Monday, April 27, 2026
Home Blog Page 277

NATIONAL : राजस्थान के हनुमानगढ़ में एथेनॉल फैक्ट्री पर बवाल… आगजनी–पथराव के बाद इंटरनेट बंद, किसान आज भी जुटे

0

हनुमानगढ़ के टिब्बी इलाके में एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर विवाद जारी है. पुलिस और किसानों के बीच एक बार फिर से झड़प हुई है, जिससे माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है. स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसबलों की तैनाती कई गई है. साथ ही इंटरनेट पर पाबंदी लगाई गई है.

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी कस्बे में एथेनॉल फैक्ट्री निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर तनाव में बदल गया है. एक दिन पहले बड़ी संख्या में किसान और स्थानीय लोग फैक्ट्री साइट पर पहुंचे और विरोध के दौरान दीवार तोड़कर अंदर चले गए. गुस्साई भीड़ ने ऑफिस में आग लगा दी, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा–तफरी मच गई.

स्थिति संभालने पहुंची पुलिस पर पथराव शुरू हो गया. हालात बिगड़ते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. हिंसा के दौरान करीब 14 वाहन जला दिए गए. कांग्रेस विधायक और यूथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया के सिर में चोट आई, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हुए.

प्रशासन ने क्षेत्र में धारा 163 लागू कर दी है और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं ताकि अफवाहें न फैलें और भीड़ फिर न जुटे. फैक्ट्री के आसपास रहने वाले लगभग 30 परिवार सुरक्षा के डर से घर छोड़कर चले गए. टिब्बी कस्बे में स्कूल, कॉलेज और बाजार खुले जरूर हैं, लेकिन भारी पुलिस मौजूदगी से माहौल भारी बना हुआ है. टिब्बी और राठीखेड़ा क्षेत्रों में 1500 से ज्यादा पुलिसकर्मी, RAC और होमगार्ड तैनात हैं.

किसान और कांग्रेस नेता दावा कर रहे हैं कि फैक्ट्री जमीन और पर्यावरण दोनों के लिए नुकसानदायक है. उनका कहना है कि स्थानीय लोगों की सहमति के बिना फैक्ट्री को मंजूरी दी गई. विरोध को देखकर किसान सुबह से ही पास के गुरुद्वारे में जुट रहे हैं और स्पष्ट कर चुके हैं कि मांगें माने जाने तक आंदोलन जारी रहेगा.

इस एथेनॉल प्लांट का एमओयू 2022 में अशोक गहलोत सरकार ने हरियाणा की कंपनी ड्यून्स इथनॉल प्राइवेट लिमिटेड के साथ किया था. उसी समय परियोजना को मंजूरी मिली थी, लेकिन अब इसके खिलाफ ग्रामीणों का विरोध तेज़ हो गया है. परिस्थिति अभी भी अतिसंवेदनशील है और प्रशासन हालात काबू में लाने की कोशिश कर रहा है.

NATIONAL : दूल्हा-दुल्हन की सुहागरात और सीक्रेट…शादी के तीसरे दिन पलट गई गोरखपुर के इंजीनियर की कहानी

0

गोरखपुर से चौंकाने वाली कहानी सामने आई है. यहां शादी के सिर्फ तीन दिन बाद दुल्हन ने पति से तलाक की मांग कर दी. दरअसल, सुहागरात में उसे पता चला कि उसका पति शारीरिक रूप से असमर्थ है और वैवाहिक संबंध बनाने में सक्षम नहीं. दुल्हन के परिवार ने मेडिकल जांच करवाई, जिसमें पता चला कि दूल्हा पिता नहीं बन सकता. इसके बाद पूरी कहानी ही पलट गई.

यूपी के गोरखपुर से एक अजीब और चौंकाने वाली कहानी सामने आई है. शादी के मात्र तीन दिन के भीतर ही पूरी कहानी पलट गई. सहजनवा क्षेत्र की रहने वाली एक नवविवाहिता ने शादी के तीसरे दिन ही पति से तलाक मांग लिया. दरअसल, दुल्हन को सुहागरात में पता चला कि उसका पति शारीरिक रूप से असमर्थ है.

