Sunday, April 26, 2026
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NATIONAL : मां ने पकड़े पैर, बाप ने दुपट्टे से घोंट दिया गला… रिटायर्ड दारोगा ने ऐसे किया बेटी का कत्ल; बेटे-मामा की मदद से ठिकाने लगाई लाश

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आगरा में रिटायर्ड दारोगा रणवीर सिंह यादव ने अपनी बेटी की हत्या कर दी. बेटी रिश्ते के भतीजे से शादी करना चाहती थी, जो परिवार को मंजूर नहीं था. रणवीर ने बताया कि विवाद के दौरान पत्नी ने बेटी के पैर पकड़े और उसने दुपट्टे से गला घोंट दिया. हत्या के बाद बेटे और मामा ने शव ठिकाने लगाया.

उत्तर प्रदेश के आगरा में रिटायर्ड दारोगा रणवीर सिंह यादव ने अपनी बेटी की हत्या कर शव को इटावा में फेंक दिया. पहले तो पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई लेकिन जल्द ही मामला खुल गया. हत्यारोपी पिता ने पुलिस को बताया कि बेटी की हत्या दुपट्टे से गला घोंटकर की गई थी. हत्या के समय पत्नी ने बेटी के पैर पकड़ रखे थे. बेटे ने भी साथ दिया था.

रणवीर यादव ने बताया कि उनकी बेटी अपने ही रिश्ते के भतीजे से शादी करना चाहती थी. परिवार ने कई बार उसे समझाने की कोशिश की कि इस रिश्ते से समाज में बदनामी होगी, लेकिन वह किसी भी कीमत पर मानने को तैयार नहीं थी. 24 अक्टूबर को इसी बात को लेकर घर में कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई. इसी दौरान बेटी ने गुस्से में ‘मार डालो-मार डालो’ कह दिया, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए.

आरोप है कि गुस्से में पत्नी ने बेटी के पैर पकड़ लिए और रणवीर यादव ने दुपट्टे से उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. हत्या के बाद रणवीर ने अपने बेटे को फोन कर बताया कि उन्होंने अपना काम कर दिया है. इसके बाद बेटा कार से डेडबॉडी को मामा के घर ले गया, जहां मामा की मदद से शव को यमुना नदी के किनारे ठिकाने लगा दिया गया.

बताया गया कि घटना के समय बेटी की चीख सुनकर छोटा बेटा कमरे में आ गया था, लेकिन उसे डांटकर चुप करा दिया गया. परिवार ने इस वारदात को छिपाने की पूरी कोशिश की, लेकिन मामला ज्यादा देर तक दब नहीं सका.

हत्या से पहले युवती ने अपने बॉयफ्रेंड को 29 सेकंड का एक वीडियो भेजा था. इस वीडियो में उसने अपना नाम बताते हुए कहा था कि वह उससे प्यार करती है और उससे शादी करना चाहती है. वीडियो में युवती ने कहा था कि उसके घरवाले उसकी शादी के खिलाफ हैं और उसे जान का खतरा है. उसने अपने पिता, मां, बड़े भाई, छोटी बहन, गांव के एक व्यक्ति के साथ-साथ बुआ और फूफा से भी जान का खतरा बताया था. युवती ने यह भी कहा था कि अगर पहले उसे मारा गया तो फिर प्रेमी को भी मार दिया जाएगा.

रविवार को पुलिस ने यमुना किनारे से युवती की डेडबॉडी के अवशेष बरामद किए. सोमवार को पूछताछ के दौरान पिता रणवीर सिंह यादव, भाई गौरव और मामा सतीश को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया गया. पुलिस के मुताबिक, रणवीर यादव के परिवार में तीन बेटियां और दो बेटे थे. मृतका दूसरी नंबर की बेटी थी, जिसने पढ़ाई पूरी कर ली थी और शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रही थी. मृतका की मां और मामी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है.

