Sunday, April 26, 2026
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NATIONAL : उत्तराखंड में बिजली दरों पर बड़ा अपडेट, ऊर्जा निगमों के टैरिफ प्रस्तावों पर आयोग ने मांगा स्पष्टीकरण

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उत्तराखंड में बिजली दरों को लेकर महत्वपूर्ण प्रक्रिया शुरू हो गई है. प्रदेश के तीनों ऊर्जा निगमों—उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल), उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) और पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल)—द्वारा भेजे गए टैरिफ प्रस्तावों में कुछ कमियां पाए जाने के बाद उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने इन पर बिंदुवार जवाब मांगा है. आयोग ने तीनों निगमों को 17 दिसंबर तक अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं.

ऊर्जा निगमों की ओर से नियामक आयोग को भेजे गए प्रस्तावों के अनुसार, इस बार बिजली दरों में कुल मिलाकर करीब 18.50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है. यूपीसीएल ने 16.23 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव दिया है, जबकि पिटकुल की ओर से लगभग तीन प्रतिशत टैरिफ बढ़ाने की मांग की गई है. हालांकि, इस बार सबसे चौंकाने वाला प्रस्ताव यूजेवीएनएल की ओर से आया है, जिसने पहली बार ऋणात्मक यानी माइनस 1.2 प्रतिशत टैरिफ का प्रस्ताव भेजा है. नियामक आयोग के अधिकारियों के अनुसार, यूजेवीएनएल का ऋणात्मक टैरिफ प्रस्ताव अप्रत्याशित है. ऋणात्मक टैरिफ का अर्थ यह है कि निगम को आगामी वित्तीय वर्ष में किसी भी तरह की दर वृद्धि नहीं मिलेगी. आयोग के स्तर पर इस प्रस्ताव को लेकर भी गहन समीक्षा की जा रही है.

प्रस्ताव भेजने की समयसीमा की बात करें तो यूजेवीएनएल और पिटकुल ने 30 नवंबर से पहले ही अपने टैरिफ प्रस्ताव नियामक आयोग को सौंप दिए थे, जबकि यूपीसीएल ने करीब नौ दिसंबर को अपना प्रस्ताव जमा कराया. आयोग के अधिकारियों ने तीनों प्रस्तावों का अध्ययन करने के बाद कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण की आवश्यकता जताई है, जिसके चलते पत्र भेजकर जवाब मांगा गया है.

आयोग को जब सभी जरूरी जानकारियां और स्पष्टीकरण प्राप्त हो जाएंगे, उसके बाद इन प्रस्तावों को औपचारिक रूप से याचिका के रूप में स्वीकार किया जाएगा. इसके पश्चात फरवरी माह में नियामक आयोग द्वारा टैरिफ प्रस्तावों पर जनसुनवाई आयोजित की जाएगी. इस दौरान उपभोक्ताओं, सामाजिक संगठनों और अन्य हितधारकों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी. जनसुनवाई और विस्तृत विश्लेषण के बाद आयोग वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों की घोषणा करेगा. यह नई दरें एक अप्रैल से पूरे प्रदेश में लागू होंगी. ऐसे में आने वाले समय में बिजली उपभोक्ताओं की नजरें नियामक आयोग के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं.

MAHARASHTRA : ठाणे में व्यापारी से 35 लाख की ठगी, ठगों ने ऐंठे रुपये

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ठाणे में एक व्यापारी से 35 लाख की ठगी का मामला सामने आया है. बताया जाता है कि माल देने के बदले ठगों ने व्यापारी से 35 लाख रुपये की ठगी कर ली.

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के एक कपड़ा व्यापारी से 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में मुंबई के चार व्यापारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. एक एजेंसी के मुताबिक आरोपियों ने इस साल जून और नवंबर के बीच भिवंडी शहर के गायत्री नगर में रहने वाले 42 साल के पीड़ित से ग्रे (बिना प्रोसेस किया हुआ) कपड़े की खेप खरीदी थी.