एजेंसी के अनुसार, दुल्हन का कहना है कि शादी की रात ही दूल्हे ने खुद स्वीकार किया कि वह वैवाहिक संबंध बनाने में सक्षम नहीं है. यह खुलासा तब और पुष्ट हो गया, जब उसके परिवार ने दूल्हे की मेडिकल जांच करवाई, जिसमें सामने आया कि वह पिता नहीं बन सकता. इस रिपोर्ट के बाद दुल्हन के परिवार ने न सिर्फ तलाक की मांग की, बल्कि शादी में दिए गए गिफ्ट और खर्च की वापसी की भी मांग की.

दूल्हा 25 साल का है और सहजनवा क्षेत्र के एक संपन्न किसान परिवार का इकलौता बेटा है. वह गोरखपुर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (GIDA) में इंजीनियर है. शादी रिश्तेदारों के माध्यम से तय हुई थी. दोनों की 28 नवंबर को शादी हुई, और अगले दिन विदाई.मगर, 1 दिसंबर को पूरी कहानी पलट गई. दुल्हन के पिता परंपरागत रीति से बेटी की ससुराल पहुंचे. इस दौरान दुल्हन ने पिता को बताया कि दूल्हे ने शादी की रात अपनी शारीरिक अक्षमता का खुलासा किया. इस पर दुल्हन के पिता उसे तुरंत अपने साथ घर ले गए.

इसके बाद दोनों परिवारों की बैठक 3 दिसंबर को बेलियापुर में रिश्तेदारों की मौजूदगी में हुई. दुल्हन के परिवार ने आरोप लगाया कि दूल्हे के परिवार ने उसकी शारीरिक स्थिति छुपाई. इसके साथ ही यह भी खुलासा हुआ कि दूल्हा पहले भी शादी कर चुका था, और उसकी पहली पत्नी भी एक महीने के भीतर इसी वजह से लौट गई थी.

दुल्हन के परिवार का कहना है कि सभी की सहमति से दूल्हे को गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया. जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि वह शारीरिक रूप से असमर्थ है और पिता नहीं बन सकता. शुरुआत में दूल्हे के पिता ने स्वीकार नहीं किया.

सहजनवा पुलिस ने मामले में हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया. दूल्हे के परिवार ने एक महीने के भीतर शादी में दिए गए कुल 7 लाख रुपये और सभी उपहार लौटाने पर सहमति दी. दोनों पक्षों ने रिश्तेदारों की मौजूदगी में यह समझौता किया. सहजनवा थाना प्रभारी महेश चौबे ने कहा कि पुलिस को मामले की शिकायत मिली थी. दोनों परिवार आपसी बातचीत के जरिए समझौता कर रहे हैं. दुल्हन को पति के शारीरिक रूप से अक्षम होने का पता चला, और केवल तीन दिनों में शादी की पूरी कहानी बदल गई.

NATIONAL : चूहे मारने की दवा, सल्फास और टूटा मोबाइल…संदिग्ध हाल में मिला युवक का शव, 3 दिन में होनी थी शादी

0

झारखंड के रामगढ़ जिले के गंडके जंगल में राजस्थान के एक युवक का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से सनसनी फैल गई. 27 वर्षीय महावीर सिंह चूड़ावत की तीन दिन बाद शादी होने वाली थी. शव के पास चूहे मारने की दवा, सल्फास की गोली और टूटा मोबाइल बरामद हुआ. पुलिस हत्या या आत्महत्या- दोनों ही पहलुओं पर जांच कर रही है. परिजनों को सूचना देकर रामगढ़ बुलाया गया है.

झारखंड के रामगढ़ जिले में सोमवार को एक रहस्यमयी घटना सामने आई, जिसने पुलिस और स्थानीय प्रशासन को उलझन में डाल दिया है. रामगढ़ थाना क्षेत्र के गंडके जंगल में 27 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध अवस्था में बरामद होने से इलाके में हड़कंप मच गया. मृतक की पहचान राजस्थान के ठनके गांव जीवेर थाना क्षेत्र निवासी महावीर सिंह चूड़ावत के रूप में हुई है, जिसकी शादी आगामी 11 दिसंबर को होने वाली थी.

