Sunday, September 27, 2026
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Entertainment : ‘जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कराया, पति देता था गालियां’, मिस इंडिया अर्थ 2019 विनर सायली का छलक आया दर्द बहार

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मिस इंडिया अर्थ 2019 विनर सायली सुर्वे ने पति पर कई आरोप लगाए हैं और पति से रास्ते अलग कर लिए हैं. पति से अलग होने के बाद उन्होंने वापस हिंदू धर्म अपना लिया है. मिस इंडिया अर्थ 2019 विनर सायली सुर्वे पर्सनल लाइफ को लेकर खबरों में हैं. उन्होंने अपने पति से रास्ते अलग कर लिए हैं. सायली ने मुस्लिम बिजनेसमैन संग शादी की थी. अब सायली ने पति पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं. सायली ने बताया कि उनका जबरदस्ती धर्म परिवर्तन भी करवाया गया था. हालांकि, अब पति से अलग होने के बाद उन्होंने वापस हिंदू धर्म अपना लिया है.

मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, सायली ने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर 2019 में बिजनेसमैन Aatif Tase संग शादी की थी. निकाह से पहले उन्होंने धर्म परिवर्तन किया था. उनका नाम भी बदलकर Ateja हो गया था. लेकिन इस शादी में मुश्किलें आईं. उन्होंने मेंटल और फिजिकल हैरेसमेंट झेला. ‘आतिफ से शादी करना मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी. मैंने इतने साल सिर्फ बच्चों की खातिर निकाले.’ स्टेटमेंट के मुताबिक, उन्होंने कई बार पुलिस में शिकायत की लेकिन उनका दावा है कि उन्हें वो मदद नहीं मिली जो उन्हें चाहिए थी. फिर आखिर में सायली ने इस शादी से बाहर निकलने का फैसला किया.

‘अगर कोई महिला ये बर्दाश्त कर रही है, तो प्लीज मत करिए. भगवान ने आपको जिंदगी ऐसे रावण के सामने खोने के लिए नहीं दी है. साहस मत खोइए. मैं वहां 10 साल थी क्योंकि मेरे 4 बच्चे थे. जब मैं अपने बच्चों की तरफ देखती थी, तो एक मां कभी नहीं सोचती कि मेरा घर टूट जाए या मेरे बच्चों को अपने पेरेंट्स का साथ न मिले. मैं ये सब सोचते हुए कई साल बिता दिए. लेकिन इंसान होने के नाते मेरे धैर्य ने जवाब दे दिया. मुझे अपने बच्चों के लिए वहां से निकलना पड़ा.’ सायली ने कहा कि उन्हें 24 घंटे गालियां सुनने को मिलती थी. साथ ही उनके साथ मारपीट होती थी.

बता दें कि सायली सुर्वे मुंबई से हैं और पुणे में पली-बढ़ी हैं. सायली ने मॉडलिंग के जरिए अपना करियर बनाया. मिस इंडिया अर्थ 2019 का टाइटल जीतने के बाद उन्हें अटेंशन मिली.

Bollywood : बड़े पर्दे पर इस साल बजेगा शाहरुख खान का डंका! चार फिल्मों से मचाने आ रहे तहलका, जानें- रिलीज डेट

शाहरुख खान तीन साल से बड़े पर्दे से दूर हैं. एक्टर की इस साल दो बड़ी फिल्में रिलीज होने वाली हैं. इसके बाद अगले साल भी दो कतार में हैं. बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान की फिल्मों के लिए फैंस क्रेजी रहते हैं. साल 2023 में एक्टर ने बैक टू बैक ‘पठान’, ‘जवान’ और ‘डंकी’ से बॉक्स ऑफिस लूट लिया था. तीन साल से सुपरस्टार की कोई फिल्म नहीं आई और फैंस एक्टर को बड़े पर्दे पर देखने के लिए बेसब्र हो रहे हैं.

