोड़ रुपये खरीदा था. उसको याद करते हुए माल्या ने अपने ताजा पोस्ट में कहा कि तब लोगों ने इसका मजाक बनाया और वैनिटी प्रोजेक्ट कहकर मजाक उड़ाया. उन्होंने अपने पोस्ट में विराट कोहली के नाम का भी जिक्र किया, जिनके कारण ही इस फ्रेंचाइजी की इतनी फैन फॉलोइंग है.

विजय माल्या ने आरसीबी के नए मालिकों को बधाई देते हुए लिखा कि 450 करोड़ रुपये का निवेश आज 37 गुना बढ़ गया है. उन्होंने याद किया कि कैसे एक युवा विराट कोहली को उनकी टीम ने चुना, जो आज दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बन गए हैं. ये सही भी है कि कोहली के कारण भी फैंस आरसीबी को चाहते हैं. सिर्फ बेंगलुरु के लोग नहीं, दिल्ली, मुंबई, पंजाब और अन्य शहरों में भी इस फ्रेंचाइजी के प्रशंसकों की संख्या अधिक है.

विजय माल्या ने क्या लिखा, “मैं RCB के नए मालिकों को तहे दिल से बधाई देना चाहूंगा. मैं उन्हें इस सबसे कीमती IPL फ्रेंचाइजी के लिए शुभकामनाएं देता हूं और भगवन से उनके लिए सफलता की कामना करता हूं. जब मैंने 2008 में इस फ्रेंचाइजी को 450 करोड़ रुपये में खरीदा था, तो ज्यादातर लोगों ने मेरा मजाक उड़ाया था और मेरे इस निवेश को सिर्फ दिखावा बताया था. मेरे इस तथाकथित पागलपन के पीछे रॉयल चैलेंज ब्रांड को खड़ा करने का मकसद था, और इसीलिए मैंने इस फ्रेंचाइजी का नाम RCB रखा. यह देखकर मुझे बेहद खुशी हो रही है कि मेरा 450 करोड़ रुपये का निवेश बढ़कर 16,500 करोड़ रुपये हो गया है.”विराट कोहली का जिक्र
उन्होंने आगे लिखा, “RCB हमेशा मेरे डीएनए का हिस्सा रहेगी. इससे जुड़ी मेरी यादें कभी मिट नहीं सकतीं, खासकर युवा विराट कोहली को टीम में शामिल करने की याद, जो आज दुनिया के शानदार खिलाड़ियों में से एक हैं. RCB के उन सभी प्रशंसकों का मैं तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं, जो मेरे कार्यकाल के दौरान और उसके बाद भी टीम से जुड़े रहे.” उन्होंने फैंस से इस टीम को इसी तरह सपोर्ट करते रहने की भी अपील की.

BOLLYWOOD : ‘धुरंधर 2’ के आने से 50 करोड़ी नहीं बन पाई ‘द केरल स्टोरी 2’, फिर भी बॉर्डर 2 से ज्यादा कमाया मुनाफा जानें- लाइफटाइम कलेक्शन

‘द केरल स्टोरी 2: गोज़ बियॉन्ड’ काफी विवादों और कानूनी पचड़ों में फंसने के बाद सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और इसने अपने थिएट्रिकल रन के दौरान अच्छा परफॉर्म किया. इस फिल्म में उल्का गुप्ता, ऐश्वर्या ओझा और अदिति भाटिया ने अहम रोल निभाया है. इस फिल्म ने अपने चौथे हफ़्ते में कुल कमाई में 60 लाख रुपये और जोड़े. यह पिछले हफ़्ते के मुक़ाबले काफ़ी बड़ी गिरावट है. हालांकि, इसकी उम्मीद पहले से ही थी, क्योंकि ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ के तूफान के आगे ये टिक नहीं पाई. हालांकि ये बॉर्डर 2 से भी बड़ी सफल फिल्म साबित हुई है. चलिए यहां जानते हैं इस फिल्म का लाइफटाइम कलेक्शन कितना रह सकता है.