भिवंडी टाउन पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि बकाया चुकाने के बजाय, उन्होंने सामान किसी तीसरी पार्टी को बेच दिया और पेमेंट टालते रहे. जब पीड़ित ने पेमेंट की मांग की, तो आरोपियों ने उनके कॉल का जवाब देना बंद कर दिया. बाद में अपना ऑफिस बंद करके फरार हो गए.

पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है. इधर पीड़ित व्यापारी का कहना है कि इतनी बड़ी रकम की ठगी के बाद उसका व्यापार प्रभावित हो रहा है. रुपयों की कमी के चलते वह अधिक माल नहीं खरीद पा रहा है.

WORLD : हुसैनिया पैलेस में शानदार स्वागत से लेकर रॉयल बिदाई तक, जॉर्डन में पीएम मोदी की यादगार यात्रा

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जॉर्डन के क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय पीएम मोदी को अपनी गाड़ी से खुद ड्राइव कर करके ‘द जॉर्डन म्यूजियम’ तक लेकर पहुंचे. पीएम ने गेस्ट बुक पर साइन किया.

प्रधानमंत्री दो दिवसीय जॉर्डन यात्रा कर इथियोपिया के लिए रवाना हो गए. पीएम मोदी को राज परिवार ने पूरा सम्मान दिया. हुसैनिया पैलेस में सोमवार शाम को उनका स्वागत किया गया, और विदा करने खुद क्राउन प्रिंस पहुंचे. इस दौरे को प्रधानमंत्री ने सफल बताया है. यादगार यात्रा के कुछ अहम पड़ावों से रूबरू भी कराया है.

वहां पहुंचने पर जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने आलीशान हुसैनिया पैलेस में पीएम मोदी का स्वागत किया. किंग अब्दुल्ला पैगंबर मोहम्मद की 41वीं पीढ़ी के वंशज माने जाते हैं. उनका परिवार 1400 साल से जॉर्डन पर राज कर रहा है.

इस दौरे में कुछ ऐसा हुआ जो बरसों-बरस याद रखा जाएगा. प्रधानमंत्री के एक्स प्लेटफॉर्म पर 2 मिनट 10 सेकंड का क्लिप है. इसमें ही वो अभूतपूर्व क्षण दिखता है. जॉर्डन के क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय पीएम मोदी को अपनी गाड़ी से खुद ड्राइव कर करके ‘द जॉर्डन म्यूजियम’ तक लेकर पहुंचे. पीएम ने गेस्ट बुक पर साइन किया. इस दौरान भी जॉर्डन के क्राउन प्रिंस हुसैन मौजूद थे.

प्रधानमंत्री ने क्राउन प्रिंस के भाव की सराहना भी की. उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, ‘जॉर्डन यात्रा के दौरान, मैंने हिज रॉयल हाइनेस क्राउन प्रिंस अल-हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय के साथ विस्तार से बातचीत की. जॉर्डन की प्रगति के प्रति उनका जुनून साफ ​​दिखता है. युवा विकास, खेल, अंतरिक्ष, इनोवेशन और दिव्यांग व्यक्तियों के कल्याण को आगे बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में उनका योगदान सच में सराहनीय है. जॉर्डन के विकास की राह को मजबूत करने के उनके प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं.’

एक खास भाव दिखाते हुए, क्राउन प्रिंस द्वितीय ने पीएम मोदी को खुद एयरपोर्ट तक छोड़ा और इथियोपिया के लिए रवाना होते समय उन्हें विदा किया. भारत और जॉर्डन के बीच पांच अहम समझौते भी हुए. इनमें संस्कृति, अक्षय ऊर्जा, जल प्रबंधन, डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण से जुड़े समझौते शामिल हैं.

दोनों देशों ने संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, रिन्यूएबल और क्लीन एनर्जी परियोजनाओं पर साथ काम करने और जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए समझौते किए. वहीं डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के तहत डिजिटल गवर्नेंस और तकनीक आधारित सार्वजनिक सेवाओं में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर भी सहमत हुए. इंडिया-जॉर्डन बिजनेस फोरम में पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों की अहमियत बताई.