ऐसे साल 2026 किंग खान के फैंस की मुराद पूरी करने वाला है. दरअसल सुपरस्टार एक नहीं बल्कि दो फिल्में के साथ सिनेमाघरों में धमाल मचाने की तैयारी कर रहे हैं. इसके बाद अगले साल यानी 2027 में भी शाहरुख खान की दो बड़ी फिल्में रिलीज होनी है. चलिए यहां एक्टर की अपकमिंग फिल्में की पूरी लिस्ट जान लेते हैं. 2023 की ब्लॉकबस्टर ‘जेलर’ के सीक्वल ‘जेलर 2’ साल की मच अवेटेड फिल्म है. इसे नेल्सन दिलीपकुमार ने निर्देशित किया है. इस पैन-इंडिया फ़िल्म में रजनीकांत ने लीड रोल प्ले किया है. वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बॉलीवुड सुपरस्टार इस क्राइम एक्शन थ्रिलर में स्पेशल अपीयरेंस में नजर आएंगें. खबर की मानें तो रजनीकांत स्टारर में किंग खान एक पुलिस ऑफिसर के किरदार में दिखेंगे. ये फिल्म इस साल 12 जून या 12 अगस्त को रिलीज हो सकती है. फिलहाल रिलीज डेट को लेकर ऑफिशियल अनाउंसमेंट होनी बाकी है.

शाहरुख खान की मच अवेटेड फिल्म किंग है.इस बॉलीवुड एक्शन थ्रिलर में सुपरस्टार तीन साल के ब्रेक के बाद बड़े पर्दे पर लीड रोल में कमबैक करेंगे. बता दें कि इसे सिद्धार्थ आनंद ने निर्देशित किया है. दिलचस्प बात ये है कि फिल्म में शाहरुख खान पहली बार अपनी बेटी सुहाना खान के साथ स्क्रीन शेयर करते दिखेंगे. किंग की स्टार कास्ट में दीपिका पादुकोण, अभिषेक बच्चन, राघव जुयाल, अभय वर्मा, अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ, जयदीप अहलावत, सौरभ शुक्ला, अक्षय ओबेरॉय और करणवीर मल्होत्रा ​​सहित कई दमदार कलाकार शामि हैं. इस फिल्म को लेकर फैंस में जबरदस्त एक्साइटमेंट है. बता दें कि किंग किंग क्रिसमस के मौके पर यानी 24 दिसंबर, 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी.

साल 2026 में दो फिल्मों से बॉक्स ऑफिस हिलाने के बाद साल 2027 में भी शाहरुख खान बड़े पर्दे पर धमाल मचाएंगे. दरअसल सुपरस्टार वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की 2023 की ब्लॉकबस्टर पठान के सीक्वल में नजर आएंगे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पठान 2 को भी सिद्धार्थ आनंद निर्देशित करेंगे. ये 2027 मे रिलीज होनी है लेकिन इसकी कंफर्म रिलीज डेट अभी अनाउंस नहीं की गई है. बॉलीवुड के दो सुपरस्टार्स शाहरुख खान और सलमान खान को एक साथ स्क्रीन पर देखने के लिए फैंस काफी एक्साइटेड रहते हैं. वहीं वाईआरएफ की स्पाई यूनिवर्स की एक और फ़िल्म टाइगर वर्सेस पठान में शाहरुख़ खान पठान का अपना रोल दोहराते नजर आएंगे. वहीं सलमान खान भी टाइगर के रोल में दिखेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सिद्धार्थ आनंद इस स्पाई एक्शन फ़िल्म को डायरेक्ट करने वाले हैं. हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स का दावा है कि फ़िल्म को अभी के लिए रोक दिया गया है.

Life style : सेहत से समझौता! एवरेस्ट के मसालों में मिले कीटनाशक, जानें आपकी सेहत के लिए ये कितने खतरनाक?

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एवरेस्ट के कुछ मसाला उत्पाद लैब परीक्षण में तय मानकों पर खरे नहीं उतरे. चलिए आपको बताते हैं कि क्या- क्या निकला है रिपोर्ट में. फेमस भारतीय मसाला ब्रांड एवरेस्ट के कुछ उत्पादों की क्वालिटी को लेकर हाल ही में सोशल मीडिया पर काफी चर्चा देखने को मिली. यह मामला तब सामने आया जब ट्रस्टिफाइड नाम के एक यूट्यूब चैनल ने 1 मार्च 2026 को एक वीडियो जारी किया, जिसमें दावा किया गया कि एवरेस्ट के कुछ मसाला उत्पाद लैब परीक्षण में तय मानकों पर खरे नहीं उतरे. वीडियो के अनुसार चैनल ने ये मसाले डी-मार्ट स्टोर से खरीदे और फिर उनके नमूनों को लैब में जांच के लिए भेजा.

