Monday, February 2, 2026
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BUSINESS : ट्रंप की धमकियों से और तेज चमका सोना, 3 लाख पर पहुंची चांदी, जानें आज 19 जनवरी को आपके शहर का रेट

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भारत में पिछले हफ्ते गुरुवार और शुक्रवार को कीमतों में गिरावट के बाद शनिवार को सोने में मजबूती आई और सोमवार, 19 जनवरी को यह तेजी और स्पष्ट हो गई.

पिछले महीने सोने की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन साल की शुरुआत के साथ ही इसमें एक बार फिर तेजी लौट आई है. अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिसका सीधा असर सोने की मांग पर पड़ा है. ऐसे हालात में निवेशक शेयर बाजार जैसी जोखिम भरी संपत्तियों से दूरी बनाकर सोने जैसे सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं. इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजारों में सोने की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है.

भारत में पिछले हफ्ते गुरुवार और शुक्रवार को कीमतों में गिरावट के बाद शनिवार को सोने में मजबूती आई और सोमवार, 19 जनवरी को यह तेजी और स्पष्ट हो गई. आज देश में 24 कैरेट सोना 1,910 रुपये की बढ़त के साथ 1,45,690 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि 22 कैरेट सोना 1,750 रुपये चढ़कर 1,33,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. वहीं, 18 कैरेट सोने की कीमत भी 1,430 रुपये बढ़कर 1,09,270 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है. जबकि, दूसरी तरफ पहली बार एमसीएक्स पर चांदी प्रति किलो तीन लाख रुपये पर पहुंच गई है.

शहरों की बात करें तो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,45,840 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,33,700 रुपये और 18 कैरेट सोने का भाव 1,09,420 रुपये है. मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, केरल और पुणे जैसे बड़े शहरों में 24 कैरेट सोना 1,45,690 रुपये, 22 कैरेट 1,33,550 रुपये और 18 कैरेट सोना 1,09,270 रुपये प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध है. वहीं चेन्नई में सोना सबसे महंगा बना हुआ है, जहां 24 कैरेट सोना 1,46,730 रुपये, 22 कैरेट 1,34,500 रुपये और 18 कैरेट सोना 1,12,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है.

सोने की कीमतें तय होने के पीछे कई अहम कारण होते हैं. जब भी वैश्विक स्तर पर युद्ध, राजनीतिक तनाव या आर्थिक संकट जैसे हालात बनते हैं, तो सोने की मांग बढ़ जाती है. इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, अमेरिकी ब्याज दरों में संभावित कटौती, महंगाई का स्तर और भारत में शादी-विवाह व त्योहारों के मौसम में बढ़ने वाली मांग भी सोने के भाव को प्रभावित करती है. मौजूदा हालात में वैश्विक अनिश्चितता बनी रहने के कारण सोने की कीमतों में आगे भी मजबूती रहने की संभावना जताई जा रही है.

ENTERTAINMENT : शोबिज छोड़ मौलाना से की सीक्रेट शादी, अकेली पड़ गई थीं सना खान, बोलीं- दोस्तों ने…

बिग बॉस 6 फेम सना खान ने शोबिज छोड़ने, शादी को सीक्रेट रखने और इंडस्ट्री के दोस्तों से दूरी बनाने पर खुलकर बात की. सना ने बताया कि कैसे उनके पुराने रिश्ते झूठे थे, उनके धर्म की राह अपनाने पर वो सब उनसे दूर हो गए.

बिग बॉस सीजन 6 से पहचान बनाने वाली सना खान ने साल 2020 में शोबिज छोड़ने का फैसला लेकर अपने फैंस को चौंका दिया था. हाल ही में सना ने अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर खुलकर बात की. सना ने बताया कि उन्होंने 2020 में एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री इसलिए छोड़ी क्योंकि ‘वह इंसानियत की सेवा करना और धर्म के रास्ते पर चलना’ चाहती थीं.सना ने 21 नवंबर 2020 को मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती अनस सैयद से शादी की थी. रश्मि देसाई से बातचीत के दौरान सना ने अपने और पति मुफ्ती अनस सैयद की लव स्टोरी के बारे में भी बताया. उन्होंने इस बात को साफ तौर पर खारिज किया कि उनके पति ने उन्हें शोबिज छोड़ने के लिए ‘ब्रेनवॉश’ किया था. सना ने इन अफवाहों को पूरी तरह गलत बताया.

