Monday, April 27, 2026
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NATIONAL : प्यार, धोखा और ब्लैकमेलिंग! रायपुर के व्यापारी ने महिला DSP पर लगाया करोड़ों हड़पने का आरोप

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महिला DSP कल्पना वर्मा पर राजधानी रायपुर के रहने वाले दीपक टण्डन नाम के एक व्यापारी ने प्यार के जाल में फंसाकर करोड़ो रुपये हड़पने का आरोप लगाया है.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने खाकी वर्दी से लोगों का भरोसा ही डिगा दिया है. लोगों को भरोसा ही नहीं हो रहा है कि खाकी वर्दी के पीछे इस खूबसूरत चेहरे में सिर्फ धोखा और फरेब भरा हुआ है. दरअसल ये पूरा मामला छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में पदस्थ महिला DSP कल्पना वर्मा जुड़ा है.

महिला DSP पर राजधानी रायपुर के रहने वाले दीपक टण्डन नाम के एक व्यापारी ने प्यार के जाल में फंसाकर करोड़ो रुपये हड़पने का आरोप लगाया है. दीपक का आरोप है कि पिछले 3 साल में महिला DSP ने उससे करीब ढाई करोड़ रुपये नगद, एक कार, डायमण्ड रिंग और लाखो के गहने हड़प लिए है. इतना ही नही महिला DSP अब दीपक टण्डन को अपनी पत्नी से तलाक लेने के लिए भी मजबूर कर रही थी.

दीपक टण्डन ने बताया कि एक मित्र के जरिए हुई छोटी सी मुलाकात के बाद कल्पना वर्मा आये दिन उन्हें फोन कर मिलने आ जाया करती थी और घंटों उनके साथ होटल में बैठा करती थी. इतना ही नही महिला DSP देर रात दीपक को वीडियो कॉल कर घंटों बातें किया करती थी. कल्पना ने धीरे धीरे दीपक से नजदीकियां बढ़ाना शुरू कर दी. कल्पना आये दिन किसी न किसी बहाने उससे पैसे और ज्वेलरी मांगने लगीं. वहीं महिला DSP के प्यार में पागल दीपक भी उसकी हर एक मांग को पूरा करने लगा.

महिला DSP कल्पना वर्मा 2017 बेच की है. इस दौरान रायपुर समेत जहां भी इसकी पोस्टिंग रही वो वहां से अपने शिकार दीपक टंडन से मिलने लगातार आती रही. इस दौरान महिला DSP ने दीपक को अपने हुस्न के जाल में पूरी तरह से फंसा लिया था.

पीड़ित के मुताबिक महिला DSP ने अपने भाई को होटल खुलवाने के नाम पर भी दीपक टण्डन से करोड़ो रुपये हड़प लिए थे. साथ ही दीपक पर उसकी पत्नी से तलाक लेने के लिए लगातार दवाब भी बनाने लगी.ये तमाम बातें DSP और दीपक की व्हाट्सएप चैट भी दर्ज हैं. जब पीड़ित ने अपनी पत्नी से तलाक लेने से मना कर दिया और अपने पैसे समेत तमाम चीजें मांगी तो महिला DSP के चेहरे से प्यार का नकाब उतर गया और वो व्यापारी को अपनी वर्दी का रौब दिखाकर धमकाने लगी.

महिला DSP के प्यार में धोखा खाये व्यापारी दीपक टंडन का आरोप है कि DSP के पुलिस के कई आला अधिकारियों से भी घनिष्ट सम्बन्ध हैं जिसके चलते कल्पना वर्मा अभी भी उसे लगातार धमका रही है. पीड़ित के मुताबिक आरोपी महिला DSP पहले भी कई लोगों को प्यार सेक्स और धोखे के जाल में फंसा कर लूट चुकी है.

MP : सागर में भीषण हादसा… बम स्क्वॉड के चार जवानों की मौत, एक गंभीर, ट्रक से टकरा गई थी जीप

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मध्य प्रदेश के सागर में हुए दर्दनाक हादसे में बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड की टीम हादसे का शिकार हो गई. सरकारी गाड़ी जब नेशनल हाइवे पर खड़े एक कंटेनर ट्रक से जोरदार टक्कर में बुरी तरह तबाह हो गई। हादसे में चार कांस्टेबलों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की भयावहता इतनी थी कि पुलिस वाहन का आगे का हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया.