हर मसाले के तीन-तीन पैकेट खरीदे गए थे, जिनमें से एक पैकेट को परीक्षण के लिए भेजा गया. जिन उत्पादों की जांच की गई उनमें एवरेस्ट गरम मसाला, एवरेस्ट किचन किंग मसाला, एवरेस्ट कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर और एवरेस्ट मीट मसाला शामिल थे. चैनल का कहना था कि इन मसालों की जांच इसलिए कराई गई ताकि यह पता चल सके कि वे इंडियन फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया के तय सुरक्षा सीमाओं को पूरा करते हैं या नहीं. साझा किए गए नतीजों के अनुसार एवरेस्ट गरम मसाला के नमूने में दो कीटनाशक तय सीमा से अधिक पाए गए. इनका नाम एसेटामिप्रिड और एजोक्सीस्ट्रोबिन बताया गया. इसके अलावा नमूने में एंटरोबैक्टीरिएसी परिवार के बैक्टीरिया की मात्रा भी अधिक बताई गई.

यह मुद्दा बाद में सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी चर्चा में आ गया. एक उपयोगकर्ता ने एआई आधारित चैटबॉट ग्रोक से एंटरोबैक्टीरिएसी बैक्टीरिया के बारे में सवाल पूछा. उपयोगकर्ता ने बताया कि इस बैक्टीरिया समूह में ई. कोलाई और साल्मोनेला जैसे कई बैक्टीरिया शामिल होते हैं, जो अक्सर खाद्य पदार्थों के दूषित होने से जुड़े पाए जाते हैं. जवाब में ग्रोक ने बताया कि एंटरोबैक्टीरिएसी परिवार के कई बैक्टीरिया पेट से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकते हैं. यदि दूषित भोजन का सेवन किया जाए तो दस्त, उल्टी, पेट दर्द और फूड पॉइजनिंग जैसी दिक्कतें हो सकती हैं.

एक्सपर्ट का कहना है कि मसालों में एंटरोबैक्टीरिएसी की मौजूदगी कई बार सफाई या प्रोसेसिंग से जुड़ी समस्याओं की ओर संकेत करती है. इसका मतलब यह हो सकता है कि कच्चे मसालों को ठीक से साफ नहीं किया गया या सुखाने और पैकिंग की प्रक्रिया में स्वच्छता का पूरा ध्यान नहीं रखा गया. International Journal of Current Microbiology and Applied Sciences में पब्लिश एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, यदि लंबे समय तक ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाए जिनमें कीटनाशकों की मात्रा अधिक हो तो इसका शरीर पर असर पड़ सकता है. समय के साथ इन रसायनों के अवशेष शरीर में जमा हो सकते हैं और यह लीवर, आंतों तथा नर्वस सिस्टम पर प्रभाव डाल सकते हैं. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यून वाले लोगों के लिए इसका खतरा अधिक माना जाता है.

Delhi news : दिल्ली के प्रदूषण को लेकर राज्यसभा में जोरदार बहस, स्वाती मालीवाल ने उठाई कार्रवाई की मांग

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राज्यसभा में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा हुई. इस दौरान स्वाति मालीवाल ने राजधानी की प्रदूषित हवा को लेकर तीखी चिंता जताई. देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर राज्यसभा में जोरदार बहस देखने को मिली. जहां आम आदमी पार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल ने दिल्ली की खराब हवा को गंभीर सार्वजनिक संकट बताते हुए केंद्र सरकार से तत्काल और सख्त कदम उठाने की मांग की. उन्होंने कहा कि यह समस्या अब सिर्फ पर्यावरण का मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि लाखों लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा मामला बन चुकी है.

राज्यसभा में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा के दौरान स्वाति मालीवाल ने राजधानी की प्रदूषित हवा को लेकर तीखी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए लगातार खराब होती हवा किसी सजा से कम नहीं है. मालीवाल के मुताबिक सरकार को इस संकट को रोकने के लिए आपात स्तर पर कदम उठाने चाहिए.

बहस के दौरान मालीवाल ने सुझाव दिया कि जब तक प्रदूषण पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं हो जाता, तब तक एयर प्यूरीफायर और वॉटर प्यूरीफायर जैसे उपकरणों को जीएसटी से पूरी तरह मुक्त किया जाना चाहिए. उनका कहना था कि इन उपकरणों की जरूरत आज कई परिवारों के लिए अनिवार्य बन चुकी है, इसलिए सरकार को इन्हें सस्ता बनाने की दिशा में कदम उठाना चाहिए. मालीवाल ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CQAM) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि आयोग को नौकरशाही के दबाव से बाहर निकालकर पूरी तरह स्वायत्त बनाया जाना चाहिए. उनके अनुसार इस संस्था का नेतृत्व अनुभवी विशेषज्ञों के हाथ में होना चाहिए और उसे पर्याप्त अधिकार तथा संसाधन दिए जाने जरूरी हैं.