उन्होंने यह भी बताया कि इंडस्ट्री छोड़ने के बाद उनके कई दोस्त उनसे दूर हो गए थे. सना ने कहा- जब लोगों को पता चला तो उन्होंने मुझसे दूरी बना ली. तब मुझे एहसास हुआ कि ये रिश्ते झूठे थे, क्योंकि अगर सच्चे होते तो मैं जैसी भी होती, मेरा साथ देते. शायद वो कुछ सोचते हों या न सोचते हों, लेकिन मुझे यही लगता था कि ये लोग अब मेरे संपर्क में क्यों नहीं हैं.

अपनी शादी को लेकर सना ने कहा- हमारी शादी बिल्कुल सीक्रेट रखी गई थी. मेरे मम्मी-पापा के अलावा किसी को कुछ नहीं पता था. यहां तक कि दूल्हे का नाम भी किसी को नहीं मालूम था. जब मेहंदी लग रही थी, तब मेहंदी वाली ने मुझसे दूल्हे का नाम पूछा. मैंने कहा अभी खाली छोड़ दो, अगली बार लिखेंगे.न्होंने आगे बताया- उस वक्त मेरी जिंदगी में बहुत बड़े बदलाव आ रहे थे. मैं सच में एक अलग इंसान बनती जा रही थी. ये बदलाव मेरे पति की वजह से नहीं थे, बल्कि ये मेरी अपनी चाहत थी. हां, उन्होंने मुझे सही रास्ता दिखाया और मुझे गाइड किया.

सना बताती हैं कि वो अब अपना बिजनेस करती हैं, और सोशल मीडिया के जरिए फॉलोअर्स को दीन का रास्ता दिखाती हैं. वो दो बेटों की मां भी बन चुकी हैं.

NATIONAL : गुलगुलिया गैंग के चंगुल से छुड़ाए 12 बच्चे, बेचने की तैयारी में थे मानव तस्कर, 16 गिरफ्तार

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झारखंड से गरीब परिवारों के बच्चे चुरा बिहार, यूपी, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में बेचने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. इस गिरोह के 16 सदस्यों को पकड़ने के साथ ही रांची पुलिस ने 12 बच्चों को मुक्त कराया है.झारखंड पुलिस ने मानव तस्करी से जुड़े एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है. रांची पुलिस ने 12 बच्चों को मुक्त कराने के साथ ही इस गिरोह के 16 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है. रांची पुलिस के मुताबिक इस गिरोह का संचालन बिहार के औरंगाबाद, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से किया जा रहा था.

जानकारी के मुताबिक रांची पुलिस धुर्वा थाना क्षेत्र से अगवा किए गए अंश और अंशिका की तलाश में जुटी थी. इन दोनों की तलाश में पुलिस ने अलग-अलग राज्यों से बच्चा चोर गिरोह के 16 सदस्यों को पकड़ा. इस गिरोह के चंगुल से रांची पुलिस ने 12बच्चों को भी आजाद कराया, जिन्हें धुर्वा थाने में रखा गया है. इन बच्चों को धनबाद, बोकारो, चाईबासा और रांची से बरामद किया गया.पुलिस बरामद बच्चों के परिजनों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराने की तैयारी में है. रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने बताया कि गायब किए गए बच्चों से चोरी, भीख मंगवाने समेत हर तरह के अनैतिक कार्य करवाए जाते थे. उन्होंने बताया कि यह गिरोह जिन लड़कियों को गायब करता था, बड़े होने पर उनसे देह व्यापार भी करवाया जाता था.