पुलिस के अनुसार, जंगल में पड़े शव के पास से चूहे मारने की दवा, सल्फास की गोली और युवक का टूटा हुआ मोबाइल बरामद किया गया है. यह सामान मिलने से पुलिस हत्या या आत्महत्या, दोनों ही कोणों पर जांच कर रही है. शुरुआती पड़ताल में किसी संघर्ष के निशान स्पष्ट नहीं मिले हैं, लेकिन मृतक के राजस्थान से सैकड़ों किलोमीटर दूर झारखंड के जंगल में मौजूद होने ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि महावीर तीन दिन बाद होने वाली अपनी शादी को लेकर तनाव में था या किसी पारिवारिक विवाद की वजह से परेशान था- ऐसी संभावनाएं भी खंगाली जा रही हैं. हालांकि पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और सारी बातें पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा परिजनों के बयान के बाद ही स्पष्ट होंगी.

रहस्यमयी मौत की सूचना मिलते ही रामगढ़ पुलिस ने मृतक के परिवार से फोन पर संपर्क कर उन्हें घटना की जानकारी दी. परिवारजन राजस्थान से रामगढ़ के लिए रवाना हो चुके हैं. पुलिस का मानना है कि परिवार के आने के बाद महावीर की मानसिक स्थिति, हाल के दिनों के व्यवहार और किसी संभावित विवाद के बारे में अधिक जानकारी मिल सकेगी.

रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने बताया कि ‘आठ तारीख को गंडके जंगल में 27 वर्षीय युवक का शव मिला है. शव के पास चूहे मारने की दवा, सल्फास की गोली और टूटा मोबाइल मिला है. मृतक की पहचान महावीर सिंह चूड़ावत के रूप में की गई है. प्रारंभिक जानकारी से लगता है कि युवक शादी को लेकर तनाव में था या किसी पारिवारिक मतभेद से परेशान था, लेकिन सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है.’ फिलहाल पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि क्या यह आत्महत्या है या किसी सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या.

ENTERTAINMENT : ऋतिक रोशन को पसंद आई ‘धुरंधर’, रिव्यू में की तारीफ, क्यों बोले- इसकी पॉलिटिक्स से सहमत नहीं…

सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्म धुरंधर को लेकर ऑडियंस से लेकर फिल्म सेलेब्स के मिले-जुले रिएक्शन देखने को मिल रहे हैं. अब सुपरस्टार ऋतिक रोशन ने फिल्म धुरंधर का रिव्यू किया और इंस्टाग्राम पर अपने विचार शेयर किए.

हाल ही में रिलीज हुई रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाया हुआ है. महज 5 दिनों में ‘धुरंधर’ का टोटल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन ऑल्मोस्ट 160 करोड़ रुपये हो चुका है. बॉलीवुड सेलिब्रिटी भी फिल्म की सिनेमैटिक परफॉर्मेंस की तारीफ कर रहे हैं. अब एक्टर ऋतिक रोशन ने अपना रिव्यू शेयर किया है .

एक्टर ने लिखा, ‘मुझे सिनेमा पसंद है, ऐसे लोग पसंद हैं जो एक भंवर में फंसते हैं और कहानी को कंट्रोल करने देते हैं. उसे तब तक घुमाते, हिलाते हैं जब तक उन्हें जो बात कहनी है स्क्रीन पर निकलकर ना आए. धुरंधर इसका एक उदाहरण है. कहानी कहने का तरीका बहुत पसंद आया, यह सिनेमा है.’

एक्टर ने आगे लिखा, ‘मैं इसकी पॉलिटिक्स से सहमत नहीं हो सकता, और इस बात पर बहस कर सकता हूं कि दुनिया के नागरिक होने के नाते हम फिल्ममेकर्स को क्या जिम्मेदारियां उठानी चाहिए. फिर भी, मैं इस बात को नजरअंदाज नहीं कर सकता कि सिनेमा के एक स्टूडेंट के तौर पर मुझे यह कितना पसंद आया और मैंने इससे कितना कुछ सीखा. कमाल है.’