NATIONAL : गोवा क्लब अग्निकांड: थाईलैंड से भारत लाए गए लूथरा ब्रदर्स, BNS की इन धाराओं में होगी कार्रवाई, मिलेगी इतनी सजा

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गोवा क्लब अग्निकांड: थाईलैंड से भारत लाए गए लूथरा ब्रदर्स, BNS की इन धाराओं में होगी कार्रवाई, मिलेगी इतनी सजा

गोवा नाइटक्लब अग्निकांड के आरोपी लूथरा ब्रदर्स थाईलैंड से भारत लाए गए हैं. 25 लोगों के मारे जाने की इस दर्दभरी वारदात के सिलसिले में बीएनएस की किन धाराओं में कार्रवाई होगी और क्या हो सकती है सजा? पढ़ें पूरी कहानी.

गोवा के चर्चित नाइटक्लब अग्निकांड के मुख्य आरोपी गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा को थाईलैंड से भारत लाया गया है. दोनों आरोपी दोपहर करीब 1:45 बजे इंडिगो की फ्लाइट से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे. लूथरा ब्रदर्स उस नाइटक्लब के को-ओनर हैं, जहां 6 दिसंबर 2025 को भीषण आग लगी थी. इस हादसे में 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी. अब उनकी भारत वापसी के बाद इस मामले की जांच ने रफ्तार पकड़ ली है.

योजना के मुताबिक ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद दोनों भाइयों को देर रात गोवा लाया जाएगा. गोवा पहुंचते ही उन्हें सीधे अंजुना पुलिस स्टेशन ले जाया जाएगा. यहां उनसे आग लगने की घटना और क्लब प्रबंधन से जुड़े सवालों पर पूछताछ होगी. पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में कई नए खुलासे हो सकते हैं. इस केस में अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है.

पुलिस के मुताबिक आरोपियों को 17 दिसंबर को मापुसा मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया जा सकता है. कोर्ट में रिमांड और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर फैसला होगा. पुलिस इस दौरान क्लब की फायर सेफ्टी व्यवस्था और इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े दस्तावेज पेश कर सकती है. कोर्ट की अनुमति मिलने पर पुलिस कस्टडी रिमांड भी मांगी जा सकती है.

हादसे के कुछ घंटों बाद ही दोनों आरोपी मुंबई से थाईलैंड के फुकेट के लिए रवाना हो गए थे. गोवा पुलिस ने उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया था. इसके बाद इंटरपोल ने ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया था. मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स ने दोनों के पासपोर्ट सस्पेंड कर दिए थे. आखिरकार थाईलैंड में उन्हें डिटेन किया गया और अब भारत लाया गया है.

एफआईआर में बीएनएस की धारा 105 लगाई गई है, जो आईपीसी की धारा 304 के समकक्ष है. यह धारा हत्या की श्रेणी में न आने वाली गैर इरादतन हत्या से जुड़ी है. अगर किसी कृत्य से जान लेने का इरादा साबित होता है, तो आजीवन कारावास या 5 से 10 साल की सजा हो सकती है. वहीं केवल ज्ञान के आधार पर अपराध साबित होने पर 10 साल तक की सजा और जुर्माना संभव है.

धारा 125 उन लापरवाह कामों पर लागू होती है, जिनसे लोगों की जान या सुरक्षा खतरे में पड़ती है. इस धारा में तीन महीने तक की जेल या ₹2,500 तक का जुर्माना हो सकता है. अगर चोट लगती है तो 6 महीने तक की जेल और ₹5,000 तक जुर्माने का प्रावधान है. गंभीर चोट की स्थिति में सजा 3 साल तक और जुर्माना ₹10,000 तक हो सकता है.

BNS की धारा 287 आग या ज्वलनशील पदार्थ से लापरवाही भरे आचरण से जुड़ी है. आरोप है कि क्लब में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे. न तो फायर उपकरण थे और न ही सुरक्षित निकासी मार्ग. इस धारा के तहत 6 महीने तक की जेल या ₹2,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस केस में साझा इरादा यानी कॉमन इंटेंशन की धाराएं भी जोड़ी गई हैं. बीएनएस की धारा 3(5) और अन्य सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी धाराएं एफआईआर में शामिल हैं. पुलिस का मानना है कि मालिक, प्रबंधक और आयोजनकर्ताओं की सामूहिक लापरवाही से यह हादसा हुआ. अगर यह साबित हुआ तो सजा और भी कड़ी हो सकती है.