राज्यसभा सांसद ने दिल्ली में प्रदूषण से स्थायी लड़ाई के लिए एक बड़े वित्तीय पैकेज की भी मांग की. उन्होंने कहा कि राजधानी की हवा को साफ करने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष फंड बनाया जाना चाहिए. इस फंड का इस्तेमाल साफ लक्ष्य के साथ प्रदूषण के स्रोतों को खत्म करने में किया जाना चाहिए. मालीवाल ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक स्थिति है कि भारत की राजधानी को दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी के रूप में देखा जा रहा है. उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ तक लोगों को सलाह दे रहे हैं कि यदि संभव हो तो कुछ समय के लिए दिल्ली छोड़ दें, क्योंकि यहां की हवा लगातार खतरनाक स्तर पर बनी हुई है.

उन्होंने सदन में कुछ गंभीर आंकड़े भी साझा किए. मालीवाल के अनुसार वर्ष 2023 में दिल्ली में हुई कुल मौतों में लगभग 15 प्रतिशत मामलों का संबंध सीधे तौर पर वायु प्रदूषण से था. इसके अलावा करीब 22 लाख बच्चों के फेफड़ों को स्थायी नुकसान पहुंचने की बात भी सामने आई है. उनका यह भी कहना था कि वर्ष 2025 में दिल्ली में ऐसा एक भी दिन नहीं रहा जब हवा की गुणवत्ता ‘अच्छी’ श्रेणी में दर्ज की गई हो. मालीवाल ने प्रदूषण की गंभीरता को समझाने के लिए कहा कि दिल्ली में एक दिन सांस लेना लगभग 50 सिगरेट पीने के बराबर है. उनके मुताबिक यह स्थिति केवल स्वास्थ्य आपातकाल नहीं बल्कि दिल्लीवासियों के खिलाफ लगातार जारी एक अपराध के समान है. उन्होंने इस संकट के समाधान में पिछली सरकारों की नाकामी को भी जिम्मेदार ठहराया.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार ने 2015 से 2023 के बीच हरित उपकर के जरिए करीब 1500 करोड़ रुपये जुटाए थे, लेकिन इसका आधे से भी कम हिस्सा खर्च किया गया. मालीवाल ने कहा कि कई बार यह खर्च अदालतों के हस्तक्षेप के बाद ही किया गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदूषण से लड़ने के नाम पर नेताओं की तस्वीरों वाले होर्डिंग लगाए गए. मालीवाल ने पराली जलाने की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों को अक्सर मजबूरी में ऐसा करना पड़ता है क्योंकि उनके पास वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होती. उन्होंने सुझाव दिया कि किसानों को प्रति एकड़ 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वे पराली प्रबंधन के बेहतर विकल्प अपना सकें और हर साल होने वाला दोषारोपण का सिलसिला खत्म हो सके.

World : हरीश राणा की इच्छामृत्यु पर फैसला सुनाते हुए जस्टिस पारदीवाला के आए आंसू

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जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि यह बेहद दुखद है. यह हमारे लिए मुश्किल फैसला है, लेकिन इस लड़के को यूं अपार दुख में नहीं रख सकते. गाजियाबाद के हरीश राणा मामले में इच्छामृत्यु की इजाजत देते हुए सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस जेबी पारदीवाला बेहद भावुक हो गए और उनकी आंखें नम हो गईं. बुधवार (11 मार्च, 2026) को जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने गजियाबाद के हरीश राणा के परिवार की पैसिव युथनेसिया यानी इच्छामृत्यु की अर्जी पर मंजूरी दे दी.

हरीश राणा 13 सालों से बिस्तर पर हैं. वह साल 2013 में पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे थे, जहां हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने की वजह से उनके सिर में गंभीर चोटें आईं, जिसका असर उनके ब्रेन पर भी पड़ा. तब से वह बिस्तर पर हैं और 13 सालों में उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है. हरीश के परिवार ने इसी आधार पर उनके लिए इच्छामृत्यु की अपील करते हुए याचिका दाखिल की थी.

जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि यह बेहद दुखद है. यह हमारे लिए मुश्किल फैसला है, लेकिन इस लड़के (हरीश) को यूं अपार दुख में नहीं रख सकते. हम उस स्टेज में हैं, जहां हमें आखिरी फैसला लेना होगा. सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा के परिवार की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके परिवार ने कभी उनका साथ नहीं छोड़ा. किसी से प्यार करने का मतलब है, सबसे बुरे समय में भी उनकी देखभाल करना.

कोर्ट ने हरीश के परिवार की अर्जी पर मंजूरी देते हुए उनका मेडिकल सपोर्ट सिस्टम हटाने का आदेश दिया है. कोर्ट ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि यहां मुख्य सवाल ये नहीं है कि ऐसे मामलों में मृत्यु मरीज के लिए सर्वोत्तम हित में है, बल्कि ये है कि क्या उसको लाइफ सस्टेनिंग ट्रीटमेंट पर जिंदा रखना उसके हित में है. कोर्ट ने कहा कि एम्स के पैलिएटिव केयर में हरीश को भर्ती किया जाएगा ताकि मेडिकल ट्रीटमेंट वापस लिया जा सके. कोर्ट ने कहा कि ये सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पूरी गरिमा के साथ इस प्रक्रिया को पूरा किया जाए.

लगातार बिस्तर पर पड़े रहने के कारण हरीश के शरीर पर घाव हो गए हैं. लकवाग्रस्त हरीश को सांस लेने, खाना खाने और रोजमर्रा की देखभाल के लिए चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ती है. एम्स के डॉक्टरों की टीम ने हरीश राणा के घर जाकर उनकी जांच की थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट पेश की थी. रिपोर्ट में बताया गया कि हरीश ट्रेकियोस्टोमी ट्यूब के जरिए सांस ले रहे हैं और गैस्ट्रोस्टॉमी ट्यूब के माध्यम से उन्हें भोजन दिया जा रहा है.

सुप्रीम कोर्ट से पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने हरीश के परिवार की याचिका खारिज कर दी थी और कहा था कि भारतीय कानून के तहत सक्रिय इच्छा मृत्यु की अनुमति नहीं है. इसके बाद अगस्त 2024 में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए मानवीय समाधान तलाशने को कहा गया था.

World : भारत में 3 करोड़ टन एलपीजी की सालाना खपत, जानें ईरान वॉर के बाद अब तक क्या उठाए गए हे कदम

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7 मार्च को सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी का फैसला किया था, जिसके बाद New Delhi में इसकी कीमत बढ़कर करीब 913 रुपये हो गई है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है. Iran की ओर से धमकी के बाद अहम समुद्री मार्ग Strait of Hormuz से तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है. इसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है, जहां कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई सीमित कर दी गई है. Mumbai में इस कमी के कारण करीब 20 प्रतिशत तक होटल बंद होने की नौबत आ गई है.

ऐसे में यह समझना जरूरी है कि भारत एलपीजी का कितना बड़ा उपभोक्ता है और मौजूदा संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं. 3 करोड़ टन से ज्यादा एलपीजी की खपत भारत ने एलपीजी की आपूर्ति बनाए रखने के लिए Essential Commodities Act लागू किया है. देश में हर साल लगभग 31.2 मिलियन टन (करीब 3.13 करोड़ टन) एलपीजी की खपत होती है. इसमें से लगभग 60 प्रतिशत गैस का आयात किया जाता है, जबकि करीब 40 प्रतिशत यानी लगभग 12.4 मिलियन टन एलपीजी का उत्पादन देश में ही किया जाता है.

घरेलू उपयोग में 14 किलोग्राम वाले सिलेंडर की हिस्सेदारी लगभग 87 प्रतिशत है, जबकि कमर्शियल सेक्टर में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की हिस्सेदारी करीब 13 प्रतिशत है. भारत की एलपीजी आपूर्ति का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है. कुल आयात में लगभग 80 प्रतिशत गैस इसी क्षेत्र से मिलती है. इसमें United Arab Emirates से लगभग 26 प्रतिशत, Qatar से 22 प्रतिशत और Saudi Arabia से करीब 22 प्रतिशत एलपीजी आती है, जबकि बाकी 33 प्रतिशत अन्य देशों से आयात की जाती है. भारत में कितने उपभोक्ता मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार भारत में करीब 33.08 करोड़ सक्रिय एलपीजी उपभोक्ता हैं.