मध्य प्रदेश के सागर में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. बम निरोधक दस्ते के पांच सदस्य सुबह ड्यूटी के लिए निकले थे, तभी उनकी गाड़ी एक कंटेनर ट्रक से जा टकराई. हादसे में चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल है.

एजेंसी के अनुसा, यह हादसा सुबह करीब 4 बजे नेशनल हाइवे-44 पर बंदरी और मालथोन के बीच हुआ. बंदरी थाना प्रभारी सुमेर जगत के अनुसार, स्क्वॉड का वाहन रफ्तार में आगे बढ़ रहा था, तभी हाइवे पर रॉन्ग साइड में खड़े एक कंटेनर ट्रक से उसकी टक्कर हो गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि पुलिस वाहन पूरी तरह चकनाचूर हो गया. उसमें सवार जवानों को बाहर निकालने में पुलिस और रेस्क्यू टीम को मशक्कत करनी पड़ी.

हादसे में जिन चार कर्मियों की मौत हुई है, उनमें कॉन्स्टेबल प्रद्युम्न दीक्षित, कॉन्स्टेबल अमन कौरव और ड्राइवर परमारलाल तोमर शामिल हैं, ये तीनों मुरैना के रहने वाले हैं. वहीं डॉग मास्टर विनोद शर्मा की भी मौत हो गई, जो भिंड के रहने वाले थे. इनके अलावा कॉन्स्टेबल राजीव चौहान गंभीर रूप से घायल हैं. उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रेफर किया गया है.

स्क्वॉड के साथ मौजूद प्रशिक्षित डॉग सुरक्षित है, जिसे पुलिस ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण, स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. शवों को बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया. हाइवे पर काफी देर तक जाम जैसी स्थिति रही.

सवाल है कि हाइवे पर गलत दिशा में भारी कंटेनर ट्रक क्यों खड़ा था. कंटेनर ट्रक का ड्राइवर मौके से फरार है, जिसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. उसकी तलाश जारी है. पुलिस विभाग ने चारों जवानों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है और घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

NAGPUR : ‘मैं अपनी सैलरी से संतुष्ट हूं’, नागपुर में अधिकारी ने अपनी नेम प्लेट पर लिखा संदेश, हुआ वायरल

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महाराष्ट्र के नागपुर में अधिकारी राजेश खवले का ‘मैं अपनी सैलरी से संतुष्ट हूं’ वाला बोर्ड चर्चा में है. इस संदेश की हर ओर चर्चा हो रही है. यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.

महाराष्ट्र में आज जहां लाखों रुपये के बंडलों के दो मामले सामने आए, वहीं एक अधिकारी का लगाया गया छोटा-सा बोर्ड ईमानदारी की बड़ी मिसाल बन गया है. नागपुर के संभागीय आयुक्त कार्यालय में कार्यरत अतिरिक्त राजस्व आयुक्त राजेश खवले ने अपनी नेमप्लेट के साथ एक बोर्ड लगाया है, जिस पर लिखा है, “मैं अपनी सैलरी से संतुष्ट हूं.”

जब मीडिया ने खवले से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने वीडियो पर बयान देने से इनकार कर दिया. हालांकि उन्होंने बताया कि उनका कामकाज विदर्भ के कई जिलों में फैला है और रोजाना ग्रामीण इलाकों के कई लोग उनसे मिलने आते हैं. ऐसे में वे चाहते थे कि लोगों को उनकी कार्यप्रणाली और नीयत का स्पष्ट संदेश मिले. इसलिए उन्होंने यह बोर्ड लगाया, ताकि यह साफ हो जाए कि वह किसी तरह के अवैध लाभ या रिश्वत के इच्छुक नहीं हैं.

सोशल मीडिया पर यह बोर्ड तेजी से वायरल हो गया, खासकर ऐसे समय में जब राज्य में दो वीडियो राजनीतिक नेताओं और अधिकारियों के कथित भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहे हैं. इस माहौल के बीच खवले का छोटा-सा कदम लोगों के लिए उम्मीद का नया संदेश बन गया.

शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता कृपाल तुमाने ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा,“अगर देश की नौकरशाही इस तरह काम करने लगे तो भारत अमेरिका से भी आगे निकल जाएगा. सातवें वेतन आयोग के बाद अधिकारियों को अच्छी सैलरी मिल रही है, इसलिए सभी को अपने वेतन से संतुष्ट रहना चाहिए.” उन्होंने अन्य अधिकारियों से भी इस सोच को अपनाने की अपील की.

BHAKTI : तुलसी में दिखने वाले कौन से संकेत शुभ और कौन से अशुभ, जानें

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तुलसी को मां लक्ष्मी का स्वरूप और विष्णुजी प्रिया माना गया है. घर पर हरा-भरा तुलसी का पौधा सुख-समृद्धि का संकेत है. लेकिन इसमें कुछ बदलाव दिखने लगे तो इसे चेतावनी मानकर सतर्क हो जाना चाहिए.
तुलसी के पौधे से मिलने वाले संकेत

तुलसी सामान्य पौधों की तरह नहीं है. हिंदू धर्म से लेकर ज्योतिष और आयुर्वेद में इसे अत्यंत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. तुलसी पवित्र, गुणकारी और धार्मिक आस्था का प्रतीक है.मान्यता है कि जिस घर पर नियमित रूप से तुलसी की पूजा होती है, वहां मां लक्ष्मी का वास होता है. इतना ही तुलसी के पौधे से घर पर आने वाली खुशियां या परेशानी के संकेत भी मिलते हैं.

मान्यता है कि तुलसी के पौधे का अच्छे से बढ़ना और हरा-भरा रहना सुख-समृद्धि का संकेत देता है, जबकि इसमें दिखने वाले कुछ बदलाव आने वाली परेशानियों की चेतावनी माने जाते हैं. आइए जानते हैं तुलसी के पौधे से मिलने वाले शुभ-अशुभ संकेतों के बारे में.शुभ संकेत- घर पर तुलसी का पौधा हरा-भरा है. तुलसी के पत्तों में ताजगी और खुश्बू भी है तो ऐसा पौधा घर के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है. इससे घर पर सकारात्मकता और पवित्रता बनी रहती है.

अगर तुलसी का पौधा तेजी से बढ़ रहा है और नए फूल आ रहे हैं यो यह बहुत ही शुभ संकेत है. यह इस बात का संकेत है कि जीवन में आपको नए अवसर मिलने वाले हैं या घर पर खुशहाली आने वाली है.

अशुभ संकेत- घर पर हरा-भरा तुलसी का पौधा अचानक से सूखने लगे तो इसे बहुत अशुभ माना जाता है. तुलसी की कमजोर शाखाएं, टूटते या झड़ते पत्ते भी घर के लिए शुभ संकेत नहीं. यह आर्थिक और स्वास्थ्य नुकसान का संकेत हो सकते हैं.

अगर बार-बार तुलसी का पौधा का पौधा सूख रहा है तो यह घर पर मौजूद वास्तु दोष या पितृ दोष का संकेत हो सकते हैं. यदि आपको ये संकेत मिल रहे हैं तुलसी की अच्छे से देखभाल करें और घर पर गंगाजल का छिड़काव करें.

MAHARASHTRA : डिलिवरी कराने अस्पताल आई थी 25 साल की महिला, बिना जांच खून चढ़ाने से हुई मौत

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महाराष्ट्र के नांदेड़ में पाटिल अस्पताल की कथित लापरवाही से 25 साल के सुचिता कदम की मौत हो गई. बिना जांच रक्त चढ़ाने और गलत उपचार के आरोप लगे.

महाराष्ट्र के नांदेड़ के पाटिल अस्पताल से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां कथित तौर पर डॉक्टरों की लापरवाही के कारण 25 साल के विवाहिता सुचिता गोपीनाथ कदम की इलाज के दौरान मौत हो गई. परभणी जिले के सोन्ना गांव की रहने वाली सुचिता की मौत के बाद परिजनों ने जिला पुलिस अधीक्षक से डॉक्टरों और जिम्मेदार स्टाफ के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है. इस दुखद घटना ने पूरे इलाके में चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है.