NATIONAL : तीन साल में CAPFs में 438 आत्महत्याएं और 7 फ्रैट्रिसाइड, 2014 से अब तक 23 हजार से ज्यादा जवानों ने दिया इस्तीफा

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सरकार ने संसद में बताया कि बीते तीन साल में CAPFs, असम राइफल्स और NSG में 438 आत्महत्याएं और सात फ्रैट्रिसाइड के मामले दर्ज हुए. 2014 से 2025 के बीच 23,360 जवानों ने इस्तीफा दिया. सरकार ने छुट्टी और मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी भी साझा की है.

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में मानसिक दबाव और सेवा से जुड़ी चुनौतियों की तस्वीर एक बार फिर सामने आई है. सरकार ने संसद को बताया है कि बीते तीन वर्षों में Central Armed Police Forces, असम राइफल्स और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड में आत्महत्या और आपसी हिंसा के कई मामले दर्ज हुए हैं.

लोकसभा में एक लिखित जवाब में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जानकारी दी कि वर्ष 2023 से 2025 के बीच कुल 438 आत्महत्याओं और सात फ्रैट्रिसाइड की घटनाएं सामने आईं. आंकड़ों के अनुसार 2023 में आत्महत्या के 157 मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में घटकर 133 रह गए. फ्रैट्रिसाइड की बात करें तो 2023 में दो, 2024 में एक और 2025 में चार घटनाएं दर्ज की गईं.बलवार आंकड़ों में सबसे ज्यादा आत्महत्याएं Central Reserve Police Force में दर्ज की गईं, जहां तीन साल में 159 जवानों ने आत्महत्या की. इसके बाद Border Security Force में 120 और Central Industrial Security Force में 60 आत्महत्याओं के मामले सामने आए.

इस्तीफों के आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले हैं. मंत्री ने बताया कि 2014 से 2025 के बीच CAPFs और असम राइफल्स के कुल 23,360 जवानों ने नौकरी से इस्तीफा दिया. इनमें सबसे ज्यादा 7,493 इस्तीफे बीएसएफ से हुए. इसके बाद सीआरपीएफ से 7,456 और सीआईएसएफ से 4,137 जवानों ने सेवा छोड़ी. साल 2025 में अब तक 3,077 इस्तीफे दर्ज किए गए हैं. इनमें सबसे अधिक 1,157 इस्तीफे बीएसएफ से हुए हैं.

सेवा शर्तों पर जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि CAPF जवान सामान्य तौर पर आठ घंटे की शिफ्ट में काम करते हैं, हालांकि ऑपरेशनल जरूरतों के अनुसार ड्यूटी समय बदलता रहता है. उन्होंने कहा कि फील्ड में तैनात जवानों को साल में 75 दिन की छुट्टी का प्रावधान है, जिसमें 60 दिन की अर्जित छुट्टी और 15 दिन की कैजुअल लीव शामिल है.

सरकार के अनुसार जवानों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है. CAPF और यूनिट अस्पतालों में मनोरोग सेवाएं दी जा रही हैं. साथ ही तनाव प्रबंधन, जागरूकता कार्यक्रम, योग और ध्यान सत्रों के जरिए मानसिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की जा रही है.

BUSINESS : 18 दिसंबर से दिल्ली में इन गाड़ियों की एंट्री पर लगा बैन, पेट्रोल-डीजल भी नहीं मिलेगा

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बीएस-6 डीज़ल से नीचे के वाहनों का 18 दिसंबर से दिल्ली में प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा. सिर्फ दिल्ली रजिस्ट्रेशन की गाड़ियां ही चलेंगी. बाहर राज्य के रजिस्ट्रेशन वाले प्राइवेट वाहन दिल्ली में प्रवेश नहीं पाएंगे. जिन वाहनों के पास प्रदूषण का पीयूसीसी सर्टिफिकेट नहीं होगा उन्हें 18 दिसंबर से पेट्रोल-डीजल पेट्रोल पम्प पर नहीं मिलेगा. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसकी घोषणा की. सिरसा ने कहा कि निर्माण सामग्री ले जाने वाले ट्रकों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और वाहन जब्त किए जाएंगे.

