Saturday, September 26, 2026
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MAHARASHTRA : नशीली दवाएं, शोषण, ब्लैकमेलिंग… ‘भोंदू बाबा’ के भक्तों की लाइन में थे एक से एक VIP, चौंका देगी काली करतूत

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महाराष्ट्र के भोंदू बाबा अशोक खरात को लेकर हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. तंत्र-मंत्र और अघोरी क्रियाओं के नाम पर महिलाओं का शोषण, ब्लैकमेलिंग और ठगी का बड़ा जाल फैलाने वाले इस बाबा की करतूतें हैरान करने वाली हैं. जानें, हाईप्रोफाइल कनेक्शन वाले इस ढ़ोंगी का काला सच.

जिस बाबा के पास मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, सांसद, IAS, IPS अफसर तक अपना भविष्य जानने पहुंचत हों वो बाबा कितना पावरफुल होगा. जिस बाबा के पास खुद पुलिस ये पूछने के लिए जाती हो कि ये फलाना केस कब सुलझेगा, भागा हुआ चोर कब और कैसे हाथ आएगा? वो बाबा कितना ताकतवर होगा. बस इसी ताकत के बल पर उस बाबा ने बड़े बड़े घरानों की महिलाओं की आबरू लूटना शुरू कर दी. वो उन महिलाओं को ब्लैकमेल करने लगा. ये हमारे देश का नया और सबसे ताजा ढ़ोंगी बाबा है. नाम है भोंदू बाबा उर्फ अशोक खरात.

अघोरियों की दुनिया शुरू से तिलस्मी रही है. उनकी इसी रहस्यमयी दुनिया और इसे लेकर लोगों के मन में मौजूद डर ने नासिक के सबसे हाईप्रोफाइल भोंदू बाबा उर्फ अशोक खरात को सबसे बड़ा हथियार दे दिया था. खरात जब भी किसी महिला को अपने शिकंजे में लेता और उससे ज्यादती करता, उससे पहले तंत्र-मंत्र और अघोरी क्रियाओं के नाम पर उसे इतना डरा देता कि फिर किसी भी महिला में उसकी उल-जुलूल हरकतों का विरोध करने की हिम्मत ही नहीं बचती.

नकली अंकशास्त्री और ज्योतिषाचार्य भोंदू बाबा ने दुष्कर्म और ठगी का सारा जाल इसी डर के इर्द-गिर्द बुना था. उसकी गिरफ्तारी के बाद उसे लेकर चलती पुलिस की जांच में अब जो बातें सामने आ रही हैं, उसने खुद पुलिस को भी हैरान कर दिया है. पुलिस को पता चला है कि उसने अपने कनाडा कॉलोनी वाले मकान में मौजूद ऑफिस का ओवरऑल एंबिएंस ही ऐसा बना रखा था कि उसके अंदर जाते ही लोग चकरा जाते थे. ऑफिस में प्लास्टिक के बने नकली सांप, बाघ के चमड़ेनुमा कपड़े का आसन और तरह-तरह के सीक्रेट प्रॉप्स यानी साजो-सामान थे, जिनकी मदद से वो लोगों को डराया करता था.

खरात के हथकंडों में एक हथकंडा आत्मा की आवाज का भी था. उसने अपने दफ्तर में आईफोन में आने वाली रेस्पॉन्सिव एप्प सीरी सरीखे किसी दूसरे एप्लिकेशन के साथ एक डिवाइस भी छुपा रखी थी. जब भी उसके दफ्तर में कोई क्लाइंट या महिला अपनी परेशानी लेकर आती, तो खरात चिल्ला-चिला कर उनसे बातें करता, जिससे दफ्तर में छुपाए गए रिस्पॉन्सिव एप्प से आवाज आती. खरात इसे दफ्तर में मौजूद पवित्र आत्मा की आवाज बता कर लोगों प्रभाव में ले लेता था. ऑफिस में आत्मा के होने की बात जानकर लोग अक्सर उससे डर जाया करते थे. खरात इसी डर का फायदा उठा कर लोगों से मनमानी रकम वसूलता और महिलाओं का रेप करता था.

खरात के खिलाफ पहले एक महिला ने दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज करवाई थी और अब दो और महिलाओं ने उसके खिलाफ यौन उत्पीड़न के लिए दो और मामले दर्ज करवाए हैं. इनमें एक तो खुद उसके यहां काम कर चुके एक पूर्व कर्मचारी की पत्नी का केस है. यानी खरात ने अजनबियों को छोड़िए, खुद अपने एंप्लाई और उसकी बीवी तक को नहीं छोड़ा.

खरात के इस पूर्व कर्मी ने पुलिस में दी गई शिकायत में बताया है कि वो अपने धंधे में हो रहे नुकसान के बाद 2019 में खरात से पहली बार मिला था. जिसके बाद खरात ने उसे अपने दफ्तर में नौकरी दे दी. एक बार वो अपनी समस्याओं को लेकर अपनी पत्नी के साथ खरात से मिलने पहुंचा. जहां खरात ने नजर बचा कर उसकी पत्नी के साथ ये कहते हुए छेड़छाड़ की कि ऐसा करने से उन्हें स्वस्थ बच्चा होगा.

इसके बाद खरात के इस पूर्व कर्मी ने उसके दफ्तर में एक खुफिया सीसीटीवी कैमरा लगा दिया, ताकि उसके खिलाफ सबूत जुटाए जा सकें और यहीं से उसकी करतूतों का खुलासा हुआ. खरात कैमरे में महिलाओं को नशीली ड्रिंक पिला कर उनके साथ ज्यादती करता कैद हुआ. खास बात ये रही कि ऐसा करने से पहले खरात अक्सर अघोरी क्रियाओं का हवाला देता और नशीली दवा मिली हुई ड्रिंक महिलाओं को पिला देता, ताकि वो उनके साथ मनमानी कर सके.