अगर कोर्ट यह मानता है कि लूथरा ब्रदर्स की लापरवाही जानलेवा थी, तो लंबी जेल या आजीवन कारावास तक का खतरा बन सकता है. धारा 105 और 287 जैसी धाराएं साथ लगने पर कुल सजा कई वर्षों तक जा सकती है. जुर्माने का बोझ भी अलग से लगेगा. यह सब कोर्ट में पेश सबूतों पर निर्भर करेगा.

अब गोवा पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ करेगी. क्लब की मंजूरी, फायर एनओसी और आयोजन की जिम्मेदारी तय की जाएगी. आने वाले दिनों में चार्जशीट और ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होगी. इस केस पर पूरे देश की नजर है, क्योंकि इसमें 25 लोगों की जान गई है. पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं.

ENTERTAINMENT : ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ में प्राची कोवली ने हेमंत की वाइफ बन मारी एंट्री, बोलीं- लग रहा घर लौट आई हूं

‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में इन दिनों जमकर ट्विस्ट एंड टर्न देखने को मिल रहे हैं. अब शो में एक और कलाकार प्राची कोवली ने एंट्री मार ली है. एक्ट्रेस ने शो में एंट्री पर अपनी खुशी जाहिर की है.

स्मृति ईरानी के शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में जल्द ही 6 साल का लीप देखने को मिलेगा, जिसके बाद तुलसी की जिंदगी में काफी कुछ बदल जाएगा.लीप के बाद तुलसी शांति निकेतन को छोड़ वृंदा और अंगद के संग एक चॉल में रहने लगेगी. इसी बीच शो में एक और किरदार की एंट्री करवाई गई है.दरअसल, शो में प्राची कोवली की एंट्री हो चुकी है जो हेमंत की पत्नी की भूमिका निभा रही हैं.प्राची ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान इस आइकॉनिक शो का हिस्सा बनने और बालाजी टेलीफिल्म्स के संग दोबारा काम करने पर खुशी जाहिर की है.

प्राची ने एक्साइटमेंट जाहिर करते हुए कहा,’शो में मैं पूजा हेमंत विरानी की भूमिका में नजर आ रही हूं, जो एक पॉजिटिव कैरेक्टर है, जो हमेशा तुलसी के साथ मजबूती से खड़ी रहती है. मेरे करियर की शुरुआत बालाजी टेलीफिल्म्स के कसौटी जिंदगी की से हुई थी.एकता मैम ने मुझे पहला बड़ा मौका दिया और वहां से मेरी यात्रा शुरू हुई. उसके बाद मैं हवन, सेठजी, नीली छतरीवाले, सिलसिला समेत कई शो का हिस्सा रही हूं.’

प्राची ने इस दौरान शूटिंग एक्सपीरियंस भी शेयर किया. उन्होंने कहा कि सभी बहुत अच्छे और मिलनसार हैं. सेट पर बहुत ही ज्यादा पॉजिटिव माहौल है और मुझे पहले ही दिन से सभी ने कंफर्टेबल महसूस करवाया.

एक्ट्रेस ने कहा,’क्योंकि सास भी कभी बहू थी के सेट पर वापस आना बहुत इमोशनल और अविश्वसनीय रूप से खास लगा.पुरानी यादों का एक जबरदस्त एहसास था, लगभग घर लौटने जैसा था. सेट पर कदम रखते ही मुझे याद आया कि मेरी यात्रा कहां से शुरू हुई थी. बालाजी टेलीफिल्म्स के साथ काम करने का जुनून, सीख और जादू. एक बार फिर से इतने बड़े आइकॉनिक शो का हिस्सा किसी सपने जैसा लगा. लेकिन, सुकून देने वाला और भरोसा दिलाने वाला भी था. उत्साह, आभार और एक शांत गर्व था कि मैं एक पूरा चक्कर लगाकर वापस आई हूं. बड़ी समझदार और उसी क्रिएटिव एनर्जी से जुड़ी हूं जिसने मेरे करियर को आकार दिया था. सेट पर कई जाने-पहचाने चेहरे भी थे हितेन तेजवानी जैसे दोस्त,जिनके साथ मैंने पहले काम किया था.’