एसएसपी ने कहा कि बच्चा चोर गिरोह के तार मानव अंग की तस्करी करने वाले सिंडिकेट से तो नहीं जुड़े हैं, इस बात की भी पड़ताल की जा रही है. उन्होंने कहा कि इस गैंग की पहचान गुलगुलिया गैंग के रूप में हुई है, जिसे बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर प्रदेश से चलाया जा रहा था. गुलगुलिया गैंग आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को टार्गेट करता था और उन्हें चुराकर बिहार के साथ ही पश्चिम बंगाल, ओडिशा और यूपी में बेच दिया जाता था.

रांची के एसएसपी ने कहा कि सूबे से चुराए गए दर्जनों बच्चों को बिहार के औरंगाबाद निवासी अशोक सिंह और बाबू साहेब के अलावा बंगाल के सूरज रवानी खरीद चुके हैं. उन्होंने कहा कि अंश और अंशिका को भी बेचने की तैयारी थी. इनका सौदा भी तय कर लिया गया था, एडवांस ले लिया गया था. अंश और अंशिका के साथ गिरफ्तार दंपति पहले भी कुछ लाख रुपयों के लिए बच्चों की खरीद फरोख्त कर चुका है.

NATIONAL : अपर्णा यादव से तलाक लेंगे प्रतीक, घर तोड़ने का आरोप लगा सोशल मीडिया पर लिखी दिल की बात

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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव अपर्णा यादव से तलाक लेंगे. इसको लेकर उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट भी किया है. जिसमें उन्होंने अपर्णा पर कई आरोप लगाए हैं.अपर्णा यादव से अखिलेश के भाई प्रतीक यादव तलाक लेंगे. इसको लेकर उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट भी किया है. जिसमें उन्होंने लिखा कि स्वार्थी महिला ने मेरा परिवार बर्बाद कर दिया. इसने मेरी दिमागी हालत भी खराब कर दी है. हालांकि, तलाक की खबरों पर अभी अपर्णा यादव का कोई बयान नहीं आया है. साथ ही प्रतीक की तरफ से भी अभी मीडिया में कोई ऑफिशियल बयान नहीं दिया गया है.

अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव अपनी पत्नी को तलाक देने जा रहे हैं. उन्होंने अपर्णा को परिवार तोड़ने वाला बताया है. प्रतीक यादव ने लिखा कि मैं जल्द से जल्द इस मतलबी औरत को तलाक देने जा रहा हूं. उसने मेरे पारिवारिक रिश्ते खराब कर दिए. वह बस मशहूर और प्रभावशाली बनना चाहती है.अभी, मेरी मानसिक हालत बहुत खराब है और उसे कोई फर्क नहीं पड़ता. क्योंकि उसे सिर्फ़ अपनी ही चिंता है. मैंने इतनी बुरी आत्मा कभी नहीं देखी, और मेरा दुर्भाग्य था कि मैंने उससे शादी की. आपको बता दें कि प्रतीक रीयल स्टेट कारोबार से जुड़े हैं. जबकि अपर्णा भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़ीं हैंं. प्रतीक यादव से शादी के बाद अपर्णा यादव ने बीजेपी का दामन दाम थाम लिया था. दोनों मुलायम परिवार से अलग रहते हैं.

इस मामले में अपर्णा यादव से जुड़े लोगों की तरफ से आज तक को बताया गया है कि प्रतीक का आईडी हैक हो गया है. जिसकी वजह से वह पोस्ट में बदलाव भी नहीं कर पा रहे हैं. जल्दी ही उनकी तरफ से स्टेटमेंट जारी किया जाएगा.

BHOPAL : ‘मात्र उनकी एक आवाज में पूरा मोहल्ला इकट्ठा हो गया…’, छात्रा ने जारी किया वीडियो, मदरसे के सामने पार्किंग पड़ी भारी

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भोपाल के कल्पना नगर में पार्किंग को लेकर उपजा एक मामूली विवाद अब सांप्रदायिक तनाव और गंभीर आरोपों की शक्ल ले चुका है. एक छात्रा, पूर्णिमा दुबे ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर अपने और अपने दोस्तों के साथ हुई बेरहमी की आपबीती शेयर की है.राजधानी भोपाल के कल्पना नगर में पूर्णिमा दुबे नाम की युवती ने आरोप लगाया है कि पार्किंग विवाद में उसके और उसके दोस्तों के साथ मुस्लिम युवकों ने मारपीट की. इस मामले को लेकर युवती ने खुद एक वीडियो भी शेयर किया.

