Friday, March 20, 2026
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General knowledge : क्या पायलट भी मारते हैं हवाई जहाज के शीशे पर कपड़ा, जानिए कैसे साफ होता है प्लेन का कांच?

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विमान के शीशे साफ करने के लिए ग्राउंड स्टाफ खास लिक्विड का उपयोग करता है. विमान में बेहद मजबूत वाइपर, हाइड्रोफोबिक कोटिंग और हीटिंग सिस्टम होता है, जो पायलट को हर मौसम में साफ रास्ता दिखाते हैं. जब कोई विमान 900 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरता है, तो उसकी विंडशील्ड पर धूल, कीड़े और बारिश की बूंदों का जमना एक बड़ी चुनौती होती है. पायलट के लिए साफ दिखना सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है. अक्सर लोग सोचते हैं कि क्या प्लेन में भी कार की तरह साधारण वाइपर होते हैं या पायलट को खुद खिड़की खोलकर सफाई करनी पड़ती है? असलियत यह है कि विमान के शीशे साफ करने के पीछे एक हाई-टेक इंजीनियरिंग और ग्राउंड स्टाफ की कड़ी मेहनत छिपी होती है.

हवाई जहाज के शीशों की सफाई का असली काम रनवे पर ही शुरू हो जाता है. मेंटेनेंस टीम एक विशेष प्रक्रिया का पालन करती है. इसके लिए साधारण साबुन का नहीं, बल्कि ‘नॉन-एब्रेसिव’ (बिना खरोंच वाला) लिक्विड और माइक्रोफाइबर कपड़ों का उपयोग किया जाता है. टीम का मुख्य लक्ष्य शीशे से तेल के दाग, पक्षियों के अवशेष और धूल को हटाना होता है. यदि ये दाग रह जाएं, तो लैंडिंग के समय रनवे की लाइटें ‘ग्लेयर’ पैदा कर सकती हैं, जो पायलट को अंधा कर सकती हैं.

ज्यादातर कमर्शियल विमानों में वाइपर लगे होते हैं. इनका डिजाइन कार के वाइपर जैसा ही दिखता है, लेकिन ये कहीं ज्यादा मजबूत होते हैं. कार के वाइपर जहां प्लास्टिक या हल्की धातु के होते हैं, वहीं प्लेन के वाइपर क्रोमियम-स्टील और सख्त रबड़ से बने होते हैं. विमान में आमतौर पर दो स्वतंत्र वाइपर सिस्टम होते हैं- पायलट और को-पायलट के लिए अलग-अलग. इन्हें कॉकपिट से अलग-अलग गति (Low/High) पर चलाया जा सकता है.

जब विमान अपनी क्रूजिंग स्पीड (तेज रफ्तार) पर होता है, तो हवा का दबाव इतना अधिक होता है कि वह खुद ही पानी और गंदगी को शीशे से हटा देता है. 30,000 फीट की ऊंचाई पर हवा का घर्षण किसी भी चीज को शीशे पर टिकने नहीं देता है. इसलिए, ऊंचाई पर पायलटों को वाइपर चलाने की जरूरत बहुत कम पड़ती है. वाइपर का मुख्य उपयोग तब होता है जब विमान धीमी गति पर हो, यानी टेक-ऑफ या लैंडिंग के दौरान जब भारी बारिश हो रही हो. आधुनिक विमानों (जैसे बोइंग 787) में वाइपर की जगह या उनके साथ ‘हाइड्रोफोबिक कोटिंग’ का इस्तेमाल होता है. यह एक अदृश्य रासायनिक परत होती है जो पानी को शीशे पर फैलने से रोकती है.

जैसे ही बारिश की बूंद इस पर गिरती है, वह मोती बनकर हवा के झोंके के साथ पीछे की ओर भाग जाती है. इसके अलावा, पुराने जहाजों में एक ‘रेन रिपेलेंट’ बटन होता है, जिसे दबाने पर शीशे पर एक खास केमिकल स्प्रे होता है जो पानी को तुरंत हटा देता है.