दरअसल, अशोक खरात मार्केट में देश के सबसे नया बाबा है. सिर्फ नया ही नहीं बल्कि हाल के वक्त के सबसे पावरफुल बाबा भी. इतना पावरफुल कि खुद इनके राज्य यानि महाराष्ट्र की महिला आयोग की चेयरपर्सन अपने हाथों से इनके दोनों पांव धुलवाए. अब जरा सोचिए जब बाबा कुछ राजा जैसे अंदाज में कुर्सी पर बैठा हो और जमीन पर बैठकर एक राज्य की सबसे पावरफुल लेडी यानि महिला आयोग की चेयरपर्सन बाबा के पाव परात में रखकर अपने हाथों से धो रही हो तो फिर राज्य में ऐसे बाबा की क्या ठसक होगी.

महाराष्ट्र महिला आयोग की चेयरपर्सन का नाम है रूपाली चाकणकर. तस्वीरों में बाबा के पांव धोते नजर आती महिला के अंदाज से साफ पता चलता है कि ये भी बाबा की भक्त हैं. पर सिर्फ भक्त ही नहीं हैं बल्कि बाबा के ट्रस्ट की ट्रस्टी होने के अलावा बाबा के कुछ धंधों में उनकी पार्टनर भी हैं. अब आप कहेंगे कि किसी बाबा का भक्त या पार्टनर होने में क्या बुराई है. तो साहब वैसे तो कोई बुराई नहीं है.

लेकिन अगर बाबा, बाबा के भेष में एक भेड़िया हो. जो अपनी महिला भक्तों को नोचता-खसोटता हो. उनकी मजबूरी और विश्वास का फायदा उठाकर उनकी आबरू लूटता हो और फिर उसी राज्य की महिलाओं की हिफाजत करने वाले महिला आयोग की अध्यक्ष उसकी इतनी करीबी हो, तो फिर अंदाजा लगाइए कितनी मासूम महिलाएं सिर्फ इस एक वजह से इस बाबा के झांसे में आई होंगी.

महिला आयोग की चेयरपर्सन तो सिर्फ एक बानगी है. वरना पहुंचे हुए इस बाबा की पहुंच कहां तक है अगर आपको नाम गिनाना शुरु कर दूं तो शायद आपको भी यकीन ना आए. क्या आईएएस, क्या आईपीएएस, क्या नेता, क्या पार्षद, विधायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री और उनकी पत्नियां या बेटियां. सभी की हाथों की रेखाएं बाबा ने पढ़ रखी है. और तो और दिल्ली में बैठे एक बेहद ताकतवर मंत्री की पत्नी तक इन बाबा की भक्त है.

इस पावरफुल बाबा का नाम है अशोक कुमार ए खरात. मगर इसके चेहरे के पीछे का सबसे घिनौना सच बस अभी अभी बाहर आया है. सच ये कि हाथों की लकीरों या डेट ऑफ बर्थ जानकर बड़े बड़े लोगों के भविष्य बताने वाले इन बाबा ने ना जाने कितनी ही महिलाओं को जबरन और फिर ब्लैकमेल कर अपनी हवस का शिकार बनाया है. कुल गिनती का तो अभी पता नहीं लेकिन पुलिस के हाथ 58 ऐसे वीडियो लग चुके हैं, जिनमें अलग-अलग महिलाओं के साथ बाबा पूरे अश्लील अंदाज में नजर आ रहा है.

हालांकि वो 58 अश्लील वीडियो एक पेनड्राइव में इस वक्त पुलिस के पास हैं. लेकिन एक वीडियो तो लीक भी हो चुका है. बाकायदा सोशल मीडिया पर तैर भी रहा है. मर्यादा के तहत वीडियो में मौजूद महिला की असलियत हम आपको नहीं बता सकते हैं. पर ये वीडियो नासिक में मौजूद अशोक कुमार खरात के दफ्तर का है. बस इस एक वीडियो के जरिए बाकी वीडियो के भंडार और उसके सच का अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं.

इतने बड़े बड़े और ताकतवर लोगों के परिवार की महिलाओं को एक बाबा इतनी आसानी से कैसे मजबूर कर उन्हें अपनी हवस का शिकार बना लिया. इसे जानने के लिए बाबा की पूरी जिंदगी में झांकना बहुत जरूरी है. तो कहानी की शुरुआत बाबा के अंत की कहानी से. बात पिछले साल दिसंबर की है. अशोक खऱात के नासिक में मौजूद दफ्तर के एक कर्मचारी जिसका नाम निलेश जाधव है, उसने एक महिला को व्ह्टसऐप पर एक अश्लील तस्वीर भेजी. तस्वीर उसी महिला की थी. जाधव ने उसे धमकी दी कि अगर उसने पैसे नहीं दिए तो वो इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा.

महिला को शुरु में लगा कि कोई AI की मदद से उसकी फेक तस्वीर उसे भेज रहा है. लेकिन तभी एक रोज नासिक में ही एक मंदिर के करीब एक शख्स उस महिला से टकराता है और उसे अपने मोबाइल में एक वीडियो दिखाता है. वो वीडियो उसी महिला का था. महिला घबरा जाती है. घर लौटने के बाद वो तय करती है कि इसकी शिकायत पुलिस में करेगी. इसी के बाद वो थाने पहुंचती है और नीलेश जाधव के खिलाफ रिपोर्ट लिखा देती है. हालांकि इस रिपोर्ट में कहीं अशोक खरात का नाम नहीं था.