युवती ने बताया कि उसके दोस्त ने मदरसे के पास गाड़ी पार्क करने की कोशिश की, जैसा कि अक्सर वो लोग करते हैं. लेकिन मदरसे के सामने ऑटो में बैठे कुछ युवकों ने पहले तो इस पर आपत्ति ली और फिर 1000 रुपये की मांग करने लगे. इस पर विवाद बढ़ गया.युवती का आरोप है कि इस दौरान उन लोगों ने आवाज देकर मोहल्ले के और भी लोगों को बुला लिया. उनकी एक आवाज पर पूरा मोहल्ले के लोग आ गए. भीड़ में महिलाएं तक शामिल थीं. मुस्लिम समुदाय की भीड़ ने इकट्ठे होकर मारपीट शुरू कर दी.

आरोप है कि युवती के दोस्तों को रॉड, बेल्ट जैसी चीजों से मारा गया. जबकि बीच बचाव कर रही युवती को भी बुरी तरह पीटा गया.यही नहीं, युवती का आरोप है कि इस दौरान लड़कों और उनके साथ आई महिलाओं ने उसके साथ भी मारपीट की और उसके बाल नोच लिए. पीड़िता ने आरोप लगाया कि इस दौरान किसी युवक ने कथित तौर पर ‘कुर्बानी’ का नारा भी लगाया.

युवती और उसके दोस्तों ने पुलिस को कॉल किया, जिसके बाद पुलिस उन्हें मेडिकल के लिए ले गई और घायलों के मेडिकल में मारपीट की पुष्टि होने के बाद बीएनएस की धाराओं के तहत हमला करने वाले युवकों पर केस दर्ज किया गया है.युवती का कहना है कि वो साल 2019 से घर से बाहर रहकर पढ़ाई कर रही है, लेकिन पहली बार उसको डर लग रहा है.

वहीं, मोहल्ले के मुस्लिम लोगों का कहना है कि पार्किंग विवाद था, जिस पर बात यहां तक पहुंच गई. लेकिन इसे हिंदू-मुस्लिम विवाद का रूप देना गलत है.पुलिस ने आरोपियों को उठा लिया है. लेकिन किसी लड़की के साथ इस तरह का व्यवहार करना गलत है. हम उसकी निंदा करते हैं. पढ़ी लिखी लड़की है. उसके साथ अशिक्षित युवकों ने मारपीट की. यह गलत हुआ.

NATIONAL : खाटूश्याम दर्शन से लौट रहे श्रद्धालुओं की कार हादसे का शिकार, एक की मौत

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अलवर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर के पास कल्वर्ट में जा घुसी. घायलों को अलवर जिला अस्पताल से जयपुर रेफर किया गया है. सभी लोग खाटूश्याम का दर्शन कर फरीदाबाद लौट रहे थे. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रविवार शाम एक झपकी ने खुशियों भरे सफर को मातम में बदल दिया. खाटूश्याम के दर्शन कर फरीदाबाद लौट रहे पांच श्रद्धालुओं की तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर क्षेत्र के पास बने कल्वर्ट में जा घुसी. इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गया .

हादसा अलवर जिले के बड़ौदा मेव थाना क्षेत्र अंतर्गत जय सिंहपुरा के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुआ. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार तेज गति से चल रही थी. अचानक चालक को नींद की झपकी आ गई, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया और कार डिवाइडर के बीच बने गार्डनिंग एरिया को पार करते हुए सीधे सीमेंट के बॉक्स में जा टकराई.टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई. आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए. तुरंत पुलिस और एक्सप्रेसवे प्रशासन को सूचना दी गई. हाइवे एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को बड़ौदा मेव अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें अलवर जिला अस्पताल रेफर किया गया. बाद में डॉक्टरों ने कुछ घायलों को बेहतर इलाज के लिए जयपुर भेज दिया.