Braking news : ईरान के नए सुप्रीम लीडर जख्मी! जंग के पहले दिन मुज्तबा खामेनेई के साथ हुआ था हादसा, चौंकाने वाला खुलासा

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई घायल हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जंग के पहले दिन ही उनके साथ हादसा हुआ था. गौरतलब है कि इजरायल ने नए लीडर को मारने की धमकी दी थी. ईरान-अमेरिका-इजरायल जंग के बीच बड़ा खुलासा हुआ है. न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट किया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई जंग के पहले दिन यानी 28 फरवरी 2026 को ही घायल हो गए थे. उनके पैरों में चोट लगी है, लेकिन चोट की पूरी डिटेल्स और गंभीरता अभी साफ नहीं है. ईरानी और इजरायली अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है.

जंग शुरू होने के साथ ही US-इजरायल ने तेहरान में सुप्रीम लीडर के कंपाउंड पर एयरस्ट्राइक की थी. इसमें मुज्तबा के पिता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी. उसी हमले में उनकी मां, पत्नी, एक बेटा और कई टॉप डिफेंस अधिकारी भी मारे गए. मुज्तबा खामेनेई भी उसी हमले में घायल हुए, लेकिन वो जिंदा बचे और अब एक हाई-सिक्योर जगह पर छिपे हुए हैं, जहां कम्युनिकेशन बहुत लिमिटेड है.

तीन ईरानी अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पिछले दो दिनों में उन्हें ऊपरी स्तर से जानकारी मिली कि मोजतबा के पैर घायल हैं, लेकिन वो होश में हैं. इजरायली मिलिट्री के दो अधिकारियों ने भी कन्फर्म किया कि इंटेलिजेंस से पता चला है कि 28 फरवरी को मोजतबा के पैरों में चोट लगी थी. ये जानकारी उन्हें नए लीडर चुने जाने से पहले ही मिल गई थी. मुज्तबा खामेनेई को उनके पिता की मौत के बाद यानी 8 मार्च को सुप्रीम लीडर चुना गया. लेकिन तब से वो न वीडियो में दिखे, न पब्लिक में आए और न कोई लिखित बयान दिया. ईरानी स्टेट टीवी और न्यूज एजेंसी IRNA ने उन्हें ‘घायल जंग का वेटरन’ कहा है. एक सरकारी चैरिटी कमिटी इमदाद ने भी उन्हें ‘जंगबाज जंग’ कहकर बधाई दी.

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई से जब पूछा गया कि क्या मुज्तबा अब कमांडर-इन-चीफ की भूमिका निभा रहे हैं, तो उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया. बस इतना कहा, ‘जिन्हें मैसेज मिलना था, उन्हें मिल गया है.’ मुज्तबा खामेनेई लंबे समय से IRGC के साथ गहरे रिश्ते रखते हैं. वो अपने पिता के ऑफिस में सिक्योरिटी और मिलिट्री अफेयर्स कोऑर्डिनेट करते थे, लेकिन उनकी पर्सनैलिटी और प्लान्स के बारे में बहुत कम जानकारी है. वो पब्लिक में कभी-कभार ही दिखते थे. अब तेहरान में उनकी तस्वीरों वाले बड़े बैनर और म्यूरल लग गए हैं, जहां उनके पिता उन्हें ईरान का झंडा सौंपते दिखाए गए हैं.

Bollywood : मामूली बजट, ना कोई बड़ा स्टार, फिर भी इस फिल्म ने हिला डाला बॉक्स ऑफिस, छप्परफाड़ है 12 दिनों की कमाई

इस तमिल फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर गदर मचाया हुआ है. महज 9 करोड़ के बजट में बनी ‘थाई किझावी’ ने 12 दिनों में बमफाड़ कमाई कर डाली है. राधिका सरथकुमार की लीड रोल वाली रूरल कॉमेडी ड्रामा ‘थाई किझावी’ से किसी ने भी उम्मीद नहीं की थी कि ये बॉक्स ऑफिस को हिला डालेगी. कम बजट और बिना बड़े स्टार कास्ट वाली ये फिल्म दर्शकों का दिल जीत रही है और इसी के साथ ये थिएटर्स में अपने दूसरे हफ्ते में भी लगातार अच्छा परफॉर्म कर रही है. यहां तक कि इसने सिनेमाघरों में मौजूद साउथ से लेकर बॉलीवुड तक की कई फिल्मों को धूल चटा दी है और कई रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिये हैं. चलिए यहां जानते हैं ‘थाई किझावी’ ने रिलीज के 12वें दिन यानी दूसरे मंगलवार को कितने नोट छापे हैं?

