Saturday, September 26, 2026
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ENTERTAINMENT : ‘करोड़ों कमाने वाली धुरंधर में किया काम, मगर फ‍िल्म देखने को नहीं 500 रुपये’ एक्टर का दर्द, इमोशनल हुए फैन्स

‘धुरंधर 2’ में नजर आए एक ऑटो ड्राइवर ने खुलासा किया कि महंगी टिकटों की वजह से वो अपनी ही फिल्म नहीं देख पाए. उनका सादा जवाब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और आम आदमी की आर्थिक सच्चाई दिखा रहा है.

आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ जहां बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर रही है, वहीं फिल्म से जुड़ा एक छोटा सा असली किस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, लेकिन एक अलग वजह से. फिल्म के आखिर में हमजा उर्फ जसकीरत सिंह रांगी को घर छोड़ने वाला ऑटो-रिक्शा ड्राइवर की कहानी चर्चा में आ गई है.फिल्म के आखिरी सीन में थोड़ी देर के लिए नजर आने वाले एक ऑटो-रिक्शा ड्राइवर बदरुल इसलाम ने बताया कि उसने अभी तक रणवीर सिंह की ये फिल्म थिएटर में नहीं देखी है. लेकिन इसकी क्या वजह है, ये जानकर सभी इमोशनल हो रहे हैं.

एक वीडियो में जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने फिल्म देखी है, तो उन्होंने साफ कहा- अभी तक नहीं देखी. टिकट करीब 500 रुपये की है और फिल्म अभी नई-नई रिलीज हुई है, इसलिए देख नहीं पाया. बाद में देख लेंगे.जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके बच्चों ने फिल्म देखने की जिद की, क्योंकि वो उसमें नजर आए हैं, तो उन्होंने बहुत सादगी से जवाब दिया- हां, बच्चों ने कहा था. लेकिन मैंने उन्हें समझाया कि हम पांच लोग हैं, तो 2500 रुपये लगेंगे. और 2500 रुपये हम एक महीने में बचा पाते हैं, इसलिए मैं उन्हें नहीं ले गया. मैंने कहा थोड़ा इंतजार करेंगे, बाद में देख लेंगे.

उनका ये सीधा-सादा जवाब, बिना किसी शिकायत के, लोगों को काफी पसंद आ रहा है और सोशल मीडिया पर लोग इसे आम जिंदगी की सच्चाई बता रहे हैं. इतनी बड़ी फिल्म में आना किसी के लिए सपने के बराबर होता है. लेकिन पैसों की तंगी ने उन्हें मजबूर किया हुआ है.

हालांकि यही फिल्म की खूबसूरती को भी दिखाता है कि कास्ट को तो पहचान मिल ही रही है, लेकिन महज कुछ सेकेंड के लिए फिल्म में नजर आया एक ड्राइवर भी वायरल हो गया. यूजर्स अब आदित्य धर से गुजारिश कर रहे हैं कि इस ऑटो रिक्शा ड्राइवर को फ्री में फिल्म दिखाई जाए.

आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रणवीर सिंह के साथ अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और आर माधवन भी हैं. 19 मार्च को रिलीज हुई ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार कमाई कर रही है. फिल्म ने भारत में 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है और दुनियाभर में 830 करोड़ रुपये के करीब पहुंच रही है.

NATIONAL : ‘उसी लड़की से शादी कराओ, वरना कूद जाऊंगा…’ मोबाइल टावर पर चढ़ गया युवक, 4 घंटे तक चला ड्रामा

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छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में लोगों की नजरें अचानक आसमान पर अटक गईं- 40 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर एक युवक बैठा था. युवक नीचे झांककर ऐलान कर रहा था- पसंद की लड़की से शादी नहीं कराई तो कूद जाऊंगा! करीब 4 घंटे तक चला यह हाई-वोल्टेज ड्रामा लोगों को हैरान करता रहा, जबकि जिस लड़की के लिए यह जिद थी, वह इनकार कर चुकी थी.

ये कहानी छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर की है. यहां लुंड्रा इलाके में अचानक लोगों की नजर आसमान की ओर टिक गई. एक मोबाइल टावर के ऊपर करीब 40 फीट की ऊंचाई पर एक युवक बैठा था. हवा चल रही थी, और उसके साथ झूलता हुआ वह युवक बार-बार नीचे झांक रहा था- जैसे किसी फैसले का इंतजार कर रहा हो.

नीचे धीरे-धीरे भीड़ जुटने लगी. कोई चौंककर देख रहा था, कोई सहम गया था, तो कोई मोबाइल निकालकर वीडियो बनाने में जुट गया. कुछ ही मिनटों में यह खबर पूरे इलाके में फैल गई- कोई लड़का टावर पर चढ़ गया है… कूदने की धमकी दे रहा है.उस युवक का नाम था योगेश यादव. उम्र करीब 27 साल. वह एक जिद पकड़े टावर पर चढ़ा था. ऊपर से उसकी आवाज आई- अगर मेरी शादी मेरी पसंद की लड़की से नहीं कराई गई… तो मैं कूद जाऊंगा!