NATIONAL : अब दिवाली को मिलेगी ग्लोबल पहचान, UNESCO ने माना अमूर्त सांस्कृतिक विरासत, PM मोदी ने दी बधाई

0

दीपावली भारत का प्रमुख त्योहार है, जो प्रकाश के त्योहार के रूप में मनाया जाता है. यह अंधकार पर प्रकाश की जीत और धर्म की विजय का प्रतीक है. घर-घर दीप जलाकर, रंगोली सजाकर और खुशियां मनाकर यह उत्सव पूरे देश में बड़े हर्ष उल्लास से मनाया जाता है. अब यह UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल हो चुका है.

भारत के दीपावली त्योहार को UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किया गया है. इस ऐतिहासिक फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जाहिर की और कहा कि दीपावली हमारे देश की संस्कृति और मूल्यों से गहराई से जुड़ा हुआ है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत और दुनियाभर में लोग इस खबर से उत्साहित हैं. हमारे लिए दीपावली हमारी सभ्यता की आत्मा है. यह प्रकाश और धर्म का प्रतीक है.UNESCO की इस सूची में दीपावली के शामिल होने से यह त्योहार विश्व स्तर पर और अधिक लोकप्रिय होगा.” उन्होंने साथ ही कहा कि प्रभु श्री राम के आदर्श हमें सदैव मार्गदर्शन देते रहें.

UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में संरक्षण से दीपावली जैसे त्योहारों को विश्वभर में पहचान और संरक्षण मिलेगा. इससे भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को और मजबूती मिलेगी, साथ ही यह युवा पीढ़ी के बीच पारंपरिक उत्सवों की महत्ता समझने में मदद करेगा.

इस नए इनस्क्रिप्शन के साथ, दीपावली विश्व सांस्कृतिक मोर्चे पर अपनी विशेष पहचान बनाएगा और विभिन्न देशों के लोग इस त्योहार के आनंद और संदेश को समझ सकेंगे.

BUSINESS : IndiGo संकट के बीच SpiceJet का 100 फ्लाइट्स रोजाना बढ़ाने का प्लान, 5 प्रतिशत उछले शेयर

0

स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि सरकार को इसकी विंटर फ्लाइट शेड्यूल में भी कटौती करनी पड़ी और करीब 100 उड़ानें अन्य एयरलाइंस को संचालित करने की अनुमति दी गई.

इंडिगो संकट का बुधवार को नौवां दिन होने के बावजूद हालात पूरी तरह सुधर नहीं पाए हैं. देश की सबसे बड़ी एयरलाइंस इंडिगो द्वारा लगातार बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द किए जाने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने एयरलाइन के परिचालन में 10 प्रतिशत की कटौती करने का आदेश जारी किया है. इसका सीधा मतलब यह है कि इंडिगो अपने निर्धारित विंटर शेड्यूल के मुताबिक उड़ानें संचालित नहीं कर पाएगी.

उधर, बढ़ी हुई मांग और यात्रियों की मुश्किलों को देखते हुए स्पाइसजेट ने बड़ा कदम उठाते हुए घोषणा की है कि वह सर्दियों के दौरान रोजाना 100 अतिरिक्त उड़ानें शुरू करने के लिए तैयार है. हालांकि एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि यह विस्तार केवल नियामकीय स्वीकृति मिलने के बाद ही संभव होगा. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस निर्णय के पीछे प्रमुख रूट्स पर बढ़ती मांग मुख्य कारण है.

इंडिगो संकट के बीच स्पाइसजेट के शेयरों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला है. 10 दिसंबर को कंपनी के शेयर करीब 5 प्रतिशत तक उछलकर 36 रुपये तक पहुंच गए. कुछ ही कारोबारी सत्रों में इसके शेयर 19 प्रतिशत तक चढ़ चुके हैं. दोपहर 12:55 बजे बीएसई पर स्पाइसजेट का शेयर 1.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 34 रुपये पर कारोबार कर रहा था. यह तेजी ऐसे समय में आई है जब इंडिगो पायलटों की कमी के चलते लगभग 5,000 उड़ानों को रद्द करने की वजह से मुश्किलों में घिरी हुई है और उस पर नियामकीय कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है.