KASHMIR : जहां सिर्फ सेना दिखती थी वहां दर्शकों की भीड़… घाटी के इन दो जिलों में धुरंधर का क्रेज

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दक्षिण कश्मीर के शोपियां और पुलवामा में धुरंधर फिल्म को देखने के लिए छोटे थिएटरों में भीड़ जुट रही है. आतंक प्रभावित रहे इन इलाकों में आमतौर पर सिनेमा हॉल खाली रहते हैं. फिल्म को लेकर चल रही चर्चा और विवाद ने लोगों की जिज्ञासा बढ़ा दी है.

दक्षिण कश्मीर के शोपियां और पुलवामा जिलों में इन दिनों कुछ अलग सा नजारा देखने को मिल रहा है. बीते कुछ दिनों से यहां के छोटे मूवी थिएटरों में स्थानीय लोगों की भीड़ जुट रही है. वजह है फिल्म धुरंधर, जिसे देखने के लिए लोग खास दिलचस्पी दिखा रहे हैं.

शोपियां और पुलवामा, जो कुछ समय पहले तक आतंक और उपद्रवी गतिविधियों के लिए जाने जाते थे, इन दोनों जिलों में एक एक मूवी हॉल है. ये थिएटर सुरक्षा बलों की निगरानी में चलते हैं और आमतौर पर यहां ज्यादा दर्शक नहीं पहुंचते. लेकिन दुरंधर की रिलीज के बाद हालात बदलते दिख रहे हैं.

फिल्म की कहानी और उसमें दिखाए गए बेहद हिंसक दृश्य को लेकर देशभर में चर्चा और विवाद हुआ है. इसी चर्चा ने दक्षिण कश्मीर के लोगों की जिज्ञासा भी बढ़ा दी है. लोग जानना चाहते हैं कि आखिर इस फिल्म में ऐसा क्या है जो इसे चर्चा का विषय बना रहा है.

कश्मीर में लोग लंबे समय से मनोरंजन के सीमित साधनों से जूझ रहे हैं. नब्बे के दशक की शुरुआत में जब सशस्त्र आंदोलन शुरू हुआ था, तब आतंकियों के निशाने पर आने के बाद ज्यादातर सिनेमा हॉल बंद हो गए थे. इसके बाद से फिल्म देखना आम लोगों की दिनचर्या से लगभग गायब हो गया.

फिलहाल पूरी घाटी में केवल श्रीनगर में एक मल्टीप्लेक्स काम कर रहा है. दक्षिण कश्मीर के अन्य इलाकों में छोटे थिएटर तो हैं, लेकिन आमतौर पर वहां ज्यादा भीड़ नहीं होती. दुरंधर ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि मनोरंजन की कमी के बीच लोग सिनेमा से जुड़ने का मौका नहीं छोड़ना चाहते.

MAHARASHTRA : एक साल तक झेली प्रताड़ना, पति फोन से मिले दूसरी महिला से चैट, 25 साल की युवती ने किया सुसाइड

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लातूर के वरवंटी गांव में पति के शक और एक साल की प्रताड़ना से परेशान 25 वर्षीय आरती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पति के मोबाइल में दूसरी महिला से चैट मिलने का विवाद सामने आया था. पिता की शिकायत पर पति और ससुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया है.

महाराष्ट्र के लातूर जिले में घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना का एक दर्दनाक मामला सामने आया है. यहां पत्नी के कथित एक्सटर्नल अफेयर के शक में पति ने करीब एक साल तक उसे टॉर्चर किया. बाद में पति के ही मोबाइल में दूसरी महिला के साथ किया गया चैट मिलने के बाद पत्नी ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने पति और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर दोनों को हिरासत में ले लिया है.