थोड़ी ही देर में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. थाने से महज 200 मीटर दूर यह पूरा घटनाक्रम हो रहा था, इसलिए खबर मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई. एक पुलिसकर्मी ने ऊपर देखते हुए आवाज लगाई- नीचे आ जाओ… बात करेंगे… ऐसा मत करो!योगेश की जिद कम नहीं हुई. वह टावर पर बैठा बार-बार अपनी बात दोहराता रहा. नीचे खड़े लोगों के बीच अब फुसफुसाहट शुरू हो गई थी. कौन है लड़की? क्या सच में प्यार करता है? या कुछ और मामला है?

धीरे-धीरे सच्चाई भी सामने आने लगी. जिस लड़की के लिए योगेश यह सब कर रहा था… उसने उससे शादी करने से साफ इनकार कर दिया था. इतना ही नहीं, उसने थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी कि योगेश उसे परेशान करता है. यह जानकर भी योगेश नहीं रुका.

करीब दो घंटे बीत चुके थे. फिर तीन… और फिर चार घंटे. कोई भी नहीं चाहता था कि यह कहानी किसी हादसे में खत्म हो. आखिरकार, पुलिस ने उसके परिवार को बुलाया. मां, पिता और कुछ रिश्तेदार मौके पर पहुंचे. परिजनों ने उसकी पसंद की लड़की से शादी कराने पर सहमति जताई. इसके बाद वह टावर से उतरने लगा. जैसे ही उसके पैर जमीन पर पड़े, लोगों ने राहत की सांस ली. लेकिन कहानी का अंत वैसा नहीं था, जैसा वह चाहता था.

पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में ले लिया. क्योंकि दूसरी तरफ, उस लड़की की शिकायत पहले से दर्ज थी- परेशान करने और छेड़छाड़ की. युवती ने युवक के साथ प्रेम प्रसंग होने की बात से इनकार कर दिया था. युवक इसी बात से नाराज होकर टावर पर चढ़ा था. फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

इस मामले को लेकर लुंड्रा थाना प्रभारी प्रदीप जायसवाल ने बताया कि युवती ने युवक के खिलाफ थाने में बेवजह परेशान करने और छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने युवक को टावर से उतरने के बाद अरेसट कर लिया है, उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है.

NATIONAL : असलहा तस्करी, मैकेनिक, फिर ई-रिक्शा चालक… मीरा ठाकुर उर्फ हरिया कैसे बनी ‘जासूस’?

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मथुरा से गिरफ्तार मीरा ठाकुर उर्फ हरिया पर देश विरोधी गतिविधियों और जासूसी का आरोप है. पुलिस को उसके मोबाइल से कई संवेदनशील इलाकों की तस्वीरें मिली हैं, जिन्हें वह फेसबुक ग्रुप के जरिए ‘हैंडलर्स’ को भेजती थी. असलहा तस्करी में जेल जा चुकी मीरा फिलहाल गाजियाबाद पुलिस की हिरासत में है.

मीरा ठाकुर उर्फ हरिया को यूपी के मथुरा से गिरफ्तार किया गया है. उसपर देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने का आरोप है. बताया जा रहा है कि उसके मोबाइल से कई संवेदनशील इलाकों की तस्वीरें मिली हैं जिन्हें ‘हैंडलर्स’ को भेजा जा रहा था. फिलहाल, गाजियाबाद पुलिस उसे अपने साथ ले गई है और उससे पूछताछ की जा रही है. पुलिस जांच में पता चला है कि मीरा फेसबुक के जरिए नौशाद और सोहेल जैसे संदिग्धों के ग्रुप से जुड़ी थी. आइये जानते हैं पूरी कहानी…

आरोपी मीरा ठाकुर के भाई नरोत्तम के मुताबिक, परिवार को लगा था कि पति से विवाद के कारण पुलिस उसे ले गई है. लेकिन मीडिया में खबर सामने के बाद हकीकत का पता चला. इलाके में तरह-तरह की चर्चा हो रही है. ने बताया कि मीरा की शादी 2012 में आगरा के मुकेश से हुई थी, जिसके बाद वे मथुरा रहने लगे. मीरा पहले मैकेनिक का काम करती थी, लेकिन ‘अमीर’ की चाहत ने उसे गलत रास्ते पर धकेल दिया. साल 2025 में उसे दिल्ली पुलिस ने असलहा तस्करी के आरोप में जेल भी भेजा था. जेल से छूटने के बाद उसने ई-रिक्शा चलाना शुरू किया.