हादसे में रविंदर नामक युवक की मौके पर ही मौत हो गई. उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए बड़ौदा मेव अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है. घायल होने वालों में सूबे सिंह, बिट्टू, मनोज और राजेंद्र शामिल हैं, जिनका इलाज जारी है.घायल बिट्टू कुमार ने बताया कि यह हादसा शाम करीब चार बजे हुआ. उन्होंने बताया कि सभी लोग शनिवार को खाटूश्यामजी के दर्शन के लिए गए थे और रविवार को फरीदाबाद लौट रहे थे. अलवर के पास अचानक कार अनियंत्रित हो गई और उन्हें होश भी नहीं रहा. अस्पताल पहुंचने के बाद उन्हें हादसे की जानकारी मिली.

पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है और मामले की जांच शुरू कर दी है. शुरुआती तौर पर हादसे का कारण चालक को आई नींद की झपकी बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है.

NATIONAL : हादसों का हाइवे और नन्हीं साइकिल: मासूम बहन संग घर से ‘लापता’ हुआ 7 साल का भाई, तलाश में घंटों भटकती रही रायबरेली पुलिस, 30 KM दूर मिले

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रायबरेली के मलिकमऊ से लापता हुए सात वर्षीय निखिल और छह वर्षीय नित्या अपनी छोटी सी साइकिल से 30 किलोमीटर दूर बछरावां पहुंच गए. रविवार सुबह घर के बाहर खेलते समय गायब हुए इन बच्चों को एक सजग नागरिक की मदद से सकुशल बरामद कर पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया है.

उत्तर प्रदेश के रायबरेली में घर के बाहर खेल रहे मासूम बच्चे संदिग्ध परिस्थिति में लापता हो गए. काफी खोजबीन के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया. उन्होंने बताया कि 7 साल का निखिल और 6 वर्षीय नित्या साइकिल लेकर निकले थे. मासूम भाई-बहन की गुमशुदगी की खबर मिलते ही महकमा अलर्ट हो गया. फ़ौरन आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. इस बीच एक फुटेज में दोनों बच्चे बछरावां मार्ग की ओर जाते हुए दिखाई दिए, जिसके बाद पुलिस ने उस मार्ग पर पड़ने वाले हर थाने-चौकी को मैसेज भेजा. इधर पुलिस की तलाश तेज हो रही थी, उधर अनहोनी की आशंका के चलते परिवार की दिल की धड़कनें बढ़ती जा रही थीं. आइये जानते हैं फिर क्या हुआ…

आपको बता दें कि जिले के मिल एरिया थाना क्षेत्र के मलिकमऊ निवासी राम सुमिरन के दो बच्चे- निखिल और नित्या, रविवार सुबह करीब 9:00 बजे घर के बाहर खेलते समय लापता हो गए. मां के ढूंढने पर जब बच्चे नहीं मिले, तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू की गई. इस दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में बच्चे साइकिल से बछरावां मार्ग की ओर जाते दिखे. आखिर में करीब 30 किलोमीटर दूर बछरावां में एक स्थानीय व्यक्ति ने बच्चों को संदिग्ध स्थिति में देख स्थानीय पुलिस को सूचना दी. इस तरह बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया.

बताया जा रहा ही कि 7 साल का भाई और 6 साल की बहन अपनी छोटी सी साइकिल पर सवार होकर घर से निकले थे. वे लखनऊ-रायबरेली जैसे व्यस्त मार्ग पर पहुंच गए, जहां भारी वाहनों और ट्रकों का लगातार आना-जाना लगा रहता है. प्रयागराज मेले के कारण रविवार को सड़क पर वाहनों का दबाव और भी अधिक था. इतनी कम उम्र के बच्चों का साइकिल चलाते हुए 30 किलोमीटर दूर बछरावां कस्बे तक पहुंच जाना हर किसी के लिए चर्चा और हैरानी का विषय बना हुआ है.