7 मार्च को सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी का फैसला किया था, जिसके बाद New Delhi में इसकी कीमत बढ़कर करीब 913 रुपये हो गई है. फिलहाल लगभग 10.5 करोड़ लोग Pradhan Mantri Ujjwala Yojana के लाभार्थी हैं. इस योजना के तहत उन्हें प्रति सिलेंडर 300 रुपये की सब्सिडी मिलती है, जिसके बाद उन्हें एक सिलेंडर के लिए लगभग 613 रुपये का भुगतान करना पड़ता है.

Entertainment : तारक मेहता फेम एक्ट्रेस ने सेलिब्रेट की 25वीं एनिवर्सरी, पति ने घुटने पर बैठ दिया गुलाब

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तारक मेहता का उल्टा चश्मा फेम एक्ट्रेस जेनिफर मिस्त्री की शादी को 25 साल हो गए हैं. उन्होंने हाल ही में अपने मैरिज एनिवर्सरी सेलिब्रेट की. जेनिफर ने फैमिली संग समय बिताया। जेनिफर मिस्त्री टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेस हैं. हाल ही में उन्होंने अपनी 25 एनिवर्सरी सेलिब्रेट की. इस पल को खास बनाने के लिए उन्होंने अपने वेडिंग रिसेप्शन का लहंगा ही पहना.

फोटोज के कैप्शन में उन्होंने लिखा- बॉबी की दुल्हनिया. इस तरह से हमने एनिवर्सरी सेलिब्रेट की. हमने रील्स बनाई और होटल से पिक्स क्लिक की. हमने वो ही आउटफिट पहने जो अपने वेडिंग रिसेप्शन पर पहने थे. जेनिफर के पति ने घुटनों पर बैठकर उन्हें गुलाब दिए. दोनों बहुत खुश और एक्साइटेड दिखे.

एक्ट्रेस ने रेड कलर का लहंगा पहना था. इस लहंगे के साथ उन्होंनेे हैवी जूलरी वियर की और लाउड मेकअप भी किया. उन्होंने हेयरबन बनाया था और मेहंदी भी लगाई थी. एक्ट्रेस पूरे लुक में बहुत खूबसूरत लग रही थीं. जेनिफर अपनी बेटी के साथ दिखीं. बेटी ने व्हाइट कलर का गाउन पहना था. एक्ट्रेस बेेटी को किस करती नजर आईं. बता दें कि जेनिफर को शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा से नेम-फेम मिला. इस शो में वो मिसेज सोढ़ी के रोल में थीं. शो में उन्होंने सालों तक काम किया था. हालांकि, अब वो शो का हिस्सा नहीं हैं. शो छोड़ने के बाद उन्होंने मेकर्स पर कई संगीन आरोप भी लगाए थे.

Technology : गूगल का असली नाम कुछ और था! एक स्पेलिंग मिस्टेक ने बना दिया Google

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आज इंटरनेट पर कुछ भी ढूंढना हो तो सबसे पहले दिमाग में Google का नाम आता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस सर्च इंजन को आज पूरी दुनिया गूगल के नाम से जानती है उसका शुरुआती नाम कुछ और था? आज इंटरनेट पर कुछ भी ढूंढना हो तो सबसे पहले दिमाग में Google का नाम आता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस सर्च इंजन को आज पूरी दुनिया गूगल के नाम से जानती है उसका शुरुआती नाम कुछ और था? दिलचस्प बात यह है कि गूगल नाम भी सोच-समझकर नहीं रखा गया था बल्कि एक छोटी सी स्पेलिंग गलती की वजह से यह नाम पड़ गया.

इस मशहूर सर्च इंजन की कहानी 1995 में Stanford University से शुरू होती है. यहां पढ़ने वाले दो छात्रों Larry Page और Sergey Brin ने इंटरनेट पर मौजूद जानकारी को बेहतर तरीके से खोजने के लिए एक नया सिस्टम बनाने का विचार किया. शुरुआत में दोनों की सोच कई मामलों में अलग-अलग थी और अक्सर उनकी बहस भी हो जाती थी लेकिन धीरे-धीरे उनकी यही अलग सोच एक मजबूत साझेदारी में बदल गई. इसी साझेदारी से आगे चलकर दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन तैयार हुआ.