‘द केरल स्टोरी 2’ का कितना रहा लाइफटाइम कलेक्शन?
कामाख्या नारायण सिंह के निर्देशन में बनी ‘द केरल स्टोरी 2’  ने अब तक भारतीय बॉक्स ऑफ़िस पर कुल 42.10 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है. बॉक्स ऑफ़िस पर इसका सफ़र यहीं खत्म हो जाएगा, क्योंकि अब इस फ़िल्म में ज़्यादा दम नहीं बचा है. अगर ‘धुरंधर 2’ रिलीज़ न हुई होती, तो यह फ़िल्म आसानी से 50 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लेती.फिर भी, ‘द केरला स्टोरी 2’ एक सफल फ़िल्म मानी जाएगी, क्योंकि इसका बजट लिमिटेड है.

अपनी प्रीक्वल को मात नहीं दे पाई ‘द केरल स्टोरी 2’
 हालांकि, पहली फ़िल्म की तुलना में यह सीक्वल कहीं भी टिकता नहीं है. पहली फ़िल्म एक ब्लॉकबस्टर थी, जिसने 6.75 करोड़ रुपये की ओपनिंग की थी और अपने पूरे रन में कुल 220 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था. 2020 के शुरुआती सालों में इस जॉनर की कुछ फ़िल्मों को ज़बरदस्त सफलता मिली थी, लेकिन उसके बाद से इनमें गिरावट देखने को मिली है. उदाहरण के लिए, ‘द बंगाल फ़ाइल्स’ का प्रदर्शन ‘द कश्मीर फ़ाइल्स’ के मुक़ाबले काफ़ी कमज़ोर रहाथा. ‘द कश्मीर फ़ाइल्स 2’ के कलेक्शन में भी ओरिजिनल फ़िल्म के मुक़ाबले बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी, लेकिन अपनी लागत के हिसाब से यह फ़िल्म अच्छा परफॉर्म करेगी.

NATIONAL : रामनवमी पर बैंक जाने का है प्लान, पहले जान लीजिए आज आपके शहर का ब्रांच खुलेगा या नहीं

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अगर आप आज यानी 26 मार्च को किसी बैंक से जुड़ा काम करने की योजना बना रहे हैं, तो पहले यह जांच लेना जरूरी है कि आपके शहर में बैंक खुले हैं या नहीं. आज पूरे देश में रामनवमी का पर्व मनाया जा रहा है.

जिसके चलते कई जगहों पर बैंक बंद करने का फैसला लिया गया है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया छुट्टियों की लिस्ट पहले ही जारी कर देती है. आइए जानते हैं, आज कौन-कौन से शहरों में बैंक बंद रहने वाले हैं?

इन राज्यों में बैंक रहेंगे बंद

रामनवमी के कारण देश के कई राज्यों में आज बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी. मिजोरम, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तराखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, झारखंड और हिमाचल प्रदेश में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी. अगर आप इन राज्यों में रहते हैं तो आपको आज बैंक ब्रांच जाने से बचना चाहिए. 

वहीं दूसरी तरफ दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, गुवाहाटी, हैदराबाद, जम्मू, कोच्चि और श्रीनगर जैसे शहरों में बैंक खुले रहेंगे. जहां बैंकों में सामान्य कामकाज जारी रहेगा.

27 मार्च को भी कुछ जगहों पर रहेगी छुट्टी

रामनवमी को लेकर कल यानी 27 मार्च को भी कुछ जगहों पर बैंकों में छुट्टी दी गई है. आरबीआई की छुट्टी कैलेंडर के अनुसार हैदराबाद, पटना, भोपाल, भुवनेश्वर, गंगटोक और विजयवाड़ा में बैंकिंग सेवाएं बंद रहेंगी.

इसके साथ ही मध्य प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम, तेलंगाना, बिहार और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में भी बैंक शाखाएं नहीं खुलेंगी. जिससे वहां लोगों को अपने काम के लिए एक दिन और इंतजार करना पड़ सकता है.

ऑनलाइन सेवाएं रहेगी जारी

छुट्टियों के बावजूद ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी. ग्राहक मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम के जरिए अपने जरूरी काम जैसे पैसे ट्रांसफर, बैलेंस चेक या बिल पेमेंट आसानी से कर सकेंगे. हालांकि, जिन कामों के लिए बैंक ब्रांच जाने की जरूरत होती है, वैसे काम नहीं हो पाएंगे.

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