मंत्री सिरसा ने कहा, “मैं दिल्ली के लोगों से माफी मांगता हूं. मैं इतना कहना चाहता हूं कि 9-10 महीनों में कोई सरकार आपको पूरा का पूरा पॉल्यूशन को साफ कर सके, ऐसा असंभव है. लेकिन दिल्लीवासियों मैं आपको बताना चाहता हूं कि आम आदमी पार्टी की सरकार से हमने बेहतर करके हर दिन का AQI कम किया है. इसी तरह अगर कम करते जाएंगे तो ही दिल्ली की साफ हवा देना संभव हो पाएगा.”

इसके आगे उन्होंने कहा, “ये 10-11 साल की आम आदमी पार्टी की और 15 साल कांग्रेस की बीमारी है. मैं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से पूछना चाहता हूं कि आपके मास्क पिछले साल कहा थे. पिछले साल इससे ज्यादा पॉल्यूशन था. पिछले साल इससे ज्यादा गंदे दिन थे…बिल्कुल दिल्ली में पॉल्यूशन है और इसको हम ठीक करने का काम कर रहे हैं.”

मंत्री ने कहा कि पॉल्यूशन फैलाने वालों पर 9 करोड़ 21 लाख रुपया जुर्माना DPCC के माध्यम से लगा. सभी डिपार्टमेंट सही से काम कर रहे हैं. हमने दिल्ली में गार्ड्स को 10 हजार इलेक्ट्रिक हीटर दिए हैं ताकि वो लकड़ी न जलाएं. उन्होंने कहा कि दिल्ली में डीजल जेनेरेटर्स पर भी सख्त कार्रवाई की गई है. अगर किसी बैंक्वेट हॉल को गलत पाया जाएगा तो उन्हें सील किया जाएगा.

NATIONAL : मां ने पकड़े पैर, बाप ने दुपट्टे से घोंट दिया गला… रिटायर्ड दारोगा ने ऐसे किया बेटी का कत्ल; बेटे-मामा की मदद से ठिकाने लगाई लाश

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आगरा में रिटायर्ड दारोगा रणवीर सिंह यादव ने अपनी बेटी की हत्या कर दी. बेटी रिश्ते के भतीजे से शादी करना चाहती थी, जो परिवार को मंजूर नहीं था. रणवीर ने बताया कि विवाद के दौरान पत्नी ने बेटी के पैर पकड़े और उसने दुपट्टे से गला घोंट दिया. हत्या के बाद बेटे और मामा ने शव ठिकाने लगाया.

उत्तर प्रदेश के आगरा में रिटायर्ड दारोगा रणवीर सिंह यादव ने अपनी बेटी की हत्या कर शव को इटावा में फेंक दिया. पहले तो पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई लेकिन जल्द ही मामला खुल गया. हत्यारोपी पिता ने पुलिस को बताया कि बेटी की हत्या दुपट्टे से गला घोंटकर की गई थी. हत्या के समय पत्नी ने बेटी के पैर पकड़ रखे थे. बेटे ने भी साथ दिया था.

रणवीर यादव ने बताया कि उनकी बेटी अपने ही रिश्ते के भतीजे से शादी करना चाहती थी. परिवार ने कई बार उसे समझाने की कोशिश की कि इस रिश्ते से समाज में बदनामी होगी, लेकिन वह किसी भी कीमत पर मानने को तैयार नहीं थी. 24 अक्टूबर को इसी बात को लेकर घर में कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई. इसी दौरान बेटी ने गुस्से में ‘मार डालो-मार डालो’ कह दिया, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए.

आरोप है कि गुस्से में पत्नी ने बेटी के पैर पकड़ लिए और रणवीर यादव ने दुपट्टे से उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. हत्या के बाद रणवीर ने अपने बेटे को फोन कर बताया कि उन्होंने अपना काम कर दिया है. इसके बाद बेटा कार से डेडबॉडी को मामा के घर ले गया, जहां मामा की मदद से शव को यमुना नदी के किनारे ठिकाने लगा दिया गया.