यह घटना लातूर जिले के वरवंती गांव की है. मृतका आरती रामेश्वर उरगुंडे उम्र 25 साल की शादी साल 2023 में रामेश्वर सिद्धेश्वर उरगुंडे से हुई थी. शादी के बाद आरती अपने पति, ससुर सिद्धेश्वर रानबा उरगुंडे और सास के साथ एक ही घर में रह रही थी.परिजनों के अनुसार शादी के बाद मई 2024 तक पति का व्यवहार सामान्य था. इसके बाद अचानक रामेश्वर ने आरती पर बाहर अफेयर होने का शक करना शुरू कर दिया. वह शराब पीकर आरती के साथ मारपीट करता था. इस दौरान ससुर सिद्धेश्वर भी बेटे का समर्थन करता रहा. आरती जब घर की जरूरत की कोई चीज मांगती तो पति और ससुर उसे मायके से लाने का ताना देकर परेशान करते थे.

लगभग एक साल से चल रहे इस टॉर्चर से आरती बेहद परेशान थी. जब भी उसके साथ मारपीट होती वह अपने मायके वालों को फोन कर बताती थी. मायके में रहने के दौरान भी पति उसे फोन कर गालियां देता था. कई बार माता पिता ने ससुराल जाकर समझाने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी.12 दिसंबर 2025 को सुबह 9 बजे आरती की मां की तबीयत खराब होने पर उन्हें लातूर शहर के Vivekanand Hospital में भर्ती किया गया. जानकारी मिलने पर आरती, उसका पति और ससुर अस्पताल पहुंचे. अस्पताल में आरती ने अपने माता पिता को रोते हुए बताया कि उसके पति के मोबाइल में दूसरी महिला के साथ व्हाट्सएप चैट मिली है. इस बात पर पति ने उसके साथ मारपीट कर गालियां दीं.

इसके बावजूद पिता ने समझाकर दोपहर 3.30 बजे आरती को ससुराल छोड़ दिया. करीब आधे घंटे बाद 3.52 बजे आरती ने फोन कर बताया कि पति फिर से मारपीट कर रहा है. पिता जब ससुराल पहुंचे तो देखा कि पति कुल्हाड़ी से कमरे का दरवाजा तोड़ रहा था और ससुर व सास पास बैठे थे. दरवाजा टूटने पर आरती पंखे से रस्सी बांधकर फांसी पर लटकी मिली.

आरती के पिता राजेंद्र दत्तेकर की शिकायत पर MIDC Police Station में पति रामेश्वर उरगुंडे और ससुर सिद्धेश्वर उरगुंडे के खिलाफ BNS की धारा 108, 85, 115, 352, 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

MP :MP के सतना में दूषित खून चढ़ाने से 4 बच्चों को HIV, परिजन बोले- मासूम उल्टी कर रहे, दवा भी बेअसर

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मध्य प्रदेश के सतना जिला अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ित 4 बच्चों का HIV टेस्ट पॉजिटिव आया है. यह मामला चार महीने पुराना है और इसकी जांच चल रही है. अधिकारियों को शक है कि बच्चों में इन्फेक्शन फैलने की वजह दूषित सुइयों का इस्तेमाल या खून चढ़ाना हो सकता है.

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने भोपाल में पत्रकारों से कहा कि उन्होंने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं और रिपोर्ट मांगी है. इस बात की भी जांच की जा रही है कि खून चढ़ाने का काम दूसरे अस्पतालों में भी हुआ था या सिर्फ सरकारी अस्पताल में.एक अधिकारी के अनुसार, 12 से 15 साल की उम्र के प्रभावित बच्चों को अस्पताल के ब्लड बैंक से खून चढ़ाया गया था.

सतना के सरदार वल्लभभाई पटेल जिला अस्पताल के ब्लड बैंक के इंचार्ज देवेंद्र पटेल ने कहा कि चार बच्चों का HIV टेस्ट पॉजिटिव आया है और वे कैसे संक्रमित हुए, इसकी जांच चल रही है.पटेल ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, “या तो संक्रमित सुई का इस्तेमाल किया गया या खून चढ़ाया गया. मुझे लगता है कि ये दो मुख्य कारण हैं. खून चढ़ाना सबसे ज्यादा संभावित कारण लगता है.” उन्होंने कहा कि ये सभी बच्चे थैलेसीमिया से पीड़ित हैं और कुछ को 80 या 100 बार खून चढ़ाया गया है.