FIR लिखने के बाद पुलिस नीलेश जाधव को गिरफ्तार कर लेती है. पहली बार नीलेश जाधव से इस रैकेट का पता चलता है. क्योंकि नीलेश के मोबाइल से और भी बहुत सारी महिलाओं के अश्लील वीडियो मिलते हैं. नीलेश के बयान के बाद अब भी अशोक खरात पुलिस की रडार से दूर था. पर चूंकि नीलेश खरात के दफ्तर में काम करता था, लिहाजा पुलिस खानापूर्ति के लिए खरात से भी पूछताछ करती है.

इस पूछताछ में अशोक खरात एक नई कहानी सुनाता है. वो पुलिस को बताता है कि मुंबई और उसके करीब के दो बिजनेसमैन कुछ महिलाओं के साथ खुद उसका अश्लील वीडियो दिखाकर उसे ब्लैकमेल कर रहे हैं. दोनों उससे 5 करोड़ रुपए की मांग कर रहे हैं. बाबा खरात का बयान लेकर पुलिस बैरंग लौट जाती है. असल में कुद नासिक पुलिस भी बाबा की भक्त थी. ऐसे कई किस्से हुए जब पुलिस किसी केस को सुलझा नहीं पाई या चोर को पकड़ नहीं पाई तो खुद पुलिस बाबा के दरबार में पहुंच जाती. फिर बाबा एफआईआर नंबर और पुलिसवालों की डेट ऑफ बर्थ पूछने के बाद ये बताता कि चोर कब पकड़ा जाएगा और केस कब सुलझेगा.

खरात के बयान के बाद अब पुलिस खुद खरात को छोड़कर उन दो बिजनेसमैन को ढूंढने में लग गई. लेकिन इसी बीच बाबा की बदकिस्मती का एक और दौर शुरु हो चुका था. पुलिस अभी मामले की जांच ही कर रही थी कि तभी अचानक एक दूसरी महिला खुद अशोक खरात के खिलाफ शिकायत लेकर थाने पहुंच जाती है. इस महिला की शिकायत बेहद गंभीर थी. महिला ने अपनी शिकायत में ये कहा कि वो अपने और परिवार के भविष्य के बारे में जानने के लिए खरात के पास पहुंची थी. कुछ मुलाकातों के बाद खरात ने नशीला खाना और पानी पिलाकर उसके साथ जबरदस्ती की. इस दौरान उसने उसकी तस्वीरें भी उतार लीं. फिर वो ब्लैकमेल करने लगा. इसके बाद उसने अनगिनत बार उसका यौन शोषण किया.

इसी महिला की शिकायत के बाद अब लगा कि मामला बड़ा है. लेकिन बाबा भी कब छोटा था. मुंबई में आला पुलिस अफसरों को आगे की कार्रवाई के लिए मीटिंग करनी पड़ी. क्योंकि खुद पुलिस को पता था कि बाबा के भक्तों की लिस्ट में उनके पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से लेकर तमाम छोटे बड़े नेता आईएएस अफसर और खुद पुलिस डिपार्टमेंट के बड़े बड़े आला अफसर तक शामिल थे.

लेकिन जो तस्वीरें अब तक पुलिस के हाथ लगी थीं, उन्हें देखकर पहली नजर में ही ये अंदाजा हो चुका था कि बाबा की शिकार महिलाएं भी कोई आम महिलाएं नहीं है बल्कि सभी ऊंचे घरानों और ताकतवर लोगों की बीवी या बेटियां हैं. ये वो महिलाएं थी जो अपने या अपने परिवार का भविष्य जानने के लिए बाबा के दर पर पहुंचती थीं. मामला बड़ा था लिहाजा, महाराष्ट्र पुलिस ने पूरे मामले की जांच के लिए फौरन एक स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम यानि एसआईटी बनाने का फैसला किया.

अब आप सोच रहे होंगे कि मर्चेंट नेवी का एक कैप्टन अचानक लोगों की तकदीर कैसे बताने लगा. महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव से वो नासिक कैसे पहुंचा. देखते ही देखते कई सौ करोड़ का मालिक कैसे बन बैठा और इनमें सबसे बड़ा सवाल ये कि पढ़ी लिखी महिलाएं, पढ़े लिखे अफसरों और नेताओं की बीवी और बेटियां इसके झांसे में कैसे आईं. तो इसके लिए अशोक खरात उर्फ कैप्टन उर्फ मार्केट में आए इस नए सबसे और ताकतवर बाबा की पूरी कुंडली में झांकना जरूरी है.

मर्चेंट नेवी के एक कैप्टन से बाबागीरी की दुकान शुरु करने के पीछे की एक लंबी कहानी है. जब तक अशोक खरात मर्चेंट नेवी में रहा खुद को कैप्टन कहता था. पर जैसे ही मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़ी उसी वक्त वो बाबा के अवतार में आ गया. उसका दावा था कि वो महादेव का अवतार है. खुद महादेव उसके पास आते हैं और वही उसके पास आने वाले भक्तों का भविष्य उसे बताते हैं जो वो उन्हीं भक्तों को बता देता है. अशोक खरात की बाबागीरी वाली ये दुकान पिछले 20 साल से चल रही थी.