बच्चों के अचानक गायब होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी. पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो सीसीटीवी कैमरों में दोनों बच्चे गोल चौराहे के पास साइकिल चलाते हुए दिखाई दिए. मिल एरिया थानाध्यक्ष ने तुरंत बच्चों की तस्वीरें आसपास के सभी थानों में भेज दीं और पूरे रूट पर अलर्ट जारी कर दिया. पुलिस और परिजन घंटों तक बच्चों की तलाश में खाक छानते रहे, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल रहा था.

बछरावां मार्ग पर पहरुवां विशनपुर के रहने वाले भगवती प्रसाद रावत ने इन नन्हें भाई-बहन को साइकिल से जाते देखा. बच्चों को अकेला और असहज देख उन्हें शक हुआ, तो उन्होंने रोककर पूछताछ की. बच्चे अपना सही पता बताने में असमर्थ थे, जिसके बाद भगवती प्रसाद उन्हें अपनी बाइक पर बैठाकर बछरावां थाने ले गए.

जैसे ही बच्चों के सुरक्षित मिलने की खबर आई, बदहवास परिजनों की जान में जान आई. बछरावां पुलिस की सूचना पर मिल एरिया पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चों की पहचान की. इसके बाद निखिल और नित्या को उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया. पुलिस और आम जनता के सहयोग से यह सफल बरामदगी मुमकिन हो पाई.

NATIONAL : दिवाली की रात खौफ का सफर… इंस्टाग्राम पर छलका बेंगलुरु की महिला का दर्द, FIR के बाद भी कैब ड्राइवर अब तक फरार

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बेंगलुरु की एक महिला ने एक कैब ड्राइवर पर यौन उत्पीड़न की कोशिश का आरोप लगाया है. FIR और कोर्ट में बयान के बावजूद पुलिस कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने सोशल मीडिया के माध्यम से न्याय की गुहार लगाई है.दिवाली की रात जब पूरा शहर उत्सव मना रहा था, तब बेंगलुरु की एक महिला अपनी जिंदगी के सबसे भयानक अनुभव से गुजर रही थी. एक कैब ड्राइवर ने ‘तकनीकी खराबी’ का बहाना बनाकर न सिर्फ गाड़ी रोकी, बल्कि पिछली सीट पर आकर पीड़िता के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की.

बेंगलुरु की महिला का आरोप है कि 21 अक्टूबर 2025 को दीवाली की रात जब वह घर लौट रही थी, तो एक कैब ड्राइवर ने उसके साथ यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की. पीड़िता के बयान के अनुसार, कैब ड्राइवर ने अचानक गाड़ी रोक दी, यह कहते हुए कि कोई टेक्निकल दिक्कत आ गई है और फिर पिछली सीट पर आकर उसके साथ हमला करने की कोशिश की. उसने बताया कि ड्राइवर नशे में लग रहा था और उसका यौन शोषण करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वह उसे धक्का देकर भागने में कामयाब रही और मदद के लिए चिल्लाते हुए सड़क पर आ गई.

ड्राइवर ने थोड़ी देर तक उसका पीछा किया, जिसके बाद एक दोपहिया वाहन चालक और एक महिला उसकी मदद के लिए आए और उसे घर छोड़ा.पीड़िता ने बताया कि उसने अगले ही दिन शिकायत दर्ज कराई और 11 नवंबर को कोर्ट में अपना बयान रिकॉर्ड कराया, लेकिन उसके बाद से उसे अब तक पुलिस से कोई अपडेट नहीं मिला है.

पीड़िता ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में अपनी आपबीती बताई. उसने उस ट्रॉमा के बारे में भी बात की, जिसका वह अभी भी सामना कर रही है और दावा किया कि इस घटना के कारण उसे गंभीर तनाव, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और कैब या ऑटो इस्तेमाल करने का डर सता रहा है.