परिजनों के अनुसार, सुचिता को 8 नवंबर को प्रसव के लिए नांदेड़ के पाटिल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनका कहना है कि सुचिता को सामान्य प्रसव पीड़ा नहीं हो रही थी, इसके बावजूद अस्पताल के डॉक्टरों ने सिजेरियन ऑपरेशन करने का निर्णय लिया. ऑपरेशन के बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई.

परिजनों ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के तुरंत बाद सुचिता को अत्यधिक खूनस्राव होने लगा. इस दौरान अस्पताल स्टाफ ने बाहर से लाया गया खून सुचिता को चढ़ा दिया. दावा है कि खून चढ़ाने से पहले जरूरी जांच नहीं की गई, जिससे उन्हें गंभीर संक्रमण हो गया. संक्रमण बढ़ता गया और सुचिता की सेहत लगातार गिरने लगी.

स्थिति बिगड़ने पर पाटिल अस्पताल के स्टाफ ने सुचिता को दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया, लेकिन वहां भी कोई सुधार नहीं हुआ. इसके बाद परिजनों ने उन्हें सिकंदराबाद (हैदराबाद) के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज काफी महंगा था. आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार उन्हें वापस नांदेड़ लेकर आया और एक निजी अस्पताल में भर्ती किया. मगर हालत गंभीर बनी रही और आखिरकार 8 दिसंबर को सुचिता की मौत हो गई.प्रसव के दौरान जन्मा बच्चा सुरक्षित है, लेकिन मां की मौत से वह अनाथ हो गया है. परिवार के सदस्यों का कहना है कि अगर समय रहते सही इलाज मिलता और डॉक्टरों ने जांच-प्रक्रिया को गंभीरता से लिया होता, तो सुचिता की जान बच सकती थी.

रिश्तेदारों ने सीधे तौर पर डॉ. मीनल पाटिल पर गलत उपचार और लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि गलत फैसले, बिना जांच खून चढ़ाना और कमजोर मॉनिटरिंग की वजह से सुचिता की हालत बिगड़ी और अंततः उनकी मौत हुई.सुचिता के परिवार ने जिला पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि डॉ. मीनल पाटिल और अस्पताल के अन्य जिम्मेदार स्टाफ के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए. उन्होंने आरोपी डॉक्टरों की जल्द गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की है.

NATIONAL : 13 साल प्रेमिका रही लेडी टीचर की कहीं और हुई सगाई, प्रेमी ने चाकू से गोदकर मार डाला

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तमिलनाडु के तंजावुर जिले में एक युवक ने अपनी पूर्व प्रेमिका पर हमला कर उसकी जान ले ली. युवती द्वारा किसी और लड़के के साथ सगाई कर लेने पर शख्स उसपर भड़क गया था.

तमिलनाडु के तंजावुर जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक घटना ने शहर को हिलाकर रख दिया, जब 26 साल की स्कूल टीचर पी. काव्या की उसके पूर्व प्रेमी ने बेरहमी से हत्या कर दी. यह घटना मेलाकलकुडी क्षेत्र में हुई और देखते ही देखते पूरे इलाके में दहशत फैल गई. पुलिस के अनुसार, 29 वर्षीय आरोपी के.अजीत कुमार ने काव्या पर चाकू से हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

एजेंसी को मिली जानकारी के अनुसार पुलिस जांच में सामने आया है कि काव्या और अजीत लगभग 13 वर्षों से रिश्ते में थे. दोनों एक-दूसरे को टीन एज से जानते थे और परिवार को भी सब मालूम था. हालांकि, पिछले कुछ समय से दोनों के बीच अनबन चल रही थी और काव्या के परिवार ने उसके विवाह के लिए नया रिश्ता तय कर दिया था. हाल ही में उसकी सगाई एक अन्य युवक से हुई, जिसकी जानकारी अजीत को भी मिल गई थी.