स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि सरकार को इसकी विंटर फ्लाइट शेड्यूल में भी कटौती करनी पड़ी और करीब 100 उड़ानें अन्य एयरलाइंस को संचालित करने की अनुमति दी गई.

इंडिगो घरेलू विमानन बाजार में करीब दो-तिहाई हिस्सेदारी रखती है, ऐसे में उसका परिचालन अचानक बाधित होने से भारतीय नागरिक उड्डयन प्रणाली पर बड़ा प्रभाव पड़ा है. एयरलाइन का ऑन-टाइम परफॉर्मेंस भी गिरकर मात्र 8.5 प्रतिशत रह गया, जिसके चलते दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद सहित कई प्रमुख हवाई अड्डों से बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करनी पड़ीं.

जब डीजीसीए को यह स्पष्ट हो गया कि इंडिगो अपने वीकली आवंटित 15,014 उड़ानों को नियमित रूप से संचालित करने की स्थिति में नहीं है, तब उसके शेड्यूल में कटौती का निर्णय लिया गया. इस अचानक हुए बदलाव से हजारों यात्रियों को यात्रा योजनाओं के रद्द होने, देरी और वैकल्पिक उड़ानें खोजने में काफी मुसीबतें झेलनी पड़ी हैं.

ऐसे माहौल में स्पाइसजेट की ओर से उड़ानों में वृद्धि की पेशकश काफी राहत दे सकती है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्पाइसजेट को नियामकीय मंजूरी मिल जाती है, तो वह इंडिगो संकट के चलते पैदा हुई उड़ानों की कमी को काफी हद तक पूरा कर पाएगी, जिससे घरेलू हवाई सेवाओं में स्थिरता वापस लाने में मदद मिलेगी.

MAHARASHTRA : तेंदुए के हमले जारी, जगंल में 1 करोड़ रुपए की भेड़-बकरियां छोड़ेगी सरकार

0

महाराष्ट्र में तेंदुए का आतंक जारी है. पुणे, नासिक और अलिबाग में तेंदुए के हमले से लोगों की मौत हो रही हैं. इसे रोकने के लिए अब महायुति सरकार ने नया प्लान बनाया है.

महाराष्ट्र के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों में लोगों पर तेंदुओं के हमले बढ़े हैं. इस पृष्ठभूमि में अब महायुति सरकार ने तेंदुओं को खाने की तलाश में जंगल से बाहर न आने देने के लिए जंगल में ही भेड़ या बकरियां छोड़ने का फैसला किया है. हालांकि इस फैसले पर आधिकारिक तौर पर मुहर नहीं लगी है, लेकिन राज्य के वन मंत्री गणेश नाइक ने कहा कि पुणे के कुछ हिस्सों में तेंदुओं को खाने के लिए भेड़ या बकरियां छोड़ी गई हैं. वह मंगलवार को नागपुर में मीडिया से बात कर रहे थे.

तेंदुओं के मानव बस्तियों में बढ़ते हमलों के बारे में वन मंत्री गणेश नाइक से सवाल किया गया. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गणेश नाइक ने कहा कि हिंसक जानवरों को जो शिकार चाहिए वह शिकार जंगल में उपलब्ध नहीं है. हमारा विचार है कि हर जिले में तेंदुओं को खाने के लिए भेड़ या बकरियों को गले में टैग लगाकर छोड़ा जाए. जैसे हर गांव में एक नंदी होता है, उसी तरह ये भेड़-बकरियां होंगी. गणेश नाइक ने नागरिकों से अपील की कि आपके बच्चों और परिवार के सदस्यों को तेंदुए का खतरा न हो, इसलिए वन विभाग ने कुछ जगहों पर ये भेड़ें छोड़ी हैं. आप उनकी रक्षा करें.’