लेकिन मशहूर वो तब हुआ जब महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अपना भविष्य जानने उसके पास पहुंचे. फिर तो नेताओं और अफसरों की लाइन ही लग गई. अब डर इस बात का है कि इतने लंबे बरसों तक बाबा के भेष में ये हैवान ना जाने कितनों की तकदीर बता चुका है और कितनों की तकदीर बिगाड़ चुका है.

अब 17 मार्च को एसआईटी का गठन हुआ है और 18 मार्च की रात खत्म होने से पहले पहले एसआईटी की एक भारी भरकम टीम नासिक में मौजूद बाबा के घर पर धावा बोलती है और उसे गिरफ्तार करती है. गिरफ्तारी के बाद 18 मार्च की सुबह अशोक खरात को अदालत में पेश किया जाता है जहां से उसे 24 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया जाता है. खरात की गिरफ्तारी के बाद जब उसके घर की तलाशी ली जाती है तो पुलिस भी हैरान रह जाती है. पेनड्राइव और मोबाइल से पुलिस को कुल 58 ऐसे वीडियो मिलते हैं जिनमें अलग अलग महिलाओं की खरात के साथ अश्लील तस्वीरें कैद थीं. फिलहाल, खुद एसआईटी को भी पता नहीं कि ये गिनती 58 तक ही है या जैसे जैसे जांच आगे बढ़ेगी अश्लील वीडियो की गिनती भी बढ़ती जाएगाी.

WORLD : बच्चों पर पड़ रहा गलत प्रभाव, मेटा को भरने पड़ेंगे 3 हजार करोड़ , कोर्ट ने कहा- ‘इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म…’

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न्यू मैक्सिको कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मेटा को बच्चों की मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचावे, जानकारी छिपाने का दोषी ठहराया है. इस मामले में कंपनी पर 375 मिलियन डॉलर जुर्माना भी ठोका है.

अमेरिका के न्यू मेक्सिको में एक जूरी ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मेटा को बच्चों की मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचाने और खतरों को छिपाने का दोषी पाया है. यह फैसला करीब सात हफ्ते चली सुनवाई के बाद आया है और इसे एक ऐतिहासिक निर्णय माना जा रहा है. जूरी ने माना कि मेटा ने अपने प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा से ज्यादा मुनाफे को प्राथमिकता दी.

जूरी ने कहा कि मेटा, जो इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म चलाती है, उसे बच्चों से जुड़े खतरों की जानकारी थी, लेकिन उसने इसे छिपाया. यह भी पाया गया कि कंपनी ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़े जोखिमों और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को लेकर गलत या भ्रामक जानकारी दी.

जूरी ने हजारों उल्लंघनों को मानते हुए Meta पर कुल 37,500 मामलों में दोष तय किए. हर उल्लंघन पर 5,000 डॉलर का जुर्माना लगाया गया, जिससे कुल पेनल्टी लगभग 375 मिलियन डॉलर (करीब 3,000 करोड़ रुपये) बैठती है.

चीफ जज ब्रायन बिडशाइड ने फैसले को पढ़ते हुए कहा कि Meta ने अनुचित और भ्रामक व्यापारिक तरीके अपनाए और बच्चों की कमजोरियों का फायदा उठाया. जूरी ने यह भी माना कि कंपनी ने जानबूझकर (willfully) ऐसा किया.

इसी तरह का एक और मामला कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट में भी चल रहा है, जहां यह तय होना बाकी है कि Meta और यूट्यूब को जिम्मेदार ठहराया जाएगा या नहीं. यह फैसला टेक कंपनियों के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है कि बच्चों की सुरक्षा को नजरअंदाज करने पर सख्त कार्रवाई हो सकती है.सोशल मीडिया के गलत प्रभाव से बचने के लिए ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए इस्टांग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. इसके अलावा जर्मनी ने भी इस दिशा में कदम उठाते हुए सोशल छोटे बच्चों के लिए सोशल मीडिया को लेकर कड़ा कदम उठाया है.

NATIONAL : रामनवमी को लेकर अयोध्या में तैयारी शुरू, रामलला के सूर्य तिलक का भी भव्य आयोजन, प्रशासन अलर्ट

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अयोध्या में रामनवमी को धूमधाम से मनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं. इस अवसर पर भगवान रामलला का भव्य सूर्य तिलक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भारी संख्या में भक्तों के आने का अनुमान है. इस पर्व को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. 27 मार्च को होने वाले इस महापर्व को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं.अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुण्डे ने बताया कि रामनवमी अयोध्या का एक बेहद महत्वपूर्ण आयोजन है, जिसमें देशभर से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. इसी को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष प्लान तैयार किया गया है. अयोध्या के सालाना कैलेंडर में ये उत्सव बेहद अहम पर्व है.

नवरात्रि के पहले दिन से ही जिले में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ा दी गई है. अलग-अलग स्थानों पर अधिकारियों की तैनाती की गई है, जबकि नवमी के दिन विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं. सुरक्षा के लिहाज़ से पूरे शहर में CCTV कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है.

रामनवमी के दिन दोपहर 12 बजे श्रीराम जन्मोत्सव का मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है. ये श्रद्धालु तमाम मंदिरों के दर्शन करेंगे और सरयू नदी में भी स्नान कर सकते हैं. प्रशासन भीड़ को देखते हुए तैयारी कर रहा है.रामनवमी के अवसर पर राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा भगवान रामलला का भव्य सूर्य तिलक का भी आयोजन किया जाएगा, जिसका प्रसारण जिले में लगाए गए LED स्क्रीन और विभिन्न टीवी चैनलों पर किया जाएगा. ताकि भक्तों को भगवान के दर्शनों में किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े.