मीरा ठाकुर मथुरा के रिफाइनरी से टैंक चौराहे के आसपास ई-रिक्शा चलाती थी. उसके मोबाइल से पुलिस को मथुरा के कई बेहद संवेदनशील इलाकों के फोटो मिले हैं. स्थानीय लोगों की मानें तो मीरा की गतिविधियां लंबे समय से संदिग्ध रही हैं. पुलिस ने अब उसे देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के शक में पकड़ा है. फिलहाल, उससे पूछताछ जारी है ताकि जासूसी नेटवर्क और उसके सीधे संबंधों की पूरी तरह पुष्टि की जा सके.

पुलिस पूछताछ में मीरा ने बताया कि उसकी जान-पहचान फेसबुक के माध्यम से नौशाद से हुई थी, जिसके बाद वह सोहेल और नौशाद के ग्रुप में शामिल हो गई. ऐसे में अब पुलिस इस बात की बारीकी से पड़ताल कर रही है कि इन ग्रुप्स के जरिए उसने किन संवेदनशील जानकारियों को साझा किया है. मीरा के मोबाइल डेटा और उसकी हालिया गतिविधियों को चेक किया जा रहा है.

NATIONAL : अलविदा हरीश राणा… निधन के तुरंत बाद पिता का वो आखिरी मैसेज, जिसे पढ़कर आ गए आंसू

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13 साल से कोमा में रहे हरीश राणा का आज दक्षिण दिल्ली के ग्रीन पार्क में अंतिम संस्कार कर दिया गया. सुप्रीम कोर्ट से निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति के बाद उनका एम्स में निधन हुआ था. अंतिम विदाई के दौरान माहौल बेहद भावुक रहा. परिवार, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी. इससे पहले उनके पिता ने एक मैसेज जैसे ही व्हाट्सएप ग्रुप में भेजा, उसे पढ़ते ही लोगों की आंखों से आंसू निकल आए.

कभी जिंदगी से भरे सपनों के साथ इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने निकले हरीश राणा की सांसें मंगलवार को गहरे सन्नाटे में बदल गई. 13 साल तक कोमा में रहने के बाद हरीश ने आखिरकार दुनिया को अलविदा कह दिया. आज सुबह उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया. उनके जाने की खबर पिता अशोक राणा ने जैसे सोसाइटी के व्हाट्सऐप ग्रुप में जैसे ही दी लोगों की आंखें भर आईं. उन्होंने लिखा- सुबह 9 बजे पार्थिव शरीर (हरीश राणा जी) का अंतिम संस्कार ग्रीन पार्क, साउथ दिल्ली में किया जाएगा… ॐ शांति ॐ…

हरीश 2013 में हॉस्टल के चौथे फ्लोर से नीचे गिरने के बाद कोमा में चले गए थे और तब से लगातार लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे. बताया जाता है कि पंजाब विश्वविद्यालय से बीटेक कर रहे हरीश राणा चौथी मंजिल से गिर गए थे. सिर में गंभीर चोट लगी और इसके बाद उनकी जिंदगी अस्पताल और मशीनों के बीच सिमट कर रह गई. समय बीतता गया, लेकिन होश कभी वापस नहीं आया. परिवार के लिए यह इंतजार धीरे-धीरे एक अंतहीन पीड़ा में बदलता चला गया.

11 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट के एक अहम फैसले में हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दी थी. परिवार ने वर्षों तक हर संभव इलाज कराया, उम्मीदें बांधे रखीं, लेकिन जब कोई सुधार नहीं दिखा, तब उन्होंने यह कठिन रास्ता चुना. अदालत ने भी पूरी संवेदनशीलता के साथ इस मामले को सुना और मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत प्रक्रिया की अनुमति दी. 14 मार्च को हरीश राणा को दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया. यहां पेलिएटिव केयर यूनिट में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनके साथ रही. डॉक्टरों ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार धीरे-धीरे लाइफ सपोर्ट सिस्टम को हटाने की प्रक्रिया शुरू की. यह कोई अचानक लिया गया कदम नहीं था, बल्कि पूरी मेडिकल निगरानी में चरणबद्ध तरीके से किया गया. इस दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि हरीश को किसी भी तरह का दर्द या असुविधा न हो. उन्हें लगातार दर्द निवारक दवाएं दी जाती रहीं, ताकि अंतिम समय में उन्हें शांति मिले.