NATIONAL : ब्याज पर पैसे बांटना, 3 मकान, तीन ऑटो और एक कार… ऐसी जिंदगी है करोड़पति भिखारी मांगीलाल की

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इंदौर के सर्राफा बाजार में लकड़ी की फिसलने वाली गाड़ी, पीठ पर टंगा बैग और हाथों में जूते लेकर घिसटकर चलता मांगीलाल जिसे भी दिखाई देता, वह सहानुभूति में उसे पैसे दे देता. लेकिन यही मांगीलाल तीन पक्के मकानों, तीन ऑटो और एक डिजायर कार का मालिक है. इतना ही नहीं, वह लोगों को ब्याज पर पैसा भी देता था. इस खुलासे ने सबको चौंका दिया.

मध्य प्रदेश के इंदौर में सालों से लकड़ी की फिसलने वाली गाड़ी पर घूम-घूमकर भीख मांगने वाला एक विकलांग भिखारी तीन पक्के मकानों, ऑटो और एक कार का मालिक निकला. इस भिखारी का नाम है मांगीलाल. यह पूरा मामला तब सामने आया जब महिला एवं बाल विकास विभाग की रेस्क्यू टीम ने लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर सराफा क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए मांगीलाल को रेस्क्यू किया और उससे पूछताछ हुई. इसके बाद चौंकाने वाले खुलासे हुए.

सर्राफा बाजार क्षेत्र में नियमित रूप से आने-जाने वाले लगभग सभी लोग मांगीलाल को पहचानते हैं. लकड़ी की बनी फिसलने वाली गाड़ी, पीठ पर टंगा बैग और हाथों में जूते के सहारे घिसटते हुए चलना. यह दृश्य वर्षों से सराफा बाजार में आम था. पहली नजर में मांगीलाल को देखकर हर व्यक्ति के मन में सहानुभूति जागती थी और लोग बिना कुछ सोचे-समझे उसे पैसे दे देते थे. मांगीलाल खुद को बेहद असहाय और मजबूर दिखाता था. न तो किसी से जबरदस्ती करता था और न ही ऊँची आवाज में कुछ कहता था. वह चुपचाप लोगों के पास जाता, और उसकी विकलांगता देखकर लोग स्वयं ही उसे भीख दे देते थे.

रेस्क्यू के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि मांगीलाल को उसकी विकलांगता को देखते हुए शासन द्वारा रेड क्रॉस सोसायटी की मदद से 1 बीएचके मकान पहले ही उपलब्ध कराया जा चुका था. वह अलवास क्षेत्र में स्थित आश्रम में भी रह चुका था. बावजूद इसके, उसने भीख मांगने को ही अपनी आजीविका का साधन बनाए रखा.

रेस्क्यू टीम द्वारा की गई जांच में मांगीलाल की संपत्ति का जो ब्योरा सामने आया, वह चौंकाने वाला है. मांगीलाल के पास कुल तीन पक्के मकान हैं. भगत सिंह नगर में 16×45 फीट का तीन मंजिला पक्का मकान, शिवनगर क्षेत्र में लगभग 600 स्क्वायर फीट में बना दूसरा पक्का मकान तथा अलवास क्षेत्र में 10×20 फीट का एक 1 बीएचके मकान. इन संपत्तियों की कीमत लाखों नहीं, बल्कि मौजूदा बाजार दर के अनुसार करोड़ों में आंकी जा रही है.

सिर्फ मकान ही नहीं, मांगीलाल के पास तीन ऑटो रिक्शा भी हैं, जिन्हें वह किराए पर चलवाता है. इसके अलावा उसके पास एक डिजायर फोर व्हीलर कार भी है. खास बात यह है कि मांगीलाल स्वयं इस कार का उपयोग नहीं करता, बल्कि इसे भी किराए पर चलवाता है.पूछताछ में मांगीलाल ने यह भी स्वीकार किया कि उसने सराफा क्षेत्र के कई लोगों को ब्याज पर पैसे दे रखे हैं. उसका कहना था कि वह रोज सराफा सिर्फ भीख मांगने नहीं, बल्कि ब्याज की रकम वसूलने भी जाता है. मांगीलाल के अनुसार, उसे प्रतिदिन ब्याज और भिक्षा मिलाकर 400 से 500 रुपये तक की आमदनी हो जाती है.