प्रभावित बच्चों में से एक के परिवार के सदस्य ने बताया कि उनके बच्चे का रूटीन चेकअप के दौरान करीब चार महीने पहले HIV पॉजिटिव पाया गया था और उसे दवा दी जा रही है, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि HIV की दवा लेने के बाद बच्चा उल्टी करने लगता है, कमजोर महसूस करता है और बीमार हो जाता है.

विपक्षी कांग्रेस ने इस मामले पर सरकार को घेरा और स्वास्थ्य मंत्री शुक्ला के इस्तीफे की मांग की. भोपाल में पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री सचिन यादव ने दावा किया कि मध्य प्रदेश में ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं.उन्होंने कहा कि पहले छिंदवाड़ा में जहरीली कफ सिरप का मामला सामने आया, उसके बाद इंदौर और सतना के अस्पतालों में चूहों के काटने की घटनाएं हुईं और अब बच्चों को HIV संक्रमित खून दिया गया है.

सचिन यादव ने कहा, “स्वास्थ्य मंत्री विभाग को संभाल नहीं पा रहे हैं. उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. सतना घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ़ हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए.”कांग्रेस के सीनियर नेता सज्जन सिंह वर्मा ने इसे सरकार की नाकामी बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार का जमीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है.

उन्होंने आगे कहा, “कहीं अस्पतालों में चूहे घूम रहे हैं, कहीं बच्चों को HIV-इंफेक्टेड खून दिया जा रहा है. HIV को रोकने के बजाय, आप इसे फैला रहे हैं. मोहन यादव को अपनी नींद से जागना चाहिए. बच्चे देश की धरोहर हैं और उनकी देखभाल की जानी चाहिए.”

NATIONAL : टॉयलेट में पानी रुका तो खुला राज… महिला सफाईकर्मी ने देखा कमोड में फंसा नवजात, निकालने में लगे 7 घंटे

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महिला सफाई कर्मचारी शौचालय की सफाई करने पहुंची, तो उसने देखा कि कमोड से पानी की निकासी नहीं हो रही है. ध्यान से देखने पर उन्हें नवजात का हाथ और सिर दिखाई दिया.

छिंदवाड़ा जिले के परासिया सिविल अस्पताल में नवजात का शव कमोड में फंसा हुआ पाया गया. शव को अस्पताल की महिला सफाई कर्मचारी ने देखा. इसके बाद प्रबंधन को सूचना दी. प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी. जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची. 8 घंटे की मशक्कत से कमोड तोड़कर नवजात का शव बाहर निकाला जा सका. मृत शिशु बुरी तरह से टायलेट के कमोड में फंसा था. पुलिस, अस्पताल स्टाफ और नगर पालिका के कर्मचारियों ने शव को बाहर निकाला .

दरअसल, रोजाना की तरह साढ़े 12 बजे सफाईकर्मी टॉयलेट की सफाई करने गई थी. इसके बाद दोबारा सफाई करने के लिए टॉयलेट में कर्मचारी पहुंची तो कमोड से पानी की निकासी नहीं हुई. सफाईकर्मी ने ध्यान से देखा तो नवजात का हाथ और सिर दिखाई दिया तो उसने अपने प्रबंधन को सूचना दी.

इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी. लगभग 6-7 घंटे की मशक्कत के बाद नवजात का शव बाहर निकाला गया. पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है .सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परासिया की प्रभारी BMO डॉ सुधा बख्शी ने बताया कि आसपास की नर्स ने बताया कि महिला शौचालय में पानी पास नहीं हो रहा है. लग रहा है कि उसमें कुछ फंसा हुआ है. फिर हम लोगों ने जाकर देखा और जानकारी ली तो उसमें नवजात फंसा हुआ था.