प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पेयजल, छाया और अन्य मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है. साथ ही सभी प्रमुख मंदिरों में बैरिकेडिंग कर सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम किए गए हैं. ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके.

PUNJAB : बिजली विभाग की लापरवाही ने ली बलि! खेलते वक्त हाई वोल्टेज तारों की चपेट में आई 8 साल की बच्ची, हुई मौत

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पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब के नजदीकी गांव लंबी ढाब में आज एक भयानक हादसा हुआ, जिसमें 8 साल की बच्ची एकमदीप कौर की मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक, बच्ची खेलते-खेलते अपने घर के पास स्थित कोठे पर चढ़ गई और इसी दौरान हाई वोल्टेज तारों की चपेट में आ गई. हादसे के कारण बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई और उसका शरीर बुरी तरह जल गया.

गांव वासियों ने बताया कि यह हादसा सरवण सिंह की नई किराने की दुकान के पास हुआ. उनकी दुकान के ऊपर से हाई वोल्टेज बिजली की तारें गुजरती थीं. पहले इन तारों को बांस के डंडों से ऊंचा किया गया था ताकि किसी भी तरह का हादसा न हो. लेकिन हाल ही में बिजली विभाग ने इन बांस की डंडियों को हटा दिया, जिससे तारें कोठे के बहुत करीब आ गईं.

आज बच्ची अपने चाचा के साथ दुकान पर आई थी. खेलते-खेलते वह कोठे पर चढ़ गई और अचानक हाई वोल्टेज तारों की चपेट में आ गई. यह हादसा इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोग भी सहम गए. ग्रामीणों ने बताया कि अगर बिजली की तारें पहले की तरह ऊंची होतीं तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था.

गांववासियों ने बिजली विभाग की लापरवाही पर भी सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि तारों को उचित ऊंचाई पर न रखने के कारण यह मासूम बच्ची की जान चली गई. उन्होंने बिजली विभाग से तत्काल तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर लगाने और इस तरह की घटनाओं को रोकने की मांग की है. यह हादसा पूरे इलाके में गहरे दुख और शोक की लहर पैदा कर गया है. लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन और बिजली विभाग इस मामले को गंभीरता से लें ताकि भविष्य में कोई और बच्चा इसी तरह की लापरवाही का शिकार न बने.

BUSINESS : सोने-चांदी की गिरती कीमतों पर लगा ब्रेक, एक झटके में सोना 5,400 और चांदी 12,500 रुपये उछली; जानें आपके शहर का ताजा रेट…

घरेलू फ्यूचर मार्केट में बुधवार, 25 मार्च को सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार रिकवरी देखने को मिल रही है. MCX पर गोल्ड फ्यूचर वायदा करीब 5,400 रुपये की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा था…. घरेलू फ्यूचर मार्केट में बुधवार, 25 मार्च को सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार रिकवरी देखने को मिल रही है. खबर लिखे जाने तक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 2 अप्रैल, 2026 का एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर वायदा करीब 5,400 रुपये की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा था.

एमसीएक्स पर गोल्ड वायदा 1,43,079 रुपये (प्रति 10 ग्राम) पर ओपन हुआ. इसके आखिरी कारोबारी दिन एमसीएक्स पर सोना 1,38,912 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ था.

सुबह करीब 10:00 बजे, गोल्ड वायदा 3.90 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,44,325 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. गोल्ड फ्यूचर वायदा शुरुआती कारोबार में 1,44,434 रुपये के हाई लेवल पर पहुंचा था. आइए जानते हैं आज आपके शहर में सोना-चांदी का ताजा भाव क्या है….

चांदी की कीमत

एमसीएक्स पर 5 मई 2026 का एक्सपायरी वाला सिल्वर 5.56 फीसदी या लगभग 12,450 रुपये की तेजी के साथ 2,36,400 रुपये (प्रति किलो) पर ट्रेड कर रहा था. चांदी ने कारोबारी दिन की शुरुआत 2,32,898 रुपये पर की थी. दिन के कारोबार के दौरान चांदी का हाई लेवल 2,36,899 रुपये था.

दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,500 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 25,000 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 2,600 रुपये चल रही है.

आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)

दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,46,820 रुपए
22 कैरेट – 1,34,600 रुपए
18 कैरेट – 1,10,160 रुपए

मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,46,670 रुपए
22 कैरेट – 1,34,450 रुपए
18 कैरेट – 1,10,010 रुपए

चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,44,550 रुपए
22 कैरेट – 1,32,490 रुपए
18 कैरेट – 1,10,490 रुपए

कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,46,670 रुपए
22 कैरेट – 1,34,450 रुपए
18 कैरेट – 1,10,010 रुपए

अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,46,720 रुपए
22 कैरेट – 1,34,500 रुपए
18 कैरेट – 1,10,060 रुपए

लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,46,820 रुपए
22 कैरेट – 1,34,600 रुपए
18 कैरेट – 1,10,160 रुपए

पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,46,720 रुपए
22 कैरेट – 1,34,500 रुपए
18 कैरेट – 1,10,060 रुपए

हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,46,670 रुपए
22 कैरेट – 1,34,450 रुपए
18 कैरेट – 1,10,010 रुपए

JAIPUR : भाषा नहीं समझती थी… गालियों को ‘नमस्ते’ समझकर दोहराती रही विदेशी पर्यटक, शातिर ऑटो वाला हंसते हुए बनाता रहा वीडियो

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पिंक सिटी जयपुर मेहमाननवाजी के लिए विश्व विख्यात है, वहां से एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है. एक विदेशी महिला पर्यटक की भाषाई अनभिज्ञता का फायदा उठाकर उसे अश्लील गालियां सिखाने वाले ऑटो चालक को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है.