सगाई की खबर सुनने के बाद अजीत बेहद गुस्से और आक्रोश में था. गुरुवार को आरोपी उससे मिलने पहुंच गया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों के बीच कुछ देर बहस हुई, जिसके बाद अचानक अजीत ने चाकू निकालकर काव्या पर हमला कर दिया. बताया जा रहा है कि उसने काव्या के सिर और ऊपरी हिस्सों पर कई वार किए, जिसके कारण वह वहीं गिर पड़ी और उसकी मौत हो गई.

स्थानीय लोगों ने घटना देख तुरंत पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने इलाके को सील कर दिया और काव्या के शव को कब्जे में लेकर तंजावुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल (TMCH) भेज दिया, जहाँ पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है. पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं और आरोपी की तलाश में कई टीमें लगाई गई हैं.

GUJARAT : 6 साल की बच्ची के साथ निर्भया जैसा सलूक, रेप में नाकाम रहने के बाद अंदर डाल दी रॉड

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गुजरात के राजकोट से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहां 6 साल की एक बच्चे से रेप किया गया और बाद में उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड डाल दी.

गुजरात में 6 साल की एक बच्ची से निर्भया जैसा सलूक किया गया है. दरिदें ने बच्ची के साथ सारी हदें पार कर दी. मामला राजकोट का है. मानवता को शर्मसार करने वाली यह घटना आथकोट गांव में घटी. रिपोर्टों के अनुसार एक मजदूर की 6 साल की बेटी खेतों में खेल रही थी. आरोपी उसे एक सुनसान इलाके में ले गया और उसके साथ घिनौना काम किया.

जांच में पता चला कि आरोपी ने लड़की का गला घोंटकर बलात्कार करने की कोशिश की. जब लड़की ने चीख पुकार मचाई तो गुस्से में आए आरोपी ने उसके गुप्त अंग में एक रॉड जैसा हथियार डाल दिया. हमले से लड़की बुरी तरह जख्मी हो गई. आरोपी उसे अर्ध बेहोश हालत में छोड़कर भाग गया.

जब परिवार ने अपनी बेटी की तलाश की तो उन्होंने उसे पास ही खून से लथपथ पाया. अपनी बेटी को ऐसी हालत में देखकर परिवार बहुत दुखी हो गया. लड़की को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया. उसकी हालत देखकर डॉक्टरों ने उसे राजकोट के सरकारी बच्चों के अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया. उसका इस समय इलाज चल रहा है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए राजकोट पुलिस ने विशेष टीमें बनाईं और लगभग 100 लोगों से पूछताछ की. नजदीकी गांवों के सीसीटीवी फुटेज स्कैन किए और मोबाइल डेटा की जांच की. फिर विशेषज्ञों की मदद से लड़की को आरोपी की पहचान करने के लिए कहा गया. उसने उसे पहचान लिया. लंबी और पूरी तलाशी के बाद पुलिस ने अंत में मध्य प्रदेश के अलीराजपुर के रहने वाले रामसिंह तेरसिंग को गिरफ्तार कर लिया.

बताया जा रहा है कि 35 साल का रामसिंह तीन बच्चों का पिता है. रिपोर्टों के अनुसार, रामसिंह ने अपना अपराध कबूल कर लिया है. पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 65(2) और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है.

NATIONAL : ‘क्राइम पेट्रोल’ देखकर घर से भागीं छात्राएं! झुमके बेचे, फैक्ट्री में की नौकरी, 24 दिन बाद पंजाब से बरामद; जानिए बिजनौर की हैरान करने वाली कहानी

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बिजनौर से 15 नवंबर को लापता हुईं दो नाबालिग छात्राएं 24 दिन बाद पंजाब के लुधियाना में कपड़े की फैक्ट्री से बरामद हुई हैं. घर की बंदिशों से परेशान होकर उन्होंने ‘आजाद जिंदगी’ जीने के लिए घर छोड़ा था और ‘क्राइम पेट्रोल’ सीरियल देखकर भागने की योजना बनाई थी.