साल की शुरुआत से तमिल फिल्म इंडस्ट्री की कोई बड़ी ब्लॉकबस्टर नहीं आई है. ऐसे में डायरेक्टर शिवकुमार मुरुगेसन की फिल्म थाई किझावी न केवल दर्शकों की फेवरेट बन गई है वहीं ये खूब कमाई भी कर रही है. दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म में कोई बड़ा मेल स्टार नहीं हैं. राधिका सरथकुमार स्टारर ये फिल्म आम कमर्शियल तमिल फिल्मों की कैटेगरी में भी नहीं आती. फिर भी हर तरफ से पॉजिटिव रिव्यू मिलने के बाद, थाई किझावी बॉक्स ऑफिस पर बहुत अच्छा परफॉर्म कर रही है.

इंडस्ट्री ट्रैकर सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने अब तक दुनिया भर में 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है. 27 फरवरी को भारत में 2.65 करोड़ रुपये के अच्छे नेट कलेक्शन के साथ ओपनिंग करने के बाद, फिल्म ने वीकेंड में अपनी कमाई में अचानक उछाल देखा और अपने पहले शनिवार और रविवार को एक के बाद एक 5 करोड़ रुपये और 6.15 करोड़ रुपये कमाए. अगले वीकडेज़ में भी, फिल्म का कलेक्शन 1.7 करोड़ रुपये से कम नहीं हुआ.

शिवकुमार मुरुगेसन ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म को लिखा भी है. थाई किझावी को सुधन सुंदरम और शिवकार्तिकेयन ने पैशन स्टूडियोज़ और शिवकार्तिकेयन प्रोडक्शंस के बैनर तले प्रोड्यूस किया है. फिल्म में राधिका सरथकुमार सेंट्रल रोल में हैं, जबकि सिंगमपुली, अरुलडोस, मुनीशकांत, बाला सरवनन और इलावरसु सपोर्टिंग रोल में हैं. फिल्म की कहानी बेटों के एक ग्रुप के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी पैरालाइज्ड मां की मौत के बाद शुरू में विरासत में पैसा पाने की उम्मीद करते हैं। हालांकि, जब उन्हें पता चलता है कि मां के पास एक कीमती खजाना है, तो उनकी प्रायोरिटी बदल जाती है, जिससे वे उसे जिंदा रखने की कोशिश करते हैं. कहानी एक डार्क कॉमेडी फैमिली ड्रामा के तौर पर सामने आती है.

Trending news : युवक ने बना डाले सिगरेट के पकौड़े, यह देख यूजर्स ने पकड़ लिया माथा

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शख्स अपने किचन में बैठा पकोड़े की हत्या को अंजाम दे रहा है. पकोड़े का वजूद, पकोड़े की इज्जत और न जाने किस किस से खिलवाड़ करता दिखाई दे रहा है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसने पकौड़े की परिभाषा ही बदल दी है. वीडियो ने फूड लवर्स के दिलों पर जिस तरह के जख्म किए हैं अब उनका भरना लगभग नामुमकिन सा लग रहा है. सोशल मीडिया के गलियारों में इस वक्त केवल एक ही विषय पर चर्चा हो रही है और वो है सिगरेट के पकौड़े. जी हां, एक महान पुरोद्धा ने पकौड़ों के साथ ऐसी ज्यादती कर डाली है कि न तो भुलाए निकल रही है और न रुलाए।

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक शख्स अपने किचन में बैठा पकोड़े की हत्या को अंजाम दे रहा है. पकोड़े का वजूद, पकोड़े की इज्जत और न जाने किस किस से खिलवाड़ करता दिखाई दे रहा है. वीडियो में शख्स एक बर्तन में बेसन का घोल करता है और उसे अच्छे से मिलकर उसमें कुछ सिगरेट डाल देता है और बस यहीं से शुरू होता है मौत का खेल.