इस पूरी प्रक्रिया के लिए एक विशेष मेडिकल टीम बनाई गई थी, जिसका नेतृत्व डॉ. सीमा मिश्रा कर रही थीं. टीम में न्यूरोसर्जरी, पेलिएटिव मेडिसिन, ऑन्को-एनेस्थीसिया और मनोचिकित्सा के विशेषज्ञ शामिल थे. पूर्व ऑन्को-एनेस्थीसिया प्रमुख डॉ. सुषमा भटनागर ने बताया था कि निष्क्रिय इच्छामृत्यु के दौरान मरीज को दिए जाने वाले पोषण को धीरे-धीरे कम किया जाता है और यह ध्यान रखा जाता है कि उसे किसी भी तरह की पीड़ा न हो. यह सिर्फ एक मेडिकल प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि गरिमा के साथ जीवन को विदा देने की एक कोशिश थी.

एम्स ले जाने से पहले गाजियाबाद स्थित घर से एक वीडियो सामने आया था, जिसने हर देखने वाले को भावुक कर दिया. वीडियो में ब्रह्मा कुमारी संस्था की एक महिला सदस्य हरीश के माथे पर तिलक लगाते हुए उनसे कहती हैं- सबको माफ कर दीजिए और सबसे माफी मांग लीजिए… अब शांति से विश्राम कीजिए…

गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित राज एंपायर सोसाइटी में हरीश राणा का परिवार लंबे समय तक रहा. उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक का माहौल है. सोसाइटी के लोगों का कहना है कि परिवार ने इन 13 वर्षों में जो सहा, उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है. हरीश के भाई आशीष लगातार उनकी देखभाल में लगे रहे. निवासी तेजस चतुर्वेदी बताते हैं कि “दुख तो है, लेकिन जो स्थिति थी, वह भी बेहद कष्टदायक थी. परिवार ने बहुत संघर्ष किया है. वहीं एओए से जुड़े दीपांशु मित्तल का कहना है कि “पूरी सोसाइटी इस मुश्किल समय में परिवार के साथ खड़ी है.

हरीश राणा के निधन के बाद उनके पिता अशोक राणा का वह छोटा-सा संदेश लोगों के दिलों को चीर गया. सोशल मीडिया पर भी इस संदेश को लेकर लोगों ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं. कई लोगों ने लिखा कि कभी-कभी सबसे छोटे शब्द सबसे गहरे दर्द को बयां कर जाते हैं.

एम्स ने भी हरीश राणा के निधन की पुष्टि करते हुए बयान जारी किया. संस्थान के अनुसार, हरीश राणा का 24 मार्च 2026 को शाम 4:10 बजे निधन हुआ. वे विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की निगरानी में थे और पूरी प्रक्रिया मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार की गई. एम्स ने इस कठिन समय में उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की.

ENTERTAINMENT : ‘सनोज मिश्रा ने की छेड़छाड़’, डायरेक्टर पर भड़कीं मोनालिसा, पूछा- मूवी के लिए रेप करोगे?

मोनालिसा ने फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सनोज ने उन्हें गलत तरीके से छूने की कोशिश की, जबकि परिवार ने उनकी शिकायत को नजरअंदाज किया. मोनालिसा के आरोपों पर सनोज मिश्रा का रिएक्शन नहीं आया है.

महाकुंभ से रातोरात सेंसेशन बनीं मोनालिसा को फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने स्टार बनाया. अपनी फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ में हीरोइन लिया, एक्टिंग की ट्रेनिंग दी. लेकिन फरमान खान की दुल्हन बनने के बाद मोनालिसा के तेवर ही बदल गए हैं. मोनालिसा की शादी को उनके परिवार और सनोज मिश्रा ने लव जिहाद का नाम दिया. इस रिश्ते पर सवाल उठाए. इस पूरे विवाद पर मोनालिसा ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सनोज मिश्रा को आड़े हाथों लिया.

मोनालिसा ने अपनी डेब्यू फिल्म के डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर छेड़छाड जैसा गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सनोज मिश्रा ने उन्हें गलत तरीके से छूने की कोशिश की. जब उन्होंने परिवार को इस बारे में बताया, विरोध किया, तो उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया. उल्टा मोनालिसा को चुप रहने को कहा. केरल में मीडिया से बात करते हुए मोनालिसा ने कहा- मेरे और फरमान के पास सिर्फ एक ही रास्ता बचा है, वो है सुसाइड. अगर दिल्ली और मध्य प्रदेश की सरकार हमारी मदद नहीं करती है तो हम दोनों सुसाइड कर लेंगे. इसके अलावा हमारे पास कोई ऑप्शन नहीं बचा है. खुलेआम हमें काटने, मारने की धमकियां मिल रही हैं. हमारे पोस्टर जलाए जा रहे हैं. मैं सब सरकार से हाथ जोड़कर विनती करती हूं कि वो हमें सपोर्ट करें.