रेस्क्यू के दौरान मांगीलाल ने अपनी सफाई में कहा कि वह किसी से जबरदस्ती भीख नहीं मांगता. उसके अनुसार, लोग उसकी हालत देखकर स्वयं पैसे दे देते हैं. उसने यह भी कहा कि वह किसी को मजबूर नहीं करता और न ही किसी तरह का दबाव बनाता है. हालांकि प्रशासन का मानना है कि भले ही जबरदस्ती न हो, लेकिन झूठी मजबूरी और असहायता दिखाकर भीख मांगना भी अपराध की श्रेणी में आता है, खासकर तब जब व्यक्ति संपन्न हो. रेस्क्यू दल के नोडल अधिकारी दिनेश मिश्रा ने बताया कि सराफा क्षेत्र से मांगीलाल के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं. लोगों का कहना था कि वह वर्षों से भीख मांग रहा है, जबकि उसकी जीवनशैली और गतिविधियां संदेह पैदा करती थीं. इन्हीं शिकायतों के आधार पर भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के तहत टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे रेस्क्यू किया है. आगे की कार्रवाई शासन के निर्देशानुसार की जाएगी.

इस पूरे मामले पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री रजनीश सिन्हा ने कहा कि भिक्षावृत्ति के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति भिक्षावृत्ति करेगा या इसे बढ़ावा देगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों से समाज में गलत संदेश जाता है और वास्तव में जरूरतमंद लोगों के हक पर भी असर पड़ता है.

NATIONAL : ड्राइवर की कोशिशें नाकाम, बस पलटते ही मचा कोहराम, 7 बारातियों की मौत

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झारखंड के लातेहार जिले में बारातियों से भरी बस पलटने से बड़ा हादसा हो गया. इस दुर्घटना में पांच महिलाओं समेत सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 80 से अधिक लोग घायल हुए हैं. हादसा महुआडांड़ थाना क्षेत्र के ओरसा बंग्लादारा घाटी में हुआ. 32 घायलों को रिम्स रांची रेफर किया गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं.

झारखंड में शादी की खुशियां मातम में बदल गई. लातेहार जिले में रविवार को ऐसा भीषण हादसा हुआ, जिसने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं. बारातियों से भरी एक बस ओरसा बंग्लादारा घाटी में अनियंत्रित होकर पलट गई. हादसे में पांच महिलाओं समेत सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 80 से ज्यादा लोग घायल हो गए.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक यह दुर्घटना महुआडांड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत ओरसा बंग्लादारा घाटी में हुई. पुलिस के अनुसार, बस छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से लातेहार के महुआडांड़ में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रही थी. बस में करीब 90 यात्री सवार थे.लातेहार के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने बताया कि बस पलटने के तुरंत बाद पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें चार महिलाएं शामिल थीं. बाद में इलाज के दौरान अस्पताल में दो और लोगों की मौत हो गई. हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

घायलों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया. उपमंडल पदाधिकारी (SDM) विपिन कुमार दुबे के मुताबिक, 60 घायल महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराए गए हैं, जबकि 20 से अधिक घायलों को एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है. इनमें से 32 गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर किया गया है.

मृतकों की पहचान रेशंती देवी (35), प्रेमा देवी (37), सीता देवी (45), सोनामती देवी (55), सुखना भुइयां (40) और विजय भुइयां के रूप में हुई है. लातेहार अस्पताल में इलाज के दौरान मृत एक महिला की पहचान अभी की जा रही है.बस चालक विकास पाठक ने दावा किया कि हादसा ब्रेक फेल होने की वजह से हुआ. उसने बताया कि उसने बस को रोकने के लिए हैंडब्रेक लगाने और इंजन बंद करने की कोशिश की, लेकिन नियंत्रण नहीं पाया और बस पलट गई.

हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लातेहार के उपायुक्त को निर्देश दिया कि घायलों को हर संभव बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए.

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