बताया गया कि घटना के समय बेटी की चीख सुनकर छोटा बेटा कमरे में आ गया था, लेकिन उसे डांटकर चुप करा दिया गया. परिवार ने इस वारदात को छिपाने की पूरी कोशिश की, लेकिन मामला ज्यादा देर तक दब नहीं सका.

हत्या से पहले युवती ने अपने बॉयफ्रेंड को 29 सेकंड का एक वीडियो भेजा था. इस वीडियो में उसने अपना नाम बताते हुए कहा था कि वह उससे प्यार करती है और उससे शादी करना चाहती है. वीडियो में युवती ने कहा था कि उसके घरवाले उसकी शादी के खिलाफ हैं और उसे जान का खतरा है. उसने अपने पिता, मां, बड़े भाई, छोटी बहन, गांव के एक व्यक्ति के साथ-साथ बुआ और फूफा से भी जान का खतरा बताया था. युवती ने यह भी कहा था कि अगर पहले उसे मारा गया तो फिर प्रेमी को भी मार दिया जाएगा.

रविवार को पुलिस ने यमुना किनारे से युवती की डेडबॉडी के अवशेष बरामद किए. सोमवार को पूछताछ के दौरान पिता रणवीर सिंह यादव, भाई गौरव और मामा सतीश को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया गया. पुलिस के मुताबिक, रणवीर यादव के परिवार में तीन बेटियां और दो बेटे थे. मृतका दूसरी नंबर की बेटी थी, जिसने पढ़ाई पूरी कर ली थी और शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रही थी. मृतका की मां और मामी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है.

NATIONAL : गोवा क्लब अग्निकांड: थाईलैंड से भारत लाए गए लूथरा ब्रदर्स, BNS की इन धाराओं में होगी कार्रवाई, मिलेगी इतनी सजा

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गोवा क्लब अग्निकांड: थाईलैंड से भारत लाए गए लूथरा ब्रदर्स, BNS की इन धाराओं में होगी कार्रवाई, मिलेगी इतनी सजा

गोवा नाइटक्लब अग्निकांड के आरोपी लूथरा ब्रदर्स थाईलैंड से भारत लाए गए हैं. 25 लोगों के मारे जाने की इस दर्दभरी वारदात के सिलसिले में बीएनएस की किन धाराओं में कार्रवाई होगी और क्या हो सकती है सजा? पढ़ें पूरी कहानी.

गोवा के चर्चित नाइटक्लब अग्निकांड के मुख्य आरोपी गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा को थाईलैंड से भारत लाया गया है. दोनों आरोपी दोपहर करीब 1:45 बजे इंडिगो की फ्लाइट से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे. लूथरा ब्रदर्स उस नाइटक्लब के को-ओनर हैं, जहां 6 दिसंबर 2025 को भीषण आग लगी थी. इस हादसे में 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी. अब उनकी भारत वापसी के बाद इस मामले की जांच ने रफ्तार पकड़ ली है.

योजना के मुताबिक ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद दोनों भाइयों को देर रात गोवा लाया जाएगा. गोवा पहुंचते ही उन्हें सीधे अंजुना पुलिस स्टेशन ले जाया जाएगा. यहां उनसे आग लगने की घटना और क्लब प्रबंधन से जुड़े सवालों पर पूछताछ होगी. पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में कई नए खुलासे हो सकते हैं. इस केस में अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है.

पुलिस के मुताबिक आरोपियों को 17 दिसंबर को मापुसा मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया जा सकता है. कोर्ट में रिमांड और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर फैसला होगा. पुलिस इस दौरान क्लब की फायर सेफ्टी व्यवस्था और इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े दस्तावेज पेश कर सकती है. कोर्ट की अनुमति मिलने पर पुलिस कस्टडी रिमांड भी मांगी जा सकती है.

हादसे के कुछ घंटों बाद ही दोनों आरोपी मुंबई से थाईलैंड के फुकेट के लिए रवाना हो गए थे. गोवा पुलिस ने उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया था. इसके बाद इंटरपोल ने ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया था. मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स ने दोनों के पासपोर्ट सस्पेंड कर दिए थे. आखिरकार थाईलैंड में उन्हें डिटेन किया गया और अब भारत लाया गया है.