हम लोग सचेत हुए और पुलिस को सूचना दी. कमोड से नवजात का शव निकालने में लगभग 6-7 घंटे लगे. मंगलवार रात को करीब 8 बजे करीब शव को निकाला गया है. इस मामले में आगे कार्रवाई जारी है.

PUNJAB : पतंग लेने गए 10 साल के मासूम के साथ रेप की कोशिश, 60 साल का पड़ोसी गिरफ्तार

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पंजाब के अमृतसर में 60 साल के पड़ोसी पर 10 साल के बच्चे के साथ दुष्कर्म की कोशिश का आरोप लगा. बच्चा पतंग लेने गया था, डरकर भागा और घर पहुंचा. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरु की.

पंजाब के अमृतसर शहर से एक बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. थाना डी डिवीजन के अंतर्गत आने वाले गेट खजाना इलाके में 60 साल के एक बुजुर्ग पड़ोसी पर 10 साल के मासूम बच्चे के साथ दुष्कर्म की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगा है. इस घटना के बाद इलाके में दहशत और लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है.

जानकारी के अनुसार, पीड़ित बच्चा अपने मोहल्ले में पतंग उठाने के लिए पास ही रहने वाले पड़ोसी तिलक राज के घर गया था. उस समय आरोपी घर में अकेला मौजूद था. आरोप है कि मौके का फायदा उठाकर उसने बच्चे को जबरदस्ती पकड़ लिया और उसके साथ गलत काम करने की कोशिश की.अचानक हुए इस हमले से बच्चा बुरी तरह डर गया, लेकिन उसने हिम्मत दिखाई. किसी तरह खुद को आरोपी के चंगुल से छुड़ाकर वह वहां से भाग निकला. इसके बाद बच्चा सीधे अपने घर पहुंचा और पूरी घटना अपने माता-पिता को बताई. यह सुनकर परिवार सदमे में आ गया.

घटना की सूचना मिलते ही परिजनों ने पुलिस को जानकारी दी. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी तिलक राज को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.पीड़ित बच्चे के पिता ने बताया कि आरोपी पहले भी उनके बेटे को कई बार डराता और धमकाता रहा है. आरोपी का बेटा फौज में है, जबकि बेटी ऑस्ट्रेलिया में रहती है. वह खुद घर में अकेला रहता था. परिवार का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई न होती तो कोई बड़ी घटना हो सकती थी.

WORLD : ऑस्ट्रेलिया में हुए आतंकी हमले का क्या है भारतीय पासपोर्ट से कनेक्शन! नए खुलासे ने मचा दिया हड़कंप

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ऑस्ट्रेलिया के बोंडी आतंकी हमले में नया खुलासा हुआ है. हमले के आरोपी पिता-पुत्र भारतीय पासपोर्ट पर फिलीपींस गए थे. इस बीच ISIS कनेक्शन की जांच तेजी से की जा रही है.

ऑस्ट्रेलिया में यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किए गए बोंडी आतंकी हमले की जांच के दौरान एक अहम नया खुलासा हुआ है. फिलीपींस सरकार ने दावा किया है कि इस हमले के आरोपी पिता-पुत्र ने हमले से कुछ हफ्ते पहले भारतीय पासपोर्ट पर फिलीपींस की यात्रा की थी. इस खुलासे के बाद ऑस्ट्रेलियाई जांच एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है.

सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक हमले के आरोपी 24 वर्षीय नवीद अकरम और उसके 50 वर्षीय पिता साजिद अकरम हाल ही में फिलीपींस गए थे. ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस (AFP) अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह यात्रा सामान्य पर्यटन के लिए थी या इसके पीछे किसी संदिग्ध नेटवर्क से संपर्क का मकसद छिपा था. जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि फिलीपींस में दोनों कहां ठहरे, किन लोगों से मिले और वहां उनकी गतिविधियां क्या रहीं.

इस मामले को और गंभीर बना देने वाला तथ्य यह है कि बोंडी बीच हमले के बाद आरोपियों की कार से इस्लामिक स्टेट (ISIS) से जुड़ा एक झंडा और कुछ विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है. इसी वजह से अब जांच का फोकस इस बात पर भी है कि कहीं हमले का संबंध इस्लामिक स्टेट ईस्ट एशिया (ISEA) जैसे आतंकी संगठनों से तो नहीं है.