शख्स गैस पर एक कड़ाही चढ़ाता है और उसमें तेल गर्म करने लगता है, तेल गर्म करने की शुरूआत से ही पकोड़ों को अपनी मौत की आहट होने लग जाती है. इसके बाद वही होता है जिसका डर था. शख्स सिगरेट को बेसन के घोल में डालता है और उन्हें इसमें डूबोकर गर्म तेल में तल देता है और बाहर निकलकर आते हैं सिगरेट के पकोड़े. वीडियो देखकर फूड लवर्स ने खून की उल्टियां करना शुरू कर दिया है. एक यूजर ने लिखा.भाई इसे खाना है या फूंकना है. एक और यूजर ने लिखा. मुझे तो खून की उल्टियां हो रही हैं. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा.ये कयामत लाकर मानेगा.

World : छुट्टे पैसे को लेकर अब दुकानदार से नहीं होगी झिकझिक, जल्द ATM से निकलेंगे 10-20 और 50 रुपये के नोट

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मार्केट में छोटे नोटो की कमी को देखते हुए सरकार अब ATM से भी 10-20 और 50 रुपये के नोट निकालने की योजना बना रही है. डिजिटलाइजेशन के इस नए दौर में बिल पेमेंट से लेकर रिचार्ज तक सबकुछ ऑनलाइन हो रहा है. कई बार अगर हम 100 या 500 रुपये का नोट लेकर बाजार जाते हैं, तो दुकानदारों का यही कहना रहता है कि ‘भाई साहब! छुट्टे नहीं है.’ ऑनलाइन पेमेंट के इस जमाने में छोटे नोटों की कमी अब खलने लगी है, जिनकी जरूरत ऑटो-रिक्शा का किराया चुकाने से लेकर छोटे-मोटे सामान की खरीदारी करते वक्त पड़ती है. । हालांकि, सरकार का कहना है कि मार्केट में छोटे नोटों की कोई कमी नहीं है. अब योजना ATM से भी छोटे नोट निकालने की है.

बीते मंगलवार को केंद्र सरकार की तरफ से संसद में बताया गया कि देश में छोटे नोटों की कोई कमी नहीं है. एक सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि 10 रुपये, 20 रुपये और 50 रुपये के नोट पहले से ही काफी संख्या में चलन में हैं. हालांकि, ATM से कैश विदड्रॉल के दौरान हमें अकसर 500 रुपये के ही नोट मिलते हैं. कभी-कभार100 या 200 रुपये के भी नोट निकल जाते हैं. ऐसे में 500 के नोट का छुट्टा मिलना कई बार मुश्किल हो जाता है.

इस दुविधा पर बात करते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि पुराने ATM छोटे नोट बांटने के लिए डिजाइन नहीं किए गए हैं. हालांकि, इस समस्या को हल करने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है. इस पहल के तहत, खास ‘छोटे मूल्य वाले डिस्पेंसर’ की टेस्टिंग की जा रही है. इन मशीनों से लोग सीधे 10 रुपये, 20 रुपये और 50 रुपये के नोट निकाल सकेंगे. इस तरह, लोग ATM से कैश निकालते समय छुट्टे पैसे भी पा सकेंगे.

सरकार ने छोटे नोटों की सप्लाई का डेटा भी शेयर किया. मौजूदा फाइनेंशियल ईयर (26 फरवरी तक) में रिजर्व बैंक (RBI) ने 439.4 करोड़ रुपये के 10 रुपये के नोट, 193.7 करोड़ रुपये के 20 रुपये के नोट और 130.3 करोड़ रुपये के 50 रुपये के नोटों की सप्लाई की. इसी तरह से पिछले कारोबारी साल 2025 में 180 करोड़ रुपये के 10 रुपये के नोट, 150 करोड़ रुपये के 20 करोड़ के नोट और 300 करोड़ रुपये के 50 रुपये के नोट सप्लाई की गई.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) नियमित तौर पर अलग-अलग डिनॉमिनेशन की डिमांड का रिव्यू करता है और बताता है कि कितने नोट छापे जाने चाहिए. सरकार के मुताबिक, कम वैल्यू वाले कैश की डिमांड बैंक नोट और सिक्कों को मिलाकर पूरी की जाती है. साथ ही, डिजिटल पेमेंट अब कम वैल्यू वाले पेमेंट सहित ट्रांजैक्शन का एक बड़ा हिस्सा है.