एफआईआर में बीएनएस की धारा 105 लगाई गई है, जो आईपीसी की धारा 304 के समकक्ष है. यह धारा हत्या की श्रेणी में न आने वाली गैर इरादतन हत्या से जुड़ी है. अगर किसी कृत्य से जान लेने का इरादा साबित होता है, तो आजीवन कारावास या 5 से 10 साल की सजा हो सकती है. वहीं केवल ज्ञान के आधार पर अपराध साबित होने पर 10 साल तक की सजा और जुर्माना संभव है.

धारा 125 उन लापरवाह कामों पर लागू होती है, जिनसे लोगों की जान या सुरक्षा खतरे में पड़ती है. इस धारा में तीन महीने तक की जेल या ₹2,500 तक का जुर्माना हो सकता है. अगर चोट लगती है तो 6 महीने तक की जेल और ₹5,000 तक जुर्माने का प्रावधान है. गंभीर चोट की स्थिति में सजा 3 साल तक और जुर्माना ₹10,000 तक हो सकता है.

BNS की धारा 287 आग या ज्वलनशील पदार्थ से लापरवाही भरे आचरण से जुड़ी है. आरोप है कि क्लब में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे. न तो फायर उपकरण थे और न ही सुरक्षित निकासी मार्ग. इस धारा के तहत 6 महीने तक की जेल या ₹2,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस केस में साझा इरादा यानी कॉमन इंटेंशन की धाराएं भी जोड़ी गई हैं. बीएनएस की धारा 3(5) और अन्य सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी धाराएं एफआईआर में शामिल हैं. पुलिस का मानना है कि मालिक, प्रबंधक और आयोजनकर्ताओं की सामूहिक लापरवाही से यह हादसा हुआ. अगर यह साबित हुआ तो सजा और भी कड़ी हो सकती है.

अगर कोर्ट यह मानता है कि लूथरा ब्रदर्स की लापरवाही जानलेवा थी, तो लंबी जेल या आजीवन कारावास तक का खतरा बन सकता है. धारा 105 और 287 जैसी धाराएं साथ लगने पर कुल सजा कई वर्षों तक जा सकती है. जुर्माने का बोझ भी अलग से लगेगा. यह सब कोर्ट में पेश सबूतों पर निर्भर करेगा.

अब गोवा पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ करेगी. क्लब की मंजूरी, फायर एनओसी और आयोजन की जिम्मेदारी तय की जाएगी. आने वाले दिनों में चार्जशीट और ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होगी. इस केस पर पूरे देश की नजर है, क्योंकि इसमें 25 लोगों की जान गई है. पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं.

ENTERTAINMENT : ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ में प्राची कोवली ने हेमंत की वाइफ बन मारी एंट्री, बोलीं- लग रहा घर लौट आई हूं

‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में इन दिनों जमकर ट्विस्ट एंड टर्न देखने को मिल रहे हैं. अब शो में एक और कलाकार प्राची कोवली ने एंट्री मार ली है. एक्ट्रेस ने शो में एंट्री पर अपनी खुशी जाहिर की है.

स्मृति ईरानी के शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में जल्द ही 6 साल का लीप देखने को मिलेगा, जिसके बाद तुलसी की जिंदगी में काफी कुछ बदल जाएगा.लीप के बाद तुलसी शांति निकेतन को छोड़ वृंदा और अंगद के संग एक चॉल में रहने लगेगी. इसी बीच शो में एक और किरदार की एंट्री करवाई गई है.दरअसल, शो में प्राची कोवली की एंट्री हो चुकी है जो हेमंत की पत्नी की भूमिका निभा रही हैं.प्राची ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान इस आइकॉनिक शो का हिस्सा बनने और बालाजी टेलीफिल्म्स के संग दोबारा काम करने पर खुशी जाहिर की है.