इसके बाद मोनालिसा ने सनोज मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा- जो सनोज मिश्रा कह रहे हैं कि मुझे मोनालिसा का नाम लेते हुए शर्म आ रही है, वो मेरी फिल्म का हिस्सा नहीं बनेगी. मुझे खुद उनकी फिल्म का हिस्सा नहीं बनना है. क्योंकि वो बेहद घटिया इंसान हैं. उनका नाम लेते हुए मुझे शर्म आ रही है. मुझे गंदा महसूस हो रहा है. वो छोटी-छोटी लड़कियों को फिल्म का झांसा देकर छेड़छाड़ करता है. वो वादा करता है कि मैं आपको ये फिल्म दूंगा. वो रोल दूंगा. वो फिल्मों के नाम पर गलत काम करता है.

मोनालिसा ने रोते हुए कहा- सनोज मिश्रा कोई अच्छा इंसान नहीं है. मुझे 10 बार उसने गलत तरीके से टच किया. वहां मैंने अपनी फैमिली को बोला तो उन्होंने मेरा साथ नहीं दिया. मुझे पता है कि मुझ पर क्या बीती है क्या नहीं. मेरे साथ अन्याय हुआ है. मुझे इंसाफ चाहिए. सनोज ने जब मुझे छुआ तो परिवार ने कहा कि पहली फिल्म है. तो क्या पहली मूवी के लिए मेरा रेप करवाओगे? मोनालिसा की इन बातों का अभी तक डायरेक्टर सनोज ने कोई जवाब नहीं दिया है.

मोनालिसा-फरमान की शादी का सबसे बड़ा धक्का सनोज को ही लगा था. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि मोनालिसा ने उनकी फिल्म को रिलीज से पहले संकट में डाल दिया है. फिल्म का एक गाना मोनालिसा के साथ शूट होना था, लेकिन अब वो मोनालिसा संग काम नहीं करेंगे. सनोज ने ये भी कहा था कि अब उनकी फिल्म का रिलीज होना मुश्किल है. वो महेश्वर जाकर मोनालिसा की फैमिली से मिले थे. उनके साथ पुलिस के पास जाकर मोनालिसा-फरमान के खिलाफ लव जिहाद की शिकायत कराई थी.

Durga Ashtami 2026 : चैत्र नवरात्र की महाअष्टमी पर कल इतने बजे से शुरू होगा कन्या पूजन का मुहूर्त, ये रहेगी टाइमिंग

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चैत्र नवरात्र का पावन पर्व दुर्गा अष्टमी 26 मार्च 2026 को मनाई जाएगी. इस दिन भक्त मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की उपासना करते हैं और कन्या पूजन करते हैं. इस दिन कन्या पूजन के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुहूर्त सुबह 6 बजकर 16 मिनट से लेकर सुबह 7 बजकर 48 मिनट तक रहेगा.

चैत्र नवरात्र का पावन पर्व अब अपने समापन की ओर है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 26 मार्च यानी कल चैत्र नवरात्र की महाअष्टमी यानी दुर्गाष्टमी मनाई जाएगी. महाअष्टमी का दिन नवरात्र के सबसे खास दिनों में से एक है. यह हर वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को ही मनाई जाती है. इस विशेष दिन पर भक्त मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की उपासना करते हैं. पूरे देश में यह दिन बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है. इसके अलावा, इस दिन कई लोग अपने घरों में कन्या पूजन करके नवरात्र का पारण भी करते हैं. तो आइए जानते हैं कि चैत्र नवरात्र की महाअष्टमी पर कल कितने बजे से कन्या पूजन शुरू होगा और किन नियमों के साथ होगा कन्या पूजन.

द्रिक पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 25 मार्च यानी आज दोपहर 1 बजकर 50 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 26 मार्च यानी कल सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर होगा.

पहला मुहूर्त- सुबह 6 बजकर 16 मिनट से लेकर सुबह 7 बजकर 48 मिनट तक रहेगा.

दूसरा मुहूर्त- सुबह 10 बजकर 56 मिनट से लेकर दोपहर 2 बजकर 01 मिनट तक रहेगा.

अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 2 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा.

इन तीनों मुहूर्त में कन्या पूजन किया जा सकता है.

दुर्गा अष्टमी 2026 शुभ योग (Durga Ashtami 2026 Shubh Yog)

दुर्गा अष्टमी पर कल सर्वार्थसिद्धि योग और रवि योग का संयोग भी बन रहा है. सर्वार्थसिद्धि योग शाम 4 बजकर 19 मिनट से लेकर 27 मार्च की सुबह 6 बजकर 17 मिनट तक रहेगा. रवि योग का मुहूर्त भी यही रहेगा.

दुर्गा अष्टमी के दिन ऐसे करें कन्या पूजन

चैत्र नवरात्र की दुर्गा अष्टमी के इस पावन दिन पर लोग नौ छोटी-छोटी कन्याओं को घर बुलाते हैं, जिन्हें मां दुर्गा के नौ रूपों का स्वरूप माना जाता है. उनकी पूजा की जाती है, माथे पर तिलक लगाया जाता है, उनके पैर धोए जाते हैं और उन्हें सात्विक भोजन जैसे हलवा, पूरी और चने खिलाए जाते हैं. उन्हें इच्छानुसार उपहार और दक्षिणा भी दी जाती है.