जब दोनों छात्र अपने हॉस्टल के कमरों में बैठकर इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे तब उन्होंने एक ऐसा सर्च सिस्टम तैयार किया जो वेबसाइटों के बीच मौजूद लिंक का विश्लेषण करता था. यानी किसी वेबसाइट की लोकप्रियता और महत्व का अंदाजा इस बात से लगाया जाता था कि कितनी दूसरी साइटें उससे जुड़ी हुई हैं. क्योंकि यह सिस्टम बैकलिंक का विश्लेषण करता था इसलिए शुरुआती दौर में इस सर्च इंजन का नाम Backrub रखा गया. कुछ समय बाद उन्हें महसूस हुआ कि Backrub नाम उतना प्रभावशाली नहीं है इसलिए नए नाम की तलाश शुरू हुई. इस दौरान टीम ने Googol नाम पर विचार किया. Googol गणित का एक शब्द है जिसका मतलब होता है 1 के बाद 100 शून्य. इस नाम के जरिए यह बताने की कोशिश थी कि यह सर्च इंजन इंटरनेट पर मौजूद बेहद बड़ी मात्रा में डेटा को संभाल सकता है.

लेकिन असली ट्विस्ट यहीं आया. जब डोमेन नेम की उपलब्धता जांची जा रही थी तब Sean Anderson नाम के एक छात्र ने गलती से Googol की जगह Google टाइप कर दिया. यह एक साधारण टाइपो था लेकिन चौंकाने वाली बात यह थी कि google.com डोमेन उपलब्ध था. Larry Page को यह नाम पसंद आ गया और उन्होंने उसी गलत स्पेलिंग वाले नाम को मंजूरी दे दी. इसके कुछ ही घंटों बाद यह डोमेन रजिस्टर कर लिया गया और इस तरह दुनिया को Google नाम मिला. आधिकारिक रूप से Google की शुरुआत 4 सितंबर 1998 को हुई थी. शुरुआती दिनों में कंपनी का काम एक छोटे से गैरेज से शुरू हुआ था लेकिन धीरे-धीरे यह एक वैश्विक टेक कंपनी बन गई. आज गूगल सिर्फ सर्च इंजन ही नहीं बल्कि ईमेल, मैप्स, क्लाउड और कई डिजिटल सेवाओं के जरिए दुनिया भर के अरबों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है.

दिलचस्प बात यह है कि कंपनी की स्थापना 4 सितंबर को हुई थी लेकिन गूगल हर साल 27 सितंबर को अपनी वर्षगांठ मनाता है. इस दिन कंपनी अपनी उपलब्धियों और इंटरनेट की दुनिया में अपने योगदान को याद करती है. एक छोटी सी स्पेलिंग गलती से शुरू हुआ यह नाम आज टेक्नोलॉजी की दुनिया की सबसे बड़ी पहचान बन चुका है.

Life style : होली पर खाया उल्टा-सीधा और अब हो रही ब्लोटिंग, बॉडी को ऐसे कर सकते हैं डिटॉक्स

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होली भारत में सबसे धूमधाम से मनाए जाने वाले त्योहारों में से एक है. चलिए आपको बताते हैं कि अगर आपको होली के बाद ब्लोटिंग की दिक्कत हो रही है, तो कैसे ठीक करें. होली भारत के सबसे पसंदीदा त्योहारों में से एक है. रंगों, खुशियों और मिलन के इस पर्व पर लोग तरह-तरह के स्वादिष्ट पकवानों का भी जमकर आनंद लेते हैं. होली के मौके पर गुजिया, लड्डू, मालपुआ, ठंडाई, नमकीन स्नैक्स और कई तरह की मिठाइयां और ड्रिंक्स का चलन रहता है. लेकिन त्योहार की मस्ती में कई बार लोग अपनी रोजमर्रा की डाइट का ध्यान नहीं रख पाते और जरूरत से ज्यादा तला-भुना, मीठा और जंक फूड खा लेते हैं.

होली खत्म होने के बाद अक्सर कई लोगों को पेट फूलने यानी ब्लोटिंग की समस्या होने लगती है. दरअसल, शरीर त्योहार के दौरान खाए गए ज्यादा तेल, चीनी और भारी खाने को पचाने और बाहर निकालने की कोशिश करता है. इसी वजह से पेट भारी लगना, गैस बनना, पाचन से जुड़ी दिक्कतें और थकान जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं. कई लोगों को वजन बढ़ने या ऊर्जा की कमी का एहसास भी होने लगता है. डाइटिशियन सिमरत कथूरिया के अनुसार, ऐसी स्थिति में सबसे पहले दो बातों पर ध्यान देना जरूरी होता है.