यूपी के बिजनौर से पिछले महीने लापता हुईं दो नाबालिग छात्राएं 24 दिन बाद पंजाब के लुधियाना से सकुशल बरामद कर ली गई हैं. पुलिस ने उन्हें एक कपड़े की फैक्ट्री में काम करते हुए पकड़ा. दोनों छात्राओं ने ‘आजाद जिंदगी’ जीने के लिए घर छोड़ा था और इस भागने की योजना ‘क्राइम पेट्रोल’ सीरियल देखकर बनाई थी.

आपको बता दें कि बिजनौर के गांव से गायब हुईं दो नाबालिग छात्राएं पुलिस द्वारा बरामद कर ली गईं हैं. ये छात्राएं 24 दिन बाद बरामद हुईं हैं. मंगलवार को पंजाब के लुधियाना में एक कपड़े की फैक्ट्री से इनकी बरामदगी हुई. घर की बंदिशों से परेशान होकर आजाद जीवन जीने के लिए वे निकली थीं. दोनों ने टीवी सीरियल क्राइम पेट्रोल देखकर भागने की योजना बनाई थी. 15 नवंबर को वे स्कूल जाने के बहाने घर से निकल गई थीं और फिर वापस नहीं लौटीं.

बिजनौर के अलग-अलग दो गांवों की रहने वाली कक्षा 9 और इंटर की ये छात्राएं 15 नवंबर को लापता हुई थीं. इनकी बरामदगी को लेकर किसान संगठन और परिवार धरने पर थे, और महिला आयोग भी पुलिस पर दबाव बना रहा था. कोई फोन इस्तेमाल न होने के कारण पुलिस के सामने बड़ी चुनौती थी. पुलिस की 28 टीमें, जिनमें करीब 135 पुलिसकर्मी, स्वाट और एसओजी शामिल थे, इनकी तलाश में जुटी थीं.

एसपी अभिषेक झा के अनुसार, दोनों ने पहले बिजनौर से सहारनपुर के लिए बस पकड़ी. वहां से वे बांद्रा जाने वाली ट्रेन में सवार होकर गुजरात के सूरत में उतरीं. इसके बाद अजमेर की ट्रेन से रतलाम गईं, वहां रुकीं और फिर जम्मू की ट्रेन में सवार होकर पंजाब के लुधियाना पहुंचीं. पुलिस ने 66 से 67 रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज चेक किए.

छात्राओं ने 20 नवंबर को लुधियाना पहुंचकर एक कपड़ा फैक्ट्री में नौकरी शुरू की और वहीं कमरा लेकर रहने लगी थीं. प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि उनके पास खर्च के लिए सिर्फ 2000 रुपये और दूसरी छात्रा के पास कानों में पहने हुए झुमके थे, जिसे उन्होंने बेच दिया था. घर की बंदिशें, जैसे कि इंटर के बाद शादी का दबाव और जीवनशैली पर रोक-टोक, उनके भागने का मुख्य कारण था. अब दोनों को कोर्ट में पेश किया जाएगा.

UDAIPUR : बटन दबाते ही नीचे जाने की जगह छत से जा लगी लिफ्ट… ड्रिल मशीन से दीवार फोड़कर बाहर निकाली महिला, ढाई घंटे तक फंसी रही

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लिफ्ट ऊपर से नीचे आने के बजाय अचानक तेज गति से रिवर्स चली और अपार्टमेंट की छत की दीवार से जा टकराई. लिफ्ट टकराने के साथ ही लाइट, डस्ट और अन्य सामान टूटकर उस पर गिर गया.अगर आप भी इमारतों में ऊपर-नीचे आने-जाने के लिए लिफ्ट की मदद लेते हैं तो सावधान हो जाएं. क्योंकि किसी भी समय लिफ्ट बंद भी हो सकती है और आप घंटों उसमें फंसे रहेंगे. झीलों के शहर उदयपुर में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है. यहां एक अपार्टमेंट की लिफ्ट में महिला करीब ढाई घंटे तक फंसी रही.