भोजन के बाद लोग उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेते हैं. कई लोग इस दिन जरूरतमंद और गरीब कन्याओं को भोजन, फल और कपड़े भी दान करते हैं. चैत्र दुर्गा अष्टमी बुराई पर अच्छाई की जीत और नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक है. यह दिन श्रद्धा, भक्ति और खुशी के साथ मनाया जाता है.

NATIONAL : कार्ड बंट गए, हलवाई बुक, पर दूल्हा कतर में फंसा… 30 मार्च को बिहार के रिजवान की शादी, 3 बार फ्लाइट कैंसिल

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गया जिले का खंडेल गांव इन दिनों एक अजीब-सी कशमकश और दुआओं के दौर से गुजर रहा है. एक तरफ घर में शहनाइयां बजने की तैयारी है, 500 कार्ड बंट चुके हैं और बावर्ची से लेकर होटल तक बुक हैं. वहीं दूसरी तरफ, जिसका निकाह होना है, वह दूल्हा रिजवान हजारों मील दूर कतर में युद्ध के हालातों के बीच फंसा हुआ है.

गया जिले के खंडेल गांव के जमील शाह के घर में इन दिनों उत्सव का माहौल होना चाहिए था, लेकिन वहां गहरी चिंता और मायूसी छाई हुई है. जमील के बेटे रिजवान का निकाह आगामी 30 मार्च को तय है. निकाह के 500 कार्ड बांटे जा चुके हैं, बस और होटल बुक हैं और लड़की वाले दिल्ली से गया पहुंच भी चुके हैं. लेकिन ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण रिजवान कतर में फंसा हुआ है.

रिजवान ने अपने निकाह में शामिल होने के लिए 17 मार्च को टिकट बुक किया था, मगर फ्लाइट कैंसिल हो गई और रिजवान अपने घर नहीं आ सका. इसके बाद परिवार के लोगों के कहने पर रिजवान ने दूसरी बार 20 मार्च को कतर से न्यू दिल्ली के लिए टिकट बुक किया, लेकिन दूसरी बार भी उसकी फ्लाइट कैंसिल हो गई. इससे पूरे गांववालों और परिवार वालों की चिंता बढ़ गई है.

गांव की मस्जिद में लोग रिजवान के सही-सलामत आने की दुआ मांग रहे हैं ताकि तय समय और तिथि पर उसकी निकाह हो सके. ज्ञात हो कि शेरघाटी अनुमंडल के खंडेल, बहेरा, सपा बिगहा सहित कई गांवों के 100 से अधिक युवक रोजी-रोटी कमाने के लिए अपने देश भारत छोड़कर खाड़ी देशों में गए हुए हैं.

खंडेल गांव के तकरीबन 25 से ज्यादा युवक कतर, सऊदी और अरब देशों में हैं. सभी लोग बीते ईद पर्व में आने वाले थे, मगर युद्ध के चलते नहीं आ पाए. कुछ लोग अपने गांव वापस आए हैं, लेकिन उन्हें घर लौटने में बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है.

रिजवान के भाई जहांगीर आलम ने बताया, ”मेरा छोटा भाई कतर में रहकर काम करता है और उसका निकाह इसी महीने 30 मार्च को होना है. निकाह की पूरी तैयारी हो चुकी है, मगर भाई रिजवान के आने का अभी कुछ पता नहीं है, क्योंकि वहां ईरान और इजरायल के बीच युद्ध चल रहा है, जिसके कारण सभी फ्लाइट बंद हैं. हम लोग इंतजार कर रहे हैं. अगर रिजवान बारात वाले दिन भी घर पहुंच जाता है तो निकाह करवा देंगे और अगर बारात वाले दिन भी नहीं आ पाता है तो निकाह की तारीख आगे बढ़ा देंगे.”

रिजवान अपने निकाह में शामिल होने के लिए तीन बार टिकट करवा चुका है, मगर तीनों बार फ्लाइट रद्द हो गई. अभी भी उसके पास टिकट है. निकाह को लेकर पूरे गांव में, पूरे परिवार के साथ-साथ जानने वाले लोगों में 500 कार्ड बंट चुके हैं. अब लोग अल्लाह के भरोसे हैं कि रिजवान घर आ जाए ताकि उसका तय तिथि पर निकाह हो जाए.

रिजवान के चाचा कादिर शाह और तस्लीम आलम ने बताया कि रिजवान के गांव आने के लिए पूरे गांव और परिवार के लोगों ने मस्जिद में दुआ की है कि वह निकाह के दिन से पहले घर आ जाए. लड़की वाले लोग दिल्ली से निकाह के लिए आ चुके हैं और उन्होंने निकाह की पूरी तैयारी कर रखी है.