प्राची ने एक्साइटमेंट जाहिर करते हुए कहा,’शो में मैं पूजा हेमंत विरानी की भूमिका में नजर आ रही हूं, जो एक पॉजिटिव कैरेक्टर है, जो हमेशा तुलसी के साथ मजबूती से खड़ी रहती है. मेरे करियर की शुरुआत बालाजी टेलीफिल्म्स के कसौटी जिंदगी की से हुई थी.एकता मैम ने मुझे पहला बड़ा मौका दिया और वहां से मेरी यात्रा शुरू हुई. उसके बाद मैं हवन, सेठजी, नीली छतरीवाले, सिलसिला समेत कई शो का हिस्सा रही हूं.’

प्राची ने इस दौरान शूटिंग एक्सपीरियंस भी शेयर किया. उन्होंने कहा कि सभी बहुत अच्छे और मिलनसार हैं. सेट पर बहुत ही ज्यादा पॉजिटिव माहौल है और मुझे पहले ही दिन से सभी ने कंफर्टेबल महसूस करवाया.

एक्ट्रेस ने कहा,’क्योंकि सास भी कभी बहू थी के सेट पर वापस आना बहुत इमोशनल और अविश्वसनीय रूप से खास लगा.पुरानी यादों का एक जबरदस्त एहसास था, लगभग घर लौटने जैसा था. सेट पर कदम रखते ही मुझे याद आया कि मेरी यात्रा कहां से शुरू हुई थी. बालाजी टेलीफिल्म्स के साथ काम करने का जुनून, सीख और जादू. एक बार फिर से इतने बड़े आइकॉनिक शो का हिस्सा किसी सपने जैसा लगा. लेकिन, सुकून देने वाला और भरोसा दिलाने वाला भी था. उत्साह, आभार और एक शांत गर्व था कि मैं एक पूरा चक्कर लगाकर वापस आई हूं. बड़ी समझदार और उसी क्रिएटिव एनर्जी से जुड़ी हूं जिसने मेरे करियर को आकार दिया था. सेट पर कई जाने-पहचाने चेहरे भी थे हितेन तेजवानी जैसे दोस्त,जिनके साथ मैंने पहले काम किया था.’

KASHMIR : जहां सिर्फ सेना दिखती थी वहां दर्शकों की भीड़… घाटी के इन दो जिलों में धुरंधर का क्रेज

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दक्षिण कश्मीर के शोपियां और पुलवामा में धुरंधर फिल्म को देखने के लिए छोटे थिएटरों में भीड़ जुट रही है. आतंक प्रभावित रहे इन इलाकों में आमतौर पर सिनेमा हॉल खाली रहते हैं. फिल्म को लेकर चल रही चर्चा और विवाद ने लोगों की जिज्ञासा बढ़ा दी है.

दक्षिण कश्मीर के शोपियां और पुलवामा जिलों में इन दिनों कुछ अलग सा नजारा देखने को मिल रहा है. बीते कुछ दिनों से यहां के छोटे मूवी थिएटरों में स्थानीय लोगों की भीड़ जुट रही है. वजह है फिल्म धुरंधर, जिसे देखने के लिए लोग खास दिलचस्पी दिखा रहे हैं.

शोपियां और पुलवामा, जो कुछ समय पहले तक आतंक और उपद्रवी गतिविधियों के लिए जाने जाते थे, इन दोनों जिलों में एक एक मूवी हॉल है. ये थिएटर सुरक्षा बलों की निगरानी में चलते हैं और आमतौर पर यहां ज्यादा दर्शक नहीं पहुंचते. लेकिन दुरंधर की रिलीज के बाद हालात बदलते दिख रहे हैं.

फिल्म की कहानी और उसमें दिखाए गए बेहद हिंसक दृश्य को लेकर देशभर में चर्चा और विवाद हुआ है. इसी चर्चा ने दक्षिण कश्मीर के लोगों की जिज्ञासा भी बढ़ा दी है. लोग जानना चाहते हैं कि आखिर इस फिल्म में ऐसा क्या है जो इसे चर्चा का विषय बना रहा है.

कश्मीर में लोग लंबे समय से मनोरंजन के सीमित साधनों से जूझ रहे हैं. नब्बे के दशक की शुरुआत में जब सशस्त्र आंदोलन शुरू हुआ था, तब आतंकियों के निशाने पर आने के बाद ज्यादातर सिनेमा हॉल बंद हो गए थे. इसके बाद से फिल्म देखना आम लोगों की दिनचर्या से लगभग गायब हो गया.