Bihar news : सुपौल में भी गैस को लेकर भारी परेशानी, 10 दिन पर भी नहीं मिल रहा सिलेंडर

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प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि वे लगातार गैस एजेंसी का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. बाजार में कालाबाजारी हो रही है. 1500 में गैस मिल रहा. एक तरफ इजरायल-ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध चल रहा है तो दूसरी ओर भारत में एलपीजी को लेकर लोगों को समस्या हो रही है. बिहार के कई जिलों में गैस की दिक्कत हो रही है. सरकार की ओर से भले दावा किया जा रहा है कि सब ठीक है लेकिन लोग परेशानी से जूझ रहे हैं. सुपौल में तो लोगों को एक सप्ताह से 10-10 दिन तक गैस नहीं मिल रहा है.

जिले में एलपीजी की कमी से परेशान उपभोक्ताओं का गुस्सा बुधवार (11 मार्च, 2026) को फूट पड़ा. गैस नहीं मिलने से नाराज लोगों ने बुधवार की सुबह त्रिवेणीगंज-पिपरा सड़क मार्ग को जाम कर दिया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया.

मामला त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के बघला के पास NH-327E का है, जहां बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने सड़क जाम कर हंगामा किया. प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि पिछले एक सप्ताह से लेकर दस दिनों तक गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है. वे लगातार गैस एजेंसी का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है.
प्रदर्शनकारियों ने गैस एजेंसी पर आरोप लगाते हुए कहा कि एजेंसी में गैस नहीं होने की बात कही जा रही है, जबकि बाजार में कालाबाजारी हो रही है. गैस सिलेंडर 1500 रुपये तक में बेचा जा रहा है. लोगों का एजेंसी पर ही आरोप है कि यहीं से बड़े पैमाने पर सिलेंडर की कालाबाजारी की जा रही है. इसके कारण आम लोगों को परेशानी हो रही है. जिनके पास 1000 नहीं होता वे 1500 और 2000 कहां से लाएंगे.

सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद त्रिवेणीगंज थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाया. इसके बाद लोग शांत हुए और NH-327E पर परिचालन शुरू हुआ. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गैस आपूर्ति व्यवस्था को जल्द दुरुस्त करने और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके.

Technology : LPG महंगा हुआ तो भी नो टेंशन, बस 1,500 रुपये में खत्म हो जाएगी सारी परेशानी, जानिए कैसे

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इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रही लड़ाई के कारण LPG की सप्लाई पर असर पड़ा है. इसके चलते लोग अब इंडक्शन चूल्हे खरीद रहे हैं. इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रही लड़ाई का असर अब आम आदमी की रसोई पर पहुंच गया है. होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से LPG सप्लाई में रुकावटें भी आ रही हैं, जिससे LPG की शॉर्टेज हो सकती है. हाल ही में सरकार ने LPG सिलेंडर के दाम भी बढ़ा दिए हैं और कई जगहों पर सिलेंडर बुकिंग का टाइम भी बढ़ा है. हालांकि, आपको इन चीजों की टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. सिलेंडर महंगा होने या खत्म होने पर आप 1,000 रुपये से भी कम में सारी परेशानी दूर कर सकते हैं.

पिछले कुछ दिनों से LPG के दाम और इसके उपलब्धता को लेकर फैली अनिश्चितता के बीच लोग अब इंडक्शन चूल्हा खरीदने लगे हैं. ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर बिजली से चलने वाले इन चूल्हों की बिक्री कई गुना बढ़ गई है. अगर आप भी गैस की टेंशन को लेकर परेशान हैं तो इंडक्शन चूल्हा खरीद सकते हैं. ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर्स पर आपको 1,500 रुपये से भी कम में अच्छा चूल्हा मिल जाएगा. इसे खरीदने के बाद आप सारे काम कर सकेंगे और गैस की भी टेंशन नहीं लेनी पड़ेगी.

इंडक्शन चूल्हे के एक साथ कई फायदे हैं. यह गैस सिलेंडर की तुलना में अधिक पोर्टेबल है. इसे आप किचन के साथ-साथ घर के किसी भी कमरे में यूज कर सकते हैं. यह बिजली से चलता है तो इसमें गैस लीक होने का डर नहीं रहता. यह बहुत तेजी से गर्म होता है और कुछ ही मिनटों में आपका खाना तैयार कर देता है. इसे यूज करने के साथ-साथ साफ करना भी एकदम आसान है. साथ ही इसमें सिलेंडर की तरह गैस खत्म होने की टेंशन नहीं रहती.

ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर्स में 1,500 रुपये से भी कम में इंडक्शन चूल्हों की कीमत शुरू हो जाती है. 1,500 रुपये तक आपको अच्छी क्वालिटी का इंडक्शन चूल्हा मिल जाएगा. आप चाहें तो इससे महंगी कीमत वाले चूल्हे भी खरीद सकते हैं.

Trending news : अनारकली पहन फूल-सी खिली-खिली नजर आईं जया किशोरी, दिल जीत लेंगी ये तस्वीरें

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जया किशोरी अक्सर सिर्फ अपने भजनों और प्रवचनों वजह से ही नहीं बल्कि अपने फैशन और सादगी भरे स्टाइल की वजह से भी सुर्खियों में रहती हैं. चलिए बताते हैं कैसे. जया किशोरी अक्सर सिर्फ अपने भजनों और प्रवचनों की वजह से ही नहीं, बल्कि अपने सादगी भरे स्टाइल के कारण भी चर्चा में रहती हैं. मंच पर हों या किसी म्यूजिक वीडियो में नजर आएं, उनका अंदाज हमेशा बेहद सरल और शालीन दिखाई देता है. उनका फैशन यह दिखाता है कि बिना ज्यादा कोशिश किए भी एक खूबसूरत और कंफर्ट लुक पाया जा सकता है. हाल ही में उनके अनारकली सूट वाले कुछ लुक्स ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सादगी में भी अलग ही मोहक होता है.

आजकल फैशन की दुनिया में ट्रेंड बहुत तेजी से बदलते रहते हैं, लेकिन जया किशोरी का स्टाइल इन ट्रेंड्स से थोड़ा अलग नजर आता है. वह भारी कढ़ाई या ज्यादा चमकदार कपड़ों के बजाय सादगी को प्राथमिकता देती हैं. उनके लुक की खासियत यह होती है कि रंगों का चयन संतुलित होता है और कपड़ों की फिटिंग बेहद सलीकेदार होती है. मेकअप के मामले में भी वह बहुत हल्का और नैचुरल लुक पसंद करती हैं. उनका मेकअप इतना सादा होता है कि चेहरे की प्राकृतिक सुंदरता ही उभरकर सामने आती है. वहीं ज्वेलरी की बात करें तो वह अक्सर सिर्फ एक जोड़ी खूबसूरत इयररिंग्स पहनना पसंद करती हैं, जिससे पूरा ध्यान उनके आउटफिट पर ही बना रहता है.

अपने हालिया म्यूजिक वीडियो में जया किशोरी ने दो अलग-अलग अनारकली लुक्स में नजर आकर सभी का ध्यान आकर्षित किया. पहला लुक एक चमकीले लाल रंग के फुल-लेंथ अनारकली सूट का था. इस सूट में फुल स्लीव्स थीं और किनारों पर हल्की सुनहरी लेस लगी हुई थी, जो सादे कपड़े को भी खास बना रही थी. इसका फ्लोई स्कर्ट डिजाइन चलते समय बेहद खूबसूरत लग रहा था. उन्होंने इसे सिंपल झुमकों और आधे बंधे बालों के साथ स्टाइल किया, जिससे उनका लुक बेहद आकर्षक लेकिन सहज लगा. दूसरे लुक में वह गहरे हरे यानी टील ग्रीन रंग के सिल्क अनारकली में नजर आईं. इसके साथ उन्होंने हल्के गोल्डन डिजाइन वाला दुपट्टा लिया था, जिसे उन्होंने बेहद सहज तरीके से कंधों पर डाला हुआ था. इस लुक की सबसे खास बात उनके ऑक्सीडाइज्ड सिल्वर इयररिंग्स थे, जिनमें सफेद मोतियों की खूबसूरत डिटेल थी. बालों को चोटी में बांधने से पूरा लुक साफ, सलीकेदार और फ्रेश नजर आ रहा था.