रिजवान के पिता बहुत परेशान हैं. हम लोग उन्हें कह रहे हैं कि अल्लाह पर भरोसा रखें, सब अच्छा होगा. यह भारत की बात नहीं है कि जाएं और लड़के को लेकर आएं. यह विदेश की बात है और वहां का कानून क्या है, यह हम नहीं जानते. अगर भारत सरकार इसमें मदद करती है तो हमारे लिए बहुत खुशी की बात होगी.

हाल ही में दुबई से लौटे गांव के ही राजीव खान ने वहां के हालात बयां करते हुए कहा, “शाम होते ही आसमान मिसाइलों और धमाकों की आवाज से गूंज उठता था. हम रात भर सो नहीं पाते थे.” राजीव खुद चौथी बार में टिकट मिलने पर बहुत मुश्किल से दिल्ली पहुंच पाए. उनके अनुसार, अभी भी खंडेल, बहेरा और सपा बिगहा जैसे गांवों के 100 से अधिक युवक वहां फंसे हुए हैं. (रिपोर्ट: पंकज कुमार)

ENTERTAINMENT : भूत बंगला’ के लिए Arijit Singh ने खुद किया अप्रोच, ‘तू ही दिसदा’ की इनसाइड स्टोरी आई सामने

बॉलीवुड में हमेशा गाने फिल्मों की पहचान बन जाते हैं, लेकिन कभी-कभी ऐसा भी होता है जब कोई सिंगर खुद किसी गाने का हिस्सा बनने के लिए आगे आता है. अक्षय कुमार की फिल्म भूत बंगला के नए गाने ‘तू ही दिसदा’ को लेकर भी कुछ ऐसा ही दिलचस्प किस्सा सामने आया है. अपनी आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले अरिजीत सिंह इस गाने को गाने के लिए खुद फिल्म की टीम के पास पहुंचे. आमतैर पर मेकर्स के तरफ से सिंगर्स को गाना ऑफर किया जाता है, लेकिन यहां मामला बिल्कुल उल्टा देखने को मिला.

फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी एक इंडिपेंडेट सोर्स के मुताबिक, अरिजीत सिंह को ‘तू ही दिसदा’ सुनते ही गहरा जुड़ाव महसूस हुआ. उन्हें लगा कि इस गाने के इमोशंस को वह अपनी आवाज से और बेहतर तरीके से सामने ला सकते हैं. इसी वजह से उन्होंने खुद फिल्म की टीम से संपर्क किया. म्यूजिक कंपोजर प्रीतम और प्रोडक्शन टीम भी उनके इस जुनून से बहुत इंप्रेस हुई. गाने में अरिजीत के साथ निकिता गांधी की आवाज भी सुनाई देती है और दोनों ने मिलकर इस रोमांटिक ट्रैक को बहुत खास बना दिया है. गाने में अक्षय कुमार और वामिका गब्बी की केमिस्ट्री देखने को मिल रही है, जो दर्शकों को काफी पसंद आ रही है.

बता दें, करीब 14 साल बाद अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की हिट जोड़ी फिर से कॉमेडी अंदाज में वापसी कर रहे हैं, जिससे फैंस में अलग ही उत्साह है. फिल्म में परेश रावल, राजपाल यादव और गोवर्धन असरानी जैसे कलाकार भी नजर आएंगे, जो पुराने दौर की यादें ताजा करते हैं. बालाजी मोशन पिक्चर्स और केप ऑफ गुड फिल्म्स के बैनर तले बनी यह फिल्म 10 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. अब फिल्म के साथ-साथ अरिजीत सिंह की आवाज में इस गाने को बड़े पर्दे पर सुनने के लिए फैंस बेताब हो रहे है.

Top News : भारत के पास 10 दिन से कम का रणनीतिक तेल भंडार, लेकिन दूसरा विकल्प भरपूर देगा साथ!

भारत के पास पर्याप्‍त भंडार है, लेकिन रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार की बात करें तो यह 10 दिनों से भी कम का है. भारत में अभी तीन जगहों पर ये भंडार रखे गए हैं.जंग के बीच एक बड़ी जानकारी सामने आई है. इंडिया टुडे की ओर से पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय से मिले एक RTI के जवाब में कहा गया है कि आयात में रुकावट के कारण भारत के रणनीतिक कच्‍चे तेल का भंडार ‘लगभग 9.5 दिनों की आवश्‍यकता’ को ही पूरा कर सकता है.