तेंदुआ पहले एक वन्यजीव था. अब वह गन्ने का जीव बन गया है. जंगल की तुलना में गन्ने के खेत में तेंदुओं की पैदावार हो रही है. इसलिए तेंदुओं की संख्या बढ़ी है. तेंदुआ शेड्यूल 1 में आने वाला जानवर है. हमने केंद्रीय वन विभाग को प्रस्ताव भेजा है कि इसे अब शेड्यूल 2 में शामिल किया जाए. हमने वन विभाग से यह भी कहा है कि अगर तेंदुए जंगल में नहीं हैं तो उन्हें वन्यजीव के रूप में नहीं गिना जाना चाहिए. फिलहाल हमें केंद्रीय वन विभाग से तेंदुओं की कुछ हद तक नसबंदी करने की अनुमति मिल गई है.

राज्य सरकार हर जंगल में तेंदुओं की समान संख्या सुनिश्चित करने की योजना बना रही है. तेंदुओं को जंगल में ही शिकार मिलना चाहिए. उन्हें गांव में आकर कुत्तों और लोगों पर हमला नहीं करना चाहिए, इसके लिए वन विभाग प्रयास कर रहा है. इसके लिए जंगल में भेड़ छोड़ने का प्रस्ताव विचाराधीन है. गणेश नाइक ने यह भी कहा कि इसकी शुरुआत जुन्नार, आंबेगांव, शिरूर तालुका में भी हो चुकी है.

गणेश नाइक ने कहा कि राज्य के जिन क्षेत्रों में ज्यादा तेंदुए हैं, वहां से तेंदुओं को अफ्रीका भेजने पर भी विचार किया जा रहा है. अफ्रीका में बाघ, शेर हैं, लेकिन वहां तेंदुए नहीं हैं. इसलिए हमने केंद्रीय वन विभाग से पूछा है कि अगर महाराष्ट्र के तेंदुओं को अफ्रीका भेजने की मांग की जाए तो क्या आप इस पर विचार करेंगे. उन्होंने हमें एक लिखित प्रस्ताव भेजने को कहा है. वन मंत्री गणेश नाइक ने कहा कि कुछ तेंदुओं को वनतारा भेजा जाएगा.

BIHAR : चालक सिपाही भर्ती की परीक्षा के लिए दूसरे राज्यों से भी आए अभ्यर्थी, बोले- पेपर लीक न हो…

0

बिहार के 15 जिलों में 315 सेंटर बनाए गए हैं. इस परीक्षा में करीब 1.5 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं. पढ़िए दूसरे राज्यों से आए अभ्यर्थियों ने क्या कुछ कहा है.

बिहार पुलिस चालक सिपाही भर्ती के लिए आज (बुधवार) 15 जिलों के 315 केंद्रों पर एग्जाम हो रहा है. इस परीक्षा में करीब 1.50 लाख अभ्यर्थी हिस्सा ले रहे हैं. पटना की बात करें तो 32 सेंटर बनाए गए हैं. इसके लिए परीक्षा केंद्रों पर 40 स्टैटिक दंडाधिकारियों, 17 जोनल दंडाधिकारियों, 08 उड़नदस्ता दंडाधिकारियों, 10 सुरक्षित दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया गया है. इनके साथ पुलिस बल को भी लगाया गया है.

इस बीच दूसरे राज्यों से आए अभ्यर्थियों ने कहा कि वे बस यही चाहते हैं कि पेपर लीक न हो. उन्होंने अपने राज्य की सरकार से अपील कर कहा कि वहां वैकेंसी निकाली जाए. एक अभ्यर्थी ने कहा, “यूपी से आए हैं… ड्राइवर के एग्जाम के लिए. यूपी में ड्राइवर की वैकेंसी नहीं निकलती है, कॉन्स्टेबल की निकलती है. यूपी में कॉन्स्टेबल में से ड्राइवर चुने जाते हैं.”