अगर आप भी जया किशोरी के इस सादगी भरे स्टाइल से प्रेरित होकर वैसा लुक पाना चाहते हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. सबसे पहले कपड़े के फैब्रिक और फिटिंग पर ध्यान दें. बहुत ज्यादा भारी कढ़ाई या डिजाइन के बजाय सादा लेकिन अच्छी क्वालिटी का कपड़ा ज्यादा आकर्षक लगता है. इसके अलावा रंगों का चुनाव भी बहुत अहम होता है. अपनी स्किन टोन के अनुसार रंग चुनने से पूरा लुक और निखर कर आता है. त्योहार या खास मौकों पर लाल, सुनहरा या गहरे रंग अच्छे लगते हैं, जबकि रोजमर्रा के लिए हल्के और सॉफ्ट रंग बेहतर रहते हैं. एक्सेसरीज का इस्तेमाल भी संतुलित रखना चाहिए. अक्सर एक जोड़ी स्टेटमेंट इयररिंग्स ही पूरे लुक को पूरा करने के लिए काफी होती है. वहीं मेकअप को हल्का और नैचुरल रखना बेहतर रहता है.

Bollywood : प्रियंका चोपड़ा ने बताई बेटी मालती को लोगों की नजरों से दूर रखने की चौंकाने वाली वजह

प्रियंका चोपड़ा ने अपनी बेटी मालती को लोगों की नजरों से दूर रखा है. एक्ट्रेस ने हाल ही में एक इंटरव्यू में इसकी चौंकाने वाली वजह का खुलासा किया है. ग्लोबल आइकन प्रियंका चोपड़ा अपनी बेटी मालती मैरी चोपड़ा जोनस को पब्लिक लाइमलाइट से दूर रखना पसंद करती हैं. एक्ट्रेस ने हाल ही में इस फैसले के पीछे की वजह बताई, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने मालती की प्राइवेसी को सुरक्षित रखने के लिए सिक्योरिटी के तरीके अपनाए हैं. इसे लेकर उन्होंने एक चौंका देने वाली घटना का भी खुलासा किया.

हाल ही में, प्रियंका अमांडा हिर्श के ‘नॉट स्किनी बट नॉट फैट’ पॉडकास्ट में शामिल हुईं थीं. इस दौरान उन्होंने बताया कि वह और निक जोनस अपनी बेटी मालती के बड़े होने पर उसकी पहचान छिपाने को क्यों प्रायोरिटी दे रहे हैं. प्रियंका ने कहा, “जैसे-जैसे वह बड़ी हो रही है, हमने भी थोड़ा ध्यान भटकाना शुरू कर दिया है. वह बहुत घूमती-फिरती है, (इसलिए) हम उसे जितना हो सके गुमनाम रहने देते हैं. यह उसके लिए नॉर्मल है, और लोग उसके बारे में जानने को एक्साइटेड होंगे, और मैं कभी नहीं चाहती कि वह इससे डरे या मिलने वाले इंसानों को जज करे या उन पर शक करे क्योंकि दुनिया में अच्छे लोग हैं, और मेरे ऐसे दोस्तों के साथ बहुत अच्छे एक्सपीरियंस रहे हैं. उसके लिए यह जानना ठीक है, लेकिन मुझे लगता है कि चॉइस की समझ होना ज़रूरी होगा.”

एक्टर ने आगे बताया कि उन्होंने बाहर जाते समय बेटी के लिए सिक्योरिटी रखने का फैसला क्यों किया, उन्होंने बताया कि एक बार उनकी बेटी का स्कूल से घर तक एक आम आदमी ने पीछा किया और उसे रिकॉर्ड कर लिया. प्रियंका ने माना कि उन्होंने पब्लिक लाइफ जीने का फैसला किया है, लेकिन वह यह पक्का करना चाहती हैं कि उनकी बेटी को यह फैसला खुद करने की काबिलियत मिले. प्रियंका को हाल ही में पाइरेट एक्शन-एडवेंचर फिल्म द ब्लफ में देखा गया था. एक्टर जल्द ही एसएस राजामौली द्वारा डायरेक्टेड एसएसएमबी 29 के साथ इंडियन सिनेमा में कमबैक करने की तैयारी कर रही हैं. इस फिल्म में महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन भी हैं. बताया जा रहा है कि ये फिल्म 1000 करोड़ के बजट में बनी है, जिससे यह अब तक की सबसे महंगी इंडियन फिल्मों में से एक बन गई है. यह अभी अंडर प्रोडक्शन है और अप्रैल 2027 में थिएटर में रिलीज़ होने वाली है.