आरटीआई के जवाब में आगे कहा गया है कि रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (SPR) कार्यक्रम को पहली बार 7 जनवरी, 2004 को मंजूरी दी गई थी और इसे लागू करने के लिए 16 जून, 2004 को इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड (ISPRL) की स्थापना की गई थी.अभी भारत में तीन स्थानों – विशाखापत्तनम (1.33 मिलियन मीट्रिक टन), मंगलुरु (1.5 मिलियन मीट्रिक टन) और पडूर (2.5 मिलियन मीट्रिक टन) में कुल 5.33 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) की एसपीआर भंडारण क्षमता है.

राज्यसभा में 23 मार्च, 2026 को दिए गए एक बयान में सरकार ने कहा कि ISPRL के पास लगभग 3.372 मिलियन मीट्रिक टन कच्चे तेल का भंडार उपलब्ध है, जो कुल भंडारण क्षमता का लगभग 64% है. आरटीआई की रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि सामान्‍य तेल भंडार के आंकड़े बदलते रहते हैं, जो भंडार और खपत पर निर्भर करता है.

RTI के जवाब से यह भी जानकारी मिलती है कि जुलाई 2021 में सरकार ने एसपीआर नेटवर्क के विस्तार को मंजूरी दी थी और इमरजेंसी तेल भंडार के लिए दो एक्‍स्‍ट्रा प्‍लांट्स- चंडीखोल (ओडिशा) में 4 मिमी क्षमता और पडूर (कर्नाटक) में 2.5 मिमी क्षमता की मंजूरी दी थी.

स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार) जंग, प्राकृतिक आपदा या आपूर्ति बाधित होने जैसी आपातकालीन स्थितियों के लिए सरकार धरती के अंदर स्‍टोर करके रखती है. यह देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करता है. सीधे शब्‍दों में कहें तो यह भारत के लिए इमरजेंसी तेल रिजर्व है. वहीं सामान्य कच्चे तेल भंडार व्यावसायिक उपयोग (पेट्रोल/डीजल उत्पादन) के लिए रिफाइनरियों द्वारा रखे जाते हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो पेट्रोलियम, अनरिफाइंड, कच्‍चा तेल और इमरजेंसी स्‍टोर्स भारत के पास कुल मिलाकर 60 से 70 दिन का है. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संसद में बोलते हुए कहा कि भारत के पास तेल का पर्याप्‍त भंडार है. सोमवार को जूनियर पेट्रोलियम मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि भारत के पास सभी फ्यूल मिलाकर कुल 74 दिन की एनर्जी है.

PUNJAB : जायदाद के लालच में कसाई बन गई पत्नी, बेटे से ही करवा दी पति की हत्या

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पंजाब के लुधियाना के जगाओं में हुई एक सनसनीखेज हत्या मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. 55 वर्षीय हरजिंदर सिंह की हत्या के पीछे कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि उसका अपना परिवार ही निकला. पुलिस जांच में सामने आया कि इस हत्या की मास्टरमाइंड उसकी पत्नी थी, जिसने जायदाद के लालच में अपने ही बेटे से पति की हत्या करवा दी.पुलिस ने इस मामले में आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं. इसके बाद पत्नी को भी हिरासत में ले लिया गया है. पुलिस अब दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है. इस खुलासे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है.

यह घटना जगाओं के सिंधवा बेट थाना क्षेत्र के गांव जंडी की है. जानकारी के मुताबिक, मृतक हरजिंदर सिंह ने अपनी पहली पत्नी की मौत के बाद दूसरी शादी की थी. पहली पत्नी से उसका एक बेटा था, जो कनाडा में रहता है.दूसरी पत्नी और उसके बेटे के साथ हरजिंदर का जायदाद के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. पुलिस के अनुसार, इसी विवाद ने हत्या जैसी खौफनाक साजिश को जन्म दिया. आरोपी पुत्र जसकरण सिंह और उसकी मां तरनजीत कौर उर्फ टीनी को इस साजिश में शामिल पाया गया है.

घटना का खुलासा तब हुआ जब हरजिंदर सिंह ने दोपहर तक अपने घर का दरवाजा नहीं खोला. पड़ोसियों को शक हुआ और उन्होंने उसके भाई जगराज सिंह को सूचना दी. जगराज अपने बेटे कुलजिंदर सिंह के साथ मौके पर पहुंचे.काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला, तो कुलजिंदर दीवार पर चढ़कर अंदर गया. अंदर का दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए. हरजिंदर सिंह खून से लथपथ बिस्तर पर पड़ा था. इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई.

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. घटनास्थल से सबूत जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. इसके बाद जगराज सिंह के बयान के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया.जांच के दौरान सामने आया कि हरजिंदर का अपनी पत्नी और बेटे के साथ लगातार झगड़ा होता था. इसी आधार पर पुलिस ने बेटे जसकरण सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया और पूछताछ में पूरी साजिश का खुलासा हो गया.

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