जयपुर अपनी मेहमाननवाजी और संस्कृति के लिए दुनियाभर में मशहूर है, वहीं इस बार एक ऐसी घटना सामने आई जिसने शहर की छवि को ही धूमिल कर दिया है. जयपुर घूमने आई एक विदेशी महिला पर्यटक की मासूमियत का फायदा उठाकर उसे गालियां सिखाने वाले ऑटो चालक को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है.

यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब इस शर्मनाक हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ऑटो चालक हंसते हुए विदेशी महिला को आपत्तिजनक और अशोभनीय शब्द सिखा रहा है.भाषा और शब्दों के अर्थ से अनजान महिला उन शब्दों को सामान्य बातचीत का हिस्सा समझकर दोहराती नजर आती है. आरोपी की पहचान लुहारों का मोहल्ला निवासी मोहम्मद सोहेल के रूप में हुई है.

वीडियो सामने आते ही पर्यटक थाना पुलिस हरकत में आई और मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू की. पुलिस टीम ने वीडियो के आधार पर इलाके में ऑटो चालकों, राहगीरों और दुकानदारों से पूछताछ की. कड़ी मेहनत के बाद आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया.बताया जा रहा है कि आरोपी न सिर्फ महिला को गलत शब्द सिखा रहा था, बल्कि उसे अन्य लोगों के सामने दोहराने के लिए भी उकसा रहा था.

जयपुर जैसे पर्यटन शहर में इस तरह का व्यवहार देश की छवि को भी नुकसान पहुंचाता है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है.

SPORTS : रिंकू सिंह बने रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर, जानें कितनी मिलेगी सैलरी

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रिंकू सिंह को रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर नियुक्यत किया जा चुका है. तो आइए जानते हैं कि इस पद के लिए रिंकू को कितनी सैलरी मिलेगी.भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह को उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर नियुक्त किया गया है. रिंकू को यह पद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने के लिए दिया गया है. हाल ही में समाप्त हुए 2026 टी20 वर्ल्ड कप में रिंकू खिताब जीतने वाली टीम इंडिया का हिस्सा थे. हालांकि तमाम लोगों के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर रिंकू को उनकी सरकारी नौकरी में कितनी सैलरी मिलेगी?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर के पद के लिए रिंकू सिंह की सैलरी 70,000 से 80,000 रुपये के बीच हो सकती है. हालांकि यह सैलरी का आधिकारिक आंकड़ा नहीं है.

अगर बात करें कि आखिर रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर क्या काम करता है? तो आपको बता दें कि इस पर रहने वाले व्यक्ति पर तमाम जिम्मेदारियां होती हैं. ऑफिसर को अपने क्षेत्र में आने वाले मैदानों और खेल से जुड़ी चीजों की देखरेख करनी होती है. राज्य सरकार की खेल से जुड़ी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करना, खिलाड़ियों के टैलेंट को पहचानना, आदि काम रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर करता है.

लंबे वक्त से कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेल रहे रिंकू सिंह को फ्रेंचाइजी ने भी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. रिंकी को 2026 आईपीएल के लिए उपकप्तान बना दिया गया है. वहीं अजिंक्य रहाणे सीजन में टीम की कप्तानी करते हुए नजर आएंगे.

रिंकू ने अब तक अपने आईपीएल करियर में 59 मुकाबले खेल लिए हैं. इन मैचों की 52 पारियों में बैटिंग करते हुए उन्होंने 30.52 की औसत और 145.17 के स्ट्राइक रेट से 1099 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 4 अर्धशतक निकले, जिसमें हाई स्कोर 67* रनों का रहा. बताते चलें कि रिंकू ने 2018 में आईपीएल डेब्यू किया था. वह शुरुआत से ही कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेल रहे हैं.

RAJASTHAN : ‘मेरे लिए मर गई’, बेटी ने की पसंद की शादी, पिता ने छपवा दी शोक पत्रिका… मृत्युभोज करने जा रहा था परिवार, पुलिस ने रोका

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक पिता ने दूसरी जाति में विवाह करने वाली अपनी जीवित बेटी का मृत्युभोज आयोजित करने का फैासला लिया, जिसे पुलिस के हस्तक्षेप के बाद रद्द करना पड़ा.राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के आमल्दा गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक पिता ने अपनी जीवित बेटी के अंतर्जातीय युवक से प्रेम विवाह कर लेने से बेटी को मृत मानते हुए उसका शोक संदेश छपवा कर शोक बैठक रख जीवित बेटी का मृत्यु भोज करने की कार्यक्रम तय कर दिया.

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी धर्मेंद्र सिंह ने पिता को मृत्युभोज नहीं करने और बैठक नहीं रखने के निर्देश दिए. इसके बाद पिता ने मृत्युभोज नहीं करने का निर्णय लेते हुए प्रस्तावित बैठक भी समाप्त कर दी है.शक्करगढ़ थाना इलाके के आमल्दा निवासी देवेंद्र सिंह कानावत ने अपनी बेटी को पढ़ाई के लिए जयपुर भेजा था. परिवार को उम्मीद थी कि वह पढ़-लिखकर परिवार और समाज का नाम रोशन करेगी. लेकिन बेटी ने परिवार की इच्छा के खिलाफ अन्य समाज के एक युवक के साथ संबंध बना लिए.