युवक ने आगे कहा, “यहां पर वैकेंसी अच्छी थी. यहां पर पेपर लीक न हो… इतनी अच्छी वैकेंसी बिहार… यूपी में नहीं है. यूपी में भी बीजेपी की सरकार है, बिहार में भी बीजेपी की सरकार है, राजस्थान में भी बीजेपी की सरकार है, योगी आदित्यनाथ से कहना चाहेंगे कि यूपी में भी ड्राइवर की वैकेंसी निकले ताकि हमें बिहार न आना पड़े. दूसरे राज्य में हम लोग जाते हैं तो जेनरल ही गिना जाता है.”

वहीं परीक्षा देने से पहले एक दूसरे उम्मीदवार ने कहा, “राजस्थान में कम वैकेंसी आती है.” उसने राजस्थान सरकार से अपील कर कहा वहां (राजस्थान) भी सभी जगह बढ़िया वैकेंसी निकले. बिहार में होने वाली इस परीक्षा को लेकर अभ्यर्थी ने कहा, “उम्मीद यही करते हैं कि यहां पेपर लीक न हो. यहां पेपर लीक बहुत होता है.”

उधर पटना के डीए डॉ. त्यागराजन एसएम ने निर्देश दिया है कि परीक्षा की महत्ता एवं गरिमा को ध्यान में रखते हुए सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं पदाधिकारियों को सक्रिय रहना है. परीक्षा के सफल आयोजन के लिए सभी केंद्र पर स्टैटिक दंडाधिकारियों-सह-प्रेक्षकों, जोनल दंडाधिकारियों-सह-समन्वय प्रेक्षकों, उड़नदस्ता दंडाधिकारियों, सुरक्षित दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है. 32 परीक्षा केंद्रों के लिए 17 जोन निर्धारित किया गया है.

सक्रिय पत्रकारिता में अजीत कुमार लगभग 9 वर्षों से कार्यरत हैं. वर्ष 2016 में दैनिक जागरण समाचार-पत्र से इन्होंने ट्रेनी सब-एडिटर के रूप में अपनी पारी की शुरुआत पटना से की. देश के कई बड़े मीडिया संस्थानों में इन्होंने अपनी सेवाएं दी हैं, जिनमें दैनिक जागरण, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर आदि शामिल हैं.

वर्तमान में इनका कार्यक्षेत्र बिहार है और ये एबीपी लाइव में ‘चीफ कॉपी एडिटर’ के पद पर कार्यरत हैं. एबीपी डिजिटल के बिहार सेक्शन को लीड करते हैं. बिहार की खबरों पर इनकी पैनी नजर रहती है चाहे वह राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ी हुई खबरें हों या फिर अपराध या अन्य सामाजिक सरोकार की. खबरों को एंगल देने में और हेडिंग बनाने में महारथ हासिल है.

सही समय पर निष्पक्ष रूप से कई समाचार इनके प्रकाशित हो चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज भी शामिल हैं. पत्रकारिता में इन्होंने स्नातक के साथ परास्नातक तक की पढ़ाई की है. इनसे ajeetk@abpnetwork.com पर संपर्क किया जा सकता है.

UP : राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह की दूसरी सालगिरह 22 जनवरी को नहीं! चंपत राय ने दी बड़ी जानकारी

0

उत्तर प्रदेश स्थित अयोध्या में वर्ष 2024 में उद्घाटित राम मंदिर और राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह की दूसरी सालगिरह 22 जनवरी 2026 को नहीं होगी. यह जानकारी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय ने दी है.

उन्होंने कहा है कि हिंदू कैलेंडर के अनुसार राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह की दूसरी सालगिरह 31 दिसंबर को होगी. बता दें राम मंदिर ट्रस्ट, प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ को प्रतिष्ठा द्वादशी के तौर पर मनाता है. इस बार यह द्वादशी 31 दिसंबर को पड़ रही है. इस संदर्भ में कई सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों की भी तैयारी की गई है.

बता दें बीते ही दिनों राम मंदिर में ध्वजारोहण का कार्यक्रम हुआ था. उस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत समेत कई लोग मौजूद थे.