फिलहाल पूरी घाटी में केवल श्रीनगर में एक मल्टीप्लेक्स काम कर रहा है. दक्षिण कश्मीर के अन्य इलाकों में छोटे थिएटर तो हैं, लेकिन आमतौर पर वहां ज्यादा भीड़ नहीं होती. दुरंधर ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि मनोरंजन की कमी के बीच लोग सिनेमा से जुड़ने का मौका नहीं छोड़ना चाहते.

MAHARASHTRA : एक साल तक झेली प्रताड़ना, पति फोन से मिले दूसरी महिला से चैट, 25 साल की युवती ने किया सुसाइड

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लातूर के वरवंटी गांव में पति के शक और एक साल की प्रताड़ना से परेशान 25 वर्षीय आरती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पति के मोबाइल में दूसरी महिला से चैट मिलने का विवाद सामने आया था. पिता की शिकायत पर पति और ससुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया है.

महाराष्ट्र के लातूर जिले में घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना का एक दर्दनाक मामला सामने आया है. यहां पत्नी के कथित एक्सटर्नल अफेयर के शक में पति ने करीब एक साल तक उसे टॉर्चर किया. बाद में पति के ही मोबाइल में दूसरी महिला के साथ किया गया चैट मिलने के बाद पत्नी ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने पति और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर दोनों को हिरासत में ले लिया है.

यह घटना लातूर जिले के वरवंती गांव की है. मृतका आरती रामेश्वर उरगुंडे उम्र 25 साल की शादी साल 2023 में रामेश्वर सिद्धेश्वर उरगुंडे से हुई थी. शादी के बाद आरती अपने पति, ससुर सिद्धेश्वर रानबा उरगुंडे और सास के साथ एक ही घर में रह रही थी.परिजनों के अनुसार शादी के बाद मई 2024 तक पति का व्यवहार सामान्य था. इसके बाद अचानक रामेश्वर ने आरती पर बाहर अफेयर होने का शक करना शुरू कर दिया. वह शराब पीकर आरती के साथ मारपीट करता था. इस दौरान ससुर सिद्धेश्वर भी बेटे का समर्थन करता रहा. आरती जब घर की जरूरत की कोई चीज मांगती तो पति और ससुर उसे मायके से लाने का ताना देकर परेशान करते थे.

लगभग एक साल से चल रहे इस टॉर्चर से आरती बेहद परेशान थी. जब भी उसके साथ मारपीट होती वह अपने मायके वालों को फोन कर बताती थी. मायके में रहने के दौरान भी पति उसे फोन कर गालियां देता था. कई बार माता पिता ने ससुराल जाकर समझाने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी.12 दिसंबर 2025 को सुबह 9 बजे आरती की मां की तबीयत खराब होने पर उन्हें लातूर शहर के Vivekanand Hospital में भर्ती किया गया. जानकारी मिलने पर आरती, उसका पति और ससुर अस्पताल पहुंचे. अस्पताल में आरती ने अपने माता पिता को रोते हुए बताया कि उसके पति के मोबाइल में दूसरी महिला के साथ व्हाट्सएप चैट मिली है. इस बात पर पति ने उसके साथ मारपीट कर गालियां दीं.

इसके बावजूद पिता ने समझाकर दोपहर 3.30 बजे आरती को ससुराल छोड़ दिया. करीब आधे घंटे बाद 3.52 बजे आरती ने फोन कर बताया कि पति फिर से मारपीट कर रहा है. पिता जब ससुराल पहुंचे तो देखा कि पति कुल्हाड़ी से कमरे का दरवाजा तोड़ रहा था और ससुर व सास पास बैठे थे. दरवाजा टूटने पर आरती पंखे से रस्सी बांधकर फांसी पर लटकी मिली.

आरती के पिता राजेंद्र दत्तेकर की शिकायत पर MIDC Police Station में पति रामेश्वर उरगुंडे और ससुर सिद्धेश्वर उरगुंडे के खिलाफ BNS की धारा 108, 85, 115, 352, 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

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