हालांकि ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने अभी तक किसी आतंकी संगठन से सीधे संबंध की पुष्टि नहीं की है, लेकिन आधिकारिक दस्तावेजों में माना गया है कि पहले भी कुछ ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के दक्षिण-पूर्व एशिया में सक्रिय कट्टरपंथी समूहों से संपर्क रहे हैं. फिलीपींस लंबे समय से चरमपंथी गतिविधियों के लिए संवेदनशील क्षेत्र माना जाता रहा है, जहां अबू सय्याफ जैसे आतंकी गुट और ISIS से प्रेरित संगठन सक्रिय रहे हैं.

आतंकी हमले से जुड़े मामले पर नवीद और साजिद अकरम की फिलीपींस यात्रा को बेहद अहम कड़ी के रूप में देखा जा रहा है. जांच एजेंसियां अब उनकी डिजिटल गतिविधियों, बैंक लेन-देन, मोबाइल डेटा और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की गहन फोरेंसिक जांच कर रही हैं. साथ ही, इस पूरे मामले में अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों से भी सहयोग लिया जा रहा है. गौरतलब है कि सिडनी में फिलीपींस मूल के करीब 86 हजार लोग रहते हैं, जो वहां के सबसे बड़े प्रवासी समुदायों में से एक हैं. ऐसे में यह जांच न सिर्फ ऑस्ट्रेलिया, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

BUSINESS : मुकेश अंबानी 2025 में सबको पछाड़ कमाई में बने नं-1, दूसरे नंबर पर अडानी नहीं इस अरबपति का नाम

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साल 2025 में शेयर बाजार ने बड़े उद्योगपतियों के वैल्यूएशन में जबरदस्त उछाल की है. रिलायंस शेयर में आए उछाल के चलते अंबानी इस साल कमाई के मामले में सबसे आगे नजर आ रहे हैं…..

साल 2025 में भारतीय घरेलू शेयर बाजार ने बड़े उद्योगपतियों के वैल्यूएशन में जबरदस्त उछाल की है. दलाल स्ट्रीट पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखनी को मिली. कंपनी शेयरों में आई इस तेजी से न सिर्फ कंपनी के निवेशकों को फायदा हुआ, बल्कि कंपनी चेयरमैन मुकेश अंबानी की संपत्ति में भी तगड़ा इजाफा देखने को मिला है.

रिलायंस शेयरों में आए उछाल के चलते अंबानी 100 अरब डॉलर क्लब में अपनी जगह बनाए हुए हैं और इस साल कमाई के मामले में वह सबसे आगे नजर आ रहे हैं. वहीं गौतम अडानी तीसरे नंबर पर फिसल गए हैं. आइए जानते हैं, इन दिग्ग्जों की संपत्ति में कितना इजाफा हुआ है… ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, मुकेश अंबानी साल 2025 में सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाले इकलौते भारतीय सेंटिबिलियनेयर हैं. शेयर बाजार में रिलायंस के शेयरों में इस साल अब तक 27 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है.

जिससे मुकेश अंबानी की संपत्ति में 15.3 अरब डॉलर यानी भारतीय रुपयों में करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है. शेयरों में आई इस तेजी ने उन्हें इस साल सबसे ज्यादा कमाई करने वाला व्यक्ति बनाने में मदद की है.

ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में कमाई के मामले में मुकेश अंबानी के बाद दूसरा स्थान लक्ष्मी मित्तल का रहा है. लक्जमबर्ग स्थित ग्लोबल स्टील और माइनिंग कंपनी आर्सेलरमित्तल के मालिक लक्ष्मी मित्तल की संपत्ति में इस साल 11.7 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है, जिससे उनकी कुल नेटवर्थ बढ़कर 31.40 अरब डॉलर हो गई है.

दिलचस्प बात यह है कि भले ही गौतम अडानी देश के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं, लेकिन इस साल कमाई के लिहाज से वह दूसरे नंबर पर नहीं रहे.

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