जानकारी के मुताबिक, महिला लिफ्ट से ऊपर की मंजिल से नीचे आ रही थी. एकाएक लिफ्ट अचानक तेज स्पीड से रिवर्स चल पड़ी और छत पर दीवार से जा टकराई.घटना मंगलवार सुबह की हैण. जहां न्यू आरटीओ कार्यालय के सामने स्थित अमर विलास अपार्टमेंट की छठी मंजिल पर रहने वाली भाग्यश्री का बेटा स्कूल आईकार्ड भूल गया तो वापस देने के लिए महिला लिफ्ट से जा रही थी.

महिला ने लिफ्ट में ग्राउंड फ्लोर जाने के लिए बटन दबाया तो नीचे चली लिफ्ट एकाएक तेज स्पीड से ऊपर की तरफ चली गई और दीवार से जा टकराई. लिफ्ट टकराने के साथ ही लाइट, डस्ट और अन्य सामान टूटकर उस पर गिर गया.

महिला ने अंदर से आवाज लगाई, लेकिन किसी ने नहीं सुनी. अपार्टमेंट की छत सातवीं मंजिल पर लिफ्ट जाकर दीवार से टकराई थी. ऐसे में वहां कोई नहीं था.tमहिला के शोर के बीच कुछ समय बाद छठी मंजिल पर एक नौकरानी गुजर रही थी तो उसे आवाज सुनाई दी बाद में उसने वहां मौजूद लोगों को बताया.इस बीच भीड़ एकत्र हो गई, लेकिन पता नहीं चल रहा था कि महिला किस जगह फंसी हुई है. गहमागहमी के बीच पता चला कि महिला तो छत की मंजिल पर फंसी है.

इस पर लोग छत पर गए और देखा तो ऊपर सिर्फ दीवार ही है. लोगो ने बाद में ड्रिल मशीन मंगाई और महिला की आवाज के आधार पर दीवार को तोड़ा गया. इसके बाद करीब ढाई घंटे बाद महिला को सुरक्षित बाहर निकाला गया.

MAHARASHTRA : ‘आवारा कुत्तों को पकड़ो और एनिमल लवर्स के घर में छोड़ दो’, महाराष्ट्र में बीजेपी विधायक के बयान से खड़ा हुआ विवाद

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महाराष्ट्र में बढ़ते आवारा कुत्तों के हमलों पर विधानसभा में जोरदार बहस के बाद सरकार जल्द ही विशेष बैठक बुलाने वाली है. अर्बन डेवलपमेंट मंत्री माधुरी मिसाल ने बताया कि मुंबई में 90,757 और राज्यभर की 29 नगर निगमों में कुल 11.88 लाख आवारा कुत्ते हैं, जबकि शेल्टर बहुत कम हैं.

अर्बन डेवलपमेंट राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने बताया कि सिर्फ मुंबई में करीब 90,757 आवारा कुत्ते हैं, जबकि BMC के पास उनके लिए सिर्फ आठ शेल्टर हैं. पूरे राज्य की 29 नगर निगमों में लगभग 11.88 लाख आवारा कुत्ते हैं, लेकिन शेल्टर की संख्या सिर्फ 105 है.

बहस के दौरान बीजेपी विधायक महेश लांडगे ने एनिमल लवर्स पर समाधान में बाधा डालने का आरोप लगाया और कहा कि पिछले तीन साल में पुणे में एक लाख से ज्यादा डॉग बाइट के मामले सामने आए हैं. उन्होंने विवाद खड़ा करने वाला बयान देते हुए कहा, ‘कुत्तों को पकड़कर इन एनिमल लवर्स के घरों में ही छोड़ देना चाहिए.’

अन्य विधायकों ने भी नाराजगी जताई. बीजेपी के अतुल भातखलकर ने सरकारी खाली जमीन पर अधिक शेल्टर बनाने की सुझाव दिया, जबकि शिवसेना (यूबीटी) के सुनील प्रभु ने कहा कि जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं हैं, और पूछा कि नसबंदी कार्यक्रमों का विरोध आखिर क्यों हो रहा है.

सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया गया, लेकिन विधायकों ने असंतोष जताया. मंत्री माधुरी मिसाल ने आश्वासन दिया कि जल्द ही संबंधित विधायकों और अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें ठोस और लागू किए जा सकने वाले कदमों पर निर्णय लिया जाएगा.

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