RECIPE : बाकी मोमोज भूल जाएंगे, जब घर पर बनाएं हेल्दी और टेस्टी पालक मोमोज

0

अगर आप भी चाहते हैं कि आप अपने पसंदीदा स्नैक को बिना किसी गिल्ट के खा सकें, तो पालक मोमोज आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन है. पालक मोमोज सिर्फ टेस्टी नहीं होते, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद हैं.

मोमोज का नाम सुनते ही खाने वालों के मुंह में पानी आ जाता है. बाहर के मोमोज अक्सर टेस्टी तो होते हैं, लेकिन हमें हमेशा इस बात की चिंता रहती है कि यह सेहत के लिए सही हैं या नहीं. खासकर बच्चों और परिवार के लिए तो घर का बना खाना ही सबसे सुरक्षित और हेल्दी होता है. अगर आप भी चाहते हैं कि आप अपने पसंदीदा स्नैक को बिना किसी गिल्ट के खा सकें, तो पालक मोमोज आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन है.

पालक मोमोज सिर्फ टेस्टी नहीं होते, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद हैं. पालक में भरपूर मात्रा में आयरन और विटामिन होते हैं, जो शरीर के लिए जरूरी हैं. साथ ही, अगर आप मोमोज बनाने में मैदा का यूज नहीं करना चाहते और हेल्दी टच देना चाहते हैं, तो गेहूं और बाजरे के आटे का यूज करके आप आसानी से घर पर हेल्दी मोमोज तैयार कर सकते हैं. ये मोमोज बच्चों और बड़े सभी के लिए पसंदीदा बन सकते हैं.

हेल्दी और टेस्टी पालक मोमोज रेसिपी

  1. पालक मोमोज बनाने के लिए सबसे पहले पालक को अच्छे से धो लें ताकि मिट्टी और गंदगी पूरी तरह से निकल जाए फिर एक बर्तन में पानी उबालें और उसमें पालक डालकर 2 से 3 मिनट तक उबालें. उबालने के बाद पालक को ठंडा करें और बारीक काट लें या कद्दूकस कर लें. इस तरह आपका पालक स्टफिंग के लिए तैयार हो जाएगा.
  2. अब एक पैन में 1 चम्मच तेल गर्म करें. इसमें बारीक कटा प्याज, लहसुन और अदरक डालकर 1-2 मिनट भूनें फिर इसमें कटी हुई गाजर, हरे मटर और तैयार पालक डालें. 5-7 मिनट तक सभी सब्जियों को पकने दें फिर इसमें टेस्ट के अनुसार सोया सॉस, चाट मसाला, नमक और काली मिर्च डालकर अच्छे से मिला लें। गैस बंद कर दें और मिक्सचर को ठंडा होने दें.
  3. मोमोज बनाने के लिए आटा तैयार करना बहुत आसान है. एक बर्तन में गेहूं का आटा, बाजरे का आटा, नमक और थोड़ा तेल डालें. अब धीरे-धीरे पानी डालते हुए नरम आटा गूंथ लें. गूंथे हुए आटे को ढककर 15 से 20 मिनट के लिए रख दें ताकि यह थोड़ा सेट हो जाए.
  4. आटे से छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और बेलन की मदद से गोल बेलें. बीच में पालक और सब्जियों का मिक्सचर रखें और किनारों को बंद कर दें. आप चाहें तो मोमोज को अपनी पसंद के शेप में भी बना सकते हैं.
  5. स्टीमर में पानी उबालें और मोमोज को प्लेट में रखें. ढककर 10 से 12 मिनट तक स्टीम करें. ध्यान रखें कि मोमोज बहुत ज्यादा स्टीम न हों, नहीं तो वे बहुत सॉफ्ट हो सकते हैं.
  6. गर्मागर्म पालक मोमोज तैयार हैं. इन्हें चिली सॉस या टमाटर सॉस के साथ परोस सकते हैं. चाहें तो चाय या हल्के सूप के साथ भी सर्व करें. हेल्दी होने के साथ-साथ ये मोमोज इतना टेस्टी होते हैं कि एक बार खाने के बाद आप बाहर के मोमोज को भूल जाएंगे.
- Advertisement -

News of the Day