एक्ट्रेस ने कहा, “जब हमारे बाहर सिक्योरिटी होती है, तो बस. बिना परमिशन के रिकॉर्ड न किया जाए क्योंकि ऐसा बहुत कुछ होता है. मेरा हमेशा से मानना ​​रहा है कि मैंने एक तरह से पब्लिक लाइफ चुनी है. जब बच्चों की बात आती है, तो वह जगह है जिसके बारे में हम सब पिछले 10 से 20 सालों में सीख रहे हैं कि अगले 10 साल, 15 साल में उनके लिए यह कैसा होगा. इसलिए मुझे लगता है कि सभी के लिए थोड़ी नरमी की ज़रूरत है, लेकिन साथ ही सेफ्टी और उसका क्या मतलब है, इस बारे में कुछ जागरूकता भी होनी चाहिए.” चैट के दौरान, प्रियंका ने बताया कि उनकी बेटी को लेकर सभी की एक्साइटमेंट “बहुत ग्रेट” है, लेकिन वह मालती की सिक्योरिटी को बाकी सब चीज़ों से ऊपर रखना चाहती हैं.

बता दें कि प्रियंका ने 2018 में सिंगर निक जोनास से शादी की थी और कपल 2022 में पेरेंट्स बन गए थे. इस जोड़ी ने सरोगेसी से अपनी बेटी मालती मैरी चोपड़ा जोनस का वेलकम किया था.

Sports : आईपीएल से पहले रोहित शर्मा का मालदीव वेकेशन, सोशल मीडिया पर वायरल हुई फोटो

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मालदीव में छुट्टियां मना रहे रोहित शर्मा ने अपनी शर्टलेस फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की, जिसे देखकर फैंस हैरान रह गए हैं. 11 किलो वजन घटाने के बाद उनका फिटनेस ट्रांसफॉर्मेशन अब खूब चर्चा में है. भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा इन दिनों मैदान से दूर छुट्टियों का आनंद ले रहे हैं. टी20 वर्ल्ड कप 2026 खत्म होने के बाद रोहित मालदीव में वेकेशन पर पहुंचे हैं. इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी एक शर्टलेस तस्वीर साझा की, जो देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो गई.

रोहित की इस तस्वीर ने फैंस का खास ध्यान खींचा है, क्योंकि इसमें उनका फिटनेस ट्रांसफॉर्मेशन साफ नजर आ रहा है. लंबे समय तक अपनी फिटनेस को लेकर ट्रोल होने वाले रोहित अब काफी फिट दिखाई दे रहे हैं और सोशल मीडिया पर लोग उनकी इस नई फिटनेस की जमकर तारीफ कर रहे हैं. टी20 वर्ल्ड कप 2026 में रोहित शर्मा ब्रांड एम्बेसडर की भूमिका में नजर आए थे. टूर्नामेंट खत्म होने के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए क्रिकेट से ब्रेक लिया और छुट्टियां मनाने मालदीव पहुंच गए. मालदीव से शेयर की गई उनकी तस्वीर में वह समुद्र किनारे आराम करते नजर आ रहे हैं. इस तस्वीर को देखकर कई फैंस ने इसे “कमाल का फिटनेस ट्रांसफॉर्मेशन” बताया है.

दरअसल, रोहित शर्मा ने पिछले साल टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अपनी फिटनेस पर काफी मेहनत की है. उन्होंने फिटनेस ट्रेनर अभिषेक नायर के साथ मिलकर ट्रेनिंग की और अपनी डाइट पर भी खास ध्यान दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दौरान रोहित ने करीब 11 किलो वजन कम किया. उन्होंने अपने पसंदीदा वड़ापाव समेत कई अनहेल्दी फूड्स को छोड़ दिया और फिटनेस पर फोकस किया. रोहित शर्मा टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और अब वह सिर्फ वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं. उनका लक्ष्य अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए खुद को पूरी तरह फिट रखना है.

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