जब पुलिस दोनों को थाने लेकर आई, तब पिता ने बेटी को घर लौटने के लिए काफी समझाया. यहां तक कि उन्होंने उसके सामने हाथ जोड़कर और झोली फैलाकर भी मिन्नतें कीं, लेकिन युवती अपने फैसले पर अडिग रही.शक्करगढ़ थानाधिकारी पूरणमल मीणा के अनुसार, युवती ने युवक के साथ रहने की इच्छा जताई है और दोनों ने पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की है.

इसी के बाद पिता देवेंद्र सिंह कानावत ने बेटी को त्यागते हुए उसका शोक संदेश छपवा दिया, जिसमें 22 मार्च को तीये की बैठक और 31 मार्च को ब्रह्मभोज की घोषणा की गई थी.हालांकि, बाद में पीड़िता की शिकायत पर एसपी के निर्देश पर शक्करगढ़ थाने में पिता देवेंद्र सिंह कानावत के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई. इसके बाद प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए पिता ने मृत्युभोज और बैठक का कार्यक्रम रद्द कर दिया.

पिता देवेंद्र सिंह कानावत का कहना है कि यह एक दुखी पिता की वेदना है. उन्होंने कहा कि जिस क्षत्रिय कुल में उनका जन्म हुआ है, उसकी मान-मर्यादा को देखते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया. उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि मोबाइल की लत से बाहर निकलकर अच्छा ज्ञान प्राप्त करें और अपने माता-पिता का सम्मान बनाए रखें.

वहीं, ग्रामीण शिवराज मीणा का कहना है कि यह केवल आमल्दा गांव की नहीं, बल्कि पूरे देश के कई गांवों में सामने आने वाली समस्या है. माता-पिता अपने बच्चों को बड़ी उम्मीदों के साथ पढ़ाते-लिखाते हैं, लेकिन कई बार युवा गलत रास्ता चुन लेते हैं.परिजनों ने भी कहा कि उन्हें संविधान से कोई आपत्ति नहीं है और वे उसका सम्मान करते हैं, लेकिन समाज के कुछ सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्य भी हैं जिन्हें बचाना आवश्यक है. उनका मानना है कि माता-पिता की सहमति के बिना होने वाले ऐसे विवाहों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए.

यह पूरा मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और समाज में बदलते सामाजिक मूल्यों और पारिवारिक अपेक्षाओं को लेकर बहस भी छिड़ गई है.

SPORTS : पॉल‍िट‍िक्स, फ‍िल्में और क्रिकेट… कहानी युवराज के ‘हिटलर’ प‍िता की, जो खेल से ज्यादा व‍िवादों में रहे

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‘स‍िक्सर किंग’ युवराज सिंह के प‍िता योगराज सिंह आज (25 मार्च) 68 साल के हो गए. उनका जन्म चंड़ीगढ़ में आज के ही दिन 1958 में हुआ था. यह बात सभी को मालूम है कि युवराज को क्रिकेटर बनाने में उनके प‍िता योगराज सिंह का बहुत बड़ा हाथ था. जब युवराज सिंह सिर्फ 5-6 साल के थे, तब उनके पिता ने उनके मेडल और स्केट्स कार से बाहर फेंक दिए थे, क्योंकि वे उन्हें क्रिकेट चैम्पियन बनाना चाहते थे- जो एक दिन उनका बदला ले सके. दरअसल, खुद योगराज का इंटरनेशनल क्रिकेट कर‍ियर ज्यादा लंबा नहीं रहा था.

युवराज ने कई इंटरव्यू में कहा है कि उनके पिता उनके लिए कभी सामान्य पिता जैसे नहीं रहे, बल्कि हमेशा एक सख्त कोच की तरह पेश आए. उन्होंने कहा कि बचपन में उनके पिता ने उन पर बहुत प्रेशर डाला था, इस वजह से भारतीय टीम में तो पहुंच गए, लेकिन उन्होंने वह ‘बचपन’ और पिता का प्यार बहुत मिस किया.योगराज सिंह ने पिछले साल एक इंटरव्यू में अपनी पहली पत्नी शबनम सिंह (युवराज सिंह की मां) से माफी मांगी. योगराज ने माना कि उन्होंने पत्नी और बेटे के साथ कई बार गलत व्यवहार किया. इसके बाद माफी मांगते हुए वे भावुक होकर रो पड़े.

68 साल के हुए योगराज अपने व‍िवाद‍ित बयानों के लिए भी चर्चा में रहे. उन्होंने एक बार कहा था कि वह कपिल देव से इतने नाराज थे कि उन्हें गोली मारने तक की बात कह दी, क्योंकि उनका मानना था कि उन्हीं की वजह से वो टीम से बाहर हुए. उन्होंने 2015 वर्ल्ड कप टीम से युवराज सिंह के बाहर होने के लिए उन्होंने एमएस धोनी को दोषी ठहराया था. हालांक‍ि बाद में उन्होंने एक इंटरव्यू में धोनी की तारीफ की थी और अपने बेटे की तरह बनाया था.