पहला है शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी देना और दूसरा है डाइजेशन सिस्टम का संतुलन दोबारा ठीक करना. न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के अनुसार त्योहार के बाद शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है. इसके लिए दिनभर पर्याप्त पानी पीना चाहिए. इसके साथ ही नींबू पानी या सौंफ का पानी जैसे प्राकृतिक पेय भी फायदेमंद हो सकते हैं, क्योंकि ये पेट की सूजन कम करने और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करते हैं.

कई लोग होली के बाद ज्यादा खा लेने की भरपाई करने के लिए खाना छोड़ने या क्रैश डाइट करने की कोशिश करते हैं, लेकिन ऐसा करना सही तरीका नहीं है. एक्सपर्ट के अनुसार भोजन छोड़ने से शरीर कमजोर हो सकता है और डाइजेशन सिस्टम पर भी असर पड़ सकता है. इसलिए बेहतर है कि घर का हल्का और संतुलित भोजन किया जाए, ताकि शरीर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट सके.

अगर त्योहार के बाद पेट भारी महसूस हो रहा है या सुस्ती लग रही है, तो इसका मतलब हो सकता है कि ज्यादा तला-भुना और मीठा खाने से गट हेल्थ प्रभावित हुई है. ऐसे में दही और छाछ जैसे फर्मेंटेड फूड्स को डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है. ये आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को संतुलित करने में मदद करते हैं. इसके अलावा अदरक और हल्दी जैसे हल्के मसालों का सेवन भी डाइजेशन को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है.

Business : एयरलाइंस IndiGo में नेतृत्व परिवर्तन के बीच नए अंतरिम अध्यक्ष का अपने कर्मचारियों को बड़ा संदेश

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कंपनी के सीईओ Pieter Elbers ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद कंपनी के सह-संस्थापक Rahul Bhatia को नए सीईओ की नियुक्ति तक अंतरिम रूप से प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी IndiGo में शीर्ष नेतृत्व स्तर पर बड़ा बदलाव हुआ है. कंपनी के सीईओ Pieter Elbers ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद कंपनी के सह-संस्थापक Rahul Bhatia को नए सीईओ की नियुक्ति तक अंतरिम रूप से प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

अंतरिम जिम्मेदारी संभालने के बाद राहुल भाटिया ने कर्मचारियों को अपने पहले संदेश में कंपनी के हालिया संकट और आगे की प्राथमिकताओं पर बात की. उन्होंने पिछले साल दिसंबर में आए संकट का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय जो परिस्थितियां बनी थीं, वैसी स्थिति भविष्य में दोबारा नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि न तो यात्रियों को और न ही कर्मचारियों खासतौर पर फ्रंटलाइन स्टाफ को ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़े.

भाटिया ने उन कर्मचारियों के प्रति आभार जताया जिन्होंने उस कठिन दौर में बिना थके कंपनी के ऑपरेशंस को संभाला. उन्होंने कर्मचारियों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनकी नई जिम्मेदारी सिर्फ ग्राहकों और शेयरधारकों तक सीमित नहीं है, बल्कि कंपनी के हर कर्मचारी के प्रति भी है.उन्होंने कंपनी के कार्य-संस्कृति को मजबूत करने, ऑपरेशंस में सुधार लाने और यात्रियों को बेहतर गुणवत्ता वाली सेवाएं देने की प्रतिबद्धता दोहराई. दिसंबर में कंपनी को बड़े परिचालन संकट का सामना करना पड़ा था. 3 से 5 दिसंबर के बीच लगभग 2,507 उड़ानें रद्द हुई थीं और 1,852 उड़ानें देरी से संचालित हुई थीं, जिससे देशभर में तीन लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए थे. इसके बाद विमानन नियामक Directorate General of Civil Aviation ने जनवरी में एयरलाइन पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था.

नियामक ने एल्बर्स समेत दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को नियमों के पालन में कमी के लिए चेतावनी भी दी थी और एयरलाइन को दीर्घकालिक सुधार सुनिश्चित करने के लिए 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी देने का निर्देश दिया था. कंपनी की मूल संस्था InterGlobe Aviation ने एक बयान में कहा कि पीटर एल्बर्स तत्काल प्रभाव से सीईओ पद से हट रहे हैं.

एल्बर्स 6 सितंबर 2022 से इंडिगो के सीईओ थे. उन्होंने अपने इस्तीफे में कहा कि इंडिगो का नेतृत्व करना उनके लिए सम्मान और गर्व की बात रही है. कंपनी ने उनके योगदान के लिए धन्यवाद देते हुए उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं.

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