वैसे पिता को लेकर युवराज सिंह ने एक इंटरव्यू में तो यहां तक कहा था कि उनके पिता को मानसिक समस्या है, भले वो इसे स्वीकार ना करें. 4 नवंबर 2023 को जारी किए गए एक पॉडकास्ट में युवराज ने कहा था- मुझे लगता है कि मेरे पिता को कोई मानसिक समस्या है, लेकिन वो इसे स्वीकार नहीं करेंगे. युवराज सिंह ने अपने पिता योगराज सिंह की सख्त ट्रेनिंग के कारण उन्हें ‘हिटलर’ और ‘ड्र्रैगन’ कहा था. योगराज ने बचपन में युवराज को क्रिकेटर बनाने के लिए बहुत कठोर नियम अपनाए थे. युवराज ने स्वीकार किया है कि उन दिनों उन्हें अपने पिता से नफरत भी हुई थी.

योगराज सिंह की बात करें तो वह भारत के लिए टेस्ट और वनडे में खेल चुके हैं. लेकिन उनके आंकड़े ज्यादा अच्छे नहीं रहे. योगराज ने भारतीय टीम के ल‍िए 1 टेस्ट और 6 वनडे मैच खेले. उन्होंने टेस्ट डेब्यू 21 फरवरी 1981 को न्यूजीलैंड के ख‍िलाफ किया, जो उनका एकमात्र टेस्ट रहा. इसमें उन्हें जॉन राइट को आउट किया. वहीं योगराज सिंह ने पहला वनडे 21 दिसंबर 1980 को ब्रिस्बेन में न्यूजीलैंड के ख‍िलाफ खेला, यहां उन्होंने 2 विकेट निकाले.

योगराज ने भारत के लिए कुल 6 वनडे मैच खेले, जहां उनके नाम 4 विकेट हैं. इसके अलावा उन्होंने 30 फर्स्ट क्लास मैचों में 398 रन बनाए और 66 विकेट लिये. वहीं 13 ल‍िस्ट ए मुकाबले में उनके नाम 39 रन और 14 व‍िकेट शामिल हैं. को 1980-81 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे के लिए एक सरप्राइज चयन के तौर पर टीम में शामिल किया गया था. वह दाएं हाथ के मीडियम पेस गेंदबाज थे और अच्छी कद-काठी के खिलाड़ी थे.

2009 में हरियाणा विधानसभा चुनाव में योगराज सिंह ने पंचकूला सीट से इंड‍ियन नेशनल लोकदल के टिकट पर चुनाव लड़ा था. उन्हें कुल 16,932 वोट मिले, जो पड़े हुए कुल वोटों का लगभग 20.5% था. लेकिन वह यह चुनाव हार गए. उन्हें देवेंदर कुमार बंसल ने 12,230 वोटों के अंतर से हराया था. बंसल को 29,192 वोट मिले थे.

योगराज सिंह ने क्रिकेट के अलावा फिल्मों में भी अच्छी पहचान बनाई, खासकर पंजाबी सिनेमा में. उनकी प्रमुख हिंदी फ‍िल्मों में भाग म‍िल्खा भाग, स‍िंह इज ब्ल‍िंग, यमला पगला दीवाना भी शाम‍िल हैं, वो अब भी एक्ट‍िंग में सक्रिय हैं. वहीं वो वर्तमान में चंडीगढ़ में क्रिकेट एकेडमी चलाते हैं.

NATIONAL : इंदौर में आधी रात को पैनिक… किल्लत के डर से लोगों ने फुल करा लीं गाड़ियों की टंकियां, पेट्रोल पंपों पर लगा हुजूम

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इंदौर में मंगलवार को पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाह ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया. सोशल मीडिया पर फैली एक गलत खबर के बाद शहर के तीन दर्जन से अधिक पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. लोग इस कदर पैनिक हुए कि रात के अंधेरे में ही अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के लिए पंप कर्मियों से उलझते नजर आए.

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मंगलवार को अचानक पेट्रोल और डीजल की कमी की अफवाह ने शहर में हलचल पैदा कर दी. किल्लत की आशंका के चलते शहर के प्रमुख पेट्रोल पंपों पर देखते ही देखते वाहनों की किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं. हालात यहां तक पहुंच गए कि कई पंपों पर स्टॉक खत्म होने की नौबत आ गई और लोग बंद पंपों के बाहर भी इंतजार करते देखे गए.

दरअसल, सोशल मीडिया और वॉट्सएप ग्रुप्स पर यह खबर फैल गई कि आने वाले दिनों में पेट्रोल की सप्लाई बाधित हो सकती है. इस आशंका के चलते लोग काम-धंधा छोड़कर पेट्रोल पंपों की ओर दौड़ पड़े. जल्दबाजी में लोगों ने न सिर्फ अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराईं, बल्कि अतिरिक्त डिब्बों में भी ईंधन भरने की कोशिश की, जिससे अव्यवस्था फैल गई.

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला आपूर्ति नियंत्रक एमएल मारू ने साफ किया कि इंदौर जिले में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है.भीड़भाड़ से दूर जाना है तो MP के इन 5 हिल स्टेशनों की करें सैर, ट्रेकिंग से लेकर आध्यात्मिक शांति तक सब कुछ है यहां (Photo- Adobe stock)
शिमला-मनाली भूल जाएंगे! अगर घूम लीं MP की ये 5 ऑफबीट जगहें
उन्होंने बताया कि जिले के मुख्य डिपो में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है. टैंकरों के माध्यम से डीलर्स को लगातार सप्लाई की जा रही है. जिन पंपों पर स्टॉक कम हुआ है, वहां रात में ही टैंकर पहुंच जाएंगे और सुबह से व्यवस्था पूरी तरह सुचारू रहेगी.

इंदौर कलेक्टर और जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें. प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो लोग सोशल मीडिया के जरिए पेट्रोल की कमी की अफवाह फैला रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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